Jija Sali Bathroom Sex
फ्रेंड्स, मेरा नाम सुधीर है। मैं 36 साल का हूँ और शादी-शुदा आदमी हूँ। मैं यूपी से हूँ। मेरी हाइट 5’11” है और रंग सावला है। मेरा लंड 7 इंच का है। मेरे 2 बच्चे भी हैं। ये कहानी मेरी और मेरी साली की चुदाई की है। चलिए अब हम सीधे कहानी पर आते हैं। मेरी बीवी की फैमिली में उसके मम्मी-डैडी, उसकी छोटी बहन यानी मेरी साली और एक छोटा भाई है। Jija Sali Bathroom Sex
सबसे छोटा भाई अभी सिर्फ 15 साल का है और स्कूल जाता है। वह घर के सबसे छोटे सदस्य है जो परिवार में मासूमियत भरा वातावरण बनाए रखता है। मेरी साली का नाम अंकिता है और वो अभी 21 साल की जवान, खूबसूरत और बेहद आकर्षक लड़की है। अंकिता कॉलेज में पढ़ती है और अक्सर हमारे घर में आती-जाती रहती है।
हमें उसकी कंपनी बहुत अच्छी लगती है और वह भी यहां आकर खुश रहती है क्योंकि यहां उसे आराम और परिवार का प्यार दोनों मिलता है। अंकिता का रंग बेहद गोरा, निखरा हुआ और चमकदार है जो सूरज की किरणों में मोती की तरह चमकता है। उसका फिगर बेहद मस्त, सेक्सी और temptation भरा हुआ है।
उसका माप तकरीबन 32-26-34 का होगा जिसमें उसके स्तन भरे-भरे, दूधिया और उभरे हुए हैं जो देखने में ही पानी मुंह में ला देते हैं और कल्पना में उन्हें दबाने का मन करता है। उसकी कमर पतली और कसी हुई है जबकि उसके कूल्हे गोल-गोल, मोटे और उभरे हुए हैं जो हर कदम के साथ लहराते और हिलते हैं तथा उनकी नरमाई और दृढ़ता का मिश्रण बहुत ही कामुक लगता है।
उसके गोरे रंग पर लाल-लाल, मोटे और चमकदार होंठ मुझे बेहद आकर्षित करते हैं। वे इतने रसीले लगते हैं कि उन्हें चूमने, चूसने और काटने का मन बार-बार करता है और उनकी नमी की कल्पना से ही शरीर में सनसनी दौड़ जाती है। जब से अंकिता जवान हुई थी और उसके शरीर में स्त्रीत्व के लक्षण साफ दिखने लगे थे, तब से ही मेरी उस पर गंदी, वासना से भरी और कामुक नजर थी।
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मैं अक्सर रातों को उसे नंगी कल्पना करके अपने लंड को हिलाता था और उसकी छवि से उत्तेजित होकर झड़ जाता था। लेकिन मैंने उसको कभी भी ऐसा महसूस होने नहीं दिया कि मेरे मन में उसके प्रति क्या गंदी इच्छाएं हैं। मैं हमेशा सामान्य, प्यार भरा और भाई जैसा व्यवहार ही करता था ताकि कोई शक न हो।
पिछले साल अंकिता अपने कॉलेज की लंबी छुट्टियों में हमारे घर रहने के लिए आई थी। जिस दिन वह आई, उसने नीली टाइट जींस और ऊपर एक सफेद फिटेड टी-शर्ट पहनी हुई थी। वो टी-शर्ट उसके भरे-भरे स्तनों पर इतनी तनी हुई थी कि उनकी पूरी गोलाई, उभार और यहां तक कि हल्की कटाव भी साफ दिखाई दे रही थी तथा कपड़ा उनके आकार को परफेक्टली आउटलाइन कर रहा था।
जींस उसकी मोटी जांघों पर चिपकी हुई थी और उसके गोल कूल्हों की शेप को परफेक्ट तरीके से उभार रही थी। हर कदम पर उसकी जांघें रगड़ खाती हुई लग रही थीं और जींस का खिंचाव उसकी त्वचा पर साफ महसूस होता था। मैं तो उसके उन टाइट कपड़ों में उसकी सेक्सी और आकर्षक बॉडी की शेप देखकर पूरी तरह हैरान और उत्तेजित हो गया था।
मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा था और मेरे शरीर में गर्मी फैलने लगी थी जो मेरे लंड तक पहुंच रही थी। मेरे पेरेंट्स तीर्थ यात्रा पर बच्चों को लेकर गए हुए थे इसलिए घर पर सिर्फ मैं और मेरी बीवी ही मौजूद थे। हमने अंकिता को आरामदायक गेस्ट रूम दे दिया और वह वहां अपना सामान रखकर रहने लगी।
रात के डिनर खाने के वक्त अंकिता ने एक हल्की और पतली सफेद टी-शर्ट तथा काली टाइट लेगिंग्स पहनी हुई थी। उसकी पतली टी-शर्ट के अंदर से उसके कड़े, खड़े और उभरे हुए निपल्स बहुत स्पष्ट रूप से दिख रहे थे। क्योंकि उसने ब्रा नहीं पहनी थी, इसलिए उसके स्तनों की गुलाबी नोकें कपड़े को अंदर से जोर से दबा रही थीं और बाहर की ओर उभरी हुई दिख रही थीं।
उस गोरे और चमकदार रंग की टी-शर्ट पर उन निपल्स की आकृति इतनी साफ थी कि मैं उन्हें घूरता ही रह गया और अपनी नजरें हटाना मुश्किल हो गया। देखते ही मेरे मुंह में लार भर आई और मेरा सांस तेज हो गया तथा गला सूखने लगा। उसके उन कड़क, सख्त और उत्तेजक निपल्स को देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया।
मेरे मन में तुरंत बहुत गंदी और कामुक कल्पनाएं घूमने लगीं कि कैसे मैं अपनी जीभ से उन्हें चाटूं, मुंह में भरकर जोर-जोर से चूसूं, दांतों से हल्का-हल्का काटूं और अपने हाथों से उसके स्तनों को मसलों तथा उन्हें निचोड़ूं। मेरे लंड में खून का जोरदार बहाव बढ़ गया, वह हल्का-हल्का फड़कने और मोटा होने लगा।
फिर जब वह खाना खाकर अपनी प्लेट उठाकर रखने के लिए उठकर किचन की तरफ गई, तो उसकी सेक्सी, गोल-मटोल और मोटी गांड मेरी आंखों के सामने लहराने लगी। टाइट लेगिंग्स उसकी गांड की दोनों भारी और उभरी गोलियों को इतनी अच्छी तरह से चिपकाकर दिखा रही थीं कि हर हिलने पर वे जैसे नाच रही हों और उनकी गोलाई पूरी तरह उजागर हो रही थी। बीच में उसकी पैंटी की गहरी लाइन साफ दिख रही थी जो उसकी गांड की दरार को हाइलाइट कर रही थी और कपड़े को अंदर की तरफ खींच रही थी।
उसकी सेक्सी गांड देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा होने लगा। वह पैंट के अंदर तेजी से फूल गया, फड़कने लगा और पूरी ताकत से तनाव महसूस होने लगा। उसकी लेगिंग्स में से पैंटी की स्पष्ट लाइन देखकर मेरा मन और भी ज्यादा उत्तेजित और बेचैन हो गया। दिल तो कर रहा था कि उसको अभी नंगी करके अपना लंड उसके अंदर डाल दूं, लेकिन ऐसा कुछ मुमकिन नहीं था।
फिर हम सब ने थोड़ी बातें की और फिर सोने चले गए। ऐसे ही 3 दिन बीत गए। उन तीन दिनों में मैं अंकिता के जिस्म को आंखों ही आंखों में पी रहा था। हर पल मेरी नजरें उसके आकर्षक शरीर पर टिकी रहती थीं। उसके भरे हुए स्तन टी शर्ट के नीचे से उभरते दिखते तो मेरा मन करता कि उन्हें हाथों में ले कर मसलूं और चूसूं। उसकी पतली कमर और गोल नितंबों की लहराती चाल देख कर मेरी कल्पनाएं उड़ने लगती थीं।
उसकी मोटी जांघें जब पास से गुजरती तो उनकी मुलायम त्वचा और हल्की खुशबू मुझे पागल कर देती। मेरा खुद पर से कंट्रोल जाता चला जा रहा था। रात को बिस्तर पर लेटते ही उसके नंगे बदन की तस्वीरें आंखों के सामने घूमने लगती थीं। अब मेरे दिमाग में सिर्फ अंकिता को चोदने के खयाल ही आ रहे थे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं बार बार सोचता कि कैसे उसके गीले मुंह में लंड डालूंगा, उसकी चूत को उंगलियों से फैलाऊंगा और फिर जोर जोर से ठोकूंगा। फिर एक दिन मुझे मौका मिला। रात के 12 बजे थे और सब सो चुके थे। पूरा घर गहरी नींद में डूबा हुआ था। चारों ओर सन्नाटा छाया हुआ था। केवल पंखे की हल्की सरसराहट और दूर कहीं घड़ी की टिक टिक सुनाई दे रही थी।
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अचानक से मेरी नींद खुली क्योंकि मुझे बहुत तेज सुसू लगी थी। मेरी ब्लैडर पूरी तरह भरी हुई थी। पेशाब की तीव्र इच्छा ने पूरे पेट में दबाव बना दिया था। मैं बिस्तर पर करवट बदल कर उठ बैठा। आंखें मलते हुए मैं धीरे से पैरों को फर्श पर रखा। मैं उठा और रूम से बाहर निकलकर बाथरूम की तरफ चला गया।
मेरे नंगे पैर ठंडे फर्श को छू रहे थे। ठंडक का एहसास पूरे शरीर में फैल रहा था। जब मैं बाथरूम के बाहर पहुंचा तो देखा बाथरूम की लाइट जल रही थी। पीली रोशनी दरवाजे के नीचे से बाहर निकल रही थी और गलियारे के अंधेरे को हल्का उजाला दे रही थी। पहले तो मैंने सोचा कि किसी ने लाइट ऑन करके ऐसे ही छोड़ दी होगी गलती से।
शायद कोई इस्तेमाल करके बाहर निकलते समय बंद करना भूल गया होगा। लेकिन जब मैं बाथरूम के दरवाजे के पास गया तो मुझे अंदर से कुछ आवाजें आने लगी। ये आवाजें किसी लड़की की थीं। हल्की हल्की कराहटें, तेज तेज सांस लेने की फुहारें और उंगलियों से गीली जगह रगड़ने की चिपचिपी ध्वनियां साफ सुनाई दे रही थीं।
ये आवाजें किसी लड़की की थीं और वो लड़की सिर्फ अंकिता ही हो सकती थी क्योंकि बीवी को मैं रूम में छोड़कर आया था। मेरे दिल की धड़कनें तेज हो गईं। शरीर में रोमांच की लहर दौड़ गई। मैंने देखा कि बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद नहीं था। हैंडल बिना किसी प्रतिरोध के घूम गया।
तो मैंने दरवाजे पर हाथ रखा और धीरे से दरवाजा खोला। दरवाजा बिना किसी आवाज के चुपचाप खुल गया। जैसे ही मैंने अंदर देखा तो मैं अंदर का नजारा देखता ही रह गया। मेरी सांस थम सी गई। अंकिता जमीन पर सिर्फ टी शर्ट पहनकर बैठी थी और नीचे से नंगी थी।
उसने टी शर्ट को अपनी छाती तक ऊपर खींच लिया था। उसके भरे हुए स्तन आधे खुले हुए थे। निप्पल सख्त होकर उभरे हुए थे। उसकी जांघें काफी चौड़ी फैली हुई थीं। घुटने मोड़कर वह आराम से बैठी थी। उसकी चिकनी गुलाबी चूत पूरी तरह खुली हुई दिख रही थी।
उसके एक हाथ में मोबाइल फोन था और कानों में ईयरफोन्स लगे हुए थे। उसका दूसरा हाथ उसकी चूत पर था जिसको वो मसल रही थी। उसकी उंगलियां चूत की बाहर वाली लेबिया को फैलाकर बीच में छिपी क्लिटोरिस को तेज गोलाकार घुमाते हुए रगड़ रही थीं। कभी वह एक उंगली अंदर घुसा कर अंदर बाहर कर रही थी।
कभी दो उंगलियां डालकर जोर से हिला रही थी। वो मोबाइल पर कुछ देख रही थी और साथ में अपनी चूत को रगड़ रही थी। स्क्रीन पर चल रहे अश्लील वीडियो की हल्की रोशनी उसके चेहरे पर पड़ रही थी। उसकी चूत से पारदर्शी चिपचिपा रस लगातार निकल रहा था।
वह उसके हाथ पर चमक रहा था और जांघों की अंदरूनी सतह पर बह रहा था। हवा में उसकी उत्तेजना की मादक मुस्की गंध फैल रही थी। अंकिता की सांसें बहुत तेज और भारी हो चुकी थीं। उसके होंठ हल्के से खुले हुए थे। कभी कभी हल्की आह निकल रही थी। उसका चेहरा कामुकता से लाल हो गया था। आंखें आधी बंद थीं। भौंहें सिकुड़ी हुई थीं। पूरे शरीर पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं।
उसको इस हाल में देखकर मेरा लंड पूरा तन गया। मेरे लंड में खून की रफ्तार बढ़ गई। वह पैंट के अंदर ही फड़कने लगा। मेरे दिमाग में आया कि ये सही मौका था। अब इंतजार करने का समय नहीं बचा था। फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा हो गया। मैंने शर्ट को सिर के ऊपर से उतारा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर पैंट की जिप खोली और पैंट व अंडरवियर को एक साथ नीचे सरका दिया। ठंडी हवा मेरी नंगी त्वचा को छू रही थी। मेरा लंड पूरा तना हुआ था। वह लंबा मोटा और पूरी ताकत से खड़ा था। उसकी नसें उभरी हुई थीं। सिर लाल और फूला हुआ था। सिरे से पारदर्शी प्री कम का एक कतरा टपक रहा था। लंड हल्के हल्के झटके मार रहा था।
अब मैंने धीरे से बाथरूम का पूरा दरवाजा खोला और अंकिता के सामने जाकर खड़ा हो गया। मेरे नंगे पैर फर्श पर ठंडक महसूस कर रहे थे। मेरा लंड अंकिता के मुंह के सामने झटके मार रहा था। वह उसके चेहरे से महज दो तीन इंच की दूरी पर हवा में लहरा रहा था। तभी अंकिता की नजर मेरे लंड पर पड़ी। “Jija Sali Bathroom Sex”
नजर पड़ते ही उसकी आंखें बड़ी हो गईं। उसकी पुतलियां फैल गईं। चेहरे पर हैरानी और झटका साफ दिखाई दिया। इससे पहले वो कुछ बोल पाती या कर पाती, मैंने उसके बाल पकड़कर अपना लंड उसके मुंह में दे दिया और अंदर बाहर करने लगा। मैंने उसके घने मुलायम बालों को मुट्ठी में कस कर पकड़ लिया।
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उसके सिर को अपनी तरफ खींचा। मेरा मोटा लंड का सिर पहले उसके होंठों से टकराया। उसके नरम गर्म होंठ धीरे धीरे अलग हुए। लंड का सिर उनके बीच से घुसा। अंदर का गर्म नम मुंह उसे लपेटने लगा। जीभ नीचे की तरफ दब गई। मैंने कूल्हों को आगे बढ़ाया। लंड आधा अंदर चला गया।
उसके गाल थोड़े से फूल गए। फिर मैंने पीछे खींचा। लंड का सिर होंठों तक आया। फिर जोर से आगे धकेला। पूरी लंबाई तक अंदर चला गया। उसके गला थोड़ा सा दबा। मुंह से हल्की गड़गड़ाहट की आवाज निकली। लार मेरे लंड पर चिपक गई और उसके ठोड़ी पर बहने लगी।
मैंने तेजी से आगे पीछे हिलाना शुरू किया। हर थ्रस्ट पर उसके होंठ मेरे शाफ्ट को कस कर दबाते। उसके मुंह की गर्मी और नमी पूरे लंड पर फैल रही थी। उसकी आंखों में आंसू आ गए। चेहरा लाल हो गया। वो मुझे दूर करने की कोशिश करने लगी लेकिन कोशिश पूरी नहीं हुई।
कुछ देर में उसने अपनी कोशिश बंद कर दी और मजे से मेरा लंड चूसने लगी। उसकी जीभ अब मेरे लंड के मोटे सिरे पर गोल गोल घूमने लगी थी। वह अपनी नरम गर्म होंठों को कसकर मेरे शाफ्ट के चारों ओर लपेट रही थी। धीरे धीरे उसने अपना सिर आगे पीछे हिलाना शुरू किया। “Jija Sali Bathroom Sex”
हर बार जब मेरा लंड उसके मुंह में गहराई तक जाता तो उसकी गर्दन हल्की सी फूल जाती और गले से हल्की गड़गड़ाहट की आवाज निकलती। उसके मुंह से निकलने वाली चिपचिपी चूसने की ध्वनियां बाथरूम की दीवारों से टकरा रही थीं। लार की गाढ़ी धार उसके होंठों के कोनों से बहकर मेरे लंड पर और उसकी ठोड़ी तक टपक रही थी।
अंकिता की आंखें ऊपर उठकर मेरी आंखों से मिल रही थीं। उनमें शर्म की जगह अब पूरी कामुकता और समर्पण झलक रहा था। वह अब पूरी तरह मग्न होकर मेरा लंड चूस रही थी। लगभग 10 मिनट तक मैंने उसके मुंह को चोदा। मैंने उसके घने बालों को मुट्ठी में कसकर पकड़ लिया था। मेरे कूल्हे आगे पीछे हिल रहे थे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
कभी मैं धीमी गति से अंदर बाहर करता तो कभी तेज थ्रस्ट देकर उसके मुंह को पूरी तरह भर देता। उसके गाल हर धक्के पर फूल जाते और फिर सिकुड़ जाते। बाथरूम में केवल मेरे लंड के अंदर बाहर होने की गीली आवाजें और उसकी सांसों की फुहारें सुनाई दे रही थीं। मेरे लंड से लगातार प्री कम का पारदर्शी रस निकल रहा था जो उसकी जीभ पर फैल रहा था।
वह उसे स्वाद लेते हुए निगल रही थी। उसके चेहरे पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं। आंखों में आंसू आ गए थे लेकिन वह रुकना नहीं चाहती थी। फिर मैंने उसको खड़ा किया और उसको अपनी बाहों में भरकर किस करने लगा। मैंने उसके दोनों गालों को हाथों में थाम लिया और उसे अपनी छाती से चिपका लिया। “Jija Sali Bathroom Sex”
हमारे होंठ एक दूसरे से जोर से टकराए। मैंने उसके निचले होंठ को चूसना शुरू किया। हमारी जीभें एक दूसरे के मुंह में घुसकर उलझने लगीं। गर्म और मीठी लार का आदान प्रदान हो रहा था। उसके स्तन मेरी छाती से दब रहे थे। वो मेरा पूरा साथ दे रही थी। उसकी बाहें मेरी पीठ पर थीं और नाखून हल्के से खरोंच रहे थे।
हम दोनों के शरीर एक दूसरे से पूरी तरह सटे हुए थे। मेरा खड़ा लंड उसके पेट से दबाव महसूस कर रहा था। मैंने उसकी टी शर्ट उतारकर उसको पूरा नंगा कर दिया। मैंने टी शर्ट को उसके सिर के ऊपर से खींचकर फर्श पर फेंक दिया। अब अंकिता का पूरा गोरा और आकर्षक बदन मेरे सामने बिल्कुल नंगा खड़ा था।
उसके भरे हुए गोल बूब्स ऊपर नीचे हिल रहे थे। गुलाबी निप्पल सख्त होकर खड़े थे। होंठों को चूसने के बाद मैं उसके बूब्स चूसने लगा। मैंने एक स्तन को हाथ में दबाकर निप्पल को मुंह में लिया और जोर जोर से चूसने लगा। मेरी जीभ उसके निप्पल के चारों ओर घूम रही थी। कभी हल्का सा काट भी लेता।
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दूसरा स्तन मैं अपनी उंगलियों से मसल रहा था। वो कामुक आहें भर रही थी। उसकी आहें बाथरूम में गूंज रही थीं। उसके शरीर पर रोमांच की लहर दौड़ रही थी। साथ में मैं एक हाथ उसकी चूत पर ले गया और चूत सहलाने लगा। मेरी उंगलियां उसके गीले और फूले हुए लेबिया पर घूम रही थीं। “Jija Sali Bathroom Sex”
मैंने उसकी क्लिटोरिस को दो उंगलियों से दबाकर तेजी से रगड़ा। फिर एक उंगली उसके गर्म छेद में अंदर डाल दी और अंदर बाहर करने लगा। उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी और लंड लेने के लिए रेडी थी। उसका चिपचिपा रस मेरी उंगलियों पर बह रहा था। उसकी जांघों की अंदरूनी सतह भी गीली हो चुकी थी।
वह अपनी जांघें थोड़ी सी फैला रही थी ताकि मेरी उंगलियां आसानी से काम कर सकें। उसकी सांसें और तेज हो गई थीं। फिर मैंने उसको घुमाया और दीवार पर उसके हाथ रखवाकर उसको झुका दिया। मैंने उसे घुमाकर दीवार की तरफ मुंह करके खड़ा किया। उसके दोनों हाथों को दीवार पर ऊंचा रखवाया।
फिर मैंने उसकी कमर को दोनों हाथों से पकड़कर आगे झुका दिया। इससे उसकी गांड बाहर की तरफ आ गई। उसकी गोल मोटी गांड मेरे सामने पूरी तरह उभर आई थी। उसके बीच में गुलाबी और गीली चूत साफ दिख रही थी। फिर मैंने पीछे से उसकी चूत पर लंड सेट किया।
मैंने अपने लंड के फूले हुए सिरे को उसके गीले छेद पर रगड़ा और थोड़ा दबाव दिया। और एक ही धक्के में पूरा लंड अंदर घुसा दिया। उसके टाइट गर्म और नम अंदरूनी हिस्से ने मेरे लंड को कसकर जकड़ लिया। उसकी जोर की चीख निकली जिसकी वजह से मुझे उसका मुंह बंद करना पड़ा।
अंकिता की चूत टाइट थी लेकिन वो कुआंरी नहीं थी। मेरे मोटे लंड ने उसकी चूत को पूरी तरह फैला दिया था। फिर मैं धीरे धीरे लंड उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। हर बार बाहर निकालते समय उसके चूत के होंठ मेरे लंड को चूसते हुए बाहर आ रहे थे। अंदर धकेलते समय गीली चुटकी जैसी आवाज आ रही थी। “Jija Sali Bathroom Sex”
जब उसका दर्द कम हुआ तो मैंने उसका मुंह छोड़ दिया और धक्कों की स्पीड बढ़ा दी। अब वो मजे भरी सिसकियां भर रही थी। मैंने उसकी गांड पकड़ ली और जोर जोर से उसकी चूत चोदने लगा। पूरा बाथरूम ठप ठप की आवाज से गूंज रहा था। अपनी सेक्सी साली को चोदकर मुझे बहुत मजा आ रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
कुछ देर वैसे ही चोदने के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और नीचे जमीन पर लेट गया। जैसे ही मैंने अपना मोटा गीला लंड उसके टाइट गर्म छेद से धीरे से बाहर खींचा तो उसकी चूत के नरम फूले हुए होंठ मेरे शाफ्ट को जोर से चूसते हुए बाहर की ओर खिंचे। एक लंबी चिपचिपी धार उसका पारदर्शी और गाढ़ा रस मेरे लंड के पूरे सिरे और शाफ्ट पर फैल गया जो टूट कर उसके जांघों की अंदरूनी सतह पर बहने लगा।
अंकिता की चूत अब थोड़ी खुली हुई और लालिमा लिए हुए दिख रही थी। उसमें से हल्की हल्की सिकुड़न अभी भी चल रही थी। मैं बाथरूम के ठंडे फर्श पर पीठ के बल लेट गया। मेरी पीठ और नंगे कूल्हे ठंडी टाइल्स से छू रहे थे जिससे मेरे गर्म शरीर में रोमांच की लहर दौड़ गई।
फिर वो मेरे ऊपर आई और मेरा लंड अपनी चूत में लेकर उछालने लगी। अंकिता ने मेरे दोनों तरफ घुटनों को टिकाकर मेरे ऊपर सवार हो गई। उसने एक हाथ से मेरे तने हुए लंड को पकड़ा और उसके फूले सिरे को अपनी गीली चूत के बीच में रगड़ते हुए धीरे धीरे नीचे बैठने लगी।
मेरा लंड का सिरा उसके फैले हुए होंठों को अलग करता हुआ अंदर घुसा। फिर एक झटके में वह पूरी तरह नीचे बैठ गई और मेरा पूरा मोटा लंड उसकी चूत की गहराई तक समा गया। उसके गर्म नम अंदरूनी दीवारें मेरे लंड को कसकर जकड़ लीं। वो मेरी छाती पर अपने हाथ रखकर बड़े मजे से अपनी चूत चुदवा रही थी।
उसके भरे हुए बूब्स हर उछाल पर जोर जोर से ऊपर नीचे हिल रहे थे। गुलाबी निप्पल हवा में सख्त होकर लहरा रहे थे। वो मेरी छाती पर अपने हाथ रखकर बड़े मजे से अपनी चूत चुदवा रही थी। उसकी आंखें आधी बंद थीं और होंठ खुले हुए थे। हर बार जब वह ऊपर उठती तो मेरे लंड का आधा हिस्सा बाहर निकल आता और फिर ठप की तेज आवाज के साथ पूरी ताकत से नीचे बैठ जाती। “Jija Sali Bathroom Sex”
उसकी गांड मेरी जांघों से जोर से टकराती और चूत से निकलता चिपचिपा रस मेरे लंड अंडकोश और पेट पर फैलता जा रहा था। हवा में उसकी उत्तेजना की मादक गंध फैल रही थी। आधा घंटा मेरी साली मेरे लंड पर उछालती रही। वह कभी तेजी से ऊपर नीचे करती तो कभी धीरे धीरे घुमाकर अपनी चूत की हर दीवार को मेरे लंड से रगड़ती।
उसके पूरे शरीर पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं। बाल उसके चेहरे पर चिपक गए थे। उसकी सांसें भारी और तेज होती जा रही थीं। फिर वो आ आ करके झड़ गई। अचानक उसका पूरा शरीर सख्त होकर कांपने लगा। उसकी चूत मेरे लंड के चारों ओर जोर जोर से सिकुड़ने लगी। वह जोर जोर से आ आ की चीखें भरते हुए झड़ गई।
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उसके गर्म चूत के रस की फुहार मेरे लंड पर छूटने लगी और मेरे पेट तक बहने लगी। उसका चेहरा आनंद से लाल और विकृत हो गया था। आंखें पूरी तरह बंद हो गई थीं और मुंह से लंबी लंबी आहें निकल रही थीं। मेरा भी अब निकालने वाला था। मेरे लंड में भारी दबाव बन रहा था और अंडकोश सिकुड़ने लगे थे। “Jija Sali Bathroom Sex”
मैंने उसको अपने ऊपर से हटाया और खड़ा होकर लंड हिलाने लगा। मैंने अंकिता को अपनी छाती से धक्का देकर अलग किया और तेजी से खड़ा हो गया। मेरा लंड अब पूरी तरह फूला हुआ और चमकदार था। मैंने उसे अपनी मुट्ठी में पकड़कर तेज तेज गति से आगे पीछे हिलाना शुरू किया। वो घुटनों पर आकर मुंह खोलकर मेरे सामने बैठ गई। उसने अपना मुंह पूरा चौड़ा खोल लिया जीभ बाहर निकाल दी और आंखें ऊपर मेरे लंड पर टिका दीं।
फिर मैंने अपने माल की पिचकारी उसके मुंह पर डाल दी। मेरे लंड से गाढ़ा सफेद वीर्य की पहली जोरदार फुहार निकली जो सीधे उसके जीभ पर और मुंह के अंदर गिर गई। फिर लगातार कई धारें उसके होंठों गालों ठोड़ी और भरे बूब्स पर छूटती रहीं। कुछ वीर्य उसके मुंह में भर गया जिसे वह निगलने की कोशिश कर रही थी। बाकी उसके चेहरे पर बहकर चिपक गया। उसके बाद मैंने अपनी साली को बहुत बार चोदा और आज भी चोदता हूं।
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