Cousin Anal XXX
चुत चुदाई के सभी खिलाड़ियों को मेरा प्रणाम। मैं रोहित 24साल का नौजवान लोंडा हूं। मेरा लण्ड 6 इंच लंबा है जो किसी भी चुत की गहराई में उतर कर उसे अच्छी तरह से नाप सकता है। मेरे लण्ड को अक्सर अनुभवी औरते बहुत ज्यादा पसंद है। चाहे वो भाभी, चाची या आँटी कोई भी हो, सब लंड को भरपूर मज़ा देती है। मौका मिलने पर मैं मस्त नई नवेली कलियों को भी चोद लेता हूँ। Cousin Anal XXX
उस टाइम मैं 19 साल का था और कॉलेज में पढ़ रहा था। अब मेरे लण्ड को चूत की ज़रूरत महसूस होने लगी थी। वो मुझसे चूत मांगने लगा था लेकिन मेरे लण्ड को चूत नहीं मिल रही थी। मैं मेरे कॉलेज की लड़कियों को भी ताड़ने लगा था लेकिन किसी से भी मेरी चूत मांगने की हिम्मत नहीं हुई। मैं ऐसे ही लंड मसल मसलकर काम चला रहा था।
तभी मेरे दोस्त ने मुझे मेरी दीदी को चोदने की सलाह दी। ये सुनकर पहले तो मुझे बहुत बुरा लगा लेकिन फिर मेरे लण्ड को मेरे दोस्त की बात जम गई। अब मैंने मेरी दीदी को पटाने की सोची। मेरी वैशाली दीदी मेरी कजिन सिस्टर है। वो लगभग 24 साल की एकदम बिंदास माल है।
दीदी की छलकती जवानी, टाइट बूब्स और मस्त सेक्सी गाँड़, ऊंची हाइट किसी के लण्ड में भी आग लगा दे। दीदी के मस्त बड़े बड़े टाइट बूब्स लगभग 32 साइज के है। वो घर पर हमेशा पाजामा और टीशर्ट पहनती है जिससे दीदी के बोबे अच्छी तरह से दिख जाते है।
दीदी की मस्त सेक्सी कमर लगभग 30 साइज की है और कमर के नीचे दीदी की मस्त सेक्सी गाँड़ लगभग 32 साइज की है। पाजामे में दीदी के चूतड़ बहुत ज्यादा मटकते है। अब घर पर मैं दीदी को मौका मिलने पर घूरने लगा।
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मैं उनके बोबो और गाँड़ को ताड़ने लगा। अब मैं दीदी को चोदने के लिए बुरी तरह से कुलबुला रहा था। मेरी नज़रे बार बार दीदी पर ही टिकी रहती थी। अब मै ज्यादा से ज्यादा टाइम दीदी के साथ बिताने लगा। अब मैं एक दिन दीदी के साथ उनके रूम में बैठा हुआ था तभी मैं दीदी की तारीफ करने लगा।
” दीदी यार आप टीशर्ट और पजामे में भी बहुत हॉट लगती हो। मतलब पाजामा और टीशर्ट भी आप सबसे हटकर ही पहनती हो।”
” नहीं ऐसा कुछ नहीं है। बस जो अच्छा लगता है वो पहन लेती हूँ।”
अब मैं रोज दीदी की तारीफ करने लगा। फ़िलहाल दीदी की तरफ से मुझे कोई ग्रीन सिग्नल नहीं मिल रहा था। मै लगातार कोशिश कर रहा था। मेरा लंड दीदी को चोदने के लिए तड़प रहा था।
अब एक दिन मैंने सोचा ऐसे दीदी समझ नहीं रही है। अब अगर दीदी की चूत लेनी है तो बात को आगे बढ़ाना होगा। अब एक दिन दीदी और मैं हॉल में बैठकर टीवी देख रहे थे। तभी मैं दीदी के साथ सटकर बैठ गया और उनसे चिपकने लगा। मेरा लण्ड पजामे में तम्बू बना चुका था।
” दीदी अगर आप बुरा नहीं मानो तो मैं आपसे एक बात कहूँ?”
” हाँ, कहो ” दीदी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो।”
तभी दीदी मुस्कुराने लगी। ” यार तू,,,,,,,,,
तभी मैने दीदी के हाथ पकड़ लिये और दीदी की नज़र मेरे लण्ड के तम्बू पर पड़ गई। तभी दीदी समझ गई कि ये तम्बू उनका बम्बू बनाने के लिए ही तैयार हो रहा है। तभी मैं डर गया। दीदी को बताने की मेरी हिम्मत नही हुई। अब दीदी धीरे धीरे मेरी भावनाओ को समझ रही थी।
वो समझ चुकी थी कि मै उनकी लेने की फ़िराक में हूं। अब मै जब भी दीदी की तारीफ करता तो दीदी मुस्कुरा जाती। अब मुझे दीदी से ग्रीन सिग्नल।मिलना शुरू हो गया था लेकिन मैं अच्छी तरह से कंफर्म करना चाहता था कि दीदी देने के लिए तैयार है। अब मै सही मौके का इंतज़ार कर रहा था।
अब एक दिन दीदी और मैं हम दोनों मस्ती कर रहे थे तभी दीदी की गाँड़ पर मैंने हाथ फेंर दिया। तभी दीदी मुस्कुरा दी। अब मै दीदी के साथ और ज्यादा खुल रहा था। अब मैं दीदी के साथ ज्यादा मज़ाक करने लगा था। तभी एक दिन दीदी रूम में खड़ी खड़ी मोबाइल चला रहा थी। उनकी गाँड़ गेट की तरफ थी। तभी मैं आया और दीदी की गाँड़ पर ज़ोर से चपेट मार दी।
“क्या कर रही हो दीदी?” तभी दीदी चौक गई।
दीदी ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि मै उनकी गाँड़ पर चपेड मार दूंगा। दीदी ने मेरी और देखा लेकिन कुछ नहीं कहा।
” कुछ नहीं यार बस ऐसे ही। टाइम पास कर रही हूं।”
तभी मैं दीदी के साथ फ्लर्ट करने लगा। ” बहुत मस्त है दीदी आपकी ये।”
तभी दीदी झेंप गई। वो कुछ जवाब नहीं दे पाई। तभी मेने दीदी की गाँड़ पर फिर से चपेड मार दी। तभी दीदी की चीख निकल पड़ी।
” आईईईईई।”
” रोहित यार ऐसे मत मार। दर्द होता है।”
” दर्द तो मुझे भी होता है दीदी। ये देखो।”
तभी दीदी मेरे लंड के तम्बू की ओर देखने लगी। वो मेरे लंड के तंबू को देखकर शरमाने लगी। अब मै दीदी की गाँड़ पर हाथ फेरने लगा। अब मै दीदी की गाँड़ पर हाथ फेरने में मुझे बहूत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मैं धीरे धीरे दीदी के बोबो को प्रेस करने लगा।
” रोहित अब तू ज्यादा आगे बढ़ रहा है।”
“तो बढ़ने दो ना दीदी। आपका इसमें क्या जा रहा है।”
” रहने दे ऐसा मत कर यार।”
” मैं तो करूँगा दीदी। आप मेरी दीदी हो इतना हक तो मेरा बनता है।”
” पागल है तू तो।”
अब मै आराम से दीदी की गाँड़ और बूब्स पर हाथ फेंर रहा था। अब मेरे लंड को दीदी की चूत साफ साफ नज़र आ रही थी। दीदी ज्यादा कुछ कह नहीं रही थी बस थोडी सी रोकने की कोशिश कर रही थी।
” आह्ह बहुत मस्त गाँड़ है दीदी आपकी।”
तभी दीदी मुस्कुराने लगी ” मैं तेरे इरादों को सब समझ रही हूँ। अब ज्यादा आगे बढ़ने की कोशिश मत कर।”
” आगे तो बढ़ना पड़ेगा दीदी।”
” नहीं तू जो कर रहा है। वो यहाँ तक ही ठीक है। अब आगे कुछ नहीं। वर्ना मैं तेरी मम्मी को सब बता दूँगी।”
“बता देना। जो बताना हो। अब मुझे कोई डर नहीं।”
तभी दीदी चुप हो गई। वो अभी भी मोबाइल में ध्यान लगाएं बैठी थी। मै बार बार दीदी की गाँड़ पर हाथ फेंर रहा था। अब मैनें मौका देखा और दीदी को मेरी तरफ घुमाकर उनके गुलाबी होठो पर मेरे प्यासे होठ रख दिए। अब मै दीदी के होंठो को चुसने लगा लेकिन दीदी नखरे दिखा रही थी।
मै दीदी के होठो पर बुरी तरह से टूट पड़ा था। अब दीदी के पाजामे में हाथ डालने लगा। अब दीदी मुझे उनके पाजामे में हाथ डालने से रोकने के लिए बहुत कोशिश कर रही थी लेकिन मेरा हाथ दीदी की चूत तक पहुँच ही गया। अब मै दीदी की गरमा गरम चुत मसलने लगा।
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दीदी अब उनकी चुत को बचा रही थी। इधर मेरा लंड दीदी की चुत फाडने को तैयार बैठा था। अब मैं किस करता हुआ दीदी की चुत मसल रहा था। दीदी की चुत मसलने में मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। तभी मैं दीदी के पाजामे को खोलने लगा।
अब तो बेचारी दीदी की हालत खराब हो रही थी। तभी मेने दीदी के बोबो को ज़ोर से दबा दिया और दीदी के पाजामे को नीचे खिसका दिया। अब दीदी पाजामे को वापस पहनने की कोशिश करने लगी लेकिन मैं दीदी को पाजामा नहीं पहनने दे रहा था।
तभी नीचे से किसी की ऊपर आने की आवाज़ आई और दीदी बहुत ज्यादा डर गई। अब मेने दीदी का पाजामा छोड़ दिया और दीदी ने तुरंत पाजामा पहन लिया। देखा तो दीदी की मम्मी थी। मेरी तो डर के मारे गाँड़ फट गई। दीदी को चोदने से पहले ही आज तो बुरी तरह से फंस जाता। दीदी हम दोनों बाल बाल बचे।
तभी दीदी नीचे चली गई और मम्मी के साथ बिज़ी हो गई। अब मै लंड मसलता ही रह गया। लेकिन अच्छी बात ये थी कि मै दीदी को खोल चूका था। वो मुझे क्लियर लाइन दे चुकी थी। उस दिन के बाद दीदी मुझसे नज़रे नहीं मिला पा रही थी। अब मै शाम को वापस दीदी के पास गया। वो मुझसे नाराज़ थी।
“तेरी एक गलती की वजह से आज मै मर जाती।”
” हां यार दीदी सॉरी।”
दीदी बहुत ज्यादा नाराज़ थी। फिर दीदी ने बड़ी मुश्किल से मुझे माफ़ किया। अब मै दीदी को चोदने के लिए सही मौके का इंतज़ार करने लगा। ऐसे ही दिन निकल रहे थे। तभी एक दिन घर पर हम दोनों के अलावा कोई नहीं था। आज दीदी को चोदने के लिए मेरे पास सबसे अच्छा मौका था। “Cousin Anal XXX”
तभी मैं दीदी के पास पहुँच गया। दीदी का ध्यान मोबाइल पर था तभी मैं मौका देखकर दीदी की गाँड़ पर हाथ फेरने लगा और फिर मेने दीदी की गाँड़ पर चपेट मार दी। तभी दीदी मुझे समझाने लगी ” यार ऐसी हरकतें मत किया कर। किसी दिन किसी ने चपेड मारता हुआ देख लिया तो हंगामा खड़ा जाएगा।”
” ऐसे मैं सबके सामने थोड़ी मारता हुआ दीदी। आप ऐसी चिंता मत करो।”
तभी दीदी ने कुछ नहीं कहा। तभी मैंने दीदी की गाँड़ पर दो तीन चपेड और मार दी।
” तू मेरी गाँड़ के पीछे क्यों पड़ा हुआ है?”
” क्या करूँ? आपकी गाँड़ भी बहुत ज्यादा सेक्सी है दीदी। एकदम बिंदास। आपकी ये गाँड़ मुझे मिल जाये तो मज़ा आ जाये।”
” कुछ ज्यादा ही बोल रहा है अब तू।”
“ज्यादा नहीं बिलकुल सच बोल रहा हूँ दीदी। बहुत सेक्सी गाँड़ है आपकी।”
तभी दीदी मुस्कुराने लगी ” अच्छा!”
” हाँ दीदी।”
तभी दीदी चुदाने के लिए लाइन क्लियर करने लगी ” तो क्या करूँ मैं मेरी सेक्सी गाँड़ का?”
“आपको गाँड़ में लंड लेना चाहिए।”
” अच्छा!” हाँ दीदी.
” अच्छा! अब तू तेरी दीदी को ही पेलेगा।”
” मैं तो उस दिन ही आपको पेल देता लेकिन सब आपकी वजह से लेट हुआ आज एकदम सही मौका है। कोई नहीं है घर पर।”
तभी मैंने दीदी को बाहों में कस लिया और अब मै उनके बोबो को दबाने लगा। तभी दीदी मुझे दूर हटने के लिए कहने लगी लेकिन मैंने दीदी को नहीं छोड़ा उनके बोबे मसलने लगा। “Cousin Anal XXX”
” ओह दीदी आह्ह बहुत टाइट बोबे है आपके।”
” रोहित छोड़ मुझे। ऐसा मत कर।”
” नहीं, दीदी आज नहीं छोड़ूंगा आपको। आज तो मैं आपकी लेकर ही रहूँगा।”
तभी मैने दीदी के टाइट बोबो को ज़ोर से मसल दिया। तभी दीदी दर्द से चीख पड़ी।
” आईईईईई।”
अब मै दीदी के बोबो को बुरी तरह से कस रहा था। टीशर्ट के ऊपर से दीदी के बोबे दबाने में मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। दीदी अब दर्द से तड़प रही थी।
” ओह आह्ह सिससस्स आह्ह उन्ह रोहित मत कर ना यार।”
” दीदी करने दो आज तो। बहुत तड़प रहा हूँ आपकी लेने के लिए लिये।”
इधर मेरा लंड दीदी की गाँड़ में लगातार दबाव बना रहा था। अब मेने दीदी को झटके से खींचकर मेरी तरफ कर लिया और उनके हाथ से मोबाइल लेकर बेड पर फेंक दिया। अब मै दीदी के गुलाबी होंठो पर किस करने लगा। तभी कमरे में ऑउच्च पुच्च ऑउच्च ऑउच्च की ज़ोर ज़ोर से आवाज़े आ रही थी।
मुझे दीदी के होंठो पर किस करने में मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आने लगा था। अब मेरा लंड आग बबूला होने लगा था। इधर दीदी थर थर कांप रही थी। शायद वो पहली बार ही चुदाने जा रही थी। तभी मेने दीदी की गाँड़ मसलना शुरु कर दिया।
अब मै दीदी के गुलाबी होठो को चूसते हुए उनकी सेक्सी गाँड़ मसल रहा था। हाय! बहुत ही मस्त गाँड़ लग रही थी दीदी की। अब दीदी जल्दी से गर्म हो रही थी। अब दीदी कभी तो उनकी गाँड़ पर से मेरे हाथ हटाने की कोशिश कर रही थी तो कभी उनके बोबे बचा रही थी। “Cousin Anal XXX”
मैं बार बार दीदी के बोबो और गाँड़ पर हमला कर रहा था। अब दीदी बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी। तभी मैने दीदी को उठाकर बेड पर पटक दिया। अब दीदी वापस उठने लगी लेकिन मेने दीदी को वापस बेड पर धकेल दिया।
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” अब कोई चालाकी नहीं दीदी।”
” यार कोई देख लेगा।”
” कोई नहीं देखेगा आप चिंता मत करो।”
तभी मैं फिर से दीदी पर चढ़ गया और फिर से उनके होंठो को चुसने लगा।अब दीदी भी मेरे होठ चुस रही थी। माहोल अब फूल गर्म हो चूका था। दीदी की चुत फड़क उठी थी। तभी मैंने एक ही झटके दीदी की टीशर्ट उतार फेंकी। अब दीदी ब्रा नहीं खोलने दे रही थी।
” रोहित यार मत कर ना आगे।”
“करने दो दीदी।”
तभी मैंने दीदी की ब्रा को भी खोल फेंका और झट से दीदी के एकदम फ्रेश बोबे उछल कर बाहर आ गए। दीदी के बोबो को देखते ही मेरे मुँह में पानी आ गया। अब मै दीदी के टाइट बोबो को मुट्ठियों में भरकर दबाने लगा।तभी दीदी दर्द के मारे तड़पने लगी। वो चेहरे को इधर उधर पटक रही थी। मुझे दीदी के बोबे दबाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। “Cousin Anal XXX”
” ओह सिसस्ससस्स आह्ह उन्ह बहुत दर्द हो रहा है यार। धीरे धीरे दबा।“
“दबाने दो दीदी। बड़ी मुश्किल से आपके बोबे मेरे हाथ लगे है। ओह क्या मस्त बोबे है। आह्ह एकदम कड़क। मज़ा आ गया दीदी।”
” आईईईई सिससस्स ओह आह्ह मरर्रर्र गईईई आह्ह सिससस्स।”
फिर मैंने दीदी के चिकने बोबो को मसल मसलकर लाल कर दिया। अब मैंने दीदी के मुँह में भरा और फिर पागल सा होकर दीदी के बोबो को चुसने लगा। बोबे चुसने में कितना मज़ा आता है। ये मुझे आज पता चल रहा था। मै जमकर दीदी के फ्रेश बोबो को चुस रहा था।
” ओह दीदी आह्ह बहुत टेस्टी है। आहा। बहूत मज़ा आ रहा है।”
अब दीदी बिलकुल चुप थी। वो उनके खजाने को लूटा रही थी। मैं भी दीदी के खजाने को झटके दे देकर लूट रहा था। इधर मेरा लंड अब दीदी की चुत नापने के लिए तड़प रहा था। फिर मैंने दीदी के बोबो को बुरी तरह से रगड़ डाला। अब मै झट से नीचे आ गया और मैं खुद नंगा हो गया। अब दीदी के सामने मेरा मोटा तगड़ा लण्ड था। अब मै दीदी को नंगी करने लगा। लेकिन दीदी ने पाजामा पकड़ लिया। “Cousin Anal XXX”
” रोहित यार प्लीज मत खोल ना।”
” अरे यार दीदी दिमाग खराब मत करो। कल भी आपने ऐसे ही नखरे किये थे। खोलने दो इसे।”
” यार तू मरवाएगा मुझे।”
” अब ज्यादा गाँड़ फट्टू मत बनो और जल्दी से चोदने दो।”
तभी दीदी के हाथ से मैने पाजामा छीन लिया और फिर एक ही झटके में दीदी का पजामा खोलकर उन्हें नंगी कर दिया। पाजामे के साथ ही दीदी की चड्डी भी खींची चली आई थी। अब मेने पजामे को दीदी के मुँह पर फेंक दिया।
अब मेने दीदी की टाँगे फैला दी और फिर दीदी की चुत में लण्ड सेट करने लगा। आज मै पहली बार दीदी की चुत के दर्शन कर रहा था। दीदी की चुत काली घनी झाड़ियों से ढकी हुई थी। दीदी की चुत को देखकर मैं बहुत खुश हो रहा था।
” दीदी ये क्या हाल बना रखा है चुत का! इसकी फसल तो काट लिया करो।”
” मैं काटने की ही सोच रही थी। लेकिन तूने मेरी फसल को देख ही लिया।”
” चलो कोई बात नहीं। अब तो मै ही काट दूंगा।”
अब मेरा लंड दीदी की चुत के छेद में सेट हो चूका था। अब मै दीदी की टांगो को कंधों पर रखकर दीदी की चुत में लण्ड पेलने लगा। तभी मेरा लण्ड दीदी की चूत से फिसल गया। दीदी की चुत बहूत टाईट लग रही थी।
शायद दीदी पहले कभी नहीं चुदी थी। वो पहली बार ही लंड ठुकवा रही थी। तभी मेने दीदी की चुत के छेद में बहुत सारा थुक लगाया। तभी दीदी ने तेल लगाने के लिए कहा। अब मै तेल ले आया और फिर दीदी की चूत की तेल लगा लगाकर मालिश करने लगा। “Cousin Anal XXX”
” एकदम फ्रेश चूत है दीदी आपकी।”
तभी दीदी चुप हो गई। तभी मैं समझ गया कि दीदी ने अभी तक लंड नही लिया है। अब मेने फिर से दीदी की चुत में लण्ड सेट किया और फिर ज़ोर का झटका दिया। अबकि बार मेरा लंड दीदी की चुत को फाड़ता हुआ पूरा अंदर घुस चूका था। तभी मोटा तगड़ा लण्ड चूत में घुसाते ही दीदी बुरी तरह से चिल्ला पड़ी।
” आईईईई मम्मी मर्रर्रर्र गईईईईई। आईईईईई आईईईई बहुत दर्द हो रहा है। आईईईई ओह रोहित लंड बाहर निकाल।मैं मरर्रर्र जाऊंगी। आईईईईई।”
मेरा लंड दीदी की टाईट चूत में फंस चुका था। तभी मेने लण्ड बाहर खिचा औऱ फिर से दीदी की चुत में लंड पेल।दिया। अब दीदी फिर से चिल्ला पड़ी।
” आईईईईई मम्मी।मरर्रर्र गईईईई। आईईईईई आहा ओह मम्मी।”
अब मै दीदी की टाँगे पकड़ कर उनके झमाझम चोदने लगा। दीदी को चोदने में मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मेरा लंड पहली बार चुत का स्वाद चख रहा था। दीदी की दर्दभरी चीखे पुरे कमरे में गूंज रही थी। “Cousin Anal XXX”
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“आईईईई आह्ह आह आईईईई आह्ह ओह मम्मी। आहा आईएईई आईईईईई। मत चोद यार। आहा आईईईईई।”
” ओह दीदी आह्ह बहुत मज़ा आ रहा है। बहुत ही मस्त चुत है आपकी।”
” आह्ह आह्ह आईईईई ओह मम्मी आह्ह मेरी जान निकल रही है यार। मुझसे तेरा लंड नहीं झेला जा रहा है।”
” झेलने की कोशिश करो दीदी। सब झेल लोगी आप।”
दीदी से मेरा मोटा तगड़ा लंड नहीं झेला जा रहा था। उनका दर्द से हाल बेहाल हो रहा था। तभी दीदी की आंखो से आंसू निकल आये। मैं दीदी को दे दना दन पेल रहा था।
“आहा आहाहा ओह आईईईई आईईईई मत चोद मुझे। आहा आह्ह ओह मम्मी।”
“दीदी चोदना तो पड़ेगा।”
दीदी अब दर्द के मारे चुदाने से मना कर रही थी लेकिन आज मै कहाँ रुकने वाला था। मै तो दीदी की धमाकेदार चुदाई करने का मूड बना चुका था। मै दीदी को पेलें जा रहा था। तभी दीदी की चुत फट गई और उनकी चुत से खुन बहने लगा। मैं दीदी की चुत में जमकर लण्ड ठोक रहा था।अब मेरा लण्ड दीदी के खून में लथपथ होने लगा। दीदी दर्द से तड़प रही थी।
“आह्ह आह्ह आहा ओह सिससस्स आह्ह आईईईईई। आईईईईई ओह आहा आह्ह आईईईईई।”
तभी थोड़ी देर बाद दीदी की चुत में उबाल आ गया और अब दीदी का पानी निकल गया। अब दीदी को थोड़ी राहत मिलने लगी थी। अब उनकी दर्दभरी चीखे मज़ेदार चीखो में बदल चुकी थी।
“आह्ह आह्ह ओह आह्ह आहा ओह आह्ह आह्ह ओह सिससस्स।”
“अब तो मज़ा आ रहा है ना दीदी?”
“हाँ रोहित,,, बहुत मज़ा आ रहा है अब। सब अच्छा लग रहा है। आह्ह आह्ह आह्ह आहा।”
अब दीदी मस्ती से चुदवा रही थी। मैं दीदी की धमाकेदार चुदाई कर रहा था। हम अब दोनों चुदाई के मज़े में डूब रहे थे। फिर मैंने दीदी की टांगो को छोड़ दिया और अब मेने दीदी को बाहों में भरकर दबोच लिया। अब मैं दीदी की चुत में गाँड़ हिला हिलाकर लण्ड पेलने लगा। अब भाभी की टांगे हवा में लहरा रही थी। “Cousin Anal XXX”
“आह्ह आह्ह आह्ह सिससस्स आह्ह आह्ह आह्ह सिसस्ससस्स आईईईई आईईईई ।”
“ओह दीदी बहुत मस्त माल हो आप।आहा बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है आपको चोदने में आह्ह।”
मैं दीदी के छेद में जमकर लण्ड पेल रहा था। दीदी का सेक्सी जिस्म के पसीने से अब मै भी गिला होने लगा था। दीदी मेरी पीठ को सहला रही थी। वो मुझे बाहों में भर रही थी।
“आहा ओह सिससस्स आह्ह सिसस्ससस्स ओह रोहित आहा सिससस्स आह्ह बससस्स ऐसे हो चोद मुझे। आह्ह।”
“हाँ दीदी। आपको भी मोटे तगड़े लण्ड की सख्त जरूरत थी।”
“हां यार। मैं तो मै ही लण्ड लेने के बहुत तरस रही थी। अच्छा हुआ तूने मुझे लंड दे दिया। बहुत खुजली मची है मेरी चुत में।”
“कोई बात नहीं दीदी। अब मैं आपकी सारी खुजली मिटा दूंगा।”
दीदी की टाईट चुत में लण्ड डालने में मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। दीदी अब लपककर लण्ड ले रही थी।तभी एकबार फिर से दीदी का पानी निकल गया। फिर मैंने दीदी को बहुत देर तक ऐसे ही बजाया। तभी दीदी ने मुझे धक्का देकर नीचे गिरा दिया और दीदी झट से मेरे ऊपर चढ़ गई।
अब दीदी मेरे ऊपर चढ़कर हमला करने लगी। वो मेरे होंठों को बुरी तरह से चूसने लगी। अब दीदी भूखी शेरनी बन चुकी थी। मैं दीदी को आज उनकी भूख मिटाने का पूरा मौका दे रहा था। अब बैडरूम फिर से ऑउच्च पुच्च ऑउच्च पुच्च की आवाज़ों से गूँज रहा था। दीदी मेरे होंठो को बुरी तरह से खा रही थी।
दीदी ताबड़तोड़ किस कर रही थी। फिर वो कुछ ही देर में मेरी चेस्ट पर आ गई और फिर शेरनी की तरह टूट पड़ी। अब दीदी ताबड़तोड़ मेरी चेस्ट पर किस कर रही थी। वो बीच बीच में मेरी चेस्ट पर बाईट भी कर रही थी। दीदी को किस करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। “Cousin Anal XXX”
“ओह आह्ह सिसस्स ओह दीदी। आहा।”
मै दीदी के बालो को सम्हाल रहा था। फिर दीदी किस करती हुई मेरे लंड पर पहुँच गई। अब दीदी ने मेरे लण्ड को पकड़ लिया और मुस्कुराती हुई उसे मसलने लगी।
“बहुत मस्त है यार। इतना तगड़ा लण्ड कैसे बना लिया तूने?”
“मस्त बनाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है दीदी।”
“हाँ यार। बहुत ही शानदार है।”
अब दीदी ने मेरे लण्ड को मुंह में भरा और फिर उसे चुसने लग गई। दीदी अब लबालब मेरा लण्ड चुस रही थी। दीदी को देखकर लग रहा था कि वो लण्ड की बरसो से प्यासी थी।
“ओह दीदी आह्ह बहुत मज़ा आ रहा है। आह। बससस्स ऐसे ही चूसती रहो। आह्ह। बुझा लो आपकी प्यास।”
“उन्ह आह्ह बहुत चुसूँगी आज मै तेरा लण्ड। बहुत दिनों से तेरे लण्ड ने मेरा दिमाग खराब कर रखा था। आज जाकर मौका मिला है।”
“चुस लो दीदी आपकी जितनी मर्ज़ी हो।”
दीदी अब ज़ोर ज़ोर से झटके मार मारकर मेरा लण्ड चुस रही थी। वो मेरा लण्ड चुसने में पागल सी होने लगी थी। मुझे दीदी को लंड चुसाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। फिर दीदी ने मेरे लण्ड को चुस चूसकर गिला कर डाला। अब मैनें दीदी को वापस नीचे पटक दिया और फिर से मैनें दीदी की चुत में लण्ड पेल दिया। अब मैं दीदी की फिर से ताबड़तोड़ ठुकाई करने लगा।
“आह आह्ह ओह सिससस्स आह्ह आह्ह मरर्रर्र गाईईई।”
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मेरा लण्ड फिर से दीदी की चुत की बखिया उदेड रहा था। मैं दीदी को पेलें जा रहा था। मेरे लण्ड के झटकों से दीदी के आम बुरी तरह से हिल रहे थे। मैं दीदी को आज जिंदगी का सबसे बड़ा मजा दे रहा था।
“आह्ह अहा सिसस्स आह्ह उन्ह। बहुत अच्छा लग रहा है यार रोहित। आह्ह बससस्स पेलें जा तू तो। कोई नहीं आज। पूरे दिनभर मेरी ठुकाई कर।”
“हां दीदी। खूब चोदूँगा आज आपको। पूरी गर्मी निकाल दूंगा। आपकी।”
अब मै दीदी को बजाये जा रहा था। दीदी लपक लपक्क्कर मेरा लण्ड ले रही थी। दीदी आज लण्ड ठुकवाने से बहुत ज्यादा रेसलेक्स फील कर रही थी। तभी लगातार ठुकाई से दीदी का पानी निकल गया। अब मेरा लंड भी हिचकोले खाने वाला था तभी मैंने दीदी की चूत मे लंड रोक दिया और फिर मेरे लंड के पानी से दीदी की चूत लबालब भर गई। अब मैं दीदी से लिपट गया। आज हम दोनो नंगे होकर एक दूसरे की बाहों मे थे। दीदी का चेहरा बता रहा था कि उन्हे बहुत अच्छा लग रहा है। कहानी जारी है,,,,,,,, आपको मेरी कहानी कैसी लगी बताए जरूर ajaywriter21@gmail.com
दोस्तों आपको ये Cousin Anal XXX की कहानी मस्त लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे……………….
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Ajay Kumar says
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Frankly Samar says
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Amit says
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