Free Antarvasna Chudai Kahani
मेरा नाम शैलेश है और मैं हरियाणा से हूँ और आज मैं आप सभी चाहने वालो को अपना एक सच्चा सेक्स अनुभव बताने जा रहा हूँ. यह एक अच्छी चुदाई की घटना है जो कुछ समय पहले मेरे साथ घटित हुई और अब ज़्यादा बातें ना करते हुए मैं आप लोगों को अपना मनपसंद सेक्स अनुभव पूरा विस्तार से बता रहा हूँ. Free Antarvasna Chudai Kahani
दोस्तों यह बात तब की है जब मैं करनाल हरियाणा में रहता था और मेरी गर्लफ्रेंड उस समय दिल्ली मैं नौकरी करने लगी थी. उसका नाम संध्या था और वो एक बहुत बड़ी प्राईवेट कम्पनी में नौकरी करती थी. मैं उसके साथ उसके फ्लेट मैं रहता था और उसे बहुत बार चोदता था, लेकिन दोस्तों यह कहानी उसके बारे में नहीं है.
एक दिन मैं अपनी गाड़ी लेकर दिल्ली से वापस आ रहा था तो वो सर्दियों का समय था और उस समय बहुत ठंड पड़ रही थी. मैं दिल्ली से कुछ किलोमीटर दूर निकला ही था कि मैंने देखा कि रास्ते में एक बस खराब हो गई है और बहुत सारे लोग दूसरी बस का इंतजार कर रहे थे तभी मुझे एक सुंदर सी औरत 30-32 साल की अलग सी खड़ी दिखाई दी.
फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करके उससे कहा कि अगर आपको बुरा ना लगे तो क्या मैं कोई आपकी मदद कर सकता हूँ? तो उसने तुरंत कहा कि हाँ जी मुझे अंबाला जाना है और यह बस भी खराब हो गई है और दूसरी बस पता नहीं कब आएगी? फिर मैंने भी मौके पर चौका मार दिया और उससे कहा कि हाँ मैं भी अंबाला ही जा रहा हूँ, अगर आप कहे तो मैं आपको वहां तक छोड़ दूँगा?
अब उसने इधर उधर देखा फिर मेरी तरफ देखा और कहा कि ऐसे किसी अंजान लड़के पर मैं कैसे विश्वास कर लूँ? तो मैंने उससे कहा कि वो तो आपको देखना है कि मैं आपके विश्वास के लायक हूँ या नहीं, आप अकेले से और परेशान खड़े दिखाई दिए इसलिए मैंने अपनी गाड़ी रोक ली वरना तो यहाँ पर सारी दुनिया खड़ी है और वैसे मेरा नाम शैलेश है और मैं अंबाला मैं रहता हूँ.
फिर वो इतना सुनकर खिड़की से थोड़ा दूर हो गई मुझे लगा कि जा रही है और मैंने अपनी गाड़ी को फिर से स्टार्ट कर लिया. तभी उसकी आवाज़ आई अरे मेरा बेग तो गाड़ी में रख दो. तभी मेरे मन में लड्डू फूटा और मैं झट से उतरा और मैंने उसका बेग गाड़ी की पीछे वाली सीट पर रख दिया.
फिर हम दिल्ली से चल पड़े ठंड बहुत थी इसलिए मैंने हीटर चला रखा था तो उसे थोड़ा अच्छा महसूस हुआ और उसने अपनी जेकेट की चैन को खोल दिया और नीचे उसका गहरे गले का सूट जिससे उसकी छाती बिल्कुल साफ दिख रही थी उसके बूब्स का साईज़ करीब 36 का होगा और उसके इतने सेक्सी बूब्स को देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया.
फिर मैंने लंबी साँस लेते हुए उससे पूछा कि आपका नाम क्या है? अब उसने अपना नाम संध्या बताया और फिर बताया कि मैं अपने पति को एयरपोर्ट तक छोड़ने आई थी. मैं हर बार आती हूँ, लेकिन आज उनकी फ्लाइट थोड़ा लेट हो गई और इसलिए मुझे ज़्यादा समय लग गया.
फिर मैंने उससे कहा कि अच्छा तो आपके पति बाहर है (दोस्तों मुझे पति से क्या लेना देना था? मैं तो उसी के बारे मैं जानकारी निकालने लगा) और आप क्या करते हो? तो वो बोली कि मैं सारा दिन घर पर रहती हूँ और अपनी सास, ससुर देवर के पास रहती हूँ और हमारे बच्चे नहीं है और मेरे पति बाहर रहते है, मैं साल साल भर अकेली रहती हूँ. फिर मैंने पूछा कि अरे यार कितना समय हो गया है आपकी शादी को? तो वो बोली कि पूरे 6 साल.
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मैं: क्यों फिर भी कोई बच्चा नहीं?
संध्या: नहीं बस अभी मेरे पति का मन नहीं है.
मैं: और आपका?
संध्या: ह्म्म्म्म लंबी साँस के बाद, अरे यार मेरे मन होने ना होने से क्या फ़र्क पड़ता है?
अब मुझे वो कुछ ज्यादा दुखी सी लगी, तभी मैंने अपनी बात को बदल दिया और मैं उससे बोला कि अगर आप बुरा ना मानो तो क्या मैं एक बात बोलू?
संध्या: बोलो?
मैं: वैसे आप हो बहुत सुंदर और आपका पति बड़ा खुसकिस्मत है जिसे आप जैसी सुंदर पत्नी मिली.
अब वो मुझसे बोली कि हाँ वो तो बहुत खुशकिस्मत, लेकिन मेरी किस्मत का क्या? पता नहीं कब खुलेगी मेरी किस्मत?
मैं: क्यों ऐसा क्या हुआ आपकी किस्मत को?
संध्या: कुछ नहीं छोड़ो तुम कुछ अपने बारे मैं बताओ.
मैंने कहा कि कुछ नहीं जी मैं तो बस कंप्यूटर ऑपरेटर हूँ और गुड़गांव में नौकरी करता हूँ और अभी वहीं से आ रहा हूँ, एक और बात यार मैं अपने आप को रोक नहीं पा रहा हूँ बोलने से कि शादी के इतने सालो बाद भी आपने फिगर को बड़ा सम्भालकर रखा है नहीं तो इतने सालों मैं तो सभी औरते बेकार हो जाती है.
संध्या: हंसते हुए अच्छा जी आपको ऐसा क्यों लगा?
मैं: सच बताऊँ तो आपने जब अपनी जेकेट की ज़िप खोली तो मेरी नज़र.
संध्या: तुरंत मेरी बात को काटते हुए हाँ मुझे पता है हर लड़के की नज़र सबसे पहले वहीं पर जाती है और वो हंसते हुए बोली मुझे सारा दिन कोई काम थोड़ी है बस मैं अपने शरीर को सम्भालती रहती हूँ.
मैं: फिर हम दोनों मुस्कुराने लगे और फिर मैंने उनसे बोला कि वैसे आप अगर मेरी पत्नी होती तो मैं आपका पूरा पूरा ख़याल रखता.
संध्या: हाँ, लेकिन जिसके पास जो चीज़ होती है उसकी वो कदर नहीं करता.
मैं: हम तो करते है जी अगर आप चहो तो कभी हमे आज़माकर भी देख लेना.
संध्या: मुझे क्या आज़माना है, जो भी तुम्हारी पत्नी आएगी वो ही तुम्हे आज़माएगी?
मैं: हाँ वो तो आज़माएगी ही, लेकिन आप जैसी सुंदर बीवी हो तो कसम से निकल पड़ेगी.
संध्या: (हंसते हुए) हाँ मुझसे भी सुंदर आ जाएगी.
मैं: आप बुरा ना मानो, लेकिन आपका फिगर क्या है?
संध्या: लेकिन, तुम मेरा फिगर जानकर क्या करोगे?
मैं: करना क्या है बस दिल मैं यह बात रहेगी कि इतनी हॉट औरत साथ मैं बैठी और मैं उससे उसका फिगर भी नहीं पूछ पाया?
संध्या: ओह हॉट क्या सच मैं, लेकिन मुझे अब बुरा लगने लगा है.
मैं: मुझे माफ़ करना मेरा मतलब था कि सुंदर.
संध्या: क्यों सिर्फ़ हॉट और कुछ नहीं?
मैं: मतलब? हॉट तो आप हो ही ना सुंदर भी हो.
संध्या: और क्या?
मैं: और सेक्सी भी हो मुझे माफ़ करना और वो मेरी बात काटते हुए बोली
संध्या: इतना बच्चो जैसे क्यों व्यहवार कर रहे हो मुझे पता है कि मैं सेक्सी और हॉट हूँ? जब मैं बाहर निकलती हूँ तो पड़ोस के सभी लड़के मुझ पर नज़र गढ़ाए रखते है.
मैं: अब मुझे कुछ अजीब सा महसूस हुआ और मैं बोला कि आप सच में बड़ी सेक्सी, हॉट और सुंदर हो आपके साथ सेक्स करने वाला तो कसम से बहुत अच्छी किस्मत वाला होगा और अब मैं मन ही मन सोचने लगा कि यह मैंने क्या बोल दिया? मैं तुरंत उनसे कहने लगा कि प्लीज़ मुझे माफ़ करना और मेरी बातों को दिमाग मैं ना लेना, वो मैं अपने आपको रोक नहीं पाया और पता नहीं क्या बोल दिया?
संध्या: कोई बात नहीं होता है.
मैं: आपका बहुत बहुत धन्यवाद.
फिर कुछ देर हम चुप रहे और बाहर कोहरा बहुत हो गया था जिसकी वजह से अब मुझे रोड बड़ी मुश्किल से दिखाई दे रहा था और हम अभी पानीपत भी नहीं पहुंचे थे और कोहरे के कारण मुझे अपनी गाड़ी की स्पीड भी थोड़ी कम करनी पड़ी. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
तभी अचानक हमारे साथ से एक गाड़ी थोड़ी तेज़ स्पीड मैं निकली और हमने उस पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन उसी टाइम वो गाड़ी चलते चलते एकदम से उसके आगे चल रही गाड़ी से जा टकराई और यह देखकर मैंने अपनी गाड़ी को वहीं पर रोक लिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
संध्या: यह क्या हुआ?
मैं: शायद ज़्यादा कोहरे की वजह से सामने वाली गाड़ी में ठुक गई होगी.
संध्या: क्यों ऐसे तो हमारा भी आक्सिडेंट हो सकता है?
मैं: डर तो मुझे भी इसी बात का है हम एक बार पानीपत पहुंचकर फिर देखते है अगर कोहरा कम हुआ तो आगे चलेंगे, नहीं तो पानीपत किसी होटेल में रुक जाएँगे?
संध्या: क्या होटल में वो भी एक पराए मर्द के साथ?
मैं: अरे यार अब आप बच्चों जैसी बातें कर रही हो और क्या मैं अभी भी पराया मर्द हूँ?
संध्या: और नहीं तो क्या, मर्द तो पराए ही हो.
मैं: हाँ ठीक है, अच्छा जी.
संध्या: मैं तो बस तुमसे मजाक कर रही थी.
मैं: हाँ यह हुई ना बात, अब चलें नहीं तो सब होटल बंद हो जाएँगे और हमे इस कार में ही रात गुज़ारनी पड़ेगी.
संध्या: ठीक है चलो ऐसा ही करेंगे, वैसे भी समय भी ज़्यादा हो गया है 10:30 हो गए है.
मैं: ठीक है जी, चलो चलते है.
मैंने फिर 20-30 की स्पीड पर गाड़ी चलानी शुरू कर दी. हम लगभग 30 मिनट में पानीपत पहुंचे और तब तक मेरे लंड का उसके बूब्स को देख देखकर बहुत बुरा हाल हो गया था और अब उसने चैन को बिल्कुल नीचे कर लिया था और मुझे बिल्कुल मस्त नजारा मिल रहा था और शायद उसने भी मेरी इस बात पर गौर किया, क्योंकि वो मेरा खड़ा लंड कई बार देख देखकर दूसरी तरफ मुहं करके मुस्कुरा रही थी. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
मैं: ओह धन्यवाद भगवान, हम पानीपत तो पहुंच गए और यहाँ पर शहर में कोहरा बहुत कम है.
संध्या: ओह मुझे तो बहुत नींद आने लगी है जल्दी से चलो कोई ठीक ठाक सा होटल ढूँढ लो और फिर हम वहां पर चलकर आराम करते है.
मैं: हाँ ठीक है.
फिर मैंने एक होटल मैं अपनी गाड़ी को मोड़ लिया और पार्किंग में खड़ा कर दिया. मैंने कहा कि फिर हमे दो कमरे लेने पड़ेंगे ना.
संध्या: अरे नहीं नहीं, दो नहीं एक ही ले लेंगे, तुम्हारा पेट्रोल का खर्चा भी तो हो रहा है और रूम का किराया मैं दे दूंगी और मैं नहीं चाहती कि तुम्हारा कोई खर्चा हो.
मैं: हाँ, लेकिन सोच लो एक पराए मर्द के साथ रात गुज़ारनी पड़ेगी और वो भी एक रूम में. फिर मैं हंसने लगा और मेरे साथ वो भी हंसी और अब हम होटल के अंदर पहुंचे और एक कमरा बुक किया और वहीं पर उन्हें हमारे खाने को कमरे में पहुंचाने के लिए कहा.
हम रूम मैं पहुंचे और वो फ्रेश होने चली गई और जब वापस आई तो मेरी आँखें फटी की फटी रह गई क्योंकि उसने अपनी ब्रा और पेंटी को उतार दिया और उसने सिर्फ़ वो पतला सा सलवार सूट पहना हुआ था, जिसकी वजह से उसके निप्पल उसके बिल्कुल टाईट सूट में बिल्कुल साफ चमक रहे थे, जिनको देखकर मेरे लंड की अब और भी ज्यादा हालत खराब थी.
संध्या: जाओ तुम भी फ्रेश हो जाओ तब तक खाना आ ज़ाएगा.
मैं: हाँ, मैं भी वहीं सोच रहा हूँ.
फिर जब मैं बेड से उठा तो संध्या मेरे सामने वहीं पर मुझसे 7-8 फीट की दूरी पर खड़ी थी और जैसे ही मैं उठा तो मेरा लंड बिल्कुल सीधा उसकी तरफ निशाना साधे खड़ा हुए था और लंड को देखकर वो हल्की सी मुस्कुराई और मैं एकदम से बाथरूम मैं चला गया और फिर उफ़फ्फ़ उसकी ब्रा, पेंटी वहीं पर लटकी हुई थी. मैंने उसकी ब्रा, पेंटी को सूँघा और पता नहीं कब मेरा हाथ लंड पर चला गया और मैंने उसकी पेंटी को सूंघते सूंघते मुठ मारना शुरू कर दिया. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
और जब मेरा वीर्य बाहर निकलने वाला था तभी संध्या की आवाज़ आई खाना आ गया है, जल्दी से बाहर आ जाओ मुझे बहुत भूख लगी है और मैं अब ज्यादा इतंजार नहीं कर सकती. फिर मैं तभी रुक गया और दो मिनट मैं मुहं हाथ धोकर बाहर आ गया और अब मैं भी अपना अंडरवियर वहीं पर छोड़ आया और सिर्फ़ लोवर पहनकर बाहर आ गया और मेरे बाहर आते ही.
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संध्या: क्या बात है अंदर ऐसा क्या कर रहे थे? ज़्यादा गरम तो नहीं हो गए थे और फिर हंसने लगी.
मैं: ना ना नहीं, कुछ नहीं बस पानी गरम नहीं था और इसलिए बाहर आने मैं थोड़ा समय लग गया.
दोस्तों लेकिन वो बहुत समझदार थी, वो अब तक सब कुछ समझ चुकी थी और वो दोबारा मुझे देखकर मुस्कुराने लगी तो उसने मुझसे कहा.
संध्या: अच्छा चलो आ जाओ खाना खाते है.
मैं: अरे आप तो खा लेते जब आपको भूख लगी थी तो.
संध्या: अरे यार मैं हर रोज़ ही अकेली खाती हूँ किसी के साथ खाने का मौका कभी कभी मिलता है.
मैं: हाँ ठीक है.
फिर मैं भी अब बेड पर बैठ गया और हम दोनों ने एक एक रज़ाई ओढ़ ली और आमने सामने बैठकर खाने लगे. मैं तो खाना खाते खाते भी मैं उसको देख रहा था उसके बूब्स बड़े ही मुलायम आकर्षक दिख रहे थे और बहुत बड़े भी थे और मेरा लंड तो बस उसके रसीले गुलाबी होठों को छूने को तरस रहा था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
और मैं उसके बूब्स को देखते हुए उन्हे चूसने की बात सोच रहा था कि तभी वो बोली कि इनको देखने से तुम्हारा पेट नहीं भरेगा पहले आराम से खाना खा लो. दोस्तों मैं उसके बूब्स में इतना खोया हुआ था कि मैंने तुरंत कह दिया कि अगर देखने से पेट नहीं भरेगा तो एक बार चूसने दो. इनका दूध पीकर मेरा पेट भर जाएगा.
फिर मेरे मुहं से यह बात सुनते ही उसने मेरी तरफ बहुत गुस्से से देखा और खड़ी होकर वॉशरूम में चली गई और मैं अब और कुछ बोल ही नहीं पाया, लेकिन मुझे लगा कि यह तो अंदर जाकर शायद रोने लगी होगी. तभी वो कुल्ला करके वापस आ गई और मुझे गुस्से से देखते हुए ही बोली कि जल्दी से खाना खाओ मुझे अब सोना है और मैं भी चुपचाप बीच मैं ही खाना ऐसे ही छोड़कर उठ गया. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
संध्या: अरे खाना तो पूरा खाओ, ऐसे नहीं उठते.
फिर मैंने उसके कहने पर एक और रोटी खाई और फिर से उठ गया और बर्तन टेबल पर रख दिए और कुल्ला करके वापस आ गया. फिर मैंने देखा कि वो बिस्तर में नहीं थी और जैसे ही मैं पीछे मुड़ा तो वो बिल्कुल मेरे सामने खड़ी हुई थी और मेरी आँखों में आँखें डालकर बोली कि अभी क्या कह रहा था चूसने दो? और फिर वो मेरे बाल पकड़ खींचने लगी और फिर बोली कि चूसेगा क्या इनको, बोल ना अब क्या हुआ? मैंने बोला नहीं नहीं आप तो बुरा मान गई, मेरा यह मतलब नहीं था.
संध्या: हाँ और बोल क्या मतलब था तेरा, जल्दी बोल?
मैं: ( अब मुझे भी थोड़ा सा गुस्सा आ गया और मैं थोड़ा ज़ोर से बोला) हाँ मैं जरुर चूसूंगा, अगर आप मुझे चूसने दो तो.
फिर उसने मेरे बालो को खींचकर मेरे मुहं को अपने दोनों बूब्स के बीच मैं रख दिया और बोली कि यह ले चूस इनको, ओह भगवान मुझे बिल्कुल भी विश्वास नहीं हो रहा था कि यह सब क्या हो रहा है?
और फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को पकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और झट से एक बूब्स को उसके सूट से बाहर निकालकर चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा, वाह कितने मुलायम बूब्स थे दोस्तों और 36 साईज़ के मस्त बूब्स, मेरे लंड से वीर्य निकलने लगा.
और तभी अचानक उसने अपना सूट उतार दिया और फिर मेरे सर को पकड़कर अपने बूब्स पर लगा दिया और मैं अब तो पागल कुत्ते की तरह उसके बूब्स को चूसने लगा और ज़ोर ज़ोर से उसके निप्पल को अपने दातों से पकड़ पकड़कर खींचने लगा, जिसकी वजह से अब उसकी सिसकियाँ निकलने लगी.
और वो मुझसे बोली हाँ थोड़ा और ज़ोर ज़ोर से दबा उह्ह्ह्ह और निकाल मेरा दूध, पी जा उईईईइ और आज मिटा ले अपनी भूख को और अब मैं अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबाने लगा और निप्पल को चूसने और दातों से काट रहा था और अब उसकी सिसकियाँ धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी और भी तेज़ हो रही थी. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
फिर उसने मेरे लोवर मैं अपना एक हाथ डाल दिया और मेरे लंड को पकड़ने की बजाए उसने मेरे आंड को इतनी ज़ोर से पकड़ा कि मेरी हल्की सी चीख बाहर निकल आई, लेकिन मैं फिर से उसके बूब्स को चूसने लगा और फिर उसने मेरे लोवर को नीचे कर दिया और मैंने लोवर को पैरों से नीचे सरका दिया.
तभी वो मेरे आंड को पकड़कर खींचने लगी और खींचते खींचते मुझे बेड तक ले आई और अब उसने मुझे बेड पर बैठा दिया और बोली कि वाह तेरा लंड तो बड़ा मस्त है मेरे पति से थोड़ा बड़ा और मोटा भी है, लेकिन तेरे यह आंड थोड़े सिकुड़े हुए से है, इनको ज़रा मैं गरम कर दूँ और इतना कहते ही उसने मेरे आंड पर थप्पड़ मार दिया, जिसकी वजह से मेरी चीख बाहर निकल आई अहह यह क्या कर रही हो?
संध्या: चुपचाप बैठा रह, अगर मुझे चोदना है तो नहीं तो सो जा बोल सोना है या मुझे चोदना है?
मैं: हाँ यार चोदना है.
संध्या: फिर से आंड को थप्पड़ मारते हुए फिर आराम से लेटा रह और मुझे जो करना है करने दे.
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फिर एक के बाद एक कई सारे थप्पड़ मारे और मैं हर बार सिर्फ़ कराह रहा था. फिर उसने मेरे आंड को चूसना शुरू कर दिया और लंड को हाथ से हिलाया, जिसकी वजह से मुझे अब धीरे धीरे बहुत मज़ा आने ही लगा था कि तभी वो मेरे आंड को दांतों से काटने लगी, जिसकी वजह से मुझे फिर से दर्द होने लगा. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
वो मेरे आंड को चबाए जा रही थी और लंड को अपने हाथ से हिला रही थी. बस मेरी जान बाहर निकलने वाली थी. तभी उसने लंड को अचानक से छोड़ दिया ना ना ऐसे नहीं और फिर लंड को एक हाथ से पकड़कर दूसरे हाथ से ज़ोर ज़ोर से लगातार थप्पड़ मारने लगी और कुछ ही देर में मेरा वीर्य बाहर निकल आया और वो लगातार निकलता ही जा रहा था.
दोस्तों आज पहली बार किसी ने मेरे लंड को इस तरह से थप्पड़ मार मारकर ठंडा किया था और अब मेरा सारा वीर्य मेरे पेट पर ही निकाल दिया और फिर वो मेरे वीर्य को चाटने लगी और मैं यह देखकर बहुत हैरान हो गया कि एक सीधीसाधी सी दिखने वाली लड़की भी इतनी बड़ी रांड हो सकती है?
और तभी उसने मेरे शरीर को पूरा साफ करके वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे होंठो को किस करने लगी. मुझे थोड़ा सा अजीब लगा कि यह तो मुझे मेरे ही वीर्य का स्वाद चखा रही है, लेकिन दो मिनट के बाद सब कुछ ठीक हो गया और हम दोनों एक दूसरे के होंठ और जीभ को चूसने लगे और दोनों ज़ोर ज़ोर से लगभग दस मिनट तक ऐसे ही किस करते रहे.
तभी मैंने उसको अपने नीचे किया और उसकी गर्दन को किस करते करते उसकी चूत तक पहुंच गया और उसकी चूत को चाटने लगा और उसकी साफ चूत को चूसने और अपनी जीभ से चाटने लगा और तभी मैंने अपना लंड उसके मुहं के पास किया और उसने अपना मुहं खोल लिया और मेरा लंड मुहं में लेकर चूसने लगी. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
अब हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए और फिर मैं उसकी चूत को चाटने मैं व्यस्त हो गया. तभी उसने मेरी गांड मैं अपनी एक उंगली को डाल दिया और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगी. मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया और मैं भी उसकी गांड में उंगली डालकर हिलाने लगा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर उसने मेरी जाँघ पर दो तीन बार थप्पड़ लगाए और मैं तुरंत समझ गया कि यह बहुत अच्छा समय है इसकी चुदाई करने का. फिर मैं जल्दी से उसके ऊपर से उठा और उसके होंठो को किस किया और उसकी चूत पर बहुत सारा थूक कर उसके दोनों पैरों अपने कंधे पर रख लिया.
संध्या: प्लीज थोड़ा आराम से करना, कहीं मेरी चूत फट ना जाए.
मैं: एक शादीशुदा होकर भी डर रही हो? और इतना कहते ही मैंने अपना लंड एक ही जोरदार झटके मैं उसकी चूत के अंदर घुसा दिया.
संध्या: अहह्ह्ह आईईईइ मादारचोद कुत्ते तेरा लंड उस चूतिए से बहुत बड़ा है इसलिए मैं प्यार से करने को कह रही थी अब थोड़ा धीरे धीरे कर उफ्फ्फफ्फ्फ़ वरना मैं मर जाउंगी.
फिर उसके मुहं से इतना सुनते ही मैंने एक और जोरदार झटका दिया मैंने अपना पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से अंदर डाल दिया.
संध्या: अहह्ह्ह प्लीज थोड़ा तो मुझ पर तरस खाओ उफ्फ्फ्फफ आईई मैं मर गई उईईईई धीरे धीरे करो.
अब मैंने उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया और साथ मैं उसके बूब्स को भी दबाना शुरू कर दिया जिसकी वजह से अब उसकी सिसकियों की आवाज धीरे धीरे और भी बढ़ती जा रही थी.
संध्या: अहहहह शैलेश आज मुझे तू गर्भवती कर दे, उस चूतिए के बस का कुछ काम नहीं है उसका तो लंड ही 4 इंच का है, वो मुझे अब क्या घंटा चोदेगा और वो क्या मुझे गर्भवती बनाएगा.
मैं: तभी मैंने उससे पूछा कि क्यों तेरी चूत अब तक इतनी टाईट कैसे है?
संध्या: सस्स्स्स्स्स्सस्स ओह्ह्ह्हह्ह शैलेश अहह्ह्ह्ह ऑश चोदो मुझे शैलेश प्लीज़, मैं तुम से गर्भवती होना चाहती हूँ और ज़ोर से चोदो मुझे ओह्ह्ह्हह्ह आज पता लगा है मुझे कि चूत का खुलना किसे कहते है नहीं तो बसस्स्स्सस्स और ज़ोर से अहह्ह्ह्ह चोदो मुझे.
मैं: छोड़ उस बहनचोद को, बस मैं और तुम कोई और नहीं सस्स्सस्स उफ़फ्फ़ तुम्हारी चूत तो बिल्कुल नई जैसी ही है और पूरी टाईट है आहहस्स्स्सस्स मैं उसे और भी तेज़ तेज़ धक्के देकर चोदने लगा.
संध्या: उफफफफफ्फ़ शैलेश और तेज़ और तेज़ मैं अब झड़ने वाली हूँ प्लीज और स्पीड से चोदो मुझे.
फिर मैंने अपनी स्पीड को और भी बढ़ा दिया और फुल स्पीड में चोदता रहा. करीब दो मिनट के बाद हम दोनों एक साथ झड़ने लगे और एक दूसरे से लिपट गए. बीस मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए और कुछ देर एक दूसरे से लिपट कर ऐसे ही लेटे रहे. और फिर कुछ देर बाद संध्या ने उठकर मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया और वो एक बार फिर से मेरा लंड खड़ा करके बोली कि आजा मेरे कुत्ते चोद इस कुतिया को.
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इस बार मैंने उससे कहा कि तू अपने दोनों पैरों से मेरी कमर को पकड़ ले और जैसे ही उसने मेरी कमर को पकड़ा. मैं उसे अपने हाथों से उठाकर खड़ा हो गया और उसे हवा मैं उठाकर धीरे से धक्के देकर चोदने लगा और वो मेरे होंठो को चूसने लगी और अब कुछ देर बाद मैं उसे पूरी स्पीड से चोदता रहा. उसे अपनी चुदाई में बहुत मज़ा आ रहा था. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
संध्या: ओह शैलेश उईईईईईई आह्ह्ह्हह्ह काश तू सच मैं मेरा पति होता अहह्ह्ह्हह्ह शैलेश चोद मुझे, हाँ इसी तरह चोद अपनी इस कुतिया को, वाह मज़ा आ गया उफ्फ्फफ्फ्फ़ थोड़ा और ज़ोर से चोद.
मैं: हाँ तेरा पति तो मैं आज बन ही गया हूँ, अब तेरा पूरा टाईम पति ना सही मैं तेरा पार्ट टाईम तो हूँ ही और उसे हवा मैं उठाकर ही चोदता रहा मैंने महसूस किया कि उसकी चूत बिल्कुल नई जैसी एकदम टाईट थी और इसी तरह उसे 10-12 मिनट चोदने के बाद मैंने उसे दीवार के सहारे लगा लिया और हवा मैं उठाकर ही चोदता रहा.
संध्या: ओह शैलेश हाँ और ज़ोर से धक्का देकर चोदो मुझे अह्ह्ह्हह हाँ ऐसे ही चोदते रहो मुझे.
फिर करीब 25-30 मिनट के बाद मैं झड़ने ही वाला था कि तभी उसे मैंने नीचे लेटाकर फिर से हल्के हल्के धक्के देकर उसकी चूत मैं झड़ गया.
संध्या: ऑश शैलेश मुझे तुम आज अपनी गर्भवती बना दो इतना चोदो मेरी चूत को यह फट जाए, मैं तुम्हारे होने वाले बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ, प्लीज़ मुझे तुम अपना एक बच्चा दे दो ओह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह और चोदो मुझे तुम बहुत अच्छा चोदते हो अह्ह्ह्हह्ह यार थोड़ा और अंदर जाने दो.
मैं: मैं तो अब बहुत थक गया हूँ यार.
संध्या: क्या थक गया? ऐसी गांड रोज रोज चोदने को मिलती है क्या? जो तू इतनी जल्दी थक गया. अभी तो सिर्फ़ तूने मेरी चूत ही मारी है, मेरी गांड क्या कोई पड़ोसी मारेंगे?
मैं: ओह तो खड़ा कर ना मेरे लंड को मेरी जान.
संध्या: हाँ यह हुई ना बात असली मर्दों वाली.
अब मैं बेड पर लेट गया और वो मेरे लंड को थूक थूककर गीला करने लगी और फिर चूसने लगी और फिर पता नहीं उसे अचानक से क्या हुआ वो अपना पर्स देखने लगी और पर्स मैं से उसने एक वोड्का का हाफ निकाल लिया और उसे खोलकर नीट ही पीने लगी.
मैं: अरे यह क्या नीट ही क्यों पी रही हो?
संध्या: मैं अकेली थोड़ी ना नीट पियूंगी, तुझे भी तो पिलाऊंगी.
फिर अपना मुहं वोड्का से बाहर करके उसने मेरे पास आकर मुहं खोलने का इशारा किया और मेरे मुहं खोलते ही अपने मुहं की सारी वोड्का को उसने मेरे मुहं मैं डाल दिया और मैं भी पी गया, इस तरह हमने पूरा हाफ पी लिया और थोड़ा सा उसने मेरे लंड पर गिरा दिया और फिर मेरे लंड को चूसने लगी और फिर से उसने मेरी गांड मैं उंगली को डाल दिया.
मैं: गांड मारनी है या अपनी मरवानी है?
संध्या: अरे पागल इससे तेरा लंड खड़ा जल्दी हो जाएगा और शुक्र है कि मेरे पास लंड नहीं है वरना मैं आज तुझे चोद देती.
मैं: ओह नहीं नहीं मैं तुम्हारी गांड को चोदना चाहता हूँ.
संध्या: हाँ अब ठीक है मैं अब तुम्हारी गांड नहीं मारूंगी.
अब मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और मुझे थोड़ा सा नशा चढ़ने लगा और अब तक संध्या को भी बहुत नशा हो गया फिर मैंने उसे अपने सामने झुकाया और फिर उसकी गांड को चाटने लगा और करीब 10-15 मिनट चाटने के बाद जब उसकी गांड थोड़ी ढीली हो गई. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
तो मैंने थूक थूककर उसे चिकनी कर दिया और फिर अपना लंड उसकी छोटी सी गांड में धीरे धीरे धक्के देकर डालने लगा. नशे में उसे भी दर्द कम हो रहा था, लेकिन मुझे अब और भी ज़्यादा मज़ा आ रहा था दो मिनट के बाद जब मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया तो मैंने धीरे धीरे से अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया और उसे चोदने लगा.
संध्या: अहह्ह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़ शैलेश हाँ चोदो मेरी वर्जिन गांड को.
मैं: आह्ह तभी मैं कहूँ कि तुम्हारी गांड इतनी टाईट क्यों है? तुमने गांड कभी मरवाई ही नहीं क्या?
संध्या: ओहह्ह्ह्ह आईईई मेरे पति ने कोशिश तो कई बार की, लेकिन अहह मादारचोद धीरे धीरे कर.
मैं: ओह्ह्ह नहीं अब तो स्पीड और भी तेज़ होगी.
फिर मैंने उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया और अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और उसे मस्त धक्के देकर चोदने लगा 5-7 मिनट तो उसे थोड़ा दर्द हुआ, लेकिन फिर उसे भी मज़ा आने लगा जिसकी वजह से वो भी मज़े से सिसकियाँ लेकर चुदने लगी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अब मैंने उसके बाल पकड़कर उसे पीछे से ऊपर उठाया और उसके होंठो को किस करने लगा और साथ ही साथ उसे चोदता रहा, लेकिन अब तक मेरे लंड की भी हालत खराब थी और 2-3 जगह से कट गया था, लेकिन नशे में हम दोनों को बस मज़ा ही आ रहा था और दर्द का कुछ भी पता नहीं था.
मैं उसे चोदते वक़्त उसके चूतड़ों पर थप्पड़ भी मार रहा था जिसकी वजह से उसके दोनों चूतड़ लाल हो गए थे और उसे आधे घंटे तक कुतिया बनाकर चोदने के बाद मेरा वीर्य उसकी गांड में निकल गया और मैं थककर बिल्कुल चूर हो गया था और उसके ऊपर ही गिर गया.
मैंने उसकी गांड मैं अपना लंड डालकर ही रखा हुआ था और हम दोनों को पता ही नहीं चला कि हम बातें करते करते ना जाने कब सो गए. फिर सुबह उठकर हम दोनों ने एक बार और नहाते हुए सेक्स किया और फिर हम नाश्ता करके उस होटल से अपने घर के लिए निकल गए. “Free Antarvasna Chudai Kahani”
कामुकाता हिंदी सेक्स स्टोरी : पति की सेक्स पॉवर खत्म हो चुकी थी
सुबह भी कोहरा तो बहुत था, लेकिन दिन होने की वजह से बहुत साफ साफ दिखाई दे रहा था फिर हम कुछ देर के सफर के बाद अंबाला उसके घर पर पहुंचे तो मैं उसके कहने पर घर के अंदर चला गया. तो उसने मेरे लिए कॉफी बनाई और जब वो कॉफी बना रही थी मैं उसे पीछे से हग किए हुए था और बहुत आराम से उसके एक एक बूब्स को दबा रहा था.
संध्या: क्यों कल सारी रात तो खेले हो इनसे, क्यों दिल नहीं भरा क्या?
मैं: क्या कभी दिल कहा भरता है ऐसी ऐसी चीज़ों से जानेमन?
संध्या: कल रात को तेरी बहुत मलाई निकल गई है मैं अब अगले सप्ताह दोबारा 6-7 बार फिर से तेरी गरमी जरुर निकालूंगी.
मैं: वाह क्या सच?
संध्या: हाँ बिल्कुल सच.
फिर उसने मुझे किस किया और कहने लगी कि कॉफी बन गई है, चलो बाहर पीते है और कॉफी पीने के बाद मैंने संध्या को किस किया और हग किया उसके बाद मैं वहां से उसका मोबाईल नंबर लेकर चला गया. फिर अगले सप्ताह फिर से उसकी चुदाई हुई और सप्ताह मैं 2-3 बार हो ही जाती थी. फिर उसके कुछ महीनों बाद मैंने उसे अपने दो बच्चों की माँ बना दिया, लेकिन अब भी मैं जब कभी मौका मिलता है तो उसकी चुदाई जरुर करता हूँ.
Rohit says
Maharashtra me kisi girl, bhabhi, aunty, badi ourat ya kisi vidhava ko maze karni ho to connect my whatsapp number 7058516117 only ladie
Harish says
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Rakesh says
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Mai Allahabad se hu 24 sal ka Young Dark skinned Boy hu, Allahabad Banaras Lucknow Ayodhya Gorakhpur Noida Kanpur All UP ya aas pas se Koi girl lady women housewife hai jo mujhse milna chahti hai to mujhe msg kro @rakeshakki31@gmail.com