Father Daughter Sex Kahani
हाथों से शॉपिंग ट्रॉली धकेलते हुए प्रशांत को पता ही नहीं चला कि कब वो लेडीज अंडरगारमेंट्स सेक्शन में पहुँच गए। सामने की रैक पर ब्रा के डिब्बों पर छपी सेक्सी टीन मॉडल के उभरे हुए चूचे देखते ही उनकी नजर जैसे चिपक गई। उस मॉडल का फिगर बिल्कुल उनकी बेटी रश्मि जैसा था। लाल जालीदार ब्रा में सफेद चूचे देखकर प्रशांत के दिमाग में रश्मि का चेहरा घूमने लगा। Father Daughter Sex Kahani
उन्होंने दो डिब्बे उठाए और आँखें मॉडल के चूचों पर गड़ाए रहे। पैंट में लंड कड़क होने लगा। एक हाथ से उन्होंने अपना लौड़ा एडजस्ट किया, दूसरा हाथ डिब्बों को पकड़े रहा। तभी चार औरतें वहाँ आ गईं। एक पतली मधुर आवाज में “एक्सक्यूज़ मी” सुनकर कर्नल हड़बड़ाए, डिब्बे ट्रॉली में फेंके और आगे बढ़ गए। कैश काउंटर पर भीड़ थी, ब्रा के डिब्बे निकाल नहीं पाए, बिल कटवाया और गाड़ी में आकर बैठ गए।
पार्किंग लॉट खाली था, रात का समय। प्रशांत ने डिब्बे खोले, ब्रा निकाली, पैंट से अपना मोटा लंड बाहर निकाला और मुठ मारने लगे। ख्यालों में रश्मि को उसी लाल ब्रा में देखते हुए उनका हाथ सटासट चलने लगा। कुछ ही मिनट में गाड़ी के सेल्फ पर वीर्य की बौछार हो गई। संतुष्ट होकर वो घर की ओर चल दिए।
प्रशांत अमीर और मॉडर्न परिवार से थे। एनडीए पास कर अफसर बने। उनकी बीवी सोनिया भी बेहद खूबसूरत और मॉडर्न थी। दोनों ने जमकर जिंदगी एंजॉय की। एक बेटी रश्मि के बाद कोई बच्चा नहीं किया। कोरोना में सोनिया चल बसीं तो प्रशांत वॉलंटरी रिटायरमेंट लेकर घर लौट आए।
रश्मि अब उन्नीस साल की हो चुकी थी। स्कूल खत्म हो चुका था, कॉलेज में एडमिशन की तैयारी कर रही थी। खाली समय में पर्सनालिटी डेवलपमेंट क्लासेस जॉइन की थीं। मिनी स्कर्ट और हॉट शॉर्ट्स में उसके आधे चूतड़ झांकते थे, हर कोई देखता रह जाता। उसका जिस्म माँ से इतना मिलता था कि प्रशांत भी तिरछी नजरों से बेटी की चूचियों और गाँठ की बनावट नाप लेते थे।
जब प्रशांत मॉल गए थे, रश्मि घर पर नहीं थी। वो सोच रहे थे कि दोस्तों के साथ कहीं होगी, जल्दी आएगी। गाड़ी स्टार्ट की, हेडलाइट जली तो सामने वाली कार के शीशों पर सीधी पड़ी। अंदर एक लड़का और लड़की होंठ चूस रहे थे। लड़की का गुलाबी टॉप छाती से ऊपर था, दोनों चूचे लड़के के हाथों में थे। रोशनी पड़ते ही दोनों हड़बड़ाए, लड़की तुरंत सीट पर लेट गई।
प्रशांत ने सब देख लिया। वो समझ गए कि लड़की कोई और नहीं, उनकी अपनी बेटी रश्मि थी। सेकंड के सौवें हिस्से में भी रश्मि के गोल चूचे उनकी आँखों में कैद हो गए। उसी झपकी ने उन्हें ब्रा के डिब्बों तक खींच लिया था। प्रशांत वहाँ से निकल गए, लेकिन रश्मि घबरा गई। कार से उतरकर सीधे घर में घुसी। मन में सवाल था, पापा ने देखा या नहीं। देखा भी तो कुछ बोले क्यों नहीं।
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उसने पापा का आईपैड उठाया, लोकेशन चेक की। मॉल में थे। राहत की साँस ली, यूट्यूब खोलकर गाने लगाए। तभी नोटिफिकेशन आया। ईमेल खोला तो बाप-बेटी की चुदाई की कहानी थी। पहले तो हैरान हुई, फिर पढ़ने लगी। कहानी पढ़ते-पढ़ते उसकी टाँगें अपने आप खुल गईं। पैंटी नीचे सरका दी।
दोनों पैर काँच की टेबल पर टिकाए, सिर पीछे टिकाया और एक हाथ से चूत सहलाने लगी। चार कहानियाँ पढ़ डालीं। बाप-बेटी सेक्स में मजा आने लगा। उसे पता चल गया कि पापा को भी बेटी चोदने की चाहत है। इंटरनेट हिस्ट्री खंगाली, और कहानियाँ पढ़ती रही, चूत मसलती रही।
इधर प्रशांत मुठ मारकर घर पहुँचे। घंटी बजाते ही रश्मि ने दरवाजा खोला। गुलाबी टॉप देखते ही प्रशांत का लंड फिर खड़ा होने लगा। रश्मि भी अब पापा को अलग नजरों से देख रही थी। खाने की टेबल पर अजीब सी खामोशी थी। प्रशांत चोरी-छिपे रश्मि की छाती में झाँकने की कोशिश कर रहे थे।
रश्मि जानबूझकर सीधी तनी बैठी थी ताकि उसके चूचे अच्छे से उभरें। खाना खत्म हुआ। रोज की तरह रश्मि ने पापा को होंठों पर हल्की सी किस की और गुड नाइट बोला। आज उसने गाल पर हाथ भी फेरा। नजदीक आते वक्त उसने पापा के पैंट का उभार साफ महसूस कर लिया।
प्रशांत अपने कमरे में पहुँचे, लोअर नीचे किया, मोटा लंड बाहर निकाला, खाल पीछे खींचकर टोपे को हवा लगने दी। आँखें बंद कीं और रश्मि को अपनी फेवरिट बाप-बेटी कहानी की हीरोइन बनाकर मुठ मारने लगे, “आह्ह रश्मि… मेरी जान… तेरी टाइट चूत…” ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
हॉल में खड़ी रश्मि समझ गई कि पापा कमरे में क्या कर रहे होंगे। जिज्ञासा ने उसे खींच लिया। घर में दरवाजे लॉक करने की आदत नहीं थी। उसने हल्के से धक्का दिया, दरवाजा खुल गया। अंदर का नजारा देखकर उसकी साँस रुक गई। पापा बिस्तर पर लेटे, मोटा लंड हाथ में लिए तेजी से हिला रहे थे। सिसकारियाँ आ रही थीं, “हाँ बेटा… ले मेरा लंड… आह्ह्ह…”
रश्मि की चूत में आग लग गई। पैंटी नहीं पहनी थी, रस जाँघों पर लहराने लगा। उसने स्कर्ट में हाथ डाला और दाना मसलने लगी, “ओह्ह पापा…” प्रशांत झड़ने वाले थे, रुके। हाथ हटाया तो रश्मि ने पहली बार असली मर्द का लंड देखा। विकास का तो बच्चा लग रहा था। पापा का लंड मोटा, नसें फूली हुईं, सुपारा लाल चमक रहा था।
दोनों तरफ मुठ चल रही थी। अंदर बाप बेटी को चोदने के खयाल में, बाहर बेटी पापा के लंड को निहारते हुए। रश्मि की साँसें तेज हो गईं, “आह्ह… पापा… कितना बड़ा है…” वो झड़ने वाली थी, झटके से अपने कमरे में भागी। बेड पर गिरी, दो उंगलियाँ चूत में ठूँसीं और कमर धनुष की तरह मोड़कर अंदर-बाहर करने लगी, “आह्ह्ह पापा… ओह्ह्ह… तुम्हारा लंड… आह्ह्ह…” तीस सेकंड में झड़ गई, बेदम होकर सो गई।
प्रशांत ने अपना माल निकाला, साँसें संभालीं और हॉल में आ गए। टीवी ऑन किया, सिगरेट जलाई। नजर सोफे के नीचे गई। वहाँ रश्मि की पैंटी पड़ी थी, पूरी गीली। प्रशांत ने उठाई, सूंघा। बेटी की चूत की तेज महक फेफड़ों में भर गई, “आह्ह्ह रश्मि… तू भी गर्म है…” सिगरेट के हर कश के साथ पैंटी सूंघते रहे, लंड फिर खड़ा हो गया।
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पैंटी को फिर वहीँ सोफे के नीचे डालकर कर्नल प्रशांत रश्मि के कमरे की ओर बढ़े। दरवाज़ा हल्के से धकेला तो अंदर का नज़ारा देखकर उनके पैर जम गए। रश्मि गहरी नींद में थी। स्कर्ट पेट तक खिसकी हुई थी, सफेद चिकनी जाँघें पूरी नंगी, बीच में उसकी चिकनी चूत हीरे की तरह चमक रही थी। टॉप भी ऊपर सरका था, एक गोरा चूचा पूरी तरह बाहर लटक रहा था, गुलाबी निप्पल तना हुआ।
प्रशांत का लंड पल भर में लोअर फाड़कर बाहर आने को हुआ। वो दो कदम और आगे बढ़े, आँखें फटी की फटी रह गईं। बुत बनकर खड़े रहे, अपनी जवान बेटी के अधनंगे जिस्म को पीते रहे। जब लंड ने जोर से धक्का मारा तब होश आया। फौरन यू-टर्न लिया और बाहर दीवार से सटकर खड़े हो गए।
मन और लंड में जंग चल रही थी। विवेक चीख रहा था कि गलत है, पर लंड कह रहा था बस एक बार और देख लूँ। आखिरकार लंड जीत गया। प्रशांत फिर कमरे में घुसे, बेड के किनारे बैठ गए। “रश्मि… बेटा…” बहुत धीमी आवाज़ में पुकारा, तीन बार पुकारा। कोई हलचल नहीं। चौथी बार पुकारते हुए हाथ सिर पर फेरा। फिर भी कोई हरकत नहीं। हिम्मत बढ़ी।
बहाना बनाते हुए स्कर्ट ठीक करने के नाम पर हथेली पेट पर रखी, धीरे-धीरे नीचे सरकाई। गर्म मखमली त्वचा को छूते ही करंट दौड़ गया। हाथ ऊपर बढ़ा, टॉप के नीचे घुसा और पहला चूचा पूरा मुट्ठी में भर लिया। “आह्ह… रश्मि…” प्रशांत की साँसें तेज हो गईं। अंगूठे से निप्पल सहलाया, दूसरा हाथ बढ़ाकर टॉप ऊपर उठाया, दूसरा चूचा भी आज़ाद कर दिया। अब दोनों हाथों में एक-एक भरा हुआ चूचा था।
प्रशांत ने आँखें बंद कीं, सोनिया की याद आ गई। झुककर दोनों चूचों के बीच नाक घुसेड़ दी। गहरी साँस ली, बेटी के जिस्म की खुशबू फेफड़ों में भर गई। निप्पल होंठों में लिया, चूसा, “चुप्प… चुप्प… आह्ह सोनिया…” फिर दाँतों से हल्का काटा, जीभ से चाटा। थूक से निप्पल भीग गए, ए.सी. की हवा लगते ही सिकुड़कर और कड़े हो गए। प्रशांत पागल हो रहा था, सालों की भूख एक साथ बाहर आ रही थी। “Father Daughter Sex Kahani”
तभी रश्मि की नींद टूटी। उसने ऊपर झुके पापा को देखा, डर से अकड़ गई। फिर समझ आई कि ये उसके अपने पापा हैं। वो लाश की तरह पड़ी रही, साँसें रोककर। प्रशांत को लगा शायद करवट ली होगी। माथे का पसीना पोंछा और रश्मि के बगल में लेट गया। कोहनी ऊपर सरका दी ताकि चूचे तक रास्ता साफ हो जाए और रश्मि का मुँह भी ढक जाए।
अब वो रश्मि के भाव नहीं देख सकता था। रश्मि सब समझ रही थी, उसका बदन रोमांच से काँप रहा था। निप्पल पत्थर जैसे कड़े हो गए। प्रशांत ने बायाँ निप्पल होंठों में लेकर जोर से चूसा, “च्ल्लप… च्ल्लप… आह्ह्ह…” रश्मि ने होंठ काट लिए, आँखें बंद कर ली। उसकी चूत में बाढ़ आ गई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
प्रशांत का हाथ नीचे सरका, जाँघ पर रखा, फिर चूतड़ तक ले गया। स्कर्ट ऊपर उठाई, पूरी हथेली से गोल-गोल मादा चूतड़ दबाए। उंगली गांड की दरार में फेरने लगा। रश्मि पागल हो रही थी, “ओह्ह… पापा…” मन ही मन सिसक रही थी।
प्रशांत अचानक उठे, लोअर उतार फेंका और रश्मि के पीछे घुटनों के बल बैठ गए। अब उसका मोटा लंड हवा में लहरा रहा था, बेटी की गांड से महज आधा फुट दूर। दोनों चूतड़ों पर हाथ फेरा, झुककर चूमने लगा। कभी दाएँ, कभी बाएँ। दाँतों से हल्का काटा। फिर दोनों हाथों से चूतड़ फैलाए और मुँह दरार में घुसेड़ दिया।
“आह्ह्ह… सोनिया मेरी जान…” गहरी साँस ली, खुशबू सूंघी और जीभ गांड के छेद पर टिका दी। जीभ से चाटने लगा, ऊपर से नीचे तक पूरी दरार चाटता रहा। रश्मि की हालत खराब थी, चूत से रस टपक रहा था। वो किसी तरह खुद को रोक रही थी।
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प्रशांत पूरी तरह सोनिया के नशे में था, जीभ तेजी से चल रही थी, “च्ट्ट… च्ट्ट… च्ल्प… आह्ह्ह मेरी जान… तेरी बेटी में तेरी सारी खुशबू है…” रश्मि अब बर्दाश्त नहीं कर पाई। उसने खांसी की एक्टिंग शुरू की, “खँख… खँख…” प्रशांत के होश उड़ गए। लोअर उठाया और नंगा ही भागता हुआ कमरे से बाहर निकल गया।
दरवाज़ा बंद होते ही रश्मि ने आँखें खोलीं। उसे अब समझ आया कि पापा पूरे नंगे थे। उसका बदन फिर आग हुआ। दो उंगलियाँ चूत में ठूँसकर तेजी से अंदर-बाहर करने लगी, “आह्ह्ह पापा… ओह्ह्ह… तुमने मेरी गांड चाटी… आह्ह्ह…” तीस सेकंड में झड़कर बेदम हो गई। “Father Daughter Sex Kahani”
ठंडी होने पर ख्याल आया कि पापा मम्मी का नाम ले रहे थे। उसे पापा पर तरस आने लगा। मम्मी जैसी दिखती हूँ इसलिए पापा मेरे करीब आते हैं। अब उसके मन में पापा के लिए कोई गुस्सा नहीं था, सिर्फ दया और हल्का सा रोमांच था।
उधर प्रशांत अपने कमरे में लौटे, लंड को जोर-जोर से हिलाकर माल निकाला और खुद को कोसते हुए सो गए। सुबह सबसे पहले कर्नल प्रशांत उठे। सिगरेट सुलगाई, दो कप कॉफी बनाई और बालकनी में बैठकर कश लगाने लगे। कॉफी खत्म की तो रश्मि अभी भी सो रही थी। कमरे का दरवाजा खटखटाया, “रश्मि उठ जा बेटा” कहकर खुद नहाने चले गए।
रश्मि की आँख खुली तो रात की सारी यादें ताज़ा हो गईं। होंठों पर मुस्कान आ गई। उसने खराब स्कर्ट उतारी और आज कुछ खास पहनने का फैसला किया। नारंगी रंग की बैकलेस टॉप चुनी जो ब्रा से भी छोटी थी, पीठ पूरी नंगी और नीचे इतने छोटे शॉर्ट्स कि पैंटी भी शरमा जाए। तैयार होकर किचन में नाश्ता बनाने लगी।
प्रशांत नहाकर सिर्फ तौलिया लपेटे कमरे से निकले तो रश्मि को देखकर स्तब्ध रह गए। बेटी अस्सी फीसदी नंगी खड़ी थी। रात का सारा नज़ारा फिर आँखों के सामने घूम गया। वो बालकनी में गीले कपड़े टांगकर लौटे ही थे कि रश्मि चहकती हुई दौड़ी आई।
“हाय डैडी, गुड मॉर्निंग!” कहते हुए उसने प्रशांत के गले में बाहें डाल दीं और पंजों पर उठकर होंठों से होंठ मिला दिए। आज की गुड मॉर्निंग किस रोज़ से बिल्कुल अलग थी। रश्मि अलग नहीं हुई, प्रशांत भी खुद को पीछे नहीं खींचे। प्रशांत के हाथ रश्मि की नंगी कमर पर पहुँचे तो जैसे बिजली दौड़ गई। दोनों जम गए। “Father Daughter Sex Kahani”
रश्मि ने पापा के बालों में उंगलियाँ कसीं और होंठ खोल दिए। प्रशांत के होंठ भी अपने आप खुल गए। जीभें मिलीं, चूसने लगे। प्रशांत का लंड तौलिया फाड़कर बाहर आने को बेकरार था। रश्मि ने जीभ पापा के मुँह में सरका दी और चूचे उनकी छाती से सटा दिए। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
“म्म्म… आह्ह…” दोनों की सिसकारियाँ कमरे में गूँजने लगीं। प्रशांत ने रश्मि को कसकर भींच लिया। लंड अब पूरी तरह खड़ा था और रश्मि के पेट पर ठोकरें मार रहा था। रश्मि उचककर लंड को अपनी चूत पर महसूस करना चाहती थी। उसने प्रशांत के पैरों पर चढ़कर कमर लपेट ली। प्रशांत ने चूतड़ों को मुट्ठी में भरा और बेटी को गोद में उठा लिया।
अब दोनों बराबर लेवल पर थे। रश्मि ने पैर पापा की कमर पर कस लिए, चूत को लंड पर टिकाकर कमर हिलाने लगी। प्रशांत भी लय मिलाकर धक्के देने लगे। तौलिया कब खुलकर गिरी, पता ही नहीं चला। अब बाप पूरी तरह नंगा था और बेटी उससे बेल की तरह लिपटी हुई थी। “टिंग टिंग…” माइक्रोवेव की घंटी ने दोनों को झकझोर दिया।
प्रशांत ने रश्मि को फटाफट नीचे उतारा। रश्मि चार कदम पीछे हट गई। दोनों शर्म से जमीन में नज़रें गड़ाए खड़े थे। प्रशांत की नज़र तौलिया पर पड़ी जो ज़मीन पर थी। ऊपर देखा तो अपना 8 इंच का फौलादी लंड सीधा सलामी दे रहा था। वो झेंपकर तौलिया उठाया और कमरे की ओर भागे। बीस मिनट तक कोई बाहर नहीं आया। फिर रश्मि नाश्ता लेकर पापा के कमरे में गई। प्रशांत बेड पर बैठे आँसू पोछ रहे थे। “Father Daughter Sex Kahani”
“क्या हुआ पापा, आप रो क्यों रहे हो?”
“माफ कर दो बेटा… मैंने बहुत गलत किया…” प्रशांत फूट-फूटकर रोने लगे।
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रश्मि ने उन्हें गले लगाया, “रोइए मत पापा, गलती सिर्फ आपकी नहीं… मेरी भी है। मैं छोटी नहीं हूँ, उन्नीस की हो गई हूँ। मैं समझती हूँ कि ममा के जाने के बाद आप कितने अकेले हो गए। मैं आपको ममा की याद दिलाती हूँ ना… इसीलिए ऐसा हुआ। इसमें किसी की गलती नहीं।”
प्रशांत को सुकून मिला। रश्मि बेड पर चढ़ी, पापा की गोद में बैठ गई, दोनों पैर उनके दोनों तरफ फैलाकर सीने से लगा लिया।
“अब मैं आपका ख्याल रखूँगी पापा… जैसे ममा रखती थीं… वैसे ही…”
प्रशांत ने उसका चेहरा हाथों में लिया, “सच में इतना प्यार करती है मुझसे?”
“ममा से भी ज्यादा… और वैसा ही प्यार!”
प्रशांत मुस्कुराए, माथा चूमा, फिर गाल, नाक, ठोड़ी… पूरे चेहरे पर किसों की बौछार कर दी। रश्मि आँखें बंद किए इंतज़ार कर रही थी कि कब होंठ चूमेंगे। आखिरकार उसने खुद होंठ आगे कर दिए। प्रशांत ने बेटी के होंठ चूसने शुरू किए, “च्ल्लप… च्ल्लप… आह्ह रश्मि…” हाथ चूचों पर पहुँच गए। रश्मि ने टॉप ऊपर उठाकर चूचे आज़ाद कर दिए। प्रशांत ने टी-शर्ट फेंकी और चूचे दबाते हुए बोले, “तेरी ममा के भी ऐसे ही थे… और ऐसी ही खुशबू…”
रश्मि हँस पड़ी, “हाँ पापा… इसीलिए तो नीचे से कुछ चुभ रहा है ना?” कहकर उसने पापा का सिर चूचों में दबा लिया। प्रशांत ने रश्मि को बेड पर पटका, घुटनों पर खड़े होकर जीन्स-कच्छा एक साथ उतार फेंका। 8 इंच का मोटा लंड लहरा रहा था। रश्मि पहली बार इतने करीब से देख रही थी। उसने हाथ बढ़ाया, लंड पकड़ा, नसें सहलाईं, गोटियाँ मसलने लगी।
“ऐसे क्या देख रही है… अब तेरा गुलाम है ये!” प्रशांत ने उसका हाथ लंड पर रख दिया। रश्मि ने जीभ निकाली और सुपारे पर फेर दी, “च्ट्ट…” फिर गोटियाँ मुँह में लेकर चूसने लगी, “च्ल्लप… च्ल्लप…” हाथ से लंड सहलाती रही। प्रशांत की साँसें तेज हो गईं, “आह्ह्ह रश्मि… बिल्कुल तेरी ममा की तरह…”
रश्मि ने लंड मुँह में लिया, पर पूरा नहीं जा रहा था। फिर भी कोशिश करती रही। प्रशांत का सब्र टूट गया। उसने रश्मि के बाल पकड़े और गले तक धक्के मारने लगा, “ले… ले बेटी… पूरा ले… आह्ह्ह…” दस-पंद्रह तगड़े झटकों के बाद लंड गले में पूरा उतार दिया। गर्म वीर्य की बौछार सीधे रश्मि के पेट में जाने लगी। “Father Daughter Sex Kahani”
रश्मि की आँखें फट गईं, साँस रुक गई, आँसू बहने लगे। जब तक आखिरी बूंद नहीं निकली, प्रशांत नहीं रुका। पकड़ ढीली की तो रश्मि ने जोर से धक्का मारकर अलग किया और खांसते-खांसते बेड पर गिर पड़ी। प्रशांत को होश आया। वो घबराकर माफी माँगने लगा, पीठ सहलाने लगा। पाँच मिनट बाद रश्मि नॉर्मल हुई तो गुस्सा होने लगी, “अपने मज़े के चक्कर में जान निकाल दोगे क्या पापा? आपकी सगी बेटी हूँ, कोई रंडी नहीं!”
प्रशांत ने समझाया, “तेरी ममा पूरा ले लेती थीं बेटा… तुझे देखकर वही याद आ गया… माफ कर दे…”
रश्मि मुँह फुलाकर बैठी रही। पापा उसे मनाने में लगे थे। “अच्छा इधर आ, मुझे अपनी गलती की सजा भुगतने दे,” प्रशांत ने रश्मि को पास खींचा और होंठों पर गहरा चुंबन जड़ दिया। फिर उसे अपने सामने खड़ा किया, पीछे घुमाया, अब रश्मि की गोल गोल मादा गांड उनके मुँह के ठीक सामने थी।
प्रशांत ने शॉर्ट्स का बटन खोला, धीरे से जाँघों तक सरकाया और फेंक दिया। अब उनकी कल्पना की रानी, उनकी अपनी बेटी, पूरी नंगी खड़ी थी। लंड फिर खड़ा होने लगा, पर अभी उनका इरादा कुछ और था। पीछे से ही चूतड़ फैलाए और जीभ गांड के छेद पर रख दी, “च्ट्ट… च्ट्ट… च्ल्लप…” दो मिनट तक जीभ से छेद कुरेदा, फिर बोले, “थोड़ा झुक जा मेरी जान…”
रश्मि ने दीवार का सहारा लिया, पैर फैलाए, गांड बाहर निकाल दी। प्रशांत ने चूत पर होंठ सटा दिए, नन्ही चूत पूरी तरह उनके मुँह में समा गई। दाने पर जीभ रगड़ते ही रश्मि चीखी, “आआह्ह्ह पापा… ओह्ह्ह्ह…” सिर दीवार से टकराया। प्रशांत ने मुँह हटाया, “ठीक तो है ना गुड़िया?” “चुप… चाटो पापा… मत रुको… आह्ह्ह…” रश्मि ने खुद अपने चूचे मसलने शुरू कर दिए। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
प्रशांत फिर झुक गए, चूतड़ फैलाकर बारी-बारी चूत और गांड चाटने लगे, “च्ल्लप… च्ट्ट… आह्ह्ह मेरी राजकुमारी…” रश्मि की सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं, “आह्ह ह ह ह… पापा… ओह्ह्ह… मम्मी…” उसने कभी विकास से ऐसा मजा नहीं लिया था। विकास तो बच्चा था, पापा असली मर्द थे। “Father Daughter Sex Kahani”
प्रशांत ने दाहिना पैर बेड पर रखवाया, सिर आगे से घुसाया और चूत चाटते रहे। रश्मि उनके सिर पर हाथ फेर रही थी, निप्पल मसल रही थी। कभी दाने को दाँतों से काटते, कभी जीभ पूरी अंदर घुसेड़ते। अंगूठा गांड के छेद पर रगड़ने लगे।
दोहरे हमले से रश्मि काँपने लगी, “पापा… आह्ह्ह… नहीं सह पाऊँगी…” प्रशांत ने चूतड़ों के बल पर उसे उठाया और बेड पर पटक दिया। मुँह अभी भी चूत पर, अंगूठा गांड में घुस गया। रश्मि ने बाल पकड़कर पापा का सिर चूत में दबा दिया, “आह्ह्ह्ह… बस… आह्ह्ह…” एक के बाद एक पिचकारी छोड़ी, प्रशांत का चेहरा, गला, छाती पूरी तरह भिगो दिया। जो पी सके पी गए, बाकी चूता रहा।
साँसें जुड़ीं तो रश्मि शरमा गई। प्रशांत मुस्कुराए, “इतना रस इन छोटे संतरों में? और इतनी आग इस पटाखे में?” रश्मि हँस दी, “आपका ही खून जो है पापा… और चिंगारी भी आपने ही लगाई,” कहकर लिपट गई, अपने ही रस चाट-चाटकर पापा का चेहरा साफ करने लगी।
प्रशांत का लंड फिर फौलाद हो चुका था। रश्मि की गांड पर टप्पे मार रहा था। रश्मि उछली, फिर गांड की दरार में सेट करके बैठ गई और पापा को चूमने लगी। “तैयार है बेटी?” “हमेशा आपके लिए पापा…” प्रशांत ने हल्का सा उठाया, लंड का मोटा सुपारा चूत पर सेट किया और दबाया।
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आधा लंड फटाक से अंदर घुस गया। रश्मि चीखी, “आआआह्ह्ह्ह… पापा… दर्द…” प्रशांत रुक गए, कंधों से पकड़कर जाम कर दिया। रश्मि रोने लगी। प्रशांत ने चूचे सहलाए, कान की लौ चूसने लगे, “च्ल्लप… च्ल्लप…” गुदगुदी हुई तो दर्द कम हुआ। मौका देखकर एक और जोरदार धक्का लगाया, पूरा लंड बच्चेदानी से टकराया। “Father Daughter Sex Kahani”
रश्मि को बेड पर लिटाया, ऊपर चढ़ गए। दो मिनट बाद हल्के धक्के शुरू किए। रश्मि भी नीचे से कमर उछालने लगी। “अब ठीक है ना मेरी जान?” “हाँ पापा… अब मजा आ रहा है… आह्ह्ह…” रश्मि ने टाँगें पापा की कमर पर लपेट दीं। प्रशांत जीभ चूसते हुए हर धक्के में बच्चेदानी हिला रहे थे। कमरा चटचट… च्प्प… च्प्प… और रश्मि की चीखों से भर गया।
रश्मि फिर झड़ने लगी, नाखून पापा की कमर में गड़ गए। प्रशांत नहीं रुके, बेटी की चूत से फव्वारा चलता रहा और वो धकापेल चोदते रहे। फिर प्रशांत रुके। अभी उनका माल नहीं निकला था। लंड चूत में ही रॉड सा खड़ा था।
“बेटी, तू अपने बॉयफ्रेंड से चुदती है न?” रश्मि चौंकी, फिर शरमाई।
“तेरी सील तो पहले से टूटी थी… थोड़ा बुरा लगा था,” प्रशांत उदास हुए।
रश्मि ने गाल सहलाए, “आपके लिए बचा लेती अगर पता होता… पर एक और रास्ता है ना?”
प्रशांत की आँखें चमकीं, “गांड मरवाई है कभी?”
रश्मि का चेहरा सफेद पड़ गया। इतने मोटे लंड को गांड में सोचकर ही डर गई।
“आज नहीं मेरी रानी… बस वादा कर कि पहली बार गांड भी पापा से ही मरवाएगी,” प्रशांत ने माथा चूमा।
रश्मि मुस्कुराई, पापा को चूमते हुए पलटकर ऊपर आ गई। अब वो लंड पर उछल रही थी, चूचे लहरा रहे थे। प्रशांत ने चूचे पकड़कर ऐंठने लगे। फिर प्रशांत ने झटके में घोड़ी बना दिया। एक जोरदार तमाचा चूतड़ पर मारा और पूरा लंड एक ही झटके में पेल दिया। रश्मि का बैलेंस बिगड़ा, मुँह के बल गिर गई, बस गांड ऊपर उठी रही। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
प्रशांत ने चांटे मारते हुए, चूचे खींचते हुए धकापेल शुरू की। च्ट्ट… च्ट्ट… च्प्प… च्प्प… गोटियाँ जाँघों से टकरा रही थीं। प्रशांत का लंड फूलने लगा। झट से रश्मि को पलटा, नीचे दबाया, चूचे पूरी ताकत से मसल दिए और गहरे गहरे धक्के लगाने लगे। रश्मि फिर झड़ी, चूत ने लंड को निचोड़ लिया। प्रशांत ने लंबा धक्का लगाते हुए बच्चेदानी में गर्म वीर्य की बौछार कर दी। दोनों आँखें बंद कर लिपटे रहे। लंड सिकुड़कर खुद बाहर सरका।
“प्यार से क्या बुलाऊँ तुझे मेरी जान?” “जो मन करे पापा… बस बुलाते रहिए… दूर मत करना,”
“शादी कर ले मुझसे?”
रश्मि उठने की कोशिश की पर चूत सूजकर पाव बन चुकी थी। “पापा… बाथरूम जाना है… उठा नहीं जा रहा…” प्रशांत ने गोद में उठाया, बाथरूम ले गए, कमोड पर बिठाया। वापस लाकर बेड पर लिटाया। “शादी करेगी?” “नहीं पापा… बाहर मैं आपकी बेटी हूँ… घर के अंदर आपकी रखैल,” कहते हुए उसने पापा का सिर चूचों में घुसा दिया। प्रशांत बेटी के चूचे चूसने लगे और नया राउंड शुरू हो गया। दोस्तों आगे की कहानी अगेल भाग में तब तक पढ़ते रहिये क्रेजी सेक्स स्टोरी.
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Frankly samar says
Mera naam Samar hai mai Lucknow se hu jisko bhi chodai karwana ho mujhe WhatsApp
9984265948