Horny Didi Boobs Fucking
हेल्लो दोस्तों, मैं आलिया फिर से स्वागत करती हूँ, आप सभी का मेरी कहानी में. दोस्तों आपने मेरी कहानी का पिछला भाग आलिया दीदी की सेक्स कहानी 6 पढ़ा होगा, जिसमें मैंने बताया था कि ट्रिप में एक छोटी सी दुर्घटना हुई जिसमे मुझे थोड़ी चोट लग गई और गोलू मुझे पहाड़ से उठा कर लाया. उसका मेरे प्रति चिंता देख कर मैं पिघल गई और भाई के प्रति मेरा प्यार बढ़ गया. अब आगे- Horny Didi Boobs Fucking
मैं लंबी-लंबी और गहरी साँसें ले रही थी। मेरे दिल की धड़कनें बहुत तेज थीं और दिमाग में तरह-तरह के ख्याल चल रहे थे। मैं बार-बार यही सोच रही थी कि मैं जो करने जा रही हूँ, वो सही है या गलत। एक तरफ गोलू की वो सारी बातें थीं। पहाड़ों से मुझे अपनी बाहों में उठाकर लाना, मेरा ख्याल रखना और उस पूरी रात मेरे करीब होने के बावजूद खुद पर काबू रखना।
उसकी इन्हीं कोशिशों और मेरी इतनी देखभाल करने की बात याद करके मेरा दिल पिघल गया था और मैंने उसे अपने स्तनों के बीच लंड रखने की इजाजत दे दी थी। लेकिन दूसरी तरफ, मेरे अंदर एक अजीब सी बेचैनी और गिल्ट भी था। मैं सोच रही थी कि मैं कितनी बुरी बहन हूँ, जो अपने ही भाई के साथ इस हद तक जा रही हूँ।
खुद को कोसते हुए मुझे लग रहा था कि मैं कितनी गंदी लड़की हूँ, जो अपने ही भाई के लंड को अपनी छाती और स्तनों के बीच रखने की इजाजत दे रही हूँ और इस बात को स्वीकार कर रही हूँ। तभी गोलू की आवाज़ ने मेरे ख्यालों का सिलसिला तोड़ दिया।
उसने बहुत मासूमियत और चाहत भरी नजरों से मेरी तरफ देखा और थोड़ी लड़खड़ाती आवाज़ में पूछा, “आलिया दीदी… क्या आप अपनी ब्रा उतार सकती हैं… ताकि मैं अपने लंड को ठीक से रख सकूँ?” मैंने गहरी साँस ली और थोड़ी हिचकिचाहट के साथ कहा, “हाँ, गोलू…”
इसके बाद मैंने अपने शरीर को थोड़ा ऊपर उठाया और अपनी ब्रा का पीछे वाला हुक खोल दिया। जैसे ही मैं उसे अपने बदन से निकालने लगी, डर और शर्म की वजह से मेरे हाथ बुरी तरह काँपने लगे। मैंने किसी तरह खुद को संभाला और ब्रा को धीरे से अपने शरीर से उतारकर एक तरफ रख दिया।
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जैसे ही मेरी ब्रा हटी और मेरे स्तन पूरी तरह खुल गए, गोलू की आँखें खुली की खुली रह गईं। वह बिना पलक झपकाए मेरे नंगे स्तनों को देखने लगा। उसकी नजरें सीधे मेरे गुलाबी निप्पल्स पर टिकी हुई थीं और उसके चेहरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वह उन्हें अपने हाथों से छूना चाहता हो।
उस पल मेरा शरीर ऊपर से पूरी तरह नंगा था, बस नीचे मैंने अभी भी अपनी पैंटी पहन रखी थी। लेकिन अब इन सब बातों का कोई मतलब नहीं रह गया था, क्योंकि गोलू का पूरा ध्यान सिर्फ मेरे खुले हुए स्तनों पर था। उसकी नजरें बिना पलक झपकाए लगातार मेरे बदन पर टिकी हुई थीं।
माहौल में छाई खामोशी को तोड़ते हुए गोलू ने अपनी सूखी जुबान से होंठों को गीला किया। फिर धीमी और काँपती हुई आवाज़ में पूछा, “आलिया दीदी… क्या अब मैं करूँ?” मैंने काँपती हुई आवाज़ और भारी मन से उसकी तरफ देखा और कहा, “हाँ, गोलू… तुम कर सकते हो।”
लेकिन इसके साथ ही मैंने खुद को संभाला और थोड़ी सख्ती और हिचकिचाहट के साथ उसे समझाते हुए कहा, “लेकिन गोलू, एक बात अच्छे से याद रखना… मैं यह सब सिर्फ आज और सिर्फ एक बार के लिए कर रही हूँ। इसलिए यह बात कभी मत भूलना कि मैं तुम्हारी बड़ी बहन हूँ। इसके बाद तुम बिल्कुल आम तरीके से रहोगे, जैसे एक छोटा भाई अपनी बहन के साथ रहता है। और हम इस बारे में कभी भी, किसी भी हालत में दोबारा बात नहीं करेंगे।”
मेरी बात सुनकर गोलू ने तुरंत हाँ में सिर हिलाया और कहा, “हाँ दीदी… मैं यह बात हमेशा याद रखूँगा।” मैंने खुद को थोड़ा संभाला और उसके चेहरे की तरफ देखा। उसे हिम्मत देने के लिए मैंने चेहरे पर हल्की सी मुस्कान लाने की कोशिश की। मेरी उस छोटी सी मुस्कान और आँखों के इशारे को गोलू तुरंत समझ गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वह बिना देर किए धीरे-धीरे आगे बढ़ा और मेरे पेट के ऊपरी हिस्से के पास आकर बैठ गया। उसके शरीर का थोड़ा सा भार मेरी पसलियों पर महसूस हो रहा था। उसके दोनों घुटने मेरे शरीर के दोनों तरफ बिस्तर पर टिके हुए थे। उसके खुले हुए पिछवाड़े की मुलायम स्किन मेरी स्किन को छू रही थी, जिससे मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सी सिहरन दौड़ गई।
इस तरह बैठने पर उसका तना हुआ लंड मेरे दोनों स्तनों के पास हवा में था। मैं बिस्तर पर सीधी लेटी हुई थी और गोलू मेरे शरीर के ऊपर, ठीक मेरी आँखों के सामने बैठा हुआ था। मेरे मन में बस यही चल रहा था कि मैं किसी तरह आँखें बंद करके इस सब को जल्दी से खत्म कर लूँ।
मैं चाहती थी कि गोलू बस जल्दी से अपनी इच्छा पूरी कर ले और यह अजीब सा और असहज करने वाला सिलसिला जल्द से जल्द खत्म हो जाए। लेकिन गोलू के इरादे बिल्कुल अलग थे। वह इस पल के हर एक सेकेंड का पूरा मजा लेना चाहता था और जल्दी करने के बिल्कुल मूड में नहीं था।
उसने शुरुआत बहुत ही धीमे और कामुक अंदाज में की। उसने अपने कड़क और तने हुए लंड के आगे वाले हिस्से यानी टिप को धीरे से मेरे नंगे स्तनों की सॉफ्ट स्किन पर फेरना शुरू किया। कभी वह उसे मेरे एक स्तन पर गोल-गोल घुमाता, तो कभी हल्के से दबाते हुए दूसरे स्तन की तरफ ले जाता।
उसके लंड की गर्म और सेंसिटिव टिप जैसे ही मेरे सख्त हो चुके निप्पल्स से टकराई, मेरा पूरा शरीर करंट की तरह झनझना उठा। वह उस पल में पूरी तरह खोया हुआ था और एक-एक इंच का मजा लेते हुए बहुत धीरे-धीरे मेरे स्तनों के साथ खेल रहा था। उसके इस धीमे और जानबूझकर किए जा रहे स्पर्श से मेरी साँसें तेज हो गईं और मेरे मुँह से एक काँपती हुई, दबी हुई आह निकल गई।
जब मेरे मुँह से हल्की सी आह निकली, तो उसने तुरंत उसे महसूस कर लिया। उसने अपनी हरकत रोक दी और मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखा। फिर शरारती आवाज़ में धीरे से बोला, “आलिया दीदी… आप ऐसी आवाज़ें निकाल रही हैं… क्या आपको अच्छा लग रहा है जब मेरा लंड आपके बुब्स को छू रहा है?”
उसकी इस सीधी और बोल्ड बात से मेरे दिल की धड़कनें और तेज हो गईं। मुझे साफ महसूस हो रहा था कि शर्म और घबराहट की वजह से मेरे गाल गर्म हो रहे थे और चेहरा लाल पड़ गया था। मैंने खुद को सख्त दिखाने की कोशिश की, ताकि वह मेरी अंदर की कमजोरी न समझ सके।
अपनी आवाज़ को थोड़ा कड़ा करते हुए मैंने कहा, “बिल्कुल बकवास बातें मत करो, गोलू! मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा… मैं यह सब सिर्फ इसलिए कर रही हूँ क्योंकि तुमने आज मेरे लिए इतनी मेहनत की है और मेरा इतना ख्याल रखा है।” हालाँकि मैंने उसे डाँट दिया था और खुद को सख्त दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन सच तो यह था कि मेरे अंदर की बात कुछ और ही थी।
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मेरे मन में एक अलग तरह की बेचैनी चल रही थी। जब उसके कड़क और गर्म लंड का स्पर्श मेरे निप्पल्स पर पड़ रहा था, तो सच कहूँ तो, वह एहसास मुझे अंदर ही अंदर अच्छा लग रहा था। मैं जानती थी कि गोलू मेरा छोटा भाई है और मैंने कभी सपने में भी ऐसा कुछ नहीं सोचा था।
लेकिन दूसरी तरफ, मैं एक कुंवारी लड़की थी जिसे लड़कों के शरीर का कोई अनुभव नहीं था। मेरे लिए यह सब बिल्कुल नया था और पहली बार हो रहा था। शायद इसी वजह से गोलू के लंड का वह गर्म स्पर्श मेरे स्तनों पर पड़ते ही, मेरे मन के सारे डर के बावजूद मेरे शरीर को एक अजीब सा और गहरा सुकून मिल रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
गोलू ने मेरे चेहरे पर आई शर्म को देखा और एक गहरी साँस लेते हुए धीरे से कहा, “आलिया दीदी… अब मैं आ रहा हूँ…” इसके साथ ही उसने अपने शरीर को थोड़ा आगे किया और आखिरकार अपना कड़क और गर्म लंड मेरे दोनों बड़े स्तनों के बीच रख दिया। उसका लंबा और मोटा लंड इतना बड़ा था कि वह मेरे दोनों स्तनों के बीच की लाइन को लगभग पूरी तरह ढक रहा था।
उसके लंड का सीधा और तेज दबाव महसूस होते ही मैंने खुद अपने दोनों हाथ आगे बढ़ाए और अपने स्तनों को उसके लंड के ऊपर और कसकर दबा लिया, ताकि वह दोनों तरफ से अच्छी तरह दब जाए। मेरे ऐसा करते ही गोलू ने अपनी कमर को आगे-पीछे हिलाना शुरू कर दिया।
उसकी कमर के हर झटके के साथ, उसका कड़क और गर्म लंड मेरे दोनों स्तनों के बीच तेजी से आगे-पीछे होने लगा। इस तरह रगड़ने से मेरे निप्पल्स और छाती की सॉफ्ट स्किन पर अजीब सी सिहरन और तेज गर्मी महसूस होने लगी। जैसे-जैसे गोलू की स्पीड बढ़ती गई, कमरे की चुप्पी में सिर्फ हमारी साँसों की आवाज़ और उसके शरीर के हिलने की आवाज़ सुनाई देने लगी।
मेरे मुँह से बार-बार हल्की-हल्की आहें निकल रही थीं, जिन्हें मैं चाहकर भी रोक नहीं पा रही थी। मेरे मन में एक तरफ डर था कि हम क्या कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह नया और पहला अनुभव मेरे पूरे शरीर पर धीरे-धीरे असर कर रहा था। उसकी कमर की स्पीड जैसे-जैसे तेज होती गई, वैसे-वैसे कमरे का माहौल और ज्यादा गर्म और मुश्किल होता गया।
उसका भारी और पूरी तरह तना हुआ लंड मेरे दोनों स्तनों के बीच बहुत तेजी से रगड़ खाने लगा। हर बार आगे बढ़ने पर उसकी नसें और ज्यादा सख्त महसूस हो रही थीं, और उसका लगातार आगे-पीछे होना मेरे पूरे बदन में एक अलग सी गर्मी पैदा कर रहा था। मेरे दोनों हाथ अभी भी अपने स्तनों पर कसकर टिके हुए थे, जिससे उसका लंड मेरे शरीर के बीच में कसकर दबा हुआ था।
उसकी हर हरकत के साथ मेरे निप्पल्स उसके गर्म शरीर और लंड से बार-बार रगड़ खा रहे थे। उस रगड़ से होने वाली सनसनाहट इतनी तेज और मेरे लिए बिल्कुल नई थी कि मेरा सिर चकराने लगा। मेरे मुँह से अब दबी हुई सिसकियों की जगह खुलकर आहें निकलने लगी थीं। “Horny Didi Boobs Fucking”
मेरी साँसें पूरी तरह तेज हो चुकी थीं और मेरा सीना तेजी से ऊपर-नीचे हो रहा था। गोलू की आँखें लाल थीं और वह बिना पलक झपकाए नीचे झुककर मेरे चेहरे और मेरे शरीर को देख रहा था। उसकी कमर के झटके अब और तेज और बेकाबू होते जा रहे थे, जिससे उस पल का जोश और बढ़ता जा रहा था।
अपनी कमर को और तेज आगे-पीछे हिलाते हुए, गोलू हाँफते हुए बोला, “दीदी… आपके बुब्स सच में बहुत बड़े और बहुत खूबसूरत हैं… सच में बहुत मजा आ रहा है!” मैंने अपनी आँखें बंद करते हुए हाँफते हुए कहा, “बकवास मत करो, गोलू… मैं तुम्हारी बहन हूँ…” लेकिन उस समय मेरे मन में अलग-अलग ख्याल चल रहे थे।
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एक तरफ मैं उसे रोकने की कोशिश कर रही थी, तो दूसरी तरफ मेरे दिमाग में यह बात घूम रही थी कि मेरे इस छोटे भाई का लंड कितना भारी, लंबा और मोटा है। मैं मन ही मन सोच रही थी कि इससे पहले एक बार मैंने उसका लंड अपने मुँह में लिया था, लेकिन आज जब वही लंड मेरे स्तनों के बीच चल रहा है, तो इसका एहसास बिल्कुल अलग और बहुत गहरा है।
मेरे मन में एक दबी हुई और खतरनाक सी इच्छा उठने लगी। मैं बस यही सोच रही थी कि काश वह मेरा भाई न होता! अगर वह मेरा भाई न होता, तो मैं अपनी इस रोक को तोड़कर उस मोटे, गर्म और कड़क लंड को अपनी पूरी चुत के अंदर लेकर उसका असली मजा जरूर चखती।
मेरे मन में चल रहे उन गलत ख्यालों के बीच, गोलू ने अपनी कमर के झटकों की स्पीड बिल्कुल भी कम नहीं की। उसने अपने घुटनों को मेरे पेट पर और कसकर टिकाया और पूरी ताकत से अपनी कमर को आगे-पीछे हिलाना शुरू कर दिया। उसका मोटा, कड़क और गर्म लंड अब मेरे स्तनों के बीच और भी तेज और जोर से रगड़ खाने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
हर तेज और गहरे धक्के के साथ उसकी नसें मेरे निप्पल्स से रगड़ती हुई निकल रही थीं, जिससे मेरे मुँह से एक लंबी और बेकाबू आह निकल गई। मेरे हाथ अभी भी उसके लंड को अपने स्तनों के बीच कसकर पकड़े हुए थे और उसकी इतनी तेज रफ्तार से मेरा पूरा शरीर काँपने लगा था। “Horny Didi Boobs Fucking”
अपनी तेज होती साँसों और पसीने से भीगे शरीर के साथ गोलू अब अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुका था। उसकी कमर के झटके अब छोटे, लेकिन पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गए थे। वह लगातार हाँफ रहा था और उसकी आवाज़ भी काँप रही थी। उसने मुश्किल से कहा, “दीदी… बस… अब मुझसे और नहीं रुका जा रहा… मैं बस आने वाला हूँ…!”
उसकी आवाज़ में बेचैनी और बहुत ज्यादा तनाव साफ सुनाई दे रहा था। अगले ही पल उसके पूरे शरीर में तेज सिहरन दौड़ गई। उसकी कमर कुछ पल के लिए रुक गई और उसके तने हुए लंड से गाढ़ा, चिपचिपा और गर्म सफेद पानी बाहर निकल पड़ा। पहले झटके में ही सफेद पानी की कुछ गर्म और गाढ़ी बूंदें उछलकर मेरे होंठों और गाल पर आ गिरीं।
उनकी गर्माहट मुझे साफ महसूस हो रही थी। मैं कुछ पल के लिए बिल्कुल चुप रह गई और बस उसे देखती रही। इसके बाद भी गोलू ने अपने लंड को मेरे दोनों स्तनों के बीच दबाए रखा। सफेद पानी लगातार निकलता रहा और मेरी छाती और स्तनों पर फैलता गया। वह काफी गाढ़ा और चिपचिपा था, इसलिए मेरी स्किन पर आसानी से नहीं सूख रहा था।
कुछ हिस्सा मेरे स्तनों के बीच जमा हो गया और कुछ धीरे-धीरे नीचे की तरफ बहने लगा। कुछ ही देर पहले जो सब कुछ बहुत तेज चल रहा था, उसके बाद अचानक कमरे में खामोशी छा गई। गोलू अभी भी तेज-तेज साँस ले रहा था और मैं भी अपनी साँसों को आम करने की कोशिश कर रही थी।
दोनों कुछ देर तक बिना कुछ बोले वहीं पड़े रहे। कुछ मिनटों तक कमरे में सिर्फ हमारी तेज और उखड़ी हुई साँसों की आवाज़ सुनाई देती रही। उस तेज पल के खत्म होने के बाद गोलू पूरी तरह थक चुका था। वह लंबी-लंबी साँसें लेते हुए वहीं बिस्तर पर गहरी नींद में सो गया। उसके सो जाने के बाद मैंने धीरे से खुद को संभाला और बिस्तर से उठने की कोशिश की। “Horny Didi Boobs Fucking”
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उस समय मेरी टाँगों में अजीब सा खिंचाव और हल्का दर्द महसूस हो रहा था, लेकिन उस समय जो कुछ हुआ था, उसकी वजह से मेरा ध्यान उस दर्द पर ज्यादा नहीं जा रहा था। मेरी हलचल से गोलू की आँखें थोड़ी सी खुलीं। उसने नींद में ही पूछा, “दीदी… क्या हुआ?” मैंने खुद को संभालते हुए कहा, “मुझे… मुझे नहाने जाना है।”
उस समय मेरे दोनों स्तनों और छाती पर उसका गाढ़ा और चिपचिपा सफेद पानी फैला हुआ था। जैसे ही मैं बिस्तर से उठकर खड़ी हुई, वह गर्म और चिपचिपा तरल मेरे स्तनों से फिसलकर मेरे नंगे पेट और शरीर के नीचे वाले हिस्से की तरफ बहने लगा और मेरी स्किन से चिपक गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
गोलू ने आधी नींद में उठकर पूछा, “क्या मैं आपकी मदद करूँ?” मैंने मना करते हुए कहा, “नहीं… मैं खुद संभाल लूँगी।” यह कहते हुए मैंने अपने लड़खड़ाते और भारी कदमों से किसी तरह खुद को संभाला। पैरों में हल्का दर्द था, इसलिए मैं थोड़ा लंगड़ाते हुए सीधे बाथरूम के अंदर चली गई।
बाथरूम के अंदर जाते ही मैंने जल्दी से दरवाजा अंदर से लॉक कर दिया। मेरे सीने में दिल बहुत तेज धड़क रहा था और पूरे शरीर में एक अजीब सी गर्मी महसूस हो रही थी। मैं तुरंत खुद को फ्रेश करने के लिए नहाना चाहती थी, इसलिए मैंने अपनी पैंटी पकड़कर नीचे खींची और उसे उतारकर एक तरफ रख दिया।
जैसे ही मैंने पैंटी पूरी तरह उतारी, मुझे महसूस हुआ कि वह अंदर से पूरी तरह गीली और चिपचिपी हो चुकी थी। मेरी चुत से निकलने वाला गीलापन उसे पूरी तरह भिगो चुका था। यह देखकर मेरे चेहरे पर शर्म की लाली आ गई। मैं अच्छी तरह जानती थी कि मेरी चुत के इस तरह गीला होने की वजह गोलू और उसके साथ हुआ वह सब था।
उस पूरी घटना ने मेरे अंदर छिपी हुई चाहत को भी जगा दिया था। बढ़ती बेचैनी और शर्म के बीच मैं बाथरूम के ठंडे फर्श पर ही पूरी तरह नंगी होकर बैठ गई। मैंने अपनी दोनों टाँगों को थोड़ा फैलाया और अपनी उँगलियों से अपने नाज़ुक हिस्से के लाल और कोमल हिस्से को छूने लगी। “Horny Didi Boobs Fucking”
शुरुआत में मैं बस उस गीलेपन को साफ करना चाहती थी, लेकिन मेरा शरीर इस समय बहुत ज्यादा नाज़ुक हो चुका था। जैसे ही मेरी उँगली चुत की नाज़ुक स्किन से लगी, मेरे पूरे शरीर में हल्की सी बिजली जैसी सिहरन दौड़ गई। बाथरूम के ठंडे फर्श पर बैठकर मुझे अपनी चुत का गीलापन रोकने का कोई दूसरा तरीका समझ नहीं आ रहा था।
उस बेचैनी को शांत करने के लिए मैंने धीरे-धीरे अपनी दो उँगलियाँ अपनी चुत के अंदर डाल दीं। वहाँ पहले से ही काफी गीलापन था, इसलिए अंदर का हिस्सा काफी चिकना और आसानी से चलने वाला था। मैं एक हाथ से अपनी उँगलियों को अंदर-बाहर करते हुए अपनी चुत को एक ही लय में छूने लगी और दूसरे हाथ से अपने स्तनों और निप्पल्स को कसकर दबाने लगी।
उस समय मेरे दिमाग में सिर्फ और सिर्फ गोलू का ही ख्याल था। मुझे ऐसा लगने लगा कि मेरी चुत के अंदर मेरी अपनी उँगलियाँ नहीं, बल्कि गोलू का वही कड़क और गर्म लंड है, वही लंड जिसे मैंने कुछ दिनों पहले चूसा था और वही लंड जो कुछ मिनट पहले मेरे स्तनों के बीच चल रहा था।
मेरे मन में एक पागल सा ख्याल आने लगा कि मैं अभी बाथरूम का दरवाजा खोलूँ, बाहर जाऊँ और बिना कुछ सोचे गोलू के उस लंबे लंड के ऊपर बैठकर उसे अपने अंदर ले लूँ। उस समय मैं उसे अपना छोटा भाई मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। मैं बस यह महसूस करना चाहती थी कि उसका वह मोटा लंड मेरी चुत के अंदर कैसा लगता है। “Horny Didi Boobs Fucking”
लेकिन किसी तरह, अपने मन के डर की वजह से, मैं अपनी उँगलियों से ही खुद को शांत करने की कोशिश कर रही थी। अपनी उँगलियों को अपनी चुत के अंदर-बाहर आते-जाते देखना और उस गहराई को महसूस करना मेरे अंदर बची हुई सारी रोक को तोड़ रहा था। मेरी उँगलियाँ उस चिपचिपे और गर्म गीलेपन में पूरी तरह डूबी हुई थीं और हर बार एक अजीब सी सिहरन मेरे शरीर में दौड़ रही थी।
मैंने अपनी उँगलियों की स्पीड थोड़ी और तेज कर दी। मेरा एक हाथ लगातार मेरी चुत के अंदर चल रहा था, जबकि दूसरे हाथ से मैं अपने स्तनों और निप्पल्स को कसकर दबा रही थी। मेरी आँखें बंद थीं और अंधेरे में भी मुझे गोलू का वही भारी और थका हुआ शरीर साफ दिखाई दे रहा था।
“आह… ओह… गोलू…” मेरे मुँह से दबी हुई और काँपती आवाज़ में निकला। हर बार जब मेरी उँगलियाँ मेरी चुत के अंदर के सबसे नाज़ुक हिस्से को छूती थीं, तो मेरे पेट के नीचे तेज सा झटका महसूस होता था। मैं अपनी उँगलियों के हर स्पर्श को गोलू के उस मोटे और गर्म लंड जैसा महसूस करने की कोशिश कर रही थी।
मेरा पूरा शरीर पसीने से भीग चुका था और मेरी साँसों की आवाज़ बाथरूम की दीवारों से टकराकर वापस सुनाई दे रही थी। उस वक्त मैं अपने ख्यालों में पूरी तरह खो गई थी। मेरा पूरा ध्यान उसी एहसास पर था। मैं अपनी उँगलियों की स्पीड बढ़ाती चली गई और खुद को उसी हालत में छोड़ दिया, जब तक कि मेरे शरीर में चरम सुख का एहसास आने के करीब नहीं पहुँच गया। “Horny Didi Boobs Fucking”
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मेरी उँगलियों की स्पीड जैसे-जैसे तेज होती गई, मेरे शरीर के अंदर का तनाव और बेचैनी भी बढ़ती गई। ठंडे फर्श और मेरे हाथों की हरकत से मेरे अंदर ऐसा लग रहा था कि अब मैं खुद को रोक नहीं पाऊँगी। “बस… आ… आह… गोलू…” मेरे मुँह से बेकाबू होकर सिसकियाँ निकलने लगीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मेरी उँगलियाँ उस गीली जगह के अंदर और तेजी से चलने लगीं। हर बार मेरी साँसें और तेज हो रही थीं और मेरा पूरा शरीर गर्म लग रहा था। मेरे दूसरे हाथ की उँगलियाँ अभी भी मेरे स्तनों और निप्पल्स को कसकर दबा रही थीं। इससे मेरे पूरे शरीर में एक तेज सिहरन दौड़ रही थी।
अचानक मेरे शरीर के निचले हिस्से में एक तेज झटका लगा। मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं और मेरा पूरा शरीर एकदम तनकर जोर-जोर से काँपने लगा। उस चरम पल के साथ मेरे शरीर से गर्म गीलापन बाहर निकल आया और मैं ठंडे फर्श पर ही पसीने से भीगी हुई हाँफने लगी। If you want next part tell me golutales07@gmail.com
Author:- Golu Jr.
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