Didi Showing Pussy Incest
हेल्लो दोस्तों, मैं आलिया फिर से स्वागत करती हूँ, आप सभी का मेरी कहानी में. दोस्तों आपने मेरी कहानी का पिछला भाग आलिया दीदी की सेक्स कहानी 14 पढ़ा होगा, जिसमें मैंने बताया था कि अब मेरा भाई ठीक से रहने लगा था और मैं भी काफी खुश रहने लगी थी. और मुझे भी भाई से चुदवाने का मन होने लगा. एक दिन ऑफिस से थक कर आने के बाद मैंने भाई के पास गई. अब आगे- Didi Showing Pussy Incest
मेरे स्तन अभी भी पूरी तरह नंगे थे, और उनकी नरम त्वचा पर गोलू की उँगलियों की लाल निशान साफ दिख रहे थे। मेरी साँसें तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थीं लेकिन इस बार इसकी वजह मेरे खुले बदन का डर नहीं था, बल्कि वह बात थी जो उसने अभी-अभी कही थी। शादी? वह मुझसे शादी करना चाहता था! मेरा दिमाग जैसे सुन्न हो गया था।
मैं समझ नहीं पा रही थी कि जिस लड़के के साथ मैं कुछ पल पहले इतनी करीब थी, जो मेरे स्तनों से दूध पीने की ज़िद कर रहा था, वह इतनी बड़ी और गंभीर बात इतने आराम से कैसे कह सकता है? बेशक, हम दोनों के बीच का रिश्ता बहुत आगे बढ़ चुका था। मैंने उसका लंड चूसा था, और उसने मेरी गांड में अपना लंड डाला था लेकिन इसके बावजूद हम भाई-बहन थे!
हमारे बीच का खून का रिश्ता एक ऐसी सच्चाई थी जिसे बदला नहीं जा सकता था। वह कैसे सोच सकता था कि भाई-बहन भी कभी आपस में शादी कर सकते हैं? यह सोच ही मेरे रोंगटे खड़े करने के लिए काफी थी। उसने एक बार फिर वही सवाल दोहराया, “बताइए न दीदी… क्या आप मुझसे शादी करेंगी?” मेरे मुँह से एक शब्द भी नहीं निकला।
ऐसा लगा जैसे गले में कोई काँटा या भारी पत्थर अटक गया हो, और मेरी आवाज़ पूरी तरह गायब हो गई हो। लेकिन इस बार वह अपनी जगह पर रुका नहीं; वह धीरे-धीरे खिसककर और करीब आ गया। उसके मुँह से निकलती गर्म साँसें सीधे मेरे ठंडे और सख्त हो चुके निप्पलों से टकराने लगीं।
अगले ही पल, उसने अपनी गर्म जीभ बाहर निकाली और मेरे एक निप्पल को अपनी जीभ की नोक से छूना शुरू कर दिया। उसके गीले और गर्म स्पर्श से मेरा वह नर्म हिस्सा काँप उठा। उसने अपनी जीभ को हल्के से मेरे निप्पल के चारों ओर घुमाया, जिससे वह पूरी तरह उसकी लार से गीला हो गया।
उसकी जीभ की हर एक हरकत मेरे बदन में बिजली की तरह दौड़ रही थी, और उस हैरान करने वाले सवाल के बीच भी मेरा शरीर उसकी इस हरकत पर पिघलने लगा था। जब उसकी जीभ मेरे निप्पलों से खेलते-खेलते थक गई, तो उसने अपने होंठ खोले और मेरे पूरे स्तन को अपने मुँह के अंदर खींच लिया।
वह उन्हें ऐसे चूस रहा था जैसे कोई छोटा बच्चा अपनी माँ का दूध पीने के लिए बेचैन होता है। लेकिन वह कोई छोटा बच्चा नहीं था, और मैं उसकी माँ नहीं, उसकी अपनी बहन थी। उसके होंठ मेरे स्तनों पर इतनी जल्दी-जल्दी चल रहे थे कि कभी-कभी वह अपने दाँतों से हल्के से मेरे निप्पलों को दबा भी देता था, जिससे थोड़ा दर्द होता और वह फिर से उन्हें जोर से चूसने लगता।
तब मैं एक कुँवारी लड़की थी और मेरे स्तनों में माँ की तरह कोई दूध नहीं आता था। लेकिन गोलू को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था कि वहाँ दूध है या नहीं; उसे बस मेरे स्तनों को अपनी इस भूखी और हवस भरी पकड़ में लेकर चूसने का मज़ा चाहिए था, और वह उसी में डूब चुका था।
उसके मुँह की वह गर्म और गीली पकड़ मेरे नरम स्तनों पर लगातार कसती जा रही थी। जैसे-जैसे वह उन्हें चूस रहा था, एक अजीब सी सनसनाहट मेरे पेट के नीचे वाले हिस्से में उतरती जा रही थी। मैं अपनी पीठ को थोड़ा पीछे की तरफ झुकाकर उसकी इस हरकत को और बढ़ावा दे रही थी, भले ही मेरा दिमाग अभी भी उस अजीब से सवाल में अटका हुआ था जो उसने थोड़ी देर पहले पूछा था।
मैंने अपनी हथेलियाँ उसके बालों में डाल लीं और उसकी इस दीवानगी को महसूस करते हुए धीमी आवाज़ में कहा, “गोलू… तुम पागल हो गए हो क्या? तुम अच्छी तरह जानते हो कि ऐसा मुमकिन नहीं है… फिर भी ऐसी बातें क्यों कर रहे हो?” उसने मेरे स्तन से अपना मुँह थोड़ा सा हटाया।
उसके होंठ और मेरा पूरा सीना उसकी लार से पूरी तरह गीला और चमक रहा था। उसने अपनी भारी और कामुक आँखों से ऊपर मेरी तरफ देखा और एक अजीब सी ज़िद वाली मुस्कान के साथ कहा, “मुझे परवाह नहीं है दीदी… मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया क्या कहती है। मैं बस इतना जानता हूँ कि मुझे आप चाहिए, हमेशा के लिए।”
उसकी बातों से ऐसा लग रहा था कि उसे इस बात से कोई फर्क ही नहीं पड़ता कि मैं क्या जवाब देती हूँ; उसके मन में बस एक ही ज़िद बैठी हुई थी, मुझसे शादी करने की। लेकिन मेरे दिमाग में तो बस यही बात घूम रही थी कि अपने ही सगे भाई से शादी करने की बात कितनी बेकार, नामुमकिन और अजीब लगती है।
उसके चेहरे पर उस पागलपन को देखकर मेरे अंदर एक अजीब सा डर और बेचैनी भर गई। मैंने अपने दोनों हाथों से उसे थोड़ा पीछे धकेला, अपनी तेज़ साँसों को ठीक करते हुए साफ और सख्त आवाज़ में कहा, “गोलू, मैं तुमसे शादी नहीं करना चाहती… यह बिल्कुल पागलपन है।” उसकी भौंहें हैरानी से सिकुड़ गईं।
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इससे पहले कि वह कुछ और कहता, मैंने ज़मीन पर पड़ी अपनी शर्ट और ब्रा उठाई, बिना एक पल गँवाए उन्हें अपने बदन पर डाल लिया और जल्दी से सीधे अपने कमरे में भाग गई। दरवाज़ा अंदर से बंद करके मैं अपनी पीठ दीवार से लगाकर खड़ी हो गई। मेरा दिल इतनी तेज़ धड़क रहा था जैसे वह छाती से बाहर आने वाला हो। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
कमरे के दरवाज़े की कुंडी अंदर से लगाने के बाद मैं फर्श पर ही पीठ टिकाकर बैठ गई। उस दिन मैं गोलू से भागकर इसलिए आ गई थी क्योंकि मेरे पास इस अजीब सी उलझन को सुलझाने का कोई जवाब नहीं था। मेरे दिमाग में बस यही बात घूम रही थी कि क्या वह सिर्फ इसलिए शादी की बात कर रहा है ताकि वह मेरी चुत में अपना लंड डाल सके? “Didi Showing Pussy Incest”
क्योंकि मैंने उसे साफ बता रखा था कि मैं अपनी वर्जिनिटी का वह आखिरी पड़ाव सिर्फ अपने होने वाले पति को ही दूँगी। लेकिन मैं उससे शादी कैसे कर सकती थी? वह मेरा अपना सगा भाई था! समाज, खानदान और इस दुनिया के बनाए हुए नियम… अगर किसी को भी हमारे इस रिश्ते की भनक लग जाती, तो क्या होता?
अगर हमारे मम्मी-पापा को पता चल जाता, तो वे सदमे से मर जाते या फिर हमें इस समाज के सामने जिंदा जला देते। मैं उससे बड़ी बहन थी, और इस घर में बड़ी होने के नाते समाज के सारे ताने और बातें हमेशा मुझे ही सुननी पड़तीं। लोग गलती उसकी नहीं, बल्कि मुझे ही गलत रास्ते पर ले जाने वाली और घर की इज्जत डुबाने वाली औरत कहते।
लेकिन मेरी इस साफ मनाही और शादी से इनकार ने गोलू को अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया था। मेरे मना करने से उसे इतना बुरा लगा था कि अगले ही दिन से उसने मुझसे बात करना पूरी तरह बंद कर दिया। घर के उस छोटे से माहौल में जब भी मैं उससे कुछ कहने की कोशिश करती, वह या तो मुँह फेर लेता या फिर अपने कानों में हेडफोन लगा कर ऐसे बैठ जाता जैसे मैं वहाँ थी ही नहीं।
उसकी यह चुप्पी, वह बेरुखी और मुझसे बनाई गई दूरी मेरे सीने पर किसी भारी पत्थर की तरह लग रही थी। मैं यह सहन नहीं कर पा रही थी कि वही लड़का, जो हर वक्त मेरे आसपास रहता था, अब मेरी तरफ देखना भी पसंद नहीं कर रहा था। उसका ध्यान अपनी तरफ खींचने और उसकी नाराज़गी दूर करने के लिए मैंने हर तरह का तरीका आजमाया। “Didi Showing Pussy Incest”
एक दिन जब वह बाथरूम में नहा रहा था, तो मैं बिना एक भी कपड़ा पहने चुपचाप उस भाप से भरे बाथरूम के अंदर चली गई, यह सोचकर कि शायद मेरा नंगा बदन देखकर उसका गुस्सा कम हो जाए। एक और दिन, जब वह हॉल के सोफे पर चुपचाप बैठा था, तो मैंने जानबूझकर गर्मी का बहाना बनाया और अपने सारे कपड़े उतार दिए।
मैं पूरी तरह नंगी होकर उसके ठीक सामने घर के छोटे-मोटे काम करने लगी, कभी किचन में तो कभी उसके पास से गुजरते हुए, ताकि उसकी नज़रें मुझ पर टिके बिना न रह सकें। लेकिन हर बार नतीजा वही रहता। वह अपनी आँखें फेर लेता, जैसे उसने मुझसे पूरी तरह दूर रहने की ठान ली हो।
वह मुझे छूना तो दूर, मेरी तरफ मुड़कर देखना तक नहीं चाहता था। और फिर एक दिन, मुझे एक मौका मिल गया। उस दिन मैं अपने ऑफिस से थोड़ा जल्दी घर लौट आई थी। घर बिल्कुल शांत था, और मैं जानती थी कि कुछ ही देर में गोलू भी बाहर से लौटने वाला होगा। मेरे दिमाग में एक अजीब सी बेचैनी और एक खतरनाक सा प्लान चल रहा था।
मैंने हॉल के बीच में रखे सोफे को चुना। बिना एक पल गँवाए मैंने अपने बदन के सारे कपड़े उतार दिए और पूरी तरह नंगी होकर उस चौड़े सोफे पर आराम से लेट गई। मैंने अपने ठीक सामने सेंटर टेबल पर अपना लैपटॉप रखा और उस पर एक बोल्ड वीडियो चला दिया। वीडियो की आवाज़ मैंने काफी तेज़ कर दी थी, ताकि उसकी आवाज़ पूरे कमरे में फैल जाए।
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अब मैं बस दरवाज़े के खुलने का इंतज़ार कर रही थी। मुश्किल से दस मिनट गुज़रे होंगे कि दरवाज़े के ताले में चाबी घूमने की आवाज़ आई। अगले ही पल, दरवाज़ा खुला और गोलू अंदर आया। वह जूते उतारने ही वाला था कि उसकी नज़र सीधे हॉल के उस सोफे पर पड़ी जहाँ मैं नंगी बैठी थी। “Didi Showing Pussy Incest”
उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं, उसके हाथ हवा में ही रुक गए, और उसके कदम जैसे वहीं रुक गए। उसकी साँसें भारी हो गईं और उसकी नज़रें मेरे नंगे शरीर पर टिक गईं। वही तो वह पल था जिसका मैं इतनी देर से इंतज़ार कर रही थी। उसे इस तरह अपनी तरफ खींचने और उसकी आँखों में वह पुरानी चाहत वापस लाने का ख्याल मेरे दिमाग पर छा गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने जानबूझकर अपनी टाँगों को और चौड़ा कर लिया, ताकि मेरा सबसे नाजुक हिस्सा उसकी नज़रों के सामने आ जाए। मैंने अपना एक हाथ उठाया, अपनी उँगलियों को अपने मुँह के पास ले जाकर गीला किया। अपनी गीली उँगलियों को मैंने अपनी चुत के पास रखा और बिना एक सेकंड गँवाए उन्हें अपने अंदर ले लिया।
“आह…” मेरे मुँह से हल्की सी आवाज़ निकल पड़ी। मैं अपनी उँगलियों से खुद को अंदर-बाहर करने लगी। सामने लैपटॉप की स्क्रीन पर चल रहे उस वीडियो की आवाज़ और मेरे अपने शरीर की हलचल, सब कुछ मिलकर एक अजीब माहौल बना रहा था। मेरी आँखें एक तरफ उस स्क्रीन पर थीं और दूसरी तरफ मेरे अपने भाई गोलू पर टिकी थीं, जो अपनी जगह पर बिना पलक झपकाए मुझे देख रहा था।
मुझे पूरा यकीन था कि यह नज़ारा उसे अंदर से पिघला देगा। वैसे कोई भी मर्द मेरी इस खुली हुई बेबसी के सामने कैसे टिक सकता था? जब मैं उसके सामने पूरी तरह नंगी होकर, पॉर्न वीडियो की तेज़ आवाज़ के बीच खुद को छू रही थी, तो उसका पिघलना तय था। और मेरा यह अंदाज़ा आखिरकार सही साबित हुआ।
वह अपनी ज़िद भूलकर कमरे के अंदर आने या मुँह फेरकर अपने कमरे में चले जाने की बजाय, वहीं दरवाज़े के पास अपनी जगह पर खड़ा रह गया। उसकी आँखें पूरी तरह फैल चुकी थीं और उसका पूरा ध्यान मेरी हरकतों पर था। कमरे का माहौल लगातार और भी भारी होता जा रहा था।
मेरी उँगलियों की रफ़्तार अब और तेज़ और ठीक हो चुकी थी। मैं खुद को इतनी ज़ोर से सहला रही थी कि मेरी गीली उँगलियों के अंदर जाने और बाहर आने पर एक मीठी और गंदी सी आवाज पूरे हॉल में गूँजने लगी थी। मेरा जोश बढ़ता जा रहा था, जिससे मेरी चुत से लगातार गाढ़ा रस बहने लगा था। “Didi Showing Pussy Incest”
सिर्फ इतना ही नहीं, मैंने अपना दूसरा हाथ अपनी छाती पर रख लिया और अपने नाज़ुक स्तनों को कसकर दबाने लगी। एक हाथ से अपनी सूजी हुई चुत को सहलाना और दूसरे हाथ से अपने सख्त हो चुके निप्पलों को दबाना, इस दोहरे मज़े ने मुझे पूरी तरह बेहोशी जैसा महसूस करा दिया था।
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मेरे मुँह से लगातार हल्की-हल्की आहें निकल रही थीं, और मेरी आँखें कभी लैपटॉप की स्क्रीन पर उठ जातीं तो कभी गोलू के उस चेहरे पर टिक जातीं, जो मेरी इस बेशर्म हरकत को देखने के बाद बुरी तरह हाँफने लगा था। मैंने अपनी उँगलियाँ अपनी चुत से बाहर निकालीं।
वे पूरी तरह मेरे अंदर से निकले गाढ़े और चिपचिपे रस से भीगी हुई थीं। मैंने अपनी चमकती हुई और गीली उँगलियाँ हवा में ऊपर उठाईं ताकि गोलू उन्हें साफ-साफ देख सके, और फिर उसकी आँखों में देखते हुए एक मचलती हुई आवाज़ में कहा, “गोलू… क्या तुम अपनी बहन की चुत का रस चखना चाहते हो?” वह कुछ सेकंड वहीं अपनी जगह पर खड़ा रहा।
उसकी आँखें मेरी उँगलियों पर लगे उस रस और मेरे नंगे बदन के बीच बार-बार जा रही थीं। उसके चेहरे पर एक अजीब सी उलझन साफ दिख रही थी, जैसे वह खुद से ही लड़ रहा हो। लेकिन बिना कुछ कहे और बिना आगे बढ़े, वह अचानक मुड़ा और सीधे अपने कमरे की तरफ चला गया। “Didi Showing Pussy Incest”
उसने अपने कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया, और हॉल में सिर्फ मेरी तेज़ साँसें और लैपटॉप पर चल रहे वीडियो की आवाज़ ही रह गई। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरा वह इनकार गोलू को अंदर से इस तरह तोड़ देगा। मुझे लगा था कि कुछ दिन नाराज़ रहने के बाद वह मान जाएगा, लेकिन उसने तो मुझसे पूरी तरह दूरी बना ली, यहाँ तक कि उसने मेरे नंगे बदन को देखना भी छोड़ दिया था, जिस पर कभी उसकी आँखें टिकी रहती थीं।
मैं समझ नहीं पा रही थी कि वह ऐसा क्यों कर रहा था। हाँ, मैं जानती थी कि वह मुझसे शादी सिर्फ इसलिए करना चाहता था ताकि वह बिना किसी डर या रोक-टोक के अपनी मर्ज़ी से मेरे अंदर अपना लंड डाल सके। लेकिन मैं अपने ही सगे भाई से कैसे शादी कर सकती थी? यह ख्याल ही मुझे अंदर तक हिला देता था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं उलझन में थी। हालाँकि हम पहले ही भाई-बहन के रिश्ते की सारी हदें पार कर चुके थे। मैंने उसका लंड चूसा था, उसने मेरी गांड में अपना लंड डाला था फिर भी शादी की बात बहुत आगे की थी। उसे वापस अपने करीब लाने और हमारे बीच सब कुछ पहले जैसा ठीक करने के लिए, मैं किसी भी हद तक जाने को तैयार थी।
मैं सोच रही थी कि क्यों न मैं खुद शुरुआत करूँ? मैं उसका लंड दोबारा चूस सकती थी या उसे अपनी गांड में दोबारा लेने का मौका दे सकती थी, ताकि वह पिघल जाए और हमारा रिश्ता फिर से ठीक हो जाए। लेकिन मेरी कोई भी चाल काम नहीं कर रही थी। मैंने उसे अपनी चुत का रस चखने तक का खुला मौका दिया था, पर वह उसे भी ठुकराकर अपने कमरे में चला गया। “Didi Showing Pussy Incest”
और तो और, अब तो उसका असर ऑफिस तक पहुँच चुका था। ऑफिस में साथ काम करते वक्त भी उसने मुझसे बात करना बिल्कुल बंद कर दिया था। अब वह मुझे बहन की तरह नहीं, बल्कि एक अजनबी की तरह ट्रीट करता था। जब भी हमें किसी प्रोजेक्ट पर साथ काम करना होता था, वह मुझे सिर्फ मैडम कहकर बुलाता था, मेरा काम समझाता था और अपना मुँह फेर लेता था।
इसके अलावा उसने मुझसे कभी कोई बात नहीं की। धीरे-धीरे उसने ऑफिस में भी अपना तरीका बदलना शुरू कर दिया। उसने अपना ज़्यादातर समय अपनी नई असिस्टेंट नेहा के साथ बिताना शुरू कर दिया था। और सच कहूँ तो, मुझे यह देखकर अंदर ही अंदर जलन होती थी।
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वही गोलू जो कभी मेरे पीछे-पीछे घूमता था, जिसकी हर हरकत पर मेरा हक होता था, अब अपना सारा समय किसी दूसरी लड़की के साथ हँसते-बोलते बिता रहा था। यह अजीब बात थी। शुरुआत में जब वह मेरे इतने करीब आने की कोशिश करता था, तो मुझे डर और झिझक होती थी। लेकिन अब?
अब मैं चाहती थी कि वह सिर्फ और सिर्फ मेरे करीब रहे। हम दोनों ने मिलकर कौन सी हदें नहीं पार की थीं? मैंने उसका लंड दो-दो बार अपने मुँह में लिया था; उसने अपने लंड को मेरे स्तनों के बीच रगड़कर अपनी चाह पूरी की थी; उसने मेरे स्तनों को ऐसे चूसा था जैसे कोई छोटा बच्चा दूध पीता है।
हम दोनों ने साथ बैठकर पॉर्न वीडियो देखे थे, और सबसे बढ़कर, उसने मेरी गांड में अपना लंड डाला था। उन सब पलों के बाद, मेरा शरीर और मेरा मन पूरी तरह गोलू का आदी हो चुका था। मुझे हर वक्त उसके लंड की, उसके छूने की और उसके साथ की चाह रहने लगी थी। “Didi Showing Pussy Incest”
मुझे ऐसा लगने लगा था कि गोलू सिर्फ और सिर्फ मेरा है, सिर्फ मुझ पर उसका हक है। ऐसे में, जब मैंने उसे नेहा के साथ हँसते-खिलखिलाते और वक्त बिताते देखा, तो मेरे सीने में जलन होने लगी। मुझसे यह सहन नहीं हो रहा था। मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि हालात क्या हैं या लोग क्या कहेंगे।
मैं बस किसी भी कीमत पर गोलू को अपने से दूर नहीं जाने देना चाहती थी। और फिर एक दिन, जब गोलू अपनी सीट पर नहीं था, गुस्से और बेचैनी में मुझसे एक बेवकूफी हो गई। मैं सीधे नेहा के पास गई और बिना किसी झिझक के उससे कड़े लहजे में बोली, “गोलू से दूर रहो।” मेरी बात सुनकर नेहा भड़क उठी।
उसने गुस्से से मेरी तरफ देखा और हमारे बीच तेज़ बहस शुरू हो गई। वह ज़ोर-ज़ोर से मुझसे पूछने लगी कि मैं ऐसा क्यों कह रही हूँ और मेरा मतलब क्या है। वह बहुत परेशान थी क्योंकि उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि ऑफिस के एक साधारण प्रोजेक्ट साथी के मामले में मैं इतना हक क्यों जता रही हूँ। “Didi Showing Pussy Incest”
लेकिन मेरे पास उसे देने के लिए कोई सही जवाब नहीं था। ऑफिस में कोई यह नहीं जानता था कि हम दोनों भाई-बहन हैं। यहाँ तक कि ऑफिस में हम एक-दूसरे से ठीक से बात तक नहीं करते थे, इसलिए मेरा उस पर इस तरह हक जताना उसे पूरी तरह समझ से बाहर लग रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
नेहा के तीखे सवालों के सामने जब मेरे पास देने के लिए कोई सही जवाब नहीं बचा, तो गुस्से और घबराहट में मेरे मुँह से वह बात निकल गई जिसे मैं कभी किसी को नहीं बताना चाहती थी। मैंने गुस्से में आँखें तरेरते हुए कहा, “गोलू और मेरी शादी हो चुकी है… वह मेरा पति है!”
इतना ही नहीं, अपनी बात साबित करने के लिए मैंने अपने फोन की गैलरी खोली और कुछ नकली तस्वीरें उसे दिखा दीं, जिन्हें एडिट किया गया था और जिनमें हम दोनों साथ दिखाई दे रहे थे। वह बात उस ऑफिस में जैसे बम फटने जैसी थी। मैं उस ऑफिस में डेढ़ साल से काम कर रही थी, और किसी को भी यह पता नहीं था कि हम दोनों एक ही फ्लैट में साथ रहते हैं।
लेकिन जब मैंने ऑफिस के बीचों-बीच यह कह दिया कि हम पति-पत्नी हैं, तो पूरे ऑफिस में हंगामा मच गया। हर डेस्क पर बस इसी बात की चर्चा होने लगी, लोग आपस में बातें करने लगे और मेरे साथ काम करने वाले लोग हैरानी से मुझे देखने लगे। घबराहट और डर से मेरा बुरा हाल हो गया, और मैं बिना एक पल गँवाए ऑफिस से सीधे अपने अपार्टमेंट की तरफ भाग गई। “Didi Showing Pussy Incest”
शाम को जब गोलू अपार्टमेंट लौटा, तो उसका गुस्सा बहुत ज्यादा था। वह इतना गुस्से में था कि आते ही मुझ पर चिल्लाने लगा। उसका वह देखकर मेरे होंठ काँपने लगे और मैं फूट-फूटकर रो पड़ी। मैं जानती थी कि यह मेरी बहुत बड़ी बेवकूफी थी, क्योंकि अब पूरा ऑफिस जान चुका था कि हम शादीशुदा जोड़ा हैं।
अगली सुबह जब हम दोनों एक साथ ऑफिस पहुँचे, तो माहौल पूरी तरह बदल चुका था। आते ही महसूस हुआ कि ऑफिस का हर आदमी या तो हमें ही घूर रहा था या हमारे बारे में धीरे-धीरे बातें कर रहा था। हर कदम पर लोगों की नज़रें हम पर थीं, इसलिए हमारे लिए एक-एक सेकंड बिताना अजीब हो गया था। दोपहर ढलते ही हमारे मैनेजर ने मुझे और गोलू दोनों को अपने केबिन में बुला लिया।
वह इस बात से हैरान और थोड़ा परेशान था कि हमने अपनी शादी की बात ऑफिस से क्यों छिपाई थी। केबिन के अंदर पहुँचते ही हम दोनों को एक बार फिर झूठ बोलना पड़ा। हमने मैनेजर को बताया कि हमारे परिवार की कुछ निजी परेशानियाँ और रोक-टोक थीं, जिसकी वजह से हमने चुपचाप लव मैरिज कर ली थी और सही समय आने पर इसे पूरी तरह सबके सामने बताने का सोच रहे थे।
काफी सवाल-जवाब और सफाई देने के बाद आखिरकार मैनेजर हमारी बनाई हुई कहानी पर यकीन करने लगा। लेकिन जब बातचीत खत्म होने वाली थी, तो मैनेजर के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आ गई और उसने ऐसा ऑफर दिया जिसके बारे में हमने कभी सोचा भी नहीं था। “Didi Showing Pussy Incest”
मैनेजर ने कहा, “वैसे हमारी कंपनी का एक नियम है। हम ऑफिस के नए शादीशुदा जोड़ों को हनीमून या ट्रिप के लिए शिमला भेजने का इंतज़ाम करते हैं। अगर तुम दोनों चाहो, तो कंपनी की तरफ से शिमला जा सकते हो।” उसके मुँह से शिमला का नाम सुनते ही मेरे और गोलू के पैरों तले जमीन खिसक गई।
एक तरफ ऑफिस के झूठ को बनाए रखने के लिए यह ट्रिप बहुत जरूरी लग रही थी, वहीं दूसरी तरफ अकेले शिमला के पहाड़ों में भाई के साथ समय बिताने का ख्याल मेरे अंदर अजीब सी घबराहट पैदा कर रहा था। बिना एक सेकंड की भी देर किए, इससे पहले कि गोलू कुछ सोचता या मना करता, मैंने मैनेजर की तरफ देखकर तुरंत हाँ कर दी और थोड़ा मुस्कुराते हुए कहा, “जी सर… हम दोनों को शिमला जाना बहुत अच्छा लगेगा। हम इस ट्रिप के लिए तैयार हैं।”
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अगले दो दिनों में ही ऑफिस ने हमारी शिमला ट्रिप के लिए फ्लाइट की टिकटें बुक कर दीं और बाकी सारी तैयारी भी पूरी कर दी। मैनेजर के सामने हाँ कहने के बाद गोलू के पास बहस करने की कोई वजह नहीं बची थी, इसलिए उसने बिना कुछ कहे जाने के लिए हाँ कर दी।
मन ही मन मुझे इस बात की थोड़ी खुशी थी, लेकिन वजह शिमला की खूबसूरत जगहें नहीं थीं। असली खुशी इस बात की थी कि मुझे एक अनजान शहर में, घर से दूर, गोलू के साथ अकेले समय बिताने का मौका मिलने वाला था। वैसे देखा जाए तो यह सब अपने आप में बहुत अजीब लग रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
हम दोनों सगे भाई-बहन थे और अपने बनाए हुए झूठे रिश्ते के सहारे एक तरह की हनीमून ट्रिप पर जा रहे थे। लोगों की नजर में हम पति-पत्नी थे, लेकिन असलियत कुछ और थी। फिर भी, इन सब अजीब बातों के बीच मेरे दिल में एक उम्मीद थी कि इस सफर के दौरान, उस अकेलेपन और ठंडे माहौल में, हमारे बीच कुछ ऐसा जरूर होगा जो हमारे बीच की दूरी कम कर देगा। If you want next part tell me golutales07@gmail.com
Author:- Golu Jr.
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