Desi Incest Erotic Story
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम दिनेश है। आज मैं आपको अपनी जिंदगी की एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ, जो मेरे साथ घटी थी। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ मेरे साथ हो सकता है। यह कहानी मेरी चाची पर आधारित है, जिसमें मैंने अपनी बातों से उन्हें अपनी ओर आकर्षित किया और फिर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। मैंने उनके सेक्सी शरीर का भरपूर मजा लिया। Desi Incest Erotic Story
शुरुआत में यह सिर्फ एक संयोग था, लेकिन बाद में यह हमारी एक जरूरत बन गई। हमने वह सब किया जो हमें शारीरिक और मानसिक शांति दे सके। अब मैं आपको इस घटना को विस्तार से बताता हूँ। वैसे, मैं लंबे समय से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ, इसलिए मुझे उम्मीद है कि यह कहानी आपको भी जरूर पसंद आएगी, क्योंकि यह मेरी खुद की जिंदगी से जुड़ी हुई है।
दोस्तों, यह बात करीब दो-ढाई साल पहले की है, जब मैं अपने चाचा के घर गया हुआ था। वहाँ हमारे किसी करीबी रिश्तेदार की शादी थी। मेरे घरवाले, चाचा और मेरे कजिन भाई-बहन सब शादी की तैयारियों और कामों के लिए बाहर गए हुए थे। उस दिन घर पर सिर्फ मैं और मेरी हेमा चाची अकेले थे।
मैं हमेशा सुबह देर से उठता हूँ, इसलिए किसी ने मुझे जगाया नहीं। मैंने उठकर नहाया नहीं था, क्योंकि मुझे देर से नहाने की आदत है। शायद चाची भी घर के कामों में व्यस्त होने की वजह से नहाई नहीं थीं। उनकी उम्र उस समय करीब 37 साल की होगी। वो पतली-दुबली हैं, लेकिन बहुत फुर्तीली और चुस्त-दुरुस्त हैं।
दोस्तों, मेरी हेमा चाची के स्तन ज्यादा बड़े नहीं हैं और न ही उनकी गांड बहुत उभरी हुई है, लेकिन वो दिखने में बेहद सेक्सी लगती हैं। उनका रंग दूध जैसा गोरा है, और वो बिल्कुल हॉट माल जैसी नजर आती हैं—ऐसी औरत जो किसी को भी अपनी ओर खींच ले।
उठने के बाद मैंने देखा कि घर में इधर-उधर कोई नहीं है। मैं टॉयलेट करने के लिए बाथरूम की ओर गया। उनके घर में टॉयलेट और बाथरूम पास-पास हैं। बाथरूम के दरवाजे के ऊपर हवा आने-जाने के लिए एक छोटी-सी जाली है, जिससे अंदर झाँकना आसान है—बस थोड़ा उछलकर देखा जा सकता है।
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : मेरी सगी जागृति चाची की चुदाई
मैंने यूँ ही जाली से अंदर झाँका कि देखूँ कौन है। उस समय बाथरूम की लाइट जल रही थी, लेकिन पहले तो मुझे कोई नजर नहीं आया। फिर ध्यान से देखा तो अंदर हेमा चाची पूरी नंगी जमीन पर गिरी पड़ी थीं। दोस्तों, उन्हें इस हालत में देखकर पहले तो मैं बहुत खुश हुआ—मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा।
लेकिन फिर मैं चौंक गया और सोचने लगा कि यह क्या हो गया? चाची मुझे पीठ की तरफ से दिख रही थीं, पूरी तरह नंगी। मैं थोड़ा जोश में आ गया था, लेकिन फिर टेंशन ने मेरा सारा जोश खत्म कर दिया। उनके बाल थोड़े-से पीठ पर बिखरे हुए थे, और उनकी पूरी पीठ नंगी थी।
उनके गोरे-गोरे स्तन भी पूरी तरह नंगे थे, और पैर भी—क्योंकि वो तो पूरी तरह नंगी थीं ही। मैंने मन ही मन सोचा कि अब क्या करूँ? बाथरूम और टॉयलेट के बीच में एक दीवार है, लेकिन वो पूरी ऊपर तक नहीं जाती—यानी थोड़ा ऊपर चढ़कर आसानी से एक तरफ से दूसरी तरफ जाया जा सकता है।
मैं टॉयलेट में गया, वहाँ एक मोटा पाइप था, जिसकी मदद से मैं ऊपर चढ़ गया और दीवार पर लटक गया। फिर मैंने दोनों हाथ छोड़ दिए और बाथरूम के अंदर कूद गया। मैंने तुरंत चाची को कंधों से पकड़कर थोड़ा सीधा किया। दोस्तों, इतने करीब से चाची को बिना कपड़ों के देखना मेरे लिए एक सपने जैसा था।
उनके स्तन बहुत आकर्षक लग रहे थे—गोरे, मुलायम और उभरे हुए। उनकी चूत उभरी हुई थी, और ऊपर घने बाल थे, जो उन्हें और भी सेक्सी बना रहे थे। उस दिन उन्हें पूरी नंगी देखकर मुझे सच में बहुत मजा आया। फिर मैंने गौर किया कि उनके माथे पर एक निशान था, और माथा सूज गया था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने अंदाजा लगाया कि शायद वो फिसलकर गिर गई होंगी। उस समय वो बेहोश थीं। अब मैंने जानबूझकर उन्हें कपड़े पहनाए बिना, पूरी नंगी ही उठाकर बाथरूम से बाहर निकाला। मैंने उन्हें अपनी गोद में उठाया और उनके बेडरूम में ले गया। उन्हें नंगी उठाते हुए मेरे हाथों में उनका नरम, गोरा शरीर महसूस हो रहा था।
ऊपर से नीचे तक उन्हें नंगी देखकर मुझे बेहद उत्तेजना हो रही थी। मेरा लिंग पूरी तरह खड़ा हो चुका था। इतने पास से वो सेक्सी नजारा देखना—उनके स्तन, कमर, जांघें, चूत—सब कुछ इतने करीब से देखकर मुझे मजा ही आ गया। मैं शब्दों में उसका वर्णन नहीं कर सकता, लेकिन वो पल मेरे लिए अविस्मरणीय था।
हर अंग इतना परफेक्ट लग रहा था कि बस देखते ही रहने का मन कर रहा था। फिर मैंने उन्हें नंगी ही बेड पर लिटा दिया। अब मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था कि कहीं कोई आ न जाए, लेकिन मेरे पास एक अच्छा बहाना था—कि चाची बाथरूम में गिर गई थीं। इसलिए कोई समस्या नहीं थी।
मैं फ्रिज से ठंडा पानी लाया और उनके पूरे शरीर को ध्यान से देखा कि कहीं और चोट तो नहीं लगी। सिर के अलावा कहीं नहीं दिखी। फिर मैंने उनके ऊपर ठंडा पानी डाला—जानबूझकर ज्यादा डाला, ताकि बेड गीला हो जाए। वैसे भी चाची पहले से गीली थीं, क्योंकि वो नहाने के दौरान गिरी होंगी।
पानी डालते ही चाची “आह्ह्ह्ह… आईईईईई…” करके दर्द से कराह उठीं और चौंक गईं। जब उन्होंने खुद को मेरे सामने पूरी नंगी देखा, तो वो हैरान रह गईं। चाची ने झट से बेडशीट खींचने की कोशिश की, लेकिन हम दोनों के बैठे होने से वो नहीं खिंच सकी।
मैंने पूछा, “चाची जी, आपको ज्यादा चोट तो नहीं लगी?”
चाची ने “नहीं” कहा और शर्म से अपने दोनों हाथ मुँह पर रख लिए। वो बोलीं, “मेरे कपड़े कहाँ हैं? मैं यहाँ कैसे पहुँची? और तुम यहाँ क्या कर रहे हो?”
मैंने कहा, “चाची, आप बाथरूम में गिर पड़ी थीं। मैंने आपको बाहर निकाला और बेडरूम में लाया। कपड़ों की बात है तो वो पहले से उतरे हुए थे। मैं अभी ले आता हूँ। प्लीज, आप थोड़ा आराम करो, आपको चोट लगी है।”
इतना कहकर मैं तुरंत उठा और बाथरूम में गया। वहाँ उनकी पैंटी, ब्रा, सलवार-कमीज टंगी हुई थीं—सब ले आया। जब तक मैं वापस पहुँचा, चाची ने बेडशीट को अपने गोरे बदन पर लपेट लिया था। फिर मैंने उनके पास जाकर उनसे कहा कि मुझे बाथरूम की तरफ से कुछ आवाज़-सी आई थी।
जब मैंने जाली से झाँका तो आप जमीन पर गिरी पड़ी थीं। इसलिए, न चाहते हुए भी मुझे उस दीवार पर चढ़कर कूदना पड़ा और आपको अपनी गोद में उठाकर यहाँ तक लाना पड़ा। चाची ने मेरी बात सुनकर सिर हिलाया और बोलीं, “हाँ, मैं फिसलकर नीचे गिर गई थी। और अब मैं इस हालत में तेरे सामने हूँ—पूरी नंगी।”
चुदाई की गरम देसी कहानी : सुन्दर हॉट भाभी को चोद ही दिया
उनकी आवाज़ में शर्म और घबराहट साफ झलक रही थी, लेकिन कहीं न कहीं एक अजीब-सी उत्तेजना भी महसूस हो रही थी। मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “कोई बात नहीं चाची, सब ठीक है। कभी-कभी ऐसा हो जाता है। लेकिन अब आप मुझे बताइए, सिर के अलावा कहीं और चोट तो नहीं लगी?”
चाची ने अपना सिर हिलाते हुए न में जवाब दिया और फिर शर्म से अपने दोनों हाथ मुँह पर रख लिए। वो बोलीं, “तू यह बात किसी को बताएगा तो नहीं? कि कुछ देर पहले घर में क्या हुआ था?” मैंने गंभीरता से कहा, “अगर आप कह रही हैं तो मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगा। आप चिंता मत कीजिए।”
चाची ने राहत की सांस ली, लेकिन फिर बोलीं, “मुझे बहुत शर्म आ रही है।”
मैंने पूछा, “ऐसा क्यों?”
चाची ने कहा, “वो सब कुछ तुझे पहले से ही पता है।”
मैंने मुस्कुराकर कहा, “क्यों, क्या इसलिए कि मैंने आपको देख लिया?”
अब चाची कुछ नहीं बोलीं, बस शर्म से आँखें नीची कर लीं। मैंने मौके का फायदा उठाते हुए कहा, “तो आप भी मुझे देख लो ना।” फिर मैं हेमा चाची के और करीब गया और उनके सिर पर हल्के से किस कर दिया। वो मुझे हैरानी से देखने लगीं, लेकिन कुछ बोलीं नहीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने उनके गालों पर अपना हाथ फेरा, धीरे-धीरे सहलाते हुए नीचे की तरफ बढ़ा। मेरा हाथ उनकी छाती पर छूने लगा। मैंने उनके कंधे, छाती और गर्दन पर किस करने शुरू कर दिए। करते-करते मैं उनके होंठों पर हल्के से किस कर बैठा। मुझे तो जैसे करेंट दौड़ गया—उनके मुलायम होंठों का स्पर्श इतना मीठा था कि मजा ही आ गया।
फिर मैंने धीरे से उनके बदन से बेडशीट हटाई। अब वो फिर से पूरी नंगी मेरे सामने थीं। मैं किस करते-करते उनके बूब्स के बीच पहुँच गया। मैंने उन्हें धीरे-धीरे दबाना शुरू किया—उनके गोरे, मुलायम स्तन मेरे हाथों में ऐसे फिट हो रहे थे जैसे मेरे लिए ही बने हों। फिर मैंने अपनी जीभ उनकी निप्पल पर फेरनी शुरू की।
धीरे-धीरे निप्पल कड़ी होने लगी, और मैं साथ-साथ बूब्स को सहलाता रहा, दबाता रहा। चाची की साँसें तेज़ होने लगीं, उनका शरीर हल्का-हल्का काँपने लगा। फिर मैंने चाची को गहरा किस किया और स्मूच करने लगा। मैं महसूस कर रहा था कि उनकी दिल की धड़कन बहुत तेज़ हो चुकी है। “Desi Incest Erotic Story”
वो हल्की-हल्की सिसकारियाँ लेने लगीं—आह्ह्ह… उफ्फ्फ… जैसी आवाज़ें जो मुझे और उत्तेजित कर रही थीं। दोस्तों, चाची की आँखें नशीली हो गईं थीं, मदहोशी में आधी बंद-सी। वो सब देखकर मैं समझ गया कि चाची अब पूरी तरह जोश में आ चुकी हैं। उनका विरोध कम हो रहा था, और वो मेरे स्पर्श का आनंद लेने लगी थीं।
फिर मैंने उनके बूब्स को दबाते हुए लंबे-लंबे दो-तीन स्मूच लिए। अब हमारी जीभें आपस में मिलने लगीं—एक-दूसरे की लार का स्वाद, वो गर्माहट—सब कुछ मुझे पागल कर रहा था। मुझे भी अब बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। मैं तुरंत उठा, बाहर गया और कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया। कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था।
उसके बाद मैंने अपनी शर्ट उतार दी और चाची के ऊपर से बेडशीट हटाकर उन्हें एक बार फिर पूरी नंगी कर दिया। अब मैं बिना टी-शर्ट के उनकी नंगी पीठ पर हाथ फेरने लगा, कसकर उनसे चिपक गया। जोश में आकर मैं उन्हें लगातार स्मूच लेता रहा—उनके होंठ, गाल, गर्दन—हर जगह।
तभी चाची ने मुझसे कहा, “यह सब बहुत गलत है दिनेश।” वो मुझसे दूर हटने की कोशिश करने लगीं और बोलीं, “प्लीज, दूर हट जाओ। कोई आ जाएगा और हमें देख लेगा।” लेकिन दोस्तों, मैं अब कहाँ रुकने वाला था? मैंने उनकी एक नहीं सुनी और बस उन्हें लगातार स्मूच करता रहा।
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : दोस्त की बहन को उसकी मर्जी से चोदा
अब चाची मेरे ऊपर पूरी नंगी लेटी हुई थीं। मेरे दोनों हाथ उनके बूब्स पर थे। मैंने मन ही मन सोचा कि अब क्या बोलूँ? फिर मैंने उनका नाम लेते हुए कहा, “हेमा, मेरा लोअर भी उतार दो और अंडरवियर भी।” हेमा चाची ने मेरी तरफ मुस्कुरा दिया—उस मुस्कान में शर्म थी, लेकिन सहमति भी।
मैंने फिर से उनसे चिपककर स्मूच लिया। हेमा ने मेरा लोअर उतारा और अंडरवियर भी। अब मैं अपनी प्यारी हेमा चाची के साथ बिना कपड़ों के था। हमारे नंगे जिस्म बहुत कसकर एक-दूसरे से लिपटे हुए थे—उनकी गर्माहट, वो स्पर्श—सब कुछ अविश्वसनीय था।
फिर मैंने उन्हें बेड पर सीधा लिटाया और उनके हर अंग को छूने लगा, चूमने लगा। मैंने उनके बूब्स को बहुत जोर से चूसा, उन्हें लाल कर दिया। नीचे आते-आते मैंने उनके पेट, जांघों को भी चूमा। जिसकी वजह से हेमा चाची की साँसें पूरी तरह से अटक गईं—वो कराह रही थीं, लेकिन मजा ले रही थीं। “Desi Incest Erotic Story”
दोस्तों, अब हेमा चाची ने मेरे हथियार को अपने हाथ में लिया और धीरे-धीरे सहलाने लगीं, ऊपर-नीचे करने लगीं। वो बोलीं, “तुम्हारा यह तो बहुत बड़ा है।” मैंने मुस्कुराकर पूछा, “क्यों, आपको पसंद आ गया क्या?” जहाँ तक मेरा ख्याल है, मेरा लंड खड़ा होकर करीब 7 इंच का हो जाता है—मोटा और मजबूत। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर मैंने हेमा चाची को सीधा लिटा दिया और लंड को उनकी चूत के अंदर डालने के लिए थोड़ा आगे बढ़ा। लेकिन तभी वो बोलीं, “बिना कंडोम के कुछ भी मत कर।” मैंने उनसे कहा, “आप इस बात की बिल्कुल चिंता मत कीजिए। ऐसा कुछ नहीं होगा। हम दोनों को सेक्स का असली मजा ऐसे ही आएगा—बिना किसी बैरियर के।”
फिर मैंने इतना कहकर हेमा चाची के पैरों को थोड़ा-सा खोल लिया। अब उनकी प्यारी, मासूम चूत मेरे सामने पूरी खुली हुई थी—ऊपर थोड़े घने बाल थे, जो उसे और सेक्सी बना रहे थे। मैंने मन ही मन सोचा कि ये बाल मजा दोगुना कर देंगे। फिर मैंने अपना तना हुआ लंड उनकी गीली चूत में डाल दिया।
चाची ने मुझे पकड़कर अपनी तरफ खींचा और लंड को अपनी चूत में पूरा अंदर कर लिया। दोस्तों, हम दोनों अब पसीने में भीगे हुए थे। गीले होकर पूरी नंगी चाची से चिपकने में क्या मजा आ रहा था? उनकी चूत इतनी गर्म और टाइट थी कि मैं पागल हो रहा था।
फिर मैंने चाची की चूत में घुसे हुए अपने लंड को आगे-पीछे करने लगा। मैं उनके ऊपर लेटे हुए ही स्मूच करने लगा। लेकिन करीब एक मिनट ही हुआ होगा कि ज्यादा जोश और उत्तेजना की वजह से मेरा वीर्य निकल गया। मैंने पूरा वीर्य अंदर डाल दिया और फिर लंड बाहर निकालकर दूर हट गया। “Desi Incest Erotic Story”
उसके बाद मैं उन्हें किस करने लगा—उनकी छाती पर, पेट पर। हम दोनों थककर लेट गए, लेकिन वो पल हमारी जिंदगी का सबसे यादगार लम्हा था। अब चाची भी अपनी जगह से उठने लगीं, तो मैंने कहा, “अभी थोड़ी देर तो रुको ना।” उन्होंने मुझसे कहा, “यह सब मुझे साफ करना पड़ेगा। कपड़े भी पहनने हैं। अगर कोई आ गया तो देख लेगा।”
मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “कुछ नहीं होगा चाची। वैसे भी एकदम से कोई अंदर तो आ नहीं सकता, क्योंकि दरवाज़ा अंदर से बंद है।” इतना कहकर मैंने हेमा को दोबारा अपने ऊपर लिटा लिया और उनकी स्मूच लेता रहा। उनके होंठ इतने नरम और गुलाबी थे कि मैं उन्हें चूसते हुए खुद को रोक नहीं पा रहा था।
करीब 10-15 मिनट तक मैं चाची के गुलाबी होंठों को चूसता रहा और उनकी जीभ को भी चूसता रहा—वो स्वाद, वो गर्माहट, सब कुछ मुझे पागल कर रहा था। अब मुझे थोड़ी प्यास लगी थी। बोतल में जो पानी बचा हुआ था, वो थोड़ा मैंने खुद पिया और फिर चाची को बैठाकर दे दिया। स्मूच लेते हुए मेरे हाथ उनके शरीर की हर जगह घूम रहे थे।
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : पेट में दर्द का नाटक करके छोटे भाई से चुदवाया
मैंने महसूस किया कि उनके कूल्हे बहुत मुलायम थे, पसीने से पूरी तरह गीले हो चुके थे। उनकी साँसें गर्म थीं, जो मेरे चेहरे पर लग रही थीं। मैं उनकी आँखों में ही देखे जा रहा था—उनकी आँखों में अब शर्म की जगह एक गहरी चाहत नजर आ रही थी। फिर पानी पीकर मैंने दोबारा चाची के हर एक अंग को चूमना और चूसना शुरू कर दिया। उनके गोरे शरीर पर मेरे होंठों का स्पर्श उन्हें और उत्तेजित कर रहा था।
फिर मैंने दोबारा चाची के बूब्स चूसे और उन्हें बिल्कुल लाल कर दिए। जिसकी वजह से वो जोश में आकर मोन करने लगीं—आह्ह्ह… उफ्फ्फ… जैसी सिसकारियाँ लेने लगीं। उनकी आवाज़ें सुनकर मेरा जोश और बढ़ गया। फिर मैंने सही मौका देखकर चाची के दोनों पैर फैलाए और उनकी चूत के मुहाने पर अपना लंड रखकर एक जोरदार धक्का दिया। “Desi Incest Erotic Story”
मेरा पूरा लंड फिसलता हुआ अंदर जा पहुँचा। अब मैं न्यूड पोर्न आंटी चुदाई कहानी में पाँच मिनट तक लंड को लगातार आगे-पीछे करता रहा। चाची के गीले बूब्स अब मेरी छाती से रगड़ रहे थे। मैं उनके बूब्स पर हाथ फेरता रहा, उन्हें दबाता रहा। उनकी चूत इतनी गर्म और टाइट थी कि हर धक्के के साथ मजा दोगुना हो रहा था।
फिर कुछ देर बाद मैंने चाची को उल्टा कर दिया। उनके बूब्स पर हाथ रखे और पीछे से चूत में लंड डाल दिया। अब मैं ऊपर-नीचे होता रहा और तेज़-तेज़ उनकी चुदाई करने लगा। जिसकी वजह से चाची की हल्की-हल्की आवाज़ें निकल रही थीं—वो कराह रही थीं, लेकिन मजा ले रही थीं। 5-7 मिनट ऐसा करने के बाद मेरा वीर्य अब निकलने वाला था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर जैसे ही मैं झड़ा, तो मैं पीछे हट गया। मेरा पूरा वीर्य हेमा चाची के कूल्हों के ऊपर और पीठ के ऊपर गिर गया। वो गर्म, चिपचिपा तरल उनके गोरे शरीर पर फैल गया, जो देखकर मुझे और उत्तेजना हुई। फिर मैंने चाची की पैंटी से उसे साफ किया। हेमा मुझसे बोलीं, “तुमने ऐसा क्यों किया?”
तभी मैंने मजाक में अपने वीर्य को उनके मुँह पर चिपका दिया। जिसकी वजह से वो मुँह सा बनाने लगीं, लेकिन दोस्तों, मुझे तो मजा ही आ गया। फिर उसके बाद 3-4 मिनट तक हम नंगे ही एक-दूसरे से चिपके रहे। वो बोलीं, “तुम बहुत अच्छे हो दिनेश। मैं तुमसे प्यार करती हूँ।” मैंने उन्हें हल्के से किस किया और हग किए रखा—उनकी गर्माहट में डूबा हुआ।
फिर चाची मुझसे बोलीं, “अब तुम नहा लो। तुम्हें जाना है।”
मैंने पूछा, “क्या तुम नहा लीं?”
उन्होंने कहा, “हाँ, लेकिन अब तो मुझे दोबारा नहाना पड़ेगा।”
मैंने पूछा, “क्यों, अब तुम्हें दर्द है?”
उन्होंने कहा, “नहीं।”
मैंने मुस्कुराकर कहा, “चलो, हम साथ में नहाते हैं।”
फिर मैंने हेमा चाची को पूरी नंगी ही अपनी गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया। वहाँ पानी के नीचे मैंने उनके हर एक अंग को छुआ और चूमा—उनके बूब्स, पेट, जांघें, चूत—सब कुछ। अब हम दोबारा एक-दूसरे से चिपके और इस बार बहुत लंबे-लंबे स्मूच किए। जिसकी वजह से हम दोनों जोश में आकर फिर से गर्म हो चुके थे।
फिर मैंने चाची को दीवार की मदद से थोड़ा झुका दिया और दोबारा उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया। एक बार फिर से मैंने उनके साथ वो सब किया—धक्के लगाए, उन्हें कराहते सुना। मुझे अब थोड़ी दिक्कत हो रही थी, इसलिए चाची स्टूल पर खड़ी हो गईं। “Desi Incest Erotic Story”
उस पर थोड़ी फिसलन थी, तो मैंने अपना एक हाथ दरवाज़े के हैंडल पर रख लिया और दूसरा हाथ दीवार पर। हेमा चाची ने अपने हाथ मेरी छाती पर रखे और जोर की पकड़ के साथ वो लंड को अंदर की तरफ धकेलने लगीं। कुछ मिनट बाद मैं फिर झड़ गया—इस बार पानी के नीचे सब कुछ और मजेदार लग रहा था।
फिर नहाने के बाद मैं कपड़े पहनने लगा, लेकिन चाची अभी भी बेड पर थीं। फिर दोबारा मैंने गीली और पूरी नंगी हेमा को उठाकर बेडरूम में ले गया और दोबारा किस किया। मैंने चाची को बेड के किनारे बैठाया और एक बार फिर से उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया। वैसे तो हम गीले थे, लेकिन फिर भी मुझे चूत में थोड़ा सूखापन महसूस हुआ।
मैं चाची से संभोग करता रहा। चाची को थोड़ा दर्द होने लगा था और मैं समझ गया कि यह दर्द सूखेपन की वजह से है। फिर मैंने लंड को बाहर निकाला और चाची की गीली पीठ पर लंड को थोड़ा घुमाया, लेकिन सोचा कि इससे कुछ नहीं होगा। फिर मैं झुका और मैंने चाची की चूत पर थोड़ा-सा थूका, लेकिन वो चूत तक नहीं गया।
फिर मैंने अपनी एक उंगली पर थूका और चाची की चूत पर लगा दिया। ऐसा मैंने कई बार किया। हेमा चाची को उसमें भी बहुत मजा आ रहा था—वो सिसकारियाँ ले रही थीं। अब मैंने अपनी उंगली को थोड़ा-सा अंदर डाला और देखा कि वो बहुत गीली हो गई थीं। मैंने थोड़ा-सा थूक अपने लंड पर भी डाला और दोबारा लंड को अंदर डाल दिया। “Desi Incest Erotic Story”
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : चाची सेक्स में पागल हो जाती है
अब मैं एक बार फिर से चुदाई करने लगा। मैं कई देर तक करता रहा, लेकिन अब मेरा वीर्य निकल नहीं रहा था। हाँ, मुझे मजा बहुत आ रहा था—उनकी चूत की गर्मी, उनके शरीर का स्पर्श। फिर हेमा ने मुझसे कहा, “प्लीज, अब थोड़ा जल्दी करो।” मैंने बहुत जोर-जोर से झटके लगाए। अब हम दोनों बहुत अच्छी तरह से पसीने में गीले हो गए थे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
चाची भी चुदाई करते-करते मुझसे बोलीं, “तुम्हारे साथ नहाना बेकार है।” मैंने हँसकर कहा, “दोबारा नहा लेना मेरी जान।” अब मैं बहुत जोर-जोर से धक्के देता रहा। फिर कुछ देर बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था, इसलिए मैंने अपना लंड तुरंत खींचकर बाहर निकाल दिया और दोबारा चाची के बूब्स पर अपना वीर्य गिरा दिया। वो अब मुझे बहुत पतला लग रहा था, लेकिन मजा वैसा ही था।
फिर कुछ देर बाद हेमा चाची ने उठकर अलमारी से एक टॉवल निकाला और जल्दी की वजह से खुद को साफ करने लगीं। मैंने उनसे टॉवल ले लिया और कहा, “लाओ, मैं साफ कर देता हूँ।” वो बोलीं, “तुम रहने ही दो।” मैंने मीठे स्वर में कहा, “हेमा, दे ना यार।” फिर मैंने ही उन्हें साफ किया और उसके बाद मैंने ही चाची को पैंटी पहनाई। बाकी कपड़े उन्होंने खुद पहन लिए। हम दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया, और वो पल हमारी जिंदगी का सबसे यादगार बन गया।
दोस्तों आपको ये Desi Incest Erotic Story मस्त लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे……………
Discover more from Crazy Sex Story
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Leave a Reply