Desi Aunties Sex Group
मेरा नाम अनूप है और मैं २३ साल का हूँ. ये उस वक़्त की बात हे जब में सीकर के एक कोचिंग क्लास में नीट की तैयारी करता था. तब मेरी उम्र १८ साल थी. में किराये के मकान में रहता था. मकान में तीन और स्टूडेंट रहते थे. हम सब ग्राउंड फ्लोर पे रहते थे और फर्स्ट फ्लोर पे मकान मालिक उसकी बीवी जिनका नाम सविता था रहते थे. Desi Aunties Sex Group
उनका एक लड़का जयपुर की कॉलेज में था और एक लड़की थी जो इंटीरियर डिजाइनर थी जिसकी शादी हो चुकी थी. लैंडलॉर्ड सुबह ऑफिस जाता और शाम को आता था. और सविता आंटी दिन भर घर में अकेली रहती थी. वो रोजाना सुबहे 7-8 बजे नीचे फ्लोर का झाड़ू लगाने आती थी तब में सोता रहता था.
सविता आंटी ३५ साल की थी वो थोड़ी सी मोटी थी और एवरेज लूकिंग थी. मेरी आदत थी की में रूम में नंगा ही सोता था. एक रात की बात हे में अपने रूम में नंगा सो रहा था तब लाइट्स चली गई. रूम में बहोत गर्मी हो रही थी तो मेने गेट खोल दिया और सो गया. नींद में में ये भूल ही गया की में नंगा ही हु.
कुछ देर बाद लाइट आ चुकी थी लेकिन मुझे नहीं पता था. सुबह जब आंटी झाडू लगाने आई तो उन्हों ने मेरा दरवाजा खुला हुआ देखा. उन्हें लगा की में जाग गया हु इसलिए वो रूम के अन्दर आ गई. उन्होंने मुझे आवाज़ देकर मुझे जगाया और मेरी आख खुली लेकिन रूम में अँधेरा था.
आंटी ने लाइट ओन की और पीछे मुड़कर देखा तो में बेड पर नंगा लेता हुआ था. मेने आंटी की तरफ देखा तो आंटी मेरी और देख रही थी, सुबह का वक़्त था इसलिए मेरा लंड खड़ा हुआ था बम्बू की तरह. ये सिर्फ १-२ सेकंड की बात थी. सविता आंटी के हाथ में उस वक़्त झाडू लगा हुआ था वो झट से पीछे मुड़ी और कमरे से बहार चली गई.
उस दिन फ्लोर का जाडू लगाना अधुरा ही रह गया. में उस दिन बहुत शर्मिन्दा था लेकिन में मन ही मन खुस था क्यूंकि किसी औरत ने पहली बार आँखों के सामने नंगा देखा हे. में जल्दी से तैयार हो के कोचिंग के लिए चला गया. कुछ दिनों तक में आंटी से नज़रे नहीं मिला पाया. लेकिन महीने के एंड में मुझे किराया देना था.
मेने लैंडलॉर्ड को पैसे दिए लेकिन उन्होंने कहा की अपनी आंटी को ही तो देते हो हर बार. इस बार भी उन्ही को ही देना क्युकी में हिसाब नहीं रखता. अब में क्या करता में भी मजबूर था. नेक्सट डे लैंडलॉर्ड की लड़की आई और बोली किराया मम्मी को दे देना और मेने गर्दन हिला दी.
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उसी रात को लैंडलॉर्ड और उसकी लड़की दिल्ली चले गये इंटरव्यू के लिए. घर में आंटी अकेली थी और में डर रहा था की कैसे आंटी को पैसे दू? में हिम्मत करके उपर गया लेकिन उपर कुछ औरतो की हसने की आवाज़ आ रही थी और मूवी की आवाज भी उसमे मिक्स थी.
मैं दबे पाओ दरवाजे की तरफ गया कान लगा के सूना सच में वहाँ एसी ही आवाज़ आ रही थी. मेने की-होल से अन्दर झाँक कर देखा तो पड़ोस वाली वंदना और शोभा आंटी थी जो एक दुसरे उपर नंगी लेटी हुई थी मतलब वो लेस्बियन थी. वंदना आंटी शोभा आंटी के ऊपर लेटी हुई थीं.
उनकी नंगी देहें एक-दूसरे से चिपकी हुई थीं. शोभा आंटी की मोटी जांघें चौड़ी फैली हुई थीं और वंदना आंटी उनकी गर्दन चूम रही थीं. दोनों के स्तन एक-दूसरे से रगड़ खा रहे थे. उनकी सांसें तेज हो रही थीं और हल्की-हल्की आहें भर रही थीं. मेने फिर से की होल में से देखा तो सविता आंटी किचन में से पानी की बोतल और आइसक्रीम लेकर आ रही थी और उनके होटो के बिच एक जलती सिगरेट सुलग रही थी.
इम्पोर्टेन्ट बात तो ये हे की आंटी सिर्फ पेटीकोट में थी और उपर से उनके बड़े बड़े ब्राउन निपल वाले बूब्स लटक रहे थे. सविता आंटी का पेटीकोट काफी छोटा था जो उनकी मोटी जांघों तक ही पहुँच रहा था. उनके भारी स्तन खुले हुए थे, ब्राउन रंग के बड़े निप्पल सख्त होकर बाहर निकले हुए थे.
कसम से मेरा ६ इंच का क़ुतुबमीनार पेट में टाइट हो गया. लेकिन तभी निचे से डोर बेल बजी में वहाँ से निचे की और भागा. सीढ़ियों से उतरते हुए देखा की मेरे गेट पे सोनाक्षी आंटी खड़ी हुई थी. डोर बेल उन्होने ही बजाया था. सोनाक्षी आंटी ने मुझे निचे आते हुए देख लिया था. उस दिन में हर आहट पे चौकन्ना था. तीनो आंटीज शाम के ५ बजे वहाँ से चली गयी.
तब मुझे पता चला की तीनो आंटीया किस तरह की रंडियां हे. उस रात को में दो बार मुट्ठी मारी अब में उन आंटियो को चोदने का तरीका सोच रहा था. मेरे दिमाग में एक प्लान आया. मैं उस रात को दरवाजा खुला रखकर पाँच बजे का एलार्म लगाकर सो गया और पाँच बजे जागकर सविता आंटी का नीचे झाड़ू लगाने आने का इंतजार करने लगा.
लेकिन आंटी साढ़े छह बजे तक नीचे नहीं आईं. मैंने गेट बंद कर लिया. तब तक बाकी के स्टूडेंट भी कोचिंग के लिए जा चुके थे. ग्राउंड फ्लोर पर मैं अकेला रह गया था. करीब सात बजे मैंने आंटी के पायल की छनछनाती हुई आवाज सुनी. मैंने झट से गेट खोल दिया, पर्दा लगाया और पूरी तरह नंगा होकर बेड पर लेट गया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने अपनी आँखें बंद रखी थीं लेकिन थोड़ी सी खुली हुई थीं ताकि मैं आंटी को देख सकूँ. आंटी मेरे रूम के सामने से गुजरीं लेकिन अंदर नहीं आईं. मेरे प्लान पर पानी फिर गया. लेकिन दो मिनट बाद आंटी गेट के सामने आईं, पर्दे को हल्का सा हटाकर रूम के अंदर झाँकने लगीं.
मैं यह सब अपनी आधी खुली आँखों से देख रहा था. आंटी को लगा कि मैं गहरी नींद में सो रहा हूँ. वे धीरे-धीरे अंदर आईं और लाइट ऑन कर दी. उन्होंने पूरे पाँच मिनट तक मुझे नंगा देखा, बहुत गौर से, उनकी नजरें मेरे सीने से लेकर मेरे खड़े लंड तक घूम रही थीं. फिर वे मेरे लंड के पास झुकीं, अपनी नाक को बहुत करीब ले आईं और गहरी साँस लेकर उसकी गंध को सूंघा. “Desi Aunties Sex Group”
उसके बाद उन्होंने अपनी ब्रा के अंदर से मोबाइल निकाला और शायद मेरा वीडियो बनाने या फोटो खींचने लगीं, मुझे ठीक से पता नहीं था. इस पूरे समय उनकी बाईं हाथ लगातार अपने भारी बूब्स को दबा रही थी, मसल रही थी. उनकी साँसें भारी हो चुकी थीं. वे बाहर चली गईं और जोर-जोर से अपनी पायल बजाने लगीं.
पास वाले रूम का दरवाजा खटखटाया लेकिन मैंने आँख नहीं खोली. वे शायद चेक कर रही थीं कि मैं जागता हूँ या नहीं. वे फिर से रूम में आईं, लाइट बंद की और मुझे आवाज लगाई. लेकिन पहले से जागे हुए आदमी को जगाना आसान नहीं होता. उन्हें लगा कि मैं बहुत गहरी नींद में हूँ.
थोड़ा और चेक करने के लिए उन्होंने पहले मेरे हाथ को छुआ, फिर मेरी जांघ पर हल्का-हल्का हाथ फेरा. उनकी उँगलियों की नरम स्पर्श से मेरी त्वचा पर सिहरन दौड़ गई. फिर एक उँगली से उन्होंने मेरे लंड की स्किन को नीचे खिसका दिया, जिससे मेरा सुर्ख लाल टोपा पूरी तरह बाहर आ गया.
मेरा लंड फड़क रहा था, नसें तनी हुई थीं और मेरी धड़कन तेज हो गई थी. उन्होंने लंड के टोपे से निकली हुई पारदर्शी पानी की बूंदों को अपनी उँगली से साफ किया और फिर उसे अपनी जीभ से चाट लिया. उनका गर्म, नम मुँह मेरी त्वचा को छूते ही एक झनझनाहट सी पूरे शरीर में फैल गई.
बस फिर वे रूम से निकल गईं. अगर वे थोड़ी देर और ऐसी ही करती रहतीं तो मेरा वीर्य निकल जाता. उस दिन मैं कोचिंग के लिए नहीं गया और जैसे-तैसे अपने आप को रोका, मुट्ठी भी नहीं मारी. क्या पता आंटी को चोदने का मौका कब मिल जाए. मैं चाहता तो उसी समय आंटी को पकड़ सकता था लेकिन मैं कुछ और ही चाहता था. मैंने सही समय का इंतजार किया. “Desi Aunties Sex Group”
दोपहर को लगभग एक बजे वंदना और शोभा आंटी आईं और ऊपर चली गईं. मैं भी थोड़ी देर बाद ऊपर चला गया. वहाँ वही सब कुछ चल रहा था. मैंने अपने मोबाइल से वो वीडियो क्लिप बना ली. लेकिन मैं इन सब आंटियों को एक साथ कैसे चोदूँ, इसका तरीका एकदम मेरे दिमाग में आ गया.
मुझे पता था कि सोनाक्षी आंटी भी थोड़ी देर बाद आएंगी. इसलिए मैंने डोर बेल का कनेक्शन काट दिया और फिर सोनाक्षी आंटी का इंतजार करने लगा. थोड़ी देर बाद वे आती हुई दिखाई दीं. मैं भागकर ऊपर चला गया. मुझे पता था कि डोर बेल नहीं बजेगी तो आंटी अपने आप ऊपर आ जाएंगी.
जो सोचा था वही हुआ. सोनाक्षी आंटी ऊपर आ गईं और मैं दीवार के पीछे छिप गया. सोनाक्षी आंटी ने गेट अंदर से लॉक किया. अंदर से सविता आंटी ने पूछा, “कौन है?” सोनाक्षी आंटी ने बोला, “मैं हूँ, सोनाक्षी.” सविता आंटी ने पूछा, “अकेली हो या और कोई है?” सोनाक्षी ने बोला, “सिर्फ मैं ही हूँ.”
इसके बाद शोभा आंटी ने गेट खोला लेकिन वो नजारा देखने लायक था क्योंकि शोभा आंटी पूरी तरह नंगी ही बाहर आ गई थीं. उनकी गोरी, चिकनी देह पर पसीने की हल्की चमक थी. सोनाक्षी और शोभा आंटी आपस में गले मिलीं. मुझे इसी मौके का इंतजार था. मैं झट से बाहर आया और उन्हें पकड़ लिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वे एकदम से डर गईं. शोभा आंटी एकदम से घर के अंदर भागीं और दरवाजा बंद करने की कोशिश करने लगीं. मैंने दरवाजे को धक्का दिया और पूरा खोलकर खड़ा हो गया. और सोनाक्षी आंटी का हाथ पकड़कर अंदर खींच लिया. यह सब देखकर सारी आंटियों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपने आप को तौलिए, बेडशीट और साड़ी से कवर करने लगीं. इन सब के बीच मैं खड़ा मुस्कुरा रहा था. “Desi Aunties Sex Group”
सविता आंटी ने बोला, “ये क्या बदतमीजी है?”
मैंने कहा, “रिलैक्स आंटी, मैं तो सिर्फ एंजॉय करने आया हूँ. मैं इसके बारे में किसी को नहीं बताऊंगा.”
आंटी ने कहा, “चले जाओ नहीं तो मैं…”
मैंने उनकी बात काटते हुए कहा, “आंटीजी, मैंने आपकी क्लिप मोबाइल पर बनाई है सो प्लीज अलाउ मी.”
वंदना आंटी (३२ इयर) ने कहा, “अरे सविता कोई बात नहीं, मान ले. बात वो किसी को नहीं बताएगा.”
अब आंटियाँ करें भी तो क्या करें… पोल तो खुल ही चुकी थी. सभी आंटियाँ असमंजस की स्थिति में थीं. माहौल को खोलने के लिए सबसे पहले वंदना आंटी सोफे से उठकर खड़ी हुईं और मेरा हाथ पकड़कर सोफे पर बिठा दिया. उन्होंने जो तौलिया लपेटा था वो सिर्फ उनके आगे के बदन को ढक रहा था और वो पीछे से बिलकुल नंगी थीं.
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उनके बड़े-बड़े गोल, मोटे नितंब दिखाई दे रहे थे. तौलिये से सिर्फ आधा बदन ही कवर था इसलिए उनकी आधी जांघें भी सामने से दिखाई दे रही थीं, जो मोटी, चिकनी और थोड़ी सांवली थीं. उन्होंने अपना तौलिया हटाया और सबके सामने बड़ी बेशर्मी से खड़ी हो गईं. यह सब देखकर मेरा लंड फुफकार मारने लगा.
इतनी देर में शोभा आंटी भी कॉन्फिडेंस में आ गईं और साड़ी ढँके हुए बदन को बंधनों से बाहर कर दिया. शोभा आंटी तीस साल की थीं और उनका गोरा रंग ताजमहल की परिभाषा देता था. उनके निप्पल्स टाइट और उभरे हुए थे तथा उनकी चूत के बाल क्लीन शेव्ड थे. वे मेरे पास आकर बैठ गईं.
लेकिन सोनाक्षी आंटी अभी भी दरवाजे के पास ही खड़ी थी. उन्होंने कहा, “मैं जा रही हूँ, मैं ये सब नहीं कर सकती.” उन्होंने गेट आधा ही खोला था कि सविता आंटी उनकी तरफ भागीं. भागने के चक्कर में बेडशीट से ढंका हुआ उनका गोरा, मोटा बदन पूरी तरह उघड़ गया.
भागते समय उनके भारी, लटकते बूब्स जोर-जोर से हिल रहे थे, बड़े-बड़े गोल नितंब लहरा रहे थे और उनकी गदराई हुई, मोटी जांघें एक-दूसरे से टकराती हुई उछल रही थीं. सविता आंटी ने सोनाक्षी आंटी का हाथ मजबूती से पकड़ा, उन्हें अंदर खींच लिया और गेट बंद कर दिया. “Desi Aunties Sex Group”
उन्होंने कहा, “अरे सोनाक्षी आ जाओ यार, कुछ नहीं होगा. वैसे भी इसे सब पता चल ही गया है. और इसके पास हमारी वीडियो क्लिप भी है. और सेफ्टी के लिए मेरे पास भी उसकी वीडियो क्लिप है.” ये सुनकर मैं हैरान हो गया. अब मुझे पता चल गया कि आंटी ने सुबह मेरा वीडियो बनाया था. मैं भी अब किसी को कुछ बताने लायक नहीं था. ये सुनकर सोनाक्षी आंटी पास की चेयर पर मुंह लटकाकर बैठ गईं.
शोभा आंटी ने कहा, “मुझे भी बताओ इस बच्चे का वीडियो.”
वंदना आंटी ने कहा, “अरे छोड़ो यार, हम तो इसे लाइव ही देख लेंगे.”
ये कहते हुए उन्होंने मेरे गाल पर नरम हाथ फेरा. उन्होंने एक सिगरेट जलाई, गहरा कश लिया और धुआँ मेरे चेहरे पर छोड़ते हुए बोलीं, “बेटा मजे करोगे हमारे साथ.” मैंने गर्दन हिला दी. फिर शोभा आंटी ने अपनी दोनों जांघें चौड़ी फैला दीं और मुझे अपनी चूत दिखाई, जो एकदम क्लीन शेव्ड, फूली हुई और गुलाबी रंग की थी.
उन्होंने मेरी गर्दन को झटके से नीचे किया, अपनी चूत की तरफ ले गईं और कहा, “चाटो इसे.” मैं उनकी चूत को चाटने लगा. मेरी जीभ उनके फूले हुए क्लिटोरिस पर घूम रही थी, उनके गर्म, नम रस का खट्टा-मीठा स्वाद मेरे मुंह में फैल रहा था. वंदना आंटी शोभा आंटी के बूब्स को दोनों हाथों से जोर-जोर से दबाने लगीं, उनके ब्राउन निप्पल्स को उँगलियों से मल रही थीं.
शोभा आंटी चीखने लगीं, “आःह्ह… ऊओह्ह्ह… यीआह्ह्ह… उम्म्म्हह्ह…”
वंदना आंटी ने कहा, “अभी नए हो बेटा, मैं सिखाती हूँ तुम्हें चूत चाटना.”
उन्होंने सविता आंटी को सोफे पर लिटा दिया, उनकी दोनों जांघें पूरी तरह फैलाईं और अपनी जीभ को अंदर-बाहर घुमाते हुए उनकी चूत चाटने लगीं. सविता आंटी की साँसें तेज हो गईं, उनकी कमर बार-बार उठ रही थी. ये सब देखकर मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था, नसें फूल गई थीं और सिर से पारदर्शी तरल निकल रहा था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
ये सब सोनाक्षी आंटी चेयर पर बैठकर देख रही थीं. वंदना आंटी आईं और मुझसे बोलीं, “हम सब लेस्बियन हैं लेकिन आज एक लंड का हम गैंगबैंग करेंगे. ये भी हमारा पहला एक्सपीरियंस होगा, क्यों सोनाक्षी?” सोनाक्षी आंटी एकदम से चौंककर बोलीं, “अ..अ..हा आहा.”
तो फिर आओ ना वहाँ क्यों बैठी हो, लाओ अपना बैग मुझे दे. उन्होंने उसमें से चार डिल्डो निकाले. सभी आंटियों ने एक-एक डिल्डो ले लिया और उसे अपने मुंह में चूसकर गीला करने लगीं. उनकी जीभ डिल्डो के ऊपर-नीचे घूम रही थी, लार उस पर चमक रही थी. शोभा आंटी ने उठकर सोनाक्षी आंटी का हाथ पकड़ा और उन्हें मेरी गोद में बिठा दिया. “Desi Aunties Sex Group”
मेरा हाथ उनकी जांघों पर रख दिया. सोनाक्षी आंटी सलवार-कुर्ते में थीं. मेरा लंड ठीक उनकी नितंबों के नीचे वाइब्रेट कर रहा था, जिसे वे साफ महसूस कर रही थीं. मैं तीनों आंटियों को तो पहले ही नंगा देख चुका था लेकिन सोनाक्षी आंटी को नहीं देखा था. सविता आंटी ने कहा, “सोनाक्षी बच्चे के कपड़े उतारो.”
वो खड़ी हुईं और मेरे शर्ट को और बनियान को उतार दिया. अब वो मेरी बेल्ट खोलने लगीं. मैंने इसमें उनकी मदद की तो उन्होंने अपनी आँखें ऊपर करके मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा दीं. फिर उन्होंने मेरी पैंट की जिप और बटन खोलकर खींचकर निकाल दी. चड्डी के अंदर से ही मेरे लंड के आकार का साफ पता चल रहा था.
बाकी तीनों आंटियाँ भी मेरे आस-पास खड़ी होकर लंड के बाहर आने का इंतजार कर रही थीं और प्यासी लोमड़ियों की तरह सब कुछ देख रही थीं. सोनाक्षी आंटी ने जैसे ही मेरी चड्डी उतारी, मेरा लंड स्प्रिंग की तरह बाहर आकर थोड़ा हिलकर रुक गया. मेरे लंड की नसें फूल गई थीं और प्रीकम निकल रहा था, जिससे मेरा पूरा टोपा गीला और चमकदार हो गया था.
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सविता आंटी ने कहा, “मेरा किरायेदार है, सबसे पहले मैं इसका चूसूंगी.”
उन्होंने मेरा लंड हाथ में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया. वो घुटने के बल बैठकर गहरी गला बनाकर मेरा पूरा लंड मुंह में ले रही थीं, उनकी जीभ उसके नीचे की नसों पर घूम रही थी. शोभा आंटी उनके पीछे जा कर उनकी गांड चाटने लगीं, अपनी जीभ को उनके गुदा में अंदर डाल रही थीं.
वंदना आंटी ने कहा, “सोनाक्षी हमारी सबसे जवान प्लेयर, जरा रोल में आओ यार.”
उन्होंने सोनाक्षी आंटी का दुपट्टा खींच दिया और कुर्ते को ऊपर उठाना शुरू किया. सोनाक्षी आंटी ने अपने हाथ ऊपर कर दिए. सोनाक्षी आंटी के बूब्स सबसे बड़े तो नहीं थे लेकिन सबसे शानदार थे, जो उनकी ब्रा से बाहर निकलने के लिए तड़प रहे थे. फिर उन्होंने सलवार का नाड़ा खींच दिया और सलवार अपने आप नीचे सरक गई.
उनकी ब्लैक कलर की पैंटी में से चूत का फूला हुआ उभार साफ दिखाई दे रहा था. उनकी पैंटी चूत के रस से पूरी तरह भीग गई थी. फिर सोनाक्षी आंटी ने खुद ही अपनी पैंटी उतार दी. कसम से सोनाक्षी आंटी का फिगर इन सबसे अच्छा था और वो सबसे ज्यादा सुन्दर और गोरी भी थी.
उन्होंने जब अपने दोनों हाथ पीछे किए ब्रा खोलने के लिए तो वो सीन आज भी मेरी लाइफ का सबसे शानदार सीन है. ब्रा का हुक खुलते ही उनके बड़े, टाइट, गोरे-चिट्टे बूब्स एकदम से आजाद होकर हल्के से उछल पड़े. वे हेडलाइट की तरह चमक रहे थे. उनके गुलाबी-गुलाबी निप्पल्स पूरी तरह टाइट और खड़े हो चुके थे, मानो ठंड से सिकुड़ गए हों. “Desi Aunties Sex Group”
सोनाक्षी आंटी की छाती ऊपर-नीचे तेजी से हिल रही थी. शोभा आंटी ने मुस्कुराते हुए कहा, “बच्चे का उद्घाटन तो सोनाक्षी ही करेगी.” अब सोनाक्षी आंटी पूरी तरह खुल चुकी थीं. ये सुनते ही सविता आंटी पीछे हट गईं. सोनाक्षी आंटी मेरे खड़े लंड के ऊपर आकर बैठ गईं. मैंने उन्हें कसकर अपनी बाहों में भर लिया.
वे ऊपर-नीचे होने लगीं. उनके भारी बूब्स जोर-जोर से उछल-उछलकर मेरे चेहरे से टकरा रहे थे. मैंने दोनों हाथों से उनके बूब्स जोर से दबा दिए. उनकी नरम, गर्म त्वचा मेरी उंगलियों में धंस गई. सोनाक्षी आंटी चीख उठीं, “ओउछ्ह्ह… धीरे से मेरे बेटे, धीरे से.” उनकी ये पहली बार सुनी गई आवाज मेरे कान में मीठी लगी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
शोभा आंटी बोलीं, “सोनाक्षी थोड़ा हमारे लिए भी छोड़ दे यार.” और वो फर्श पर अपनी टांगें फैलाकर लेट गईं. सोनाक्षी आंटी हट गईं. मैं शोभा आंटी के ऊपर चढ़ गया और उन्हें चोदने लगा. मेरा लंड उनकी गीली, फूली हुई चूत में बार-बार तेजी से घुस-घुसकर जा रहा था. हर झटके पर उनकी चूत से चूच-चूच की आवाज निकल रही थी.
जब मैं जोर-जोर से चोद रहा था तो वंदना आंटी ने मेरे नितंबों पर जोरदार थप्पड़ मारा. जलन के साथ मजा भी हुआ. मैं और तेज झटके देने लगा. सविता आंटी शोभा आंटी के मुंह पर बैठ गईं और अपनी चूत को उनकी जीभ से चटवाने लगीं. सविता आंटी की आहें भरती हुई आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं.
हे भगवान, सविता आंटी ऐसी चुदक्कड़ होंगी, सोचा नहीं था. वंदना आंटी और सोनाक्षी आंटी पास में ही फर्श पर ६९ पोजीशन में लेट गईं. दोनों एक-दूसरे की चूत को जोर-जोर से चाट रही थीं. उनकी जीभें अंदर-बाहर घूम रही थीं, चूस रही थीं और चूत के रस को पी रही थीं.
ये सब देखते हुए और शोभा आंटी को तेजी से चोदते-चोदते मेरा वीर्य उनकी चूत के अंदर ही निकल गया. गर्म-गर्म झटके के साथ मेरे लंड ने कई बार स्पर्म फेंका. शोभा आंटी बोलीं, “निपट गया बच्चा तू.” मैं साइड में जाकर बैठ गया. बाकी तीनों आंटियाँ शोभा आंटी की चूत पर टूट पड़ीं.
वे बारी-बारी से मेरे निकले हुए वीर्य को उनकी चूत से चाट रही थीं. उनकी जीभें चूत के अंदर तक घुस रही थीं. लेकिन अभी मैंने सविता आंटी और वंदना आंटी को नहीं चोदा था. इतना सब होने के बाद सविता आंटी किचन में गईं कोल्ड ड्रिंक लेने के लिए. सभी आंटियाँ सोफे पर बैठ गईं और टीवी ऑन कर दिया.
सोनाक्षी आंटी मेरी गोद में आकर बैठ गईं. मैं उनके बूब्स को चूस और चाट रहा था तथा अपनी उंगलियों से उनकी चूत में अंदर-बाहर कर रहा था. उनकी चूत से गर्म रस मेरी उंगलियों पर बह रहा था. थोड़ी देर बाद सविता आंटी कोल्ड ड्रिंक की ट्रे लेकर आईं. उसमें कुछ कैंडल्स भी पड़ी हुई थीं. मैंने कोल्ड ड्रिंक उठाई और पीने लगा तो सोनाक्षी आंटी ने बोला, “ये पीने के लिए नहीं है बेटा.”
वंदना आंटी ने कहा, “देखी ये इसके लिए है.”
उन्होंने कोल्ड ड्रिंक को सविता आंटी के पूरे बदन पर उड़ेल दिया. ठंडी, मीठी ड्रिंक उनके बूब्स, पेट और जांघों पर बहने लगी. शोभा आंटी ने दूसरी बोतल उठाई और मुझे तथा अपनी गोद में बैठी सोनाक्षी आंटी को नहला दिया. वंदना आंटी ने एक बोतल शोभा आंटी के ऊपर और एक खुद के ऊपर डाल दी.
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तीनों आंटियाँ फर्श पर लेट गईं और एक-दूसरे की बॉडी को चाटने लगीं. उनकी जीभें ठंडी ड्रिंक को चूस रही थीं, बूब्स, चूत और गांड से गुजर रही थीं. मैं भी सोनाक्षी आंटी को चाटने लगा और वे मुझे चाटने लगीं. फिर सविता आंटी ने सबकी चूत और गांड में एक-एक कैंडल ठूंस दी. “Desi Aunties Sex Group”
सोनाक्षी आंटी ने ये काम खुद अपने हाथों से किया. उन्होंने मुझे बोला, “घोड़ा बनो बेटा.” जैसे ही मैं घोड़ा बना, उन्होंने एक कैंडल थूक से गीला करके मेरी गांड में भी धीरे-धीरे डाल दी. शुरू में थोड़ा दर्द हुआ लेकिन फिर मजा आने लगा. सारी आंटियाँ इतनी चुदक्कड़ थीं कि उन्हें किसी बात का होश नहीं था.
सारी आंटियाँ एक-दूसरे से लिपट-लिपटकर कोल्ड ड्रिंक को कभी चूत से, कभी गांड से, कभी बूब्स से और कभी लिप्स से चाट रही थीं. सविता आंटी ने कहा, “मेरा किरायेदार कब चोदेगा मुझे?” वंदना ने कहा, “रुको सविता, पहले मेरा नंबर है. तुम तो कभी भी चोद लेना.”
मेरा लंड भी फिर से खड़ा हो गया था और वंदना आंटी कुतिया बन गई थी. अपनी बड़ी सी गांड को मेरी तरफ करके वह मुझे चुदाई का निमंत्रण दे रही थी. उनकी मोटी, गोल नितंब हवा में ऊपर उठे हुए थे और चूत की फूली हुई लकीर साफ दिख रही थी. मैंने अपने घुटने मोड़े और लंड को उनकी गांड में धीरे से दबाया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
जैसे ही लंड का टोपा उनकी गांड के छेद में घुसा, वंदना आंटी जोर से चिल्लाईं, “ऊईई… मा….. गलत जगह डाल दिया रे मेरे बच्चे.” उनकी आँखें फैल गईं और पूरा बदन एक झटके से काँप उठा. मैंने कहा, “आंटी आपकी चूत इतनी बड़ी है मेरे लंड से क्या होगा. वैसे भी आपकी गांड इतनी बड़ी और टाइट है इसे चोदने में ज्यादा मजा आएगा.”
ये सुनकर सारी आंटियाँ जोर-जोर से हंसने लगीं. उनकी हँसी की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं. मैंने वंदना आंटी की कमर को दोनों हाथों से पकड़ा और लंड को उनकी गांड में और गहराई तक धकेल दिया. फस-फस की चिकनी आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी. सोनाक्षी आंटी सबसे प्यारी लग रही थीं. वे हमारी पूरी चुदाई का वीडियो बना रही थीं. “Desi Aunties Sex Group”
मुझे इसमें बहुत मजा आ रहा था. मेरा लंड इस बार निकलने का नाम ही नहीं ले रहा था. मैं लगातार जोर-जोर से झटके देता रहा. वंदना आंटी की गांड मेरे लंड को कसकर दबा रही थी. उनकी नितंबों की मांसपेशियाँ हर धक्के पर सिकुड़ रही थीं. वंदना आंटी थक गई थीं. उनकी साँसें फूल चुकी थीं और पसीना उनके पूरे बदन पर बह रहा था.
फिर सोनाक्षी आंटी ने कहा, “मैं चुदवाऊँगी मेरे बच्चे से.” उन्होंने अपनी चूत को मेरे सामने पूरी तरह फैला दिया. मैं उन पर कुत्ते की तरह टूट पड़ा. मेरा लंड उनकी गीली, गर्म चूत में एक झटके में घुस गया. वो बोलीं, “ये तो मेरा फैन हो गया.” पता नहीं उनकी चूत में क्या जादू था.
मेरा लंड निकलने ही वाला था कि मैंने उसे बाहर निकाल लिया और थोड़ी देर रुक गया. मैं उन्हें भरपूर चोदना चाहता था. अब मैंने अपना लंड उनकी गांड में डालने की कोशिश की. उन्होंने कहा, “रुको.” वो घोड़ी बन गईं और बोलीं, “फाड़ दे बेटा आज मेरी इस गांड को. इसे और बड़ी कर दे.”
मैंने उनकी गांड पर जोर से थप्पड़ मारा. उनकी गोरी गांड लाल हो गई. मैंने लंड अंदर डाला लेकिन पूरा नहीं घुसा. उन्होंने पीछे की तरफ जोर से धक्का लगाया और पूरा लंड अपनी गांड में समा लिया. जब निकलने वाला था तो मैंने लंड बाहर निकाला और सोनाक्षी आंटी के चेहरे पर तथा बूब्स पर पूरा गाढ़ा वीर्य छोड़ दिया.
गर्म-गर्म स्पर्म उनके गालों, होंठों और भारी बूब्स पर फैल गया. सभी आंटियाँ लपककर वीर्य को उनके चेहरे और बूब्स से चाटने लग गईं. सविता आंटी ने अपने मुंह से वीर्य निकालकर सोनाक्षी आंटी को चाटने के लिए दिया. सोनाक्षी आंटी और वंदना आंटी की तो गांड फट गई थी.
उनमें अब चुदने की हिम्मत नहीं बची थी. और उन्हें अब घर वापस जाना भी था. उन्होंने शावर लिया और तीनों आंटियाँ रेडी हो गईं जाने के लिए. अब बचे हम दोनों सविता आंटी और मैं. हम दोनों अभी तक नंगे ही थे. सविता आंटी कपड़े पहनने लगीं तो सोनाक्षी आंटी ने बोला, “सविता भाभी अभी आपकी चुदाई बाकी है.”
सविता आंटी समझ गईं और उन्होंने कपड़े नहीं पहने. वो नंगी ही रही मेरी तरह. तीनों आंटियाँ अब जाने वाली थीं. तीनों ने मेरे लंड को किस किया और कहा, “चलते हैं बेटे कल फिर मिलेंगे.” मैंने सबको बाय कहा और मैं और सविता आंटी नंगे ही सबको सी ऑफ करने गेट तक गए. जाते वक़्त सोनाक्षी आंटी ने मुझे बाहों में लेकर किस कर दिया.
मैं आज बहुत खुश था. तीनों आंटियाँ चली गईं और अब घर में सिर्फ मैं और सविता आंटी ही बचे थे. अब मैं सिर्फ उन्हें ही घूर रहा था. वो भी बेशर्मी के साथ मेरे सामने नंगी ही थीं और रूम को फिर से सेट कर रही थीं. उन्होंने फर्श साफ किया. फिर कहा, “चलो नहा लो.” हम दोनों ने एक साथ शावर लिया. इतनी चुदाई करने के बाद मेरा लंड दर्द कर रहा था और आंटी भी समझती थीं. “Desi Aunties Sex Group”
उन्होंने कहा, “मुझे पता है तुम आज बहुत थक गए हो और तुम्हारा प्यारा लंड भी. आज के लिए तुम्हें छोड़ देती हूँ लेकिन नेक्स्ट टाइम नहीं. मैं तो तुमसे चुदवाके ही रहूंगी.” मैंने कहा, “ऑफकोर्स सविता.” हमने शावर लिया. फिर मैंने अपनी सोफे पर पड़ी पैंट से १५०० रुपये निकालकर आंटी को दिए, “ये लो किराया.”
“रहने दे रघु अब तो तू मेरा हसबैंड जैसा है. तुझसे पैसे नहीं लूंगी.” लेकिन मैंने उन्हें जिद करके पैसे दे ही दिए. आखिर में मुझे फ्री में तीन-चार आंटियों को चोदने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था. मैं नीचे अपने रूम में आ गया. आज बहुत थकान होने के कारण मैं जल्दी ही सो गया था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अब मुझे कोई डर नहीं था. मैं गेट खोलकर ही नंगा सो गया. सुबह कल की तरह ही आंटी सात बजे मेरे रूम में आईं. तब तक सभी लड़के कोचिंग के लिए जा चुके थे. उन्होंने मुझे जगाया और कहा, “तुम इस तरह गेट खोलकर क्यों सोते हो. कोई देख लेगा तो क्या कहेगा.”
मैंने कहा, “डोंट वरी आंटी मेरे बारे में सभी लड़कों को पता है और वो सभी ऐसे ही सोते हैं. हम सब कभी-कभी एक साथ मुट्ठी भी मारते हैं. सो डोंट वरी.” उन्होंने कहा, “चलो ठीक है फिर कोई बात नहीं पर हमारे बारे में किसी को मत बताना यार.” मैंने कहा, “डोंट वरी आंटी बी कूल.”
उन्होंने कहा, “थकान उतरी या नहीं?” मैंने कहा, “आंटी मैं बिलकुल ठीक हूँ अब फ्रेश हूँ. देखो लंड फिर से खड़ा भी है.” उन्होंने हंसकर कहा, “चल पागल बहुत बोलने लगा है अब तू.” बाहर जाकर फ्रेश होकर, ब्रश करके वापस रूम में आया. तब तक आंटी मेरे रूम में ही थीं और मैगजीन पढ़ रही थीं. “Desi Aunties Sex Group”
मैं अभी तक नंगा ही था. आंटी ने गाउन पहन रखा था. वो चेयर पर बैठी हुई थीं. अपनी टांगों को बेड पर रखा हुआ था. उन्होंने जानबूझकर अपनी टांगें ऊपर कर रखी थीं इसलिए उनकी मोटी-मोटी जांघें दिखाई दे रही थीं. मुझे अपनी चड्डी नहीं मिल रही थी.
उन्होंने कहा, “मुझे पता है.” उन्होंने अपना गाउन धीरे से ऊपर किया. उन्होंने मेरी चड्डी पहन रखी थी. अब उन्होंने अपना पूरा गाउन उतार दिया. वो सिर्फ अब एक जॉकी की चड्डी में थीं. जो उन्होंने अपनी बड़ी सी गांड में फंसा रखी थी. उसमें से उनके नितंब बाहर निकल रहे थे.
उन्होंने कहा, “ले लो अपनी चड्डी.” मैंने झट से चड्डी उतार दी और देखा आंटी ने शायद आज ही अपने बाल शेव किए थे. शायद उन्होंने चूत में कुछ लगाया था जिससे उनकी चूत महक रही थी. वो घुटनों पर बैठ गईं और मेरे सोए हुए लंड को मुंह में लेकर खड़ा करने की कोशिश करने लगीं. मेरा लंड खड़ा हो गया.
वो घोड़ी बन गईं और मुझसे कहा, “अब चोदो अपनी आंटी को.” मैंने कुछ झटके लगाए. फिर उन्होंने लंड को निकलवाया. फिर मुझे सीढ़ियों पर ले गईं. वहाँ उन्होंने मुझसे चुदवाया. वो मेरे ऊपर बैठकर ऊपर-नीचे हो रही थीं. थोड़ी देर बाद वो मुझे अपने रूम में ले गईं. वहाँ उन्होंने मेरा लंड बूब्स के बीच डलवाया.
थोड़ी देर बाद मेरा निकल गया. वो किचन में गईं और उस वीर्य को ब्रेड पर लगाकर खा लिया. बाप रे, आंटी तो बहुत सेक्सी है. मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. फिर वो मुझे छत पे ले गई, पर चुप चुपके ताकि कोई देख न ले. सविता आंटी ने मेरी उँगली पकड़ी और चुपके से सीढ़ियों से छत पर ले गईं. “Desi Aunties Sex Group”
दोपहर की तेज धूप में भी छत सुनसान थी. उन्होंने मुझे पानी की टंकियों के पीछे ले जाकर दीवार से सटा दिया. फिर उन्होंने अपनी मोटी गांड मेरी तरफ करके झुक गईं और बोलीं, “डाल दो मेरी गांड में अपने लंड को. फाड़ दो गांड मेरी भी वंदना और सोनाक्षी की तरह.” उनकी आवाज़ में बेसब्री और कामुकता साफ झलक रही थी.
मैंने अपनी पैंट उतारी, लंड को थूक से गीला किया और उनकी गांड के छेद पर टोपे को रगड़ा. फिर एक जोरदार धक्का दिया. आंटी की गांड बहुत टाइट थी. लंड का आधा हिस्सा घुसते ही उन्होंने जोर से चीख मारी, “ऊऊह्ह्ह्ह.. छोड़ो आःह्ह्ह… फाड़ दो गांड मेरी… यीएआअह्ह्ह आआह्ह्ह अ उम्म्मम्ह्ह्हह्ह..”
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : भाभी ने गोल गोल चुचियों को दबा कर चूसाया
उनकी चीखें छत पर गूंज रही थीं. मैंने उनकी कमर को दोनों हाथों से कसकर पकड़ा और पूरी ताकत से झटके मारने लगा. हर धक्के पर उनकी मोटी गांड मेरे पेट से टकरा रही थी, फस-फस की आवाज़ निकल रही थी. उनकी गांड की दीवारें मेरे लंड को कसकर दबा रही थीं. आंटी बस चोदना चाहती थीं.
उन्हें किसी फिक्र नहीं थी कि कोई सुन लेगा या देख लेगा. उनकी आहें और चीखें खुली हवा में फैल रही थीं. हमारी चुदाई में पसीना, धूप और हल्की हवा का मिश्रण था. हमें किसी ने देखा नहीं. फिर आंटी ने मुझे घर के पीछे वाले लॉन पे जाने के लिए बोला. मैंने कपड़े पहने और वहाँ चला गया.
थोड़ी देर बाद आंटी चाय-नाश्ता लेकर आईं लेकिन आंटी अभी भी पूरी तरह नंगी ही थीं. उन्होंने कुछ नहीं पहन रखा था. उन्होंने ब्रेड और चाय को टेबल पर रखा और लॉन में टांगें फैलाकर लेट गईं. उनकी भारी बूब्स दोनों तरफ फैले हुए थे और चूत खुली हुई दिख रही थी.
उन्होंने कहा, “अरे यार उतार दो अपने कपड़े. मुझे क्या प्रॉब्लम थी.” हो गया, मैं नंगा एक पल में. फिर उन्होंने कहा, “आओ मेरे ऊपर लेट जाओ.” उन्होंने मुझे अपनी बाहों में भर लिया, अपने से चिपका लिया. उनके गर्म, नरम स्तनों से मेरा सीना दब गया. फिर वो ६९ पोजीशन में आ गईं. मैं उनकी चूत और गांड चाटने लगा और वो मेरा लंड चूसने लगीं. “Desi Aunties Sex Group”
उन्होंने मुझसे कहा, “खुले आसमान के नीचे आज पहली बार चोद रही हूँ मैं. तुम्हारे अंकल तो शरमाते हैं.” उनकी जीभ मेरे लंड के टोपे पर घूम रही थी, लार और प्रीकम का मिश्रण बन रहा था. फिर उन्होंने टेबल से बटर उठाया और मेरे लंड पर ढेर सारा लगा दिया. मैंने भी उनकी चूत और गांड में बटर ठूंस-ठूंसकर भर दिया. दोनों छेद बटर से चिकने और चमकदार हो गए. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उन्होंने पूरा बटर चाट-चाटकर खत्म कर दिया. गांड का भी चाट लिया. मैंने भी वैसा ही किया. उनकी चूत से निकला हुआ बटर मस्त स्वादिष्ट था. इतना स्वादिष्ट बटर मैंने आज तक नहीं खाया. मीठा, नमकीन और उनकी चूत की महक मिली हुई. मैंने कहा, “आंटी अब मेरा निकलने वाला है.” उन्होंने एक कप लिया और बोलीं, “इसमें निकल दो.”
उन्होंने एक और कप में अपने बूब्स से दूध निकाला. उस दूध की उन्होंने मुझे चाय पिलाई. मेरा निकला हुआ गाढ़ा वीर्य उन्होंने ब्रेड पर लगाकर खाया और थोड़ा सा चाय में डालकर पिया. आंटी ने आज बहुत ही सेक्सी एक्सपीरियंस दिया मुझे. फिर हम दोनों ने साथ में शावर लिया. और साथ में खाना खाया लेकिन पूरे दिन कपड़े नहीं पहने.
अब एक बज चुका था. तीनों आंटियाँ आ चुकी थीं. हमने वो सब किया जो कल किया था. आज कुछ नया भी किया – छत पर, सीढ़ियों पर, लॉन में… अगले दिन अंकल आ गए. फिर हमने जब भी मौका मिलता हम ये सब काम जरूर करते. ३ महीने बाद हमारे ग्रुप में एक नयी मेम्बर ऐड हो गयी थी प्रिया आंटी.
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Ajay Kumar says
Chandigarh Delhi Punjab say koi women bhabhi injoy karna chahte ho.hum dono ki baato ko private rakha jayega.7807210584