Pyasi Maa Chudai Kahani
मेरा घर बिहार के एक छोटे से गाँव मे है जहाँ के अधिकतर लोगो का मुख्य पेशा खेती है मेरे पापा भी एक किसान है वह खेती करते है. गाँव मे हमारे पास कुछ खानदानी जमीन है पापा उसी पर खेती करते है और हमारे छः लोगो के परिवार को चलाते है. पापा बहुत मेहनती है दिन रात खेत मे लगे रहते है खाने पीने का भी उनको ज्यादा ध्यान नही रहता है. Pyasi Maa Chudai Kahani
एक बार खेत मे चले जाने पर वह जब तक काम खत्म नही कर लेते घर नही आते है. इसलिए उनका खाना लेकर अक्सर घर से कोई ना कोई खेत मे पहुंच जाता है. पापा इतना मेहनत करते है तब जाकर हमारा घर चलता है घर मे हम तीन भाई बहन माँ पापा और एक बुढ़ी दादी रहती है.
जब तक मै गाँव अपने घर पर था तब तक खेती मे पापा की थोड़ी मदद कर देता था. पर जब से शहर आया हूँ वह अकेले ही करते है. मै पिछले साल गाँव से शहर पढ़ने के लिए आया हूँ मेरे पापा का सपना है मुझे सरकारी नौकरी मे देखना इसलिए मे गाँव से शहर आकर गया पढ़ने के लिए.
फिर भी मुझे जब भी गाँव जाने का मौका मिलता है तो मै घर पहुंच जाता हूँ और खेती मे पापा की मदद कर देता हूँ. अभी कुछ महिने पहले ही मेरा क्लास कुछ दिन के बंद हो गया था तो मै अपने घर चल गया. मै जब घर पहुँचा तो मुझे यह पता था पापा तो हमेशा की तरह खेत मे ही होगे पर उस दिन माँ भी पापा का खाना लेकर खेत मे गयी थी.
यह बात मेरे घर पहुंचते ही मेरी बहने घर मे माँ को नही देखकर बोली तब मै भी माँ पापा से मिलने खेत की तरफ चला गया. खेत हमारे गाँव के पीछे तरफ है गाँव के खत्म होते ही आम के घने बगीचे है फिर खेत है। हमारे गाँव से एक सड़क दुसरे गाँव तक जाती है जो आहर पर बना है वह खेत के बीच से गयी है.
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हमारा खेत आहर के पूर्वी तरफ है उधर ज्यादा बगीचा लगा हुआ है या फिर लम्बी अवधी के फसल जो कम पानी मे तैयार हो जाते है. क्योकि उधर पानी की बहुत समस्या है हमारा खेत एकदम बीच मे पड़ता है वहाँ से तीन चार बांस की दूरी पर एक ट्यूबवेल है जहाँ से पाइप के द्वारा पानी हमारे खेत तक आता है.
जो मेहनती होता है वह सब्जी की खेती करते है नही तो कुछ भी बो कर छोड़ देते है बगीचे से सटाए हुए बड़े बड़े प्लॉट पर रहर ज्वार बाजरे की खूब खेती होती है. इसलिए वह पूरा जगह सुनसान रहता है क्योकि उधर ज्यादा कोई आता जाता नही है एक दो लोग जिनका उधर सब्जी की खेती है वही आते जाते है.
मै बगीचे को पार करके पतली पगडंडी पकड़ के अपने खेत के तरफ जा रह था. अभी मै थोड़ा ही आगे बढ़ते हुए एक बड़े से रहर के खेत को पार कर रहा था. तभी मुझे कुछ अजीब सी आवाज सुनायी दिया जिसे सुनकर मे डर गया मुझे पहले तो पायल के छन छन की आवाज सुनाई दिया जिससे मुझे भूत का भय होने लगा.
क्योकि कुछ लोगो ने अफवाह फैला रखी थी की उधर भूत रहते है पायल की आवाज सुनकर मेरे प्राण ही सूख गये. मै इधर उधर देखने लगा पर मुझे कोई नही दिखा पर फिर मुझे अहह अहहह की आवाज सुनायी दिया. तो मेरे रोंगटे के साथ पैट मे लण्ड भी खड़ा हो गया क्योकि एक अफवाह यह भी गाँव मे फैली हुई थी की उधर रहरी के खेत मे गंदा काम होता है. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
पर मैने कभी कुछ देखा नही था इसलिए मुझे उन सब बातो पर विश्वास नही होता था। लेकिन मै हमेशा इसी ताक रहता था की कभी मुझे भी कोई औरत या लड़की चुदते हुए दिख जाए तो मजा आ जाएगा उस दिन जब मुझे पायल की आवाज के बाद अहहह अहहह की आवाज सुनाई दिया तो मुझे लगा आज मौका है असली का चुदाई देखने का इसलिए मै चुपचाप रहर के खेत मे घुस गया.
उस आवाज का पीछा करता हुए जब मै थोड़ा ही अंदर गया तो देखा मुझसे कुछ आगे सच मे चुदाई हो रही थी. कौन कर रहा था और कौन चुद रहा था मुझे नही पता चल रहा था पर मुझे चुदाई हो रही है वह दिख रहा था. मै दूर से बैठा देख रहा था मुझे दो गांड दिख रहे थे एक नीचे जो लेटी हुई थी उसकी पूरी गोरी गांड वाली थी और जो उसे चोद रहा था सावले गांड वाला था.
मै जैसे ही वह सीन देखा मुझे मूठ मारने का मन करने लगा पूरे शरीर मे एक उत्तेजना की लहर दौर गयी. मै जिंदगी मे पहली बार वैसा नज़ारा देख रहा था दोनो बिना कुछ बोले अपने काम मे लगे हुए .थे मुझे दूर से ज्यादा कुछ साफ दिख नही रहा था सिर्फ दोनो के गांड दिख रहे थे.
जो नीचे लेटी हुई थी उसकी टांगो को चोदने वाला घुटने से मोड़कर पेट से सटाए हुए था और खुद उसके बीच मे बैठा उसे चोद रहा था. जब धक्का लगता अहह की आवाज सुनायी देता पहले तो कुछ देर ऐसे ही रूक रूक के तगड़ा धक्का मार के चोद रहा था. पर कुछ देर बाद जब वह तेजी से चोदने लगा.
तो अहहह अहहहह सीसीसीसीसी अहहहह अहहहहह ओहहैहोहोहो ओहोहोहोहोह अह्ह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह्हह् ओहोहोहोह सीसीससीसईसीसी ससीसीसीसीसीसीसीसीस अहहहहहहहह अहहहहहहहहह की आवाज सुनाई देने लगती. साथ ही पायल के छन छन छन छन की आवाज भी बिना रूके बज रही थी.
दोनो का खेल दस मिनट तक चला होगा की देखा दोनो उठ गये तो मै जल्दी से वहाँ से निकला और थोड़ा दूर जाकर एक पेड़ की ओट मे छुप गया यह देखने के धिए की वह दोनो कौन है मै कुछ देर पेड़ की ओट मे खड़ा रहा तब मुझे रहर के खेत से एक हट्ट कट्टा 23 24 साल लड़का निकलते दिखा।
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वह लड़का हमारे ही गाँव का था नाम कल्लू था दिखने मे साँवले रंग का है इसलिए सब उसे कल्लू कहते है. वह एक नंबर का बदमाश और नशेड से कम उम्र से ही नशा करना शुरू कर दिया था. जिस कारण से उसका शरीर भी पता नही कैसे कम उम्र मे ही मर्द जैसा तगड़ा हो गया वह अक्सर हमारे खेत मे बनी झोपड़ी मे नशा करने आता था.
तब मै उससे समझाता था की नशा मत करो पढ़ाई करो तक वह सिर्फ हँसता वह कभी कभी मेरे पापा को भी दारू पिला देता है इसलिए पापा की उससे अच्छा बनता है. कितनी बार मै उसे डाट के भगा भी देता था तो वह कुछ नही बोलता था. उसे रहर के खेत से निकलते देख के सोचने लगा साला अभी मै ठीक से मूठ भी नही मार पाता हूँ और यह किसी को चोद रहा है.
वह कुछ देर इधर उधर खड़ा देखता रहा फिर अपने कपड़े अच्छे से झाड़ के बोला जाओ कोई नही है इधर और वह खेत की तरफ चला गया. उसके जाने के कुछ देर बाद मुझे दुसरी तरफ से एक महिला निकलते हुए दिखी और उसे देखते ही मुझे चक्कर जैसा आने लगा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मै अश्चर्य भरी नजरो से महिला को देखता रहा वह महिला कोई और नही मेरी माँ थी .मै कभी सपने मे भी नही सोचा था की रहर के खेत मे जिसे मै चुदते हुए देख रहा था वह मेरी माँ निकलेगी. मेरी माँ को आज भी कोई देखता है तो सब उन्हे बहुत सीधी भोली सूरत वाली संस्कारी महिला समझता है.
मै जब तक गाँव मे रहा माँ घर से बाहर नही निकलती थी पर मेरे घर पर नही रहने के कारण वह पापा का खाना लेकर कभी कभी खेत मे चली जाती है और वहाँ वह कुछ अलग ही गुल खिला रही थी. माँ घर मे हमेशा सर पर आंचल रखे रहती है और जब घर से बाहर निकलती है तब घूंघट कर लेती है.
वैसी महिला को मै रहर के खेत मे से चुदाई करवा के निकलते देखा तो मुझे विश्वास ही नही हो रहा था। वैसे मेरी माँ भले ही सीधी और खूब संस्कारी है पर वह काफी खूबसूरत भी है वह 42 की उम्र मे भी इतनी जवान दिखती है की लगता है अभी 30 साल की शादीशुदा महिला है.
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माँ खेत से बाहर निकल के अपने साड़ी को ठीक करके सर पर घूंघट डाल के हाथ मे खाने का बर्तन लिए वह घर के तरफ जाने लगी. वह जब चल रही थी तो उनके पैर के पायल छन छन बज रहे थे. मेरी नजर उनके गांड पर थी जो वह मटका के चल रही थी मुझे उनकी गांड साड़ी मे भी गदराया हुआ है पता चल गया.
मैने पहले कभी माँ के बारे मे गंदा नही सोचा था पर जब मुझे पता लगा की जिसे मै चुदते देख रहा था वह मेरी माँ है. मै याद करने लगा की उनका शरीर केसा था वह जब तक मेरी नजरो से ओझल नही हो गयी मै उन्हे जाते देखता रहा. फिर जब वह चली गयी तो मै भी दुखी मन से पापा के पास खेत मे चला गया. “Pyasi Maa Chudai Kahani”
पर मेरा मन कही भी नही लग रहा था बार बार मे माँ के बारे खेत मे पापा के पास गया तो देखा वह कल्लू पापा के पास ही बैठा बात कर रहा था. उसे देखकर तो मेरे तन बदन मे आग लग गया लगा जैसे पकड़ के वही मारने लगे पर उससे क्या होगा उसने माँ को उनकी मर्जी से चोदा है चुदाई मे जितनी गलती कल्लू की थी उतनी माँ की भी थी.
इसलिए मै वहा से घर आ गया जहाँ देखा माँ खूब खुश दिख रही थी मुझे देखते ही बोली अरे बेटा तुम आने वाले हो बताए नही मै तुम्हारे पापा को खाना देने चली गई थी. मै मन ही मन सोचने लगा अगर बता कर आता तो आपको चुदते हुए कैसे देखता. मै जाकर माँ के पैर छुए तब मुझे याद आया इसी पैर को वह हरामी कल्लूआ मोड़ के चोद रहा था और माँ चुद रही थी.
उसके बाद मै माँ को चोर नजरो से ताड़ने लगा तब मेरी नजर बार बार कभी उनके ब्लाउज मे कैद टाइट चूची पर तो कभी गदराई गांड पर तो कभी चिकनी कमर और पीठ पर तो कभी उनके आकर्षक चेहरे पर टिक जाती तब ना चाहते हुए भी मेरा लण्ड तन के पैंट मे खड़ा हो जाता।
मै अब यह जानने को बेचैन था की माँ को उस साले हरामी कल्लू ने कैसे फंसा क्या ऐसा हीट दिया. माँ ने जो आज उसके साथ चुद रही है मुझे यह तो पता लग गया की माँ भी चुदाई मे पूरा साथ दे रही थी. मतलब वह पापा से संतुष्ट नही है इसलिए वह उसके साथ चुद रही है अब मुझे यह जानना था की दोनो का खेल शुरू कैसे हुआ. “Pyasi Maa Chudai Kahani”
मै बहुत सोचा इस बारे मे तब एक उपाय दिमाग मे आया. तब मै घर से गुस्सा दुख जलन दर्द से भरा हुआ आ गया और रात होने का इंतजार करने लगा. अंधेरा होते ही वह और पापा खेत से मुझे आते दिखे मे रास्ते मे ही बैठा उनका इतजार कर रहा था जब कल्लूआ मुझे आता दिखा तो मै अपने चेहरे पर गमछा बाध लिया और छिप गया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मुझे पता था पापा तो घर चले जाएगे पर वो साला दारू के अड्डे पर जाकर पहले दारू पिएगा और तब घर जाएगा. मै उसके पीछे लगा रहा उसके और भी दोस्त रास्ते मे उससे जुड़ गये सब कुछ देर बैठकर दारू पीए और अपने अपने घर की तरफ चले गये.
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तब मै कल्लूआ के पास पहुंचा और बिना कुछ बोले पीटने लगा वह दारू के नशे मे पूरा भंड था उसे पता ही नही चल रह था कौन पीट रहा है वह गाली देने लगा कौन है रे मादरचोर छिनार की औलाद तोहर मइया के चोद लेगे साले मुझे क्यो मार रह है बे भोसरी वाले मैने तुम्हारी माँ चोद दिया है क्या जो इतना मार रहा है मुझे.
मै कुछ देर उसे पीट तब वह ऐसे ही जमीन पर लेट गया जैसे मर गया हो. पहले तो मै डर गया पर फिर हिम्मत करके बोला रे कल्लूआ उठ साला ले दारू पी. तब वह एक घूट दारू पीकर बोला मुझे इतना क्यो मारे हो तब मै बोला साला तू गाँव के गंदा कर रहे हो. “Pyasi Maa Chudai Kahani”
वह बोला कैसे तो मै दोपहर वाली बात बताया की तू साला आज किसके साथ रहरी के खेत मे चुदाई कर रहा था. तब वह शांत हो गया और बोला मै नही था. तो मै उसे फिर मारने के लिए तना और बोला झूठ बोला तो फिर से मारूगा तब वह बोला हाँ एक औरत को आज रहरी मे चोद रहा था.
तो मै बोला कौन थी तब वह पापा का नाम लेकर बोला उसकी औरत थी. तब मै बोला तो साला उसे तू पटाया कैसे चोदने के लिए. तब बोला मै बहुत समय से उसके पीछे पड़ा हुआ था एक दिन जब वह अपने पति के लिए खाना लेकर खेत पर आयी तो मै भी वही था उसे देखकर मेरा लण्ड पैंट फार के बाहर आने के लिए तड़पने लगा उसकी बड़ी चूची गांड सब मुझे बहुत अच्छा लगा.
मै तभी से उसको लाइन मारने लगा उससे बात करने लगा लेकिन वह मुझसे दूर रहती पर एक दिन जब वह झोपड़ी मे अपने पति को खाना दे रही थी तब मेरी नजर उसके उपर ही थी वह भी चोर नजरो से मुझे देख रही थी वह जैसे ही खाना देने के लिए झुकी उसकी साड़ी सीने से नीचे गिर गयी.
और मुझे उसकी मस्त गोरी चूची के दर्शन हो गये मुझे रहा नही गया और मै उसका हाथ पकड़ लिया तब वह अपना हाथ छुरा ली पर मै भी कमीना था उसका पति हाथ मुँह धोने के लिए बाहर गया तो उसको अपनी बांहो मे कस लिया वह मुझसे छूटने के लिए मचलने लगी पर मै नही छोड़ रहा था. “Pyasi Maa Chudai Kahani”
तब वह बोली छोड़ो मेरे पति देख लेगे तब मै उससे बोला बोल कब देगी तब वह बोली मुझे नही पता तो मै बोला किसे पता है बताओ नही तो मै नही छोडूंगा तब वह बोला जब मौका मिलेगा तब तक मैने उसको गाल होठ पर बहुत किश कर लिया था और चूची भी खूब दबाया.
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उसका पति झोपड़ी मे आया और खाना खाने लगा और वह मुझे देख देख के मुस्का रही थी मुझे सिग्नल मिल गया था मै उसे इशारे से बाहर आने को बोलकर मै बाहर चला गया मेरे बाहर आने के कुछ देर बार वह आयी तो मै उसे फिर पकड़ लिया और उसके साथ रोमांस करने लगा वह भी इस बार मेरा साथ दे रही थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर तो मै समझ गया साली बहुत प्यासी है उसी समय उसे एक खेत मे ले गया और चोद दिया वह मुझसे चुद कर बहुत खुश हो गयी उसके बाद हम हमारा मिलना चालू हो गया मुझे लगता था की वह सिर्फ मुझसे ही चुदती है पर नही उसे तो बहुत लड़को ने फंसा रखा था.
वह सीधी सादी देखने के लिए है पर एक नंबर की छिनार है साली मै अपनी माँ की सच्चाई जान के शॉक था पर मै कुछ नही बोला पर वह बोला साली दिन से ज्यादा रात मे वह चुदती है अकेले घर से जब मन होता है निकल जाती है और लड़को से रात भर चुदती है और सुबह होने से पहले चली जाती है यह थी मेरी माँ कि सच्चाई।
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