Didi Honeymoon Sex Kahani
हेल्लो दोस्तों, मैं आलिया फिर से स्वागत करती हूँ, आप सभी का मेरी कहानी में. दोस्तों आपने मेरी कहानी का पिछला भाग आलिया दीदी की सेक्स कहानी 15 पढ़ा होगा, जिसमें मैंने बताया था कि अब मेरा भी मन मेरे भाई से चुदवाने का करने लगा था, और मैं इसके लिए भाई को अपने जिस्म का खुला दर्शन कराती. एक दिन ऑफिस से न्यूज़ आई की मुझे और गोलू को ऑफिस की तरफ से एक प्रोजेक्ट के लिए शिमला भेजा जा रहा था. अब आगे- Didi Honeymoon Sex Kahani
बेंगलुरु से शिमला की उस लंबी उड़ान के दौरान मैं और गोलू अपनी-अपनी सीट पर पूरी तरह चुप बैठे रहे। गोलू के मन में अभी भी इस बात का दुख और गुस्सा था कि मैंने उससे शादी करने से साफ मना कर दिया था। मैं जानती थी कि वह मेरे साथ सिर्फ इसलिए शादी करना चाहता था ताकि उसका लंड बिना किसी रोक-टोक के मेरी चुत का मजा ले सके, लेकिन सगे भाई से शादी करने का वह अजीब ख्याल मेरे सारे सपनों को तोड़ देता था।
फिर भी, उसकी वह दूरी, उसका मुझसे बात न करना मुझे अंदर ही अंदर परेशान कर रहा था। उसे मनाने की मेरी हर कोशिश बेकार हो चुकी थी, और यही वजह थी कि इस सफर में मेरे मन में एक अजीब सी घबराहट और अजीब सी बेचैनी बनी हुई थी। शिमला एयरपोर्ट पर उतरने के बाद हमने एक टैक्सी बुक की और सीधे उस होटल के लिए निकल पड़े, जिसकी बुकिंग हमारी कंपनी ने कराई थी।
जब हम होटल की बड़ी और शानदार लॉबी में पहुँचे और काउंटर पर खड़े रिसेप्शनिस्ट ने हमारी आईडी देखकर हमें हनीमून सूट की चाबी दी, तो उसके चेहरे पर एक शरारती सी मुस्कान थी। उसने बड़े प्यार से हमें बधाई देते हुए कहा, “सर और मैम, आपके आने वाले खूबसूरत जीवन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएँ… एंजॉय योर हनीमून!”
गोलू ने बिना कुछ कहे चुपचाप चाबी अपने हाथ में ले ली, और हम दोनों होटल के बेलबॉय के पीछे-पीछे उस कमरे की तरफ चल दिए। जैसे ही हमने कमरे का दरवाजा खोला और अंदर कदम रखा, मैं समझ गई कि इसे हनीमून सूट क्यों कहा जाता था। कमरा बहुत बड़ा और शानदार था, जिसके बीच में एक बहुत बड़ा किंग-साइज बेड रखा हुआ था।
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उसका गद्दा इतना मुलायम और स्पंजी था कि जैसे कोई पानी का बिस्तर हो, और पूरे गद्दे पर लाल गुलाब की ताज़ा पंखुड़ियाँ बहुत अच्छे तरीके से बिखेरी गई थीं, जिससे पूरा कमरा एक मदहोश कर देने वाली खुशबू से भर गया था। पलंग के चारों तरफ हल्के गुलाबी रंग के परदे और रूम की डिम लाइटिंग उस माहौल को और भी ज्यादा खास और रोमांटिक बना रही थी।
उस कमरे की उस सजावट को देखते ही मेरे सीने में एक तेज़ सी सिहरन दौड़ गई, भाई-बहन होने का सारा डर जैसे उस खुशबू से भरे और शांत कमरे में कहीं खो गया, और दिमाग में बस इस बात का अहसास रह गया कि अब हम दोनों इस चारदीवारी के भीतर पूरी तरह अकेले थे।
बेलबॉय ने मुस्कुराते हुए हमारे बैग कमरे के कोने में रखे और दरवाजे की तरफ मुड़ते हुए बहुत आराम से कहा, “सर और मैम, अगर आप दोनों इस लंबे सफर की थकान दूर करना चाहें, तो हमारे रिसॉर्ट के अंदर ही प्राइवेट हॉट स्प्रिंग्स की सुविधा है… आप चाहें तो रिलैक्स करने के लिए वहाँ जा सकते हैं।” इतना कहकर वह कमरे से बाहर निकल गया और दरवाजा हल्के से बंद कर गया।
उसके जाने के बाद कमरे में एक भारी और अजीब सी खामोशी छा गई। गुलाब की पंखुड़ियों से सजे उस बड़े बिस्तर और उस डिम लाइट के बीच, बेलबॉय की कही हुई प्राइवेट हॉट स्प्रिंग्स वाली बात ने माहौल में एक नया तनाव पैदा कर दिया था। मैं जानती थी कि पहाड़ों की इस ठंड में गर्म पानी के उस कुंड में उतरना कितना अच्छा और आराम देने वाला होता.
लेकिन उससे भी ज्यादा मेरे दिल की धड़कनें इस बात से तेज हो रही थीं कि वहाँ भी हम दोनों को पूरी तरह अकेले ही रहना पड़ता। बेलबॉय के जाते ही मैंने बिना एक पल गंवाए कमरे में रखा टेलीफोन उठाया और रिसेप्शन पर कॉल करके प्राइवेट हॉट स्प्रिंग की बुकिंग कंफर्म कर दी।
उन्होंने हमें रात के नौ बजे का समय दिया था, यानी हमारे पास अभी लगभग एक घंटे का समय था। फोन रखकर मैं उस बड़े से गुलाब की पंखुड़ियों वाले बिस्तर पर जाकर बैठ गई। मैं चाहती थी कि इस खामोशी को तोड़ूँ, गोलू से बात करूँ और उसकी वह नाराजगी दूर करूँ जो पिछले कई दिनों से हमारे बीच दीवार बनकर खड़ी थी।
लेकिन उसने हमेशा की तरह अपने कानों में हेडफोन लगा रखे थे और बिस्तर के बिल्कुल दूसरे कोने पर मुँह फेरकर बैठा हुआ था, जैसे मैं वहाँ थी ही नहीं। घड़ी की सुइयाँ धीरे-धीरे आगे बढ़ती रहीं और फिर वह एक घंटा पूरा हो गया। तभी दरवाजे पर हल्की सी दस्तक हुई और वही बेलबॉय हमें लेने के लिए कमरे के अंदर आया।
उसने इशारे से हमें अपने पीछे आने को कहा और रिसॉर्ट के एक सुनसान और शांत कोने में बनी उस हॉट स्प्रिंग वाली जगह तक ले गया। वह जगह किसी कहानी की जगह जैसी लग रही थी। वहाँ लगभग पाँच फीट गहरा गर्म पानी का एक बड़ा पूल था, जिसके अंदर से लगातार सफेद भाप उठकर हवा में फैल रही थी।
उस गर्म पानी की जगह के ठीक चारों तरफ बर्फ की मोटी परत जमी हुई थी, और बाहर बहुत ज्यादा ठंड थी, जबकि उस पानी से उठती गर्माहट से वहाँ का पूरा माहौल अलग लग रहा था। बेलबॉय हमें वहाँ छोड़कर और यह कहकर वापस चला गया कि जब भी जरूरत हो, वह बाहर ही है, और अब हम पूरी तरह अकेले थे।
मेरा पूरा शरीर एक मोटे ऊनी स्वेटर, शर्ट, जींस और कपड़ों की कई परतों के नीचे पूरी तरह ढका हुआ था क्योंकि बाहर बहुत ज्यादा ठंड थी। गोलू गर्म पानी के पूल के पत्थर वाले किनारे पर चुपचाप खड़ा होकर उस गर्म और भाप छोड़ते पानी को लगातार देख रहा था। उसके चेहरे पर अभी भी वही गहरी खामोशी और नाराजगी थी जो बेंगलुरु से चली आ रही थी। “Didi Honeymoon Sex Kahani”
मैंने बिना एक पल की भी देरी किए अपने स्वेटर के बटन एक-एक करके खोलने शुरू किए। मैंने उस भारी स्वेटर को अपने कंधों से उतारकर नीचे गिरा दिया, और फिर अपनी शर्ट और जींस भी एक झटके में उतार दी। जैसे ही मेरे कपड़े उतरे, पहाड़ों की उस बर्फीली हवा ने मेरे काँपते हुए शरीर को छुआ। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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उस पल मैंने अपनी नज़रें उठाकर एक बार गोलू की तरफ देखा, जिसकी आँखें अचानक मेरे आधे नंगे शरीर पर टिक गई थीं। उसकी उस हैरान और गर्म नज़र के सामने ही मैंने अपनी ब्रा की हुक खोली और उसे भी फेंक दिया। ब्रा निकलते ही मेरे दोनों भारी स्तन उस ठंडी हवा में आ गए।
ठंड की वजह से मेरे दोनों निप्पल्स तुरंत सख्त हो गए, जो उस भाप से भरी धुंधली हवा में साफ दिखाई दे रहे थे। मेरे शरीर का हर हिस्सा उस तेज ठंड की वजह से सिहर रहा था, लेकिन इसके बाद मैंने अपनी पैंटी भी नीचे सरकाकर उतार दी। ऐसा करते ही मेरा पूरा निचला शरीर खुली हवा में आ गया, और उस ठंडी हवा के झोंके से मैं और ज्यादा अच्छा महसूस करने लगी।
अब मेरे शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं बचा था। उस बर्फीली हवा के सीधे लगते ही मेरा पूरा नंगा शरीर ठंड के मारे बुरी तरह काँप उठा और मेरे होंठ भी काँपने लगे। लेकिन मुझे इस तरह पूरी तरह नंगा देखकर गोलू की आँखें खुली की खुली रह गईं। उसका मुँह हल्का सा खुला रह गया और उसकी हैरान नज़रें मेरे काँपते हुए शरीर पर टिक गईं, जैसे वह कुछ पल के लिए पूरी तरह खो गया हो।
जैसे ही मैंने उस गर्म और भाप छोड़ते पानी में कदम रखा, मेरे पूरे शरीर को बहुत आराम मिला। बाहर की बहुत ज्यादा ठंड और बर्फीली हवा से मेरा शरीर ठंडा पड़ गया था, लेकिन जब उस गर्म और आराम देने वाले पानी ने मेरे शरीर को छुआ, तो मेरी आँखें चैन से बंद हो गईं।
मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ी और पानी के अंदर बैठ गई, जिससे मेरा गला और सिर ही पानी से बाहर रह गए और बाकी पूरा शरीर उस गर्म पानी में डूब गया। उस पानी की गर्माहट मेरे शरीर की सारी ठंड दूर कर रही थी, और मेरी सूजी हुई चुत और स्तनों को उस पानी के हल्के बहाव से और भी ज्यादा अच्छा लग रहा था। “Didi Honeymoon Sex Kahani”
मैंने अपनी आँखें खोलकर गोलू की तरफ देखा, जो अभी भी किनारे पर खड़ा था। उसके चेहरे पर अभी भी वही पुरानी जिद और गुस्सा था, लेकिन उसकी हालत कुछ और ही बता रही थी। उसने भी एक-एक करके अपने सारे कपड़े उतार दिए थे, और उसका मोटा और कड़क लंड पूरी तरह खड़ा हुआ था।
वह लाख कोशिश कर रहा था कि अपनी बहन के सामने अपनी नाराजगी और अकड़ बनाए रखे, लेकिन उसका वह खड़ा लंड उसके मन की सच्चाई बता रहा था। वह अपनी ही बहन को इस तरह देखकर और इस माहौल की वजह से खुद को उसकी तरफ खिंचने से रोक नहीं पा रहा था।
कुछ सेकंड तक दोनों के बीच खामोशी रही। फिर उसने अपने कदम आगे बढ़ाए और धीरे-धीरे उस गर्म पानी में उतर आया। हम दोनों उस छोटे से गर्म पानी के पूल में चुपचाप बैठे रहे। लगभग आधा घंटा बीत चुका था और उस दौरान हमारे बीच कोई बात नहीं हुई थी, लेकिन पानी के अंदर मुझे साफ महसूस हो रहा था कि गोलू का लंड अभी भी खड़ा था।
वह भले ही मुझसे नजरें चुराने की कोशिश कर रहा था और खुद को मुझसे दूर रखने का दिखावा कर रहा था, लेकिन उसके चेहरे के भाव और उसकी बेचैनी सब कुछ बता रही थी। उसकी उस खामोशी को तोड़ने के लिए मैंने धीरे-धीरे पानी के अंदर ही उसकी तरफ सरकना शुरू किया। “Didi Honeymoon Sex Kahani”
वह गर्म पानी की जगह ज्यादा बड़ी नहीं थी, इसलिए थोड़ी ही देर में मैं उसके बहुत करीब पहुँच गई। पानी के नीचे मुझे उसका शरीर और नीचे फर्श पर उसके बैठने का साफ पता चल रहा था। जैसे ही मैं उसके और करीब जाकर उसकी गोद के पास बैठ गई, उसने अचानक चौंककर मेरी तरफ देखा और भारी आवाज में कहा, “यह क्या कर रही हो, आलिया दीदी?”
मैंने उसकी तरफ देखकर एक हल्की और प्यारी सी मुस्कान दी और बहुत धीमी आवाज में कहा, “कुछ नहीं… बस ऐसे ही।” इतना कहकर मैंने बिना एक पल गंवाए पानी के अंदर ही अपने हाथ उसकी तरफ बढ़ा दिए। भाप से भरे उस गर्म पानी में मैंने अपने हाथों से उसे ढूँढना शुरू कर दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मेरे हाथ सबसे पहले उसके मजबूत पैरों और फिर उसकी जाँघों को छूते हुए ऊपर जाने लगे। गर्म पानी में मैंने अपनी उंगलियों से उसके लंबे और पूरी तरह खड़े लंड को ढूँढ लिया और अपनी मुट्ठी में पकड़ लिया। पानी के अंदर उसका वह कड़क लंड सीधे मेरे हाथ में आ गया, जो मेरे हाथ के हिलने के साथ और ज्यादा हिलने लगा।
गोलू ने अचानक अपनी साँसें रोक लीं और अपनी आँखें थोड़ी और बंद कर लीं, जैसे वह मेरे छूने से खुद को बचाने की कोशिश कर रहा हो लेकिन मैंने उसकी बात नहीं मानी। वह थोड़ा काँपते हुए मुझे रोकने की कोशिश कर रहा था। उसने झिझकते हुए कहा, “आलिया दीदी… प्लीज, मेरा लंड मत छुओ।”
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लेकिन उसके मुँह से निकली यह बात सिर्फ कहने की थी। उसने बोलकर मुझे रोकने की कोशिश तो की, लेकिन पानी के अंदर उसने मेरा हाथ अपने लंड से बिल्कुल नहीं हटाया। वह चुपचाप वैसे ही अपनी जगह पर बैठा रहा, और मैं साफ महसूस कर सकती थी कि उसका वह लंबा और खड़ा लंड मेरी मुट्ठी के अंदर कितना सख्त था।
उसकी इस चुप्पी का फायदा उठाते हुए मैंने एक कदम और आगे बढ़ाया। मैंने पानी के नीचे से उसका एक हाथ उठाया और उसे खींचकर अपने सीधे स्तन पर रख दिया। भले ही उसने उस वक्त मेरे स्तन को जोर से नहीं दबाया और उसका हाथ बस मेरे शरीर पर वैसे ही रखा रहा, लेकिन मैंने खुद रुकने के बारे में नहीं सोचा।
मैंने अपने हाथ से उसके कड़क लंड को ऊपर-नीचे सहलाना और अपनी मुट्ठी में पकड़कर हिलाना शुरू कर दिया। गर्म पानी और भाप के बीच, मेरे हाथों की हरकतें तेज होती चली गईं। मेरी मुट्ठी में उसका वह लंबा और हिलता हुआ लंड हर सेकंड के साथ और ज्यादा सख्त होता जा रहा था।
मैंने अपनी उंगलियों को उसके पूरे लंड पर फेरते हुए उसे ऊपर-नीचे सहलाना शुरू कर दिया। पानी के हल्के बुलबुले और गर्माहट हमारे उस पल को और भी ज्यादा अच्छा बना रहे थे। गोलू का वह हाथ, जिसे मैंने खींचकर अपने नंगे स्तन पर रखा था, अब धीरे-धीरे हिलने लगा।
शुरू की झिझक छोड़कर उसकी उंगलियों ने मेरे भारी स्तन को कसकर पकड़ना शुरू कर दिया। उसके हाथों का दबाव मेरे निप्पल्स को और ज्यादा सख्त कर रहा था, और मेरे मुँह से एक हल्की सी आवाज निकल गई। वह चाहकर भी खुद को रोक नहीं पा रहा था। “Didi Honeymoon Sex Kahani”
भाई-बहन होने का हर डर जैसे उस गर्म पानी में कहीं खो गया था। उसकी साँसें भारी हो गई थीं और उसकी नजरें सीधे मेरी आँखों में थीं। पानी के अंदर मेरे हाथों की रफ्तार अब तेज होने लगी थी। मैं उसके उस कड़क और लंबे लंड को बहुत तेजी से ऊपर-नीचे सहलाने लगी, जिससे पानी में हल्की लहरें उठने लगीं।
मेरे हाथ की इस तेज रफ्तार और मजबूत पकड़ से गोलू की साँसें तेज होने लगीं। जैसे ही मैंने उसके लंड को तेजी से हिलाना शुरू किया, उसने भी अपना वह हाथ मेरे स्तन पर और कस लिया। उसने अपनी उंगलियों से मेरे भारी स्तन को इतनी जोर से पकड़ना शुरू किया कि मेरा पूरा शरीर सिहर उठा। जब-जब उसकी उंगलियाँ मेरे कड़े हो चुके निप्पल्स को कसकर दबातीं, मेरे मुँह से एक गहरी सी आह निकल जाती थी।
और उसके इस तरह कसकर दबाने पर, मैं अपने हाथ की रफ्तार और तेज कर देती थी ताकि उसे समझ आ सके कि मैं उसकी हर हरकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ। मेरे हाथों की वह तेज और एक जैसी रफ्तार अब जैसे उस छोटे से गर्म पानी के पूल की सारी हदें पार करने को तैयार थी।
मैंने उसके उस खड़े और गर्म लंड को और भी तेजी से ऊपर-नीचे सहलाना शुरू कर दिया। उस ठंडे माहौल में गर्म पानी के अंदर की बहुत ज्यादा गर्मी और मेरे हाथों की रगड़ गोलू के लिए सहन करना मुश्किल होने लगा था। उसकी आँखें खुली की खुली रह गईं, उसका सिर पीछे की तरफ चला गया और उसकी साँसें पूरी तरह तेज हो गईं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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बहुत ज्यादा मजा आने की वजह से उसने मेरे स्तन को अपनी मुट्ठी में आखिरी बार इतनी जोर से दबाया कि मुझे अपनी चमड़ी पर उसकी उंगलियों का दबाव साफ महसूस हुआ। और अगले ही पल उसके शरीर में तेज काँपना शुरू हो गया। गर्म पानी के बीच, उसके लंड ने अपना सारा गाढ़ा और चिपचिपा सफेद पानी मेरी हथेली पर छोड़ दिया। “Didi Honeymoon Sex Kahani”
उस गर्म सफेद पानी से पानी और ज्यादा गर्म लगने लगा, और गोलू का शरीर ढीला पड़ गया और वह हाँफने लगा। जब उसका लंड पूरी तरह शांत हो गया और उसका सारा सफेद पानी पानी में मिल चुका था, तो मैंने अपनी मुट्ठी उसके ऊपर से हटा ली। मैंने बिना एक पल गंवाए उस गर्म पानी से बाहर कदम रखा।
बाहर की ठंडी हवा ने मेरे गीले शरीर को छुआ, लेकिन मैंने तुरंत अपने कपड़े उठाए और जल्दी से पहन लिए। तेजी से चलते हुए मैं सीधे हमारे कमरे में लौट आई। कमरे का हीटर पहले से चल रहा था, जिसकी वजह से अंदर की हवा काफी गर्म और आराम देने वाली थी।
मैंने गीले कपड़े उतारकर खुद को सुखाया और रात में सोने के लिए अपना ऊनी स्वेटर उतारकर एक ढीली टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहन लिए। मुश्किल से कुछ ही मिनट बीते होंगे कि गोलू भी कमरे के अंदर आ गया। उसने भी अपने गीले कपड़े बदल लिए थे और सोने के लिए एक टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहन रखे थे।
उसके चेहरे पर अब पहले वाली जिद और गुस्सा नहीं था, बल्कि एक अजीब सी खामोशी और आराम था। तभी होटल के स्टाफ ने हमारे कमरे में रात का खाना पहुँचा दिया। हमने चुपचाप बैठकर खाना खाया और खाने के बाद बिना ज्यादा देर किए दोनों सीधे उस बड़े और गुलाब की पंखुड़ियों से सजे बिस्तर पर लेट गए।
मैंने इस बार गोलू से कोई बात करने की कोशिश नहीं की, क्योंकि मैं जानती थी कि उसका गुस्सा और उसकी सारी अकड़ समय के साथ अपने आप कम हो चुकी थी। आखिर मैंने अपने हाथों से उसके लंड को शांत जो कर दिया था। मैंने कमरे की सारी लाइटें बंद कर दीं और उस बड़े से बिस्तर पर आँखें बंद करके सोने की कोशिश करने लगी। “Didi Honeymoon Sex Kahani”
लेकिन तभी मुझे होटल के उन लोगों के लिए थोड़ा अजीब सा बुरा लगने लगा, जिन्होंने हनीमून पर आए लोगों के लिए इस बिस्तर को इतने प्यार से और अच्छे से गुलाब की पंखुड़ियों से सजाया था। उन्हें क्या पता था कि इस खूबसूरत और रोमांटिक बिस्तर पर प्यार करने वाले दो लोग नहीं, बल्कि दो सगे भाई-बहन सो रहे हैं।
मैं सोने की बहुत कोशिश कर रही थी, लेकिन मेरी आँखों में बिल्कुल नींद नहीं थी। बहुत परेशान होकर मैंने अपना मोबाइल उठाया और अंधेरे में ही इंस्टाग्राम रील्स देखने लगी। बिस्तर के दूसरी तरफ गोलू गहरी नींद में सो चुका था, उसकी आँखें बंद थीं और उसे किसी बात का पता नहीं था।
रात के चार घंटे बीत चुके थे, लेकिन मैं बार-बार करवट बदल रही थी। मेरे अंदर कुछ ऐसा था जो बुरी तरह तड़प रहा था। एक अजीब सा खालीपन मुझे अंदर ही अंदर परेशान कर रहा था। मैंने कुछ ही घंटे पहले अपने हाथों से गोलू का लंड सहलाकर उसे बहुत मजा दिया था और उसका सारा तनाव दूर कर दिया था, लेकिन मेरे लिए उसने कुछ नहीं किया।
वह अपना मजा पाकर आराम से सो गया, जबकि मुझे वैसे ही अधूरा छोड़ दिया। यह कितनी अजीब बात थी। कुछ समय पहले तक मैं इस बात से डरती थी कि कहीं रात के अंधेरे में गोलू मुझ पर जबरदस्ती न कर दे या मुझे गलत तरीके से न छू ले। लेकिन आज, बिस्तर पर उसके साथ लेटकर मुझे इस बात का बहुत बुरा लग रहा था कि वह मुझे छू क्यों नहीं रहा था। “Didi Honeymoon Sex Kahani”
हमारे बीच पहले कई तरह की ऐसी बातें हो चुकी थीं। मैंने उसका लंड कई बार चूसा था, उसने मेरी गांड के अंदर अपना लंड डालकर अपनी हवस पूरी की थी। मैं उसके लंड के स्वाद और उसकी गर्माहट को बार-बार महसूस करना चाहती थी, मेरी चुत अंदर से उसी को चाह रही थी, लेकिन वह मुझे पूरी तरह नजरअंदाज करके चैन की नींद सो रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रात के सन्नाटे में जब मेरी बेचैनी और शरीर की गर्मी सहन करना मुश्किल होने लगी, तो मैं करवट बदलकर सीधा उसकी तरफ हो गई। मैंने अपना सिर उठाकर अंधेरे में उसका चेहरा देखा। वह पूरी तरह गहरी और आराम की नींद में सो रहा था। उसे बिल्कुल पता नहीं था कि उसके बगल में लेटी उसकी बहन कितनी बेचैन हो रही थी।
मेरे अंदर की चाहत और उसके लंड के लिए तड़प अब इतनी बढ़ चुकी थी कि मैं खुद को और नहीं रोक सकी। मैंने बिना एक पल गंवाए अपना हाथ बढ़ाया और चुपचाप उसके शॉर्ट्स के बटन खोल दिए। मैंने उसके शॉर्ट्स और उसके नीचे पहने हुए अंडरवीयर को एक साथ धीरे से नीचे कर दिया, जिससे उसका शरीर खुल गया।
इस वक्त उसका लंड पूरी तरह शांत और ढीला था, क्योंकि वह गहरी नींद में था। लेकिन मुझे उसका इस तरह शांत रहना बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था। मुझे उसे जगाना था और उसकी नींद तोड़नी थी। मैंने अपनी गर्म हथेलियों से उसके नरम पड़े लंड को अपनी मुट्ठी में पकड़ लिया और धीरे-धीरे उसे सहलाना शुरू कर दिया।
मेरी उंगलियों के लगातार छूने का असर जल्दी ही दिखने लगा। कुछ ही पलों में, नींद में होने के बाद भी उसका ढीला लंड मेरी हथेली में कड़क होने लगा और धीरे-धीरे खड़ा होने लगा। जैसे ही वह पूरी तरह खड़ा और सख्त हो गया, मैंने बिना देर किए अपने घुटनों के बल सरककर उसकी दोनों जाँघों के बीच अपनी जगह बनाई और अपना चेहरा उसके बिल्कुल पास ले गई।
मेरी गर्म और तेज साँसें सीधे उसके खड़े और कड़क लंड को छू रही थीं, और उस ठंड में मेरे मुँह की गर्मी उसे और ज्यादा सख्त कर रही थी। मैंने अपनी जीभ को अपने सूखे होंठों पर फेरा और फिर उसे बाहर निकालकर सीधे उसके उस कड़क और हिलते हुए लंड पर रख दिया।
जब पहली बार मैंने अपने सगे भाई के लंड को छुआ था और अपनी जीभ से उसका स्वाद लिया था, तो मुझे बहुत अजीब लगा था। मेरे मन में घिन और बुरा महसूस हो रहा था, और मुझे यह सब बहुत गंदा लगा था। लेकिन आज, इस वक्त, वही चीज मुझे दुनिया की सबसे अच्छी और हवस से भरी चीज लग रही थी। जैसे मैं हमेशा से इसी स्वाद को ढूँढ रही थी और इसी को चखना चाहती थी।
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मैं बिना किसी शर्म के अपनी गर्म जीभ से उसके उस सख्त लंड को ऊपर से नीचे तक चाटने लगी। मेरी जीभ की गीली और मुलायम हरकत से उसका वह खड़ा लंड और ज्यादा हिलने लगा। मेरे मुँह से निकलने वाली लार उसके पूरे लंड पर फैल रही थी, जिससे उसका वह कड़क लंड पूरी तरह गीला और चमकने लगा था।
रात की उस पूरी खामोशी में, हमारी उस छुपी हुई दुनिया के बीच मेरी लार की गीली आवाजें आने लगी थीं, और मेरा हर बार चाटना उसके शरीर में एक नई सी हलचल पैदा कर रहा था। मेरी जीभ की तेजी और उसके लंड पर मेरी पकड़ अब और ज्यादा तेज हो चुकी थी।
मैं पागलों की तरह उसके उस सख्त लंड को ऊपर-नीचे चाटने और अपने मुँह से उसकी नोक को सहलाने लगी थी। मेरी लार से उसका पूरा लंड पूरी तरह गीला हो चुका था और कमरे की पूरी खामोशी में मेरे चूसने की आवाजें और उसकी साँसों की आवाज साफ सुनाई दे रही थी।
मैं पूरी तरह अपनी हवस में डूबी हुई थी, तभी एकदम गोलू की नींद खुल गई। उसने अपनी भारी आँखें खोलीं और अंधेरे में मुझे अपने पैरों के बीच इस तरह झुका हुआ देखकर वह बहुत ज्यादा चौंक गया। उसने घबराकर अपना हाथ पीछे खींचा और काँपती हुई आवाज में मुझसे पूछा, “यह क्या कर रही हो, आलिया दीदी?” If you want next part tell me golutales07@gmail.com
Author:- Golu Jr.
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Amit says
Next part please jaldi
Ajay Sain says
Bhai next part pizzi
Jai Shree says
Next part
Amit says
Next part jaldi dalo bhai
Amit says
Next part kb ayega…..?
Ajay Sain says
By next part kab daloge yaar bahut der kar rahe ho bhai please next part dalo