Jawan Naukarani Ki Chut
मेरा नाम परवेज है, उम्र 22 साल, और मैं दिल्ली में रहता हूँ। मैं जिम में रेगुलर वर्कआउट करता हूँ, इसलिए मेरा बॉडी फिट और आकर्षक है—चौड़े कंधे, टोन्ड एब्स, और गोरा रंग जो लड़कियों को इम्प्रेस कर देता है। और हाँ, मेरा 7 इंच का टूल हमेशा तैयार रहता है, मोटा और नसों वाला. Jawan Naukarani Ki Chut
हमारे घर में एक नौकरानी आती थीं, जो अपनी बेटी के साथ सफाई का काम करतीं। आंटी की बेटी, हसीना, 20 साल की थी, और वो हमारे घर की सफाई करके पड़ोस के दूसरे घरों में चली जाती। वो गोरी-चिट्टी थी, स्मार्ट फिगर वाली—क्या बताऊँ, उसकी कमर पतली, हिप्स गोल और भरे हुए, और ब्रेस्ट्स फुल और पर्की, जो उसके सिंपल सलवार कमीज में भी उभरकर दिखते थे।
उसका चेहरा इतना क्यूट था—बड़ी-बड़ी आँखें, मुलायम होंठ, और जब वो चलती तो उसकी चाल में एक सेक्सी स्विंग होता, जो दिल की धड़कन तेज कर देता। वो इतनी सेक्सी लगती कि बस देखते ही मन करता उसे छू लूँ। मैं अक्सर सोचता कि काश उसके साथ कुछ हो जाए।
मॉम अक्सर बाहर जातीं— कभी शॉपिंग, कभी रिश्तेदारों के यहाँ—और तब घर में मैं और हसीना अकेले रह जाते। मैं मौके का फायदा उठाता, आने-जाने में उसकी बॉडी को हल्के से टच करता। जैसे जब वो किचन में बर्तन धो रही होती, मैं ग्लास लेने के बहाने उसके पीछे से गुजरता और मेरा हाथ उसकी गांड पर टच हो जाता.
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उसकी नरम, गोल गांड की फीलिंग इतनी अच्छी लगती कि मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता। वो पीछे मुड़कर शरमाती हुई मुस्कुराती, लेकिन कभी मना नहीं करती। मैं जानता था कि वो भी मुझे नोटिस करती है, उसकी आँखों में वो चमक थी जो बताती कि इंटरेस्ट दोनों तरफ से है।
एक दिन मॉम को किसी रिश्तेदार के घर जाना था, घर में कोई नहीं था, और मैं ट्यूशन गया हुआ था। जाते वक्त मॉम ने कहा, “परवेज, टाइम पर घर आ जाना, हसीना अकेली होगी।” उस दिन हमने हसीना को घर नहीं जाने दिया, ताकि वो खाना बना सके। हमारा घर कभी लॉक नहीं होता था, क्योंकि कोई न कोई हमेशा रहता। इसलिए उसे रोक लिया गया।
मैं ट्यूशन से जल्दी फ्री हो गया— उस दिन मैंने सोचा कि आज उसके साथ कुछ स्पेशल टाइम स्पेंड करूँगा, शायद वो मोमेंट आए जो मैं इंतजार कर रहा था। घर पहुँचा तो वो किचन में चावल साफ कर रही थी। उसने चोले भिगो रखे थे खाना बनाने के लिए।
मैंने कहा, “हसीना, ऊपर आओ ना, मैं तुम्हें कुछ अच्छा म्यूजिक सुनाता हूँ। मॉम आने से पहले खाना बना लेना।”
मैं भूल गया बताना कि उसे म्यूजिक बहुत पसंद था, वो अक्सर काम करते हुए गुनगुनाती रहती। वो हिचकिचाई, लेकिन मेरी बात मान ली और कंप्यूटर रूम में आ गई। वहाँ पहुँचकर मैंने उससे कैजुअल बातें शुरू कीं—कैसे हो, क्या चल रहा है, वगैरह। बातों-बातों में मैंने कंप्यूटर पर सेव्ड कुछ सेक्सी पिक्चर्स ओपन कर दीं— हॉट मॉडल्स की इमेजेस, जो थोड़ी बोल्ड थीं।
वो चौंक गई, “ये क्या खोल दिया आपने, परवेज?”
मैंने मुस्कुराकर उसका बाजू पकड़ा, धीरे से उसे पास के बेड पर लिटा दिया। वो शरम से लाल हो गई, लेकिन विरोध नहीं किया। मैंने उसके चेहरे को अपने हाथों में लिया और प्यार से उसके होंठों पर किस करना शुरू किया। उसके होंठ इतने मुलायम थे, जैसे मखमल, और वो पहले तो थोड़ा पीछे हटी, लेकिन फिर सरेंडर कर दी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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मैं जानता था कि वो भी मुझे पसंद करती है— हमारी आँखों में वो स्पार्क था, जो बताता कि ये म्यूचुअल है। किस करते-करते मैंने उसके बूब्स को सॉफ्टली प्रेस करना शुरू किया, उसके दुपट्टे को साइड किया और कमीज ऊपर उठाने लगा। वो मुस्कुरा रही थी, जैसे कह रही हो कि ये सब अच्छा लग रहा है, जारी रखो।
फिर मैंने उसकी कमीज उतार दी, उसके ब्रेस्ट्स अब मेरे सामने थे— गोरे, फर्म, और निप्पल्स पिंकिश ब्राउन, जो उत्तेजना से सख्त हो चुके थे। मैंने उसके बूब्स पर किस किए, जीभ से चाटा, और बॉडी पर हाथ फेरने लगा— उसकी कमर से लेकर हिप्स तक। वो अब चुप हो गई थी, बस एंजॉय कर रही थी, उसकी साँसें तेज हो रही थीं।
मैंने उसकी ब्रा अनहुक की और निप्पल्स को मुँह में लेकर चूसने लगा, हल्के से काटा भी। अब उसे मजा आने लगा था, उसके मुँह से धीमी-धीमी आहें निकल रही थीं, “आह्ह्ह… उह्ह्ह… परवेज…” और वो मेरे बालों में उंगलियाँ फेर रही थी, मुझे और करीब खींच रही।
किस करते-करते मैंने उसकी सलवार का नाड़ा ढीला किया और नीचे खींचना शुरू किया। मैं उसके ऊपर लेटा था, हमारी बॉडीज एक-दूसरे से चिपकी हुईं। सलवार थोड़ी नीचे करने के बाद मैंने उसे उठाया और पूरी उतार दी। नीचे उसने कुछ नहीं पहना था— उसकी चूत साफ, गुलाबी, और पहले से ही गीली हो चुकी थी।
अब वो मेरे सामने पूरी न्यूड थी, उसकी बॉडी परफेक्ट थी, जैसे कोई स्कल्प्चर। फिर उसने शरमाते हुए कहा, “आपने मुझे नंगा कर दिया, लेकिन आप अभी कपड़ों में हो। अनफेयर है ना?” मैंने हँसा और उसकी मदद से अपनी शर्ट उतारी, फिर ट्राउजर भी। अब हम दोनों बिल्कुल न्यूड थे— मेरा लंड फुल इरेक्शन में, जो उसे देखकर और एक्साइटेड हो गया।
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मैं उसके बूब्स चूसने लगा, पागलों की तरह, उन्हें दबाते हुए, और साथ ही उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा उंगलियाँ से क्लिट को रब किया, अंदर-बाहर किया। वो तड़प रही थी, उसकी चूत गीली हो गई थी। थोड़ी देर बाद मैंने बूब्स छोड़े और उसे अपना लंड पकड़ाया— जिसे देखकर वो पहले ही एक्साइटेड हो गई थी, उसकी आँखें चमक रही थीं।
पहले तो इनकार किया, “नहीं परवेज, शर्म आती है,” लेकिन मैंने इंसिस्ट किया और वो मान गई। वो मुँह में लेकर चूसने लगी— धीरे-धीरे, लेकिन जल्दी ही एक्सपर्ट की तरह। अब मैं बेड पर बैठा था और वो जमीन पर घुटनों के बल बैठी मुझे ब्लोजॉब दे रही थी, दुनिया का सबसे ज्यादा मजा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं उसके बाल पकड़कर उसके सिर को आगे-पीछे कर रहा था, डीप थ्रोट करवा रहा था। इससे पहले जब मैं उंगली से उसकी चूत सहला रहा था, वो दो बार झड़ चुकी थी—उसकी बॉडी काँप उठी थी, और वो “आह्ह्ह… परवेज… बस…” कहती रही। और जब मेरा क्लाइमैक्स आया तो मैंने उसके सिर को और जोर से मूव किया।
फिर मैं उसके मुँह में ही झड़ गया—गर्म कम बाहर निकला, उसने कुछ स्वॉलो किया और बाकी उसके चिन पर गिर गया। वो मुस्कुराई और उसे साफ किया। उसके बाद मैं नीचे झुका और जीभ से उसकी चूत के चारों तरफ सर्कल बनाने लगा—क्लिट को चाटा, अंदर जीभ डाली।
वो पागल हो गई, “परवेज, पता नहीं मुझे क्या हो रहा है… इतना अच्छा लग रहा है… अपनी चीज मेरी चूत में डालो… प्लीज, अब सहन नहीं होता।” मैंने उसकी बात मान ली क्योंकि मेरा टूल भी पूरी तरह रेडी था, फिर से हार्ड। तो मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और धीरे-धीरे अंदर डालने लगा।
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उसकी चूत टाइट थी, वर्जिन लग रही थी, लेकिन गीली होने से आसान हो गया। मैंने धीरे-धीरे किया ताकि मजा आए, कोई दर्द न हो। वो वर्जिन थी, लेकिन सब सॉफ्टली हुआ— कोई ब्लड नहीं, बस प्लेजर। इस बार उसकी टोपी अंदर चली गई। वो आवाजें निकाल रही थी, “अंदर करो… मुझे इसकी जरूरत है… और डालो, परवेज।”
मैंने एक सॉफ्ट पुश से अपना आधा लंड उसकी चूत में डाला तो वो सिसकारी, “ओऊऊ… मजा आ रहा है…” लेकिन कोई दर्द नहीं, बस एक्स्टसी। मैंने बात नहीं मानी और दूसरी स्ट्रोक में और अंदर किया, जितनी जगह मिली। और अब फुल स्ट्रोक्स लगाने लगा— धीरे से स्पीड बढ़ाई। “Jawan Naukarani Ki Chut”
उसकी पहले की सिसकारियाँ अब “हम्म… आह्ह्ह्ह्ह… ओह्ह्ह्ह… मजा आ रहा है… और जोर से करो, परवेज… हाँ, ऐसे ही…” में बदल गईं। और वो भी अपनी बॉडी को मेरे स्ट्रोक्स के साथ मूव करने लगी, हिप्स ऊपर उठाकर मुझे और डीप ले रही थी। हमारी बॉडीज का स्लैपिंग साउंड रूम में गूँज रहा था, पसीना बह रहा था।
तकरीबन 6 मिनट बाद मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो मैंने फौरन लंड बाहर निकाला और उसके चेस्ट पर सारा कम डाल दिया— गर्म, स्टिकी फ्लूइड उसके बूब्स पर फैल गया। वो उसे अपने चेस्ट पर मलने लगी, जैसे एंजॉय कर रही हो, और फिर मुझे अपने साथ लेटने को कहा।
मैं लेटा तो हमने जोर से एक-दूसरे को हग किया, हमारी नंगी बॉडीज चिपकी हुईं, और थोड़ी देर ऐसे ही रहे—साँसें मिलाकर, दिल की धड़कनें सुनकर। फिर वो कहने लगी, “मुझे नहीं पता था कि ये सब करने से इतना मजा आता है… तुमने मुझे जन्नत दिखा दी।” बेडशीट पर कुछ स्पॉट्स थे— हमारे कम के, लेकिन कोई ब्लड नहीं।
हम जल्दी उठे और वो बाथरूम नहाने गई, साथ बेडशीट भी धोने ले गई। दरवाजा खुला था तो मैं पहले बाहर से देखता रहा—उसकी न्यूड बॉडी पानी के नीचे चमक रही थी, ब्रेस्ट्स पर पानी बहता हुआ। जब वो बेडशीट धोकर नहाने लगी तो मैं पीछे से जाकर पकड़ लिया, उसे दीवार से सटाया और वहाँ भी किस किया— उसके होंठों पर पड़ा पानी और उसकी स्वीटनेस टेस्ट करने लगा। “Jawan Naukarani Ki Chut”
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नहाने के दौरान भी मैंने उसे बहुत टीज किया— उसकी चूत पर हाथ फेरा, बूब्स दबाए, और वो हँसते हुए कहती, “परवेज, अब मुझे जाने दो, ऐसा न हो कि आपकी मॉम आ जाएँ और मुझे खाना भी बनाना है।” बाहर आकर उसने नई बेडशीट बेड पर डाली और नीचे जाकर खाना बनाने लग गई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं भी ऊपर कंप्यूटर पर गाने सुनने लग गया, लेकिन मन में वो मोमेंट्स रीप्ले हो रहे थे। इसके बाद हमने कई बार ऐसे एंजॉय किया— जब भी मौका मिलता, घर में अकेले होते, तो वो इंटेंस सेशंस। अब उसकी शादी हो गई है और एक बच्चा भी है उसका। लेकिन अब भी जब वो अपनी मॉम-डैड के साथ मिलने आती है, तो हमारे घर जरूर आती है— शायद पुरानी यादें ताजा करने।
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