Boy Fuck Mature Lady
नमस्कार दोस्तों, ये मेरी पहली सेक्स कहानी है। मेरा नाम शोभित है। अभी मेरी उम्र 24 साल है। मैं दिखने में गोरा हूं, चेहरा साफ-सुथरा और आकर्षक है, अच्छी कटिंग वाली दाढ़ी रखता हूं जो मुझे थोड़ा मर्दाना लुक देती है। जिम रेगुलर जाता हूं, इसलिए बॉडी हट्टी-कट्टी और मजबूत है – कंधे चौड़े, छाती उभरी हुई, पेट में हल्की सिक्स पैक की लकीरें, और हाथ-पैरों में अच्छी मसल्स। Boy Fuck Mature Lady
पाठिकाओं की सबसे ज्यादा उत्सुकता जिस चीज को जानने की रहती है, वो मैं बता देता हूं – मेरा लंड 6.5 इंच लंबा है, खड़ा होने पर सीधा और मोटा, मोटाई भी अच्छी खासी है, जो किसी भी औरत को पूरी तरह संतुष्ट करने के लिए काफी है, और जब खून भरता है तो वो और भी सख्त हो जाता है, नसें उभर आती हैं।
मैंने अब तक बहुत सारी सेक्स कहानियां पढ़ी हैं, और आज भी पढ़कर लंड हिलाने का मजा लेता हूं। लेकिन जब मेरी खुद की एक रसीली और सच्ची कहानी बन गई, तो मैंने सोचा कि इसे सबके साथ शेयर करना चाहिए। ये कहानी है एक हॉट विधवा टीचर आंटी की, जिन्होंने मुझे अपना किराएदार बनाकर पहले दोस्ती की, फिर प्रेमिका बन गईं और आखिर में अपनी चूत मेरे लंड से भरवाकर वासना की आग बुझाई।
मैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए ओडिशा गया था। हॉस्टल मिल गया था, लेकिन वहां का माहौल मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आया। खाना ठीक नहीं लगता था, नींद पूरी नहीं होती थी, मन उदास-उदास रहता था, दोस्तों से भी ज्यादा घुलमिल नहीं पाया। दो हफ्ते में ही मैंने डैड को फोन करके सब कुछ बता दिया।
उन्होंने कहा, “हॉस्टल छोड़ दे बेटा, बाहर अच्छा सा रूम ले ले, जहां तुझे आराम मिले।”
मैंने तुरंत हॉस्टल छोड़ा और करीब एक किलोमीटर दूर एक अच्छा सा रूम किराए पर लिया। ये मकान एक प्राइवेट स्कूल की टीचर का था। मेरे एक दोस्त ने मुझे उनसे मिलवाया था, उसने कहा था कि मैडम बहुत अच्छी हैं और घर साफ-सुथरा रखती हैं। मकान मालकिन से बात हुई तो पता चला कि वो अकेली रहती हैं।
उनका बेटा बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता है और वहीं रहता है, साल में छुट्टियों में ही घर आता है। उनका नाम रश्मि था। उम्र करीब 40 साल की थी, लेकिन दिखने में 28-30 की लगती थीं – चेहरा गोरा, आंखें बड़ी-बड़ी और गहरी, होंठ गुलाबी और मोटे, बाल लंबे और काले। उनका फिगर कमाल का था – 34-32-36।
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : मौसी को चोद कर सेक्स करना सिखा
भरे हुए तने हुए मम्मे जो ब्लाउज में उभरे रहते थे, पतली कमर जो देखकर मन करता था पकड़ लूं, और गोल-मटोल गठीली गांड जो चलते वक्त लहराती थी। उनकी थिरकन देखकर ही लंड में सनसनी होने लगती थी, कई बार तो बस देखते-देखते ही खड़ा हो जाता था।
मैंने रूम देखा, अच्छा लगा – हवादार, साफ, और अलग बाथरूम। बात की तो उन्होंने साफ-सफाई रखने, रात 10 बजे के बाद शोर न करने, और किराया हर महीने पहले हफ्ते में देने की शर्त रखी। मैंने सब मान लिया, क्योंकि मुझे भी यही चाहिए था।
उन्होंने पूछा, “कब से रहना शुरू करना है?”
मैंने बिना सोचे कहा, “अभी से,” और चाभी मांग ली। मेरा कमरा ऊपर था, जहां कई और किराएदार थे, लेकिन वो सबसे ऊपर वाला था – सबसे ज्यादा प्राइवेसी वाला। वो दिन रविवार था, मैंने पूरा दिन कमरा साफ किया, सामान व्यवस्थित रखा, बिस्तर सेट किया, शाम को अच्छे से नहाया और फिर छत पर टहलने चला गया।
इयरफोन लगाकर अपना फेवरेट गाना सुन रहा था, हल्की हवा चल रही थी, मौसम सुहाना था, मैं बस आंखें बंद करके रिलैक्स कर रहा था, तभी किसी ने मेरे कान का एक इयरफोन हटा दिया। पीछे मुड़कर देखा तो रश्मि आंटी खड़ी थीं। साड़ी पहने हुए, हल्की मुस्कान के साथ, उनकी आंखें चमक रही थीं।
मुस्कुराकर बोलीं, “कितनी देर से आवाज लगा रही हूं शोभित, तुम्हें सुनाई नहीं दे रहा? कितना तेज वॉल्यूम है तुम्हारा!”
मैंने शर्मा कर इयरफोन निकाला और कहा, “सॉरी मैडम, आदत है वॉल्यूम तेज रखने की, गाना अच्छा लग रहा था तो…” फिर वो मेरे पास आकर खड़ी हो गईं और मेरे बारे में सब पूछने लगीं – घर कहां है, पढ़ाई क्या है, फैमिली क्या करती है, भाई-बहन हैं या नहीं, सब कुछ।
मैं नजरें झुकाकर जवाब देता रहा, थोड़ा नर्वस हो रहा था क्योंकि वो इतने करीब थीं कि उनकी परफ्यूम की खुशबू आ रही थी। फिर उन्होंने अपने बारे में बताया – पति की तीन साल पहले एक्सीडेंट में मौत हो गई, बेटा बोर्डिंग में है, वो अकेली रहती हैं, दिनभर स्कूल में पढ़ाती हैं और शाम को घर लौटती हैं। बताते-बताते उनकी आवाज भारी हो गई, आंखें नम हो गईं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने तुरंत कहा, “सॉरी मैडम, मुझे नहीं पता था…”
मौसम अच्छा था, हल्की ठंडक आ रही थी, मैंने टॉपिक चेंज करने के लिए कहा, “मैडम, मौसम कितना अच्छा है ना आज।” वो हंसकर बोलीं, “हां, भुवनेश्वर में तो ऐसा ही रहता है, तुम नए हो ना, आदत हो जाएगी। चलो, नीचे चलो, तुम्हें चाय पिलाती हूं।” मैं उनके साथ नीचे उनके फ्लैट में गया।
वो किचन में गईं, चाय बनाईं, और दो कप लेकर आईं। हम सोफे पर बैठे, चाय पीते हुए घंटों बात हुई – मेरी पढ़ाई से लेकर उनकी टीचिंग की बातें, शहर की लाइफ, फिल्में, यहां तक कि हल्की-फुल्की राजनीति भी। वो बहुत खुलकर बात कर रही थीं, हंस रही थीं, और मैं भी आराम महसूस कर रहा था।
रात काफी हो गई थी, घड़ी में 10 बज चुके थे, तो मैं उठा और बोला, “मैडम, अब मुझे जाना चाहिए।” जाते वक्त वो बोलीं, “तुमसे बात करके बहुत अच्छा लगा शोभित, तुम बहुत अच्छे और समझदार लड़के हो। अपना नंबर दे दो, व्हाट्सएप पर बात करेंगे, कभी जरूरत पड़े तो बता देना।”
चुदाई की गरम देसी कहानी : कोमल ने विधवा जेठानी को सेक्स सर्विस दिलाया
मैंने अपना नंबर दिया, वो मुस्कुराईं और मैं कमरे में आ गया। धीरे-धीरे व्हाट्सएप पर चैट शुरू हुई। पहले तो बस नॉर्मल बातें होतीं, जैसे दिन कैसा बीता, पढ़ाई कैसी चल रही है, मौसम की चर्चा। फिर धीरे-धीरे हल्के-फुल्के नॉनवेज जोक्स आने लगे, जैसे कोई डबल मीनिंग वाली बात या मजाकिया कमेंट।
वो हंसने वाली स्माइलीज भेजतीं, कभी-कभी शरमाती हुई वाली इमोजी भी। रोज सुबह गुड मॉर्निंग का मैसेज आता, रात को गुड नाइट के साथ थोड़ा प्यार भरा टच। ऐसे ही एक पूरा महीना बीत गया। मैंने किराया ठीक समय पर दे दिया, वो बहुत खुश हो गईं, बोलीं, “तुम सच में बहुत अच्छे लड़के हो शोभित।”
अब छत पर मिलना हमारा रोज का रूटीन बन गया था, घंटों बातें करते, हंसते, कभी-कभी चुपचाप एक-दूसरे को देखते रहते। एक दिन वो किसी रिश्तेदार के यहां चली गईं। रात को अचानक उनका फोन आया। मैंने हैलो कहा तो उनकी आवाज में थोड़ी सी कंपकंपी थी, “शोभित… तुम्हें बहुत मिस कर रही हूं।”
दिल धड़क गया मेरा। पंद्रह मिनट फोन पर बात हुई, फिर बोलीं, “यहां लोग हैं, व्हाट्सएप पर आ जाओ।” वहां चैट शुरू हुई, दिल वाले इमोजी, किस वाले, कभी-कभी वो लिखतीं “मुझे तुम्हारी याद आ रही है बहुत”। मुझे भी अच्छा लग रहा था, लेकिन अभी कुछ समझ नहीं आ रहा था।
अगले दिन रात ठीक 8 बजे उनका मैसेज आया, “शोभित, मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूं।” मैंने तुरंत लिखा, “बोलो रश्मि…”। फिर उनका लंबा मैसेज आया। वो बता रही थीं कि पति के जाने के बाद कितनी अकेली हैं, कितनी वासना दबी हुई है, और अब मेरे साथ बात करके उन्हें लगता है कि मैं वो हूं जिसके साथ वो सब शेयर करना चाहती हैं।
वो मुझे प्रपोज कर रही थीं, “मैं तुम्हें बहुत पसंद करने लगी हूं, क्या तुम भी…”। मैं पढ़कर हैरान रह गया, दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। कुछ देर सोचा, फिर लिख दिया, “लव यू टू मेरी जान…”। मैडम ने तुरंत रिप्लाई किया, “मैं सुबह आ रही हूं।” अगला दिन संडे था।
मैं सुबह फ्रेश होकर कमरे में बैठा मोबाइल चला रहा था। तभी पीछे से किसी ने मुझे हग कर लिया। मुड़कर देखा तो रश्मि मैडम थीं। उन्होंने मेरे गाल पर एक प्यार भरा किस दे दिया। मैं गदगद हो गया। उन्होंने दरवाजे की तरफ देखा, मैं समझ गया, उठकर दरवाजा लॉक कर दिया। हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में समा गए।
उन्होंने मेरे दोनों गालों पर खूब सारे किस किए, होंठ मेरे गालों पर फिरते रहे। मैं उनके होंठों का इंतजार कर रहा था, लेकिन वो अभी गालों तक ही सीमित थीं। फिर वो मेरी गोद में सर रखकर लेट गईं। हम बातें करने लगे, लेकिन अब बातों में प्यार ज्यादा था। अचानक वो उठीं, मेरी कमर में अपनी टांगें लपेटकर मेरे ऊपर बैठ गईं।
उनके होंठ मेरे होंठों से टकराए। गहरा किस शुरू हुआ, उनकी जीभ मेरे मुंह में घुसी, मैंने भी जवाब दिया। शहद जैसा मीठा स्वाद, सांसें तेज, होंठ चूसते-चूसते लार मिल गई। मेरा हाथ उनकी कमर से नीचे सरका, साड़ी के ऊपर से उनकी गोल-मटोल गांड को मसलने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने धीरे-धीरे मसलना शुरू किया, फिर जोर से दबाया। वो सिसकारी भर रही थीं। लगभग 15 मिनट तक हम ऐसे ही किस करते रहे। फिर उनका हाथ मेरे पैंट के अंदर चला गया। उन्होंने मेरे लंड को पकड़ा, धीरे-धीरे मसलने लगीं। मेरा लंड तुरंत फड़फड़ा उठा, सख्त होकर खड़ा हो गया। वो भी पूरी तरह आग में थीं, उनकी सांसें तेज हो गईं।
हम थोड़ा अलग हुए। वो उठकर अपनी साड़ी उतारने लगीं। ब्लाउज के बटन खोले, साड़ी नीचे सरकी। मैंने भी अपनी टी-शर्ट और पैंट उतार दी। वो अब सिर्फ काली ब्रा और पैंटी में थीं। ब्रा में उनके 34 के मम्मे उभरे हुए लग रहे थे, पैंटी में चूत की गोल उभार साफ दिख रही थी। वो आगे आईं, मुझे जोर से हग किया।
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : मैंने मेरी भाभी को जीजू से चुदते हुए देखा
फिर से गहरा किस। मैंने उनकी ब्रा का हुक खोला, ब्रा उतारी। मम्मे पूरी तरह आजाद हो गए, गुलाबी निप्पल्स तने हुए। मैंने उन्हें पलंग पर धीरे से लिटाया। ऊपर चढ़ गया। एक मम्मे को मुंह में लिया, जीभ से निप्पल घुमाया, चूसा। दूसरे मम्मे को हाथ से दबाने लगा। “Boy Fuck Mature Lady”
वो सिसकार रही थीं, “आह्ह… जान… लव यू… चूसो जोर से… ओह्ह…” मैंने मम्मों को बारी-बारी चूसा, निप्पल्स को हल्का काटा। फिर उनके माथे पर किस किया, नाक पर, गालों पर, गर्दन पर चूमते हुए नीचे आया। पेट पर एक जोरदार किस, वो सिहर उठीं। मैं और नीचे गया। उनकी पैंटी पर हाथ फेरा, फिर किनारों से पकड़कर धीरे-धीरे नीचे सरकाया।
वो अपनी गांड उठा रही थीं ताकि आसानी से उतरे। पैंटी उतारकर कुर्सी पर फेंक दी। अब वो पूरी नंगी थीं। उनकी चूत पर छोटे-छोटे बाल, गुलाबी स्लिट चमक रही थी। मैंने चूत पर होंठ रखकर जोरदार किस किया। वो गांड उछालने लगीं। फिर जीभ निकालकर स्लिट पर फेरा, क्लिट को हल्का चूसा।
वो कांप रही थीं, “ओह्ह… शोभित… और अंदर डालो जीभ… आह्ह… कितना अच्छा लग रहा है…” मैंने जीभ अंदर डाली, चूत की दीवारों को चाटते हुए जीभ को घुमाया, फिर क्लिट को होंठों में लेकर हल्के से चूसा और साथ ही एक उंगली चूत के मुंह में डालकर धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।
उनकी चूत पहले से ही बहुत गीली थी, लेकिन अब रस और तेजी से बहने लगा, मेरे मुंह पर टपक रहा था। मैं जीभ से हर बूंद चाट रहा था, चूत की सारी खुशबू और स्वाद ले रहा था। वो कमर उठा-उठाकर गांड हिला रही थीं, हाथों से मेरे बाल पकड़कर सर को अपनी चूत पर दबा रही थीं।
“आह्ह… हाय राम… शोभित… और जोर से चूसो… क्लिट को चूसो… ओह्ह… मैं पागल हो रही हूं… आह्ह… उंगली और अंदर डालो…” उनकी आवाज कांप रही थी, सिसकारियां तेज हो गई थीं। मैंने दूसरी उंगली भी डाली, दोनों उंगलियों से चूत को फैलाते हुए अंदर-बाहर किया, क्लिट को जीभ से तेजी से रगड़ा। “Boy Fuck Mature Lady”
वो पूरी तरह तन गईं, पैर कांपने लगे, “आह्ह… ओह्ह… बस… और नहीं… मैं… आह्ह…” दो-तीन मिनट में ही वो हिल-हिलाकर झड़ गईं, चूत से गरम रस मेरे मुंह में बहा। मैं सब पी गया, चूत को अच्छे से चाटकर साफ किया। वो हांफ रही थीं, आंखें बंद, चेहरा लाल। फिर अचानक वो उठ बैठीं, मेरी चड्डी को जोर से खींचकर उतार दिया।
मेरा लंड पहले से ही खड़ा और फड़फड़ा रहा था। उन्होंने उसे हाथ में पकड़ा, ऊपर-नीचे देखा, “वाह… कितना सख्त और मोटा है… इतना सुंदर लंड… मुझे पहले ही पता था…” धीरे-धीरे हिलाने लगीं, अंगूठे से टिप पर रगड़ती हुईं, फिर जीभ निकालकर टिप चाटी। मैं सिहर उठा, “आह… रश्मि… अच्छा लग रहा है…”
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : प्यासी शादीशुदा औरत मेरी गर्लफ्रेंड बन गई
फिर उन्होंने पूरा लंड मुंह में ले लिया, होंठों से कसकर पकड़ा और धीरे-धीरे गले तक ले गईं। ग्ग्ग्ग… गी… गी… गों… गोग… गले से आवाज आ रही थी, लार टपक रही थी। मैंने उनके सर को दोनों हाथों से पकड़ा, धीरे-धीरे कमर हिलाकर लंड अंदर-बाहर करने लगा। “आह… चूसो मेरी जान… पूरा लौड़ा खा जाओ… अच्छे से चूसो… जीभ घुमाओ… ओह्ह… कितना मजा आ रहा है…”
वो और जोर से चूसने लगीं, एक हाथ से अंडकोष सहलाती हुईं, दूसरा मेरी जांघ पर। कुछ देर बाद वो रुकीं, मुंह से लंड निकाला, लार से चमकता हुआ लंड देखकर मुस्कुराईं और बोलीं, “अब कबड्डी खेलते हैं।” मैंने हां में सिर हिलाया। वो मुझे धक्का देकर पीठ के बल लिटाया, फिर मेरे ऊपर चढ़ गईं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
लंड को हाथ में पकड़ा, चूत की स्लिट पर रगड़ा, क्लिट पर टिप घुमाया। वो सिहर उठीं, “आह… कितना गरम है…” फिर धीरे से कमर नीचे की, लंड का टिप चूत में गया। “आह्ह्ह… ओह्ह… कितना मोटा है… धीरे…” वो थोड़ा रुककर फिर नीचे बैठीं, लंड आधा अंदर गया। फिर एक जोरदार धक्का देकर पूरा अंदर ले लिया। “Boy Fuck Mature Lady”
“आह्ह्ह… पूरी भर गई… ओह्ह… कितना अच्छा लग रहा है…” उनकी चूत गरम, गीली और टाइट थी, लंड को कसकर पकड़ रही थी। वो धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगीं, पहले धीमी रफ्तार, लंड को पूरी तरह अंदर-बाहर महसूस करती हुईं। फिर स्पीड बढ़ाईं, कमर घुमाकर, गांड ऊपर-नीचे करके।
उनके मम्मे उछल रहे थे, मैंने दोनों हाथों से पकड़कर दबाए। वो कराह रही थीं, “आह… जान… कितना मजा… ले रहा है… और तेज… आह्ह…” 10 मिनट तक वो ऐसे ही चुदाई करती रहीं, स्पीड और तेज होती गई। आखिर में वो जोर से कांपीं, चूत सिकुड़ने लगी, “आह्ह… मैं झड़ रही हूं… ओह्ह… ले लो सब… आह्ह…” उनका रस लंड पर बहा, वो हांफती हुई रुक गईं।
मैंने उन्हें नीचे लिटाया, मिशनरी पोजिशन में। उनकी टांगें कंधों पर रखीं, लंड चूत पर टिकाया और एक झटके में पूरा अंदर डाल दिया। “आह… रश्मि… तेरी चूत कितनी गरम और टाइट है… ले…” जोर-जोर से धक्के मारने लगा, हर धक्के में पूरा लंड अंदर-बाहर।
वो बिस्तर की चादर पकड़ रही थीं, “हां… पेलो जोर से… आह्ह… मेरी जान… और गहरा… ओह्ह…” मैं उनकी कमर पकड़कर तेजी से पेलता रहा, मम्मे उछल रहे थे, उनकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं। 5 मिनट बाद मेरी भी क्लाइमैक्स आई, मैंने जोर से धक्का मारा और चूत के सबसे अंदर झड़ गया।
“आह्ह… ले मेरी जान… सब ले ले… ओह्ह…” गरम रस चूत में भर गया, वो भी फिर से हल्के से कांपीं। रात को दो बजे मेरी नींद खुली। महसूस हुआ लंड गीला-गीला है, कुछ नरम-नरम स्पर्श हो रहा है। देखा तो रश्मि मैडम मेरे लंड को चूस रही थीं, धीरे-धीरे जीभ फेर रही थीं, टिप को होंठों से चूम रही थीं। “Boy Fuck Mature Lady”
मैं आंख बंद करके लेटा रहा, उनके सर को प्यार से सहलाता रहा। मुझे जगा हुआ पता चल गया तो वो मुस्कुराईं और और जोर से चूसने लगीं, पूरा लंड मुंह में लेकर गले तक। जल्दी ही लंड फिर पूरी तरह सख्त और खड़ा हो गया। वो बोलीं, “अब हॉर्स राइडिंग करो।”
वो घोड़ी बन गईं, घुटनों और हाथों के बल। मैंने पीछे से उनकी चूत पर लंड टिकाया, धीरे से अंदर डाला। “आह… फिर से कितनी गरम है…” धीरे-धीरे शुरू किया, फिर कमर पकड़कर स्पीड बढ़ाई। उनके दूध नीचे लटक रहे थे, मैंने एक हाथ से आगे बढ़ाकर दबाए, दूसरे से गांड थपथपाई।
“आह्ह… रश्मि… तेरी गांड कितनी मुलायम और गोल… ले… और ले…” हर धक्के में गांड हिल रही थी, थप-थप की आवाज आ रही थी। वो कराह रही थीं, “हां… पेलो जोर से… आह्ह… मेरी जान… और गहरा… ओह्ह…” मैंने स्पीड और बढ़ाई, लंड पूरी ताकत से अंदर-बाहर।
15 मिनट बाद मेरी सांसें तेज हो गईं, मैंने जोर से धक्के मारे और फिर से चूत के अंदर झड़ गया। “आह्ह… ले… सब ले…” रस चूत में भर गया, वो भी हांफती हुई लेट गईं। सुबह के करीब चार बजे हम दोनों की चुदाई खत्म हो चुकी थी। हम नंगे ही बिस्तर पर लेटे हुए थे, सांसें अभी भी तेज चल रही थीं।
रश्मि मैडम मेरे सीने पर सर रखकर लेटी हुई थीं, उनकी एक टांग मेरी कमर पर पड़ी हुई थी। उनकी चूत से हमारा मिला-जुला रस अभी भी धीरे-धीरे बह रहा था, बिस्तर की चादर पर गीला धब्बा बन गया था। मैं उनके बालों में उंगलियां फेर रहा था, वो हल्के-हल्के मेरी छाती पर किस कर रही थीं। “Boy Fuck Mature Lady”
“जान… आज बहुत मजा आया,” वो फुसफुसाकर बोलीं, उनकी आवाज में अभी भी वासना की थकान थी। “तुम्हारा लंड… सच में कमाल का है।” मैंने मुस्कुराकर उनके माथे पर किस किया और कहा, “रश्मि… तुम्हारी चूत ने तो मुझे पागल कर दिया। इतनी गरम, इतनी टाइट… फिर भी सब सह गई।”
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : नौकरी बचाने के लिए पत्नी को बॉस से चुदवाया
वो हंसकर मेरे होंठों पर एक आखिरी गहरा किस कर दिया, जीभ मिलाकर, जैसे सब कुछ याद कर लेना चाहती हों। फिर धीरे से वो उठीं। नंगी ही बिस्तर से उतरीं, उनकी गोल-मटोल गांड हिल रही थी। मैंने पीछे से उनकी कमर पकड़कर एक बार फिर अपनी ओर खींचा, उनकी गांड मेरे लंड पर रगड़ी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वो सिहरकर बोलीं, “बस अब… सुबह हो जाएगी, मुझे जाना होगा।” मैंने उनकी गांड पर हल्का थप्पड़ मारा, “जाओ… लेकिन याद रखना, अगली बार और जोर से करूंगा।” वो मुस्कुराईं, अपने कपड़े उठाए – पहले ब्रा पहनी, फिर पैंटी चढ़ाई, जिस पर अभी भी हमारा रस लगा था। साड़ी लपेटी, बाल ठीक किए और मेरी तरफ देखकर बोलीं, “गुड नाइट मेरी जान… या कहूं गुड मॉर्निंग?”
मैं हंस पड़ा। वो दरवाजे की तरफ गईं, पीछे मुड़कर एक आखिरी किस की उड़ती हुई एयर किस दी और धीरे से दरवाजा खोलकर बाहर निकल गईं। दरवाजा बंद होने की हल्की आवाज आई, और कमरा फिर से शांत हो गया। मैं बिस्तर पर लेटा रहा, उनके खुशबू से भरा हुआ, लंड अभी भी हल्का सख्त था। सोच रहा था कि अब ये रोज का सिलसिला बन गया है।
अब जब मन करता, मैं उनके कमरे में जाता, चुदाई करता। कभी वो मेरे कमरे में आ जातीं, कभी मैं नीचे चला जाता। रात के अंधेरे में, बिना किसी को पता चले, हम अपनी वासना की आग बुझाते। कभी जल्दी-जल्दी, कभी घंटों तक। लेकिन हर बार उतना ही मजा, उतनी ही सिसकारियां, उतना ही प्यार।
दोस्तों आपको ये Boy Fuck Mature Lady की कहानी मस्त लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………….
Discover more from Crazy Sex Story
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Rohit says
Maharashtra me kisi girl, bhabhi, aunty, ya kisi vidhava ko maze karni ho to connect my whatsapp number 7058516117 only ladie
Romeo says
Hii Sexy Girls and Ladies mujhe Apni Sexual Lust and Needs ke liye ek Sexy chudakkad Females Partner ki jarurat hai jo bhi Females Chudna chahti hai wo msg kro. Telegram @Romeo7ak