Hot Housewife Fuck Kahani
दोस्तो, मेरा नाम अभिषेक है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। आज मैं आपको अपने साथ घटी एक खूबसूरत घटना बताना चाहता हूं। कॉलेज खत्म होने के बाद मेरी नौकरी एक कंपनी में लग गई। मैं बहुत खुश था और रोज़ काम पर जाने लगा था। मुझे काम पर जाते हुए लगभग तीन महीने हो चुके थे। Hot Housewife Fuck Kahani
इन दिनों में मेरी दोस्ती मेरे सीनियर अमित के साथ हो गई। हम दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए थे और जॉब में लगभग हर समय साथ-साथ रहते थे। मैं उसके घर भी आने-जाने लगा था। अमित अपनी बीवी रौशनी के साथ रहता था। मेरी और रौशनी की भी ठीक-ठाक बातें होती थीं।
फिर जो एक दिन हुआ वो मैंने कभी सोचा नहीं था। एक रविवार की दोपहर थी। मौसम सुहाना था, हल्की ठंडी हवा चल रही थी। अमित ने मुझे फोन करके बाहर घूमने के लिए बुलाया था। हम दोनों पार्क के पास वाली कैफे में बैठे थे, कॉफी पीते हुए गपशप कर रहे थे। अचानक उसका चेहरा गंभीर हो गया।
उसने कप नीचे रखा और धीमी आवाज में बोला, “यार अभिषेक, मुझे एक बहुत बड़ी समस्या है… और इसमें बस तू ही मेरी मदद कर सकता है।”
मैंने कॉफी का घूंट लिया और मुस्कुराकर कहा, “बोल ना यार, क्या बात है? पैसे की जरूरत है क्या? कितने चाहिए, बता दे।”
अमित ने सिर हिलाया, “नहीं यार, वो बात नहीं है।”
वो थोड़ा झिझका, फिर गहरी सांस लेकर बोला, “मुझे शुगर की प्रॉब्लम है… और इसके कारण मुझे दूसरी बहुत बड़ी दिक्कत हो रही है। मैं रौशनी के साथ अच्छे से सेक्स नहीं कर पाता। मेरा लंड ठीक से खड़ा भी नहीं होता, और जब होता भी है तो ज्यादा देर टिकता नहीं। रौशनी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो पाती। वो परेशान रहती है, चुप-चुप रहती है, लेकिन मुझे पता है वो कितनी भूखी है। मैं उसे खुश नहीं कर पा रहा… और मैं डरता हूं कि कहीं वो मुझे छोड़कर न चली जाए। मैं उसे बहुत प्यार करता हूं यार, उसे खोना नहीं चाहता।”
मैं स्तब्ध रह गया। इतनी खुलकर कोई अपनी पत्नी की ऐसी बात नहीं कहता।
मैंने धीरे से कहा, “यार, ये तो बहुत सीरियस बात है। किसी अच्छे डॉक्टर को दिखा ले, दवा-इलाज से शायद ठीक हो जाए।”
अमित ने सिर झुकाकर कहा, “डॉक्टर को दिखाया है यार, दवाइयां चल रही हैं, लेकिन अभी तक कोई फर्क नहीं पड़ा। और रौशनी… वो इंतजार नहीं कर सकती। वो रोज रात को मुझे छूती है, लेकिन मैं कुछ कर नहीं पाता। वो खुद रोती है कभी-कभी।”
फिर वो मेरी आंखों में देखकर बोला, “यार, मैंने एक-दो बार ऑफिस के वॉशरूम में तेरा लौड़ा देखा है। तेरा लंड बहुत मोटा है, लंबा भी अच्छा है। मैं सोचता हूं कि अगर तू रौशनी को एक बार… मतलब… चोद दे तो वो खुश हो जाएगी। उसकी सारी जरूरत पूरी हो जाएगी। वो संतुष्ट हो जाएगी और मुझे छोड़कर नहीं जाएगी। प्लीज यार, मेरी मदद कर दे।”
मैं एकदम से चौंक गया। मेरे मुंह से निकला, “क्या? तू पागल हो गया है क्या अमित? ये क्या बोल रहा है?”
वो बोला, “मैं पागल नहीं हूं यार। मैं बहुत सोच-समझकर बोल रहा हूं। रौशनी ने खुद मुझे कहा है… हां, खुद कहा है कि ‘अगर तू मुझे संतुष्ट नहीं कर पा रहा तो कोई और ढूंढ लाओ मेरे लिए। मैं किसी और से भी करवा लूंगी, लेकिन तुझे छोड़ना नहीं चाहती।’ वो इतनी ईमानदार है यार। मैं उसकी बात सुनकर टूट गया था, लेकिन अब मैं समझता हूं कि ये एकमात्र रास्ता है।”
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मैं हैरान था। मेरे दिमाग में हजार सवाल घूम रहे थे। “लेकिन… रौशनी ऐसा क्यों मानेगी? मतलब… वो मुझे कैसे…?”
अमित ने मेरी बात काटते हुए कहा, “वो मानेगी यार। मैंने उससे बात की है। मैंने कहा कि अभिषेक अच्छा लड़का है, भरोसेमंद है। वो तैयार है… बस एक बार तू हां कर दे।”
उसकी आंखें नम हो गईं। वो बोला, “यार देख, मेरे लिए ये बहुत शर्म की बात है। मैं अपनी बीवी को खुद संतुष्ट नहीं कर पा रहा। ये मेरी मर्दानगी पर सवाल है। अगर ऐसे ही चला तो वो सच में चली जाएगी। प्लीज मेरी हेल्प कर दे। मैं जानता हूं तू मेरा विश्वास नहीं तोड़ेगा। ये बात सिर्फ हम तीनों के बीच रहेगी। किसी को पता नहीं चलेगा।”
वो इतनी भावुकता से बोल रहा था कि मेरे मन में सहानुभूति जागी। और सच कहूं तो मेरे दिमाग में एक दूसरी आवाज भी थी। रौशनी… वो गोरी-चिट्टी, सेक्सी औरत, जिसकी चूत मैंने कई बार सोचकर हाथ हिलाया था। फ्री में ऐसी मौका मिल रहा था। मैं भला मना कैसे करता?
मैंने थोड़ी देर सोचा, फिर धीरे से कहा, “ठीक है यार… मैं हां करता हूं। लेकिन सब कुछ सावधानी से होना चाहिए।”
अमित की आंखें चमक उठीं। वो मुस्कुराया, मेरे कंधे पर हाथ रखा और बोला, “थैंक यू यार… तूने मेरी जान बचा ली।”
हम दोनों वहां से उठे और अलग-अलग घर की तरफ चल पड़े। घर जाने के कुछ देर बाद अमित का मैसेज आया कि रौशनी चुदने के लिए मान गई है और वो एक बार मेरा लंड देखना चाहती है। मैंने बोला, “ठीक है।” फिर उसने मुझे वीडियो कॉल किया और रौशनी सामने थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अमित ने कैमरा रौशनी की तरफ कर दिया और खुद बाहर चला गया। रौशनी कैमरे के सामने बैठी थी, उसकी आंखों में उत्सुकता और हल्की शरम थी। वो बोली, “दिखाओ अपना हथियार!” मैंने धीरे से अपनी पैंट की बेल्ट खोली और पैंट उतार दी, फिर शर्ट के बटन खोलकर उतार फेंकी।
अब मैं सिर्फ अंडरवियर में खड़ा था। मेरे लंड का उभार अंडरवियर पर साफ दिख रहा था, वो पहले से ही आधा तन चुका था। रौशनी स्क्रीन पर झुककर देख रही थी, उसकी सांसें तेज हो गईं थीं। उसकी आंखों में प्यास साफ नजर आ रही थी, जैसे कई दिनों से भूखी हो।
मैंने धीरे-धीरे अंडरवियर की इलास्टिक पकड़ी और नीचे खींचना शुरू किया। पहले लंड का ऊपरी हिस्सा बाहर आया, फिर पूरा 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड फड़फड़ाता हुआ उसके सामने था। सिरा पहले से ही गीला था, प्रीकम की एक चमकदार बूंद टिप पर लटक रही थी।
ये देख रौशनी ने अपनी जीभ को होंठों पर धीरे से फिराया, होंठ चाटे जैसे वो उसे चख रही हो। उसकी आंखें चमक उठीं, वो बोली, “हाय… कितना मोटा है… और कितना सख्त…” मैं समझ गया कि मेरे लंड को देखकर उसके मुंह में पानी आ गया है, उसकी चूत में भी गर्मी बढ़ गई होगी।
मैंने लंड को हाथ से पकड़कर हल्का सा हिलाया तो वो और झटके देने लगा। रौशनी ने एक गहरी सांस ली और फिर अचानक कॉल काट दी। स्क्रीन ब्लैक हो गई। एक घंटे बाद अमित का कॉल आया। वो बोला, “यार, मैं अपने गांव जा रहा हूं। कुछ जरूरी काम है, कल सुबह वापस आऊंगा। रौशनी अकेली है, तू उसका ध्यान रखना।”
मैंने बिना सोचे कहा, “ठीक है।” दिल की धड़कन तेज हो गई। मैं जल्दी से नहाकर तैयार हुआ, एक अच्छी शर्ट-पैंट पहनी और उसके घर पहुंच गया। बेल बजाई तो दरवाजा रौशनी ने खोला। वो लाल रंग की साड़ी में खड़ी थी, साड़ी हल्की सी पारदर्शी थी जिससे ब्लाउज की काली ब्रा की पट्टी साफ दिख रही थी।
काले बाल खुले हुए कंधों पर लहरा रहे थे, होंठों पर गहरी लाल लिपस्टिक लगी थी। वो पूरी सेक्स की मूरत लग रही थी, जैसे किसी कामुक सपने से निकलकर आई हो। मुझे देखते ही उसकी आंखों में चमक आ गई। उसको देखते ही मेरा लंड पैंट में तनने लगा, दर्द होने लगा। अंदर घुसते ही लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था, पैंट पर उभार साफ दिख रहा था।
रौशनी ने मेरी पैंट की तरफ देखा, मुस्कुराई और हंसकर बोली, “तुम बैठ जाओ, मैं चाय लेकर आती हूं।” मैं सोफे पर बैठ गया, लेकिन मन तो उसकी मटकती गांड पर था। वो रसोई की तरफ गई तो साड़ी की प्लेट्स हिल रही थीं, गांड के गोल उभार साफ नजर आ रहे थे। मुंह में पानी आ गया। “Hot Housewife Fuck Kahani”
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कुछ देर बाद वो चाय लेकर आई और मेरे बगल में बैठ गई। चाय टेबल पर रखी और मेरी तरफ देखने लगी। मुझसे अब और नहीं रुका जा रहा था। जैसे ही वो चाय रखकर मुड़ी, मैंने उसकी कमर पकड़ी और अपनी ओर खींच लिया। वो मेरी गोद में आ गई। मैंने उसके गालों पर किस करना शुरू किया, पहले हल्के से, फिर गालों को चाटते हुए होंठों की तरफ बढ़ा।
वो मेरी आंखों में हवस भरी नजरों से देख रही थी। हम दोनों के होंठ मिल गए। पहले हल्का किस, फिर गहरा। जीभ अंदर डालकर एक-दूसरे की जीभ चूसने लगे। साल्ट-स्वीट स्वाद था उसके होंठों का। हमारी ये किस लगभग पांच मिनट तक चली। मैं उसके निचले होंठ को हल्का काटता, वो ऊपरी को चूसती।
अलग हुए तो दोनों जोर-जोर से हांफ रहे थे। मेरे लंड ने पैंट में झटके मार-मारकर प्रीकम निकाल दिया था, पैंट का आगे का हिस्सा गीला हो गया था। फिर मैंने उसके गले पर किस करना शुरू किया। जीभ से गले की लकीर चाटी, कान के पीछे चूमा। वो आंखें बंद करके मदहोश हो गई, सिर पीछे झुकाकर मजा ले रही थी।
उसने अपना जिस्म मेरी बांहों में ढीला छोड़ दिया। मेरी नाक उसकी चूचियों की घाटी में थी, हल्की मीठी खुशबू आ रही थी। चूचियां ब्लाउज से बाहर झांक रही थीं, उभार इतना कामुक कि कोई भी मर्द पागल हो जाए। मैंने पीछे से ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए। एक-एक करके हुक खोले, ब्लाउज ढीला हो गया। “Hot Housewife Fuck Kahani”
मैंने ब्लाउज को कंधों से नीचे सरका दिया। फिर ब्रा के हुक खोले, काली ब्रा भी उतार दी। अब उसकी गोरी-गोरी, भरी हुई चूचियां पूरी नंगी मेरे सामने थीं। निप्पल्स हल्के गुलाबी, पहले से ही थोड़े तने हुए। वो ऊपर से पूरी नंगी थी, नीचे साड़ी अभी भी लिपटी हुई थी, पेट पर साड़ी की लेयरें थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसके बाल चूचियों पर बिखरे हुए थे, जैसे कोई कामुक देवी हो। फिगर 36-28-34 का परफेक्ट था। मैंने दोनों चूचियों को हाथों में भरा, हल्का दबाया। नरम लेकिन सख्त, जैसे रबड़ की गेंदें। मैंने एक चूची को मुंह के पास लाकर निप्पल पर जीभ फेरी। वो सिहर उठी। फिर निप्पल मुंह में लिया और धीरे-धीरे चूसना शुरू किया।
जीभ से निप्पल को घुमाया, हल्का काटा। दूसरी चूची को हाथ से मसलता रहा, निप्पल को अंगूठे-तर्जनी से पिंच करता। रौशनी सिसकारियां भरने लगी, “आह्ह… अभिषेक… हाय… कितना अच्छा लग रहा है… चूसो जोर से… ओह्ह… मेरे निप्पल काट लो… आह्ह…” मैंने और जोर से चूसा, निप्पल को मुंह में घुमाया, लार से चिकना कर दिया।
निप्पल्स पूरी तरह तनकर खड़े हो गए, जैसे छोटे-छोटे दाने। मैं एक चूची से मुंह हटाकर दूसरी पर लगा, वैसा ही चूसना जारी रखा। वो मेरे बालों में उंगलियां फंसाकर सिर दबा रही थी, “ओह्ह… हाय… और… आह्ह… कितने दिन हो गए ऐसे…” उसकी सांसें तेज हो गईं, शरीर कांप रहा था। चूचियां मेरे मुंह और हाथों में लाल हो गई थीं, निप्पल्स सूजे हुए चमक रहे थे।
अब मेरा हाथ धीरे-धीरे नीचे पहुंचा और पहले उसकी साड़ी को उसके शरीर से अलग किया। साड़ी के पल्लू को कंधे से सरकाकर नीचे गिराया, फिर पूरी साड़ी को कमर से खोलते हुए धीरे-धीरे खींचकर अलग कर दिया। साड़ी फर्श पर गिर गई और अब वो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी, लेकिन ब्लाउज और ब्रा पहले ही उतर चुके थे, तो ऊपर से वो पूरी नंगी थी।
मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा पकड़ा, धीरे से खींचा और नाड़ा ढीला हो गया। पेटीकोट कमर से सरकने लगा, मैंने दोनों हाथों से उसे जांघों तक नीचे सरकाया और फिर पैरों से धीरे-धीरे उतार दिया। पेटीकोट भी फर्श पर गिर गया। वो अब पूरी नंगी थी। उसके बदन पर केवल एक काले रंग की जालीदार पैंटी थी, जो उस जन्नत के छेद को छुपाए हुए थी। “Hot Housewife Fuck Kahani”
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पैंटी का जालीदार फैब्रिक इतना पतला था कि चूत की आउटलाइन साफ दिख रही थी, और बीच में एक गहरा गीला धब्बा फैल चुका था। मैंने अपनी हथेली को उसके पेट पर रखा, फिर धीरे से नीचे सरकाया और पैंटी के ऊपर से ही चूत पर हाथ फेरा। जैसे ही मेरी उंगलियां पैंटी के कपड़े पर रुकीं, वो मेरे होंठों को चूसने लगी, जीभ अंदर डालकर गहरा किस करने लगी।
मैंने होंठ चूसते हुए ही पैंटी के किनारे से हाथ अंदर डाला और सीधे उसकी चूत को मसलने लगा। उसकी चूत पहले से ही गरम और गीली थी। पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी, चूत के रस से भिगोई हुई। मैंने पैंटी के ऊपर से ही क्लिटोरिस को उंगली से दबाया, हल्के गोल-गोल घुमाया।
वो कांप उठी, होंठों से अलग होकर सिसकारी, “आह्ह… इह्ह… अभिषेक… वहां… हाय… कितना अच्छा लग रहा… उंगली अंदर डालो ना… ओह्ह… कितनी गर्म हो गई हूं मैं…” उसकी आवाज कांप रही थी, आंखें बंद, होंठ कटे हुए। उसकी प्यास और ज्यादा बढ़ गई। मैंने अब पैंटी के दोनों तरफ उंगलियां डालीं और धीरे से नीचे खींची।
पैंटी जांघों तक सरक गई, मैंने उसे पैरों से उतारकर फेंक दिया। अब वो पूरी तरह नंगी थी। मैं घुटनों के बल बैठ गया और उसकी चूत की तरफ बढ़ा। उसकी पाव जैसी चूत पर एक भी बाल नहीं था, बिल्कुल चिकनी और साफ। शायद उसने कुछ देर पहले ही शेव किया था।
गुलाबी चूत के होंठ फूले हुए थे, बीच में से रस टपक रहा था, क्लिटोरिस छोटा-सा उभरा हुआ और चमक रहा था। चूत की खुशबू इतनी मीठी और उत्तेजक थी कि मेरा लंड और सख्त हो गया। मेरे होंठ उसकी चूत पर लगने के लिए फड़फड़ा रहे थे। बिना सोचे समझे मैंने सीधे उसकी चूत पर होंठ रख दिए। “Hot Housewife Fuck Kahani”
पहले हल्के से चूमा, फिर होंठों से चूत के होंठों को दबाया। उसकी चूत की खूशबू बहुत मस्त थी, खाने का मन कर रहा था। मैंने जीभ निकालकर धीरे-धीरे चूत के ऊपरी हिस्से पर फेरी, क्लिटोरिस को छुआ। वो सिहर उठी। अब मैंने जीभ को चूत के होंठों के बीच घुसाया, धीरे-धीरे अंदर-बाहर किया। चूत का रस मेरी जीभ पर फैल गया, नमकीन-मीठा स्वाद।
मैंने जोर-जोर से चाटना शुरू किया, जीभ को पूरी चूत पर फेरा, क्लिटोरिस को जीभ की नोक से दबाया और चूसा। क्लिटोरिस को होंठों में लेकर हल्का सा काटा, फिर जीभ से तेजी से घुमाया। दोस्त की बीवी की सेक्सी चूत को चाटते हुए मेरी उत्तेजना बहुत ज्यादा बढ़ गई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं उसकी चूत को जैसे खा रहा था, जीभ अंदर डालकर चूत की दीवारों को चाटा, फिर बाहर निकालकर क्लिटोरिस पर हमला किया। वो जोर-जोर से सिसकारियां भरने लगी, “आह्ह… अभिषेक… फक… आह्ह… अम्म… ओह्ह… चाटो… और जोर से चाटो… हाय… जीभ अंदर… आऊ… ऊऊ… ओह्ह… कितना अच्छा… मत रुको…”
वो अपने दोनों हाथों से मेरे सिर को अपनी चूत में धकेल रही थी, जैसे जन्नत मिल गई हो। उसके नाखून मेरे स्कैल्प में गड़ रहे थे। मगर असली जन्नत का अहसास तो मुझे हो रहा था, चूत का गरम रस मुंह में भर रहा था। उसके हाथों की पकड़ अब और तेज हो गई।
वो मेरे सिर को चूत पर दबाते हुए अपनी गांड को भी नीचे से उठाने लगी, चूत मेरे मुंह पर पूरी दबा रही थी। मैंने जीभ को और तेज चलाया, क्लिटोरिस को बार-बार चूसा, एक उंगली चूत में डालकर अंदर-बाहर की। उंगली चूत की गर्मी और टाइटनेस से लिपट गई। वो कांपने लगी, “आह्ह… अभिषेक… उंगली… और अंदर… ओह्ह… मैं… आ रही हूं… हाय…”
एकदम से उसकी “आआह्ह…” करके जोर की चीख निकली। उसकी चूत सिकुड़ने लगी, पूरी कांप गई और खूब सारा गरम पानी मेरे मुंह पर छोड़ दिया। रस की धार मेरे होंठों से बह रही थी। मैंने उसकी चूत का वो पानी एक बूंद भी नीचे नहीं जाने दिया, जीभ से साफ चाट लिया, क्लिटोरिस को हल्का चूसकर आखिरी बूंदें निकालीं।
वो हांफ रही थी, शरीर कांप रहा था, आंखें बंद, मुंह खुला हुआ। “ओह्ह… अभिषेक… कितना मजा आया… पहली बार इतना झड़ी हूं… हाय… तू कमाल है…” उसकी सांसें तेज थीं, चूत अभी भी हल्के-हल्के सिकुड़ रही थी। अब मैंने रौशनी को खड़ी किया। उसकी कमर पर हाथ रखकर उसे थोड़ा सा झुकाया और फिर दोनों हाथों से उसकी जांघों को मजबूती से पकड़ लिया।
एक झटके में मैंने उसे उछालकर अपनी गोद में उठा लिया। उसके पैर मेरी कमर के दोनों ओर लिपट गए, और उसके बड़े-बड़े, गोरे मम्मे ठीक मेरे मुंह के सामने आ गए। मैंने तुरंत एक निप्पल को मुंह में भर लिया और जोर से चूसने लगा, जैसे कोई बच्चा भूखा हो। दूसरा मम्मा मेरे हाथ में था, उसे दबाता, मसलता, निप्पल को उंगलियों से कुरेदता।
रौशनी की सांसें तेज हो गईं, वो मेरी गर्दन में मुंह छुपाकर सिसकार रही थी, “आह्ह… अभिषेक… कितना जोर से चूस रहे हो… हाय… दांत लगा दो… ओह्ह…” वो मेरी गोद में पूरी तरह लटकी हुई थी, उसका वजन मुझे महसूस हो रहा था, लेकिन उसकी चूत मेरे पेट पर रगड़ खा रही थी, गीली और गर्म।
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मैं चूसते-चूसते उसे उठाकर बेडरूम की ओर चल पड़ा। हर कदम के साथ उसके मम्मे मेरे मुंह में उछल रहे थे, मैं उन्हें बारी-बारी चूसता रहा। वो मेरी पीठ पर नाखून गाड़ रही थी, “आह्ह… ले चलो मुझे… जल्दी… चूत जल रही है…” बेडरूम पहुंचते ही मैंने उसे पलंग पर पटक दिया। वो उछलकर लेट गई, उसके बाल बिखर गए, चूचियां ऊपर-नीचे हो रही थीं, चूत से रस की एक पतली धारा बह रही थी। “Hot Housewife Fuck Kahani”
मैंने जल्दी से अपनी शर्ट उतारी, पैंट खोली, अंडरवियर नीचे किया। दो मिनट में मैं उसके सामने पूरी तरह नंगा खड़ा था। मेरा 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड सीधा तना हुआ, सुपारा चमक रहा था, नसें फूली हुईं। वो उसे देखकर आंखें फाड़कर देख रही थी, होंठ चाट रही थी।
उसे पता था कि अब क्या करना है। वो बेड पर घुटनों के बल बैठ गई, मेरे पास आई और लंड को दोनों हाथों में पकड़ लिया। पहले धीरे-धीरे आगे-पीछे किया, जैसे उसका आकार महसूस कर रही हो। फिर प्यासी नजरों से ऊपर देखा और मुंह खोलकर सुपारे को होंठों से छुआ। धीरे-धीरे मुंह में लिया, जीभ से चारों तरफ घुमाया।
फिर एक झटके में आधा लंड मुंह में घुसा लिया। “ग्ग्ग… गी… गोग…” जैसी गले से आवाजें आने लगीं। वो गले तक ले रही थी, आंखें बंद, आंसू निकल आए थे लेकिन रुक नहीं रही थी। चूसते हुए वो एक हाथ से मेरे गोटों को सहला रही थी, हल्के-हल्के दबा रही थी। मैं मदहोश हो रहा था, सिर पीछे झुक गया, “आह्ह… रौशनी… कितना अच्छा चूस रही हो… गहरा ले… ओह्ह…”
उसने दो मिनट तक ऐसे ही चूसा, फिर धीरे-धीरे लंड बाहर निकाला। लंड पर लार चमक रही थी। फिर जीभ से नीचे की तरफ ले गई, लंड की नसों को चाटा, फिर गोटों को मुंह में लिया। एक-एक करके चूसे, जीभ से सहलाया। मुझे ऐसा आनंद पहले कभी नहीं मिला था, घुटने कांप रहे थे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वो फिर जीभ से लंड के नीचे वाले हिस्से को चाट रही थी, जहां सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है। फिर से पूरा लंड मुंह में लिया और तेज-तेज चूसने लगी। मैं उसके बाल पकड़कर हल्का सा धक्का दे रहा था। वो बोली, “आह्ह… कितना मोटा लंड है तेरा… मुंह फाड़ रहा है… लेकिन मजा आ रहा… चूसूंगी पूरा… ग्लप… गोग…”
कुछ देर बाद मैं और नहीं सह सका। मैंने उसे धीरे से बेड पर पीछे धकेला। वो लेट गई, पैर फैलाए। मैं उसके ऊपर झुका, लंड को उसकी चूत के पास ले गया। पहले सुपारे से चूत के होंठों को सहलाया, क्लिटोरिस पर रगड़ा। वो तड़प उठी, “आह्ह… डालो ना अभिषेक… चूत में… तरस रही हूं… आह्ह… जल्दी…” चूत पूरी गीली थी, रस बह रहा था। “Hot Housewife Fuck Kahani”
मौका देख मैंने एक झटके में लंड अंदर डाल दिया। वो जोर से चिल्लाई, “आआ… हाय… कितना मोटा…” लेकिन लंड पूरा अंदर चला गया। चूत टाइट थी, गर्म, जैसे मुझे जकड़ रही हो। मैंने रुककर उसे महसूस किया, फिर धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। बाहर- अंदर, धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई।
चूत की गर्मी और टाइटनेस से लंड और सख्त हो गया। वो जोर-जोर से आहें भर रही थी, “आह्ह… ओह्ह… धीरे… मोटा है… फट जाएगी चूत… हाय… लेकिन अच्छा लग रहा… चोदो… और अंदर…” मैं उसके मम्मों को चूस रहा था, एक हाथ से निप्पल मसल रहा था। अब चूत मेरे लंड को आराम से अंदर-बाहर होने दे रही थी।
स्पीड बढ़ाई, पट-पट की आवाज आने लगी। हर धक्के के साथ उसके मम्मे उछल रहे थे। वो मेरी पीठ पर नाखून गाड़ रही थी, “आह्ह… इह्ह… अभिषेक… जोर से… चोदो मेरी चूत… ओह्ह… ऊऊ… गहरा… हाय…” 5 मिनट बाद मैंने उसे पलटा और डॉगी स्टाइल में किया। वो घुटनों और हाथों के बल थी, गांड ऊपर उठी हुई।
तब तक वो एक बार झड़ चुकी थी, चूत से रस बह रहा था, चादर गीली हो गई थी। मैंने पीछे से लंड चूत पर रगड़ा, फिर एक धक्के में पूरा अंदर। वो फिर सिसकारी, “आह्ह… गहरा गया… ओह्ह…” मैंने गांड पकड़ ली, दोनों तरफ से मजबूती से। जोर-जोर से ठोकना शुरू किया। पट-पट-पट की आवाज कमरे में गूंज रही थी।
वो चीख रही थी, “आह्ह… हाय… फाड़ दो… और तेज… आऊ… उईई… गहरा… ओह्ह… मैं फिर झड़ रही हूं…” लगभग 10 मिनट तक मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदा। मेरे धक्के तेज हो गए, लंड चूत में पूरी तरह डूब रहा था। मैं झड़ने को तैयार था। स्पीड और तेज की। वो कराह रही थी, “आह्ह… अभिषेक… आ रहा हूं फिर… लेकिन रुको… माल मुंह में दो… पीना है मुझे…”
मैं धक्के देते हुए रुका, लंड बाहर निकाला। वो तुरंत मुड़कर घुटनों पर बैठ गई। मैंने लंड उसके मुंह के पास किया। लंड चूत के रस से चमक रहा था। वो चाटने लगी, फिर मुंह में लिया और तेज चूसने लगी। मैंने उसके सिर पकड़कर मुंह चोदा। कुछ ही धक्कों में मैं झड़ गया। गरम वीर्य उसके मुंह में भर गया। “Hot Housewife Fuck Kahani”
वो “ग्लप… ग्लप…” करके पी गई, कुछ बाहर निकला तो जीभ से चाट लिया। “आह्ह… स्वादिष्ट… पूरा पी लिया… कितना गर्म… आह्ह…” वो हांफ रही थी, मुंह से वीर्य की कुछ बूंदें टपक रही थीं, लेकिन मुस्कुरा रही थी। ये हमारा पहला राउंड हुआ था। उसके बाद हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए।
रौशनी की सांसें अभी भी तेज चल रही थीं, उसकी चूत से हमारा मिला-जुला रस धीरे-धीरे बहकर बेडशीट पर फैल रहा था। मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया, उसके नंगे बदन को सहलाया, चूचियों पर हल्के-हल्के हाथ फेरा। वो मुस्कुराई और मेरे सीने पर सिर रखकर बोली, “अभिषेक… आज तो जन्नत मिल गई… इतना मजा पहले कभी नहीं आया।”
हम कुछ देर ऐसे ही आराम करते रहे, एक-दूसरे को चूमते, छूते, हल्की-हल्की बातें करते। फिर हम उठे, बाथरूम गए, नहाए। रौशनी ने मुझे तौलिया दिया, मैंने उसे भी पोछा। नहाने के बाद वो किचन में गई, कुछ हल्का खाना बनाया – रोटी, सब्जी और दही। हम दोनों नंगे ही सोफे पर बैठकर खाना खाने लगे।
बीच-बीच में वो मेरे लंड को हाथ से सहलाती, मैं उसकी चूत पर उंगली फेरता। खाना खाते-खाते ही हम फिर गर्म हो गए। रौशनी बोली, “भूख तो अभी भी बाकी है… चूत की भूख…” मैं हंस पड़ा और उसे गोद में उठाकर फिर बेडरूम ले गया। दूसरे राउंड की शुरुआत हुई। मैंने रौशनी को बेड पर लिटाया, मिशनरी पोजिशन में। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसके दोनों पैर फैलाकर मैं उसके ऊपर चढ़ गया। लंड फिर से पूरी तरह खड़ा था, चूत के मुंह पर रखकर धीरे-धीरे रगड़ा। वो सिसकारी, “आह्ह… अभिषेक… डालो ना… फिर से भर दो मुझे…” मैंने धीरे से सिरा अंदर किया। चूत अभी भी गीली और गरम थी, पहले राउंड के वीर्य और रस से चिकनी हो चुकी थी।
पूरा लंड धीरे-धीरे अंदर गया। वो आंखें बंद करके कराही, “ओह्ह… कितना गहरा… हाय… धीरे… मोटा है ना…” मैंने धक्के शुरू किए – पहले धीमे, गहरे। हर धक्के के साथ उसकी चूत मेरे लंड को जकड़ लेती। मैंने उसके पैर उठाकर अपने कंधों पर रख दिए। अब गहराई और बढ़ गई, लंड सबसे आखिरी तक जा रहा था। “Hot Housewife Fuck Kahani”
वो चीखने लगी, “आआह्ह… अभिषेक… वहां… हाय… टच हो रहा है… ओह्ह… और गहरा… चोदो जोर से…” मैंने स्पीड बढ़ाई, पट-पट की आवाज गूंजने लगी। उसके मम्मे उछल रहे थे, मैंने एक हाथ से उन्हें दबाया, निप्पल को चुटकी काटी। वो बार-बार झड़ रही थी – पहली बार झड़ते हुए चूत सिकुड़ गई, लंड को दबाया, “आह्ह… इह्ह… झड़ रही हूं… ओह्ह… रुकना मत…”
मैं रुका नहीं, धक्के जारी रखे। दूसरी बार झड़ते हुए वो चीखी, “ऊऊ… फिर से… हाय… कमाल है तू… चोदता रह…” मैं भी तेज हो गया, लंड पूरी ताकत से अंदर-बाहर। आखिरकार मैं झड़ने को तैयार हुआ। वो बोली, “अंदर… अंदर ही डालो… भर दो चूत को…” मैंने जोर का धक्का मारा और चूत के अंदर गर्म वीर्य की धार छोड़ दी।
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वो कांपी, “आह्ह… महसूस हो रहा… गर्म… कितना सारा…” वीर्य चूत में भर गया, कुछ बाहर भी बहने लगा। हम कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे। फिर तीसरा राउंड। इस बार मैंने उसे साइड में लिटाया, पीछे से लिपटकर। एक पैर ऊपर उठाकर मैंने लंड फिर से चूत में डाला। साइड से चोदते हुए मैं उसके मम्मों को पीछे से दबा रहा था, निप्पल्स को चूस रहा था।
वो कराह रही थी, “ओह्ह… ये पोजिशन… बहुत अच्छी… गहराई… आह्ह… चूसो मम्मे… जोर से…” मैंने एक हाथ नीचे ले जाकर क्लिटोरिस रगड़ा, उंगली से सहलाया। वो फिर झड़ने लगी, “आऊ… ऊई… क्लिट पर… हाय… झड़ रही हूं…” चूत सिकुड़ रही थी, मैं धक्के मारता रहा।
आखिरकार मैंने फिर से अंदर झड़ दिया, वीर्य की और एक धार चूत में डाली। हर बार चूत पूरी भर जाती, रस और वीर्य मिलकर बहते, बेड गीला हो चुका था। हम थककर एक-दूसरे से चिपककर लेट गए। रौशनी ने कहा, “अभिषेक… आज की रात कभी नहीं भूलूंगी… तूने मुझे सच में संतुष्ट किया।” मैंने उसे किस किया और हम सो गए। “Hot Housewife Fuck Kahani”
सुबह को अमित आ गया। दरवाजा खुलते ही रौशनी ने उसे गले लगाया, चेहरे पर संतुष्टि की मुस्कान थी। अमित ने मुझे देखा और मुस्कुराकर कहा, “यार, शुक्रिया… वो बहुत खुश लग रही है।” मुझे भी अच्छा लगा कि उसकी बीवी संतुष्ट थी। और तब से अब तक वो अपनी बीवी की चूत मुझसे ही मरवाता है। रौशनी भी मेरे साथ बहुत खुश है और चुदाई में पूरा मजा देती है।
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