XXX Malish Chudai Kahani
यह कहानी मेरी और मेरी प्यारी सासू माँ की है जिसका नाम देवयानी है। वो उस वक़्त करीब 45 की रही होगी और उसका फिगर करीब 34-32-36 होगा। मेरी शादी से पहले से ही जबसे मैंने उसे देखा था उसकी भारी हुई गाण्ड हमेशा से ही मुझे आकर्षित करती थी। करीब दो साल तक मैं उसके नाम से मुठ मारता रहा था. XXX Malish Chudai Kahani
और यहाँ तक कि जब भी अपनी बीवी को चुदाई करता था तब भी मेरे दिमाग़ में वही रहती थी और में यही सोचा करता था कि मैं देवयानी को ही ठोक रहा हूँ। तो बात उस समय की है जब हम लोग सास ससुर के साथ मेरे साले के घर पुणे घूमने गये थे। तभी अचानक से एक खबर आई कि मेरे ससुर के कोई रिश्तेदार गुजर गए हैं और हम सबको मुंबई जाना था।
हम सबने तैयारी कर ली कि तभी देवयानी को अचानक से कमर में दर्द होने लग गया। अब जाना भी ज़रूरी था और उसे इस हालत में लेकर भी नहीं जा सकते थे तो मैंने कह दिया कि आप लोगों के रिश्तेदार हैं, आप लोग जाओ, मैं और मम्मी जी यहीं रह जाएँगे और जब इनकी तबीयत ठीक होगी तब हम आ जाएँगे।
अब और कोई चारा भी नहीं था उन लोगों के पास और मैं मन ही मन सोच रहा था कि शायद आज मेरे भाग जाग जाएँ। फिर मैं उन लोगों को पुणे से मुंबई की बस में बिठा कर आया। देवयानी घर में ही थी।जैसे ही घर गया मैंने घण्टी बजाई तो देवयानी ने दरवाजा खोला। मैंने देखा कि उसने अपने कपड़े बदल लिए हैं, अब उसने एक मैरून रंग की नाइटी पहन ली है जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी।
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मैंने पूछा- कैसी हैं आप?
तो वो बोली- हाँ, थोड़ी भीड़ कम हुई है घर की तो अच्छा लग रहा है!
असल में वो जाना ही नहीं चाहती थी क्योंकि जिनकी मृत्यु हुई है उनसे देवयानी का पंगा चलता था और इसीलिए मेरे ससुर जी ने भी शायद उसे रहने दिया।
खैर मैंने कहा- अब तो 3-4 दिन की कम से कम फ़ुर्सत ही है। आप और मैं आराम करेंगे घर में!
तो वो बोली- हाँ बिल्कुल दामाद जी! आपको आराम मिले, यही तो मैं चाहती हूँ!
और इतना बोलकर उसने एक कुटिल मुस्कान दी।
मैंने उसको पूछा- क्या सही में आपकी कमर में दर्द है? तो मैं मालिश कर देता हूँ, थोड़ा आराम मिल जाएगा!
तो वो बोली- इतना ज़्यादा दर्द तो नहीं है, मगर हाँ, अगर आप मालिश कर दोगे तो शायद आराम ही मिल जाए मेरे इस शरीर को।
मैंने कहा- चलो तो फिर आज मैं आपको बॉडी मसाज देता हूँ।
और इतना कहकर मैंने उसे इशारा किया की चलो बेडरूम में चलते हैं। और हम दोनों बेडरूम में आ गये।
उसने कहा- बेटा, आप कपड़े बदल लो, वरना तेल आपके कपड़ों में लग जाएगा और कपड़े खराब हो जाएँगे।
तो मैंने कहा- यहाँ इतनी गर्मी है, तो बदलना क्या, जो पहना हूँ वही उतार दूँगा।
वो बोली- ठीक है, जैसी आपकी मर्ज़ी।
फिर मैंने तेल की शीशी उठाई और टीवी चला दिया।
मैंने कहा- आप बिस्तर पर बैठे रहो, मैं मालिश शुरु करता हूँ!
वो बोली- आपकी जैसी मर्ज़ी, वैसी मालिश कर दो दामाद जी! मैं तो कब से बॉडी मसाज का इन्तजार कर रही हूँ, मगर आपके ससुर तो कभी करते ही नहीं।
फिर वो बेड से टिक कर बैठ गई और मैं उसके पास बैठ गया.
मैंने कहा- मैं पहले आपके सिर से शुरु करता हूँ!
वो बोली- ठीक है।
मैंने उसके बाल खोल दिए और वो खुले बालों में और मैरून नाइटी में कयामत लग रही थी। फिर मैं उसके पीछे बैठ गया और अपने दोनों पैर उसके दोनों तरफ डाल कर उसे बीच में अपने से टिका लिया और अपने हाथों में तेल लेकर उसके सिर में मालिश शुरु की हल्के हल्के हाथों से! इतने में ही मेरी पैंट में हलचल होने लगी थी जिसे उसने पहचान लिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वो बोली- अरे दामाद जी, ऐसा लग रहा है कि आप भी काफ़ी दिनों से मेरी मसाज करने की इंतज़ार में थे?
मैं कुछ नहीं बोला, बस मुस्कुरा दिया।
फिर उसने मुझे कहा- ऐसे तो आपकी पैंट खराब हो जाएगी, आप आराम से रहो, इतने फॉर्मल मत बनिए, जैसे आप अपने घर में रहते हो, वैसे भी रह सकते हो, मैं आपको कुछ नहीं कहूँगी और ना ही कुछ करूँगी।
तो मैंने कहा- अब ठीक है, आप इतना बोल रही हैं तो मैं अपनी पैंट उतार देता हूँ। कह कर मैंने अपने पैर बाहर निकाले तो वो पीछे घूम गई बोली- रहने दो, आपसे शायद नहीं होगा, मैं आपकी मदद कर देती हूँ पैंट उतारने में! और इतना बोल कर उसका हाथ सीधे मेरी जीन्स के हुक पर गया और मैं पीछे बेड पर टेक लगा कर बैठ गया अपने दोनों पैर फैला कर और उसने मेरी जीन्स के बटन खोल कर ज़िप खोल दी।
मैं आराम से बैठा हुआ था तो वो बोली- अरे, आप तो आराम से बैठ गये, अब उतरुँगी भी मैं ही क्या आपकी जीन्स?
तो मैंने कहा- प्लीज़ उतार दीजिए ना।
तो वो मुझे देख कर मुस्कुरई और बोली- ठीक है, अब अपनी तशरीफ़ उठाएँ तो मैं निकालूँ उसे।
तो मैंने अपनी गाण्ड उठाई और उसने दोनों हाथ मेरी गाण्ड के नीचे डाल कर मेरी जीन्स निकाल दी, फिर वो बोली- लाइए अब एक बार उठे हैं तो टीशर्ट भी निकाल ही देती हूँ, मुझे पता है कि आप घर में बॉक्सर और टॉपलेस ही रहते हो। कहकर उसने मेरी टीशर्ट भी निकाल दी। अब मैं उसके सामने सिर्फ़ बॉक्सर में ही था। तभी उसने मेरे बॉक्सर में बने तम्बू को देखा तो बोली- अरे लगता है कि कोई तो आज किसी और ही मसाज के मूड में है।
मैंने उसे देखा और कहा- हाँ, मैं फ्री में कुछ नहीं करता और यह मसाज भी आपको फ्री में नहीं दूँगा।
तो वो बोली- बदले में जो चाहिए, सब ले लो, जो मेरे पास है सब आपका ही है।
कहकर वो मेरे ऊपर गिर गई और मैं उसके नीचे दबा हुआ था और उसने अपनी जुल्फे मेरे चेहरे पे फैला दी और हम दोनों उसकी ज़ुल्फो के साए में एक दूसरे को चूम रहे थे। हम दोनों ने शुरु ही होंठों के चुम्बन से किया। हम दोनों के होंठ एक दूसरे के होंठों से मिले हुए थे और एक दूसरे की ज़ुबान को चूस रहे थे। मैंने अपने हाथों को धीरे धीरे उसकी पीठ पर फेरना शुरू कर दिया और अपनी दोनों टाँगे उसकी कमर से निकाल कर उसके कमर के दोनों ओर लपेट ली।
वो बोली- मसाज-वसाज तो गई माँ चुदाने! आज तो चुदाई की रात है, मेरी दूसरी सुहागरात है आज तो।
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कह कर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके सिर को कस कर पकड़ लिया और उसके मुँह में अपने होंठ और जुबान घुसा दी। वो भी ऊपर से अपनी चूत को मेरे लण्ड पर दबा रही थी। अब मैंने अपने दोनों हाथ उसकी गांड पर ले आया और उन्हें दबाने लगा। उसकी सिल्क की नाइटी मेरे नंगे बदन पर बड़ा अच्छा अनुभव दे रही थी।
तभी वो उठ कर बैठ गई और बोली- पहले जो काम कर रहे थे वो तो करो दामाद जी!
उसका इशारा शायद मसाज की तरफ था तो मैंने फिर से उसके दोनों ओर टाँगे डाल कर उसके सिर में मसाज शुरू दी मगर अब मेरा दिमाग और मेरा लण्ड दोनों ही इस लायक नहीं थे कि मैं उसकी हेड-मसाज करूँ तो मैंने फिर उसके बालों को एक तरफ़ किया और उसकी गर्दन पर चूमने लगा और अपने हाथ उसके बालों से निकाल कर उसके चेहरे और गर्दन पर फिराने लगा। “XXX Malish Chudai Kahani”
अब उसकी आँखें बंद हो गई थी और वो भी मज़ा ले रही थी। फिर मैंने महसूस किया कि उसका एक हाथ मेरी जाँघों पर फिर रहा है और दूसरे हाथ से वो अपनी ही चूत दबा रही थी। फिर उसने अपनी दोनों टाँगें फैला दी जिससे उसकी नाइटी उसके घुटनों तक सरक गई और उसकी गोरी-गोरी टाँगे मेरे आँखों के सामने आते ही मैंने अपना आपा खो दिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
और अपने दोनों हाथ उसके स्तनों पर ले आया और नाइटी के ऊपर से ही उनकी मालिश करने लग गया। मगर उसने अंदर ब्रा पहनी थी तो मुझे कुछ मज़ा नहीं आ रहा था। फिर मैंने उसे आगे बिठा कर उसकी दोनों बाँहे ऊपर उठा कर उसकी बगलों में चूसने लगा। आअहह! उसके पसीने की वो खुश्बू जिसने हमेशा से मुझे उसका दीवाना बना कर रखा था, आज मैं वही सूंघ रहा था और मैं उसकी बगलें चाटने लगा। उसने बगलें एकदम साफ कर कर रखी थी।
वो बोली- मुझे पता है कि आपको बगलों में सूंघना बहुत पसंद है।
फिर मैं उसकी बगलों में सूँघते हुए उसके स्तनों को दबाता रहा और फिर मैंने उसकी नाइटी को और ऊपर उसकी जाँघों तक सरका दिया और अपना एक हाथ उसकी जाँघों पर फेरने लगा तो वो पागल ही हो उठी और तड़प कर उसने एक आआआहह भरी, ज़ोर से उसने मेरे लण्ड को बॉक्सर के ऊपर से ही पकड़ लिया और उसे मसलने लगी।
फिर वो एकदम से पलट कर बोली- बस अब और नहीं सहा जाता मुझसे! बहुत दिन दूरी सह ली, अब और नहीं!
और पलट कर उसने बॉक्सर के ऊपर से ही मेरे लण्ड को अपने मुँह में ले लिया और अपने दोनों हाथ मेरी जाँघों पर फेरने लग गई। अब मैं लेट गया था और लेटे-लेटे उसे देख रहा था। फिर उसने अपने हाथों को मेरे बॉक्सर के अंदर सरका कर लण्ड को पकड़ लिया और उसने एक झटके से बॉक्सर को खींच कर उतार दिया। “XXX Malish Chudai Kahani”
मेरा लण्ड उसे सलामी देता हुआ स्प्रिंग के तरह बाहर आ गया और वो तो अपना आपा ही खो चुकी थी, उसे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था, उसने मेरे लण्ड के सुपारे को पीछे खींच कर उसकी गुलाबी चमड़ी को खींच कर निकाला और अपनी जीभ धीरे धीरे उस पर फिराने लग गई। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं सातवे आसमान पर हूँ।
उसकी नाइटी गले में से उसके स्तन ब्रा में क़ैद दिख रहे थे। मैं नाइटी के ऊपर से ही उसके स्तन दबाने लग गया और एक हाथ से उसकी गाण्ड सहलाने लग गया। फिर देखते देखते ही मैंने उसकी नाइटी को उसकी गाण्ड के ऊपर से सरका लिया और फिर वो थोड़ी सी हिली तो मैंने उसकी नाइटी को उसके सिर से निकाल दिया और उसकी नाइटी को ही सूंघने लगा।
आआआआहह! दोस्तो क्या खुश्बू थी उस नाइटी में। अब वो मेरे सामने सफ़ेद ब्रा और लाल सफ़ेद धारीदार पैंटी में थी और झुकी हुई मेरे लण्ड को चूस रही थी। मेरे लण्ड में से भी अब लेस बाहर आने लगा था जिसे वो बड़े चाव से चूस और चाट रही थी।
वो बोली- मैंने आज तक जिंदगी में कभी लण्ड मुँह में नहीं लिया और मैं यह भी जानती हूँ कि आपको लण्ड चुसवाना बहुत पसंद है। जिस दिन मेरी बेटी ने…
अब वो मेरे सामने सफ़ेद ब्रा और लाल सफ़ेद धारीदार पैंटी में थी और झुकी हुई मेरे लण्ड को चूस रही थी। मेरे लण्ड में से भी अब लेस बाहर आने लगा था जिसे वो बड़े चाव से चूस और चाट रही थी। “XXX Malish Chudai Kahani”
वो बोली- मैंने आज तक जिंदगी में कभी लण्ड मुँह में नहीं लिया और मैं यह भी जानती हूँ कि आपको लण्ड चुसवाना बहुत पसंद है। जिस दिन मेरी बेटी ने मुझे यह बताया था कि आपको लण्ड चुसवाना और चूत चूसना पसंद है मगर उसे नहीं, और आपको यह सुख मेरी बेटी से नहीं मिला, तो उसी दिन मैंने फ़ैसला कर लिया था कि एक ना एक दिन हम दोनों मिल कर यह सुख उठाएँगे। आओ दामाद जी, आज जी भर कर अपने मर्ज़ी की कर लें।
और फिर वो मेरे लण्ड को जड़ से पकड़ कर उसे घूमाते हुए, ऊपर नीचे करते हुए अपने मुँह के अंदर-बाहर करने लग गई। फिर मैंने उसकी नंगी पीठ पर अपने हाथ फेरना शुरू किए और उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी गाण्ड को दबाना-मसलना शुरू कर दिया और मैंने महसूस किया कि उसकी पैंटी चूत की तरफ से गीली हो रही है… ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तभी मुझे ऐसा लगा कि मैं ही छुटने वाला हूँ तो मैंने उसे कहा- देवयानी मेरा निकलने वाला है!
तो वो बोली- निकालने दो दामाद जी! आज कोई बंधन नहीं है, आप मेरे मुँह में ही निकाल दो, मैं उसे चखना चाहती हूँ!
और साथ ही मैंने उसके मुँह को अपने वीर्य से भर दिया और उसने बड़े चाव से मेरे वीर्य को चाट चाट कर निगल लिया… उसके और मेरे चेहरे पर एक अजीब तरह की संतुष्टि थी जिसे हम दोनों ही समझ सकते थे… आआअहह!
फिर वो उठी और बोली- मैं चेहरा धोकर आती हूँ! साफ तो कर लूँ ना जो तुमने इतना गन्दा कर दिया है…
जब वो चल रही थी तो उसकी ब्रा में क़ैद उसके स्तन ऊपर-नीचे हिल रहे थे और उसकी गाण्ड दाएँ-बाएँ हिल रही थी और मेरा उन्हें देख देख कर ही फिर से लण्ड जोश में आने लगा। मैं उठा और वॉश बेसिन के पास उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया अपना लण्ड उसकी गाण्ड में टिका कर…
उसके मुँह से एक आह निकल गई… फिर मैंने अपने हाथों में पानी लेकर उसके मुँह को धुलवाया और फिर हम दोनों वॉश बेसिन से टिक कर ही एक दूसरे को चूमने लग गये… मैंने उसका चेहरा अपने हाथों में भर लिया और उसके मोटे मोटे होंठ जी भर कर चूसे, उसने भी मेरा खूब साथ दिया… “XXX Malish Chudai Kahani”
चुम्बन करते करते ही मेरे हाथ उसके स्तनों पर ब्रा के ऊपर ही फ़िर रहा था। मैं कभी अपने हाथ उसकी पीठ पर तो कभी उसकी गाण्ड पर पैंटी के ऊपर से ही फेरता रहा। करीब 15 मिनट तक हम इसी हालत में एक दूसरे को चूमते-चाटते रहे… अब मैं फिर से तैयार हो गया था अगले दौर के लिए…
तो मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और अलमारी में से उसके सारे कपड़े लाकर बिस्तर पर फैला दिए। मैंने उसे कहा- मैं तुम्हारी याद में जब मौका मिलता था तो तुम्हारी सलवार या पेटीकोट या साड़ी में मुठ मार लिया करता था… तुम्हारे कपड़ों में से तुम्हारी वो मादक खुश्बू आती थी और मैं पागल ही हो जाता था…मेरी कब से यही तमन्ना थी तुम्हारे कपड़ों पर लिटा कर तुम्हें चोदूँ! “XXX Malish Chudai Kahani”
वो बोली- सही में तुम पागल हो मेरे लिए…
वो बोली- तभी मैं सोचती थी कि ये साले मेरी सलवार में, गाउन में साड़ी में ये सफेद सफेद दाग कहाँ से आते हैं… अब चोर पकड़ में आया है, अब तो इसकी सज़ा देनी पड़ेगी तुम्हें…
कह कर उसने सारे कपड़े फैला दिए और बोली- अब तुम मेरी ब्रा-पैंटी पहनो और मुझे दिखाओ कि तुम कैसे दिखते हो…
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उसने इतने प्यार से इतनी प्यारा आग्र्ह किया कि मैं मना नहीं कर पाया और मैंने उसके कपड़ों में से उसकी एक ब्रा और एक पैंटी निकाली और उसने मुझे पहनाई। ..हायईई क्या कहूँ दोस्तो! वो इतनी खुश हुई! और हम दोनों फिर से दूसरे दौर के लिए शुरू हो गये। मैंने उसे पेट के बल लिटाया और मैं उसकी पीठ पर अपनी उंगलियाँ फेरने लगा।
उसकी पीठ से होती हुई जब मेरी उंगलियाँ उसकी गाण्ड के ऊपर पैंटी की एलास्टिक तक आई जहाँ से उसके कूल्हों की दरार जो पैंटी की अंदर जा रही थी… तो वो एकदम से तड़प उठी और मैं उसकी ऊपर नीचे उठती हुई गाण्ड को देखते हुए मज़े ले रहा था। फिर मैंने उसकी पीठ पर चूमना शुरू किया…
मैं उसकी पीठ पर चूमता हुआ उसकी कमर से होते हुए उसकी गाण्ड को अपने हाथों से दबाते हुए पैंटी के ऊपर से ही चूम रहा था… फिर मैंने अपने दोनों हाथ उसकी पैंटी के बगल से उसके कूल्हों में घुसा दिए…और उसकी जाँघों को चूमने लगा। वो मेरे सामने किसी जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी, उसके मुँह से बार बार निकल रहा था- और मत तड़पाओ और चोद दो मुझे मेरे राजा बेटा…
मैंने अपने हाथ निकाले और उसे बिठा कर उसके पीछे से दोनों टाँगे निकाल कर बैठ गया, उसे अपने से टिका लिया और उसकी ब्रा के स्ट्रॅप को नीचे गिरा कर उसके कंधों पर चुम्बन करने लगा। मेरा लण्ड पीछे से उसकी गाण्ड के ऊपर से उसकी कमर को छू रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर मैं उसकी नंगी पीठ पर चुम्बन करते हुए अपने हाथ उसकी गर्दन से फिराने लगा और अपने हाथों को गर्दन से होते हुए उसके दूधों के ऊपर फ़िराने लगा। तभी मैंने अपने एक हाथ से उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और उसकी ब्रा को निकाल कर उसे चूमने लगा। “XXX Malish Chudai Kahani”
तभी उसने अपने हाथ पीछे मेरे शरीर पर फ़िराए और अपना हाथ मेरी पीठ पर लेजाकर मेरी ब्रा भी खोल दी, बोली- तुम तो मर्द हो! ये तुम पर ज़्यादा देर अच्छे नहीं लगेंगे जान… मैं उसकी बगलो में चूमता हुआ, चाटता हुआ अपनी उंगलियों से उसके चुचूकों को हल्के-हल्के से दबाने लगा और वो पागल हो उठी, उसने अपनी दोनों टाँगे फैला दी और अपनी पैंटी के ऊपर से ही अपनी चूत मसलने लग गई।
उसकी पैंटी पूरी तरह से भीग गई थी चूत रस से, फिर मैंने अपने एक हाथ ले जाकर उसकी नाभि और पेट पर फिराने लगा और दूसरे हाथ को नीचे ले जाकर उसकी पैंटी की बगल से जहाँ से उसकी चूत के बाल बाहर आ रहे थे, वहाँ उसे छेड़ने लगा तो वो और परेशान हो गई, बोली- बस अब नहीं सहा जाता जान… आओ प्लीज़ कुछ कर दो इस चूत का…
और यह कहकर वो मेरे सामने खड़ी हो गई एकदम से! अब उसकी पैंटी मेरे चेहरे के सामने थी… भीगी हुई… और उसने मेरे सामने ही अपने पैंटी उतार दी… हाय दोस्तो! उसकी चूत जिसके मैं इतने दिनों से सिर्फ़ सपने देख रहा था और मुठ मार रहा था, आज मेरे सामने थी…
उसकी चूत पर बड़े बड़े बाल थे, वो बोली- मुझे यह भी पता है कि तुम्हें क्लीन शेव चूत अच्छी नहीं लगती मेरे राजा…
अब मेरे मुँह के सामने उसकी रस टपकाती हुई चूत थी… और उसने मेरा सिर पकड़ कर अपनी दोनों टाँगे मेरे कंधों से होते हुए पीछे निकाल ली और एक तरह से मेरे कंधों पर बैठ गई वो और अपनी चूत मेरे चेहरे पर टिका दी। मैं अपने दोनों हाथ उसकी गाण्ड पर ले गया और उन्हें फैला दिया और अपनी एक उंगली उसकी गाण्ड के छेद पर टिका दी… “XXX Malish Chudai Kahani”
फिर उसने अपने हाथों से अपनी चूत फैला दी और गुलाबी चूत बालो के पीछे से झाँकती हुई मेरे होंठों पर आ गई। आअहह ऊऊओह ऊओ मेरे रजाआ… आआओ ना… अंदर घुस जाओ इस चूत के… फिर मैंने उसकी चूत को और उसकी चूत से टपकते हुए रस को चाटना शुरू किया… वाह! क्या नमकीन स्वाद था…
फिर मैंने अपनी जीभ सीधे करके उसकी चूत को फैला कर उसमें और अंदर तक घुसा दी… वो मेरे कंधों पर बैठी हुई उचक रही थी। और अपनी चूत को मेरी ज़ुबान से चुदवा रही थी। तभी वो एकदम से उठी और मुझे बिस्तर पर गिरा दिया… जैसे ही मैं गिरा वो मेरे मुँह पर अपनी चूत को दोनों हाथो से फैला कर बैठ गई…
मैंने उसे कहा- रूको ऐसे नहीं मेरी जान… तुम भी ज़रा मज़ा ले लो अब…
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फिर वो मेरे ऊपर उल्टी बैठ गई… अब उसकी चूत मेरे मुँह में और वो मेरे लण्ड को अपने मुँह में समाने जा रही थी…उसने अपने दोनों हाथों से मेरे लण्ड को जड़ से पकड़ लिया और सुपारे की चमड़ी को खींच कर उसे एकदम से अपने मुँह में भर लिया… ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
और मैंने दोनों हाथों से उसकी गाण्ड को फैला कर अपनी एक उंगली उसकी गाण्ड में घुसेड़ दी… करीब बीस मिनट तक एक दूसरे के गुप्तांगों को चूसने के बाद एकदम से उसका पूरा बदन अकड़ने से लगा और वो बोली कि अब वो झरने वाली है तो मैंने उसे कहा- जान आ जाओ! मैं भी बस झड़ने ही वाला हूँ… कह कर हम दोनों ने एक साथ एक दूसरे के मुँह को अपने अपने रज से भर दिया…
फिर शुरू हुआ वीर्य को चाटने का काम… करीब दस मिनट लगे हमें एक दूसरे के वीर्य को चाट कर साफ करने में… अब जाकर इस लण्ड को थोड़ी संतुष्टि हुई… मगर पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त… करीब बीस मिनट तक एक दूसरे के गुप्तांगों को चूसने के बाद एकदम से उसका पूरा बदन अकड़ने से लगा और वो बोली कि अब वो झरने वाली है तो मैंने उसे कहा- जान आ जाओ! मैं भी बस झड़ने ही वाला हूँ… “XXX Malish Chudai Kahani”
कह कर हम दोनों ने एक साथ एक दूसरे के मुँह को अपने अपने रज से भर दिया… फिर शुरू हुआ वीर्य को चाटने का काम… करीब दस मिनट लगे हमें एक दूसरे के वीर्य को चाट कर साफ करने में… अब जाकर इस लण्ड को थोड़ी संतुष्टि हुई… वो उठी और अपनी बड़ी गाण्ड को मटकाते हुए रसोई की तरफ जाने लगी।
मैंने पूछा- क्या हुआ? कहाँ जा रही हो मेरी जान…?
तो वो बोली- डार्लिंग, काफ़ी देर से मस्ती मार रहे हैं, कुछ खा लेते हैं…
वो अंदर से बीयर की दो बोतलें ले आई और हमने बिस्तर पर बैठे बैठे ही बोतल खोली…
तभी उसे जाने क्या सूझी, वो बोली- जानू, प्लीज़ लेट जाओ ना…
मैं जैसे ही लेटा उसने बीयर मेरे पूरे शरीर पर गिरानी शुरु कर दी… मेरे लण्ड, मेरे मुँह, मेरे सारे शरीर पर बीयर ही बीयर! फिर उसने मेरे शरीर को चाटना शुरू किया। उसने शुरुआत मेरे चेहरे से की और धीरे धीरे वो मेरी जाँघों पर बैठ गई और मेरे दूध चूसने लगी।
वो बोली- मैंने कब से सोचा था कि ऐसे बीयर पियूँगी किसी दिन मगर आज तक ऐसा कोई नहीं मिला जिसका दिमाग मेरे जैसे अचलता हो… आई लव यू डार्लिंग…
और फिर उसने अपने ऊपर उड़ेल ली बीयर! उसके चेहरे से बहते हुए उसके दूध पर से होकर टपक रही थी मेरे शरीर पर… फिर मैंने उसे बिठाया और उसने मेरी कमर में अपनी टाँगें लपेट ली और उसकी चूत मेरे लण्ड से टकरा गई और फिर मैं उसके दूध और उसके चुचूकों से टपकती बीयर की बूँदों को पीने लगा जिससे वो फिर से गर्म होने लगी और वो अपनी चूत को मेरे लण्ड की तरफ धकेलने लग गई…
फिर मैं अपनी उंगलियों में उसके चुचूकों को मसलने लगा और अपने होंठों से उसके दूध से टपकते हुई बीयर को पीने लगा। थोड़ी देर में जोश बढ़ा तो मैंने उसके दूध मसलने लगा और वो भी बोलने लग गई- प्लीज़ जान! और ज़ोर से दबाओ इन्हें … देखो ना कितना तड़पे हैं तुम्हारे लिए… मसलो इन्हें… इन मादरचोदों ने तुम्हारे लिए बहुत तड़पाया है मुझे… माँ चोद दो इनकी…
फिर मैं अपनी उंगलियों में उसके दोनों चुचूकों को ज़ोर से दबा दबा कर मसल रहा था और अपने होंठ उसके होंठो में भिड़ा कर अपनी जीभ से उसकी जीभ को चाट रहा था। …और नीचे से उसकी चूत और मेरा लण्ड आपस में छटपटा रहे थे एक दूसरे में समा जाने के लिए…
तभी मैंने अपने दोनों हाथों को उसकी गाण्ड के नीचे ले जाकर उसे उठाया और उसने मेरे लण्ड को अपनी चूत पर टिकाया और एक हल्के से झटके में मेरा लण्ड उसकी चूत की गहराइयों में समा गया… उसकी एकदम से चीख निकली- आ आआआअहह ह्म्म्म्म मममम्मूऊऊऊऊ ओह आऐईयईईई!
और ज़ोर से उसने अपने पूरे शरीर का भार मेरे लण्ड पर छोड़ दिया… फिर धीरे धीरे वो मेरे लण्ड पर उचकने लगी… मैं लेट गया और वो मेरे ऊपर बैठ कर अपनी चूत को मेरे लण्ड पर पटक रही थी… उसके दोनों दूध ऊपर नीचे झटके खा रहे थे… और मैं उसकी गाण्ड को एक हाथ से सहलाते हुए एक हाथ से उसकी दूध को मसल रहा था…
पूरे कमरे में फचाक फचक की आवाज़ आ रही थी…और साथ में हम दोनों की सिसकारियों की भी… उूउउम्म्म आआ अहह…उूइई ईईई मर गई…इतना बड़ा लण्ड… तुम कहाँ थे मेरे दामाद जी… अयाया… चोद दो अपनी बीवी की माँ को आज… अपनी बीवी की माँ चोद दो… छोड़ना मत साली को… आअज तो मैं तेरी राण्ड हूँ… जो करना है कर ले… आआअहह… ऊऊऊहह… हमम्ममम… “XXX Malish Chudai Kahani”
तभी मैंने उसे एक तरफ़ पटक दिया और उसने अपनी दोनों टांगें हवा में ऊपर उठा दी… और मैंने अपने लण्ड को उसकी चूत पर रख कर दबा दिया… और फिर से मेरा लण्ड उसकी चूत की गहराइयों की सैर करने लगा…पूरा कमरा फच फच की आवाज़ों और हम दोनों की सिसकारियों से गूंज रहा था… आअहह… ऊऊओह… आ जा मेरी राण्ड… छिनाल साली… इतने दिनों से तुझे चोदने की सोच रहा हूँ आज पकड़ में आई है…आअहह…
तभी उसके शरीर में अकड़न आ गई… और वो अपनी चूत को मेरे लण्ड पर दबाने लग गई… मैं समझ गया कि यह झड़ रही है… वो एकाएक झाड़ गई… मगर मेरा लण्ड तो अभी भी पूरे शवाब पर था तो मैं धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था… ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मगर वो बोली- प्लीज़ दामाद जी… रुक जाइए!
तो मैंने कहा- अभी मेरा तो हुआ ही नहीं है…
तो वो बोली- आप चाहो तो गाण्ड में डाल लो या थोड़ी देर इंतज़ार कर लो… अब इस उमर में इतनी मेहनत नहीं होती मुझसे…
तो मैंने कहा- ठीक है…
मैंने अपना लण्ड निकाला बाहर और देखा तो उसकी चूत तो फैल कर भोंसड़ा बन गई थी… तभी वो बिना कहे उल्टी होकर कुतिया बन गई और अपने दोनों हाथों से उसने अपनी गाण्ड को फैला कर मेरे सामने परोस दी… हाय…. उसकी गाण्ड के भूरे से छेद ने तो मेरा दिल ले लिया… फिर मैंने तो पहले उसे अपने होंठो से कस कर पप्पी की… और अपनी जीभ उसकी गाण्ड में डाल दी… फिर वो और मैं मेहनत करने लगे उसकी गाण्ड को फैलाने में…
वो बोली- तेल लगा लो!
मगर मैंने कहा- जब तक दर्द ना हो तब तक क्या मज़ा आएगा सील तोड़ने में…?
वो बोली- लगता है आज तुम मार ही डालोगे मुझे…
मैंने कहा- अगर ऐसे गाण्ड की सील तोड़ने में औरतें मरती तो आज दुनिया में औरतों की तादाद आधी हो गई होती…
कह कर मैंने अपने मुँह को उसकी गाण्ड पर लगा दिया…और उसे चाटने लगा… उसका भी स्वाद एक अलग ही था… वो अपने हाथों को अपने चूत और टाँगों के बीच से निकाल कर मेरे लण्ड को पकड़ रही थी…और उसे झटके दे रही थी… मैं उसकी गाण्ड चाट रहा था और अपने दोनों हाथों से उसकी गाण्ड को जितना हो सके फैला रहा था…
और उसकी गाण्ड जब मेरी थूक और लार से भर गई तो फिर मैंने पीछे से उसके दोनों दूधों को पकड़ लिया और अपने लण्ड को उसकी गाण्ड के छेद पर टिकाया और एक ज़ोर से झटका लगाया… तो वो लगभग गिर ही पड़ी थी बिस्तर पर… मगर कैसे भी करके उसने अपने आप को संभाला…
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मेरा लण्ड का सुपारा अभी उसकी गाण्ड में घुस तो गया था मगर सेट नहीं हो पाया था तो मैंने उसके दूध छोड़ कर उसकी गाण्ड को फैला दिया जितना हो सका उतना… और अपने सुपारे को सेट कर दिया उसकी गाण्ड के छेद पर… और वो नीचे से कराह रही थी, हाँफ रही थी… “XXX Malish Chudai Kahani”
उसके पूरे शरीर पर पसीने की बूंदें आ गई थी जो मोतियों सी चमक रही थी… और जिसे मैं चाट चाट कर साफ कर रहा था… तभी मैंने थोड़ा सा और थूका उसकी गाण्ड के छेद पर… जिसे मैं धीरे धीरे रगड़ते हुए उसकी गाण्ड में घुसाने लगा… अब उसे शायद थोड़ा आराम आ रहा था तो वो भी अपनी गाण्ड को पीछे सरकाते हुए मेरा साथ देने लग गई.
और अपने चूत के नीचे से हाथ निकाल कर उसने मेरी गाण्ड को अपनी ओर दबाने लगी और एक हाथ से वो खुद ही अपने दूध मसलने लग गई… फिर धीरे-धीरे धकेलते हुए मैंने अपना पूरा लण्ड उसकी गाण्ड में डाल दिया… उसे थोड़ी परेशानी हो रही थी मगर सहन कर रही थी क्योंकि परेशानी के साथ साथ उसे मज़ा बहुत आ रहा था…
फिर वो अपने हाथों से अपने चूत को मसलने लगी और बोली- हाँ जान, अब शुरू हो जाओ… जितनी बेरहमी करनी हो कर दो आज… आज तो अगर जान भी चली जाए तो गम नहीं…
मेरे धक्कों की गति बढ़ती गई… बढ़ती गई… और करीब बीस मिनट तक उसकी गाण्ड चोदने के बाद मुझे महसूस हुआ कि मैं झरने वाला हूँ तो वो बोली- इस मादरचोद गाण्ड को भी तो स्वाद लेने दो… अंदर ही झड़ जाना जानू… और 10-15 धक्कों के बाद अचानक से मैं उसके दूध को ज़ोर से मसलने लगा…
मेरा सारा शरीर अकड़ने लगा… ऐसा लगा कि मेरे शरीर का सारा खून मेरे लण्ड में जा रहा है और बाहर आने को है… और आख़िर उसकी गाण्ड में मैंने अपने वीर्य को गिरा दिया जो उसकी गाण्ड में पूरी तरह से भर गया था और बाहर बह रहा था जिसे वो अपने उंगलियों से निकाल निकाल कर चाट रही थी… अब हम दोनों के चेहरे पर एक संतुष्टि थी… वो बोली- चलो अब नहाते हैं… और फिर मैंने उसे अपनी गोदी में उठाया, उसे उठा कर बाथरूम में ले गया जहाँ हम दोनों ने नहाते नहाते एक बार और चूत और लण्ड का खेल खेला।
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