Devar Bhabhi Chudai Stories
हेलो दोस्तों.. मेरा नाम महेश है और मेरी उम्र 21 साल है. मैं अपने मम्मी, पापा और बड़े मम्मी, पापा, अंकल, आंटी और बड़े भैया, भाभी के साथ रहता हूँ. मेरे बड़े भैया और भाभी की उम्र 37–36 साल के करीब है और जब मेरी भाभी शादी करके पहली बार हमारे घर पर आई.. Devar Bhabhi Chudai Stories
तब मेरी उम्र 7 साल की थी और भाभी की उम्र 22 साल की थी. मेरी फॅमिली मुझसे बहुत प्यार करती है क्योंकि मैं घर में सबसे छोटा हूँ. जब भाभी की नई नई शादी हुई थी तब वह मुझे झूले वाले पार्क ले जाती थी और स्कूल छोड़ने भी आती थी और वो मेरे लिए मेरी माँ से एक सीढ़ी नीचे थी.
मुझे आज भी याद है कि वो मुझे नहलाती थी और मैंने तब उन्हे ब्रा पेंटी में भी देखा था और कपड़े बदलते भी क्योंकि वह मुझे अपने साथ बाथरूम में ले जाती और नहलाती. फिर मेरा पूरा बदन साफ करके बाहर भेज देती और खुद नहाती थी. मुझे मेरे भैया हमेशा चिढ़ाते थे कि इतना बड़ा लड़का होकर भाभी के पास नहाता है.
फिर मैं भाभी को मना करता कि में खुद नहा लूँगा.. लेकिन वो मुझे कहती कि तुम्हे अभी अपने बाल धोना अच्छे से नहीं आता.. तुम एक काम करो पहले नहा लो और जब बाल धोने हो तो उसके लिए मुझे बुला लेना. फिर मैं अंडरवियर पहन लेता था और उन्हे बाल धोने के टाईम बुलाता था..
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वो मेरी अंडरवियर निकाल देती और कहती कि उसमे क्या शरमाना? वह मुझे बड़े प्यार से अपने साथ रखती थी और मुझे रात में सोते समय कहानियाँ सुनाती थी.. मेरे साथ वीडियो गेम खेलती थी और मेरा पूरा परिवार उनसे बहुत खुश था. मैं भैया, भाभी के रूम में उनके साथ ही सोता था.
दोस्तों यह थी मेरी बचपन की बातें और यह तो बहुत पुरानी बातें है.. लेकिन आज मैं कंप्यूटर इंजिनियरिंग पढ़ रहा हूँ और अपने घर से दूर कॉलेज के एक हॉस्टल में रहता हूँ. आज भाभी मेरे साथ फ्रेंड जैसा रिश्ता रखती है.. एकदम अच्छे दोस्त की तरह.. मुझे भाभी के साथ बिताए हर पल याद है.
उनका मुझे नहलाना, साथ में सुलाना हर वो बात मुझे कामुक करती है. मैं उनकी गुलाबी मेक्सी नहीं भूला जो सिल्क की बिना गले की मेक्स थी.. जो वो रात को सोने के टाईम पहनती थी.. लेकिन मैं आज जब भी उन बातों को याद करता हूँ.. तब मुझे बहुत अफ़सोस होता है कि मैंने उस प्यारी गुलाबी मेक्सी वाले बूब्स को क्यों नहीं छुआ?
मेरी भाभी का फिगर 34-36-38 है.. वो एकदम माल लगती है और आज भी उनका वैसा ही चेहरा है.. जो उनकी जवानी में था.. मतलब उनकी शादी के बाद था.. बस वो थोड़ी सी मोटी हो गई है. मेरे भैया, भाभी को कोई बच्चा नहीं था और वो इस बात से बहुत परेशान थे.. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
जब उन्होंने एक डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि भैया पिता बनने के काबिल नहीं है और उनका शादी के बाद से ही इलाज चल रहा था.. तो उन्होंने सोचा कि चलो अब क्या करे.. जैसी भगवान की इच्छा. फिर बहुत से लोग उनके ऑफिस में उन्हे ताने मारते थे कि वह गे है.. लेकिन मुझे पता है कि वह गे नहीं हो सकते.. क्योंकि उनमे कोई ऐसी बात नहीं है और शरीर का जोश भी बराबर है.
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फिर एक दिन मैंने उनकी मेडिकल रिपोर्ट चुपके से देखी तो मुझे पता चला कि उनका लंड एक एक्सीडेंट के बाद खराब हो गया है और वो वीर्य नहीं बना पा रहा है.. लेकिन यह कोई बड़ी समस्या नहीं थी क्योंकि वो अब एक बच्चा गोद लेने की बात सोच रहे थे. उस समय मेरी इंजिनियरिंग का फोर्थ सेमेस्टर के एग्जाम थे और मैं अपनी अच्छी पढ़ाई के लिए घर पर आया था..
क्योंकि हॉस्टल में बहुत शोर होता था. हॉस्टल में मुझे सेक्स का पूरा अनुभव मिला.. जो मैं बारहवीं तक कुछ नहीं जानता था और मुझे यह भी नहीं पता था कि बच्चे कैसे पैदा होते है? ज़ाहिर सी बात है कि बारहवीं तक में अपने घर में था. मुझे सेक्स का कोई अनुभव नहीं था और इसलिए मैंने भाभी के बड़े बड़े सुंदर बूब्स, पतली कमर और मोटी गांड पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया..
लेकिन अब मेरा ध्यान उस तरफ पड़ रहा था. में सोचता था कि यही भाभी है जो मुझे नंगा नहलाती थी.. मेरे सामने कपड़े बदलती थी और मैं सोचकर मुठ मारा करता था और मुझे मेरे मर्द होने का बहुत गर्व था.. आज मेरा लंड 6.5 इंच का है. मेरे कमरे में एक खिड़की है.. जहाँ से बाथरूम एकदम साफ दिखता है.
मेरा कमरा पहली मंजिल पर है और बाथरूम उसके नीचे.. खिड़की कुछ इस तरह लगी थी कि बाथरूम में नहाने वाले को पता भी नहीं चले कि कोई देख रहा है बस फिर क्या? एक दिन मैं पढ़ रहा था और तब मुझे पानी गिरने की आवाज़ आई और मुझे लगा कि किसी ने बाथरूम का नल खुला छोड़ दिया है.
और मैंने देखा तो मेरी तो दुनिया हिल गयी मेरी सेक्सी, सुंदर, कामुक भाभी नहा रही थी और उनके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था और फिर उस दिन से में उन्हे रोज नहाते हुए देखता था. वह जब कपड़े उतारती थी.. तब मेरा लंड वीर्य गिरा देता था. मैं उनके अंडरगार्मेंट्स को सूंघता और चूमता था.
एक दिन मैंने नाहते समय उनकी पहनी हुई ब्रा पेंटी खुद ही पहनकर देखी और में सोचने लगा कि मुझे सेक्स तो अब शादी के बाद ही नसीब होगा तो क्यों ना अभी इसी से काम चला लूँ. उस दिन जब सब घर के बाहर गये थे.. तब भाभी मेरे कमरे में आई.. “Devar Bhabhi Chudai Stories”
मैं पढ़ रहा था और फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या फिटिंग बराबर थी?
तो मैंने पूछा कि किसकी भाभी? फिर सोनल भाभी बोली कि कम्बख़्त मेरी ब्रा और पेंटी की.
तो मेरे पसीने छूट गये और वह ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी और वो कहने लगी कि देवर जी मुझे सब पता है कि आप मुझे हर रोज नहाते हुए देखते हो.. लेकिन में चुप इसलिए थी.. क्योंकि तुमने मुझे बचपन में भी नंगा देखा है.. लेकिन जब तुमने मेरी ब्रा, पेंटी पहनी.. इसलिए मैं समझ गयी कि छोटी सी लुल्ली अब बड़ा सा लंड बन गयी है..
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तभी में भाभी की बात सुनकर बहुत चकित हो गया और मैंने कहा कि प्लीज आप मम्मी पापा को यह बात मत बताना. तो सोनल बोली कि एक शर्त पर.
मैं : वो क्या है? सोनल : जो में अगले एक घंटे तक करने वाली हूँ.. उसके बारे में तुम भी किसी को कुछ भी नहीं बताओगे.
मैं : क्यों चोरी करने वाली हो क्या? हसंते हुए..
सोनल : हाँ तुम्हारी नींद और तुम्हारा चैन.
फिर इसके बाद वो मेरे बेड पर बैठ गयी और मेरी किताब साईड में रखी और मुझे ज़बरदस्त किस किया.. बाप रे मेरा तो लंड एकदम से तनकर 6.5 इंच लंबा हो गया और मैं कामवासना में बहक गया था. फिर मैंने अपनी शर्ट उतार दी और उनकी कमर पर हाथ रखकर साड़ी के पल्लू को कंधो से गिरा दिया और साड़ी निकाल दी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में थी.. क्या सीन था वो? उनके बूब्स ब्लाउज के दरवाजे को तोड़ने के लिए तैयार थे.. मैं उनके पीछे खड़ा हो गया और गर्दन पर किस करते हुए ब्लाउज के हुक खोल दिये और ब्लाउज उतार दिया. सोनल : वाह! मेरे शेर खा जा अपने शिकार को. “Devar Bhabhi Chudai Stories”
तभी मैं रोमांचित हो उठा और ब्रा उतार कर उनकी बूब्स की धीरे धीरे मसाज करने लगा.. फिर मैं उनके दोनों पैरों की तरफ बैठ गया और पैर से लेकर कमर तक पेटिकोट ऊपर किया और जांघे चूमने लगा क्या जांघे थी उनकी? मक्खन भी उसके सामने कम मुलायम लगे और दूध भी काला लगे और वैसे ही में उनकी चूत को चाटने लगा.
तो थोड़ी ही देर में उनका शरीर गरम हो उठा और चूत में से पानी बाहर निकला मुझे पता चल गया कि अब लंड को चूत में घुसाने के लिए यही सही मौका है और मैंने पहले एक उंगली और फिर दो उंगली उनकी चूत में डाली. सोनल : देवर जी अब और मत तड़पाओ प्लीज अपने हथियार का इस्तमाल करो. फिर मेरी उंगली उसकी चूत में तीन इंच गई होगी और तभी सोनल चिल्ला उठी.
सोनल : प्लीज़ अब बाहर निकालो.
मैं : क्यों क्या हुआ? तुम ठीक तो हो ना?
सोनल : हाँ लेकिन अभी इसे बाहर निकालो.
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फिर बाहर निकलते ही वो उठी और बाथरूम चली गई.. लेकिन उनकी चूत से बहुत सारा पानी निकल रहा था.. मैं डर गया और मुझे लगा कि मैंने जोश में आकर कुछ ग़लत तों नहीं कर दिया. फिर थोड़ी देर बाद वह बाथरूम से आई और मुझे बेड पर गिरा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गई.
सोनल : वाह मेरी जान, आज तूने कमाल कर दिया.. अब तू अपने भतीजे का बाप बन जा.
मैं : लेकिन मैं समझा नहीं आपको ज़्यादा चोट तो नहीं लगी और मैंने यह सब पहली बार किया है.
सोनल : नहीं डार्लिंग, कुछ ग़लत नहीं किया.. ज़्यादा सोच मत और मुझे प्रेग्नेंट कर.
तो मैंने उनको अपने ऊपर से हटाकर साईड में कर दिया और उनके एक पैर को अपने कंधो पर रख दिया और दूसरा पैर साईड में कर दिया. मेरे ऐसा करने से उनकी चूत पूरी खुल गई थी. फिर मैं लंड को चूत पर रगड़ने लगा और मौका देखकर मैंने एक ज़ोर का धक्का दिया और पूरा का पूरा लंड चूत में एक बार में ही चला गया और मैं लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करके चुदाई करने लगा. “Devar Bhabhi Chudai Stories”
में अब एक हाथ से उनके बूब्स को मसल रहा था और दूसरे से उसकी गांड पर थप्पड़ मार रहा था.. जिससे वो जोश में आकर अपनी गांड उठा उठा कर चुदवा रही थी. तभी थोड़ी देर बाद में झड़ने लगा और मेरा वीर्य उसकी चूत से जोरदार धक्को के साथ बाहर आया और पूरा रूम चुदाई की आवाज से गूंज रहा था. तभी सोनल बहुत खुश हुई.. क्योंकि वो यही चाहती थी कि मैं उनकी चूत में अपना वीर्य डाल दूँ और फिर वो बोली कि..
सोनल : प्लीज मुझे अपना थोड़ा रस पिला दो.
लेकिन मैं इस प्यासी चूत को ज़ोर ज़ोर से धक्के मारता गया और मैंने अपना बहुत सारा वीर्य उनकी चूत में डाला. फिर मैंने उनको हाथ और घुटनो पर बैठा दिया और पीछे से भी बहुत सेक्स किया. फिर हम 69 पोज़िशन में आ गये.. नहीं समझे? मेरे मुहं में उसकी चूत और उनके मुहं में मेरा लंड. हमे सबसे ज़्यादा मज़ा इस पोजिशन में आया.. फिर सोनल थक गयी और कहा.. अब बस करो.
मैं : क्यों भाभी मुझे नहलाओगी नहीं?
सोनल : बदमाश चल नहलाती हूँ तुझे.
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आज फिर हम बहुत समय के बाद साथ में नहाए.. मैंने उनके शरीर पर साबुन लगाया और उन्होंने मेरे शरीर पर. फिर हम हर शाम 6-8 बजे के बीच सेक्स करते थे.. क्योंकि उस समय घर पर कोई नहीं रहता था. फिर भाभी भाई के साथ भी रात को मज़े लेती थी और फिर दो महीने के बाद उन्होंने प्रेग्नेन्सी किट से चेक किया तो वो प्रेग्नेंट थी.. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तो भैया सातवें आसमान पर उड़ने लगे और उन्हे लगा कि कोई चमत्कार हो गया और घर पर भी सभी लोग बहुत खुश हो गये. आज भाभी को छटा महिना चल रहा है और हम अभी सेक्स नहीं करते.. लेकिन मैं उनके बूब्स रोज चूसता हूँ और कभी कभी ओरल सेक्स भी करते है. तो अब आप समझ गये कि मैं अपने भतीजे, भतीजी का बाप बनने वाला हूँ और धन्यवाद सोनल और मेरी पूरी फेमिली को.. जिन्होंने मुझे सेक्स करने का मौका दिया.
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