Function Me Incest Sex
शादी का मौसम चल रहा था-मै अपने माँ पापा और भाई बहन के साथ अपने एक नजदीकी रिश्तेदार के यहाँ शादी मे गये थे हॉल मे लोग पूरा भरे हुए थे चारो तरफ हमारे रिश्तेदार दिख रहे थे जो घुम घुम के सबसे बाते कर रहे थे, हँसी-ठिठोली, गाने-बजाने, और लजीज खानों की महक हर तरफ फैली हुई थी। Function Me Incest Sex
मेरी माँ उस शाम की सबसे बड़ी रौनक थीं 36 साल की उम्र में भी वो ऐसी लग रही थीं जैसे कोई 25 की जवान औरत हो। गोरा रंग, लंबे घने बाल, काजल भरी आँखें, और वो लाल-काली पतली सी साड़ी उसमे माँ किसी अप्सरा से कम नही लग रही थी. साड़ी मे माँ काफी सेक्सी लग रही थी उसमे से कमर और भारी छातियों दिख रही थी माँ उसमे सेक्सी और संस्कारी दोनो लग रही थी.
तभी तो जवान लड़के हो या बूढ़े अंकल – सबकी नज़र बार-बार उनकी तरफ जा रही थी। लेकिन माँ सबको इग्नोर करके महिलाओं के साथ बातें कर रही थीं। उनकी हँसी इतनी मधुर थी कि आस-पास के लोग भी मुस्कुरा देते थे। पापा कुछ पुराने दोस्तों के साथ बैठे शराब और बातों का आनंद ले रहे थे।
मैं और मेरे भाई-बहन इधर-उधर घूम रहे थे, खाना खा रहे थे, और डांस फ्लोर पर मस्ती कर रहे थे। पार्टी अपने पूरे जोश उत्साह से चल रही थी थोड़ी देर बाद मुझे बहुत जोर से पेशाब लगा। मैंने पास वाला बाथरूम देखा तो वहाँ बहुत भीड़ थी मुझे बहुत जोर की लगी हुई थी मै इधर उधर देखने तभी किसी ने मुझे परेशान देखकर पूछा क्या हुआ.
तो मैने अपनी परेशानी बतायी तब उसने मुझसे बोला “आगे वाला बहुत व्यस्त होगा तुम, पीछे नए वाले में चले जाओ। वहाँ अभी कोई नहीं जाता, हॉल का वो हिस्सा अभी पूरा बना नहीं था।” मै पीछे चला गया। सचमुच वहाँ सुनसान था। अंधेरा-सा, सिर्फ़ दूर से पार्टी की रोशनी और हल्की आवाज़ें आ रही थीं।
मैं बाथरूम में घुसा, जल्दी से निपटकर बाहर निकला। तभी मुझे अजीब सी आवाज़ें सुनाई दीं – हाँफने, कराहने, और थप थप थप की जैसे दो शरीर की टकराहट की धीमी आवाज़। मुझे उत्सुकता हुई देखने की मै उधर बढ़ा मेरा दिल जोर से धड़का। मैं चुपके से बगल वाले अधबने बाथरूम की तरफ़ बढ़ा।
दरवाज़ा थोड़ा खुला था। मैंने झुककर अंदर झाँका… वो दृश्य जो मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल गया। अंदर मेरी माँ थीं। उनकी साड़ी कमर तक पूरी तरह उठी हुई थी। उनकी मोटी, गोरी जाँघें फैली हुई थीं। वो बाथरूम के काउंटर पर बैठी थीं, दोनो पैर ऊपर उठा हुआ। “Function Me Incest Sex”
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उनके सामने खड़े थे उनके हैंडसम कज़िन भाई – राहुल मामा। 37 साल के, फिट बॉडी, चौड़ी छाती, और वो आकर्षक मुस्कान। राहुल मामा माँ की जाँघों के बीच खड़े थे। उनकी पैंट घुटनों तक नीचे थी। उनका मोटा, लंबा लंड पूरी ताकत से माँ की चूत के अंदर घुसा-बाहर हो रहा था। हर धक्के के साथ माँ का पूरा शरीर हिल रहा था।
उनकी बड़ी-बड़ी छातियाँ ब्लाउज से बाहर झाँक रही थीं। ब्लाउज के हुक खुले हुए थे, ब्रा एक तरफ़ सरक गई थी, और राहुल मामा एक हाथ से माँ की एक स्तन को जोर से मसल रहे थे, निप्पल को चुटकी में पकड़े हुए। “आह्ह्ह… राहुल… तेज़… और तेज़ करो ना…” माँ की आवाज़ में प्यास और वासना घुली हुई थी।
राहुल मामा माँ के होंठों को चूस रहे थे, गहरी फ्रेंच किस कर रहे थे। उनकी जीभ माँ की जीभ से लड़ रही थी। धड़क… धड़क… धड़क… हर जोरदार धक्का माँ की चूत से रस निकाल रहा था। माँ की साड़ी की घूंघर वाली झालरें उनके धक्कों के साथ छनछना छन बज रही थीं। माँ ने राहुल के बालों में हाथ डालकर उनका सिर अपनी छातियों पर दबाया।
राहुल मामा माँ के निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगे, काटने लगे, और नीचे अपना लंड और भी तेज़ी से चला रहे थे। “रिमा… तुम्हारी चूत तो आज भी वैसी ही टाइट और गीली है… कितने साल बाद मिला है ये मौका…” राहुल मामा हाँफते हुए बोले। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
माँ की आँखें बंद थीं, मुँह खुला था, और वो कराह रही थीं – “हाँ… चोदो मुझे… अपनी रिमा को अच्छे से चोदो… जितना मन करे… आज मैं तुम्हारी हूँ…” दोनों में प्यार भी था, जुनून भी, और सालों पुरानी भूख भी। राहुल मामा माँ को काउंटर पर बैठाए उनकी दोनों टाँगें अपने बाहो पर रखकर और भी गहरे और तेज़ धक्के लगा रहे थे हर धक्के पर माँ की चीख निकल रही थी, लेकिन पार्टी की आवाज़ों में वो डूब जाती थी। “Function Me Incest Sex”
मैं दरवाज़े की दरार से चुपके-चुपके देख रहा था। अंदर का नजारा मेरे होश उड़ा रहा था मै शॉक मे था जो हो रहा था वो मेरे लिए बिल्कुल नया था मैने कभी नही सोचा था मेरी माँ ऐसा भी कर सकती है राहुल मामा माँ को काउंटर पर बिठाए हुए थे। उनकी साड़ी की पल्लू पूरी तरह गिर चुकी थी। “Function Me Incest Sex”
ब्लाउज के सारे हुक खुले हुए थे। माँ की भारी, दूधिया छातियाँ बाहर आ चुकी थीं – गुलाबी निप्पल पूरी तरह खड़े और सख्त हो चुके थे। राहुल मामा माँ की एक जाँघ को अपनी कमर पर लपेटे हुए थे और दूसरी जाँघ को हाथ से ऊपर उठाए हुए थे। उनका मोटा, नसों वाला लंड (लगभग 7 इंच लंबा और मोटा) माँ की चिकनी, गीली चूत में बार-बार जोरदार धक्के मार रहा था।
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हर धक्के के साथ “फच… फच… फच…” की आवाज़ गूंज रही थी। माँ की चूत से सफ़ेद रस निकलकर राहुल की जाँघों पर बह रहा था। “आह्ह्ह… राहुल… हाय… इतना मोटा… धीरे… आह्ह!” माँ की आवाज़ में दर्द और मज़ा दोनों था। राहुल मामा माँ के होंठों को चूसते हुए बोले, “रिमा… कितने साल हो गए… तुम्हारी ये टाइट चूत भूल ही नहीं पाया मैं।” कहते हुए उन्होंने और तेज़ी से ठेलना शुरू कर दिया।
उनकी कमर जैसे पिस्टन की तरह चल रही थी। माँ ने अपनी दोनों बाजुओं से राहुल की गर्दन पकड़ ली और उन्हें और गहरी किस करने लगीं। दोनों की जीभें एक-दूसरे के मुँह में घुस रही थीं। राहुल मामा माँ की एक छाती को जोर से मसल रहे थे, निप्पल को उँगलियों से खींच रहे थे।
फिर उन्होंने मुँह नीचे किया और माँ के निप्पल को चूसने-काटने लगे। माँ की सांसें तेज़ हो गईं। “उफ्फ… हाँ… चूसो… काटो… मैं तुम्हारी हूँ आज… जितना मन करे चोदो मुझे…” राहुल मामा ने माँ को काउंटर से नीचे उतारा, उन्हें काउंटर के तरफ़ मोड़ा उसके सहारे खड़ा करके दिए माँ ने दोनों हाथ काउंटर पर टिका दिए और अपनी कमर पीछे को निकाल दी। “Function Me Incest Sex”
राहुल मामा ने माँ की साड़ी फिर से कमर तक चढ़ाई, उनकी मोटी, गोल गांड को दोनों हाथों से थप्पड मारा और एक झटके में पूरा लंड अंदर बुर मे ठेल दिया। “आआआह्ह्ह्ह!!” माँ की ज़ोरदार चीख निकल गई। अब राहुल मामा पीछे से तेज़-तेज़ धक्के मार रहे थे। हर ठेला माँ की गांड को हिला रहा था।
उनकी गांड की मांसल चमकती हुई चमड़ी लाल हो रही थी। राहुल मामा एक हाथ से माँ के बाल पकड़े हुए थे, दूसरे हाथ से उनकी छाती मसल रहे थे। “ले रिमा… ले मेरी जान… कितने दिनो से तरस रहा था तेरे लिए…” माँ की आँखें बंद थीं, मुँह खुला था, लार टपक रही थी। “हाँ… और तेज़… फाड़ दो मेरी चूत आज… राहुल… मैं तुम्हारे बिना अधूरी हूँ…” राहुल मामा ने रफ़्तार बढ़ा दी।
अब वो पूरी ताकत से माँ को चोद रहे थे। माँ की चूत से झाग-सा बन रहा था। दोनों के पसीने से शरीर चिपक रहे थे। माँ आइने की तरफ़ मुँह करके खड़ी थी ठीक सामने एक बड़ा सा दीवार वाला आइना था, जो अक्सर बाथरूम मे लगे होते है अब माँ आइने में खुद को पूरी तरह नंगी अपने कंजन से चुदते हुए देख रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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राहुल मामा ने माँ की कमर को दोनों हाथों से मज़बूती से पकड़ लिया। उनकी चिकनी, गोरी कमर पर राहुल की उँगलियाँ दब गईं। उन्होंने माँ को थोड़ा झुकाया, फिर पीछे से अपना अभी भी सख्त और गीला लंड माँ की चूत पर रगड़ते हुए एक जोरदार धक्का मार दिया। धप्प्! “आआह्ह्ह!” माँ की आवाज़ निकली। “Function Me Incest Sex”
आइने में नज़ारा बेहद कामुक था। माँ की बड़ी-बड़ी, भारी चूचियाँ हवा में ज़ोर-ज़ोर से झूल रही थीं। हर धक्के के साथ वो ऊपर-नीचे लहरा रही थीं, उनके गुलाबी निप्पल सख्त होकर बाहर को निकले हुए थे। माँ का सुंदर चेहरा पूरी तरह कामुक हो चुका था — आँखें आधी बंद, होंठ खुले, लार की एक बूँद टपक रही थी, और गाल लाल।
राहुल मामा पीछे से तेज़-तेज़ धक्के मार रहे थे। उनकी कमर हर बार माँ की मोटी गांड से टकरा रही थी — “पच पच पच पच” की आवाज़ गूंज रही थी। कभी वो माँ की कमर को और मज़बूती से पकड़कर और गहरे ठेलते, तो कभी आगे बढ़कर उनकी झूलती हुई चूचियों को दोनों हाथों से पकड़ लेते और ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगते।
निप्पलों को उँगलियों में पकड़कर खींचते और मोड़ते। कभी-कभी राहुल मामा झुककर माँ की नंगी पीठ और कंधों को चूमने लगते, उनकी गर्दन पर हल्के-हल्के काटते। माँ का पूरा शरीर पसीने से चमक रहा था। आइने में दोनों की नज़रें मिल रही थीं। माँ आइने के जरिए राहुल को देख रही थीं और राहुल भी मुस्कुराते हुए माँ को देख रहा था।
दोनों की आँखों में प्यार, वासना और जुनून की आग साफ़ दिख रही थी। माँ ने धीरे से कहा, “देख रही हूँ… कितनी गंदी लग रही हूँ मैं… तेरे लंड के आगे…” राहुल मामा मुस्कुराए, एक हाथ माँ की चूत पर ले गए और उनकी क्लिटोरिस को उँगली से रगड़ने लगे, दूसरे हाथ से चूची मसलते हुए बोले, “हाँ मेरी रिमा… तुम आज सबसे सेक्सी लग रही हो। ये देखो… तुम्हारी चूत कितनी खुश है मेरा लंड लेने में।” कहते हुए उन्होंने रफ़्तार और बढ़ा दी।
अब धक्के और भी तेज़ और गहरे हो गए थे। माँ की चूचियाँ आइने में बेतहाशा झूल रही थीं। माँ का चेहरा और भी कामुक हो गया था। वो आइने में खुद को चुदते देखकर और उत्तेजित हो रही थीं। राहुल मामा ने माँ के बालों को एक हाथ में लपेट लिया, उनकी कमर को और कसकर पकड़ा और जान लेवा रफ़्तार से चोदने लगे।
आइने में साफ़ दिख रहा था — माँ की चूत राहुल के मोटे लंड को निगल रही थी, सफ़ेद रस दोनों की जाँघों पर बह रहा था। अब राहुल मामा ने माँ को फिर से घुमाया, उनकी एक टाँग को उठाकर कंधे पर रखा और स्टैंडिंग पोजीशन में घुसने लगे। इस बार लंड और भी गहराई तक जा रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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माँ की चीखें अब कराह में बदल गई थीं – “मर गई… आह्ह… राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ…” राहुल मामा भी तेज़ हो गए। “मैं भी… आ रहा हूँ… अंदर ही छोड़ूँ?” माँ ने उनकी पीठ पर नाखून गाड़ दिए और काँपती हुई बोलीं, “हाँ… अंदर… सब अंदर भर दो… मेरी चूत तुम्हारी है…” कुछ ही सेकंड बाद दोनों एक साथ झड़ गए।
राहुल मामा का मोटा लंड माँ की चूत के अंदर फड़कता हुआ गर्म-गर्म वीर्य उगल रहा था। माँ का पूरा शरीर झड़ने के साथ काँप रहा था, उनकी चूत सिकुड़-सिकुड़ कर लंड को दबा रही थी। दोनों थोड़ी देर एक-दूसरे से लिपटे रहे, गहरी-गहरी सांसें लेते हुए, किस करते हुए। “Function Me Incest Sex”
राहुल मामा माँ के माथे पर प्यार भरा किस कर रहे थे। तूफानी सेक्स के बाद दोनों का शरीर शांत हो गया था। राहुल मामा अभी भी माँ के अंदर ही थे। दोनों कुछ देर एक-दूसरे की बाहों में चिपके रहे। माँ का सिर राहुल की छाती पर टिका हुआ था, और राहुल मामा माँ की पीठ सहला रहे थे। दोनों की सांसें अभी भी भारी थीं।
माँ ने धीरे से कहा, “जान… अब छोड़ो मुझे। हमें बाहर जाना चाहिए… कहीं कोई आ गया तो…” राहुल मामा ने माँ को और कसकर अपनी बाहों में भींच लिया और बोला, “अभी थोड़ी देर रुको ना मेरी जान। मेरी बाहों में कितना सुकून है तेरी बाहों में… कितने साल बाद मिला है तुझे इस तरह पाने का मौका।”
माँ ने आह भरते हुए राहुल की छाती पर चुम्मा दिया और हल्के से मुस्कुराते हुए बोलीं, “फिर मुझे अपनी पत्नी क्यों नहीं बना लेते? मैं तो भागने के लिए तैयार थी… बस तुम ही मना कर रहे थे।” राहुल मामा हँस पड़े। उन्होंने माँ का चेहरा ऊपर किया, उनकी आँखों में देखते हुए बोले, “रीमा मेरी जान… जो मजा बहन चोदने का है, वो पत्नी चोदने में कहाँ? ये गुनाह का स्वाद ही कुछ और है ना…”
दोनों एक साथ ज़ोर से हँस पड़े। हँसी के बीच राहुल मामा ने माँ के होंठों को फिर से चूस लिया। दोनों गहरी, जुनूनी किस करने लगे — जीभें एक-दूसरे के मुँह में घुस रही थीं, होंठ चूस रहे थे। थोड़ी देर बाद माँ ने खुद को अलग किया। उन्होंने अपनी साड़ी ठीक की, ब्लाउज के हुक लगाए, पल्लू समेटा और बाल ठीक किए।
राहुल मामा अभी भी वैसे ही बैठा था, लंड आधा सख्त हालत में बाहर था। माँ ने उसे देखकर शरारती मुस्कान के साथ कहा, “क्या हुआ? एक राउंड तो हो गया ना। अब बाहर चलते हैं। फिर मौका देखकर आएंगे दूसरे राउंड के लिए…” राहुल मामा खुश होकर मुस्कुराए। माँ झुकीं, उनके सामने घुटनों के बल बैठ गईं और राहुल के लंड को प्यार से हाथ में ले लिया।
उन्होंने जीभ से उसकी नोक को चाटा, फिर पूरा मुँह में ले लिया और अच्छे से चूसा। गहरी चूसाई — ऊपर-नीचे, जीभ घुमाते हुए, थोड़ा-थोड़ा काटते हुए। राहुल मामा के मुँह से फिर से कराह निकल गई। माँ ने लंड को अच्छे से साफ़ किया, फिर प्यार से उनकी पैंट में डाल दिया और जिप बंद कर दी।
दोनों ने अपने कपड़े पूरी तरह ठीक कर लिए। माँ ने आखिरी बार राहुल मामा की गोद में बैठकर उनकी गर्दन में बाहें डाल दीं और जोरदार किस किया — लंबा, गहरा और जुनूनी। राहुल मामा माँ की कमर को सहलाते रहे। कुछ देर बाद दोनों अलग हुए, कपड़ों पर आखिरी नज़र डाली और सामान्य चेहरे बनाकर बाहर निकल गए। जैसे कुछ हुआ ही ना हो। “Function Me Incest Sex”
दोनों बाथरूम वाले हिस्से से बाहर निकले तो पूरी तरह सामान्य व्यवहार कर रहे थे। जैसे कुछ हुआ ही न हो। लेकिन उनके चेहरों पर एक अलग ही चमक थी — वो चमक जो अच्छे से संतुष्ट सेक्स के बाद आती है। माँ के गाल हल्के लाल थे, आँखें चमक रही थीं और होंठों पर एक अनकही मुस्कान थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
राहुल कज़िन के चेहरे पर भी संतोष और मर्दाना चमक साफ़ दिख रही थी। माँ सीधे महिलाओं की तरफ़ चली गईं। राहुल की पत्नी (भाभी) से मिलकर बड़े प्यार से गले लग गईं और बोलीं, “अरे भाभी! कितने दिनों बाद मिली हो। कैसी हो? बच्चे कैसे हैं?” भाभी ने माँ को देखकर कहा, “रीमा, तुम तो आज और भी खूबसूरत लग रही हो। शादी की रौनक तुम्हीं हो।”
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माँ हँस दीं और सामान्य बातें करने लगीं — बच्चों की पढ़ाई, घर-परिवार, और शादी की रस्मों की। कोई नहीं कह सकता था कि बस कुछ मिनट पहले वो इसी आदमी के साथ बाथरूम में चुद रही थीं। इधर राहुल कज़िन पापा के पास चले गए। उन्होंने पापा को गले लगाया और बोले, “अरे जीजा जी! कितने साल बाद मिले। आप तो बिल्कुल नहीं बदले।”
पापा भी खुश होकर उनसे बात करने लगे — पुरानी यादें, बिजनेस, और परिवार की बातें। दोनों जने हँस-हँसकर गप्पें मार रहे थे। मैं थोड़ी दूर से सब देख रहा था। दिल अभी भी जोरों से धड़क रहा था। पता नहीं इन शादियों में ऐसे नज़दीकी रिश्ते कितने बनते रहते है बाहर से सब कुछ संस्कारी और रिश्तेदारी का पिटारा लगता है, अंदर से कितने राज़ छुपे होते हैं।
मुझे अब समझ आ रहा था कि माँ का राहुल कज़िन के साथ प्यार नया नहीं था। ये सालों पुराना रिश्ता था। लेकिन हर बार जब ये दोनों मिलते थे, उनके बीच एक नया प्रेम संबंध, नया जुनून जन्म लेता था। जैसे वो एक-दूसरे को देखते ही पुरानी भूख फिर से ताज़ा हो जाती। बाहर से दोनों बिल्कुल सामान्य, हँसते-बोलते, रिश्तेदारी निभाते, लेकिन अंदर ही अंदर एक गुप्त, गंदा और बेहद रोमांचक प्रेम-काम संबंध चल रहा था। माँ कभी-कभी राहुल की तरफ़ देखकर मुस्कुरा रही थीं और राहुल भी नज़रें मिलाते ही अपनी बहन (माँ) को देखकर आँख मार देते थे।
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