Rasili Chudai Kahani
नमस्ते दोस्तों, मैं सतवीर, आपके सामने अपनी जिंदगी की एक हॉट और रसीली कहानी लेकर हाजिर हूँ। मेरी उम्र 28 साल है, मैं एक बिजनेसमैन हूँ, और मेरी कद-काठी ठीक-ठाक है—छह फुट का कद, चौड़ी छाती और जिम में पसीना बहाकर बनाया हुआ बदन। मेरी मासी, नीलम, जिन्हें मैं प्यार से रानी बुलाता हूँ, 38 साल की हैं, लेकिन उनकी जवानी देखकर कोई कह ही नहीं सकता कि वो इतनी उम्र की हैं। Rasili Chudai Kahani
उनकी फिगर 36-28-38 की है, गोरी चमड़ी, बड़े-बड़े रसीले दूध और गोल-मटोल गांड जो किसी का भी लंड खड़ा कर दे। हम दोनों का रिश्ता सिर्फ मासी-भांजे का नहीं, बल्कि पति-पत्नी जैसा है। हर रात हम चुदाई का ऐसा खेल खेलते हैं कि बदन में आग लग जाती है।
मेरी रानी मासी मेरे साथ दिल्ली में रहती हैं, और हर शाम जब मैं काम से थककर घर लौटता हूँ, वो मेरी थकान मिटाने के लिए अपने नरम हाथों से मुझे नहलाती हैं। फिर रात को सोने से पहले वो मेरे लिए स्ट्रिप टीज करती हैं—अपने कपड़े धीरे-धीरे उतारती हैं, अपनी चूचियों को हिलाती हैं, और गांड मटकाकर मुझे पागल कर देती हैं।
इसके बाद रात भर चुदाई का दौर चलता है। जब भी मैं बिजनेस ट्रिप पर जाता हूँ, रानी को साथ ले जाता हूँ ताकि चुदाई का मजा कहीं रुके नहीं। एक बार मुझे दिल्ली में कुछ काम के लिए जाना था। मैंने सोचा कि होटल बुक कर लूँ, लेकिन रानी ने कहा, “नहीं, हम मेरी सहेली मारिया के घर रुकेंगे। मैं उससे 8 साल से नहीं मिली, और मेरा बहुत मन है उससे मिलने का।”
मैंने तुरंत मना कर दिया, “नहीं, ये ठीक नहीं। किसी और के घर रहेंगे तो हमारी चुदाई का क्या होगा? दो दिन बिना चूत के कैसे कटेंगे?” लेकिन रानी ने हँसते हुए कहा, “अरे, तू फिक्र मत कर। मैं तेरी जरूरत का पूरा ख्याल रखूँगी। बस दो दिन की तो बात है।” उनकी बातों में वो प्यार और शरारत थी कि मैं मान गया।
तो हम दिल्ली में मारिया के घर पहुँचे। मारिया 38 साल की थी, रानी जितनी ही खूबसूरत। उसकी फिगर 38-30-40 थी, बड़े-बड़े दूध जो ब्लाउज में कैद होने को तड़प रहे थे, और उसकी गांड तो ऐसी थी कि बस देखते ही लंड सलामी देने लगे। गोरी चमड़ी, लंबे काले बाल, और वो टाइट साड़ी में कमाल लग रही थी।
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मारिया विधवा थी, और अकेले एक 2 BHK फ्लैट में रहती थी। उसने अपने आपको इतना मेंटेन किया था कि देखकर लगता था वो अभी भी 30 की हो। लेकिन मेरे लिए मेरी रानी ही सबकुछ थीं। मारिया ने कहा, “नीलम, तू मेरे साथ मेरे कमरे में सोएगी, और सतवीर, तुम उस कमरे में अकेले रहो।”
ये सुनकर मेरा दिल बैठ गया। भला मैं अपनी रानी के बिना कैसे रहता? लेकिन रानी ने मुझे आँख मारकर इशारा किया कि सब ठीक हो जाएगा। फिर जैसे-तैसे दो दिन निकल गए। मैं हर रात रानी को चोदने की तलब में तड़पता रहा, लेकिन मारिया के घर में मौका नहीं मिला। आखिरी दिन सुबह मुझे काम से छुट्टी थी। मैं नहा-धोकर तैयार हुआ और किचन की ओर जा रहा था। तभी मैंने रानी और मारिया की बातें सुनी। मैं रुक गया और उनकी कानाफूसी सुनने लगा।
रानी: “मारिया, तुझे क्या हो गया है? तेरे शौहर के गुजरने के बाद तू इतनी उदास क्यों रहती है?”
मारिया: “क्या मतलब?”
रानी: “मतलब, कॉलेज में तो लड़के तेरे इस हॉट जिस्म पर मरते थे। लेकिन अब तेरे चेहरे की वो चमक क्यों गायब है? बता, क्या बात है?”
मारिया: “छोड़ ना, नीलम।”
रानी: “अरे, अपनी बेस्ट फ्रेंड से भी छुपाएगी? बता दे, अगर मैं तेरी कोई मदद कर सकूँ तो जरूर करूँगी।”
मारिया ने आह भरी और बोली: “ठीक है। तू तो जानती है, मेरे शौहर को मरे दो साल हो गए। इन दो सालों में मैंने एक बार भी सेक्स नहीं किया।”
रानी: “क्यों?”
मारिया: “अरे, मैं विधवा हूँ, और ऊपर से बांझ। मुझसे कोई शादी करना नहीं चाहता।”
रानी: “लेकिन तेरी सेहत का इससे क्या लेना-देना?”
मारिया: “लेना-देना है, नीलम। दो साल से मैंने लंड नहीं देखा। जब मेरे शौहर थे, तब उनके चार इंच के लंड से मैं नखरे करती थी। अब तो हालत ऐसी है कि दो इंच की लुल्ली भी नसीब नहीं। XXX मूवी देखती हूँ तो मेरी चूत गीली हो जाती है, और फिर रात भर नींद नहीं आती। इसलिए मैंने वो सब भी छोड़ दिया।” ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रानी: “तो फिर अपनी चूत की प्यास कैसे बुझाई?”
मारिया: “मैंने इंटरनेट पर अपनी फोटो डालीं, सोचा कोई तो मेरी चूत को देखकर चोदने आएगा। लेकिन कोई नहीं आया, और मेरे पैसे भी बर्बाद हो गए। अब मैंने उम्मीद छोड़ दी। बस भगवान से दुआ करती हूँ कि कोई फरिश्ता आए और मेरी चूत की आग बुझाए। तू बता, नीलम, तेरे पति ने भी तो तुझे छोड़ दिया। तुझे ऐसा कुछ नहीं होता?”
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रानी: “क्यों नहीं होता? लेकिन मेरे पास इसका इलाज है।”
मारिया: “इलाज? कैसा इलाज?”
रानी ने शरारती मुस्कान के साथ कहा: “मेरा भांजा, सतवीर।”
मारिया चौंकी: “क्या? तू रंडी की तरह अपने भांजे से चुदवाती है?”
रानी: “अरे, इसमें रंडीपन क्या? मैं औरत हूँ, वो जवान मर्द है। सेक्स में हम सिर्फ मर्द और औरत हैं, कोई मासी-भांजा नहीं। और वैसे भी, सतवीर का सात इंच का लंड देखकर कोई भी अपनी चूत और गांड मरवाना चाहेगी। तू कहे तो मैं सतवीर से तेरे लिए बात करूँ?”
मारिया: “नहीं, नहीं!”
रानी: “अरे, मान जा। कब तक अपनी चूत को तड़पाएगी? मेरी बात मान ले।”
मारिया: “अगर मैं मान भी लूँ, तो क्या सतवीर मुझे चोदेगा?”
रानी: “क्यों नहीं? वो मर्द है। उसे दो चूत मिलेंगी, तो वो मना थोड़े करेगा!”
ये सब सुनकर मेरा लंड पैंट में तंबू बन गया। मारिया जैसी माल को चोदने का मौका? मैं तो खुशी से पागल हो रहा था। थोड़ी देर बाद मारिया ने हामी भर दी। दोपहर को रानी मेरे कमरे में आईं और पूरी बात बताईं। मैंने पहले नखरे किए, “नहीं, मैं सिर्फ अपनी रानी को चोदूंगा।”
लेकिन रानी ने मेरे गाल पर चुम्मा देते हुए कहा, “मेरे लाड़ले, अगर तू मुझसे इतना प्यार करता है, तो मेरी सहेली की प्यास भी बुझा दे।”
मैंने थोड़ा नाटक किया, लेकिन आखिर में मान गया। रात को मैं सिर्फ अंडरवियर में अपने कमरे में दोनों रानियों का इंतजार कर रहा था। रानी और मारिया ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामने आईं। उनके जिस्म की गर्मी कमरे में आग लगा रही थी।
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मैंने मारिया से कहा, “आप बाहर इंतजार करें। पहले मैं अपनी रानी को चोदूंगा।”
लेकिन रानी ने हँसते हुए कहा, “नहीं, उसे यहीं रहने दे। वो देखे कि हम कैसे चुदाई करते हैं।”
मैंने रानी की बात मान ली। मैंने उन्हें अपनी बाहों में खींचा और उनके रसीले होंठों को चूसने लगा। उनकी जीभ मेरी जीभ से लिपट रही थी, और उनके मुँह से हल्की-हल्की सिसकारियाँ निकल रही थीं—उम्म… आह…। मैंने उनके ब्लाउज के बटन खोले, और उनकी 36D की ब्रा में कैद चूचियाँ बाहर निकल आईं।
मैंने उनकी ब्रा खींचकर उतारी और उनके बड़े-बड़े दूध को मसलने लगा। उनके निप्पल कड़क हो गए थे। मैंने एक निप्पल मुँह में लिया और चूसने लगा—चप… चप…। रानी की सिसकारियाँ तेज हो गईं, “आह… सतवीर… और चूस… उफ्फ… कितना मजा आ रहा है।”
मैंने उनकी पेटीकोट की डोरी खींची, और वो नीचे गिर गया। अब रानी सिर्फ काली पैंटी में थीं। मैंने उनकी पैंटी को धीरे-धीरे नीचे सरकाया, और उनकी चिकनी चूत मेरे सामने थी। उनकी चूत पहले से ही गीली थी, और उसकी खुशबू मुझे पागल कर रही थी। “Rasili Chudai Kahani”
मैंने उनकी चूत पर अपनी जीभ रखी और चाटना शुरू किया। “उम्म… आह… सतवीर… और चाट… मेरी चूत को चूस ले… आह…” रानी का बदन कांप रहा था। मैंने उनकी चूत का रस चाटा, और उनकी क्लिट को जीभ से रगड़ने लगा। वो जोर-जोर से सिसक रही थीं, “आह… उफ्फ… सतवीर… तू तो मेरी जान ले लेगा…।”
मारिया ये सब देख रही थी, और वो अपने दूधों को ब्लाउज के ऊपर से मसल रही थी। उसकी आँखों में वासना साफ दिख रही थी। मैंने रानी को बिस्तर पर लिटाया और उनकी चूत में उंगली डाल दी। उनकी चूत इतनी गीली थी कि मेरी दो उंगलियाँ आसानी से अंदर-बाहर हो रही थीं।
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“आह… सतवीर… और तेज… उफ्फ…” रानी चिल्ला रही थीं। मैंने उनकी चूत को चाटते-चाटते उनकी गांड के छेद को भी सहलाया। उनकी गांड इतनी रसीली थी कि मैंने जीभ से उसे चाटना शुरू कर दिया। “उफ्फ… सतवीर… तू क्या कर रहा है… आह… मेरी गांड… उह…”
फिर रानी ने मेरी अंडरवियर उतारी, और मेरा सात इंच का लंड उनके सामने था। वो उसे देखकर बोलीं, “हाय… कितना मोटा लंड है तेरा… आज मेरी चूत फाड़ देगा।” उन्होंने मेरे लंड को अपने नरम हाथों में लिया और चूमने लगीं। फिर धीरे-धीरे उसे मुँह में लेकर चूसने लगीं—चप… चप…। “Rasili Chudai Kahani”
उनकी जीभ मेरे लंड के टोपे पर घूम रही थी, और मैं सिसकारियाँ ले रहा था, “आह… रानी… और चूस… उफ्फ… कितना मजा देती हो तुम।” मारिया ये देखकर अपनी चूचियों को और जोर से दबा रही थी। कुछ देर बाद मेरा रस निकलने को हुआ। मैंने रानी को बताया, लेकिन वो रुकी नहीं।
उन्होंने मेरा सारा रस अपने मुँह में ले लिया और चाट-चाटकर साफ कर दिया। “उम्म… तेरा रस तो बहुत टेस्टी है, सतवीर…” वो बोलीं। मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटाया और उनकी चूत में अपना लंड धीरे-धीरे डाला। उनकी चूत इतनी टाइट थी कि लंड अंदर जाते ही मुझे जन्नत का अहसास हुआ।
“आह… सतवीर… धीरे… तेरा लंड बहुत बड़ा है… उफ्फ…” रानी सिसक रही थीं। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए—ठप… ठप…। हर धक्के के साथ उनकी चूचियाँ उछल रही थीं। मैंने उनकी चूत को करीब 15 मिनट तक चोदा। वो चिल्ला रही थीं, “आह… सतवीर… और जोर से… मेरी चूत फाड़ दे… उफ्फ… कितना मजा आ रहा है…।”
मैंने उनकी टांगें ऊपर उठाईं और गहरे धक्के मारने शुरू किए। उनकी चूत का रस बह रहा था, और बिस्तर गीला हो गया। आखिर में मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उनका पेट सारा रस से भर दिया। रानी ने हाँफते हुए कहा, “अब मारिया की बारी है।” उन्होंने मारिया को बुलाया। “Rasili Chudai Kahani”
मारिया पास आई और मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया। “उम्म… सतवीर… तेरा लंड तो जादू करता है…,” वो बोली। मैंने रानी की गांड अपने मुँह के पास लाई और उसे चाटने लगा। उनकी गांड का स्वाद मुझे पागल कर रहा था। “आह… सतवीर… मेरी गांड चाट… उफ्फ…” रानी सिसक रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर रानी ने कहा, “अब तुम दोनों करो, मैं सोने जा रही हूँ।” वो अपने कपड़े लेकर दूसरे कमरे में चली गईं। मारिया मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। मैंने उसकी ब्रा उतारी, और उसके बड़े-बड़े 38D के दूध मेरे सामने थे। मैंने उन्हें मसलना शुरू किया, और उसके निप्पल चूसने लगा।
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“आह… सतवीर… कितना मजा दे रहे हो… उफ्फ…” मारिया सिसक रही थी। मैंने उसकी पैंटी उतारी, और उसकी झांटों वाली चूत मेरे सामने थी। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया। उसकी चूत का स्वाद रानी से अलग था, लेकिन उतना ही मादक। “उम्म… सतवीर… और चाट… मेरी चूत को खा जा… आह…” मारिया चिल्ला रही थी।
मैंने उसकी चूत में उंगली डाली और चूसता रहा। उसका बदन कांप रहा था। मारिया ने कहा, “सतवीर, पहले मेरी गांड मारो। मेरी गांड में कभी लंड नहीं गया। आज तू इसे अपना बना ले।” मैंने तेल लिया, अपने लंड को चिकना किया और उसकी गांड पर भी तेल लगाया। मैंने धीरे-धीरे अपना लंड उसकी गांड में डाला। “Rasili Chudai Kahani”
“आह… सतवीर… दर्द हो रहा है… उफ्फ…” वो चिल्लाई। मैं रुक गया, लेकिन उसने कहा, “रुक मत… फाड़ दे मेरी गांड… आह…” मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। उसकी गांड इतनी टाइट थी कि मेरा लंड फंस सा गया था। “ठप… ठप…” हर धक्के के साथ वो सिसक रही थी, “आह… सतवीर… और जोर से… मेरी गांड को चोद… उफ्फ…”
करीब 20 मिनट तक मैंने उसकी गांड मारी। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसकी चूत में लंड डाला। उसकी चूत इतनी गीली थी कि लंड आसानी से अंदर चला गया। “आह… सतवीर… तेरा लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है… और जोर से… उफ्फ…” वो चिल्ला रही थी। मैंने उसके दूध पकड़े और जोर-जोर से धक्के मारने लगा—ठप… ठप…।
उसके दूध उछल रहे थे, और वो सिसकारियाँ ले रही थी, “आह… सतवीर… कितना मजा आ रहा है… और चोद… मेरी चूत को फाड़ दे…” मैंने उसे मिशनरी पोजीशन में लिटाया और उसकी चूत को फिर से चोदा। उसकी चूत का रस मेरे लंड को गीला कर रहा था। आखिर में मैंने अपना रस उसके मम्मों पर छोड़ा।
वो हाँफते हुए मेरे पास लेट गई। मैंने उसके दूधों को सहलाया और एक निप्पल मुँह में लेकर सो गया। सुबह रानी ने मारिया से पूछा, “कैसा रहा?” मारिया चुप रही, लेकिन उसकी आँखों में उदासी थी। मुझे पता चला कि वो हमारे जाने से दुखी थी। मैंने रानी से कहा, “क्यों ना हम मारिया को अपने साथ ले चलें?” रानी ने हामी भरी, और मारिया को ये बात बताई। मारिया खुशी से पागल हो गई। अब हम तीनों एक ही घर में रहते हैं। दो-दो चूतों की चुदाई ने मेरी जिंदगी को जन्नत बना दिया है।
Rohit says
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