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वासना के दरिया में डूब गए जीजा साली

May 18, 2026 by crazy Leave a Comment

Married Sali Chudai Kahani

मेरा नाम संतोष है। मैं पटना का रहने वाला हूँ। मैं शादीशुदा हूँ। मेरी शादी को दस साल हो गए हैं। मेरी पत्नी पिहू मुझसे बहुत प्यार करती है। मैं भी उसे बहुत चाहता हूँ। मेरा एक लड़का सात साल का है और दूसरा लड़का अभी एक साल का है। मेरी पत्नी की एक बड़ी बहन है नम्रता। क्या बताऊँ दोस्तों, वो चालीस की उम्र में भी कयामत लगती है। Married Sali Chudai Kahani

उसकी खूबसूरती के सामने तो बड़ी से बड़ी हीरोइन भी पानी भरें। जो भी उसे बस देख ले, मेरी गारंटी वो बस उसका दीवाना हो जाए। उसकी शादी को पंद्रह साल हो गए हैं। उसका पति इंजीनियर की पोस्ट पर है। उसकी दो लड़कियाँ हैं। वो कहते हैं न कि जिस चीज को कोई अगर सच्चे दिल से चाहे, तो कायनात भी उसे मिलाने की कोशिश करती है।

मैं अपनी बड़ी साली को बहुत चाहता था। वो मेरे दिलो-दिमाग में उतर चुकी थी। उसका आकर्षक चमचमाता चेहरा, कसा हुआ बदन, भूरी आँखें, लंबा कद। मुझे इतना अधिक पसंद था कि मैं अपनी पत्नी को जब भी चोदता तो नम्रता समझ कर ही चोदता था। मेरी पत्नी पिहू और नम्रता की शक्ल लगभग मिलती-जुलती थी।

पर मेरी पत्नी की हाइट उससे थोड़ी छोटी थी। मेरी पत्नी तो घर की दाल है। उसे तो जब चाहे चोद लेता हूँ। पर मुझे नम्रता की चूत चाहिए थी। मैं उसे भी चखना चाहता था। मेरे ससुराल में मेरे सास ससुर, एक साला और साले की पत्नी रहते हैं। बात एक साल पुरानी है। जब पिहू प्रेग्नेंट थी।

मेरी पारिवारिक समस्या के चलते मैंने उसे पीहर भेज दिया था। पिहू को नौवां महीना लग गया था। डेलिवरी को दो-तीन दिन ही बचे थे। तभी मैं भी ससुराल पहुँच गया। उन दिनों मेरी साली भी वहाँ दस दिनों से पहुँची हुई थी। साली अपनी दूसरी बच्ची जो कि दो साल की थी, उसके साथ वहीं थी।

तभी अचानक एक घटना हुई। मेरे साले के ससुर भगवान को प्यारे हो गए। अब मेरे सास ससुर और साला और उसकी पत्नी को साले की ससुराल जाना पड़ा। जो मेरे शहर के पास है। मेरे नहीं जाने के कारण पटना से मेरे पापा और मम्मी उनके साथ चले गए।

अब यहाँ सिर्फ मैं, मेरी प्रेग्नेंट पत्नी पिहू, मेरी बड़ी साली नम्रता और उसकी छोटी लड़की अमीषा ही थे। मेरा लौड़ा पिछले कई दिनों से बेचैन था, बस चूत की तलब में तड़प रहा था। मेरी साली नम्रता जब भी मेरे आस-पास आती, मेरी नजरें खुद-ब-खुद उसके शरीर पर टिक जातीं।

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उसका 34-28-34 का शानदार फिगर देखकर मन में आग लग जाती। गोरा रंग, भरे हुए स्तन, पतली कमर और चौड़े नितंब… हर अंग अपनी जगह पर इतना परफेक्ट था कि नजर हटाना मुश्किल हो जाता। मेरी पत्नी पिहू प्रेग्नेंट होने की वजह से पिछले दो महीनों से मेरे साथ कोई शारीरिक संबंध नहीं बना पाई थी।

मैं दो महीने से पूरी तरह से भूखा था, सेक्स की भूख ने मुझे बिल्कुल बेकाबू कर रखा था। मुझे बस एक गर्म, तंग और गीली चूत चाहिए थी और वह मेरे ही घर में, मेरे इतने करीब थी। उस दिन मेरा लौड़ा सुबह से ही फड़क रहा था। नम्रता जब भी मेरे सामने से गुजरती, बात करती या हंसती, मेरा लंड अजगर की तरह फूलकर जींस को फाड़ने की कोशिश करता।

दिन भर मैं यही सोचता रहा कि इसे कैसे पटाया जाए, कैसे इसकी इच्छा जगा कर अपनी भूख मिटाई जाए। पर उसकी तरफ से कोई खास इशारा नहीं मिला। यह तो साफ था कि उसे पता है मैं उसे कितना चाहता हूं, फिर भी वह भाव नहीं दे रही थी, जैसे जानबूझकर मुझे तड़पा रही हो।

रात हो गई। कमरे में जमीन पर तीन बिस्तर बिछाए गए थे। पहले पिहू का, फिर अमीषा का और आखिर में नम्रता का। बिस्तरों के पास में एक सोफा पड़ा था। मैं उस पर लेट गया और मोबाइल में गेम खेलने का नाटक करने लगा। रात के करीब एक बज चुके थे। दोनों बहनें गहरी नींद में सो चुकी थीं।

तभी मेरी नजर सामने की दीवार पर लगी फोटो फ्रेम के कांच पर पड़ी। उस कांच में नम्रता का चेहरा साफ दिख रहा था। मैंने देखा कि वह जाग रही है। वह धीरे-धीरे अपनी गर्दन घुमा कर यह देखने की कोशिश कर रही थी कि मैं मोबाइल में क्या देख रहा हूं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

उसी पल मेरे कामुक दिमाग में एक शरारती आइडिया कौंधा। मैंने तुरंत मोबाइल में एक ब्लू-फिल्म चला दी। स्क्रीन पर एक गोरा अंग्रेज किसी लड़की को जबरदस्त तरीके से चोद रहा था। जोर-जोर से धक्के मार रहा था, लड़की की चीखें और सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं।

मैंने धीमी आवाज में वॉल्यूम रखा ताकि पिहू को पता न चले, लेकिन नम्रता जरूर सुन और देख सके। दस मिनट तक मैंने कई सेक्सी क्लिप्स लगातार चलाईं। कभी डॉगी स्टाइल में जोरदार ठुकाई, कभी लड़की ऊपर बैठकर लंड पर उछल रही थी, कभी मुंह में लेकर चूस रही थी।

मैं मोबाइल की स्क्रीन देखने के बजाय कांच में नम्रता को देख रहा था। उसे पता नहीं था कि मैं उसे देख रहा हूं। धीरे-धीरे मुझे लगा कि नम्रता की सांसें तेज हो रही हैं। उसने चादर के नीचे अपने पैर हल्के से रगड़े। उसकी छाती तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी। वह करवट लेकर लेट गई, लेकिन उसकी आंखें बंद नहीं हुईं।

कांच में साफ दिख रहा था कि वह बार-बार अपनी जीभ से होंठों को गीला कर रही है। उसने एक हाथ चादर के नीचे अपनी जांघों के बीच ले जाकर हल्के से दबाया। उसकी उंगलियां धीरे-धीरे हिल रही थीं। मुझे अब पक्का यकीन हो गया था कि वह गर्म हो चुकी है। उसकी सांसें भारी थीं, होंठ सूख रहे थे और शरीर में कंपकंपी सी आ रही थी।

मेरा लौड़ा भी पूरी तरह खड़ा होकर फटने को तैयार था। मुझे लगने लगा कि आज रात मेरे लौड़े की प्यास जरूर बुझेगी। फिर मैंने अपने मोबाइल में नोट ऐप खोल लिया और तेजी से टाइप करना शुरू कर दिया। मेरे हाथ कांप रहे थे, लेकिन शब्द बह रहे थे। मैंने लिखा:

“मैं जानता हूं कि तुम जाग रही हो। मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं। तुम्हें बहुत चाहता हूं। मैं यह भी जानता हूं कि तुम मेरी इस चाहत से अनजान नहीं हो। मैं तुम्हारा दीवाना हो चुका हूं। मैं तुम्हें पाना चाहता हूं। मैं अभी बाहर जा रहा हूं। अगर तुम भी मुझसे प्यार चाहती हो, अगर तुम भी मेरी तरह तड़प रही हो, तो बाहर आ जाओ।”

यह नोट लिखते ही मैंने तस्वीर के कांच में देखा। नम्रता अब पूरी तरह जाग चुकी थी। उसकी आंखें मेरे मोबाइल की स्क्रीन पर टिकी हुई थीं। वह ध्यान से देख रही थी कि मैं क्या लिख रहा हूं, जैसे हर शब्द को पढ़ रही हो। उसकी सांसें तेज थीं, होंठ हल्के से कांप रहे थे।

मैंने धीरे से सोफे से उठकर मोबाइल को उसी जगह पर रख दिया, जहां वह आसानी से पहुंच सके। फिर बिना किसी आवाज के कमरे से बाहर निकल गया और बाथरूम की ओर बढ़ गया। मन ही मन मैं खुशी से झूम रहा था। लग रहा था कि आज रात जन्नत मेरे हाथ लगने वाली है।

मेरा लौड़ा पहले से ही पूरी तरह कड़क हो चुका था। इंतजार की आग में वह और भी फूलकर अजगर जैसा बन गया था, पायजामा फाड़ने को तैयार। दस मिनट बीत गए। बाथरूम के बाहर मैं खड़ा रहा, दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। लेकिन नम्रता नहीं आई। हर सेकंड मेरी उम्मीद टूटती जा रही थी। मेरा दिमाग खराब होने लगा। क्या वह सच में सो गई? क्या उसने नोट पढ़ा ही नहीं? या फिर उसने मुझे ठुकरा दिया?

मैं बर्दाश्त नहीं कर सका। तेजी से अंदर लौटा। कमरे में अंधेरा था, लेकिन चांदनी से सब साफ दिख रहा था। नम्रता बिस्तर पर लेटी हुई थी, आंखें बंद, जैसे गहरी नींद में हो। मेरे दिल के सारे अरमान एक झटके में टूट गए। आंसू आंखों में भर आए। अब मैं क्या करूं? उसका रे* तो मैं कर ही नहीं सकता था। वह मेरी पत्नी की बहन है, मेरी साली है। जबरदस्ती करने का मतलब था घर की इज्जत की मां चुद जाए। सब कुछ बर्बाद हो जाए।

मैं धीरे से सोफे के पास आया। नजर मोबाइल पर पड़ी। जहां मैंने उसे रखा था, वहां से वह एक इंच आगे सरका हुआ था। साफ पता चल गया कि नम्रता ने उसे उठाया था। उसने मेरा लिखा नोट पढ़ा था। तभी अचानक नम्रता बिस्तर से उठी। उसने चादर हटाई और बिना मुझे देखे, बिना एक शब्द बोले, कमरे से बाहर चली गई। मुझे लगा जैसे वह मुझे जानबूझकर अनदेखा कर रही हो।

मैंने फौरन मोबाइल उठाया। मेरे नोट के ठीक नीचे एक नया मैसेज लिखा था, सिर्फ दो अक्षर: ‘वेट..’ यानी इंतजार करो। इतना पढ़ते ही मेरी सारी मायूसी गायब हो गई। मेरा लौड़ा फिर से पूरी ताकत से खड़ा हो गया, अजगर की तरह फड़कने लगा। मैंने जल्दी से पायजामा में उसे सेट किया, सांस संभाली और बाहर की ओर बढ़ा। “Married Sali Chudai Kahani”

बाहर देखा तो नम्रता कहीं नहीं थी। न बरामदे में, न बाथरूम की तरफ। मैं थोड़ा हैरान हुआ। फिर ऊपर की मंजिल की ओर नजर उठाई। सीढ़ियों के ऊपर, बालकनी में वह खड़ी थी। चांदनी में उसका चेहरा साफ दिख रहा था। उसने मुझे देखा। उसके चेहरे पर गुस्सा था, आंखों में आग थी। फिर उसने एक उंगली उठाकर मुझे इशारा किया – ऊपर आ जाओ।

मैं यह देखकर डर गया। उसके चेहरे पर जो गुस्सा था, वह साफ दिख रहा था। दिल की धड़कनें तेज हो गईं। मैं धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंचा। वह बालकनी में खड़ी थी, आंखों में आग लिए। जैसे ही मैं उसके सामने पहुंचा, उसने तीखी आवाज में कहा,

“मैं आपको क्या समझती थी और आप क्या निकले? मैं पिहू की बड़ी बहन हूं। मतलब आपकी भी बहन ही लगती हूं। और आप मुझ पर नियत खराब किए हुए हैं? आपने अपने मोबाइल में क्या लिखा है? कि आप मुझे चाहते हैं और मैं भी आपको चाहती हूं? ये किसने कहा आपसे कि मैं आपको पसंद करती हूं? आपको शर्म नहीं आती?”

वह लगातार बोलती जा रही थी, एक के बाद एक शब्द तीर की तरह चुभ रहे थे। मैं कुछ बोल नहीं पा रहा था। उसकी आवाज तेज होती जा रही थी। डर था कि पिहू या अमीषा जाग न जाएं। मैंने फौरन उसके मुंह पर हाथ रख दिया, उसका मुंह बंद कर दिया और धीमी लेकिन सख्त आवाज में कहा, “मेरी बात तो सुन लो!”

उसने मेरे हाथ को झटककर हटाया और गुस्से में बोली, “कहो… क्या कहना चाहते हो?”

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मैंने गहरी सांस ली, हिम्मत इकट्ठी की और सीधे उसकी आंखों में देखकर कहा, “मैं तुम्हें बहुत चाहता हूं। आज तुम पहली बार मेरे इतने पास में हो। जी करता है तुम्हारे इस खूबसूरत चेहरे को चूम-चूमकर खा जाऊं। इन उठे हुए, भरे हुए बोबों को हाथों में भरकर निचोड़ लूं, दबा-दबाकर दूध निकाल लूं। और फिर तुम्हें अपने लंड पर बिठाकर पूरी रात चोदूं, तुम्हें आसमान की सैर कराऊं, तुम्हारी चूत को इतना पेलूं कि तुम मेरे नाम की सिसकारियां भरती रहो।”

मेरे मुंह से इतना खुल्लम-खुल्ला सुनते ही नम्रता सकपका गई। उसकी आंखें फैल गईं, गाल लाल हो गए। वह कुछ बोल नहीं पाई। उसी पल मैंने उसे दोनों हाथों से पकड़ा, अपनी ओर खींचा और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। जोर से चूसने लगा। उसकी जीभ मेरी जीभ से टकराई। कुछ सेकंड के लिए वह स्तब्ध रह गई। फिर अचानक उसने मुझे जोर से धक्का मारा और चिल्लाई, “अनहैंड मी! आने दो पापा को। मैं सबको बताऊंगी कि तुमने मेरे साथ क्या किया!”

मैंने उसकी बांह पकड़ ली और शांत लेकिन धमकी भरे लहजे में कहा, “क्या कहोगी? जो कहना है कह देना। मुझसे ज्यादा तुम्हारी बदनामी होगी। इसके बाद तुम दोनों बहनें न कभी मिल पाओगी, न बात कर पाओगी। और मेरी मर्जी, मैं अपने मोबाइल में कुछ भी कर लूं। तुमने क्यों देखा मेरा नोट? और ‘वेट’ क्यों लिखा? वो भी मैं सबको बताऊंगा।”

इतना कहते ही नम्रता का चेहरा सफेद पड़ गया। वह फटाक से मुड़ी और तेजी से नीचे चली गई। मैं वहीं खड़ा रह गया। पैर जम गए। मन में हजार सवाल घूम रहे थे। अगर इसने पिहू को बता दिया तो? घर टूट जाएगा। सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। पंद्रह मिनट बाद जब मैं हिम्मत करके नीचे कमरे में गया, तो नम्रता अपनी जगह पर बिस्तर पर बैठी हुई थी। पिहू गहरी नींद में सो रही थी। अमीषा भी सोई हुई थी। मैंने राहत की सांस ली। अब तक तो कुछ नहीं हुआ। बच गए। “Married Sali Chudai Kahani”

तभी नम्रता ने मुझे देखा। वहीं बैठे-बैठे उसने आंखों से इशारा किया – बताऊं पिहू को?

मैं समझ गया। अगर बताना होता तो अब तक बता चुकी होती। यह मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रही है। मैंने भी नाटक शुरू कर दिया। हाथ जोड़ लिए, कान पकड़ लिए, उसके पैरों में गिरने का इशारा किया और चुपचाप माफी मांगने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

वह हल्के से मुस्कुराई। उस मुस्कान से मुझे तसल्ली हुई। लग रहा था कि मैं बच गया। मैं उसके सामने हाथ जोड़कर चुपचाप बैठा रहा। कुछ देर बाद वह उठी। उठकर मुझे बाहर आने का इशारा किया। अब मैं सोचने लगा – चलो, देखते हैं अब बाहर क्या होता है।

मैं उसके पीछे-पीछे बाहर निकला। वह फिर ऊपर चढ़ गई। मैं भी ऊपर पहुंचा। उसने साले साहब का कमरा खोला और मुझे अंदर आने का इशारा किया। कमरे में अंधेरा था, सिर्फ बाहर की चांदनी आ रही थी। अंदर जाते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया और मुड़ी। बोली, “आ गए न लाइन पर? यहां तो कह रहे थे कि चाहे तो सबको बता दो। और नीचे हाथ-पैर जोड़ने लगे। उतर गया सारा जोश?”

मैंने सिर झुकाकर कहा, “मैं नहीं चाहता कि तुम्हारा और मेरा घर टूट जाए। ये बात यहीं खत्म हो जाए तो ठीक रहेगी। मैं तुमसे माफी मांगता हूं। मुझे माफ कर दो। पर मैं एक बात बता दूं कि मैं तुमको चाहना नहीं छोड़ सकता।”

उसने मेरी तरफ देखा, फिर ठंडी सांस लेकर बोली, “मैं इस बात को खत्म कर दूंगी। पर तुमने मुझे जबरदस्ती किस किया था, तो मैं तुम्हें एक जोरदार चांटा मारना चाहती हूं।”

यह सुनकर मेरी तो मां चुद गई। दिल धक-धक करने लगा। पर अब क्या हो सकता था? जैसी करनी वैसी भरनी। मैंने धीरे से सिर हिलाकर ‘हां’ कर दिया। आंखें बंद कर लीं। सोचने लगा कि इज्जत का भाजी-पाला हो गया। कितनी जोर से मारेगी? पता नहीं। दांत भींच लिए, तैयार हो गया। “Married Sali Chudai Kahani”

मैंने आंखें खोलीं तो नम्रता मेरी तरफ ही घूर रही थी। उसकी आंखों में अब गुस्सा नहीं, बल्कि एक शरारती चमक थी। उसने धीमी, लेकिन सख्त आवाज में कहा, “आंखें बंद करो और चांटा खाने के लिए तैयार हो जाओ।”

मैंने फौरन आंखें बंद कर लीं। दिल की धड़कनें रुक सी गई थीं। मेरा लौड़ा, जो कुछ देर पहले अजगर बना हुआ था, अब डर के मारे चूहा बनकर मेरी पिछवाड़े में सिमट गया था। पूरी तरह सिकुड़कर छिप गया था।

मैंने हल्के से कहा, “अब सजा दे भी दो।”

एक बार कहा, लेकिन उसने कुछ नहीं किया। कोई आवाज नहीं आई, कोई हवा का झोंका नहीं।

फिर मैंने दोबारा कहा, “मारो चांटा।”

फिर भी कुछ नहीं। कमरे में सन्नाटा था, सिर्फ हमारी सांसों की आवाज गूंज रही थी। तीसरी बार, चौथी बार मैंने यही कहा। हर बार उम्मीद के साथ कि अब हाथ चलेगा। लेकिन वह चुप रही। पांचवीं बार जब मैंने कहा, “मारो ना…” तो अचानक उसने अपना हाथ उठाया। मैंने सोचा अब तो गया काम से।

लेकिन उसने मेरी गर्दन पीछे से पकड़ी, मुझे अपनी ओर खींचा और झट से मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। नरम, गर्म, भीगे हुए होंठ। उसने जोर से चूसा, जीभ अंदर डालकर मेरी जीभ से खेलने लगी। मैं सुन्न सा रह गया। आंखें खुली थीं, लेकिन दिमाग काम नहीं कर रहा था।

वह होंठ हटाकर पीछे हटी और मुस्कुराते हुए बोली, “प्यार का बदला सिर्फ प्यार से चुकाया जाता है। मार से नहीं।”

मैं अभी भी होश में नहीं आया था। मैंने हकलाते हुए कहा, “वो क्या था जो तुम पहले यहां कहकर गई थीं? गुस्सा, चांटा, सब कुछ…”

उसने मेरी नाक पर हल्की सी उंगली रखकर ठुमका लगाया और हंसते हुए बोली, “बुद्धू। मैं तो तुम्हें तड़पा रही थी। कमरे में अंदर जाकर मैंने अमीषा को दूध पिलाया, उसे अच्छे से सुला दिया। पिहू को भी पानी पिलाकर पटका दिया। अब वो दोनों सुबह तक नहीं उठेंगी। अगर मैं पहले ही ‘हां’ भर देती, तो तुम पागल हो जाते और वहीं कमरे में शुरू हो जाते। सब बर्बाद हो जाता। इसलिए थोड़ा डराना पड़ा, थोड़ा ब्लैकमेल करना पड़ा, ताकि तुम समझो कि मैं कितनी सीरियस हूं।”

इतना सुनते ही मेरे शरीर में फिर से आग लग गई। मेरा लौड़ा, जो डर के मारे छिप गया था, अब फिर से फूलकर अजगर जुर्राट बन गया। जींस में इतना कड़क हो गया कि दर्द होने लगा। मैं उसे पकड़ने वाला ही था, हाथ बढ़ाया ही था कि उसने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए और रोक दिया। “Married Sali Chudai Kahani”

उसकी आंखों में शरारत और इच्छा दोनों थीं। उसने धीरे से कहा, “रुको। पहले मेरे सवालों का जवाब दो। सब कुछ साफ-साफ बताओ। फिर देखते हैं आगे क्या होता है।”

मैं उसकी आंखों में देखता रहा। 

उसने कहा, “मेरे कुछ सवालों के जवाब दो।”

मैंने कहा, “बोलो?”

उसने पूछा, “तुम मुझे अमित (नम्रता का पति) से ज्यादा कितना प्यार कर सकते हो?”

मैंने जवाब दिया, “मेरी गारंटी है… जब तक तुम नहीं कहोगी, तब तक मैं टिका रहूंगा। मैं एक बार में सौ शॉट लगा सकता हूं।”

उसने कहा, “आज तक अमित ऐसा नहीं कर सका। तो तुम क्या कर लोगे, जबकि अमित तुमसे ज्यादा ताकतवर है?”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “मेरे पास एक ट्रिक है, जिससे मैं सौ क्या, दो सौ शॉट भी लगा सकता हूं।”

उसने उत्सुक होकर पूछा, “कैसे?”

तो मैंने उसे अपनी ट्रिक के बारे में विस्तार से बताया। सुनकर वो बोली, “देखते हैं।”

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फिर मैं सोच में पड़ गया। क्या करूं, कहां से शुरू करूं? जिसे मैं सालों से चाहता था, वो आज मेरे सामने नंगी होने को तैयार है। दिल की धड़कनें तेज हो रही थीं।

उसने मेरी तरफ देखकर कहा, “क्या सोच रहे हो?”

मैंने कहा, “तुम बहुत ही खूबसूरत हो। मैं तुम्हारे चेहरे को बहुत प्यार करना चाहता हूं।”

उसने हल्के से हंसते हुए कहा, “जो करना है वो जल्दी करो। मेरे पास चेहरे के अलावा भी बहुत कुछ है।”

मैंने उसे साले के बिस्तर पर धीरे से लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गया। उसका गर्म बदन मेरे नीचे दब रहा था। मैं उसके हर हिस्से को महसूस कर रहा था। जो सपनों में बार-बार चोदा था, आज वो हकीकत में मेरे सामने था और मुझसे चुदने वाली थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैंने पहले अपने सारे कपड़े उतार फेंके। फिर धीरे-धीरे उसके कपड़े भी उतारे। उसकी नंगी देह देखकर सांस रुक सी गई। मैंने उसके चेहरे को दोनों हाथों में थामा और बहुत देर तक उसे निहारता रहा। फिर उसके माथे पर, आंखों पर, गालों पर और होंठों पर बार-बार किस करने लगा। मेरे होंठ उसके होंठों से चिपके रहे, जीभ से जीभ मिलाई, गहरा चुंबन किया। वो भी जवाब दे रही थी, उसके हाथ मेरी पीठ पर फिर रहे थे।

अचानक उसने मेरा एक हाथ पकड़ा और अपनी चूत पर रख दिया। बोली, “दस दिनों से इसकी सर्विसिंग नहीं हुई है। फटाफट इसकी सर्विस कर दो।”

मैंने अपनी एक उंगली धीरे से उसकी गीली चूत में डाली। अंदर गर्माहट और नमी महसूस हुई। उंगली को अंदर-बाहर करने लगा, धीरे-धीरे गति बढ़ाई। साथ ही दूसरे हाथ से उसके एक बोबे को दबाने लगा। निप्पल को अंगूठे और तर्जनी से मसलता रहा। वो सिसकारियां भरने लगी। “Married Sali Chudai Kahani”

मैंने कहा, “मैं तो दो महीने से भूखा हूं जान।”

वो हंसकर बोली, “मुझे पता है। इसलिए मैंने सोचा कि बहन के पति को ज्यादा नहीं तड़पाया जाए।”

मैं मुस्कुरा दिया।

उसने फिर कहा, “अब अपनी ट्रिक लगाओ और बताओ मुझे सौ शॉट का जादू क्या है?”

मैंने कहा, “इतनी जल्दी भी क्या है? मेरा हुनर देखने से पहले अपना 15 साल का अनुभव तो बताओ मेरी जान।”

तभी उसने फटाक से मेरे लौड़े को पकड़ लिया। मुझे हल्के से धक्का देकर नीचे किया और खुद मेरे ऊपर बैठ गई। झुककर मेरे लौड़े को मुंह में ले लिया। धीरे-धीरे चूसने लगी। जीभ से चाटती, सुपाड़े को चूसती, फिर गहराई तक ले जाती। मैं आनंद से कराह उठा।

कुछ देर बाद उसने लौड़ा मुंह से निकाला और कहा, “तुम दोनों का एक जैसे ही हो, पर तुम्हारा थोड़ा कड़क ज्यादा है।”

फिर वो मेरे लौड़े को चूसते हुए अपनी चूत को मेरी जांघ पर रगड़ने लगी। उसकी गीली चूत की गर्माहट मेरी जांघ पर महसूस हो रही थी। रगड़ते-रगड़ते उसकी चूत से पानी निकलने लगा, मेरी जांघ गीली हो गई।

मैंने उसे रोक लिया और कहा, “इतनी जल्दी भी क्या है मेरी जान? तुम निपट जाओगी तो सौ शॉट का जादू कैसे देख पाओगी?”

उसने कहा, “देखो, तुम्हें जो करना है वो करो, पर जल्दी करो। अगर कोई जग गया तो लफड़ा हो जाएगा।”

फिर मैंने उसे धीरे से सीधा लिटाया। उसकी टांगें थोड़ी फैलाकर मैं उसके बीच में बैठ गया। मेरा लौड़ा पहले से ही पूरी तरह खड़ा और सख्त था। मैंने उसे अपनी उंगलियों से थोड़ा सहलाया, फिर सुपाड़े को उसकी चूत के मुंह पर टिकाया। धीरे-धीरे दबाव डालते हुए एक झटके में पूरा लौड़ा अंदर डाल दिया।

उसकी चूत गीली थी, लेकिन इतनी तंग कि मुझे लगा जैसे पहली बार ही घुस रहा हूं। वो हल्की सी सिसकारी भरकर मेरी पीठ पर नाखून गड़ा बैठी। मैंने गहरी सांस ली, अपनी ट्रिक पर फोकस किया। पेट की मांसपेशियों को कसकर, सांस को कंट्रोल करते हुए मैंने धक्के शुरू किए। पहले धीमे, फिर तेज। “Married Sali Chudai Kahani”

हर धक्का गहरा और जोरदार। मैंने वादा किया था सौ शॉट का, और अब उसे पूरा करने में जुट गया। पहले पचास शॉट तक वो चुप रही। बस उसकी सांसें तेज होती गईं, आंखें बंद हो गईं, होंठ काट रही थी। लेकिन जैसे ही पचास पार हुए, धक्के और पावरफुल होने लगे। हर धक्के में मैं पूरी ताकत से अंदर तक जाता, फिर बाहर निकालता।

उसकी चूत अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी, पानी की आवाज आने लगी। वो मचलने लगी, कमर उठाकर मेरे धक्कों का जवाब देने लगी। अचानक वो मुझे जोर से पकड़कर बोली, “वाह… वाह… ओओह… ओह… मेरी जान, मजा आ गया… शाबाश मेरे शेर… और जोर से… और जोर से लगाओ।” उसकी आवाज में आनंद और बेचैनी दोनों थी।

वो कूदने लगी, अपनी कमर ऊपर-नीचे करके मेरे हर धक्के को और गहरा महसूस करने लगी। मैंने उसके दोनों बोबे अपने हाथों में कसकर पकड़ लिए। निप्पल्स को उंगलियों से मसलते हुए जोर-जोर से दबाया। दबाव बढ़ने से उसके बोबे और सख्त हो गए। साथ ही मैंने शॉट की स्पीड और तेज कर दी।

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : प्यासी शादीशुदा औरत मेरी गर्लफ्रेंड बन गई

अब हर सेकंड में दो-तीन धक्के पड़ रहे थे। कमरे में सिर्फ हमारी सांसों की आवाज, चूत से आने वाली चपचप और उसके कराहने की आवाज गूंज रही थी। सौ शॉट से ज्यादा हो चुके थे। मैंने एक गहरी सांस ली और झुककर उसके उरोजों को मुंह में ले लिया। एक बोबे को चूसने लगा, जीभ से निप्पल को घुमाता, हल्के से काटता। “Married Sali Chudai Kahani”

दूसरा बोबा हाथ से दबाता रहा। वो कराह रही थी, “आह… कितना अच्छा लग रहा है… ये बोबे तुम्हारे लिए ही हैं… चूसो जोर से।” मुझे और उसे क्या मस्त मजा आ रहा था। उसके बोबे सच में गजब के थे – बड़े, गोल, मुलायम लेकिन सख्त, 40 की उम्र में भी बिल्कुल जवां।

मैंने बीच में ही पूछ लिया, “तुम 40 की उम्र में इतना मेंटेन कैसे कर लेती हो?”

साली साहिबा ने आंखें बंद करके, कराहते हुए कहा, “मैं पिछले दस साल से रोज आंवला और एलोवेरा का जूस पीती हूं।”

मैंने उसे उठाया और अपनी जांघों पर बैठा लिया। अब वो ऊपर थी, मैं नीचे। मैं कुछ कहता, उससे पहले ही वो खुद कूदने लगी। अपनी कमर ऊपर-नीचे करके मेरे लौड़े को पूरी तरह अंदर-बाहर करने लगी। उसके बोबे मेरे चेहरे के सामने उछल रहे थे। “Married Sali Chudai Kahani”

मैंने कहा, “तुम पिहू से ज्यादा मस्त हो। वो कहां और तुम कहां… वो तो बिल्कुल ठंडी है… उसे कुछ करने की इच्छा ही नहीं होती।”

उसने हंसते हुए पूछा, “उसे भी सौ शॉट लगाते हो?”

मैंने कहा, “हां, उसे सौ शॉट से अब मजा नहीं आता… उसे कम से कम 250 शॉट लगाने पड़ते हैं।”

उसने हैरानी से कहा, “क्या बात है… 250 शॉट? मुझे यकीन नहीं होता।”

तो मैंने कहा, “रुको… अभी लगा कर बताता हूं।”

उसने जल्दी से कहा, “नहीं… अभी नहीं, फिर कभी लगाना… अभी मैं झड़ने वाली हूं।”

इतना कहते-कहते उसकी सांसें और तेज हो गईं। वो चीखी, “आह… आ… आई लव यू… मेरी जान…” कहती हुई मेरे होंठों को अपने होंठों से जोर से चूसने लगी। जीभ अंदर डालकर चूस रही थी। तभी उसका पूरा बदन कांप उठा, चूत सिकुड़ने लगी, वो झड़ गई। मजा इतना कि वो तकिए पर गिर पड़ी, आंखें बंद, सांसें तेज। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

फिर मैंने कहा, “ये कोई बात नहीं हुई… मुझे तो अभी और करना है।”

उसने थककर कहा, “नहीं… अब नहीं होगा मुझसे… हम एक रात में सिर्फ एक बार ही करते हैं… दूसरी बार अब नहीं होता।”

मैंने कहा, “मैं नीचे देख कर आता हूं… जब तक तुम अपने आपको तैयार करो… अभी मेरा बाकी है।”

इतना कहते ही मैंने अपना पायजामा पहना और नीचे आ गया। नीचे आकर देखा कि पिहू और अमीषा दोनों गहरी नींद में हैं। मैंने मन ही मन पिहू को थैंक्स कहा कि तुमसे शादी करने की वजह से आज मुझे तेरी खूबसूरत परी जैसी बहन को चोदने को मिली।

मैंने पानी पिया और अपने आप से कहा कि देख भाई, जो है सो आज है… फिर पता नहीं कब मौका मिले न मिले… काम उठा लो। ये सोचकर मैं फिर ऊपर गया। मन में ठान लिया था कि आज इसकी चूत का भोसड़ा करके ही रहूंगा। वो साली अपने कपड़े पहनने में लगी हुई थी।

मैंने कहा, “ये कोई बात नहीं हुई… जो है आज है… फिर पता नहीं मैं कब तक तड़पता रहूंगा।”

वो बोली, “यार अब मुझसे नहीं होगा।”

मेरे थोड़ा मनाने पर उसने कहा, “ठीक है… मुझसे कुछ नहीं होगा, तुम्हें पानी निकालना हो तो निकाल दो… तुम्हें जो करना है करो।”

मैंने उसकी चूत में उंगली करनी शुरू कर दी… पर वो गर्म होने का नाम नहीं ले रही थी। तब मैंने अपनी ट्रिक फिर से लगाई। सांस को गहराई से नियंत्रित किया, पेट की मांसपेशियां कसीं, और लौड़े को उसकी चूत के मुंह पर टिकाया। वो अभी भी थोड़ी ठंडी थी, लेकिन मैं रुका नहीं।

धीरे से सुपाड़ा अंदर घुसाया, फिर एक झटके में आधा लौड़ा डाल दिया। उसकी चूत अब पहले से ज्यादा संवेदनशील हो चुकी थी, हर स्पर्श पर वो सिहर उठी। मैंने दोनों हाथों से उसके बोबों को मजबूती से पकड़ लिया, निप्पल्स को उंगलियों के बीच दबाया, और एक लंबी सांस लेकर धक्के शुरू कर दिए। “Married Sali Chudai Kahani”

पहला धक्का गहरा था, दूसरा और तेज। मैंने कोई रहम नहीं किया। जानता था कि शायद ऐसा मौका फिर कभी न मिले। हर धक्का पूरी ताकत से, लौड़ा जड़ तक अंदर जाता, फिर बाहर निकलता। वो तड़पने लगी, कमर उठाकर, हाथों से चादर पकड़कर, “आह… बस… दर्द हो रहा है… धीरे…” कहने लगी।

लेकिन मैं रुका नहीं। स्पीड बढ़ाई, हर शॉट में जोर लगाया। उसकी चूत अब पूरी तरह गीली हो गई थी, लेकिन दर्द और मजा दोनों मिलकर वो कराह रही थी। फिर मैंने दूसरी लंबी सांस भरी। अब अनगिनत धक्के लगाने लगा। तेज, गहरे, लगातार। कमरे में सिर्फ चपचप की आवाज और उसकी कराहें गूंज रही थीं। “Married Sali Chudai Kahani”

उसके बोबे मेरे हाथों में दब रहे थे, निप्पल्स सख्त हो चुके थे। वो बार-बार मेरी पीठ पर नाखून गाड़ रही थी, कभी मुझे और जोर से पकड़ रही थी। मैं उसके ऊपर पूरी तरह झुक गया था, उसका बदन मेरे नीचे दबा हुआ था। आखिरकार, जब मेरी सांस फूल गई, मैं उसके ऊपर ढेर हो गया। लौड़ा अभी भी अंदर था, लेकिन मैं थक चुका था।

वो बोली, “मेरी चूत बहुत दुख रही है… कोई कुंवारी होती तो कब की बेहोश हो गई होती। अब मुझे नीचे ले जाओ, मैं चल नहीं पाऊंगी। मैंने तो तुम्हें सिर्फ सर्विसिंग के लिए बोला था… मुझे क्या पता था तुम मेरी चूत को पूरी तरह तबाह कर दोगे। पिहू का क्या होता होगा भगवान जाने… शायद इसलिए वो ठंडी हो गई है। भला कौन अपनी चूत को भुरता बनाना चाहेगा। गजब की ट्रिक है तुम्हारी… मान गई मैं तुम्हें।”

उसकी आवाज में दर्द था, लेकिन साथ ही एक अजीब संतुष्टि भी।

फिर मैंने कहा, “मेरी जान, मैं अभी तक नहीं निपटा हूं… मेरा बाकी है अभी!”

उसने थककर, हल्के से हंसते हुए कहा, “अब क्या गांड फाड़ोगे?”

मैंने कहा, “चलो साली जी, फटाफट लौड़ा मुंह में लेकर मेरा पानी पियो।”

उसने मना किया, “पानी तो मैं अमित का भी नहीं पीती… तुम्हारा क्या पियूंगी।”

मैंने कहा, “चुपचाप पीलो, नहीं तो चूत में वापस डाल दूंगा और अंदर ही पानी छोड़ दूंगा।”

उसने थोड़ा सोचकर कहा, “छोड़ दो अंदर ही… वैसे भी मेरे दो लड़कियां ही हैं और मुझे तुमसे एक लड़का चाहिए।”

मैंने कहा, “तथास्तु…”

और फिर लौड़ा उसकी चूत में डाल दिया। अब धक्के कम थे, लेकिन गहरे। सिर्फ दस जोरदार शॉट लगाए। हर शॉट के साथ मैंने खुद को रोककर रखा, फिर आखिरी शॉट में पूरा पानी उसके अंदर छोड़ दिया। गर्म-गर्म पानी की धार महसूस हो रही थी। मैं उसके ऊपर ढेर हो गया, सांसें तेज, बदन पसीने से भीगा हुआ। “Married Sali Chudai Kahani”

मैंने उससे कहा, “मुझे इस बात का हमेशा दुख रहेगा कि तुम मेरी बीवी नहीं हो… तुम अगर मुझसे आज शादी करो तो भी मैं आज भी तैयार हूं।”

उसने कहा, “पागल मत बनो… पिहू कोई कम खूबसूरत नहीं है… और सुनो, अमित हमेशा मुझसे मजाक-मजाक में कहता है कि वो पिहू को चोदना चाहता है… वो उसे पसंद करता है… जिस तरह तुम मुझे पसंद करते हो… पर तुम ये बात कहीं नहीं कहोगे।”

मेरे तो होश उड़ गए। इतनी बड़ी बात अचानक सुनकर दिमाग सुन्न हो गया।

मैंने उससे कहा, “तुम्हें चाहने वाले बहुत हैं, पर किस्मत मेरी मेहरबान है… जो मुझे आज तुम मिल गई। मेरी बरसों की चाहत आज पूरी हुई।”

कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : हेमा आंटी ने मेरे हाथ बांध कर लंड चूसा

फिर मैं उसे चूमता रहा। उसके होंठ, गाल, गर्दन, बोबे – सब जगह। बहुत प्यार से, धीरे-धीरे। दस मिनट बाद मैंने उसे उठाया। पहले अपने कपड़े पहने, फिर उसे उसके कपड़े पहनाए। हाथ पकड़कर धीरे-धीरे सीढ़ियां उतारा। नीचे पहुंचकर उसे उसकी जगह चुपचाप सुलाया। वो थककर लेट गई। मैं अपनी जगह लौट आया और सो गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

थकान की वजह से नींद कब आई, पता ही नहीं चला। सुबह मुझे नम्रता ने ही जगाया। दस बज चुके थे। पिहू बाथरूम में गई हुई थी। नम्रता मेरे पास आई, उसकी आंखों में थोड़ी शर्म और बहुत सारा दर्द था। वो धीरे से मेरे कान में फुसफुसाई, “डिलिवरी के बाद अपनी ट्रिक पिहू को मत लगाना… मैं नहीं सह पाई, तो वो क्या सह पाएगी। मेरी अभी तक दर्द कर रही है।”

उसकी आवाज में दर्द की गहराई थी। रात की चुदाई का असर अभी भी उसके बदन पर था। चूत में दर्द, थकान, और शायद एक अजीब सी संतुष्टि भी। वो मेरी तरफ देख रही थी, जैसे कह रही हो कि ये राज हमारे बीच ही रहे। मैंने उसे झट से अपनी बाहों में खींच लिया।

गले लगा लिया इतनी जोर से कि उसका बदन मेरे सीने से पूरी तरह दब गया। मैंने उसके बालों में हाथ फेरा, गर्दन पर किस किया, फिर होंठों पर गहरा चुंबन। बहुत सारा प्यार किया – धीरे-धीरे, प्यार से। उसके कानों में फुसफुसाया, “तुम्हारी हर बात मानूंगा, मेरी जान।”

वो मेरी छाती पर सिर टिका कर थोड़ी देर ऐसे ही रही। फिर मैंने कहा, “मुझे भूलना मत… फोन जरूर करना।”

हम दोनों ने एक-दूसरे को देखा, आंखों में आंखें डालकर। फिर एक साथ बोले, “आई लव यू।”

वो मुस्कुराई, हल्के से मेरे गाल पर हाथ फेरा और वहां से किचन में चली गई। उसकी चाल में थोड़ी लंगड़ाहट थी, लेकिन चेहरे पर संतुष्टि की मुस्कान। कुछ देर में मेरे सास-ससुर आ गए। घर में सब सामान्य हो गया। जैसे रात की वो आग कभी लगी ही नहीं।

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