Horny College Girl Gangbang
पहली मुलाकात और ब्लैकमेल राकेश और अर्पिता कॉलेज के पीछे वाले मैदान में बैठे थे। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और पिछले छह महीने से डेट कर रहे थे। शाम का वक्त था, कॉलेज बंद होने वाला था। दोनों की बातों में गर्मी आ गई। अर्पिता ने राकेश का हाथ पकड़ा और उसे अपनी जांघों पर रख दिया। Horny College Girl Gangbang
राकेश समझ गया कि आज कुछ होने वाला है। पास ही एक टॉयलेट था, लेकिन उसका दरवाजा नहीं था। फिर भी दोनों वहाँ घुस गए। राकेश ने अर्पिता की स्कर्ट ऊपर उठाई और पैंटी नीचे खिसका दी। अपना लंड निकाल कर उसने झट से अंदर डाल दिया।
अर्पिता ने हल्की सी चीख मारी – “आह… राकेश… धीरे… दरवाज़ा नहीं है… कोई देख लेगा…” लेकिन राकेश ने उसका मुँह दबा दिया और जोर जोर से पेलने लगा। “चुप चाप ले, तुझे भी मज़ा आ रहा है।” अर्पिता ने अपनी छुचियाँ राकेश के मुँह में दे दीं और वह भी पूरी तरह से भीग चुकी थी।
उसी वक्त एक बिहारी मजदूर पेशाब करने आया। उसका नाम श्याम था। श्याम 35 साल का था, कद काठी अच्छी थी, और उसका लंड 7 इंच का मोटा काला था। जैसे ही वह टॉयलेट के पास पहुँचा, उसने देखा कि एक लड़का लड़की से चुदाई कर रहा है। श्याम का लंड तुरंत खड़ा हो गया।
वह चुपके से वापस गया और अपने साथियों को बुला लाया – रामू, मुन्ना, बबलू, और सुरेश। सबने मिल कर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। तब श्याम अंदर घुस गया और झगड़ा किया – “साली रंडी, यहाँ चुद रही है? पुलिस में रिपोर्ट कर देंगे, वीडियो बना ली है। अब तो हमारे साथ भी चुदना पड़ेगा।”
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राकेश घबरा गया। अर्पिता की आँखों में डर था, लेकिन अंदर ही अंदर उसकी फैंटेसी जाग चुकी थी। दो मजदूरों – रामू और बबलू ने अपने 7 इंच के काले मोटे लंड निकाल कर दिखाए – “देख, हमारा लंड कितना बड़ा है। एक बार ले लेगी तो मज़ा आएगा।” बहुत बहस हुई।
अर्पिता ने ऊपर से मना किया, लेकिन अंदर से वह उन लंडों को देख कर पहले ही भीगी हुई थी। आखिरकार वह राज़ी हो गई। 8 मजदूर मजदूर उसे अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में ले गए। वहाँ 8 लोग थे – श्याम, रामू, मुन्ना, बबलू, सुरेश, गोपाल, विजय और लल्लन।
अर्पिता ने पहले थोड़ा नाटक किया – “नहीं… ऐसा मत करो… मैं नहीं चाहती…” लेकिन सब ने उसे पकड़ लिया। श्याम ने जोर से किस किया, रामू ने छुचियाँ दबाईं, मुन्ना ने कमर सहलाई, बबलू ने जांघों को फैलाया। अर्पिता के मुँह से हल्की सिसकियाँ निकल रही थीं।
गोपाल बोला – “एई कड़क माल कहाँ ले आए?” सुरेश ने जवाब दिया – “अपने बॉयफ्रेंड के साथ चुद रही थी, मैं पकड़ लाया। आज सब चोदेंगे जम के।” सब गंदी गंदी बातें करने लगे – “साली की चुत कितनी गीली है, देख तो… राज़ी हो चुकी है, बस नाटक कर रही है।” धीरे-धीरे सब नंगे हो गए।
अर्पिता को भी नंगा कर दिया। लल्लन ने उसकी चुत में उंगली डाली – “वाह, कितनी गहरी है साली की।” विजय ने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया। अर्पिता ने मना करते हुए भी चूस लिया। फिर एक-एक करके सब ने लंड चुसवाए। कोई छुचियाँ चूस रहा था, कोई चुत चाट रहा था।
अर्पिता की चुत से पानी बह रहा था। श्याम ने राकेश को बुला कर कहा – “तू नीचे जा, हम ऊपर उसे चोद रहे हैं। आसपास नज़र रख।” राकेश डर गया, चुपचाप नीचे जा कर बैठ गया। फिर शुरू हुआ असली गैंगबैंग। पहले श्याम ने चुत में लंड डाला। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अर्पिता ने चीख मारी – “आह… बड़ा है… धीरे…” लेकिन श्याम ने जोर से पेल दिया। रामू ने मुँह में लंड डाल दिया। मुन्ना ने छुचियाँ दबाईं। बबलू ने पीछे से गांड में उंगली की। अर्पिता की चुत से जोर की आवाज़ आने लगी – “साली की चुत तो भोसड़ा बन गई।” 4 घंटे तक चलता रहा।
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हर मजदूर ने उसे अलग-अलग पोजीशन में चोदा। डॉगी, मिशनरी, राइडर – सब कुछ किया। अर्पिता ने हर बार नए लंड को अपनी चुत में लिया, कभी गांड में, कभी मुँह में। अंदर ही अंदर वह बहुत खुश थी – “आह… मज़ा आ रहा है… और पेल… और पेल…”
खत्म होने के बाद बबलू ने पूछा – “कैसा लगा मैडम? आप खुश हो गईं तो फिर आना।” अर्पिता ने हल्की मुस्कान दी और चली गई। दर्द बहुत हुआ था, लेकिन मज़ा भी बहुत आया। अगले दो दिन वह उसी रास्ते से कॉलेज जाती, मजदूरों को देखती, आई कॉन्टैक्ट होता तो वह पल याद कर के उसकी चुत गीली हो जाती।
एक रात वह पोर्न देखती रही, कंट्रोल नहीं कर पाई। उसने तय किया – वहाँ जाना है। राकेश को बिना बताए वहाँ गई। एक मजदूर – रामू को देख कर मुस्कुराई। रामू उसके पास आया, कुछ बात हुई, फिर उसे अंदर ले गया। वहाँ 8 लोग थे – पुराने वाले ही। पहले उसने थोड़ी बात की – “जो हुआ ठीक नहीं था… ऐसा नहीं करना चाहिए…”
लेकिन सब उसके बदन को छूने लगे – छुचियाँ, कमर, जांघें। अर्पिता जान-बूझ कर सेक्सी ड्रेस पहन कर आई थी। मुन्ना ने उसे करीब खींच कर किस किया – “कुछ नहीं होगा मैडम, तुम्हें बहुत मज़ा आएगा।” विजय ने कहा – “अगर मूड नहीं तो चले जाओ।” लेकिन अर्पिता कुछ बोलती उससे पहले सब नंगे हो गए और उसे भी नंगा कर दिया।
सहलाते, छूते, धीरे-धीरे रेडी करते रहे। अर्पिता भी साइलेंटली उनका साथ दे रही थी, सिसकियाँ निकल रही थीं। कोई छुचियाँ चूस रहा, कोई चुत चाट रहा। फिर वह पागल हो कर उनके लंड चूसने लगी। हार्डकोर गैंगबैंग शुरू हुआ – 2-3 घंटे तक। खत्म हुआ तो गोपाल ने पूछा – “फिर कब आएगी?”
अर्पिता ने कहा – “कल छुट्टी है, परसों मिलेंगे।” मुस्कान दे कर चली गई। परसों वह फिर आई। इस बार मजदूर सेक्स टॉयज भी लाए थे। जैसे ही वह पहुँची, लल्लन ने आकर उसकी छुची दबाई – “एई गरमा हो गई।” और किस किया।
फिर उठा कर अंदर ले गया। वहाँ 15 लोग थे – पुराने वाले भी और नए भी: सुभाष, टिंकू, मनीष, धर्मेंद्र, सुनील, संजय और अरविंद। श्याम ने कहा – “मैडम, आज तो चुत-गांड सब फाड़ेंगे। सबसे ज्यादा मज़ा होगा। चिंता मत करो, एन्जॉय करो।” फिर हार्डकोर शुरू हुआ – 5 घंटे तक। अर्पिता ने कॉलेज बंक कर के आई थी।
इस बार वह और भी पागल हो कर चुदी। सबका लंड चूसा, सबके साथ चुदी, गालियाँ दीं – “हाल साली… लंड ले मेरी… चोद मेरी चुत…” कोई उसकी गांड में लंड डाल रहा था, कोई चुत में, कोई मुँह में। सब मिल कर उसे भोसड़ा बना रहे थे। नए मजदूरों ने सेक्स टॉयज भी इस्तेमाल किए – डिल्डो, बट प्लग, वाइब्रेटर।
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अर्पिता ने सब कुछ लिया। उसके मुँह से बस यही निकलता था – “आह… मज़ा आ रहा है… और चोदो मुझे… मैं तो रंडी हूँ तुम्हारी…” खत्म होने के बाद अर्पिता ने कहा – “मुझे ऐसा ही मज़ा चाहिए।” सबका नंबर ले लिया। बबलू ने कहा – “जब मन हो, बुला लेना।” और ऐसा ही होने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रोजाना अब वह हफ्ते में 2-3 बार राकेश से चुप कर के मिल कर ऐसी चुदाई करने लगी। धीरे-धीरे वह एकदम चुदक्कड़ रंडी बन गई। हार्डकोर। अब तो चुदते वक्त वह भी गंदी गंदी बातें करने लगी – “चोद… और ज़ोर… मेरा भोसड़ा करो… मेरी चुत का पानी पी लो…” पोर्न गर्ल की तरह फैंटेसी से चुदती रहती।
धीरे-धीरे अपने बॉयफ्रेंड से दूर हो गई। अब तो फोन पर भी इन सब से बात कर के मज़ा लेती। चुत में उंगली करती, वीडियो कॉल पर उन्हें दिखाती, उनके साथ ही सेक्स कर रही होती। वह चुदाई में इतनी घुल गई कि 15 लोगों से एक साथ चुदी। सब का भोसड़ा बना दिया। सबका पानी पिया।
एक दिन तो ऐसा हुआ कि सबने उसे ग्रुप में पेल दिया, उसकी चुत फटी, गांड फटी, लेकिन वह मरते मरते भी मज़ा ले रही थी। अब तो वह रंडी बनना चाहती थी। राकेश से अलग हो गई। सिर्फ इन मजदूरों के साथ चुदती। उनके साथ गंदी गंदी बातें करती, उनके लंड चूसती, उनकी चुत चाटती। एकदम चुदक्कड़।
हर रोज़ एक नया सीन। कोई नया मजदूर, कोई नया टॉय। अर्पिता की एक ही इच्छा – चुड़ी जाना, भोसड़ा बना रहना, और गंदा गंदा मज़ा लेना। अब हम सभी मजदूरों के नाम और उनकी भूमिका बताते हैं: – श्याम: 35 साल, 7 इंच काला मोटा लंड, गैंगबैंग का लीडर, सबसे पहले अर्पिता को चोदा।
– रामू: 30 साल, 6.5 इंच, चुत चाटने में माहिर, अक्सर अर्पिता का मुँह चूसता। – मुन्ना: 28 साल, 7 इंच, पतला लेकिन लंबा लंड, गांड चोदने में एक्सपर्ट। – बबलू: 32 साल, 6 इंच, मोटा मोटा, सेक्स टॉयज लाने का शौकीन। – सुरेश: 29 साल, 7 इंच, जंगली आदमी, बहुत जोर से चोदता, चीख निकलवाता।
– गोपाल: 31 साल, 6.5 इंच, अर्पिता को सबसे ज्यादा गालियाँ देता – “साली रंडी, ले ले मेरा लंड।” – विजय: 27 साल, 6 इंच, पीछे से पकड़ कर चोदना पसंद। – लल्लन: 25 साल, 6 इंच, सबसे छोटा उम्र में लेकिन बहुत एनर्जेटिक, एक बार में दो बार निकालता। – सुभाष: 34 साल, 8 इंच, सबसे बड़ा लंड, अर्पिता को सबसे ज्यादा दर्द हुआ लेकिन मज़ा भी।
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– टिंकू: 26 साल, 6 इंच, मसालेदार बातें करता, चोदते वक्त बहुत बोलता। – मनीष: 33 साल, 7 इंच, दाढ़ी वाला, अर्पिता को उसकी दाढ़ी रगड़ना पसंद था। – धर्मेंद्र: 30 साल, 6.5 इंच, स्टैमिना बहुत, घंटों चोद सकता। – सुनील: 28 साल, 7 इंच, चुत पर थप्पड़ मारने का शौकीन। – संजय: 29 साल, 6 इंच, डबल पेनिट्रेशन में माहिर, एक साथ चुत और गांड में लंड डालता। – अरविंद: 27 साल, 6.5 इंच, बहुत देर तक खड़ा रह सकता, रुकता नहीं।
बुधवार को अर्पिता ने तय किया कि आज सबसे ज्यादा मज़ा लेना है। वह सीधे बिल्डिंग गई। वहाँ 12 मजदूर थे। श्याम ने उसे देखा तो बोला – “आज कैसा मूड है रंडी?” अर्पिता ने अपनी स्कर्ट उठा कर दिखाई – “देख लो, बिना पैंटी आई हूँ। आज जो मर्जी करो।” सब ने एक साथ उस पर हमला कर दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
श्याम ने उसे दीवार पर पटक दिया और अपना 8 इंच का लंड अंदर घुसा दिया। अर्पिता की चीख निकल गई – “आह… श्याम… बहुत बड़ा है… धीरे…” लेकिन श्याम ने एक हाथ से उसका मुँह दबा कर और जोर से पेलना शुरू कर दिया। रामू ने पीछे से गांड में उंगली डाली, फिर अपना लंड निकाल कर गांड में घुसा दिया।
अब अर्पिता के दोनों छेद भरे हुए थे। मुन्ना ने उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया। इस तरह एक साथ तीन जगह चुदाई हो रही थी। बबलू ने उसकी छुचियाँ दबाईं और सुरेश ने उसके बाल खींचे। अर्पिता का दिमाग घूम रहा था। उसे ऐसा लग रहा था जैसे वह स्वर्ग में है। “Horny College Girl Gangbang”
उसका शरीर काँप रहा था, लेकिन वह और चाहती थी। “और… और चोदो… मुझे पागल कर दो…” वह चिल्लाई। गोपाल ने बबलू से कहा – “देख, कितनी मजे ले रही है साली। आज तो इसकी चुत फाड़ के ही छोड़ेंगे।” एक-एक करके सबने अपनी बारी ली। चार घंटे बाद अर्पिता बेहोश होने लगी, तब सब ने उसे फर्श पर लिटा दिया और उसके मुँह में, चुत में, गांड में सब एक साथ निकाल दिए।
अर्पिता का पूरा शरीर वीर्य से लथपथ था। वह मुस्कुरा रही थी – “बहुत मज़ा आया… कल फिर आऊँगी…” राकेश को कुछ शक हो गया। उसने अर्पिता से पूछा – “तू इन मजदूरों के पास क्यों जाती है?” अर्पिता ने सीधा जवाब दिया – “क्योंकि वे मुझे वह मज़ा देते हैं जो तू नहीं दे सकता। मुझे रंडी बनना है। मैं चुदक्कड़ हूँ। तू मुझे छोड़ दे।”
राकेश हैरान रह गया। उसने बहुत समझाया, लेकिन अर्पिता नहीं मानी। उसने राकेश से ब्रेकअप कर लिया और पूरी तरह से मजदूरों की रंडी बन गई। अब वह हर दिन बिल्डिंग जाती। कभी 10 मजदूर, कभी 15, कभी 20। वह सबके साथ चुदती, सबका लंड चूसती, सबको अपनी चुत और गांड देती। “Horny College Girl Gangbang”
उसने अपने माता-पिता से भी कॉलेज छोड़ने की बात कही – “मुझे पढ़ाई नहीं करनी, मुझे तो बस चुदाई चाहिए।” एक दिन तो सभी 20 मजदूरों ने मिल कर उसे बीच सड़क पर नंगा कर दिया और सबके सामने चोदा। अर्पिता को कोई शर्म नहीं थी। वह चिल्ला रही थी – “हाँ… हाँ… चोदो मुझे… मैं तो रंडी हूँ सबकी…”
अब अर्पिता एकदम चुदक्कड़ रंडी बन चुकी थी। उसने अपने बाल छोटे कटवा लिए, बोल्ड मेकअप करने लगी, और हमेशा छोटे कपड़े पहनती जिससे मजदूरों को आसानी हो। वह बिना पैंटी के घूमती, ताकि कभी भी कोई उसे चोद सके। मजदूर अब उसे “हमारी रंडी” कह कर बुलाते थे। उन्होंने उसका एक नाम रख दिया – “चुत-रानी”।
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अर्पिता को यह नाम बहुत पसंद था। वह गर्व से कहती – “हाँ, मैं चुत-रानी हूँ। मेरी चुत सबकी भूख मिटाती है।” एक दिन उसने खुद ही फैसला किया कि वह इन मजदूरों की ही बन कर रहेगी। उसने अपना सब कुछ छोड़ दिया – परिवार, पढ़ाई, दोस्त। अब वह सिर्फ चुदाई के लिए जीती थी। हर रोज़ नया मजदूर, नया तरीका, नया मज़ा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वह कभी थकती नहीं थी। बस चुदती रहती, चूसती रहती, और चिल्लाती रहती – “और… और चोदो… मैं तुम्हारी रंडी हूँ… हमेशा के लिए…” इस तरह एक सीधी-सादी कॉलेज लड़की अर्पिता बदल कर एक हार्डकोर चुदक्कड़ रंडी बन गई। “Horny College Girl Gangbang”
वह आज भी उसी अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में जाती है, जब भी मन करता है। मजदूर उसे “हमारी रंडी” कह कर बुलाते हैं, और वह खुशी-खुशी जाती है। क्योंकि उसे ऐसा ही चाहिए। चुदक्कड़, बेचैन, और हमेशा भूखी। कहानी खत्म। लेकिन अर्पिता की चुदाई कभी खत्म नहीं होती। हर दिन नया सीन, हर दिन नया मज़ा। वह चुत-रानी है, और चुत-रानी कभी नहीं मरती।
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