School Girl Chudai Kahani
मेरे पड़ोस में डिम्पी रहती थी। वो दसवीं में पढ़ रही थी और उसकी उमर 18 साल थी। डिम्पी बहुत सेक्सी थी। उसके कर्व्स मुझे बहुत पसंद थे—वो एकदम सेक्स-भरी, तरोताज़ा लगती थी। मेरी उसके घरवालों और उसके साथ अच्छी-खासी बातचीत होती रहती थी, क्योंकि उसकी और हमारी छत एक ही थी, बस बीच में 3फीट की एक दीवार थी। School Girl Chudai Kahani
वो पढ़ाई में कमज़ोर थी और उसके एग्ज़ाम आने वाले थे। उसकी मम्मी ने मुझसे कहा, “रवि, डिम्पी के एग्ज़ाम शुरू होने वाले हैं। वो पढ़ाई में कमज़ोर है, तुम थोड़ा टाइम निकालकर उसे पढ़ा दिया करो।” मैंने हाँ कर दी। मैं हर रात 8 बजे उसके घर उसे पढ़ाने जाता।
मेरा कमरा फर्स्ट फ्लोर पर था, उसका भी एक कमरा फर्स्ट फ्लोर पर था, जो बंद रहता था क्योंकि उसकी मम्मी, पापा और उसका 12 साल का छोटा भाई सब ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे। दो दिन बाद मैंने उसकी मम्मी से कहा, “भाभी, नीचे हम डिस्टर्ब होते हैं। क्या हम आपके ऊपर वाले कमरे में पढ़ाई कर सकते हैं?”
उन्होंने फट से हाँ कर दी। मैं रोज़ रात 8 बजे जाता और 11-12 बजे तक वहाँ रुकता। वो पढ़ाई में बहुत कमज़ोर थी, उसे अच्छे से कुछ याद ही नहीं होता था। मैंने उसकी मम्मी से कहा तो उन्होंने कहा, “अगर नहीं पढ़ती तो पिटाई करो।” बस फिर एक दिन मैंने उसकी मम्मी के सामने ही उसे हल्का-सा एक थप्पड़ मारा। उस दिन पहली बार मैंने उसे टच किया था। उसका गाल एकदम गर्म था। थप्पड़ खाकर वो मुस्कुराने लगी।
अगले दिन उसने जींस और एक शर्ट पहनी थी, जिसके बटन आगे खुलते थे। मैं उसके सामने बैठकर उसे मैथ्स समझा रहा था। उसकी शर्ट का एक बटन टूटा हुआ था। उसका ध्यान पढ़ाई में था और मेरा ध्यान उसके टूटे बटन और उसकी झलकती काली ब्रा और गोरे कर्व्स पर। अचानक उसका ध्यान अपने टूटे बटन पर गया तो वो शरमाई और नीचे जाकर शर्ट चेंज करके आई।
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मैंने पूछा, “क्या हुआ?”
तो उसने कहा, “आप मुझे अच्छे से पढ़ा नहीं पा रहे थे।”
अगले दिन उसने टाइट टी-शर्ट पहनी थी, जिसमें उसके कर्व्स का उभार गज़ब ढा रहा था। मेरा ध्यान बस वहीं था।
उसने पूछा, “रवि, क्या हुआ? तुम्हारा ध्यान कहाँ है?”
मैंने कहा, “मेरा ध्यान तुझमें है।”
वो शरमाई और बोली, “धत्!”
मेरी हिम्मत बढ़ गई। मैंने हल्के से उसके गाल पर चपत लगाई और प्यार से मुस्कुराया। जवाब में वो भी मुस्कुराई। मेरी हिम्मत और बढ़ी। मैंने उसके दोनों गाल पकड़कर उसके होंठों को चूम लिया। उसने मुझे दूर हटाते हुए कहा, “मम्मी आ जाएगी।” और हम फिर पढ़ाई में लग गए।
अगले दिन उसके मम्मी-पापा और भाई किसी काम से बाहर गए थे। जाते वक़्त उसकी मम्मी ने मुझसे कहा, “डिम्पी घर पर अकेली है, तुम रात को हमारे घर पर ही सो जाना।” मुझे तो जैसे मनचाही मुराद मिल गई। रात 8 बजे मैं उसके घर गया। वो ग्राउंड फ्लोर पर थी। आज उसने खूबसूरत सी काली नाइटी पहन रखी थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
हम दो घंटे पढ़ते रहे। बाद में वो अपने कमरे में जाकर सो गई और मैं बाहर हॉल में सो गया। अचानक बत्ती चली गई। वो कमरे से बाहर आई और मेरे पास हॉल में बेड पर बैठ गई। हम बातें करने लगे। उसने मुझसे कहा, “रवि, मैं तुम्हें कैसे सैटिस्फाई करूँ? मैं अभी कुंवारी हूँ।”
मैंने कुछ नहीं कहा और उसे अपनी बाहों में ले लिया। वो चुप रही, कुछ बोली नहीं। मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया। वो हल्का-सा विरोध करती रही। इतने में बत्ती आ गई तो मैंने देखा उसका चेहरा एकदम लाल हो रहा था और उसकी आँखें अपने आप बंद हो रही थीं।
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मैंने धीरे से उसके कर्व्स पर हाथ फेरा तो वो मुझसे चिपक गई। मैं उसके रसीले होंठों को चूमता रहा और हाथों से धीरे-धीरे उसके कर्व्स को दबाता रहा। वो मस्ती में डूब गई। मैं थोड़ा आगे बढ़ा और उसकी नाइटी धीरे से उतार दी। अब वो मेरे सामने पिंक ब्रा और पैंटी में थी।
उसकी फिगर देखकर मैं अपने होश खो बैठा। मैंने उसके पूरे बदन को चूमना शुरू कर दिया। वो भी मुझे चूमने लगी और मेरे कपड़े उतारने लगी। अब मैं भी सिर्फ़ अंडरवेयर में था। मैं उसे चूमता रहा और उसके पूरे शरीर पर हाथ फेरता रहा। वाह, उसके कर्व्स पत्थर जैसे सख्त थे।
मैंने अपने हाथ उसके पीछे ले जाकर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। एक झटके में ब्रा उसके हाथ में आ गई और उसके कर्व्स आज़ाद हो गए। इससे पहले भी मैंने 3-4 बार सेक्स किया था, लेकिन उसका हुस्न देखकर मैं पागल हो गया। धीरे से मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और बदले में उसने मेरी चड्डी उतार दी।
अब हम दोनों नंगे थे। हम एक-दूसरे को चाटते रहे। मैंने अपना मुँह उसके निप्पल पर लगाया और उसे चूसने लगा। उसने मेरा लिंग हाथ में लिया और सहलाने लगी। मेरा लिंग लोहे की तरह सख्त हो गया। मैंने धीरे से अपने लिंग को उसके मुँह के पास किया तो वो उसे चूमने लगी।
मैंने उसे मुँह में लेने को कहा तो वो उसे चूसने लगी। मेरा बुरा हाल हो रहा था। मैंने अपनी उंगली धीरे से उसकी योनि में डाली। उसकी योनि गरम तवे की तरह तप रही थी। मेरी उंगलियाँ उसकी गर्मी महसूस कर रही थीं। वो मेरे लिंग को चूसती रही और मेरी उंगलियाँ उसकी योनि के साथ खेलती रहीं।
वो पूरी तरह तैयार थी। उसकी योनि मेरी उंगलियों की हरकत से गीली हो गई थी। मैंने अपना मुँह उसकी योनि पर ले जाया और उसकी जाँघों और योनि को चूमने लगा। वो जोर-जोर से पैर हिलाने लगी। मैंने अपनी जीभ उसकी योनि में डाली और उसके रस को पीने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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वो पूरी तरह मदहोश हो गई और मेरे लिंग को दाँत चुभाते हुए और जोर से चूसने लगी। थोड़ी देर में उसकी योनि ने और रस छोड़ा। मैं उसे पीता रहा। कुंवारी योनि का रस पीना मेरा पहला मौका था। और उसके मुँह में मेरे लिंग ने भी ढेर सारा रस छोड़ दिया, जो सीधा उसके गले में गया।
उसने बड़े प्यार से मेरा सारा रस पी लिया और एक बूँद भी बाहर नहीं गिरने दी। वो मेरे लिंग को चूसती रही और 3-4 मिनट में मेरा लिंग फिर से तन गया। उसकी हरकतों से मुझे लगने लगा कि वो चुदाई के लिए बहुत बेताब है। मैंने उसे बेड पर सीधा लिटाया और उसकी कमर के नीचे एक तकिया रख दिया, जिससे उसकी योनि ऊपर उठ गई। मैंने अपने लिंग को उसकी योनि पर फेरना शुरू किया। उसकी योनि तंदूर की तरह गर्म थी।
उसने कहा, “मैंने कभी चुदवाया नहीं है। तुम्हारा इतना मोटा लिंग मेरी योनि में कैसे जाएगा?”
मैंने कहा, “थोड़ा-सा दर्द होगा, लेकिन बाद में मज़ा आएगा।”
मैंने अपने लिंग और उसकी योनि पर क्रीम लगाई और धीरे से अपने लिंग को उसकी योनि में घुसाने लगा। उसकी योनि बहुत टाइट थी। मेरा लिंग जैसे ही थोड़ा अंदर गया, वो जोर से बोली, “बहुत दर्द हो रहा है।” मैं वहीँ रुक गया और उसके कर्व्स को सहलाने लगा, उसके होंठों को चूमने लगा। “School Girl Chudai Kahani”
थोड़ी देर में वो फिर जोश में आ गई और अपनी कमर उठाने लगी। मैंने ऊपर से थोड़ा जोर लगाया। मेरा लिंग उसकी योनि में 3 इंच घुस गया। वो जोर से चिल्लाई और पसीने से तर हो गई। उसने मुझसे कहा, “प्लीज़ बाहर निकालो।” मैंने उसे समझाया, “पहली बार में थोड़ा दर्द होता है,” और उसे चूमने लगा। कुछ देर बाद वो शांत हो गई।
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मैंने कहा, “अपना मुँह बंद रखना, मैं अब अपना पूरा लिंग तेरी योनि में डालूँगा।”
वो जोश में बोली, “अगर मैं चीखूँ तो भी तुम रुकना मत।”
मैंने धीरे-धीरे अपने लिंग को उसकी योनि में 3 इंच अंदर-बाहर करना शुरू किया। उसे भी मज़ा आने लगा और वो मुझसे और चिपकने लगी। अचानक मैंने एक जोरदार झटका मारा और अपना पूरा लिंग उसकी योनि में डाल दिया। वो बहुत जोर से चीखी और तड़पने लगी। उसकी योनि से रस निकलने लगा।
वो जोर-जोर से रोने लगी। मैंने उसे प्यार से समझाया, “मेरा पूरा लिंग तेरी योनि में चला गया। अब थोड़ा-सा दर्द होगा, लेकिन बाद में जो मज़ा आएगा, वो सारा दर्द भुला देगा।” पाँच मिनट तक मैं सिर्फ़ उसके कर्व्स को चूसता रहा और उसके पूरे शरीर पर हाथ फेरता रहा। धीरे-धीरे उसका दर्द कम हुआ और वो जोश में आ गई। वो मुझसे चिपक गई और अपनी कमर उठाने लगी। “School Girl Chudai Kahani”
मैंने धीरे-धीरे अपने लिंग को उसकी योनि में अंदर-बाहर करना शुरू किया। थोड़ी देर में उसे भी मज़ा आने लगा और वो भी हिल-हिलकर चुदाई का मज़ा लेने लगी। 10 मिनट तक मैं उसे चोदता रहा। इस दौरान मैं 3 बार झड़ चुका था, जिससे उसकी योनि गीली हो गई और उसका दर्द कम हुआ। वो बड़े मज़े से चुदवाने लगी। करीब 15 मिनट बाद मैंने कहा, “मैं झड़ने वाला हूँ।”
उसने कहा, “अपना सारा रस मेरी योनि में छोड़ दो।”
मैंने अपना सारा रस उसकी योनि में भर दिया और करीब 10 मिनट तक उसके ऊपर लेटा रहा। फिर हम दोनों उठे और बाथरूम में जाकर उसकी योनि और मेरे लिंग को धोकर साफ किया। वापस आकर बेड पर बैठ गए। इतनी देर में मेरा लिंग फिर से तन गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसे तना देखकर वो बोली, “नहीं रवि, अब दो घंटे पढ़ाई कर लेते हैं, उसके बाद करेंगे।”
मैंने कहा, “ठीक है।”
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हमने अपने कपड़े पहन लिए और अपना काम करने लगे। करीब एक घंटे बाद उसने कहा, “चलो, अब तुम मेरी चुदाई करो, लेकिन प्यार से, क्योंकि अभी थोड़ा-थोड़ा दर्द हो रहा है।” उस रात मैंने उसे 4 बार चोदा और हम सो गए। हमारा मन नहीं भरा था, लेकिन अगले दिन उसका एग्ज़ाम था।
फिर तो जब भी मौका मिलता, वो मुझसे चुदवाती थी। करीब एक साल तक मैं उसे चोदता रहा। उसके बाद उसकी शादी हो गई। वो जब भी अपनी मम्मी के पास आती, हमें मौका मिल जाता। फिर एक साल बाद मैं चेन्नई आ गया। उसके बाद आज तक उससे मेरी मुलाकात नहीं हुई। अब वो दो बच्चों की माँ है और अपनी ज़िंदगी सुख से बिता रही है। मैं भगवान से यही माँगता हूँ कि वो सदा सुखी रहे।
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