Chudasi Didi Bhai Chudai
दोस्तों जैसे कि मैंने आपको अपने पिछले भाग चालू दीदी को चोद चोदकर प्रेग्नेंट कर दिया 1 में बताया था कि कैसे मैं अपनी दीदी को उसके आशिक नंदू के चंगुल से निकालकर उसे पहली बार घर के पिछवाड़े में चोदा. फिर जब मम्मी हमें और दीदी को छोड़कर बाकी बच्चों को लेकर माइके चलीं गईं थीं. Chudasi Didi Bhai Chudai
तो मैंने दीदी को अपने घर में ही एक हफ्ते तक रात दिन पुरी नंगी करके चोदा और उसी एक हफ्ते में मैंने दीदी को प्रेग्नेंट कर दिया था। दोस्तों उसके बाद क्या हुआ वो मैं अब आपको बताने जा रहा हूं। जैसे कि मैंने पहले बताया कि दीदी मेरी बहुत चालू थी जैसे ही उसकी अगली प्रेगनेंसी रुक गई तो दीदी समझ गई थी कि भाई ने मुझे चोदकर प्रेग्नेंट कर दिया.
फिर भी दीदी के अंदर थोड़ी भी डर नहीं थी कि अब क्या होगा किसी को पता चलेगा तो लोग क्या कहेंगे लेकिन जैसे दीदी ने मुझे बतलाई कि भाई तुने मुझे प्रेग्नेंट कर दिया है मेरे पेट में तेरा बच्चा पल रहा है तो मैं बहुत डर गया था लेकिन दीदी बोली भाई डरने की कोई बात नहीं है। सब ठीक हो जाएगा बस तु ये बता कि अब मम्मी घर पर आ गई है। अब कैसे मुझे चोदोगे.
तो मैंने कहा दीदी आज तो मैं तुम्हें मक्के खेतों में ले जाकर चोदुगा। तो दीदी बोली चल ना देर क्यों कर रहा है। तो मैंने कहा दीदी अभी दिन में ठीक नहीं होगा कोई देख लेगा शाम को चलेंगे। तो दीदी बोली ठीक है कौन सी खेतों में जाना है मुझे बता दें मैं पहले ही पहुंच जाऊंगी।
तो मैंने दीदी अपनी ही बड़े खेत जिसमें लंबे लंबे और घने मक्के का पेड़ लगा था उसी में पहुंचने को कहा। दोस्तों मेरी दीदी अब एक नम्बर की रंन्डी बन चुकी थी उसे पिछले एक सप्ताह में ही लन्ड लेने का चस्का लग गया था। लेकिन मेरे अंदर एक डर अभी तक था वहीं जो दीदी प्रेग्नेंट हो गई थी।
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लेकिन वासना भी उफान मार रहा था फिर मैंने भी सोच लिया कि जो होगा देखा जायेगा और जैसे शाम हुआ और मैं मक्के खेत में पहुंच गया. दीदी सच में पहले ही पहुंच चुकी थी और खेत के किनारे पर खड़ी थी तो मैंने पहले इधर उधर देखा फिर दीदी की बाहें पकड़कर अंदर खेतों के बिचे बीच ले गया।
वहां कोई डर वाली बात नहीं था क्योंकि अपना खेत था वो भी बहुत घना घना तो इतना था कि दीदी देखकर बोली भाई यहाँ तो तु मुझे दिन में भी चोद सकता है फिर डरते क्यों हों. तो मैंने कहा दीदी वो बात तो ठीक है पर कोई रास्ते में हम दोनों को आते-जाते भी देख लिया तो शक करने लगेंगे. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तो दीदी बोली भाई हम दोनों इकट्ठे नहीं आएंगे पहले मैं आ जाऊंगा उसके आधे घंटे बाद तुम दूसरे रास्ते से आ जाना। तो मैंने कहा ठीक है दीदी कल से ऐसा ही करेंगे। तो दीदी मुझे अपनी बाहों में भरकर मुझे आई लव यू भाई बोली बदले में मैं भी आई लव यू दीदी बोलकर उसकी बड़ी-बड़ी चूचियों को पकड़कर दबाते हुए उसकी होंठों को चूसने लगा.
दीदी भी मेरे कमर से एक हाथ हटाकर मेरे लन्ड तक लें गयी फिर मेरे लन्ड को उपर से ही सहलाने लगी और गहरी सांस लेती हुई बोली भाई तेरे लन्ड बहुत ही जबर्दस्त है मुझे बहुत मजा देती है जब तु अंदर डालता है तो तेरे ये मोटा लम्बा लन्ड मेरी नाभि तक पहुंच जाता है।
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तो मैंने कहा दीदी तभी तो तुझे दो तीन दिनो में ही प्रेग्नेंट कर दिया है। तो दीदी बोली हां भाई तु ठीक बोल रहा है तेरा लन्ड सीधे मेरी अंडाणु में ही वीर्य छोड़ता है। तो मैंने दीदी पुछा इसके कोई उपाय सोचा है कि नहीं तो दीदी बोली हां सोच लिया। पड़ तुझे नहीं बताउंगी.
तो मैंने कहा दीदी मुझे जानने कि जरुरत भी नहीं है पर बाद में किसी तरह की कोई बात नहीं होनी चाहिए। तो दीदी बोली ठीक है तु बिल्कुल चिंता मत कर गांव ऐसा रोज होता है यहाँ हर दिन कुंवारी लड़की प्रेग्नेंट होती रहती है। तो मैंने कहा हां दीदी लेकिन बदनामी भी तो होती है.
तो दीदी बोली हम दोनों बदनाम नहीं होंगे क्योंकि अपनी मौसी को कोई बच्चे नहीं हैं मैं वहीं चलीं जाउंगी वो दिल्ली में रहती हैं जब जब बच्चे पैदा होगा तो मौसी को देकर आ जाऊंगी किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। फिर बोली फालतू के बात मत करो और मेरे पैन्ट के बटन खोलकर लन्ड को बाहर निकाल लिया.
और बोली भाई तु अपने इस हथियार को मेरी बुर में डालकर चोद दे मुझे। और अपनी सलवार की डोरी खोल दी तो मैं उसकी सलवार को अपने हाथों से पकड़कर बाहर कर दिया फिर उसके सुट भी उतार दी. दीदी अंदर में एक व्हाइट कलर की टॉप भी पहनीं थी उसे भी निकाल दिया.
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फिर उसके अंदर ब्राउन कलर की ब्रा पहनी उसे भी खोल दिया फिर निचे की पैंटी भी उतार दी और फिर दीदी को नीचे घास पर ही लेटा दिया. तो दीदी अपनी दोनों टांगें फैला दी तो मैंने पहले उसकी गुलाबी बुर पर हाथ फेरा देखा दीदी की बुर बहुत ही गर्म और मुलायम थी उसके अंदर से पानी निकल रहा था.
तो मैंने दीदी की चुनरी लेकर उसकी गीली बुर को पोंछकर सुखाया फिर अपने लन्ड को उसकी बुर पर सेट करके एक बार जोर से धक्का लगाया. मेरा पुरा लन्ड हलहलाकर दीदी की बुर के अंदर घुस गया दीदी मेरी बाप रे माई गे करने लगीं और बोली भाई धीरे धीरे चोदों मुझे दर्द हो रही है। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
लेकिन मैं जोर जोर से धक्का मारकर दीदी को पेल रहा था दीदी की मुंह से आह उह ओह भाई धीरे धीरे करो की आवाज निकल रही थी. बीच बीच में मैं रुक कर उसकी दोनों बड़ी बड़ी चूचियां दबाते हुए उसकी होंठ भी चूसने लगता था उस वक्त भी मैं लन्ड दीदी की बुर के अंदर ही डाले रखा था। “Chudasi Didi Bhai Chudai”
फिर दीदी ने मुझे किस और मेरे बालों पर हाथ फेरती हुई बोली भाई कितना मज़ा दे रहा है तु, मैं हमेशा के लिए तुम्हारी होना चाहतीं हूं चलो भगा ले चल मुझे और अपनी बीवी बनाकर रखना, तो मैंने दीदी से कहा दीदी ये सब सम्भव नहीं है लेकिन जब तक तुम्हारी शादी नहीं होती तब तक मैं तुझे खुश करता रहूँगा।
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इतना बोलकर मैंने दीदी को घोड़ी बनाया और फिर पिछे खड़े होकर ज़ोर ज़ोर से उसकी कमर पकड़कर चोदने लगा. थोड़ी देर बाद दीदी बोली भाई ऐसे में ज्यादा दर्द हो रहा है और दीदी को फिर लेट गई और बोली चलो ऐसे करो और दोनों टांगों को फैला दी. तो इस बार मैंने दीदी की कमर के नीचे खोले हुए कपड़े रख दिया जिससे उसकी बुर उपर आ गया.
और मैं फिर से उसे चोदने लगा इस बार और भी मज़ा मिल रहा था लेकिन दीदी को अभी दर्द हो रही थी लेकिन आंखें मूंद कर मेरे लन्ड अन्दर तक लें रहीं थीं। दोस्तों उस दिन मैंने दीदी को एक घंटे तक खेतों के अंदर रखा इस दौरान मैंने उसकी दो बार जमकर चोदा फिर दीदी निकलकर घर चली गई.
थोड़ी देर बाद मैं भी दूसरे रास्ते से घर लौट आए ताकि किसी को हम दोनों भाई बहन पर शक न हो। रात भी हो चुकी थी हम दोनों खाना खा कर सोने चल दिया दीदी मम्मी के साथ सोती थी. जैसे दीदी मम्मी के पास गयी तो मम्मी बोली कहां थी इतनी रात तक तो दीदी बोली सहेली के घर पर तो मम्मी कुछ नहीं बोली वैसे भी मेरी मम्मी बहुत सीधी है उसे कुछ भी पता नहीं चलता है।
अगले दिन सुबह 9 बजे ही दीदी से पूछा चलोगी तो दीदी बोली चलो मैं कब मना कर रही हूं। तो मैंने कहा चलो मैं जा रहा हूं बाद में तुम आ जाना तो दीदी बोली कुछ बिछाने वाला ले जाना मुझे मिट्टी गड़ती है तो मैंने कहा दीदी आज तेरे लिए धान वाली पोलाड़ मोटा करके बिछा कर रखूँगा और चल पड़ा जाकर बगल की खेतों से मैंने धान वाली पुलाड़ लाकर गद्देदार करके बिछा दिया. “Chudasi Didi Bhai Chudai”
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थोड़ी देर बाद दीदी भी आ गई और बिछी हुई धान की पुलाड़ देखकर खुश हो गई बोली भाई अब और मजा आएगा। तो मैंने कहा दीदी आज पुरे दिन तुझे तसल्ली से चोदुंगा तो दीदी मुस्कुराई और बोली हां ठीक है आज जल्दबाजी मत करना। तो दोस्तो उस दिन हम दोनों भाई बहन में काफी घमासान चुदाई चलीं. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
शाम होते होते हम दोनों थक गए थे लेकिन संतुष्टि की चमक हम दोनों की चेहरे पर था। उस दीदी की चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी वो बहुत खुश थी तभी मैंने दीदी जो पहले प्रेग्नेंट हुई थी उसे खल्लास करवाने को कहा तो दीदी पहले नहीं मान रही थी लेकिन बाद में मैंने कहा देखो दीदी वो बात ठीक है कि जैसे तुम्हारी पेट दिखने लगेगी तो तुम मौसी के पास चली जाओगी और जब बच्चे पैदा करने के बाद आपस आ जाओगी लेकिन पता तो चल ही जाएगा न इससे अच्छा है कि खराब करा लो.
तो दीदी ने हां भर तो अगले दिन ही मैंने ये काम करवा दिया और फिर दीदी को गर्भनिरोधक गोलियां खिला दिया. दोस्तों इसी तरह मैं अपनी दीदी कोई लगातार 4 सालो तक कभी मक्के खेत तो कभी सरसों खेत तो कभी गन्ने खेत तो कभी झाड़ियों में तो कभी कभी मौका मिलने पर घर में भी लोगों से छुप छुपकर चोदा है.
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