Vidhwa Aunty Chudai Kahani
मेरा नाम सुजीत है और मेरी उम्र 26 साल है. मैं दिखने में थोड़ा बहुत सुंदर हूं और मैं इस साइट का बहुत पुराना रीडर हूं. मैंने इसकी लगभग सभी कहानियां पढ़ी हैं. ये घटना मेरे साथ 2 महीने पहले घटी है. मैं बैंगलोर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूं और अभी थर्ड ईयर में हूं. Vidhwa Aunty Chudai Kahani
मुझे सभी लड़कियों की तरफ पहले से ही बहुत ज्यादा लगाव रहा है. ये मेरी पहली और रियल स्टोरी है और अगर मुझसे कोई गलती हो गई हो तो प्लीज मुझे माफ कर देना. तो अब मैं आप सबको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधे अपनी स्टोरी पर आता हूं.
अब यहां मेरे अंकल भी रहते थे जिनके यहां मैं अक्सर जाया करता था. उनके घर में वो, उनकी पत्नी और उनकी एक बेटी जो कि 19 साल की है और उनका एक बेटा जो कि 18 साल का है वो रहते हैं. अंकल की उम्र कोई 54 साल की होगी और उनकी पत्नी की उम्र कुछ 48 साल होगी.
अंकल बहुत ज्यादा शराब पीते थे तो उनको कैंसर हो गया था और उसके चलते उनकी 1 साल पहले मौत हो गई. अब उनकी मौत होने के बाद उनका घर जैसे बहुत ही प्रॉब्लम में चलने लगा था. अब मैं सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूं. ये बात 2 महीने पहले की है.
मैं ऐसे ही मिलने आंटी के घर पर गया था तो आंटी मुझे देखकर बहुत खुश हुई और जैसे कि हर बार होती है क्योंकि मैं उन्हें बहुत हंसाता हूं. मैं जब आंटी के साथ मिला तो आंटी को देख के मैं हैरान हो गया. आंटी थोड़ा भी नहीं बदली थी. शनिवार का दिन था तो आंटी ने मुझसे कहा कि आज रात का खाना यहीं खा लेना और आज रात यहीं रुक जाना.
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तो मैंने भी हां कर दी. मेरे दिमाग में आज तक उनके बारे में गलत ख्याल नहीं आया था और मैं उनकी बहुत इज्जत करता था. फिर हमने साथ में मिलकर खाना खाया और आंटी की बेटी का सेलेक्शन बेंगलुरु में इंजीनियरिंग के लिए हुआ था तो वो घर पर नहीं थी. वहां सिर्फ वो और उनका लड़का ही था.
अब खाना खाने के बाद वो ऊपर के रूम में सोने के लिए चला गया और मैं और आंटी टीवी देखने लगे और बातें करने लगे. अब बातों बातों में हमारा टॉपिक अंकल पर चला गया और आंटी थोड़ी दुखी हो गई और रोने लगी. अब मैं उनके करीब ही बैठा था तो मैंने उनके कंधे पर हाथ रख दिया और उनको समझाने लगा कि जो हो गया वो हो गया उसको याद करके ज्यादा परेशान मत हो और उनको हंसाने की कोशिश करने लगा.
लेकिन आंटी समझने को बिल्कुल ही तैयार नहीं थी. फिर थोड़ी देर के बाद वो उठी और रोते रोते अपना चेहरा धोने के लिए बाथरूम की तरफ चली गई. उस वक्त रात के 11 बजे थे और अब मुझसे भी रहा नहीं गया और मैं उनके पास उनको मनाने चला गया. फिर मैंने उनको टॉवल दिया और टॉवल देते वक्त मेरा हाथ उनकी चूची को गलती से लग गया लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया.
फिर वो पानी पीने लगी तो मैं नीचे रखा ग्लास उठाने के लिए झुका तो वो थोड़ा पीछे खिसकी और उनकी गांड से मेरा हाथ टच हो गया. इस बार मेरे दिमाग में थोड़ी गंदी सोच आ गई और मेरा ईमान खराब हो गया. उनका वो टच ही कुछ ऐसा था कि मेरा लंड खड़ा हो गया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तब मैंने जीन्स पहनी थी तो उनको कुछ नहीं लगा. फिर वो शांत हो गई और मेरे साथ बैठकर फिर से टीवी देखने लगी. अब टीवी देखते समय मैं ऊपर वाले कमरे में गया और उनके छोटे लड़के की एक नाइट पेंट पहनकर नीचे चला आया. अब मैं फिर से आंटी से बातें करने लगा और थोड़ी ही देर में मैंने उनको अपनी बातों से हंसा दिया और वो नॉर्मल हो गई.
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अब वो मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछताछ करने लगी. फिर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनसे पूछ लिया कि अंकल और उनका रिलेशन कैसा था वगैरह वगैरह तो वो फिर से दुखी हो गई. फिर मैंने उनकी जांघ पर हाथ रख दिया तो वो हैरान हो गई और मेरी तरफ गुस्सा करके देखने लगी.
फिर मैंने उनकी आंखों में आंखें डालकर उनसे कहा कि मैं आपकी जरूरतें समझ सकता हूं और आपको पिछले 4 साल से वो नहीं मिला है जो हर औरत की ख्वाहिश होती है. अब वो मेरी बात समझ गई और मेरे गाल पर एक जोर का चांटा मार दिया. फिर मैंने उनसे कहा कि अगर आपकी इच्छा हो तो मैं वो खुशी आपको देने की कोशिश करूंगा और ये बात किसी को पता भी नहीं चलेगी और घर की बात घर में ही रहेगी.
फिर वो बहुत ज्यादा गुस्सा हो गई और उन्होंने फिर से मुझे एक और चांटा मारा और गुस्सा होकर ऊपर सोने चली गई. फिर थोड़ी देर के बाद मैं भी टीवी बंद करके सो गया. फिर करीब आधे घंटे के बाद आंटी फिर से मेरे पास आई और तब मैं सो गया तो उन्होंने मुझे जगाया और कहा कि ये बात किसी और को मत बताना. तो अब मैं समझ गया कि वो भी गर्म हो चुकी है.
फिर मैंने उसके लिप पर अपने लिप रख दिए और उनकी चूचियां आराम से दबाने लगा. उनकी चूचियां बहुत बड़ी और मुलायम थीं. सॉरी दोस्तों मैं आपको मेरी आंटी के बारे में तो बताना ही भूल गया. वो जरा मोटी है और रंग गोरा और उनका फिगर कुछ 38-30-38 है. “Vidhwa Aunty Chudai Kahani”
फिर मैंने उनको बहुत कसकर पकड़ लिया और अपना हाथ उनकी जांघों पर फेरने लगा और अपना हाथ फेरते फेरते मैं उनकी चूत को सलवार के ऊपर से ही सहलाने लगा. फिर थोड़ी देर के बाद वो बहुत गर्म हो गई और मजा लेने लगी. अब मैं लगातार उनके लिप चूसता रहा और अब वो भी मेरा बहुत साथ दे रही थी.
मैं उनकी निचली होंठ को धीरे से काटता, फिर चूसता, अपनी जीभ उनके मुंह के अंदर घुमाता और उनकी गरम सांसों को महसूस करता. उनकी सांसें तेज होती जा रही थीं और उनके होंठों पर हल्की नमी आ गई थी. फिर मैं उनके गले पर अपनी जीभ घुमाने लगा. अब वो बहुत ज्यादा मचलने लगी और मेरे सर के बालों में अपना हाथ घुमाने लगी.
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उनकी उंगलियां मेरे बालों को जकड़ रही थीं और हल्के से खींच रही थीं. फिर उन्होंने मेरा लंड जो कि पूरी तरह से खड़ा हो चुका था उसे मेरी नाइट पेंट के ऊपर से ही पकड़कर दबाने लगी और हिलाने लगी. उनकी गर्म हथेली लंड की पूरी लंबाई पर ऊपर नीचे घूम रही थी, कभी जोर से दबाती तो कभी हल्के से सहलाती. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर मैंने उनका सलवार निकाल दिया और उनके पेट को चाटने लगा. दोस्तों मुझे औरतों का जिस्म चाटने में बहुत मजा आता है. मैं उनकी नाभि के चारों तरफ जीभ फिराता, कभी हल्का चूसता तो कभी पूरे पेट पर लार फैलाता. उनकी त्वचा गर्म और नरम थी, हल्की पसीने की महक आ रही थी जो मुझे और उत्तेजित कर रही थी.
फिर मैंने अपने थूक से उनके पूरे पेट को गीला कर दिया. फिर उन्होंने मुझे धक्का दिया और अपने से अलग कर दिया और मेरे ऊपर आ गई और मुझे हग करके मुझे किस करने लगी. उनकी भारी चूचियां मेरी छाती पर दब रही थीं, निप्पल सख्त होकर चुभ रहे थे.
फिर उन्होंने मेरा नाइट पेंट निकाल दिया और मेरे लंड को चाटने लगी. दोस्तों अब मुझे बहुत मजा आ रहा था. उनकी गर्म जीभ लंड की नोक से लेकर अंडकोष तक चाट रही थी, हर जगह लार छोड़ती जा रही थी. फिर वो मेरे लंड को चूसने लगी और अब मुझे वो बहुत ज्यादा एक्सपर्ट और भूखी लग रही थी. “Vidhwa Aunty Chudai Kahani”
अब वो मेरा मुठ भी मार रही थी और मेरा लंड भी चूस रही थी. उनकी मुंह की गर्मी, जीभ की नमी और हल्के दांतों का हल्का स्पर्श सब मिलकर मुझे पागल कर रहा था. फिर करीब 10 मिनट के बाद मैं उनके मुंह में ही झड़ गया. फिर मैंने उनको नीचे लिटाया और उनकी ब्रा को खोल दिया और उनकी चूचियों को चूसने लगा.
उनके चूचे इतने बड़े थे कि मैं अपने दोनों हाथों से पकड़ पकड़कर दबा रहा था. अब मैं उनकी चूचियां करीब 5 मिनट तक चूसता रहा. फिर मैं थोड़ा नीचे आया और उनकी जांघों को चाटने लगा. अब वो पूरी तरह से मदहोश हो रही थी. तब मेरा ध्यान उनकी पैंटी पर गया तो वो पूरी तरह से गीली हो चुकी थी. शायद वो झड़ चुकी थी.
फिर मैंने उनकी पैंटी निकाल दी और उनकी चूत को चाटकर साफ करने लगा. लेकिन उनकी चूत की खुशबू सूंघकर मैं तो जैसे पागल ही हो गया. फिर वो मोन करने लगी और आवाजें निकालने लगी. आआ सस्सस्स हह ऊऊ ईईसस्सस्स और चाटो प्लीज और अंदर तककककक एयाया हह एयाया हह एयाया हह.
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अब मैं उनकी चूत के दाने को चाटने लगा और अब मैं लगातार उनकी चूत के दाने को चूसने लगा और अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगा. अब तो वो पागल हो रही थी और मेरा सर पकड़कर अपनी चूत पर दबा रही थी. अब मैं उनकी चूत 15 मिनट तक चाटता रहा. फिर वो झड़ गई और मैं उनकी चूत का पानी पूरा पी गया.
वाउ यार क्या टेस्ट था. फिर मैंने उनकी ब्रा से उनकी चूत साफ की तो वो कहने लगी कि अब और मत तड़पाओ प्लीज. अब अपना लंड मेरी चूत में डाल दो प्लीज प्लीज प्लीज. फिर मैं उठा और उनके ऊपर आ गया. फिर उन्होंने मेरा लंड अपनी चूत पर सेट किया और कहा कि पहले धीरे धीरे अंदर डालना क्योंकि मैंने पिछले 4 साल से चुदाई नहीं की है.
फिर मैंने ओके कहा और अपना लंड धीरे धीरे उनकी चूत में डालने लगा. उनकी चूत बहुत टाइट थी. फिर उन्होंने मुझे रुकने को कहा और अपने मुंह से थोड़ा थूक निकाला और अपनी चूत को गीला कर दिया. फिर मैंने लंड अंदर डालने की कोशिश की तो इस बार मेरा लंड धीरे से उनकी चूत में चला गया. “Vidhwa Aunty Chudai Kahani”
लेकिन वो चिल्ला उठी और अब उनकी आंखों में से आंसू निकल पड़े. फिर मैंने अपने होंठ उनके होंठ पर रख दिए ताकि ज्यादा आवाज ना हो. मैं उनकी गरम और नरम होंठों को चूसता रहा, अपनी जीभ उनके मुंह में डालकर उनकी जीभ से खेलता रहा ताकि उनका ध्यान दर्द से हट जाए. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर मैं एकदम धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा. हर बार सिर्फ दो-तीन इंच ही अंदर जाता और बाहर निकालता. उनकी चूत की टाइट दीवारें मेरे लंड को जोर से दबा रही थीं, जैसे वो उसे अंदर खींच रही हों. उनकी चूत बहुत गर्म और नम थी, हर धक्के के साथ हल्की-हल्की चिकनी आवाज निकल रही थी.
फिर करीब 2 मिनट में उनका दर्द थोड़ा कम हुआ और वो मेरी गांड को पकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी. उनकी उंगलियां मेरी गांड के मांस में गड़ रही थीं और वो मुझे और गहराई में खींच रही थीं. फिर मैं समझ गया और मैंने अपनी रफ्तार तेज कर दी और उनकी टाइट चूत को चोदने लगा.
अब मेरे लंड के पूरे स्ट्रोक गहरे और तेज हो गए थे. हर धक्के पर उनकी चूत का मुंह थोड़ा खुलता और मेरे लंड को पूरी तरह निगल लेता. फिर करीब 5 मिनट बाद वो मोन करने लगी आऊऊ ईसस्सस्सस्स और करो और करो. चोदो अपनी रांड को. बुझा दो मेरी चार साल की प्यासस्सस और करो प्लीज. चोदो मुझे ययययसस्सस्सस्स्स.
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उनकी आवाजें तेज होती गईं, सांसें फूलने लगीं और उनका पूरा शरीर मेरे नीचे तड़पने लगा. उनकी बड़ी-बड़ी चूचियां हर जोरदार धक्के पर ऊपर नीचे उछल रही थीं. फिर करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मैं जब झड़ने वाला था तो मैं अपना लंड बाहर निकालने लगा. तब आंटी बोली कि अंदर ही छोड़ दे रे तेरा पानी.
फिर मैं उनकी चूत में ही झड़ गया और अब मेरे झड़ते ही वो भी झड़ गई और अब उनका और मेरा गर्म गर्म पानी आपस में मिल गया था. वाउ यार क्या फीलिंग थी. फिर हम कुछ देर वैसे ही पड़े रहे. फिर हम उठ गए और उस रात हमने फिर से एक बार चुदाई की. तब से जब भी आंटी को मेरी जरूरत लगती है मैं उनके यहां चला जाता हूं. सब लोग जानते हैं कि हर औरत की कोई ना कोई ख्वाहिश होती है और वो तो उनको पूरी करनी चाहिए क्योंकि ख्वाहिशें पूरी करने के लिए ही होती हैं.
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