Village Devar Bhabhi Chudai
नमस्कार दोस्तों… यह मेरी जिंदगी की पहली सेक्स स्टोरी है जिसे मैं आपसे साझा करने जा रहा हूँ और यह स्टोरी बिल्कुल रीयल है इसे मैंने अपनी आँखों से देखा है.. मेरा नाम रोहित है… और मैं आपको अपनी आँखों देखी कहानी बताने जा रहा हूँ जो मेरी मम्मी (सुहानी) और मेरे चाचा (सुमित) के बीच हुई चुदाई की है… Village Devar Bhabhi Chudai
तो चलिए शुरू करते हैं सबसे पहले मैं अपनी फैमिली परिचय करा देता हूँ… मुख्य रूप से यह कहानी मेरी मम्मी और मेरे चाचा के बीच हुए सेक्स की है… पर आपको मैं अपनी पूरी फैमिली के बारे में बताने से स्टार्ट करता हूँ… यह कहानी तब की है जब हम छोटे थे और गाँव में रहते थे तब मेरे परिवार में दादा, दादी, और उनके पाँच बेटे, मेरी मम्मी और हम दो भाई बहन थे…
मेरी मम्मी सुहानी की शादी मेरे पापा से 20’s के स्टार्टिंग में ही हुई थी… और मेरे पापा मेरी दादी के सबसे बड़े बेटे थे और बाकी चार लोगों की शादी नहीं हुई थी और ये सभी पाँच भाई पढ़ने के लिए दिल्ली गए थे पापा भी उनके साथ ही रहते थे और मेरे चाचा सुमित भी उन्हीं के साथ थे…
अब घर में मेरी मम्मी सुहानी, मेरी दादी, मेरे दादा, मैं और मुझसे एक साल बड़ी बहन ही रहते थे… घर भी काफी बड़ा था और दादी दादा हमेशा नीचे ही रहते थे और मेरी मम्मी और मैं और दीदी ऊपर वाले फ्लोर पर रहते थे… मेरी मम्मी के बारे में भी आपको बता दूँ कि उस टाइम मम्मी की उम्र लगभग 26 साल ही थी…
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और रंग साँवला घुँघराले बाल काली आँखें हाइट 5.6 फीट और उनका फिगर काफी कातिलाना (32-28-40) था… अब आगे… आपको बता दूँ कि मेरे पापा जो सबसे बड़े थे अपने पाँचों भाइयों में वो दिल्ली से बी.टेक करते थे और उनसे छोटे भाई जिनका नाम सुमित है वो बी.सी.ए. करते थे साथ ही बाकी तीन भाई भी वहीं पढ़ते थे उनके बारे में कभी बाद में बताऊंगा..
सो अब पापा घर कभी कभार ही आते थे लगभग एक महीने बाद आ जाया करते थे एक बार उसी तरह सभी चाचा लोग भी महीने में एक बार घर आ ही जाते थे.. क्योंकि मम्मी भी अभी जवान थीं और पापा दिल्ली रहते थे तो उनकी चूत भी प्यासी ही रहती थी लेकिन वो खुद को कंट्रोल कर लेती थीं और फोन का जमाना उतना नहीं था तो मम्मी और पापा चिट्ठी लिखकर एक दूसरे से बातें कर लेते थे…
सब कुछ सही चल रहा था मेरी उम्र भी लगभग 5 साल हो गई थी और मुझे भी चीज़ें याद रहने लगी थीं और लोगों की बातें भी समझ आने लगी थीं… जून की गर्मी थी और दोपहर के 2 बज रहे थे. दादा और दादी नीचे अपने रूम में सो रहे थे जैसा कि गाँवों में लोग दोपहर लू से बचने के लिए सो जाते हैं…
मेरे सुमित चाचा इस समय घर आए हुए थे… आपको बता दूँ कि सुमित चाचा बी.सी.ए. कर रहे थे इसलिए उन्होंने एक कंप्यूटर खरीदा था जो उस समय बहुत बड़ी बात होती थी जो उनके रूम में था वो जब भी घर आते थे उसे यूज़ करते थे… उसी तरह उस दिन भी वो अपने रूम में जो कि मेरे मम्मी के रूम के बगल में था अकेले कंप्यूटर चला रहे थे…
मैं मेरी मम्मी सुहानी और मेरी बहन अपने रूम में थे चूँकि मम्मी घर का सारा काम करके थक गई थीं तो वो सो रही थीं और हम दोनों भाई बहन खेल रहे थे… तब ही अचानक मेरे सुमित चाचा मेरी मम्मी के रूम में दौड़ कर आए और मुझसे पूछे तुम्हारी मम्मी कहाँ हैं?
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मैंने उंगली से इशारा करते हुए सोई हुई मम्मी की तरफ इशारा किया और वो तुरंत मम्मी के पास गए और उनको जगाने लगे… भाभी भाभी उठिए… मम्मी तुरंत जाग गईं और चाचा से पूछीं कि क्या हुआ… तब चाचा ने उनसे कहा कि भाभी उठिए जल्दी आइए मुझे कुछ आपको दिखाना है जल्दी आइए तब ही मम्मी जल्दी से उठीं.. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
और चाचा के साथ पीछे-पीछे उनके रूम में जाने लगीं चूँकि बचपन में हमें हमारी मम्मी बहुत प्यारी होती हैं तो हम दोनों भाई बहन भी मम्मी के पीछे-पीछे जाने लगे… अब जब चाचा मम्मी को लेकर रूम में पहुँच गए और मम्मी को की तरफ अपने कंप्यूटर देखने के लिए कहा और मम्मी के साथ-साथ मैं भी उनके कंप्यूटर में देखने लगा…
उस समय उस कंप्यूटर में एक पोर्न मूवी चल रही थी जिसमें… एक विदेशी लड़की एक दम नंगी होकर तीन जमीन पर सोए हुए लड़कों की चुचियों को एक-एक करके बारी-बारी से चूस रही थी… तब ही मैंने चाचा की तरफ देखा उन्होंने केवल एक अंडरवियर पहना हुआ था और कंप्यूटर के सामने की कुर्सी पर बैठे थे और मम्मी भी अब मजे से हल्के-हल्के मुस्कुराते हुए उस वीडियो को देख रही थीं…
हम लोगों को कमरे में आए हुए लगभग एक मिनट ही हुआ था तब ही चाचा ने मेरी तरफ देखा और मुझे और मेरी बहन का हाथ पकड़ कर प्यार से कहते हुए कि…. बेटा तुम लोग जाओ खेलो अभी तुम्हारी मम्मी जाएंगी… हम दोनों को कमरे से बाहर निकाल दिया.. और कमरा अंदर से बंद करके लॉक कर लिया…
मैं और मेरी बहन नासमझ थे और अपने कमरे में जाकर खेलने लगे.. तब ही मेरी दादी ने मेरी बहन को आवाज देकर बुलाया और वो नीचे चली गई अब मैं अपने रूम में अकेला था और बाहर निकल कर चाचा के रूम के दरवाजे के पास जाकर उसके अंदर देखने की कोशिश करने लगा कि मम्मी अभी तक आई क्यों नहीं…
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आपको बता दूँ कि पहले गेट में एक पल्ला नहीं होता था दो पल्ला होते थे और उन दोनों के बीच से थोड़ा-थोड़ा तिरछा अंदर दिखाई देता था… मैंने अंदर देखा कि चाचा कुर्सी पर बैठकर वीडियो देख रहे थे और मम्मी उनके जाँघों पर बैठी हुई थीं और चाचा अपने एक हाथ से मम्मी की चुची को दबाते हुए मम्मी के गले में किस कर रहे थे.
और उनका दूसरा हाथ मम्मी की कमर को बहुत टाइट से पकड़ा हुआ था ताकि मम्मी उनके जाँघों से सरक न जाएँ… कुछ देर ऐसे ही बैठे रहने के बाद चाचा ने मम्मी को उठाया और वीडियो की तरफ दिखाते हुए इशारे में कुछ कहा और मम्मी नीचे बैठकर तुरंत चाचा के अंडरवियर को नीचे खींच दिया चाचा के 7 इंच लंबे लंड को देखने लगीं और उसको अपने हाथ से धीरे-धीरे टच कर रही थीं और बोलीं आप नहीं सुधरेंगे…
इतना कहकर उनके बड़े लंड को अपने मुट्ठी में पकड़ कर आगे-पीछे करते हुए वीडियो देखने लगीं… तब ही चाचा ने मम्मी के सिर को पकड़ा और अपना लंड उनके मुँह में डालने लगे मम्मी भी बिना किसी हिचकिचाहट के उनके लंड को घिनाते हुए अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं… “Village Devar Bhabhi Chudai”
चाचा कुर्सी पर बैठकर ओओओओओह.. आआआआआह.. स्स्स्स्स्स्साह.. आआआआआ भाभी… की आवाजें निकाल रहे थे और मम्मी उनके लंड को धीरे-धीरे चूस रही थीं.. आज कल की पोर्न वीडियोस की तरह नहीं लेकिन हाँ अच्छा चूस रही थीं… कुछ देर ऐसे ही लंड चुसवाने के बाद चाचा उठे और मम्मी को भी उठाए अब चाचा पूरे नंगे थे मैंने चाचा को पहले नंगा कभी नहीं देखा था.. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उनका लंड बिल्कुल खड़ा था उन्होंने मम्मी को पीछे घुमाया और उनको पीछे से कस कर पकड़ कर उनके कानों को उनके गालों को और उनके गले में चुम्मा दे रहे थे और मम्मी ज़ोर-ज़ोर से हँस रही थीं… फिर उन्होंने मम्मी को छोड़ा और मम्मी की साड़ी उतार कर फेंक दिए और मम्मी को बेड पर सुला दिए और खुद उनके साया के अंदर अपना सिर घुसा कर कुछ कर रहे थे.
और मम्मी ज़ोर-ज़ोर से आआआह.. आआआह.. आआआह.. ओओओओह.. स्स्स्स्.. की आवाजें निकाल रही थीं… कुछ देर बाद मम्मी ने अपना साया खुद ऊपर कर दिया मैंने देखा मम्मी की चूत साँवले रंग की थी और उसपर थोड़े छोटे-छोटे बाल भी थे… और चाचा उसे बार-बार अपनी दोनों उँगलियों फैलाकर उसके ऊपर किस कर रहे थे…
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गर्मी के कारण दोनों लोग एकदम पसीने से भीग चुके थे… मम्मी ने चाचा के सिर को धकेलते हुए कहा अब बस करिए… और चाचा उठे और मम्मी के ऊपर सोकर उनके लिप्स पर किस करने लगे और मम्मी भी उनको किस कर रही थीं… चाचा ने किस करना छोड़कर मम्मी के साये की डोरी को खोला और साया उतार कर फेंक दिया.
उधर मम्मी ने बैठकर अपने ब्लाउज के हुक को खोल कर उतार दिया अब दोनों लोग बिल्कुल नंगे थे मम्मी के गले में केवल एक छोटा सा माला था… और चाचा अपने आलमारी में कुछ ढूँढने लगे पर मिला नहीं वो फिर वापस आकर हँसते हुए खड़े होकर मम्मी को अपने पास बुलाने लगे और मम्मी आईं.
तब उन्होंने मम्मी को अपने छाती से सटाकर गोदी उठा लिया और मम्मी को पूरे रूम में घुमाने लगे और कहने लगे अभी 3 दिन और रहूँगा घर पर और मम्मी को बेड पर लिटा दिए और मम्मी के दोनों पैरों को फैलाकर मम्मी की चूत को अपने लंड के पास खींचा और थोड़ा सा लंड अंदर डाला…
उतने में मम्मी के मुँह से हहह्ह्हाआआआआआहहहह की आवाज निकल गई… चाचा अपना थोड़ा सा लगभग एक इंच लंड अंदर डालकर मम्मी के ऊपर सो गए और अपने दोनों हाथों से मम्मी को जकड़ लिए सेम मम्मी ने भी चाचा को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और दोनों मिशनरी पोज़ में आ गए… “Village Devar Bhabhi Chudai”
और चाचा ने पूछा दर्द हो रहा है क्या… मम्मी ने कहा नहीं-नहीं तब ही चाचा ने अपना लंड आगे-पीछे करना स्टार्ट कर दिया और लगभग एक मिनट तक ऐसे ही करते हुए एकदम से एक ही बार में ज़ोरदार धक्का लगाया और अपना पूरा लंड अंदर डाल दिए जिससे मम्मी एकदम से अपना सिर पीछे करते हुए चिल्लाईं.. आआआआआह हहहहहह रुकिए रुकिए…
मगर चाचा रुके नहीं और पूरे स्पीड से मम्मी को चोदने लगे… और मम्मी आआआह ओओओह.. ओओओओह.. हेय भगवान… करते हुए सिसक रही थीं… अचानक चाचा रुक गए और अपना लंड चूत से निकाल कर थोड़ी दूर बैठकर हाँफने लगे और मम्मी भी हाँफते हुए अपने चूत को सहलाते हुए हँस रही थीं.
लगभग 2 मिनट तक हाँफते के बाद चाचा ने मम्मी को अपनी तरफ खींचते हुए कहा अब पहले जैसे करते हैं और मम्मी को तुरंत उल्टा लिटा दिए और मम्मी की गांड को फैलाते हुए चूत में अपना लंड डालने लगे पर गया नहीं उन्होंने तुरंत बेड पर पड़े पिलो को उठाकर मम्मी के कमर के नीचे लगाया.
और फिर से उनकी गांड पर चुम्मा देते हुए फिर से गांड फैलाकर चूत में लंड डालने की कोशिश करने लगे अचानक मम्मी बोलीं… हाााँ वही है… और चाचा ने उनके दोनों बूब्स को अपने हाथों से पकड़ लिया और मम्मी को चोदने लगे और ज़ोर-ज़ोर से… थप.. थप.. थप.. थप.. थप.. थप की आवाज आने लगी. “Village Devar Bhabhi Chudai”
कुछ देर बाद मम्मी बोलीं अब देर हो रही है रहने दीजिए… चाचा रुके नहीं और चोदते रहे थोड़ी देर में ही एकदम से मम्मी के ऊपर सो गए और ज़ोर-ज़ोर से हाँफने लगे और मम्मी भी हाँफते हुए बोलीं.. आआआह ओओओह मज़ा आ गया और हँसने लगीं और कहने लगीं अब रहने दीजिए नहीं तो मम्मी जी के उठने का समय हो गया है. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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उधर चाचा ने मम्मी की पीठ पर किस किया और कहा मुझे भी आज बहुत मज़ा आया भाभी और मम्मी को अपनी गोद में बिठाकर बोले क्या करूँ टाइम ही नहीं है नहीं तो अभी तो आपको 2 बार और चोदता….और मम्मी की चुचियों को चूसने लगे… थोड़ी देर बाद मम्मी उनके सिर को धक्का देकर बेड से उतर गईं और उनका नीचे पड़ा अंडरवियर उनके ऊपर फेंक दीं.
चाचा उठे और तुरंत अपना अंडरवियर पहन लिए और मम्मी को उनका ब्लाउज पहनाकर हुक बंद किया उनको साड़ी पहनने में मम्मी की मदद करने लगे… और बोले रात में करेंगे.. भाभी… तब ही मेरी बहन ऊपर आई और मुझसे पूछी मम्मी कहाँ है और जाकर दरवाजे पर मारते हुए बोली मम्मी दादी चाय बनाने को बोली हैं…
मम्मी दादी चाय बनाने को बोली हैं… मम्मी चिल्लाईं आ रही हूँ तुम चलो….मैं और मेरी बहन नीचे चले गए… थॉड़ी देर बाद मम्मी नीचे तो अम्मा ने बोला सुमित क्या कर रहा है.. मम्मी बोलीं कल ही आए हैं तो रास्ते में थकान हो गई है इसलिए सो रहे हैं… और यह कहकर चाय बनाने लगीं… दोस्तों अगर आपको यह कहानी अच्छी लग रही है तो प्लीज कमेंट में बताइए मैं इस कहानी का अगला पार्ट जल्दी शेयर करूँगा… बाय बाय.
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