Desi BBC Hardcore Fuck
वसीम अपने 3BHK फ्लैट के लिविंग रूम में खड़ा खिड़की से बाहर देख रहा था। शाम के साढ़े सात बज रहे थे। इंदौर की गर्म हवा अभी भी कम नहीं हुई थी। उसका शरीर भुजंग कोयले की तरह गहरा काला था — चमकदार, घना और पूरी तरह मांसल। 22 साल की उम्र में उसकी बॉडी ट्रेनर की मेहनत से परफेक्ट बन चुकी थी। चौड़ी छाती, उभरी हुई बाइसेप्स, सिक्स पैक एब्स और मजबूत जांघें। Desi BBC Hardcore Fuck
ट्रेनर ने तीन दिन पहले ही कहा था, “अब बस मेंटेन करना है वसीम। बॉडी अब परफेक्ट है।” वह शेयर ब्रोकिंग का काम करता था, इसलिए पूरा दिन घर पर ही रहता था। सुबह 5 बजे जिम, फिर नहाकर ट्रेडिंग शुरू। माता-पिता की मौत बचपन में ही हो चुकी थी। बड़ा भाई अकरम दो साल पहले अपनी पत्नी के साथ 400 किलोमीटर दूर दूसरे शहर शिफ्ट हो गया था और रिश्ता लगभग तोड़ दिया था।
अब वसीम पूरी तरह अकेला था। कोई परिवार नहीं, कोई खास सहारा नहीं। उसका फ्लैट नंबर 503 था। ठीक बगल में फ्लैट नंबर 504 था, जहाँ शालिनी रहती थी। दोनों फ्लैट एक ही फ्लोर पर थे, लेकिन अलग-अलग। मुख्य दरवाजे अलग-अलग थे। बालकनियाँ पास-पास थीं, सिर्फ एक पतली दीवार से अलग। शालिनी 24 साल की थी।
उसका गोरा बदन दूध की तरह चमकता था। लंबे घने काले बाल, जो अक्सर खुले रहते थे। छाती भरी हुई — 34D साइज, कमर पतली, नितंब गोल और मोटे, जांघें चिकनी और आकर्षक। चेहरा नूरानी, बड़ी आँखें और गुलाबी होंठ। एक साल पहले उसने परिवार के खिलाफ लव मैरिज की थी। पिता ने घर से निकाल दिया।
छह महीने पहले पति को दुबई में अच्छी नौकरी मिल गई और वह चला गया। अब शालिनी भी अकेली थी। आज शाम वसीम अपनी बालकनी में खड़ा था। ठीक बगल वाली बालकनी में शालिनी कपड़े सुखा रही थी। उसने सफेद स्लीवलेस टॉप और ब्लैक योगा पैंट्स पहनी थी। टॉप उसके गोरे कंधों और भरी छाती को अच्छी तरह उभार रहा था।
वसीम ने हिम्मत करके आवाज दी, “नमस्ते शालिनी।” शालिनी मुड़ी। उसकी बड़ी आँखें वसीम पर पड़ीं। “नमस्ते वसीम। आज ट्रेडिंग कैसी रही?” “औसत रही। आपका दिन कैसा था?” वसीम ने पूछा। “बस… वैसे ही। अकेले-अकेले।” शालिनी ने हल्की सांस ली। दोनों अपनी-अपनी बालकनी में खड़े होकर बात कर रहे थे।
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मुख्य दीवार के कारण वे एक-दूसरे के फ्लैट में सीधे नहीं जा सकते थे। बातचीत में हल्का-हल्का आकर्षण महसूस हो रहा था। वसीम की नजर बार-बार शालिनी के गोरे बदन पर जा रही थी। शालिनी भी वसीम के काले, मांसल शरीर को चुपके से देख रही थी।
**वसीम का विचार:** *कितनी गोरी और खूबसूरत है। मेरे काले शरीर के बगल में यह कितनी नाजुक लगती है।*
**शालिनी का विचार:** *इतना काला और मोटा शरीर… लेकिन आकर्षक लगता है। पति से बिल्कुल अलग।*
कुछ देर बातें करने के बाद वसीम ने कहा, “चाय पिएंगे? मैं बना लेता हूँ।” शालिनी एक पल सोची, फिर बोली, “ठीक है। मैं आती हूँ।” वसीम को खुशी हुई। कुछ मिनट बाद उसने अपना मुख्य दरवाजा खुला रखा। शालिनी अपने फ्लैट से निकली, कॉरिडोर पार किया और वसीम के मुख्य दरवाजे से अंदर आई।
“आइए,” वसीम ने मुस्कुराते हुए कहा। शालिनी अंदर आई। उसके पैर नंगे थे। वह हल्के से शर्माती हुई लग रही थी। वसीम ने उसे लिविंग रूम में बिठाया और किचन में चाय बनाने चला गया। शालिनी ने इधर-उधर देखा। वसीम का फ्लैट साफ-सुथरा था, लेकिन खाली-खाली सा लगता था।
चाय बनकर तैयार हुई। दोनों सोफे पर बैठ गए। “आपका फ्लैट अच्छा है,” शालिनी ने कहा। “धन्यवाद। आपका भी अच्छा होगा,” वसीम ने जवाब दिया। बातें धीरे-धीरे गहरी होने लगीं। वसीम ने बताया कि माता-पिता नहीं हैं, भाई ने रिश्ता तोड़ दिया है।
शालिनी ने भी अपनी कहानी सुनाई — परिवार से निकलना, पति का दुबई जाना और अकेलापन। “रात को नींद नहीं आती,” शालिनी ने धीरे से कहा, “शरीर भी अजीब तरह से याद दिलाता है।” वसीम चुप रहा। उसकी नजर शालिनी के भरे हुए गोरे स्तनों पर बार-बार जा रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
**वसीम का विचार:** *यह लड़की कितनी खुलकर बात कर रही है। मुझे इसकी गोरी देह को छूने की बहुत इच्छा हो रही है।*
**शालिनी का विचार:** *वसीम की आँखों में कुछ है। पति छह महीने से दूर है… इस काले मर्द के पास बैठकर अच्छा लग रहा है।*
रात करीब 10:20 बज गए। शालिनी उठी। “अब मुझे जाना चाहिए। कल फिर मिलेंगे,” उसने कहा। वसीम उसे मुख्य दरवाजे तक छोड़ने गया। जाते समय शालिनी ने पलटकर एक बार देखा। उसकी आँखों में शर्म और आकर्षण दोनों थे। दरवाजा बंद होने के बाद वसीम दीवार से टेक लगाकर खड़ा हो गया। उसका शरीर गर्म हो रहा था। शालिनी की महक अभी भी कमरे में थी।
**वसीम का विचार:** *आज पहली बार किसी के साथ इतनी अच्छी बात हुई। शालिनी… तुम्हें पाने की इच्छा जाग रही है।*
दूसरी तरफ, अपने फ्लैट में लौटकर शालिनी बेड पर लेट गई।
**शालिनी का विचार:** *वसीम का काला शरीर… इतना मजबूत। पति से कितना अलग है। काश कुछ हो जाए…*
दोनों के मन में आग सुलग चुकी थी। यह सिर्फ शुरुआत थी। अगले चार-पांच दिन दोनों के बीच की मुलाकातें काफी नियमित हो गईं। सुबह वसीम जिम से लौटता तो शालिनी अक्सर अपनी बालकनी में खड़ी कॉफी पीती दिख जाती। शाम को कभी वसीम अपनी बालकनी में खड़ा होता, तो शालिनी भी अपनी बालकनी में आ जाती।
कभी-कभी शालिनी वसीम के मुख्य दरवाजे पर आकर चाय पीने चली जाती। दोनों के फ्लैट पास-पास थे, लेकिन पूरी तरह अलग-अलग। मुख्य दरवाजे अलग थे, इसलिए हर बार आने-जाने में एक छोटा सा रोमांच होता था। एक शाम अचानक मौसम बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी।
कुछ ही देर में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। वसीम अपनी बालकनी में खड़ा बारिश का नजारा देख रहा था कि तभी बगल वाली बालकनी से शालिनी की आवाज आई। “वसीम! बारिश बहुत तेज हो रही है। छत पर चलकर देखें?” वसीम मुस्कुराया, “चलो।” दोनों अपने-अपने फ्लैट से निकलकर सीढ़ियों से ऊपर छत पर पहुंच गए।
छत पूरी तरह खाली थी। चारों तरफ सिर्फ तेज बारिश और हवा की आवाजें गूंज रही थीं। शालिनी ने जैसे ही छत पर कदम रखा, वह खुशी से हंस पड़ी। उसने दोनों हाथ फैला दिए और बारिश में भीगने लगी। उसके सफेद स्लीवलेस टॉप और हल्की नीली शॉर्ट्स तुरंत पानी से तर हो गए। कपड़े उसके गोरे बदन से चिपक गए।
भरी हुई छाती का पूरा आकार साफ नजर आ रहा था। गुलाबी निपल्स हल्के से उभर आए थे। पानी की धाराएं उसके पतले गले, गोरे कंधों और पेट पर बह रही थीं। वसीम भी बारिश में खड़ा हो गया। उसकी काली टी-शर्ट भी भीग गई और उसके मांसल शरीर को और निखार रही थी। “आओ ना!”
शालिनी ने हंसते हुए कहा और वसीम की तरफ पानी छींटा। वसीम ने भी जवाब दिया। दोनों बारिश में एक-दूसरे पर पानी फेंकने लगे। शालिनी हंस-हंसकर भाग रही थी, वसीम उसे पकड़ने की कोशिश कर रहा था। एक बार वसीम ने शालिनी का हाथ पकड़ लिया। दोनों एक-दूसरे के बहुत करीब आ गए। बारिश की वजह से उनके शरीर आपस में छू रहे थे। शालिनी की सांसें तेज हो गई थीं।
**शालिनी का विचार:** *वसीम का काला मजबूत शरीर बारिश में कितना आकर्षक लग रहा है। उसके हाथों की गर्मी मुझे महसूस हो रही है।*
वसीम ने शालिनी की कमर पर हाथ रख दिया। “ठंड तो नहीं लग रही?” “नहीं… बहुत अच्छा लग रहा है,” शालिनी ने शरमाते हुए कहा। दोनों कुछ देर तक बारिश में खड़े रहे। वसीम शालिनी के गोरे चेहरे पर बहते पानी को देख रहा था। शालिनी वसीम की चौड़ी काली छाती को चुपके से देख रही थी।
हल्की-सी मस्ती के बीच दोनों के शरीर के बीच आकर्षण बढ़ता जा रहा था। कुछ देर बाद शालिनी ने हांफते हुए कहा, “बहुत भीग गए हम दोनों। अब चलो, अपने-अपने फ्लैट में जाकर कपड़े बदल लेते हैं। फिर गरम-गरम चाय पीते हैं। मेरे फ्लैट में आ जाना। मैं चाय बना लूंगी।” वसीम ने सिर हिलाया, “ठीक है। मैं 10-15 मिनट में आता हूँ।”
दोनों नीचे आए। वसीम अपने फ्लैट में गया, भीगे कपड़े उतारे, गर्म पानी से नहाया, एक काली टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहनी और शालिनी के फ्लैट की तरफ चल दिया। शालिनी का मुख्य दरवाजा खुला था। वसीम ने हल्का-सा खटखटाया। शालिनी ने दरवाजा खोला। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वह अब वसीम की दी हुई बड़ी काली टी-शर्ट पहने हुए थी। टी-शर्ट उसके घुटनों तक पहुंच रही थी। उसके गोरे पैर, मोटी चिकनी जांघें और भारी गोल नितंब टी-शर्ट के नीचे से आधे-आधे दिख रहे थे। उसके लंबे बाल अभी भी गीले थे और गोरे चेहरे पर पानी की कुछ बूंदें बाकी थीं।
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**वसीम का विचार:** *भगवान, कितनी सेक्सी लग रही है। मेरी टी-शर्ट में यह गोरी लड़की… दिल जोर से धड़क रहा है।*
“अंदर आओ,” शालिनी ने मुस्कुराते हुए कहा। वसीम अंदर आया। शालिनी के फ्लैट में हल्की मीठी महक थी। दोनों लिविंग रूम में सोफे पर बैठ गए। शालिनी ने गरम चाय बनाकर दो कप लाई। “छत पर आज बहुत मजा आया,” शालिनी ने चाय का कप थमाते हुए कहा। “हां, बहुत दिनों बाद ऐसा लगा जैसे कोई साथ हो,” वसीम ने जवाब दिया।
चाय पीते हुए बातें धीरे-धीरे गहरी होती गईं। शालिनी ने अपनी आवाज को नरम करते हुए कहा, “वसीम… छह महीने हो गए पति गए हुए। शुरू में वीडियो कॉल आते थे, अब वो भी बंद हो गए हैं। रात को अकेले बिस्तर पर लेटकर बहुत बुरा लगता है। शरीर भी अंदर से तड़पने लगता है।”
वसीम ने गहरी सांस ली, “मेरी भी यही स्थिति है। भाई ने रिश्ता लगभग तोड़ दिया। कोई अपना नहीं रहा। कभी-कभी रात को नींद ही नहीं आती।” शालिनी ने अपना गोरा हाथ आगे बढ़ाया और वसीम के काले हाथ को पकड़ लिया। दोनों की उंगलियां धीरे-धीरे एक-दूसरे में फंस गईं।
**शालिनी का विचार:** *इसके काले हाथ कितने बड़े और मजबूत हैं। छूकर अच्छा लग रहा है।*
वसीम ने हिम्मत करके शालिनी को हल्का सा अपनी तरफ खींचा। शालिनी उसके सीने से लग गई। उसके भरे-भरे गोरे स्तन वसीम की चौड़ी काली छाती से दब गए। वसीम ने अपनी बांहें शालिनी की पीठ पर रख दीं।
**वसीम का विचार:** *उसके स्तन कितने नरम और भारी हैं। मेरी छाती पर दब रहे हैं। इस गोरी देह को छूने का मन कर रहा है।*
दोनों कुछ मिनट तक ऐसे ही लिपटे रहे। बाहर बारिश की आवाज अभी भी आ रही थी। कमरे में सिर्फ उनकी तेज सांसें सुनाई दे रही थीं। शालिनी ने धीरे से सिर उठाया और वसीम की आँखों में देखा, “तुम्हें कभी… इच्छा नहीं होती?” वसीम की आवाज भारी हो गई, “बहुत होती है शालिनी।”
शालिनी शर्मा गई लेकिन अलग नहीं हुई। रात करीब 10:50 बजे शालिनी ने धीरे से कहा, “अब तुम्हें जाना चाहिए।” वसीम उठा। मुख्य दरवाजे तक जाते समय शालिनी ने उसे जोर से गले लगा लिया। इस बार उसका पूरा शरीर वसीम से सट गया था। “कल फिर मिलेंगे,” शालिनी ने फुसफुसाकर कहा। वसीम अपने फ्लैट लौटा। उसका लिंग पूरी तरह खड़ा हो चुका था।
**वसीम का विचार:** *शालिनी की गोरी देह, उसके स्तन, उसकी महक… आज रात मुझे नींद नहीं आएगी।*
दूसरी तरफ शालिनी बेड पर लेट गई। उसकी चूत हल्की-हल्की गीली हो चुकी थी।
**शालिनी का विचार:** *वसीम का काला मांसल शरीर… अगर वह मुझे जोर से पकड़ ले तो…*
बारिश की आवाज के बीच दोनों के अंदर की आग और तेजी से सुलग रही थी। तीन दिन बाद। रात के 11:35 बज रहे थे। बारिश रुक चुकी थी, लेकिन हवा में नमी अभी भी बाकी थी। वसीम अपने फ्लैट में बेडरूम में लेटा हुआ था कि तभी doorbell बजा। दरवाजा खोलते ही उसकी सांस रुक गई। शालिनी खड़ी थी।
उसने एक काला शॉर्ट नाइट गाउन पहना हुआ था — बहुत छोटा, हल्का पारदर्शी और बेहद सेक्सी। गाउन के अंदर कुछ नहीं था। उसके गोरे भारी स्तन और गुलाबी निपल्स हल्के से दिख रहे थे। नाइट गाउन उसकी जांघों के ऊपर तक था, जिससे उसके मोटे गोरे नितंब और जांघें आधे दिख रहे थे। “वसीम… मैं अंदर आ सकती हूं?” शालिनी की आवाज भारी और कामुक थी।
**वसीम का विचार:** *आज इसकी नजरों में कुछ और ही है। लगता है आज रुकने वाली नहीं है।*
वसीम ने उसे अंदर आने दिया। शालिनी अंदर आई तो वसीम ने दरवाजा बंद कर दिया और लॉक लगा दिया। दोनों लिविंग रूम में गए। वसीम ने व्हिस्की की बोतल निकाली और दो ग्लास बनाए। दोनों बालकनी की तरफ खड़े होकर एक-एक घूंट लिया। शालिनी ने ग्लास रख दिया और सीधे वसीम के पास आ गई। “Desi BBC Hardcore Fuck”
“आज मैं कुछ नहीं सुनना चाहती… बस महसूस करना चाहती हूं।” वसीम ने उसे अपनी ओर खींच लिया। दोनों के होंठ एक-दूसरे से टकराए। पहला गहरा किस। वसीम ने शालिनी के निचले होंठ को चूसा, फिर जीभ अंदर डाल दी। शालिनी की जीभ उसके साथ लिपट गई। किस इतना गहरा था कि दोनों की सांसें फूल गईं।
**शालिनी का विचार:** *इसके काले होंठ मेरे गुलाबी होंठों पर… कितना जोरदार किस कर रहा है। पति कभी ऐसा नहीं करता था।*
वसीम ने किस करते हुए शालिनी की गर्दन पर होंठ रख दिए। गर्दन चूमने लगा, हल्का-हल्का काटने लगा। शालिनी की आह निकली — “उम्म्म्म… वसीम…” वसीम ने उसके कान में जीभ डाली और काटा। फिर नाइट गाउन के स्ट्रैप्स खींचे। गाउन फर्श पर गिर गया। शालिनी अब पूरी तरह नंगी खड़ी थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसका गोरा बदन हल्की रोशनी में चमक रहा था — भारी 34D स्तन, गुलाबी निपल्स, पतली कमर, गोल मोटे नितंब और साफ गोरी चूत। वसीम ने उसे सोफे पर बिठाया और घुटनों के बल बैठ गया। पहले उसने शालिनी के दोनों स्तनों को जोर से मसलना शुरू किया।
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फिर निपल्स को उंगलियों से खेलने लगा — घुमाना, खींचना, हल्का दबाना। “आह्ह्ह… वसीम… धीरे…” शालिनी कराह रही थी। वसीम ने एक स्तन मुंह में ले लिया। जोर से चूसा, निपल को दांतों से काटा। फिर दूसरे स्तन पर गया। शालिनी उसके काले बालों में उंगलियां फेर रही थी। “Desi BBC Hardcore Fuck”
**शालिनी का विचार:** *इसका मुंह मेरे स्तनों पर… कितना गर्म है। मेरे निपल्स सख्त हो गए हैं।*
वसीम नीचे झुका। उसने शालिनी के पेट को चूमा, नाभि में जीभ डाली और चाटा। फिर जांघों के अंदरूनी हिस्से को चूमने लगा। शालिनी की जांघें कांप रही थीं। “वसीम… ऊपर आओ…” शालिनी ने अधीर होकर कहा। वसीम ने अपनी टी-शर्ट और ट्रैक पैंट उतारी। उसका काला, मोटा, लंबा लिंग पूरी तरह खड़ा था — 7.5 इंच लंबा, मोटा और शिराओं वाला। शालिनी ने उसे देखा और फुसफुसाई, “बहुत बड़ा और काला है… डर लग रहा है।”
**शालिनी का विचार:** *पति का इससे बहुत छोटा था। यह तो मेरी चूत फाड़ देगा। लेकिन इच्छा भी बहुत हो रही है।*
वसीम ने शालिनी को बेडरूम में उठाकर ले गया और बेड पर लिटा दिया। उसने शालिनी की जांघें फैलाईं। उसकी गोरी चूत पहले से गीली हो चुकी थी। वसीम ने अपनी उंगलियां चूत पर फेरीं, फिर दो उंगलियां अंदर डालकर अंदर-बाहर करने लगा। शालिनी तड़प उठी — “आह्ह्ह… वसीम… मत teasing करो…”
वसीम ने अपना मोटा काला लिंग शालिनी की गोरी चूत के मुंह पर रख दिया। नोक को हल्का रगड़ा। फिर धीरे से दबाव डाला। “आह्ह्ह… धीरे… बहुत मोटा है…” शालिनी ने आंखें बंद कर लीं। वसीम ने एक जोरदार धक्का दिया। आधा लिंग अंदर चला गया। शालिनी जोर से चीखी। “Desi BBC Hardcore Fuck”
“ले मेरी रंडी… ले पूरा काला लंड…” वसीम ने कहा और दूसरा जोरदार धक्का मारा। पूरा मोटा लिंग शालिनी की गोरी चूत में समा गया। “आआआह्ह्ह्ह…!” शालिनी ने वसीम की पीठ पर नाखून गड़ा दिए। “बहुत बड़ा है… मेरी चूत फट गई… आह्ह्ह!”
**शालिनी का विचार:** *पहली बार इतना भरपूर महसूस हो रहा है। इस काले लंड ने मेरी पूरी चूत भर दी है।*
वसीम ने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। हर थ्रस्ट के साथ शालिनी की चूत उसका लिंग निचोड़ रही थी। “जोर से चोदो मुझे वसीम… अपनी गोरी रंडी की चूत फाड़ दो…” शालिनी ने कराहते हुए कहा। वसीम की गति बढ़ने लगी। कमरे में चप-चप की आवाजें शुरू हो गईं। उसका काला पेट शालिनी के गोरे पेट से टकरा रहा था।
**वसीम का विचार:** *इसकी गोरी चूत मेरे काले लंड को कितनी अच्छी तरह निचोड़ रही है। आज इसे पूरी तरह चोदूंगा।*
वसीम की गति अब धीरे-धीरे तेज होती जा रही थी। उसका मोटा काला लिंग शालिनी की गोरी चूत में बार-बार घुस रहा था। हर धक्के के साथ “चप-चप-चप” की आवाज कमरे में गूंज रही थी। शालिनी के गोरे भारी स्तन हर थ्रस्ट पर ऊपर-नीचे उछल रहे थे। “आह्ह्ह… वसीम… जोर से… और जोर से चोदो मुझे!” शालिनी ने कराहते हुए कहा। उसकी आँखें आधी बंद थीं और चेहरा कामवासना से लाल हो रहा था। “Desi BBC Hardcore Fuck”
**शालिनी का विचार:** *पति कभी इतना गहरा नहीं जाता था। वसीम का यह काला मोटा लंड मेरी चूत को पूरी तरह भर रहा है… कितना मज़ा आ रहा है।*
वसीम ने दोनों हाथों से शालिनी के गोरे स्तनों को जोर से मसलना शुरू किया। वह उन्हें ऊपर से दबाता, फिर नीचे से उठाकर मसलता। निपल्स को उंगलियों के बीच पकड़कर खींचता और हल्का-हल्का थप्पड़ भी मार देता। फिर वह झुककर एक निपल को मुंह में लेकर जोर से चूसने लगा। “ले मेरी गोरी रंडी… ले पूरा काला लंड अपनी चूत में!” वसीम ने भारी आवाज में कहा और एक जोरदार धक्का मारा। “आह्ह्ह… हां… फाड़ दो मेरी चूत… तुम्हारा काला लंड बहुत मोटा है… आह्ह्ह!” शालिनी चीख पड़ी।
**वसीम का विचार:** *इसकी गोरी चूत कितनी गीली और टाइट है। मेरे काले लंड को अच्छी तरह निचोड़ रही है। आज इसे पूरी तरह अपना बना लूंगा।*
कुछ मिनट बाद वसीम ने शालिनी को पलट दिया। अब शालिनी चारों खाने चित थी — उसकी गोरी पीठ और मोटे गोल नितंब वसीम के सामने थे। वसीम ने उसके नितंबों को दोनों हाथों से फैलाया। उसकी गोरी चूत पीछे से भी साफ दिख रही थी, पूरी तरह भीगी हुई और लाल हो चुकी थी। उसने अपना काला मोटा लिंग फिर से चूत पर रखा और एक ही झटके में पूरा अंदर धकेल दिया।
“आआआह्ह्ह्ह…!” शालिनी तकिए में मुंह दबाकर चीख पड़ी। “बहुत गहरा जा रहा है… आह्ह्ह!” वसीम ने डॉगी स्टाइल में तेजी से चोदना शुरू कर दिया। उसके काले मजबूत कूल्हे शालिनी के गोरे मोटे नितंबों से बार-बार जोरदार टकरा रहे थे — पक-पक-पक-पक की तेज आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वसीम ने शालिनी के लंबे बालों को मुट्ठी में पकड़ लिया और खींचते हुए और तेज ठोके मारने लगा। दूसरा हाथ शालिनी के एक स्तन को नीचे से पकड़कर मसल रहा था। “कैसी लग रही है मेरी चुदाई?” वसीम ने पूछा। “बहुत अच्छी… बहुत जोरदार… आह्ह्ह… तुम्हारा काला लंड मेरी गोरी चूत को फाड़ रहा है… और जोर से चोदो… मुझे अपनी रंडी बना दो!” शालिनी ने कराहते हुए कहा। “Desi BBC Hardcore Fuck”
**शालिनी का विचार:** *यह पोजीशन में इतना गहरा जा रहा है। मेरी चूत पूरी तरह भर गई है। पति से कितना बेहतर है यह काला मर्द।*
वसीम ने शालिनी के नितंबों पर हल्के-हल्के थप्पड़ मारे। फिर उसने झुककर शालिनी की पीठ और गर्दन को चूमना शुरू किया। उसके काले होंठ शालिनी की गोरी पीठ पर निशान बना रहे थे। “ले… ले मेरी गोरी चूत… आज मैं तुझे पूरी रात चोदूंगा… तेरी चूत को लाल कर दूंगा!” वसीम ने गालियां देते हुए कहा। शालिनी की चूत अब पूरी तरह ढीली हो चुकी थी, लेकिन वसीम की मोटाई के कारण फिर भी तनी हुई थी। वसीम का काला पेट शालिनी के गोरे नितंबों से लगातार टकरा रहा था। दोनों के शरीर पसीने से तर हो चुके थे।
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**वसीम का विचार:** *इसके गोरे नितंब मेरे काले हाथों में कितने सुंदर लग रहे हैं। हर धक्के पर हिल रहे हैं।*
वसीम ने फिर पोजीशन बदला। उसने शालिनी को साइड में लिटाया, एक टांग ऊपर उठाई और साइड से घुस गया। इस पोजीशन में उसका लिंग और भी गहराई तक जा रहा था। शालिनी का एक हाथ वसीम की पीठ पर था, नाखून गड़े हुए थे। दूसरा हाथ अपनी चूत पर था, जहां वह वसीम का काला लिंग अंदर-बाहर जाते देख रही थी।
“वसीम… मैं आने वाली हूं… तेज… तेज चोदो… आह्ह्ह!” वसीम की गति और तेज हो गई। उसके गोले शालिनी की चूत से टकरा रहे थे। कमरे में उनकी आहें, कराहें और चप-चप की आवाजें भर गई थीं। शालिनी का शरीर अचानक कांपने लगा। उसकी चूत वसीम के लिंग को जोर से निचोड़ने लगी।
“आ रही हूं… आह्ह्ह… मैं आ गई…!” शालिनी जोर से चीखी और पहला ऑर्गेज्म हो गया। उसका पूरा गोरा शरीर कांप उठा, आँखें उलट गईं। लेकिन वसीम रुका नहीं। वह लगातार चोदता रहा। शालिनी की चूत अब और भी गीली और चिकनी हो चुकी थी। “अभी मेरी बारी नहीं आई है रंडी…” वसीम ने कहा और उसे फिर से मिशनरी पोजीशन में लिटा दिया। “Desi BBC Hardcore Fuck”
वसीम ने शालिनी को फिर से मिशनरी पोजीशन में लिटाया और उसकी दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं। इस पोजीशन में उसका मोटा काला लिंग सबसे गहराई तक जा रहा था। “आह्ह्ह… वसीम… बहुत गहरा जा रहा है… मेरी चूत फट जाएगी!” शालिनी ने कराहते हुए कहा। उसके गोरे स्तन जोर-जोर से उछल रहे थे।
**शालिनी का विचार:** *यह पोजीशन में तो लग रहा है जैसे वह मेरी चूत के अंदर तक पहुंच रहा है। इतना गहरा और मोटा… मैं पागल हो रही हूं।*
वसीम ने तेजी से ठोके मारने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ उसके गोले शालिनी की गोरी चूत से टकरा रहे थे। वह झुककर शालिनी के स्तनों को चूस रहा था, फिर अचानक हल्का-हल्का थप्पड़ मार देता। “ले रंडी… ले अपनी गोरी चूत में काला लंड… मजे ले!” वसीम ने कहा।
कुछ देर बाद वसीम ने शालिनी को ऊपर खींच लिया। अब शालिनी काउगर्ल पोजीशन में उसके ऊपर आ गई। शालिनी ने अपने गोरे मोटे नितंब फैलाए और वसीम के मोटे काले लिंग पर धीरे से बैठ गई। पूरा लिंग एक बार में उसके अंदर चला गया। “उम्म्म्म्म…!” शालिनी की आह निकली। “बहुत भर गया है… आह्ह्ह!”
**शालिनी का विचार:** *अब मैं ऊपर हूं… इसे कंट्रोल कर सकती हूं। इसका काला लंड मेरी चूत को पूरी तरह फैला रहा है।*
शालिनी ने दोनों हाथ वसीम की चौड़ी काली छाती पर रखे और धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी। उसके भारी गोरे स्तन वसीम के चेहरे के ऊपर झूल रहे थे। वसीम ने दोनों स्तनों को मुट्ठियों में पकड़ लिया, जोर से मसलने लगा और निपल्स को चूसने लगा। धीरे-धीरे शालिनी की रफ्तार बढ़ गई। अब वह तेजी से कूद रही थी। “Desi BBC Hardcore Fuck”
उसके गोल नितंब वसीम की जांघों पर जोर-जोर से टकरा रहे थे — पक-पक-पक-पक की तेज आवाज गूंज रही थी। वसीम नीचे से भी जोर-जोर से ऊपर की तरफ धक्के दे रहा था। “हां… ऐसे ही… अपनी गोरी चूत से मेरे काले लंड को निचोड़… ले पूरी तरह!” वसीम ने कहा और शालिनी के नितंबों को जोर से थप्पड़ मारा।
**वसीम का विचार:** *यह गोरी रंडी ऊपर बैठकर कितनी तेज कूद रही है। उसके स्तन मेरे मुंह के सामने झूल रहे हैं। आज इसे थकाकर छोडूंगा।*
शालिनी की सांसें बहुत तेज हो गई थीं। उसके लंबे बाल बिखर गए थे और वसीम के चेहरे पर गिर रहे थे। वह तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी। वसीम ने एक हाथ से उसकी कमर पकड़ ली और दूसरे हाथ से उसके स्तनों को थपथपाने लगा। “वसीम… बहुत मज़ा आ रहा है… तुम्हारा काला लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है… आह्ह्ह… मैं फिर आने वाली हूं!”
शालिनी ने अपनी कमर को तेजी से हिलाना शुरू कर दिया। उसकी चूत वसीम के लिंग को जोर-जोर से निचोड़ रही थी। अचानक शालिनी का पूरा शरीर कांप उठा। उसकी दूसरी बार की चरम सीमा आ गई। “आ रही हूं… आह्ह्ह वसीम… मैं फिर आ गई…!” शालिनी जोर से चीखी। उसकी चूत सिकुड़ गई और गर्म रस वसीम के लिंग पर छूटने लगा। उसका पूरा गोरा शरीर बुरी तरह कांप रहा था। आँखें उलट गईं और मुंह से सिर्फ आहें निकल रही थीं।
**शालिनी का विचार:** *दूसरी बार… इतनी तेजी से… वसीम ने मुझे स्वर्ग पहुंचा दिया है।*
लेकिन वसीम अभी भी नहीं रुका। उसने शालिनी को फिर से नीचे लिटा दिया और तेजी से चोदने लगा। अब उसकी गति और भी जानलेवा हो गई थी। वसीम ने शालिनी की टांगें फैलाकर पूरी ताकत से ठोके मारने शुरू कर दिए। हर थ्रस्ट इतना जोरदार था कि बेड हिल रहा था। शालिनी के गोरे स्तन ऊपर-नीचे उछल रहे थे। “अभी मेरी बारी बाकी है रंडी… आज मैं अपनी सारी माल छोड़कर ही मानूंगा!” वसीम ने कहा।
**वसीम का विचार:** *इसकी चूत अब पूरी तरह मेरे कंट्रोल में है। बहुत जल्द मैं इसके अंदर अपना गर्म वीर्य छोड़ने वाला हूं।*
शालिनी थकी हुई थी लेकिन फिर भी वसीम को जोर से पकड़े हुए थी। “तेज… और तेज चोदो… मुझे फिर से चरम पर ले जाओ… आह्ह्ह!” दोनों के शरीर पसीने से पूरी तरह भीग चुके थे। काला और गोरा शरीर एक-दूसरे से चिपका हुआ था। कमरे में सिर्फ चुदाई की आवाजें और उनकी कामुक कराहें गूंज रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वसीम की गति अब पूरी तरह पागल हो चुकी थी। वह शालिनी के ऊपर पूरी ताकत से चढ़ा हुआ था। उसका काला, मांसल शरीर शालिनी के गोरे नाजुक शरीर पर दबा हुआ था। उसका मोटा काला लिंग शालिनी की गोरी चूत में तेजी से घुस-घुसकर बाहर निकल रहा था। “आह्ह्ह… वसीम… बहुत तेज… मैं सह नहीं पा रही… आह्ह्ह!” शालिनी की आवाज टूट रही थी। उसके गोरे स्तन बार-बार वसीम की चौड़ी छाती से रगड़ खा रहे थे। “Desi BBC Hardcore Fuck”
**शालिनी का विचार:** *यह काला मर्द मुझे पूरी तरह तोड़ रहा है। इतनी तेज चुदाई मैंने कभी नहीं सहन की। लेकिन रुकना भी नहीं चाहती।*
वसीम ने शालिनी की दोनों टांगें अपनी कमर पर लपेट लीं और गहरे, जोरदार थ्रस्ट्स देने लगा। हर धक्का इतना तेज था कि बेड जोर-जोर से हिल रहा था। “ले मेरी गोरी रंडी… ले पूरा काला लंड अपनी चूत में… आज मैं तुझे अपनी बना लूंगा!” वसीम ने गहरी, भारी आवाज में कहा।
**वसीम का विचार:** *इसकी गोरी चूत मेरे लंड को कितनी जोर से निचोड़ रही है। बहुत जल्द मैं इसके अंदर अपना गर्म पानी छोड़ने वाला हूं।*
वसीम ने शालिनी के बालों को मुट्ठी में पकड़ लिया और उसके होंठों को जोर से चूम लिया। दोनों की जीभें फिर से उलझ गईं। किस के बीच वसीम की गति और तेज हो गई। उसके गोले शालिनी की गोरी चूत से लगातार टकरा रहे थे। कमरे में चप-चप-चप-चप की तेज आवाज गूंज रही थी।
शालिनी ने वसीम की पीठ पर नाखून गड़ा दिए। “हां… और तेज… फाड़ दो मेरी चूत… मुझे अपनी गोरी रंडी समझकर चोदो… आह्ह्ह!” वसीम ने आखिरी स्पीड पकड़ ली। उसके काले मोटे कूल्हे शालिनी के गोरे नितंबों के नीचे जोर-जोर से टकरा रहे थे। शालिनी की चूत अब पूरी तरह ढीली और गीली हो चुकी थी, फिर भी वसीम का मोटा लिंग उसे भर रहा था। “Desi BBC Hardcore Fuck”
**शालिनी का विचार:** *मैं फिर आने वाली हूं… इस बार बहुत जोर से… वसीम का काला लंड मेरी चूत के अंदर फड़क रहा है।*
“वसीम… मैं आ रही हूं… आह्ह्ह… बहुत जोर से आ रही हूं…!” शालिनी का पूरा शरीर अचानक सख्त हो गया। उसकी चूत जोर-जोर से सिकुड़ी और वसीम के लिंग को निचोड़ने लगी। उसकी आँखें उलट गईं, मुंह खुला रह गया और शरीर बुरी तरह कांपने लगा। इसी पल वसीम भी अपने चरम पर पहुंच गया।
उसने आखिरी कुछ बहुत जोरदार और गहरे थ्रस्ट्स दिए। “शालिनी… ले… मैं भी आ रहा हूं… अंदर ही छोड़ रहा हूं…!” वसीम का पूरा काला शरीर तन गया। उसका मोटा लिंग शालिनी की चूत के सबसे अंदर तक धंस गया और फड़कने लगा। गर्म-गर्म, मोटी धारें उसके वीर्य की शालिनी की गोरी चूत के अंदर छूटने लगीं। एक… दो… तीन… चार… पांच लंबी फुहारें। वसीम का गर्म वीर्य शालिनी की चूत को पूरी तरह भर रहा था।
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**शालिनी का विचार:** *गर्म… बहुत गर्म है… मेरी चूत के अंदर भर रहा है… पहली बार इतना भरपूर महसूस हो रहा है।*
दोनों एक साथ चरम सीमा पर थे। शालिनी की चूत वसीम के लिंग को निचोड़ते हुए उसके वीर्य को पी रही थी। दोनों के शरीर एक-दूसरे से चिपके हुए थे — काला और गोरा। पसीने से तर। कुछ देर तक दोनों कांपते रहे। फिर वसीम धीरे से शालिनी के ऊपर ढेर हो गया। उसका भारी काला शरीर पूरी तरह शालिनी के गोरे शरीर पर लेट गया। दोनों की सांसें अभी भी तेज थीं। “Desi BBC Hardcore Fuck”
वसीम का लिंग अभी भी शालिनी के अंदर था, धीरे-धीरे छोटा हो रहा था। शालिनी की चूत से दोनों का मिश्रित रस बाहर रिस रहा था। शालिनी ने धीरे से वसीम के काले बालों में उंगलियां फेरनी शुरू की। “वसीम… यह सबसे खूबसूरत रात थी मेरी जिंदगी की… तुमने मुझे आज पूरा महसूस कराया।”
वसीम ने उसकी गर्दन में चेहरा छुपा लिया और धीरे से बोला, “तुम भी बहुत अच्छी हो शालिनी। तुम्हारी गोरी चूत ने मुझे पागल कर दिया।” दोनों कुछ मिनट तक ऐसे ही लिपटे रहे। वसीम ने शालिनी को अपनी बांहों में ले लिया। शालिनी उसके काले मजबूत सीने से चिपक गई।
**वसीम का विचार:** *अब यह मेरी है। मैं इसे कभी अकेला नहीं छोडूंगा।*
**शालिनी का विचार:** *पति तो दूर है… लेकिन वसीम पास है। यह अकेलापन अब खत्म हो गया।*
वसीम ने धीरे से कहा, “यह सिर्फ शुरुआत है शालिनी… अब हम दोनों अकेले नहीं रहेंगे।” शालिनी ने मुस्कुराते हुए उसके होंठ चूम लिए। बाहर अंधेरी रात चुपचाप थी, लेकिन अंदर दो अकेले दिल आखिरकार एक हो गए थे।
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