Sexy Grand Daughter Chudai
मैं, दिव्या सिंह, लखनऊ में रहती हूँ। उम्र 20 साल, लंबाई 5 फीट 8 इंच, गोरा रंग, और बदन ऐसा कि लोग घूरते रह जाएँ। मेरे बड़े-बड़े वक्ष और पतली कमर की वजह से कॉलेज में लड़के और यहाँ तक कि कुछ प्रोफेसर भी मुझे ताड़ते रहते हैं। मैं बी.ए. सेकंड ईयर की स्टूडेंट हूँ, एक गर्ल्स कॉलेज में पढ़ती हूँ। मेरी छोटी बहन, प्रीटी, 18 साल की है, स्कूल में है, और मम्मी-पापा दोनों जॉब करते हैं। Sexy Grand Daughter Chudai
मम्मी बैंक में क्लर्क हैं, और पापा एक प्राइवेट फर्म में मैनेजर। हमारा घर शहर के बीचों-बीच एक पॉश इलाके में है, जहाँ मैं और मेरी फैमिली आराम से रहते हैं। करीब एक महीने पहले की बात है, मेरे दूर के रिश्ते के नानाजी हमारे घर आए थे। नानाजी, जिनका नाम अमृत है, करीब 65 साल के हैं।
गाँव में रहते हैं, लेकिन उनकी सेहत और ताकत देखकर कोई नहीं कहेगा कि वो इतने बुजुर्ग हैं। चौड़ा सीना, कद ठीक-ठाक, और चेहरे पर एक अजीब सी चमक जो मुझे हमेशा थोड़ा असहज करती थी। वो हमारे घर कुछ दिनों के लिए रुके थे, क्योंकि गाँव में उनका घर कुछ रिपेयर के लिए बंद था।
मैंने पहले दिन से ही नोटिस किया था कि नानाजी का ध्यान मेरे शरीर पर ज्यादा रहता है। खासकर मेरे बड़े-बड़े वक्षों पर उनकी नजरें बार-बार ठहरती थीं। शुरू में मुझे अजीब लगा, लेकिन फिर मैंने सोचा, शायद बुजुर्ग हैं, आदत होगी। पर उनकी नजरों में वो भूख थी, जो मैंने कई लड़कों की आँखों में कॉलेज में देखी थी।
एक सुबह की बात है। मम्मी-पापा अपने ऑफिस चले गए थे, और प्रीटी स्कूल। घर में सिर्फ मैं और नानाजी थे। उस दिन मैंने कॉलेज स्किप कर दिया था, क्योंकि मूड नहीं था। मैंने एक ढीली सी सलवार-कमीज पहनी थी, जो मेरे बदन को और उभार रही थी। सलवार पुरानी थी, और जाँघों के पास उसकी सिलाई थोड़ी उधड़ी हुई थी।
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मैंने जानबूझकर अंदर पैंटी नहीं पहनी थी, क्योंकि मुझे गर्मी में बिना अंडरगारमेंट्स के आराम मिलता है। सुबह नाश्ता देने के लिए मैं नानाजी के पास गई। मैंने एक ट्रे में चाय और पराठे रखे और उनके सामने झुकी। मेरी कमीज का गला थोड़ा ढीला था, और जैसे ही मैं झुकी, मेरे वक्षों की गहरी घाटी साफ दिखने लगी। नानाजी की आँखें मेरे सीने पर टिक गईं।
उनकी नजरें इतनी बेशर्म थीं कि मुझे अंदर तक गुदगुदी सी होने लगी। मैंने जानबूझकर थोड़ा और झुककर उन्हें और दिखाया, और फिर नॉर्मल होकर ट्रे टेबल पर रख दी। तभी मेरे दिमाग में एक शरारती ख्याल आया। घर में कोई नहीं था, और मौका था नानाजी की इस भूख को और भड़काने का।
मेरा इरादा सेक्स का नहीं था, बस उन्हें तड़पाना चाहती थी। मैंने सोचा, क्यों न थोड़ा मस्ती की जाए? मैंने नानाजी से कहा, “नानाजी, चलिए ड्राइंग रूम में बैठकर टीवी देखते हैं।” नानाजी तुरंत मान गए और ड्राइंग रूम में चले गए। मैं उनके सामने वाले सोफे पर बैठ गई, अपनी टाँगें मोड़कर।
मेरी सलवार की उधड़ी सिलाई की वजह से मेरी गोरी जाँघें और चूत के पास का हिस्सा साफ दिख रहा था। मैंने जानबूझकर ऐसी पोजीशन ली कि नानाजी को सब कुछ साफ दिखे। मेरी चूत के घने बाल और उसकी गुलाबी फाँकें सलवार के खुले हिस्से से झाँक रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
नानाजी की नजर मेरी टाँगों के बीच पड़ी। मैंने अखबार उठाकर पढ़ने का नाटक शुरू किया, लेकिन कनखियों से उन्हें देख रही थी। उनकी आँखें मेरी चूत पर टिकी थीं, और वो एकटक देख रहे थे। मैंने देखा कि उनकी धोती में हलचल होने लगी। नानाजी ने धीरे से अपना हाथ धोती के अंदर डाला और अपने लंड को सहलाने लगे।
ये देखकर मेरे बदन में सिहरन सी दौड़ गई। मेरी चूत से हल्का सा स्नेहक स्राव होने लगा, और मुझे अंदर ही अंदर गर्मी महसूस होने लगी। थोड़ी देर बाद नानाजी ने अपनी धोती हटाई और अपना लंड बाहर निकाल लिया। मैं चौंक गई। 65 साल की उम्र में उनका लंड इतना सख्त और मोटा था कि मैं देखकर दंग रह गई।
करीब 7 इंच लंबा और इतना मोटा कि मेरे हाथ में शायद पूरा न आए। उनका शिश्न-मुंड गुलाबी और फूला हुआ था, जैसे कोई जवान लड़का हो। मैंने अपनी चूत के बालों में उंगलियाँ फिराईं, जैसे अनजाने में, और नानाजी की आँखें और चमक उठीं। वो मेरी चूत को घूरते हुए अपने लंड को जोर-जोर से हिलाने लगे।
तभी नानाजी बोले, “बेटी दिव्या, आज बहुत गर्मी है। सोफे पर तो और गर्मी लग रही है। मैं नीचे जमीन पर बैठ जाता हूँ। संगमरमर की फर्श ठंडी रहेगी।” ये कहकर वो मेरे सोफे के बिल्कुल करीब आकर जमीन पर बैठ गए। अब उनकी आँखें मेरी चूत के और करीब थीं। वो इतने पास थे कि मुझे उनकी साँसें अपनी जाँघों पर महसूस हो रही थीं।
मैंने अपनी टाँगें थोड़ी और फैलाईं, ताकि उन्हें और साफ दिखे। नानाजी ने कहा, “दिव्या, आराम से बैठो, अखबार पढ़ो। ऐसे बैठने से पैरों में दर्द होगा।” उन्होंने मेरी टाँगों को और फैलाया, और इस बहाने मेरी सलवार के उधड़े हिस्से को और खींच दिया। अब मेरी चूत पूरी तरह खुली थी।
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मेरे लंबे, गुलाबी लब और घने बाल साफ दिख रहे थे। नानाजी की आँखें चमक रही थीं। वो मेरी चूत को ऐसे घूर रहे थे जैसे कोई खजाना मिल गया हो। फिर उन्होंने धीरे से अपनी नाक मेरी चूत के पास लाकर सूंघा। मुझे लगा वो मेरी खुशबू का मजा ले रहे हैं। मेरी चूत से स्नेहक और ज्यादा बहने लगा, और मेरे बदन में गर्मी बढ़ने लगी।
थोड़ी देर बाद मैंने कहा, “नानाजी, मुझे बहुत नींद आ रही है। मैं यहीं सोफे पर सो रही हूँ। अगर डोर-बेल बजे तो आप दरवाजा खोल देना।” ये कहकर मैंने सोने का नाटक शुरू किया। मेरा मकसद था देखना कि नानाजी अब क्या करते हैं। मैंने आँखें बंद कीं, लेकिन कनखियों से सब देख रही थी।
पाँच मिनट बाद नानाजी खड़े हुए और मेरे चेहरे को देखने लगे। उन्होंने मेरा हाथ उठाकर छोड़ा, जैसे चेक कर रहे हों कि मैं सचमुच सो रही हूँ। जब उन्हें यकीन हो गया, तो वो मेरे और करीब आए। नानाजी ने मेरी टाँगों को और फैलाया, और सलवार के उधड़े हिस्से को और खींचा। अब मेरी चूत पूरी तरह उनके सामने थी।
उन्होंने मेरे घने बालों को सहलाना शुरू किया। उनकी उंगलियाँ मेरे बालों को हल्के-हल्के खींच रही थीं, और मुझे अजीब सी सिहरन हो रही थी। फिर उन्होंने मेरी चूत के दोनों लबों को उंगलियों से फैलाया और बीच की गुलाबी फाँक को सहलाने लगे। उनकी उंगलियाँ मेरे भगनासा पर रुकीं, और वो उसे धीरे-धीरे दबाने लगे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने अपने आपको कंट्रोल किया, ताकि कोई हरकत न हो, लेकिन मेरी चूत से रस टपकने लगा था। अचानक नानाजी ने अपना मुँह मेरी चूत के पास लाया और उसे चाटना शुरू कर दिया। उनकी जीभ मेरे 4 इंच लंबे लबों को ऊपर से नीचे तक चाट रही थी। “आह्ह… उह्ह…” मेरे मुँह से हल्की सी सिसकारी निकलने को थी, लेकिन मैंने खुद को रोका।
उनकी जीभ मेरे भगनासा पर रुकी और उसे चूसने लगी। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं स्वर्ग में हूँ। मेरी चूत से चिकना रस बह रहा था, और नानाजी उसे चाट रहे थे। “मम्म… ओह्ह…” मैंने मन ही मन सिसकारा। फिर नानाजी ने मेरी कमीज को ऊपर सरकाया और मेरी ब्रा के ऊपर से मेरे वक्षों को दबाने लगे।
मेरे स्तन इतने बड़े और सख्त थे कि ब्रा से बाहर निकलना मुश्किल था। नानाजी ने मेरी पीठ के पीछे हाथ डाला और ब्रा का हुक खोलने की कोशिश की। मैंने हल्के से अपनी पीठ उठाई, ताकि हुक आसानी से खुल जाए। जैसे ही ब्रा खुली, मेरे बड़े-बड़े वक्ष आजाद हो गए।
नानाजी ने उन्हें दोनों हाथों से मसला और मेरे गुलाबी निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगे। “आह्ह… उफ्फ…” मेरे मन में सिसकारियाँ उठ रही थीं। तभी नानाजी ने अपनी धोती खोली और अपना विशाल लंड बाहर निकाला। वो 7 इंच लंबा और खीरे जितना मोटा था। उन्होंने मेरी चूत का रस अपनी उंगलियों पर लिया और अपने शिश्न-मुंड पर लगाया।
फिर वो उसे जोर-जोर से हिलाने लगे। “दिव्या, कितनी मस्त चूत है तेरी,” उन्होंने धीरे से बुदबुदाया। मैं चौंक गई, लेकिन सोने का नाटक जारी रखा। नानाजी ने मेरा हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया। मैंने हल्के से उसे पकड़ा, और मुझे उसकी मोटाई का अहसास हुआ।
फिर उन्होंने मेरे होंठों पर अपने शिश्न-मुंड को रगड़ना शुरू किया। “उह्ह… कितना नरम मुँह है तेरा,” वो बुदबुदाए। मेरे होंठ थोड़े खुल गए, और उनका मोटा शिश्न-मुंड मेरे मुँह में घुस गया। मैंने धीरे से अपना मुँह और खोला, ताकि वो और अंदर जा सके। नानाजी ने धीरे-धीरे मेरे मुँह में अपना लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया। “आह्ह… चूस मेरी जान,” वो धीरे से बोले। “Sexy Grand Daughter Chudai”
मैंने भी हल्के-हल्के उनके लंड को चूसना शुरू किया, जैसे नींद में कर रही हूँ। उनका लंड मेरे मुँह में आधा घुसा था, और मुझे उसका स्वाद अजीब लेकिन उत्तेजक लग रहा था। “उह्ह… कितना मजा आ रहा है,” नानाजी सिसकारे। थोड़ी देर बाद उन्होंने जोर-जोर से मेरे मुँह में धक्के मारने शुरू किए।
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“फच-फच…” की आवाज मेरे मुँह से आने लगी। मैंने भी उनकी रफ्तार के साथ चूसना शुरू किया। अचानक नानाजी ने अपना लंड मेरे मुँह से निकाला और नानाजी ने मुझे अपनी गोद में उठाया। उनका स्पर्श गर्म था, और मेरे बदन में सिहरन दौड़ रही थी। वो मुझे मेरे शयनकक्ष में ले गए और बिस्तर पर लिटा दिया।
मैं अभी भी सोने का नाटक कर रही थी, लेकिन मेरी साँसें तेज थीं। नानाजी ने मेरी कमीज और सलवार को धीरे-धीरे उतारना शुरू किया। पहले मेरी कमीज ऊपर सरकाई, फिर मेरी ब्रा का हुक खोला। मेरे बड़े-बड़े वक्ष बाहर आ गए, और मेरे गुलाबी निप्पल सख्त हो चुके थे। फिर उन्होंने मेरी सलवार को पूरी तरह उतार दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं अब पूरी तरह नग्न थी, और मेरी चूत के घने बाल और गुलाबी फाँकें उनके सामने थीं। नानाजी ने भी अपनी धोती उतार दी। उनका नग्न शरीर देखकर मैं हैरान थी। 65 साल की उम्र में उनका बदन अभी भी मजबूत था, और उनका 7 इंच लंबा, खीरे जितना मोटा लंड पूरी तरह खड़ा था। वो मेरे पास आए और मेरे नग्न शरीर को निहारने लगे।
उनकी उंगलियाँ मेरे गोरे बदन पर फिरने लगीं। मेरे वक्षों को सहलाते हुए वो मेरे निप्पल्स को हल्के-हल्के दबाने लगे। “आह्ह…” मेरे मन में सिसकारी उठी, लेकिन मैंने खुद को रोका। फिर वो मेरे पेट, जाँघों, और चूत के आसपास सहलाने लगे। उनकी उंगलियाँ मेरे घने बालों में उलझ रही थीं। “Sexy Grand Daughter Chudai”
नानाजी मेरे बगल में लेट गए और मुझे अपनी बाहों में ले लिया। मेरे सख्त वक्ष उनकी छाती से दब गए। वो मेरे होंठों को चूमने लगे, उनकी जीभ मेरे मुँह में थी, और मैंने भी हल्के से जवाब देना शुरू किया। उनकी साँसें गर्म थीं, और मेरी चूत से रस टपक रहा था। “दिव्या, तू कितनी गोरी और नरम है,” नानाजी धीरे से बुदबुदाए। उनकी आवाज में एक अजीब सी भूख थी।
फिर उन्होंने मुझे पीठ के बल लिटाया और मेरी टाँगें फैला दीं। मेरी चूत उनके सामने पूरी तरह खुली थी। उन्होंने मेरे लबों को उंगलियों से फैलाया और मेरे भगनासा को सहलाने लगे। “उह्ह…” मेरे मन में सिसकारी उठ रही थी। फिर उन्होंने अपना मुँह मेरी चूत पर रखा और चाटना शुरू किया।
उनकी जीभ मेरे 4 इंच लंबे लबों को ऊपर से नीचे तक चाट रही थी। “आह्ह… ओह्ह…” मैंने मन ही मन सिसकारा। मेरी चूत से चिकना रस बह रहा था, और नानाजी उसे चाट रहे थे। “कितनी मस्त खुशबू है तेरी चूत की,” वो बुदबुदाए। उन्होंने मेरी चूत का रस अपनी उंगलियों पर लिया और अपने शिश्न-मुंड पर लगाया।
फिर मेरी टाँगें और फैलाईं और अपने लंड को मेरी चूत के मुँह पर रगड़ने लगे। “उह्ह… नानाजी…” मैंने मन में सोचा, लेकिन अभी भी सोने का नाटक कर रही थी। उनका मोटा शिश्न-मुंड मेरी चूत के लबों पर रगड़ रहा था, और मुझे ऐसा आनंद आ रहा था कि मैं अपने आपको रोक नहीं पा रही थी।
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मैंने सोचा, जैसे ही वो अपना लंड मेरी चूत में डालेंगे, मैं जाग जाऊँगी और उन्हें डाँटूँगी। नानाजी मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ रहे थे। अचानक उनका शिश्न-मुंड मेरी चूत के मुँह में थोड़ा सा घुस गया। मैंने सोचा, देखती हूँ वो और अंदर डालते हैं या नहीं। अगर और डाला तो मैं जाग जाऊँगी। “Sexy Grand Daughter Chudai”
तभी नानाजी ने मेरी कमर पकड़ी और अपने लंड से दबाव डाला। “घप्प…” उनकी आधा लंड मेरी चिकनी चूत में घुस गया। मैंने तुरंत आँखें खोलीं और चिल्लाई, “नानाजी! ये क्या कर रहे हैं आप? आपको शर्म नहीं आती? मम्मी-पापा को बताऊँगी मैं!” लेकिन नानाजी पर मेरी बात का कोई असर नहीं हुआ। वो किसी और दुनिया में थे।
उन्होंने एक जोरदार धक्का मारा, और उनका 7 इंच लंबा, मोटा लंड मेरी चूत में पूरा समा गया। “आह्ह… उफ्फ…” मैं दर्द से चिल्ला पड़ी। मेरी चूत कसी हुई थी, और उनका मोटा लंड मेरी मांसपेशियों को रगड़ रहा था। “घप-घप…” की आवाज कमरे में गूँज रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
नानाजी जोर-जोर से धक्के मार रहे थे, और मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं। “आह्ह… उह्ह… नानाजी, धीरे…” मैंने कराहते हुए कहा। उनका लंड मेरी चूत की दीवारों को रगड़ रहा था, और मेरी चूत ने उसे पूरी तरह जकड़ लिया था। दर्द के साथ-साथ मुझे आनंद भी आने लगा।
“दिव्या, तेरी चूत कितनी टाइट है,” नानाजी सिसकारते हुए बोले। मैंने कुछ नहीं कहा, बस उनकी रफ्तार के साथ ताल मिलाने लगी। थोड़ी देर बाद मेरा दर्द गायब हो गया, और मेरी सिसकारियाँ आनंद में बदल गईं। “आह्ह… ओह्ह… नानाजी, और जोर से…” मैंने बुदबुदाया।
मैंने अपने नितंब उठाकर उनके धक्कों का जवाब देना शुरू किया। “घप-घप…” की आवाज और तेज हो गई। नानाजी मुस्कुराए और बोले, “दिव्या बेटी, मजा आ रहा है ना?” मैंने शरमाते हुए कहा, “हाँ नानाजी… बहुत मजा आ रहा है… आह्ह… आई लव यू नानाजी…”
नानाजी ने कहा, “आई लव यू टू, बेटी। अब मम्मी-पापा से कुछ नहीं बोलेगी ना?” मैंने हँसते हुए कहा, “नहीं नानाजी, अब कुछ नहीं बोलूँगी।” ये सुनकर नानाजी ने अपना लंड मेरी चूत से निकाला। उनका लंड अभी भी खड़ा था, और उस पर मेरा रस चमक रहा था। मैं उठी और नानाजी से लिपट गई। “Sexy Grand Daughter Chudai”
मैंने उनके होंठों पर एक गहरा चुम्बन लिया। उनकी जीभ मेरे मुँह में थी, और मैंने भी उनके साथ चुम्बन का मजा लिया। नानाजी ने अपना लंड मेरे सामने किया और बोले, “दिव्या, मेरा लंड कैसा है?” मैंने शरमाते हुए कहा, “नानाजी, आपका लंड बहुत मोटा और सुंदर है।” वो हँसे और बोले, “तो इसे अपने होंठों से प्यार दे।”
मैंने उनके शिश्न-मुंड पर एक चुम्बन दिया। फिर नानाजी ने कहा, “बेटी, मेरी सुपारी को चाटो, बड़ा मजा आएगा।” मैंने उनकी बात मानी और उनके शिश्न-मुंड को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया। उसका स्वाद नमकीन और उत्तेजक था। “आह्ह… दिव्या, और चूस,” नानाजी सिसकारे।
मैंने उनका लंड अपने मुँह में लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। “फच-फच…” की आवाज फिर से कमरे में गूँजने लगी। नानाजी के मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं। “आह्ह… दिव्या, तू तो जादू कर रही है…” वो बोले। थोड़ी देर बाद नानाजी बिस्तर पर लेट गए और मुझे अपने ऊपर बैठने को कहा।
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मैंने अपनी चूत को उनके शिश्न-मुंड पर रखा और धीरे-धीरे बैठने लगी। मेरी चूत कसी हुई थी, और उनका मोटा लंड अंदर जाने में मुश्किल हो रही थी। “उह्ह… नानाजी, कितना मोटा है आपका…” मैंने सिसकारते हुए कहा। धीरे-धीरे मैंने उनका पूरा लंड अपनी चूत में समा लिया। “Sexy Grand Daughter Chudai”
फिर मैं अपने नितंब ऊपर-नीचे करने लगी। “घप-घप…” की आवाज कमरे में गूँज रही थी। मेरी चूत की मांसपेशियाँ उनके लंड को जकड़ रही थीं। “आह्ह… ओह्ह… नानाजी, कितना मजा आ रहा है…” मैं सिसकार रही थी। नानाजी भी मेरे नितंब पकड़कर धक्के मार रहे थे। “दिव्या, तेरी चूत में जन्नत है,” वो बोले। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
करीब 15 मिनट तक हम दोनों एक-दूसरे में खोए रहे। मेरी सिसकारियाँ और उनकी कराहें कमरे में गूँज रही थीं। “आह्ह… उह्ह… नानाजी, और जोर से…” मैं चिल्ला रही थी। तभी नानाजी ने एक जोरदार धक्का मारा, और उनकी गर्म-गर्म पिचकारी मेरी चूत में छूट गई। “आह्ह…” मैंने एक लंबी सिसकारी ली। मैंने भी उसी वक्त चरमसुख पा लिया, और मेरा शरीर काँपने लगा।
हम दोनों हाँफते हुए बिस्तर पर लेट गए। नानाजी ने मुझे अपनी बाहों में लिया और मेरे माथे पर चुम्बन दिया। “दिव्या, तूने मुझे जवान कर दिया,” वो हँसते हुए बोले। मैंने शरमाते हुए कहा, “नानाजी, ये तो बस शुरुआत है।” उस एक हफ्ते तक हमने कई बार सेक्स किया। हर बार नया और उत्तेजक अनुभव था। लेकिन एक दिन मेरी छोटी बहन प्रीटी ने हमें सेक्स करते देख लिया। उसकी आँखों में हैरानी थी, और मेरे मन में डर।
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Rohit says
Maharashtra me kisi girl, bhabhi, aunty, ya kisi vidhava ko maze karni ho to connect my whatsapp number 7058516117 only ladie
Frankly samar says
Yaha Lucknow se koi girl’ bhabhi aunty ho to mujhe WhatsApp kare Full maza donga chudai ka……..9984265948
Rohit Tigga says
Ranchi Jharkhand me kisi ko land ki jarurat pde to btana
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Lucknow aur Gorakhpur se koi ho to msg kre
Sunil yadav says
Hii I’m Sunil 34 years single male from Lucknow kis female ko secret relationship banana hai to wo mujhe msg kar sakti hai Gmail- sunil937529@gmail.com, Teligram- @Sylucknow69 Whatsapp 085770 71058
Manmohan KASUDHAN says
Mai basti uttar pradesh se 7398012897