Step Mother Son Chudai
मेरा नाम नीलिमा है और मैं 42 साल की हूं। मेरे पति की मृत्यु हो चुकी है और मैं उनकी दूसरी पत्नी थी। उनकी पहली पत्नी से एक बेटा है जिसकी उम्र अब बीस साल के ऊपर होने वाली है। मैं उसे अपने बेटे की भांति मानती हूं और उसी के साथ ही रहती हूं। घर में सिर्फ हम दोनों का ही सहारा है। Step Mother Son Chudai
मैं हर रोज उसकी देखभाल करती हूं और उसे अपना बेटा समझकर प्यार देती हूं। मेरी जिंदगी में अब वही एकमात्र साथी है। मैं काफी बोल्ड किस्म की औरत हूं। गाली हमेशा मेरे मुंह पर रहती है। मेरे बेटे को मुझसे बहुत डर लगता है क्योंकि जब मैं गुस्सा हो जाती हूं तो गंदी गालियां देती हूं।
मेरी आवाज उस समय तेज और भरी हुई होती है जो कमरे में गूंज जाती है। उसकी आंखें डर से नीचे झुक जाती हैं और शरीर कांपने लगता है। देखने में मैं सांवले रंग की हूं। मेरी त्वचा गहरे भूरे रंग की है जो पसीने से हमेशा चमकती रहती है। मेरे चूचे लटके हुए हैं। वे भारी और नरम हैं जिनकी वजह से वे नीचे की ओर झूलते रहते हैं और चलने पर हिलते हैं।
हाइट 5.3 फीट है और मेरी कमर 32 की है। मेरे चूतड़ बहुत बड़े हैं और मेरी गांड 44 के साइज की है। वे मोटे और गोल हैं जो साड़ी के नीचे से भी उभरकर दिखाई देते हैं। कई सालों से किसी ने भी मुझे चोदा नहीं था। मेरे शरीर की हर नस में आग सी जल रही थी। इसलिए मैं बहुत चिड़चिड़ी हो गई थी।
मेरी चूत हमेशा सूखी और प्यासी रहती थी जिसकी वजह से नींद नहीं आती थी। मैं काफी निराश रहने लगी थी। रातों को अकेले लेटकर मैं बार बार अपने शरीर को छूती थी लेकिन संतोष नहीं मिलता था। कई बार मेरी नजर मेरे बेटे पर जाती थी लेकिन मैं कुछ कर नहीं पाती थी। मेरे मन में गहरी इच्छा जागती थी।
सोचती थी कि बेटे का लंड लेकर चूत की प्यास बुझवा लूं। मेरी नजर में इस माँ बेटा सेक्स में कोई बुरी नहीं थी। वैसे भी तो वो मेरा सगा बेटा नहीं था। फिर एक दिन ऐसे ही सुबह का वक्त था। कमरे में हल्की धूप आ रही थी और ठंडी हवा बह रही थी। मेरा बेटा हेमन्त तैयार होकर कहीं जाने की फिराक में था तो मैंने उसे टोक दिया।
मैं बोली- कहां जा रहा है?
वो बोला- कहीं नहीं अम्मा।
मैंने पूछा- क्या प्लान है आज तेरा. बहुत ही तैयार होकर जा रहा है. गर्लफ्रेंड के पास जा रहा है क्या?
वो बोला- नहीं अम्मा, मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।
मैंने कहा- तो साले फिर क्या बुड्ढा होकर बनायेगा गर्लफ्रेंड? जब लंड खड़ा होना बंद हो जायेगा तेरा. अभी नहीं चोदेगा तो फिर कब चोदेगा?
वो मेरी तरफ हैरानी से देख रहा था। उसकी आंखें चौड़ी हो गई थीं और चेहरा लाल पड़ गया था। वह हक्का बक्का सा खड़ा था।
मैं बोली- ऐसे क्या देख रहा है हरामी, सही बोल रही हूं. गर्लफ्रेंड बना कर मजे करने का मन नहीं करता क्या तेरा?
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उसके चेहरे पर अजीब से भाव थे। फिर मैंने अपनी साड़ी का पल्लू उसके सामने उतार दिया। साड़ी का पल्लू धीरे से मेरे कंधे से सरक गया। मेरे चूचे मेरे ब्लाउज में लटके हुए थे। ब्लाउज का पतला कपड़ा उनके भारीपन से तना हुआ था। मैं उसके पास जाकर बोली- देख, कैसे लटक गये हैं. तेरा लौड़ा भी लटक जायेगा एक दिन।
उसके बाद मैंने अपने ब्लाउज को उसके सामने ही उतार दिया और मेरे चूचे उसके सामने लटक कर नंगे हो गये। वो मेरे चूचों को घूरने लगा। उसकी आंखें मेरे नंगे भारी और लटके हुए चूचों पर पूरी तरह जमी हुई थीं। वह बिना पलक झपकाए उन्हें घूर रहा था जैसे कभी ऐसा नजारा देखा ही न हो।
मेरे सांवले रंग के बड़े चूचे उसके सामने लटक रहे थे जिनकी काली चूचियां सख्त होकर बाहर निकल आई थीं और हल्की हवा में धीरे धीरे हिल रही थीं। उसकी सांसें तेज हो गई थीं और चेहरा उत्तेजना से लाल पड़ गया था। मैं उसके उस घूरते चेहरे को देखकर अंदर से और भी गर्म महसूस कर रही थी।
मैं बोली- खड़ा हुआ या नहीं सूअर की औलाद?
मेरी आवाज में गुस्सा और कामुकता दोनों का मिश्रण था। मैंने अपनी कमर को हल्का सा मोड़कर आगे बढ़ाया ताकि मेरे चूचे और ज्यादा उसके मुंह के पास लटक जाएं। मेरी आंखें उसकी आंखों में गड़ी हुई थीं। वो मेरी तरफ हैरानी से देख रहा था। उसके चेहरे पर हैरानी शर्म और उत्तेजना के मिले जुले भाव साफ दिख रहे थे। उसके गाल लाल हो गए थे और होंठ थोड़े से खुले हुए थे।
मैंने कहा- गर्लफ्रेंड को नहीं चोदेगा तो क्या अपनी अम्मा को चोदेगा?
मेरे शब्दों में साफ चुनौती थी। मैंने एक हाथ से अपने बाएं चूचे को हल्का सा उठाकर उसे और करीब दिखाया ताकि वह महसूस कर सके कि मैं कितनी गंभीर हूं। अब भी उसने कुछ नहीं किया तो मैंने उसके चेहरे पर एक तमाचा मार दिया। तमाचे की तेज आवाज पूरे कमरे में गूंज गई।
मेरी हथेली उसके बाएं गाल पर जोर से पड़ी और लाल निशान तुरंत उभर आया। वो गर्म हो गया। उसके शरीर में गुस्सा और उत्तेजना दोनों एक साथ उबल पड़े। उसने मेरे चूचों को दोनों हाथों से जोर से पकड़ लिया और उन्हें नीचे की तरफ खींच दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं बोली- हरामजादे इनको खींचते नहीं दबाते हैं। मेरी आवाज अब और भारी और कामुक हो चुकी थी। मैंने उसे सीधे आंखों में देखते हुए कहा।
मैंने उसके मुंह पर एक और चमाट मार दिया। दूसरा चमाट पहले से भी तेज था। उसके दाएं गाल पर मेरी उंगलियों के निशान गहरे पड़ गए। उसके होंठ हिल गए और एक हल्की सी कराह निकली। वो मेरे चूचों को अपने हाथ में लेकर मसलने लगा। अब उसका डर पूरी तरह टूट चुका था।
उसके दोनों हाथ मेरे बड़े भारी चूचों को अच्छी तरह थाम चुके थे। उसकी उंगलियां मेरे नरम मांस में धंस गईं और वह उन्हें जोर जोर से मसलने लगा। उसके अंगूठे मेरी काली चूचियों को दबा रहे थे और उन्हें घुमा रहे थे। मेरे चूचे उसके हाथों में दबकर आकार बदल रहे थे।
मुझे तेज सुखद दर्द और गहरी उत्तेजना महसूस हो रही थी। मेरी चूत गीली होने लगी थी और पसीना मेरी पीठ पर बहने लगा था। मैंने उसको पकड़ लिया और उसको अपनी बांहों में भर लिया। मैंने अपनी दोनों बांहों को उसके गर्दन के चारों ओर लपेट लिया और उसे अपने नंगे सीने से चिपका लिया। मेरे भारी चूचे अब उसके सीने से पूरी तरह सट गए थे।
हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे। उसके गर्म होंठ मेरे होंठों से टकराए। पहले हल्का सा स्पर्श फिर गहरी किस शुरू हो गई। मेरी जीभ उसके मुंह में घुस गई और उसकी जीभ से उलझने लगी। चूसने की चटचटाती आवाजें कमरे में भर गईं। लार एक दूसरे के मुंह में जा रही थी।
वो दोनों हाथों से मेरे चूचों को दबा रहा था और मैं उसके सिर को पकड़ कर उसके होंठों को चूसने में लगी हुई थी। कुछ देर तक वहीं खड़े होकर हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे। उसके गर्म और नरम होंठ मेरे होंठों से पूरी तरह चिपके हुए थे। हमारी जीभें एक दूसरे के मुंह में घुसकर उलझ रही थीं और चूसने की चटचटाती आवाजें पूरे कमरे में भर गई थीं।
लार हमारे होंठों के कोनों से बहकर चिन पर गिर रही थी। मैंने अपनी आंखें बंद कर ली थीं और पूरी तरह उसकी जीभ के स्वाद में खो गई थी। बहुत दिनों बाद किसी मर्द के मुंह का यह गर्म और नम स्पर्श मिला था। उसके होंठों को चूसते हुए मुझे मजा आने लगा था। मेरी सांसें तेज और भारी हो गई थीं।
बहुत दिनों बाद किसी मर्द के होंठों को चूसने का मौका मिला था। मैं पागल सी होकर उसके निचले होंठ को चूस रही थी और ऊपरी होंठ को हल्का सा काट रही थी। मेरे बदन में एक झुरझुरी सी दौड़ रही थी। मैंने अपने हाथ को धीरे से नीचे ले जाकर उसके लंड को हाथ में ले लिया।
उसके लंड को हाथ में लेकर मेरी चूत में एक झुरझुरी सी मचल गई। अपने बेटे को गले लगा कर मैंने उसको बेतहाशा चूमना शुरू कर दिया। मेरी दोनों बांहें उसकी पीठ के चारों ओर लिपटी हुई थीं और मैं उसे अपने नंगे सीने से कसकर भींच रही थी। वो भी मेरे चूचों को पीने लगा।
उसके होंठ मेरे एक चूचे को पूरी तरह मुंह में ले ले रहे थे और वह जोर जोर से चूस रहा था। बहुत दिनों के बाद मेरे चूचों को एक मर्द के होंठों का स्पर्श मिला था। मैंने उसके मुंह को अपने चूचों में दबा दिया। वो मेरे निप्पलों को काटने लगा। मेरी चूत में मस्ती भरने लगी।
अब मैंने उसकी गांड को दबाना शुरू कर दिया। मेरी उंगलियां उसकी पैंट के ऊपर से उसके मोटे चूतड़ों को जोर से मसल रही थीं। वो मेरे चूचों को चूस रहा था और मैं उसकी गांड को दबा रही थी। उसके चूतड़ दबाने में बहुत मजा आ रहा था। मैं अपने पति के चूतड़ों से भी खेलती थी।
मगर पति के जाने के बाद वो सुख मुझे नहीं मिल पाया था। मैंने उसकी पैंट ऊपर से उसकी गांड को खूब मसला और दबाया। उसका लंड मेरी चूत के आसपास लग रहा था और मैं मजे ले रही थी। उसके बाद उसने मेरी साड़ी को उतारना शुरू कर दिया। उसकी उंगलियां मेरी कमर के पास साड़ी की गांठ को खोल रही थीं।
वो मेरी साड़ी को खोलने लगा और मैं उसकी शर्ट को उतारने लगी। उसने मेरी साड़ी को पूरी तरह खोल दिया और मैं केवल पेटीकोट में आ गई। उसके बाद उसने मेरी चूचियों को हाथों में भर लिया और मैं अपने बेटे के लंड को पकड़ कर खेलने लगी। उसकी शर्ट को उतारने लगी। वो मेरी चूचियों से खेल रहा था।
मैंने उसकी शर्ट को उतार दिया। उसके बदन को चूमने लगी। उसकी गर्दन को चूमा। उसके गालों को काटने लगी। मैं भूखी कुतिया की तरह उसके बदन को चाट रही थी। उसकी बनियान को मैंने खींच कर फाड़ दिया तो उसने मेरी चूचियों को पकड़ कर खींच दिया। वो मेरी चूचियों पर तमाचे देने लगा।
अपने बेटे हेमन्त की छाती को नंगी कर दिया मैंने और फिर उसके जिस्म को चूमने लगी। वो भी मजा लेकर अपने निप्पल चुसवा रहा था। मैंने उसके पूरे बदन पर अपनी लार लगा दी। उसके निप्पलों को काटने में बहुत मजा आ रहा था मुझे। वो भी सिसकारियां लेने लगा था।
उसके बाद मैंने उसकी पैंट को खोलना शुरू कर दिया। मैंने उसकी पैंट को खोल दिया। उसने लम्बे कट वाला अंडरवियर पहना हुआ था। उसके कच्छे के अंदर ही उसका लंड एकदम टाइट हो गया था। मैंने उसके लंड को हाथ में पकड़ कर उसके लंड को दबाना शुरू कर दिया। उसके लंड को हाथ में लेकर बहुत अच्छा लग रहा था।
अब मेरे बेटे हेमन्त ने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खोलना शुरू कर दिया। उसकी उंगलियां मेरी कमर के पास पेटीकोट के नाड़े को पकड़कर धीरे धीरे खींच रही थीं। नाड़ा ढीला होते ही पेटीकोट का पतला कपड़ा मेरी मोटी जांघों से नीचे सरकने लगा और मेरी सांवली त्वचा हवा में खुलने लगी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसने मेरे पेटीकोट को पूरी तरह खोल दिया और उसे मेरे पैरों तक उतार दिया। अब मैं उसके सामने पूरी तरह नंगी खड़ी थी। मेरी भारी गांड और प्यासी चूत बिना किसी कपड़े के उसके सामने थी। उसके हाथ मेरी चूत को सहलाने लगे। उसकी गर्म हथेली मेरी चूत की ऊपरी हिस्से पर घूम रही थी और उंगलियां धीरे धीरे मेरी लबियों को छू रही थीं। “Step Mother Son Chudai”
मैं नीचे से कच्छी नहीं पहनती थी तो उसने एकदम से मेरी चूत को मसलना शुरू कर दिया। उसके मोटे हाथ मेरी नरम और गीली चूत की दोनों पत्तियों को जोर से दबा रहे थे। मेरी चूत में बहुत दिनों के बाद ऐसा गीलापन आया था। गर्म और चिपचिपा रस उसके उंगलियों पर लगने लगा था और मेरी जांघों पर बहने लगा था।
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वो मेरी टांगों के बीच में बैठ गया और मेरी चूत में झांक कर देखने लगा। उसने अपने हाथों से मेरी चूत को खोल कर देखा। उसकी उंगलियों ने मेरी चूत की दोनों तरफ की लबिया को फैला दिया ताकि अंदर का गुलाबी और भीगा हिस्सा साफ दिखाई दे। मेरी चूत पूरी तरह सूजी हुई थी और उसका रस चमक रहा था।
मैं बोली- कुत्ते, देख क्या रहा है. इसको अपने लंड से शांत कर दे. बहुत दिनों से इसको लंड नहीं मिला है. तेरे पापा के जाने के बाद से ही प्यासी है ये मादरचोद. अपनी मां को चोद दे आज हरामी।
वो मेरी बात सुन कर उत्तेजित हो गया। उसकी सांसें तेज हो गईं और आंखों में भूख साफ दिखने लगी। उसने मुझे दोनों हाथों से कसकर उठाया और फिर बाथरूम में ले गया। वहां जाकर उसने शावर चला दिया। ठंडे पानी की तेज धार हमारे दोनों के बदन पर गिरने लगी। हम दोनों के बदन गीले हो गये।
पानी हमारे नंगे शरीर पर बह रहा था और हम दोनों एक दूसरे से चिपके हुए थे। उसने मेरी चूत में उंगली करनी शुरू कर दी। मेरी चूत में मजा आने लगा मुझे। वो मेरी चूत में दो उंगली डाल कर अंदर बाहर कर रहा था। उसकी उंगलियां मेरी चूत की अंदरूनी दीवारों को रगड़ रही थीं और हर बार गर्म पानी के साथ मेरा रस बाहर निकल रहा था। “Step Mother Son Chudai”
उसके बाद मैंने उसके गीले होंठों को चूसना शुरू कर दिया। हम दोनों एक दूसरे के बदन को फिर से चूसने लगे। पानी की धार के नीचे हमारी जीभें एक दूसरे के मुंह में घुस रही थीं और लार पानी के साथ मिल रही थी। उसका लंड उसके कच्छे में एकदम टाइट होकर मेरी चूत में घुसने को हो रहा था।
मैंने उसके गीले चूतड़ों को दबाया। उसके चूतड़ काफी गर्म थे। मुझे मर्दों के चूतड़ दबाने में बहुत मजा आता था। मगर हेमन्त ने अभी कच्छा पहना हुआ था। मैंने उसके जिस्म को चूमा और फिर उसके पेट को चूमते हुए उसकी टांगों के बीच में बैठने लगी।
पानी की तेज धार शावर से हमारे गीले बदन पर लगातार गिर रही थी और हर जगह से छोटी छोटी नदियां बह रही थीं। मैंने अपनी गर्म और नम जीभ से उसके सीने की मांसपेशियों को चाटा फिर धीरे धीरे नीचे उतरकर उसके पेट के हर इंच को चूमने लगी। उसके पेट की त्वचा सिकुड़ रही थी और पसीने के साथ पानी का मिश्रण मेरी जीभ पर चखने को मिल रहा था।
मैं घुटनों के बल सरकती गई और अंत में उसकी फैली हुई टांगों के बीच में बैठ गई। मेरी सांवली गांड फर्श पर ठंडे पानी में भीग रही थी। उसका लंड एक तरफ तना हुआ था। गीले अंडरवियर में किसी डंडे के जैसा दिख रहा था। मोटा और लंबा लंड कपड़े को पूरी तरह तान रहा था और उसकी नसें साफ उभरी हुई थीं।
पानी की वजह से कपड़ा उसके लंड से चिपक गया था जिससे उसका आकार और भी साफ दिख रहा था। मैंने दोनों हाथों से उसके कच्छे को पकड़ कर नीचे खींच दिया। उसका लंड बाहर आ गया। वह सीधा खड़ा होकर मेरे मुंह के सामने झूल रहा था। उसके झाँट भी काफी काले और घने थे जो पूरे लंड के नीचे और अंडकोष पर फैले हुए थे। “Step Mother Son Chudai”
मैंने कहा- इनको साफ क्यों नहीं करता है रे हरामी?
वो बोला- आज कर लूंगा रंडी।
उसके मुंह से गाली सुन कर मुझे अच्छा लगा। अब वो मर्दों वाली भाषा बोल रहा था। उसके शब्दों ने मेरी चूत को और भी गीला और प्यासा कर दिया। उसके कच्छे को उतारने के बाद मैंने उसके लंड के टोपे को खोल दिया और उसके लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी। मैंने पहले उसके लंड के गोल और मोटे टोपे को अपनी गर्म जीभ से चारों तरफ चाटा फिर धीरे से पूरा मुंह में ले लिया।
उसके मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं। आह्ह… मां… स्सस… मस्त लौड़ा चूसती हो तुम तो।
मैं बोली- कुत्ते बहुत दिनों के बाद लंड मिला है इसलिए चूस रही हूं।
अपने बेटे के लंड को चूसने में मुझे इतना मजा आ रहा था जितना कभी पति के लंड को चूसने में भी नहीं आया। मैं उसकी पूरी लंबाई मुंह में लेने की कोशिश कर रही थी। मेरी लार उसके लंड पर बह रही थी और मैं जोर जोर से चूस रही थी। उसके झाँट मेरी नाक को छू रहे थे और उनका नमकीन स्वाद मेरी जीभ पर फैल रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने कई मिनट तक उसके लंड को चूसा तो उसने मुझे हटा दिया और फिर नीचे फर्श पर गिरा लिया। उसने मेरी टांगों को खोल दिया। मेरी चूत पर अपना मुंह लगा कर उसको चाटने लगा। मेरी चूत में आग सी लग गई। उसकी गर्म जीभ से मेरी चूत भड़क उठी। ऊपर से शावर का पानी गिर रहा था और नीचे से वो अपनी गर्म जीभ मेरी चूत में चला रहा था। उसने मेरी चूत को चाट चाट कर मुझे पागल कर दिया। “Step Mother Son Chudai”
उसके बाद मैंने उसको दो चाटें मारते हुए कहा- साले अब चूसता ही रहेगा या चोदेगा भी इसको?
हेमन्त ने मेरी चूत में से जीभ को निकाल लिया और अपने लंड को हिलाने लगा। उसने मेरी टांगों को फैला कर अपना लंड मेरी चूत के ऊपर रख दिया और मेरे ऊपर लेट कर अपना लंड मेरी चूत में पेल दिया। बेटे का लंड चूत में गया तो मुझे आनंद आने लगा। उसने पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया और धक्के देने लगा।
मैं उसके होंठों को पीने लगी। वो भी अपनी मां की चूत को चोदने का मजा लेने लगा। उसके धक्कों से चुदाई करवाते हुए मेरी चूत में मजा आ रहा था। उसके हर जोरदार धक्के से मेरी चूत की अंदरूनी दीवारें पूरी तरह फैल रही थीं और एक गहरी खुजली भरी उत्तेजना मेरी रीढ़ तक दौड़ रही थी।
मैंने अपनी टांगों को उसकी पीठ पर रख लिया और वो तेजी के साथ पूरे लंड को मेरी चूत में पेलने लगा। उसके धक्के काफी तेज थे। हर बार जब वह पूरा लंड अंदर तक ठेलता तो उसके अंडकोष मेरी गांड से टकराते और पच-पच की जोरदार आवाज पूरे बाथरूम में गूंज जाती।
मेरे पति ने मेरी चुदाई इतने जबरदस्त तरीके से कभी नहीं की थी। रूम में पच-पच की आवाज होने लगी थी। मेरी चूत की प्यास बुझ रही थी। मेरी आंखें बंद होने लगी थी। वो पूरी ताकत लगा कर मेरी चूत को चोद रहा था। उसके लंड को मैं अंदर तक महसूस कर रही थी।
उसके लंड के झटके मुझे बहुत मजा दे रहे थे। हर धक्के के साथ मेरी चूत से गर्म और चिपचिपा रस बाहर निकलकर उसके लंड पर चढ़ रहा था और पानी की धार के साथ नीचे बह रहा था। कई मिनट तक वो मेरी चूत को चोदता रहा। फिर उसने लंड को निकाल लिया। मगर मैं अभी प्यासी थी। “Step Mother Son Chudai”
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मैंने पूछा- क्या हुआ?
वो बोला- झुक जा रंडी. तेरी चूत को कुतिया बना कर चोदूंगा।
मैं उसकी बात सुनकर खुश हो गई। उसके सामने मैं घोड़ी बन गई। मैंने दोनों हाथों को फर्श पर टिका दिया और अपनी मोटी गांड ऊपर उठा दी। मेरी चूत अब पीछे से पूरी तरह खुली हुई थी। उसने लंड पर थूक लगाया और मेरी चूत में लंड को फिर से पेल दिया। अब उसका लंड और अंदर तक जा रहा था।
मैंने कहा- आह्ह… शाबाश मेरे बच्चे… ऐसी चुदाई करना कहां से सीख कर आया है तू?
वो बोला- इसमें सीखने वाली कौन सी बात है मां. चूत तो चुदने के लिए ही बनाई है।
इतना कह कर वो जोर से मेरी चूत में लंड को पेलने लगा। लगभग पंद्रह मिनट तक उसने मेरी चूत को बजाया और फिर वो थकने लगा। शायद उसका वीर्य निकलने वाला था।
वो बोला- मेरा होने वाला है रंडी. कहां पर निकालूं अपने माल को?
मैं बोली- अंदर ही निकाल दे. बहुत दिनों से मेरी चूत ने लंड का माल नहीं पीया है।
वो तेजी के साथ धक्के लगाने लगा और दो मिनट के बाद ही उसकी गति धीमी पड़ने लगी। उसने मेरी चूत को खूब बजाया मगर मैं अभी भी नहीं झड़ी थी। उसके बाद वो मेरे ऊपर ही लेट गया। हम दोनों बुरी तरह से हांफ रहे थे। उसके बाद हम कुछ देर तक वहीं पर नंगे होकर पड़े रहे।
हेमन्त उठ कर बाहर आ गया. मैं बाथरूम में नहाने लगी। अब हम दोनों शांत हो गये थे। बाथरूम के फर्श पर हम दोनों नंगे लेटे हुए थे और हमारी सांसें धीरे धीरे सामान्य होने लगी थीं। मेरे बदन पर अभी भी पसीना और पानी की नमी चिपकी हुई थी। मेरी चूत में हल्का सा दर्द और गर्माहट महसूस हो रही थी लेकिन अंदर से एक गहरी तृप्ति का एहसास हो रहा था। “Step Mother Son Chudai”
कई सालों बाद पहली बार मेरी चूत को इतना संतोष मिला था। हेमन्त भी मेरे बगल में लेटा हुआ हांफ रहा था और उसकी छाती ऊपर नीचे हो रही थी। मेरे पूरे शरीर में एक हल्कापन था जैसे सारी चिड़चिड़ापन और निराशा धुल गई हो। कुछ देर बाद मैं उठी और कपड़े पहनने लगी।
मैंने अपनी साड़ी और ब्लाउज को ठीक किया। मेरे चूचे अभी भी थोड़े सूजे हुए थे और निप्पलों पर उसके दांतों के हल्के निशान थे। मैंने आईने में खुद को देखा तो मेरे चेहरे पर एक अनोखी चमक थी। मैंने कपड़े पहन कर घर का काम निपटाया और तब तक मेरा बेटा भी तैयार हो गया। वो थोड़ी देर में बाहर चला गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं आज बहुत खुश थी। मेरे मन में एक नई ऊर्जा और संतोष भरा हुआ था। कई सालों से जो खालीपन और चिड़चिड़ापन था वो आज दूर हो गया लग रहा था। मुझे फिर शॉपिंग करने के लिए जाना था तो मैंने भी बाजार जाने के लिए सोचा। मैं ये भी जानती थी कि हेमन्त अपने दोस्तों के साथ कहां पर होता है।
वो हमेशा ही अपने दोस्तों के साथ नाके पर खड़ा रहता था। मैं जानती थी वो वहीं पर मिलेगा और मेरा रास्ता भी वहीं से होकर जाता था। मैं अपने रास्ते पर निकल पड़ी। वो रास्ते में वहीं पर खड़ा हुआ था अपने दोस्तों के साथ। जब मैं वापस आ रही थी तो मैंने उसको उस वक्त भी वहीं पर खड़े हुए देखा। “Step Mother Son Chudai”
वो मुझे घूर रहा था। उसकी नजरें मेरे शरीर पर घूम रही थीं और उसकी आंखों में वासना साफ दिख रही थी। फिर मैं वहां से घर आ गयी। घर आकर मुझे खाना बनाना था। उसके बाद जब मैं खाना बना रही थी तो उसका मैसेज आया कि कुछ मीठा खाने के लिए लाता हूं तो मैंने बोल दिया कि ले आना। वो घर आया और मुझे गिलास में डाल कर कुछ दिया।
मैंने पूछा- ये क्या है? वो बोला- ठंडाई है, पीकर देखो।
मैंने ठंडाई को पी लिया तो मुझे अच्छा महसूस हुआ। उसमें हल्का सा नशा हो रहा था। ठंडाई का स्वाद मीठा दूधिया था जिसमें केसर की खुशबू और बदाम के टुकड़े घुले हुए थे। पीते ही मेरे पेट में गर्माहट फैल गई। मेरे सिर में हल्का चक्कर सा आने लगा। मेरी त्वचा संवेदनशील हो गई और मेरी चूत के अंदर एक हल्की सी खुजली और नमी महसूस होने लगी।
उसके बाद हम दोनों ने साथ में खाना खाया। खाते समय उसकी नजरें बार-बार मेरे चूचों पर टिक जाती थीं। मैं भी चुपचाप उसके शरीर को देख रही थी। फिर वो मेरे पास बैठ गया और मुझे फोन में सेक्स वीडियो दिखाने लगा। सेक्स वीडियो में मैंने देखा कि एक मोटे लंड वाला आदमी एक औरत की गांड में लंड डाल रहा था।
उस मोटे लंड की नसें उभरी हुई थीं और वो औरत की गांड को पूरी तरह फैला रहा था। औरत की आहें और कराह सुनकर मेरी सांसें तेज हो गईं। वो वीडियो देखते हुए हम दोनों ही गर्म हो गये थे। वीडियो की मोन आहें और चपचप की आवाजें सुनकर हमारी उत्तेजना बढ़ रही थी। “Step Mother Son Chudai”
उसके बाद उसने मेरे ब्लाउज को धीरे-धीरे उतार दिया। उसकी उंगलियां मेरी पीठ पर घूमती हुई ब्लाउज की हुक एक-एक करके खोल रही थीं। ब्लाउज उतरते ही मेरे बड़े-बड़े चूचे बाहर आ गए। उनकी निप्पल्स पहले से ही सख्त हो चुकी थीं। उसने दोनों हाथों से मेरे चूचों को जोर से दबाना शुरू कर दिया।
उसके अंगूठे मेरे निप्पल्स को घुमा रहे थे जिससे मैं सिहर उठी और मेरे मुंह से हल्की सी आह निकल गई। फिर उसने मेरे चूचों को मुंह में लेना शुरू कर दिया। वह एक चूचे को पूरा मुंह में भरकर चूसता था। उसकी जीभ निप्पल के चारों ओर घूम रही थी। वह हल्का-हल्का काटता और फिर चाटता।
दूसरे चूचे को हाथ से मसलता हुआ वह तेजी से सांस ले रहा था। मैं भी उसके पैंट के ऊपर से उसके लंड को सहलाने लगी। उसका लंड सख्त होकर तना हुआ था और गर्मी महसूस हो रही थी। फिर मैंने उसके पैंट की चेन खोली और उसके लंड को बाहर निकाल लिया। मैंने उसके गर्म और मोटे लंड को मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी।
मेरी जीभ उसके लंड के सिरे पर घूम रही थी। मैं उसके अंडकोष को हाथ से सहला रही थी। उसका स्वाद नमकीन और मांसल था। मेरे मुंह में लार भर गई और चूसते समय चपचप की आवाजें आने लगीं। उसने मेरी साड़ी को ऊपर उठाया और मेरी चूत में उंगली डालनी शुरू कर दी।
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उसकी उंगली मेरी चूत की भीगी हुई दीवारों को छूती हुई अंदर-बाहर हो रही थी। वह मेरी क्लिटोरिस को रगड़ रहा था। इससे मेरी चूत से रस निकलने लगा और मेरी जांघें कांपने लगीं। मैं कराह रही थी और मेरी सांसें भारी हो गई थीं। उसके लंड को चूसते हुए वो बहुत गर्म हो गया और उसने मुझे बेड पर गिरा कर मेरी चूत मार ली।
उसने मेरी टांगें चौड़ी करके फैलाईं। उसने अपना लंड मेरी चूत के मुंह पर रगड़ा। फिर धीरे-धीरे अंदर डाला। उसका मोटा लंड मेरी चूत को फैलाता हुआ पूरी तरह अंदर चला गया। उसने दूसरी बार मेरी चूत में लंड दिया था। वो जोर-जोर से धक्के देने लगा। “Step Mother Son Chudai”
हर धक्के पर मेरे चूचे हिल रहे थे। मेरी चूत उसके लंड को कसकर पकड़ रही थी। मैं जोर-जोर से कराह रही थी। मेरे चेहरे पर पसीना आ गया था। आखिर में उसने मेरी चूत में पानी गिरा कर उसे फिर से भर दिया। उसके वीर्य की गर्म धारें मेरी चूत के अंदर छूट रही थीं और कुछ बाहर भी निकल रहा था।
फिर वो उठ कर जाने लगा तो मैंने पूछा- कहां जा रहा है।
वो बोला- बस कुछ काम है. तुम शाम को तैयार रहना. हमें शाम को कहीं पर जाना है।
मैंने पूछा- कहां पर जाना है? वो बोला- वो सब शाम को पता लग जायेगा।
मैं शाम की तैयारी करने लगी। उसके बाद कब शाम हो गयी पता नहीं चला। शाम को वो गाड़ी लेकर आ गया। उसके हाथ में एक साड़ी थी।
मैंने पूछा कि ये किसके लिए है?
वो बोला- आज मैं तेरे साथ सुहागरात मनाऊंगा. तुम जल्दी से चलने की तैयारी करो।
मैंने पूछा- लेकिन हम कहां पर जा रहे हैं?
वो बोला- तुम तैयार हो जाओ. बाकी सब पता चल जायेगा।
मैं तैयार होने लगी। मैंने वो साड़ी ले ली और उसके साथ निकल पड़ी। हम लोग गाड़ी से जा रहे थे। घर से दूर 10 किलोमीटर पर एक जंगल था। उसमें काफी अंधेरा था लेकिन जुगनुओं की रोशनी हो रही थी। बहुत घने पेड़ थे. उसने गाड़ी को बीच जंगल में रोक दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर वो मेरी तरफ देख कर बोला- तुम जल्दी से तैयार हो जाओ। मैंने उसकी आँखों में देखा तो उसकी नजरों में जल रही वासना साफ दिख रही थी। फिर वो मुझे गाड़ी से बाहर ले गया। बाहर निकलते ही ठंडी और सुगंधित जंगल की हवा मेरे शरीर को छू गई। “Step Mother Son Chudai”
मैंने आस-पास देखा तो चारों ओर घना जंगल ही दिखाई दे रहा था। वहाँ किसी राजा-महाराजा की पुरानी शिकारगाह थी और पास में ही एक शांत तालाब था जिसके पानी पर चाँदनी चमक रही थी। चाँद भी निकल आया था और पूरी जगह को रौशन कर रहा था।
चारों तरफ जुगनू उड़ रहे थे जो अंधेरे में छोटी-छोटी जादुई रोशनियाँ बना रहे थे। हवा में पत्तियों की सरसराहट और तालाब के पानी की हल्की लहरों की आवाज आ रही थी। बहुत ही खूबसूरत और रोमांचक माहौल था। वहाँ पर पहले से ही एक मोटी गद्दी बिछी हुई थी।
साफ लग रहा था कि मेरा बेटा पहले ही यहाँ आकर अपनी माँ को चोदने की पूरी तैयारी कर चुका था। मैं उसकी बात मानकर साड़ी पहनकर तैयार हो गई। मैंने वह सुंदर साड़ी लपेट ली जो उसने मेरे लिए लाई थी। मैं वहाँ जाकर गद्दी पर बैठ गई। मैंने घूंघट निकाला हुआ था। उसने धीरे से मेरे पास आकर घूंघट उठाया और मुझे गहरी नजर से देखा।
वो बोला- मां तुम सांवली जरूर हो लेकिन बहुत सेक्सी दिखती हो।
मैंने शर्माते हुए उसके गालों को चूम लिया। घर से निकलने से पहले पी हुई ठंडाई का नशा अभी भी मेरे दिमाग और शरीर पर काम कर रहा था। मेरी चूत हल्की-हल्की गीली हो चुकी थी। मैंने उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया। मैं उसके नरम और गर्म होंठों को जोर से चूस रही थी। “Step Mother Son Chudai”
मेरी जीभ उसके मुंह में घुस गई और उसकी जीभ से उलझ गई। मेरे बेटे ने मुझे अपनी मजबूत बाँहों में कसकर भर लिया। तुरंत ही उसने मेरे चूचों को दबाना शुरू कर दिया। उसकी उंगलियाँ मेरे ब्लाउज के ऊपर से मेरे भरे हुए स्तनों को जोर-जोर से मसल रही थीं।
उसने मेरी साड़ी को खोलना शुरू किया जैसे मेरी पहली सुहागरात हो रही हो। उसने साड़ी की पल्लू को धीरे-धीरे खींचा, फिर कमर से साड़ी खोल दी और उसे नीचे सरका दिया। फिर उसने मेरे ब्लाउज की हुक खोली और मेरे बड़े-बड़े चूचे बाहर निकाल दिए। आखिर में उसने पेटीकोट की नाड़ी खींचकर उसे भी उतार दिया।
उसने मुझे पूरी नंगी कर दिया। वो मेरे चूचों को पीने लगा और उनको भींचते हुए उनका रस निचोड़ने लगा। उसने एक चूचे को पूरा मुंह में भरकर जोर-जोर से चूसना शुरू कर दिया। उसकी गर्म और नम जीभ मेरी सख्त निप्पल के चारों ओर तेजी से घूम रही थी।
कभी-कभी वह हल्का सा काट लेता तो मीठी-मीठी दर्द भरी सिहरन मेरे पूरे शरीर में दौड़ जाती। दूसरे चूचे को वह अपने मजबूत हाथ से कसकर भींच रहा था जैसे उसमें से दूध निकालना चाहता हो। उसकी उंगलियों का दबाव बढ़ते ही मेरे स्तनों से हल्का सा रस निकलने लगा जिसे वह चाटकर पी जाता था।
मैंने भी उसके लंड को सहलाना शुरू कर दिया। मेरे बेटे ने मेरे लिए बहुत ही अच्छा सरप्राइज रखा हुआ था। मैं उसके लंड को मजे से सहला रही थी और वो मेरे चूचों को पीने में लगा हुआ था। चारों तरफ पूरा सन्नाटा था। बस हमारे चूमने-चाटने की गीली चपचप की आवाजें और हल्की आहें जंगल की खामोशी को तोड़ रही थीं।
फिर उसने मेरी चूत के अंदरूनी हिस्से को खींचना शुरू कर दिया। मेरी चूत मैंने दिन में ही साफ कर ली थी, सारे बाल हटा दिए थे इसलिए वह बिल्कुल चिकनी, गुलाबी और नरम दिख रही थी। वो मेरी चूत के लबों को अपनी उंगलियों से धीरे-धीरे सहला रहा था। मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं।
मेरी सांसें तेज होने लगी थीं और मेरी छाती ऊपर-नीचे होने लगी थी। उसके बाद मेरे बेटे ने मेरी चूत को दोनों हाथों से फैला दिया। उसकी अंगुलियां मेरी गीली पंखुड़ियों को पूरी तरह अलग कर रही थीं। वो मेरी चूत को चाटने लगा। मुझे गजब का मजा आने लगा। उसकी गर्म जीभ मेरी चूत के ऊपरी हिस्से पर बनी क्लिटोरिस को तेज-तेज रगड़ रही थी। “Step Mother Son Chudai”
फिर उसने अपनी जीभ मेरी चूत के अंदर घुसा दी और जोर-जोर से चूसने लगा। मेरी चूत से निकलता रस उसके मुंह में जा रहा था। मैं पागल सी होने लगी थी। मेरी कमर अपने आप ऊपर उठ रही थी और मेरे मुंह से अनियंत्रित कराह निकल रही थी। उसके बाद उसने तेल की एक शीशी निकाली। उसमें सरसों का तेल था।
मैंने पूछा- ये किसलिए है।
वो बोला- मैं तेल लगा कर चूत में डालूंगा अपना लौड़ा।
उसने मेरी चूत के मुंह पर ठंडा और चिपचिपा सरसों का तेल लगाया। फिर उसने अपनी उंगली से मेरी चूत के अंदर भी तेल लगाने लगा। उंगली अंदर-बाहर होने से चूत में चिकनाहट भर गई और एक गर्म-सुनसनाहट महसूस होने लगी। फिर उसने अपने लंड पर तेल लगाना शुरू कर दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसने अपने लंड को तेल लगा कर एकदम से चिकना कर दिया। उसका लंड रात में चांदनी में भी चमक उठा था। उसने मेरी टांगों को फैला दिया और मेरी बालों वाली चूत पर अपने लंड का सुपारा रख दिया। उसके बाद उसने हल्का सा जोर लगाया तो मेरे मुंह से हल्की सी आह निकल गई।
उसके लंड का सुपारा मेरी चूत में चला गया था। चूंकि चूत पर तेल लगा था और उसके लंड पर भी तेल लगा था इसलिए लंड आसानी से चूत में घुस गया। मुझे महसूस ऐसा हो रहा था कि उसके लंड का टोपा अंदर चला गया है लेकिन ऐसा वास्तव में नहीं था। वो मेरी चूत के साथ खेल रहा था।
उसका लंड काफी बड़ा लग रहा था। मेरी चूत उसके लंड के सामने छोटी लग रही थी। मेरे बेटे का लंड देख कर मैं खुश हो रही थी। उसका लंड सात इंच के करीब लग रहा था और उसकी मोटाई भी सुबह के बदले काफी ज्यादा दिख रही थी।
उसके बाद मेरे बेटे हेमन्त ने मेरी चूत को सहलाया और दोबारा से अपना लंड मेरी चूत पर लगा दिया। उसने अपने लंड को मेरी चुदासी हो चुकी चूत पर टिका कर एक हल्का सा धक्का दे दिया। अबकी बार उसने लंड चूत में घुसा दिया था। मुझे मजा आ गया। “Step Mother Son Chudai”
फिर वो धक्के देने लगा और उसने पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया। उसका मोटा और लंबा लंड मेरी तेल लगी चूत को पूरी तरह से फैलाता हुआ जड़ तक चला गया। हर धक्के के साथ मेरी चूत की दीवारें उसके लंड को कसकर जकड़ ले रही थीं। चपचप… चपचप… की तेज आवाजें जंगल की खामोशी में गूंजने लगीं।
उसके बाद वो मेरे होंठों को पीने लगा और मैं भी चुदाई में उसका साथ देने लगी। उसने मेरे होंठों को चूसते हुए अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी। मैं भी उसकी जीभ को जोर से चूस रही थी। अंधेरे में जंगल में बेटे का लंड लेते हुए अलग ही रोमांच पैदा हो रहा था मेरे अंदर।
चारों तरफ घने पेड़, जुगनुओं की रोशनी और ठंडी हवा के बीच अपनी बेटे से चुदवाने का यह पाप भरा सुख मुझे पागल कर रहा था। वो भी कुछ ज्यादा ही जोश में लग रहा था अपनी मां की चूत मारते हुए। उसने मेरी चूत में धक्के दे कर पूरा लंड जड़ तक घुसा दिया तो मुझे तकलीफ होने लगी और मैं कराहने लगी। मेरी चूत के अंदर से जलन और खिंचाव का एहसास हो रहा था।
उसने पूछा- दर्द कर रहा है क्या मेरा लंड?
मैंने कराहते हुए कहा- हां, बहुत दर्द हो रहा है. सुबह से ये तीसरी चुदाई है. मेरी चूत शायद अंदर से छिल गई है।
अब उसने मेरी दोनों कलाईयों को पकड़ कर एक जोर से झटका मारा तो मैं तो जैसे पूरी तरह से कांप गई। अब उसने मेरे मम्मों के चूचकों को मुँह से पकड़ लिया और काटने लगा। वो मेरे चूचों को पीने लगा और धीरे धीरे नीचे से अपनी कमर को भी चलाने लगा। उसके धक्के पहले से ज्यादा ताकतवर लग रहे थे।
मेरी चूत में उसका लंड अंदर तक घुसा हुआ था और हर धक्के पर मेरी पूरी देह हिल रही थी। ऐसे ही चूत में लंड को धकेलते हुए अब वो मस्ती में मेरी चूत की चुदाई करने लगा। मुझे भी अब मजा आने लगा था। मेरे मुंह से कामुक आवाजें निकलने लगी थीं। उसकी स्पीड और तेज हो गई थी। “Step Mother Son Chudai”
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : भाभी ने अपनी फूली हुई फुद्दी के दर्शन कराये
मैं बोली- थोड़ा आराम से कर बेटा… आह्ह… दर्द कर रहा है तेरा लौड़ा।
वो बोला- साली रंडी, चुपचाप करके लेटी रह, तेरी चूत का मजा लेने दे मुझे. मैं आज इसकी चटनी बना दूंगा।
इतना बोल कर वो फिर से जोर के धक्के देने लगा।
फिर उसने पूछा- मजा आ रहा है क्या मां?
मैंने कहा- मुझे मां मत बोल कुत्ते, मुझे नीलिमा कह कर बुला।
वो बोला- कितना मजा आ रहा है नीलिमा?
मैंने कहा- बहुत मजा आ रहा है मेरे लाल।
वो बोला- आइ लव यू नीलिमा डार्लिंग. तुम कितनी सेक्सी और हॉट हो. तेरी चूत मारने में कमाल का आनंद मिल रहा है।
मैंने पूछा- सुबह भी तुम्हें मजा आया था क्या?
वो बोला- हां, सुबह तो बाथरूम में मैंने लौड़े पर साबुन लगा कर चूत में डाला था. इसलिए मजे से अंदर चला गया था।
उसके बाद वो फिर से जोर के धक्के देने लगा। मेरी चीख निकलने लगी। आह्ह… हेमन्त… चोद मुझे… आहह्ह चोद दे मेरी चूत को आईई… आह्हह… हेमन्त ने अपने होंठों को मेरे होंठों पर कस लिया और फिर तेजी के साथ मेरी चूत को चोदने लगा। उसकी लार मेरे मुंह में जा रही थी और मैं उसकी लार को खींच कर पी रही थी।
उसके लंड से चुद कर मेरी प्यास बुझ रही थी। उसने अपनी कमर को झटके देते हुए पूरे लंड को जड़ तक पेलना शुरू कर दिया और हर धक्के पर उसकी गोलियां मेरी चूत से टकरा जाती थीं। मेरी चूत का बैंड बजने लगा था। उसने पता नहीं कौन सा टॉनिक पी लिया था।
उसका लंड मेरी चूत को फाड़ने पर तुला हुआ था। मगर दर्द के साथ ही मुझे मजा भी बहुत दे रहा था मेरे बेटे का लौड़ा। मैं उसके लंड के नीचे पड़ी हुई अंधेरे जंगल में खुले में चुद रही थी। ऐसी चुदाई मेरी जिंदगी में पहली बार हो रही थी। उसके हर धक्के जवाब मैं अपनी गांड को उठा कर दे रही थी।
कुछ देर ऐसे ही दोनों एक दूसरे से युद्ध करते रहे। उसके हर जोरदार धक्के से मेरी चूत के अंदर की दीवारें खिंच रही थीं और फिर कसकर उसके मोटे लंड को जकड़ ले रही थीं। चपचप चपचप की तेज आवाजें जंगल की सन्नाटे में दूर तक गूंज रही थीं। फिर उसने उठने के लिए कहा और अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगा दिया।
उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया। मेरी दोनों घुटनों और हाथों को जमीन पर टिका दिया। उसने मेरी गांड में उंगली से तेल अंदर करना शुरू कर दिया। उसकी चिकनी उंगली मेरी गांड के छेद को धीरे-धीरे फैलाती हुई अंदर घुस गई। पहले तो मुझे तेज दर्द हुआ लेकिन थोड़ी ही देर में वह दर्द मीठे मजा में बदल गया। “Step Mother Son Chudai”
उसकी उंगली अंदर-बाहर घूम रही थी और मेरी गांड की अंदरूनी दीवारों को चिकना बना रही थी। उसके बाद उसने लंड को मेरी गांड पर पटका और पीछे से मेरे चूचों को दबाते हुए उनको खींचने लगा। उसका लंड मेरी गांड पर रगड़ने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसके बाद उसने अपने लंड को मेरी गांड के छेद पर लगाया और मेरी गांड में अपना तेल लगा हुआ लंड पेल दिया। मेरी जान हलक में अटक गई। वो मेरी पीठ को काटने लगा और उसने पूरा लंड मेरी गांड में घुसा दिया। उसका मोटा सुपारा पहले मेरी गांड के टाइट छेद को फाड़ता हुआ अंदर गया फिर पूरा लंड जड़ तक चला गया।
मैं बोली- बात सुहागरात मनाने की हुई थी हरामी। गांड मारने की नहीं।
वो बोला- सुहागरात में गांड भी मारी जाती है नीलिमा।
फिर उसने पूरा लंड मेरी गांड में ठोक कर मेरी गांड को चोदना शुरू कर दिया। उसके धक्के मेरी गांड में तेजी के साथ लगने लगे। हर धक्के पर उसकी गोलियां मेरी गांड से टकरातीं और पचाक पचाक की आवाज निकलती। मुझे भी मजा आने लगा। पांच-सात मिनट तक उसने मेरी गांड को चोदा और फिर अपने लंड को बाहर निकाल लिया।
उसके लंड में अभी भी उतना ही तनाव था। उसने दोबारा से मेरी चूत में लंड को पेल दिया और मेरे बालों को पकड़ कर मेरी चूत मारने लगा। मुझे मजा आने लगा और मैं एकदम से झड़ने लगी। जंगल के सन्नाटे में चूत का पानी निकाल दिया मेरे बेटे के लंड ने। उसके बाद चुदाई में पच-पच की आवाज होने लगी। उसके धक्के अब और तेज हो गये।
दो मिनट तक मेरी चूत तो जोरदार तरीके से चोदने के बाद उसने मेरी चूत में ही अपना माल गिरा दिया और मेरे ऊपर हांफते हुए गिर गया। मैं भी थक गई थी। सुबह से उसने मेरी इतनी चुदाई कर दी थी कि मेरी हालत खराब हो गई थी। हम कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे और उसके बाद उठने लगे।
मेरी चूत और गांड में दर्द हो रहा था लेकिन मैं पूरी तरह से खुश हो गयी थी। मेरे जवान बेटे ने अपनी मां को चोदा। मेरी चूत की प्यास को बुझा दिया था। इस तरह से हम दोनों ने जंगल में सुहागरात मनाई। उस दिन के बाद से हम दोनों चुदाई का मजा लेते रहते हैं। बेटे ने मां को चोदा। आपको यह कहानी पसंद आई या नहीं… कहानी पर राय दें। मुझे अपने बेटे से चुदाई करवाना बहुत पसंद है। मैं अक्सर उसके साथ इसी तरह मजे लेती रहती हूं।
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