Sasur Fuck Bahu Kahani
मेरा नाम अनुपम है। मैं शादीशुदा हूं और मेरी उम्र अभी 30 साल हो चुकी है। मेरी बीवी उन्नति की उम्र 28 साल है। ये पूरी घटना अप्रैल 2021 के आसपास की है, जब हमारी उम्र क्रमशः 25 और 23 साल थी। हमारे साथ मेरे पापा और मां घर में रहते थे। उस समय उन्नति का एक भीषण एक्सीडेंट हो गया। पापा, मां और उन्नति तीनों मंदिर जा रहे थे। Sasur Fuck Bahu Kahani
रास्ते में एक तेज रफ्तार गाड़ी ने उनकी कार को जोर से टक्कर मार दी। एक्सीडेंट ड्राइवर की तरफ से हुआ था, इसलिए पापा को कुछ नहीं हुआ, लेकिन मां और उन्नति बुरी तरह घायल हो गईं। मां के हाथ-पैर में फ्रैक्चर आ गया और आंखों में गहरी चोट लगी।
उन्नति को सिर पर गहरी चोट आई और दोनों आंखों के आसपास इतनी सूजन थी कि डॉक्टरों ने कहा – दोनों को कम से कम दो-तीन महीने तक आंखों पर पूरी तरह पट्टी बांधनी पड़ेगी। मुझे ऑफिस में खबर मिली तो मैं सीधा हॉस्पिटल भागा। वहां पता चला कि पापा बिल्कुल ठीक हैं, मां को 10 दिन हॉस्पिटल में रखना होगा, और उन्नति को उसी दिन डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
मैं उन्नति को घर ले आया। पापा मां के पास हॉस्पिटल में रुक गए। घर पहुंचकर मैंने उन्नति से कहा, “तुम्हें अभी आराम की बहुत जरूरत है। अपने पापा के घर चली जाओ कुछ दिन।” लेकिन उन्नति ने साफ मना कर दिया। वो बोली, “नहीं अनुपम, मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ सकती। मैं यहीं रहूंगी।”
मैंने बहुत समझाया लेकिन वो नहीं मानी। दो दिन बाद ऑफिस में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की अचानक छापेमारी हो गई। मुझे पूरी रात ऑफिस में रुकना पड़ा। मैंने पापा को फोन किया और बताया, “पापा, आज रात मैं घर नहीं आ पाऊंगा। उन्नति अकेली रहेगी।”
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पापा ने कहा, “चिंता मत कर बेटा, मैं हूं ना। मैं हॉस्पिटल से घर आ जाऊंगा। सब संभाल लूंगा।”
उसी रात ने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी। मुझे बाद में घर में लगे छिपे हुए कैमरों से सब कुछ पता चला। मैंने गांव जाने से पहले हॉल, हमारे बेडरूम और पापा के कमरे में बहुत छोटे-छोटे वायरलेस कैमरे लगवा रखे थे। किसी को भी इनका पता नहीं था। उस रात पापा हॉस्पिटल से घर लौटे।
काम वाली बाई ने खाना बनाकर रखा था और चली गई थी। घर में सिर्फ उन्नति और पापा अकेले थे। उन्नति को पता नहीं था कि मैं रात में नहीं आ रहा हूं। वो नहाकर निकली, आंखों पर काली पट्टी बंधी हुई थी। पुराने ढीले-ढाले कपड़े पहने थे। उसे लगा कि शायद बाई अभी घर में ही है।
वो नहाकर बाहर आई और हाथ में अपनी ब्रा और पेंटी लेकर बोली, “सुन गुड्डी, ये जरा धोकर सुखा देना।” पापा चुपचाप आगे बढ़े और कपड़े ले लिए। जैसे ही वो कुछ बोलने वाले थे, उन्नति बोली, “अब तुम बाहर जाओ, मुझे नाइट ड्रेस पहननी है।”
पापा ने दरवाजा ऐसे ही बंद कर लिया और कमरे के अंदर ही खड़े रह गए। मेरी और पापा की बॉडी शेप, कद-काठी लगभग एक जैसी थी। आवाज भी काफी मिलती-जुलती थी। इसलिए अंधेरे में और पट्टी की वजह से उन्नति को कुछ समझ नहीं आया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उन्नति ने धीरे-धीरे पुराने कपड़े उतारने शुरू किए। पहले टॉप उतारा, फिर ब्रा, फिर पजामा और आखिर में पेंटी। वो पूरी नंगी हो गई। उसके गोरे-गोरे रसीले बूब्स, पतली कमर और टाइट गुलाबी चूत देखकर पापा की सांसें तेज हो गईं। उन्होंने चुपके से अपना लंड बाहर निकाला और मुठ मारना शुरू कर दिया। उन्नति की पेंटी मुंह पर रखकर सूंघते हुए वो उसे घूर रहे थे।
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अचानक उन्नति का गाउन हाथ से छूट गया और फर्श पर गिर गया। वो झुककर उठाने लगी। पापा भी साथ में झुक गए। उनका मुंह ठीक उन्नति की चूत के पास पहुंच गया। उन्होंने गहरी सांस लेकर चूत की खुशबू ली। उन्नति को कुछ महसूस नहीं हुआ। पापा का लंड इतना उत्तेजित हो गया कि वीर्य की धार निकल गई। उनका पूरा हाथ भर गया।
उन्नति ने दरवाजा खोला और बाहर निकल गई। पापा भी चुपके से पीछे-पीछे निकल आए। उन्नति ने गुड्डी को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। फिर उसने मुझे फोन किया, लेकिन मेरा फोन स्विच ऑफ था। वो घबरा गई। फिर पापा को फोन किया। पापा पहले से ही मेरे कमरे में पहुंच चुके थे। फोन उठाकर बोले।
उन्नति बोली, “पापा आप कब आओगे?”
पापा ने जवाब दिया, “बेटी, आज नहीं आ पाऊंगा। मां को हॉस्पिटल में अकेला नहीं छोड़ सकता।”
उन्नति बोली, “ठीक है पापा।”
फिर उसने फोन रख दिया और खुद से बोली, “अब चिंता नहीं। अनुपम के पास चाबी है ना। वो आएंगे, खाना खाएंगे और सो जाएंगे।”
उन्नति वापस कमरे में चली गई और बेड पर लेट गई। पापा का लंड फिर से खड़ा हो गया। उन्नति की टाइट चूत और रसीले बूब्स की याद ने उन्हें पागल कर दिया। मेरी 7 इंच की लंबाई से भी उन्नति की चूत बहुत टाइट लगती थी। पापा का लंड कैमरे में साफ दिखा – करीब 9 इंच लंबा, मोटा, नसों से भरा हुआ और पूरी तरह कड़क।
एक घंटा बीत गया। पापा धीरे से उठे और मेरे कमरे की तरफ बढ़े। दरवाजा खोला। उन्नति गहरी नींद में थी। पापा चुपके से बेड पर लेट गए। पहले उन्होंने उन्नति के होठों को सूंघा। फिर धीरे से नीचे सरककर चूत के पास नाक ले गए और गहरी सांस ली। उन्नति करवट बदली। पापा डर गए लेकिन उन्नति ने हंसकर कहा, “अरे हे राम अनुपम, मैं तो डर गई थी। तुम थक चुके होगे। सो जाओ। चलो, मैं तुम्हारे हाथ-पैर दबा देती हूं।”
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पापा ने सिर्फ “हां” में जवाब दिया। उन्नति ने पापा के हाथ दबाने शुरू किए। फिर पैर दबाने लगी। एक पैर दबाते वक्त उसका हाथ पापा के लंड पर चला गया। लंड तुरंत खड़ा हो गया। उन्नति ने एक पैर ऊपर करके पापा के पैर पर बैठ गई। उसने काली पेंटी पहनी हुई थी। वो बहुत सेक्सी लग रही थी।
फिर उन्नति बोली, “अभी दूसरा हाथ बाकी है।” वो पापा के लंड पर ही बैठ गई और ऊपर-नीचे होने लगी। लंड और सख्त हो गया। उन्नति हंसकर बोली, “ये क्या है? इतनी गर्म चीज?” पापा पसीना-पसीना हो रहे थे। उन्नति ने उनके गाल पर चुटकी काटी और बोली, “आज मैं तुम्हें कुछ नहीं करने दूंगी, बस।”
लेकिन उसकी हरकतों से लंड पहले से ज्यादा कड़क हो गया। पापा ने धीरे से अपना पजामा का नाड़ा खोला और पैरों से खींचकर निकाल दिया। अब उनका लंड पूरी तरह बाहर था। उन्होंने हाथ उन्नति की जांघों पर फिराने शुरू किए। उन्नति ऊपर-नीचे हो रही थी। गर्मी बढ़ती जा रही थी। “Sasur Fuck Bahu Kahani”
अचानक उन्नति को एहसास हुआ कि लंड बाहर है। वो रुक गई। पापा ने चड्डी को धक्का देकर नीचे किया। उन्नति बोली, “आज नहीं अनुपम, आज मैं एमसी में होने वाली हूं।” लेकिन उसकी आवाज में नखरे थे। वो साइड में लेट गई। पापा उसके ऊपर चढ़ गए। जोरदार किस शुरू कर दिया।
एक हाथ गाउन के अंदर डालकर बूब्स दबाने लगे। दूसरा हाथ चड्डी पर रखकर सहलाने लगे। उन्नति भी धीरे-धीरे साथ देने लगी। वो बोली, “आज मैं तुम्हारा लंड मुंह में लूंगी।” उसने लंड हाथ में पकड़ा तो चौंक गई, “अरे ये इतना बड़ा और मोटा कैसे?”
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पापा ने लंड उसके मुंह में डाल दिया। उन्नति को अब शक हो गया कि ये अनुपम नहीं है। वो डर गई। लेकिन डर की वजह से चुप रही। कंबल ओढ़कर लेट गई और बोली, “मुझे नींद आ रही है। कल करेंगे।” पापा रुके नहीं। फिर से ऊपर चढ़ गए। जबरदस्ती होठ चूसने लगे। बूब्स जोर-जोर से दबाए। चड्डी पूरी तरह उतार दी।
उन्नति डर से कांप रही थी लेकिन चुप थी। पापा ने फिर लंड मुंह में डाला। उन्नति के मुंह से “आह्ह… ग्ग्ग्ग… गी… गी…” जैसी आवाजें निकलने लगीं। पापा जोर-जोर से चुसवा रहे थे। फिर लंड को चूत पर रगड़ने लगे। उन्नति की चूत अनचाहे भी गीली हो गई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
पापा ने मुंह लगाकर चूत चाटनी शुरू की। जीभ अंदर डालकर चाटते रहे। उन्नति ने मन में ठान लिया कि वो झड़ेगी नहीं। लेकिन पापा ने बूब्स इतने जोर से दबाए और चूत इतनी गहराई से चाटी कि उन्नति कंट्रोल खो बैठी। “आह्ह… ओह्ह… इह्ह… आह ह ह…” वो ऊंची हो गई।
पापा ऊपर आए। होठ चूसते रहे। बूब्स दबाते रहे। लंड का सुपाड़ा धीरे से अंदर डाला। चूत गीली थी। लंड थोड़ा अंदर गया तो चूत लंड के साथ ऊपर उठी। फिर धीरे-धीरे धक्के देने लगे। आधा लंड अंदर चला गया। उन्नति फिर गर्म हो गई। पहले ही तीन बार झड़ चुकी थी। चूत में पानी इतना था कि फच-फच की आवाज आने लगी। “Sasur Fuck Bahu Kahani”
पापा ने एक जोरदार धक्का मारा। पूरा 9 इंच का लंड चूत के अंदर समा गया। उन्नति चीख पड़ी, “आह्ह्ह्ह… ऊंह… ओह्ह… बहुत बड़ा है…” लेकिन वो पैर लपेटकर चिपक गई। पापा ने जोर-जोर से धक्के मारे। उन्नति की आहें निकलने लगीं, “आह्ह… हां… और जोर से… चोदो मुझे… ओह्ह… ऊंह… आऊं… ऊईई…”
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पापा ने उसे घोड़ी बनाया। पीछे से पकड़कर जोर-जोर से पेला। चूत से पानी बह रहा था। फिर वापस मिशनरी में आ गए। उन्नति बार-बार झड़ रही थी। “आह्ह… मत रुको… और जोर से… आह्ह… मैं झड़ रही हूं…” लेकिन वो अभी भी मुझे ही समझ रही थी। करीब एक घंटे तक चुदाई चलती रही। आखिर पापा ने जोर से धक्का मारा और वीर्य उन्नति की चूत में डाल दिया।
दोनों थककर लेट गए। सुबह मैं घर पहुंचा। उन्नति जल्दी से नहा-धोकर फ्रेश हो गई। पापा मेरे कमरे में सो रहे थे। मैं बेड के पास गया तो चादर पर खून के धब्बे देखे। समझ गया कि कुछ गड़बड़ हुई है। मैंने सीधे कैमरे की फुटेज चेक की। पूरी रात की चुदाई देखकर मेरे होश उड़ गए। लेकिन मैंने उन्नति को कुछ नहीं बताया। उन्नति ने भी मुझे कुछ नहीं बताया कि रात में क्या हुआ। अब मैं उन्नति को कभी भी अकेला नहीं छोड़ता।
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