Hijabi Sister Ki Chudai
नमस्कार दोस्तों, आप सभी कैसे है, उम्मीद करता हूँ सब खैरियत से होंगे. दोस्तों अभी तक आपने पिछले भाग दीदी जान ने छोटी बहन को चोदने का प्लान बताया 3 में अब तक आपने पढ़ा की रूबिका मेरी छोटी बहन को मै पकड़ के अपने लंड को घुसा दिया. अब आगे की कहानी- Hijabi Sister Ki Chudai
जैसे ही मेरे लंड का टॉप उसकी चूत मे घुसा, दर्द की वजह से उसके मुँह से हल्की सी चीख़ निकल गई। और मैं वहीं रुक गया और अपने होठ को रूबिका की होठ पर लगा दिया और सिर्फ उसे लिप किस करना जारी रखा। तभी रुखसाना दीदी जान गेट पिटने लगी और बोली रूबिका क्या हुआ क्यों चिल्ला रही थी.
रूबिका डर गई और बोली दीदी जान कुछ नही हुआ आप सो जाओ बस एक सपना देखी थी मै ठीक हु. दीदी जान बोली ठीक है सो जाओ और दीदी जान अम्मी जान की रूम मे चली गई. मेरा लंड अभी भी रूबिका की चूत में था और मै रूबिका की होठ चुसे जा रहा था.
तभी रूबिका मेरा बाल पकड़ के होंठ से होंठ अलग की और धीरे से बोली भाई जान छोड़ दो मुझे नहीं तो मैं शोर मचा के दीदी जान को सब बता दूँगी. मैं मुस्कुराते हुए बोला रूबिका मेरी प्यारी बहन जान क्या मैं छोड़ने के लिए ये लंड डाला हु और क्या दीदी जान को बोलोगी बुला लो.
मैं भी बोल दूंगा की तुम मुझसे रोज चुदवाती हो आज पकड़ाने की वजह से मुझे बदनाम कर रही हो फिर देखना तुम्हारा सब पढाई लिखाई बंद हो जायेगी और तो और तुम घर से निकल भी नहीं पाओगी. इतना सुनते ही रूबिका शांत हो गई अब मैं फिर से रूबिका को लिप किस करने लगा.
अब रूबिका विरोध नही कर रही थी मैं लगातार होंठ चुसे जा रहा था. कुछ देर मे वो भी लिप किस करने में लीन हो गई तो मुझे भी पता चल गया की अब वो नॉर्मल हो गई है. तो मैंने धीरे धीरे अपना लंड धीरे से बाहर किया और फिर से उसकी चूत मे घुसाना शुरू किया।
और इसी तरह कुछ ही देर मे मेरा लंड उसकी चूत मे पूरा घुस गया। रूबिका को दर्द हो रहा था ओ दर्द के मारे वो कराह रही थी लेकिन मैंने उसके होंठ अपने होंठ से दबा रखे थे, मेरा लंड पूरा उसकी चूत मे घुसा हुआ था और मैं वहीं रुका हुआ था। क्योंकि रूबिका की चूत एक दम कसी हुई थी इसलिए मुझे भी हल्का हल्का दर्द हो रहा था।
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और मैं इतना उत्तेजित हो चुका था की मेरे लंड से कभी भी पिचकारी निकल सकती थी। और मैं नहीं चाहता था की मैं जल्दी ही छूट जाऊँ, इसलिए मैं वहीं रुक गया और सिर्फ लिप किस पर ही ध्यान लगा रहा था। कुछ देर रुके रहने के बाद रूबिका समझ गई की आज वो नही बचेगी और बचने की कोशिश भी की तो बदनाम हो जायेगी.
और मैं किस करते हुए रूबिका की आँखों में देख रहा था बेचारी अपनी आँख बंद की हुई होंठ चुसाई का मजा ले रही थी. कुछ देर बाद आस्ते आस्ते रूबिका भी अपनी गांड हिला कर अपनी चूत को मेरे लंड पर दबाई जैसे की मुझसे कह रही हो कि मैं उसकी चूत मारूं।
मैंने अपनी गांड उपर करके लंड को उसकी चूत से थोड़ा बाहर निकाला और फिर से चूत मे घुसा दिया। और इसी तरह मैं उसकी चूत चोदने लगा। और वो भी अपनी गांड हिला हिला कर लंड को अंदर तक ले रही थी। अब मैं उसकी चूत चोदने के साथ साथ उसके बोबे भी दबा रहा था, उसको चूम भी रहा था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रूबिका की चूची एक दम छोटी छोटी थी एक दम छोटी निम्बू की तरह मैं रूबिका की चूची दबा दबा के धीरे धीरे चोदने लगा. मुझे अपनी छोटी बहन रूबिका की चूत चोदने मे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। रूबिका की चूत अब पानी छोड़ रही थी उसकी चूत के पानी से मेरा लंड पूरी तरह से चिकना हो रहा था।
किसने सोचा था की एक दिन मैं अपनी ही छोटी बहन की चूत के पानी से अपने लंड को तृप्त करूँगा। बहुत किस्मत से ऐसा मौका मिलता है। दोस्तों बहुत देर तक मैंने उसकी चूत मारी। उसके बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाल दिया। मैं नहीं चाहता था की मेरा वीर्य उसकी चूत मे जाए और वो गर्भवती हो जाए।
(हालांकि मेरा हवसी दिमाग तो यही चाहता है की मैं रूबिका की चूत मैं ही अपना वीर्य छोड़ दूँ, और लंड से निकली आखिरी बूंद भी उसकी चूत मे झटके के साथ निकले) लेकिन मैं रिस्क भी नहीं ले सकता। क्यों की रुखसाना दीदी जान पहले ही बोल रखी थी कि बिना कोंडोम के रूबिका को मत चोदना.
मुझे लगा की मैं झर जाऊंगा तभी लंड को रूबिका की चूत से निकाल दिया. रूबिका को सांस में सांस आया बेचारी गहरी सांस लेते हुए मेरी ओर देखी तभी मैं धीरे से उठकर लंड को हाथ में पकड़ के रूबिका की मुँह के पास गया और अपने घुटनों पर बैठ गया और लंड को उसके होंठों पर रगड़ने लगा।
तभी रूबिका ने उसने हाथ से मेरा लंड पकड़ी और लंड हिलाने लगी. अब मैं समझ गया की रूबिका पूरी तरह गर्मा गई है थोड़ी देर लंड हिलाने के बाद उसको अपनी मुँह के पास ले गई और चुम्मी देने लगी सिर्फ लंड के टोपा को चूम रही थी कुछ देर चुम्मी देने के बाद धीरे से मुंह मे डाल ली.
मैं तो जन्नत में चला गया दोस्तों मेरी सगी बहन मेरा लंड मुंह में ली थी मैं रूबिका की बाल सहलाने लगा थोड़ी ही देर में रूबिका मेरे लंड को चूसने लगी। उसने मेरा पुरा लंड ले लिया और गले तक उतार कर चूसने लगी। ऐसा लगता ही नहीं था की वो पहली बार लंड चूस रही हो लंड चूसने मे रुखसाना दीदी जान को भी पीछे छोड़ रही थी.
मैं आह रुब्बी ओह्ह रूबिका करने लगा. मैंने धीरे से रूबिका की मुँह पकड़ लिया और उसके मुँह को चोदने लगा। मैं उसका चेहरा देख रहा था की कैसे मेरी बहन मेरा लौड़ा अपने मुंह मे लेकर चूस रही है, मुझे बहुत आनंद मिल रहा था। सच में रूबिका दीदी जान को पीछे छोड़ रही थी लंड चूसने में.
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मैं बहुत उत्तेजित हो गया कभी-कभी मेरा लंड रूबिका की मुंह से बाहर निकल जाता था तभी रूबिका किसी शेरनी की तरह झपट के लंड मुंह मे ले रही थी. अब मेरा हालत खराब हो रहा था मैं रूबिका की ये रूप देख के सोच रहा था कि क्या किस्मत है अल्लाह एक छोटी बहन इस तरह से अपने बड़े भाई जान की लंड चूस रही हैं.
और देखते ही देखते मेरे लंड से एक वीर्य की पिचकारी रूबिका के मुँह में ही निकल गई। रूबिका ने मेरे लंड की टोपी को अपनी दांतों में दबा ली और और रुक रुक के वीर्य अपनी मुंह में लेने लगी. मैंने भी अपने लंड से सारा वीर्य रूबिका की मुँह में झटके मार मार के निकाल दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
और फिर थक हार कर मैं रूबिका की मुह मे लंड डाले ही लेट गया रूबिका दांत की पकड़ कम करती और थोड़ी वीर्य लेते ही दबा देती. जब तक सारा वीर्य नही पी तब तक लंड नहीं छोड़ी मेरा हालत खराब था मुझे नींद आ गई सारा वीर्य पीने के बाद रूबिका उठी और अपने कपड़े लेके वॉशरूम चली गई।
कुछ देर बाद वो वापस आई तब तक मैं सो चुका था फिर रूबिका भी सो गई. सुबह पांच बजे मेरी नींद खुली और मैंने देखा की रूबिका पूरी नंगी सो रही हैं। मैं उठा और रूबिका को अच्छी तरह देखा क्या फिगर थी प्यारी बहन की दोस्तो एक दम ज़ीरो फिगर थी देखते ही मेरा लंड रोड की तरह तन गया.
मैं पहले वॉशरूम गया फ्रेश हुआ फिर बाहर गया जहां रुखसाना दीदी जान सोई हुई थी. मैंने देखा की दीदी जान घोड़ा बेंच के सो रही हैं मैं धीरे से लौट आया और रूबिका के पास चला गया. अब तक रूबिका सो रही थी मुझे रात वाली चुदाई याद आ रही थी की किस तरह मैं रूबिका को चोद रहा था और रूबिका भी मजे से मेरा लौड़ा चूस रही थी।
ये सोच कर मेरा लंड वापस अपना आकार बदलने लगा और मेरा मूड भी बन गया। मैंने रूबिका को देखा, वो उल्टी होकर सो रही थी, और कंबल ओढ़ रखी थी मैंने वो कंबल हटा दिया। रूबिका पूरी नंगी थी और उपर से उल्टी लेटी थी मेरा दिमाग खराब क्या लग रही थी दोस्तो.
मैं रूबिका के उपर लेट कर पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दिया। रात की हुई चुदाई से रूबिका की चूत अभी तक पानी छोड़ रही थी. मैं लंड को एक बार में अंदर डाल दिया रूबिका की नींद टूट गई और वो भी अचानक हुए मेरे हमले से चौँक गई। मेरा लंड चूत मे घुसने से दर्द की वजह से उसकी सिस्कारी शुरू हो गई।
मैं उसकी चूत मार रहा था, उसके गले में चूम रहा था और उसके बोबे मसल रहा था। फिर मैंने उसको कमर से पकड़ कर उपर उठाया जिसे वो कुतिया वाली पोज में आ गई। फिर उसकी पतली सी कमर पकड़ कर उसको डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया साली बहुत मजा दे रही थी बहन की लौड़ी मे बहुत गर्मी थी और जोश भी बहुत आग के जैसी. “Hijabi Sister Ki Chudai”
अब रूबिका की चूत ने मेरा 7 इंच का मोटा लंड ऐसे ले लिया जैसे कोई बड़ी उम्र की औरत हो। साली कुतिया की डॉगी स्टाइल में पतली कमर पकड़ के चोदना चालु किया. अब रूबिका भी पुरा साथ दे रही थी ऐसा लगता ही नहीं था की ये मेरी छोटी बहन है साली को कुतिया बना कर रण्डी के जैसे चोदना स्टार्ट किया.
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रूबिका भी जोरदार साथ दे रही थी पुरा कमरे मे हम दोनो भाई बहन की उह आह उह ओह की आवाज आ रही थी. रूबिका की जोश और फुर्ती देख मैं ज्यादा देर रुक नही पाया और झड़ने के करीब पहुँच गया तभी रुखसाना दीदी जान की याद आया की रूबिका की चूत मे मत झाड़ना.
मैं लंड को चूत से निकाल के रूबिका को पलटा और लंड उसके मुँह मे डाल दिया और उसके मुँह में ही अपना वीर्य निकालने लगा साली सारा वीर्य घटक गई। और लंड को चाट् के साफ कर दी और मेरी ओर देख के शर्मा गई मैं उसकी हौसला बढ़ाने के लिए बोला वाह मेरी शेरनी बहन तुम्हारी जैसी बहन अल्लाह सभी भाई को दे तुम्हारी आगे शेरनी भी फेल है बहन.
इतना तारीफ सुन के रूबिका मुस्कुराते हुए मेरे से लिपट गई उसके बाद हम कुछ देर और सोए रहे. फिर करीब आठ बजे रुखसाना दीदी जान उठ गई और हम दोनों भाई बहन भी उठ गए और अपने अपने कपड़े पहन लिए और बाहर आ गये. रूबिका चाय नाश्ता बनाने किचन में घुस गई. “Hijabi Sister Ki Chudai”
तभी रुखसाना दीदी जान मेरे पास आई और मेरे लंड को सहलाते हुए बोली भाई जान कैसी लगी छोटी बहन की जवानी. मैं कुछ बोलता तभी रूबिका बोली दीदी जान चीनी कहा है. दीदी जान बोली उपर वाला रेंक में है देख. रूबिका बोली हाँ मिल गई. दीदी जान मुस्कुराते हुए मुझे बोली एक रात में ही उसको चीनी नही मिल रही पता नहीं आगे क्या होगी.
और धीरे से घुटनों पर बैठ गई और मेरा लुंगी खोल दी. नीचे मैं कुछ नही पहना था मेरा लंड देखते ही दीदी जान बोली हे अल्लाह ये क्या ये तो पूरे लंड पे दांत लगी हुई हैं क्या भाई जान पहली रात में लंड भी चुसवा दिया. मैं हँसते हुए दीदी जान रूबिका क्या लंड चुस्ती है उसके आगे चालीस साल की औरत भी फेल हो जायेगी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
दीदी जान इतरा के बोली क्या मैं अच्छी नही चूसती. मैं लंड को दीदी जान की मुह में डाल के अंदर घुसाते हुए बोला दीदी जान तुम तो उसकी बड़ी बहन हो तुम भी अच्छी चूसती हो. दोस्तों जब तक रूबिका चाय बनाई तब तक रुखसाना दीदी जान लंड चुस के एक बार वीर्य पी गई.
वीर्य पीने के बाद दीदी जान किचन मे जाने लगी तभी रूबिका चाय लेके आई. हम तीनो भाई बहन साथ मे चाय पीने लगे उसके बाद बारी बारी से नहाने का बारी आई. सबसे पहले दीदी जान गई नहा के एक तौली लपेट के बाहर आई तभी रूबिका अपने कपड़े लेके बाथरूम में चली गई.
मैं तुरंत दीदी जान की रूम मे गया दीदी जान अभी भी टावल लपेट के अपनी बाल सुखा रही थी. मैं दबे पाँव पीछे से दीदी को पकड़ के सीधे बेड पर लेट गया. अचानक हुए हमले से दीदी जान की टावल खुल के नीचे गिर गया अब दीदी जान नंगी मेरे साथ बेड पर थी. “Hijabi Sister Ki Chudai”
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मैं भी तुरंत लंड दीदी जान की चूत मे पेल दिया और जोर जोर से पेलने लगा. दीदी जान भी मेरा साथ देने लगी रूबिका के आने से पहले ही दीदी जान की चूत मे वीर्य डाल दिया और चिपक के दीदी जान से बोला दीदी जान एक बात बताओ क्या अम्मी जान को मन नही करता है अब्बू दुबई में है ओ तीन साल में एक महीने के लिए आते हैं.
तभी दीदी जान मुस्कुराते हुए मेरी आँखों में देखती हुई बोली लगता हैं अब अम्मी पर नजर जा रही हैं. मैं भी हँसते हुये अरे नही दीदी जान जिसकी दो दो जवान बहन चुदाई के लिये अल्लाह ने दिया हो उसको भला चालीस साल की बुढी औरत को क्यो चोदना चाहेगा.
तभी दीदी जान बोली वो कुछ अलग ही जगह करेगी इतने ही देर मे रूबिका की आने की आहट हुई. दीदी जान तुरंत टावल उठा के लपेट ली और मैं बाहर चला गया. थोड़ी देर में दीदी जान तैयार हो के बुरका पहनकर बाहर आई और बोली रूबिका मैं सब्जी लाने मंडी जा रहा हु.
दोस्तों इतना सुनते ही मैं बाथरूम मे चला गया और सारे कपड़े खोल के शावर चालु कर दिया. दीदी जान के बाहर निकलते ही मैं रूबिका को आवाज दिया रूबिका जान मेरा कपड़ा दे दो मैं नहा रहा हूँ. दोस्तों रूबिका शायद नंगी थी वो आवाज सुनते ही एक बुरका पहन ली और मेरा कपड़ा ले के आई मुझे आवाज लगाई भाई जान ये लो अपना कपड़ा.
मैं बाथरूम का गेट खोला और रूबिका को अंदर खींच लिया. दोस्तों उसकी बुर्का गीली हो गई मैं बाथरूम का गेट बंद कर दिया. रूबिका नशीली निगाहों से मुझे देखी और अपनी बुर्का खोलते हुए बोली भाई जान मैं कही भागी नही जा रही हूँ अब तो रोज दूँगी ये खतम होने वाली नही है थोड़ा सबर रखो. “Hijabi Sister Ki Chudai”
अब तक रूबिका नंगी हो चुकी थी रूबिका तुरंत घुटनों के बल बैठ गई और मेरा लंड पकड़ के होठ रख दी. फिर धीरे धीरे पुरा लंड मुह में लेने लगी अभी अभी जवानी चढ़ी थी पुरा मजा उठा रही थी. थोड़ी देर लंड चुसवाने के बाद मैं रूबिका को डॉगी बनाया और फौव्वारा चालू कर दिया लंड को चूत मे घुसाया और पेलने लगा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रूबिका भी साथ दे रही थी इस डॉगी पोज में मेरा पुरा लंड रूबिका की चूत में घुस रहा था. रूबिका भी यह आह उह ओह कर रही थी पुरा मज़ा ले रही थी. पुरा चूत की कचुम्बर बना रहा था तभी मुझे रूबिका की पतली छेद यानी की उसकी गांड दिखा.
मैं लंड को एकाएक चूत से बाहर निकाला और रूबिका की गांड पर सेट किया और उसकी पतली कमर पकड़ के जोर लगा दिया एक पूक की आवाज आई. और अगले पल रूबिका जोर से चिल्लाई और रोने लगी वो भी जोर जोर से मैं रूबिका की मुह बंद किया फिर भी वो छटपटा रही थी और बोल रही थी भाई जान गांड से लंड निकाल लो नही तो मैं मर जाऊंगी. “Hijabi Sister Ki Chudai”
मैं रूबिका की हल देख के लंड निकाल दिया रूबिका तुरंत मेरी ओर घूम गई और रोते हुए मेरे सीने पर मुक्का मारने लगी. और बोली आज तो आपने मुझे मार ही देते भाई जान अल्लाह का देन है जो मैं बच गई भाई जान अभी मेरी एज अठारह साल की है और आप मेरी गांड मरने चले थे, पीछे से बड़ी उम्र की औरत कराती हैं भाई जान जिस औरत को तीन चार बच्चे हो गया हो वो सब औरत पीछे से कराती हैं क्यों की उनकी चूत ढीली हो जाती हैं अभी तो मेरी चूत इतनी टाइट है की उसी में लेने में मर रही हूँ.
मैं मुस्कुराते हुए बोला अरे मेरी अम्मी तुम इतना कैसे जानती है तब रूबिका शर्मा गई और बोली ये सब मैं अम्मी जान और उनकी सहेली के बीच हुई बात से सुनी हु. मैं भी रूबिका को गोद में उठाया और लंड चूत में सेट किया और चोदने लगा. रूबिका कांप रही थी शायद बेचारी की गांड दर्द कर रही थी लेकिन चूत चुदाई से पीछे नही हट रही थी.
रूबिका सच मे एक बहादुर लड़की थी मैं पोज चेंज कर कर के रूबिका को आधा घंटा चोदा और वीर्य निकालने वाला हुआ. तभी रूबिका लंड को मुंह में डाल ली और सारा वीर्य पी गई फिर साथ मे नहाये जब मेरी नजर रूबिका की चूत पर गई. दोस्तो सच मे बेचारी की चूत की चटनी बना दिया था.
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रूबिका ने मुझे अपनी चूत को देखते हुए मुझे देखी और बोली भाई जान अब तो जगह बना दिये और हँसने लगी. तभी दीदी जान बेल बजाई रूबिका तुरंत एक पुरानी बुर्का पहन ली और गेट खोलने चली गई. रूबिका की चाल देख के दीदी जान सब समझ गई और जब हम दोनों अकेले हुए तभी दीदी जान बोली कर दिया उसकी पीछे से.
मैं मुस्कुराते हुए अरे नही दीदी जान अभी ट्राई किया की रोने लगी फिर निकाल लिया. दीदी जान मुस्कुराते हुए बोली उसकी चाल देख के ही मैं समझ गई की तु जरूर पीछे किया होगा. मैं दीदी जान को सब बात बता दिया तब दीदी जान बोली आने दे अम्मी जान को फिर अम्मी जान पर ट्राई कर लेना शायद अम्मी जान मान जाए. दोस्तों इस कहानी का अगला भाग बहुत जल्द होगा.
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