• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • Devar Bhabhi
  • Bhai-Bahan
  • Girlfriend Boyfriend Ki Chudai
  • Hindi Sex Story Antarvasna
  • Submit Story – अपनी कहानी हमें भेजे
  • ThePornDude

Crazy Sex Story

Antarvasna Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स स्टोरी

You are here: Home / Bhai Bahan Ki Chudai / बहन से निकाह करके चोद दिया

बहन से निकाह करके चोद दिया

December 1, 2025 by crazy

Bhai Bahan Suhagrat Story

ये मेरी ज़िंदगी का वो देसी मसाला है, जिसे मैंने पहले किसी के साथ शेयर करने की हिम्मत नहीं जुटाई। लेकिन अब दिल में आग सी लगी है, सोचा, क्यों न ये चटपटी बात तुम सबके साथ बाँट लूँ। यकीन मानो, ये कहानी तुम्हारे जिस्म में भी गर्मी भर देगी। Bhai Bahan Suhagrat Story

इस कहानी में मेरे अलावा चार और लोग हैं, जो इसके मज़ेदार किरदार हैं—मेरी अम्मी, मेरी छोटी बहन फातिमा, मेरी बीवी शिफ़ा, और मेरी खाला। इन सबकी इज़्ज़त का ख्याल रखते हुए मैंने सारे नाम बदल दिए हैं, ताकि मोहल्ले वालों या रिश्तेदारों में कोई हंगामा न मचे।

मेरा नाम आतिफ है। उम्र 30 साल, और मैं एक देसी मर्द हूँ, जो अपनी ज़िंदगी की आग को बुझाने की जुगत में रहता है। मेरे अब्बू की पाँच साल पहले एक ट्रक हादसे में मौत हो गई थी। वो रेलवे में क्लर्क थे, सो उनकी जगह मुझे अनुकंपा पर नौकरी मिल गई। अब मैं घर का इकलौता कमाऊ मर्द था।

अब्बू के जाने के एक साल बाद मेरे अब्बू के दोस्त की बेटी शिफ़ा से मेरी शादी हो गई। शिफ़ा थी तो सीधी-सादी, लेकिन बिस्तर पर उसका जलवा देखने लायक था। चार साल बाद शिफ़ा पेट से हो गई। घर में खुशी का ठिकाना न था। आखिर घर का चिराग जो जलने वाला था।

लेकिन वक़्त का खेल देखो, नौ महीने बीतते देर न लगी, और डिलीवरी का दिन आ गया। बदकिस्मती ने ऐसा खेल खेला कि बच्चा तो पैदा हुआ, लेकिन शिफ़ा हमें छोड़कर चली गई। डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की, मगर ऊपरवाले का फैसला कुछ और था।

इस हादसे ने हमारे घर को गम के अंधेरे में डुबो दिया। मेरा बेटा, शाहिद, अभी दूध पीता बच्चा था। उसकी परवरिश की सारी ज़िम्मेदारी मेरी अम्मी और मेरी जवान बहन फातिमा पर आ पड़ी। फातिमा उस वक़्त बस 21 साल की थी, लेकिन उसने शाहिद को अपनी गोद में ऐसा समेटा, जैसे वो उसकी अपनी औलाद हो।

मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : कोमल ने विधवा जेठानी को सेक्स सर्विस दिलाया

उस वक़्त घर में उदासी का आलम था। दो महीने बाद फातिमा का फाइनल एग्ज़ाम था, फिर भी वो दिन-रात शाहिद के पीछे लगी रहती। आधी-अधूरी पढ़ाई के बावजूद उसने एग्ज़ाम दिया और सेकंड डिवीज़न में पास भी हो गई। फातिमा मुझसे 9 साल छोटी थी, और घर की लाडली थी।

मैंने उसे गिफ्ट में एक नया फोन दिलवाया। फोन देखकर वो इतनी खुश हुई कि चिल्लाई, “भाईजान, थैंक्यू!” और मेरे गले लग गई। उसकी मुलायम चूचियाँ मेरे सीने से टकराईं, और पहली बार मुझे उसके गदराए जिस्म का अहसास हुआ। मेरा लंड पजामे में हलचल करने लगा।

फातिमा थी ही ऐसी माल, जिसे देखकर किसी का भी दिल डोल जाए। गोरा-चिट्टा रंग, 34-28-34 का फिगर, और जवानी ऐसी कि जैसे फटने को तैयार। उसके भरे-भरे कूल्हे और उभरी चूचियाँ देखकर मेरा मन मचलने लगा। पहले मैंने उसे कभी ऐसी नज़रों से नहीं देखा था, लेकिन उस दिन उसके जिस्म का स्पर्श मेरे दिल में आग लगा गया।

मैं बार-बार शाहिद को देखने के बहाने उसके करीब जाने की कोशिश करने लगा। मन में गलत ख्याल आते, पर मैं उन्हें झटकने की कोशिश करता। मगर दिल है कि मानता ही नहीं। फातिमा मेरी सगी बहन थी, लेकिन थी तो एक हूर की तरह। शिफ़ा के जाने के बाद मेरी ज़िंदगी सूनी पड़ गई थी।

रातें अकेले बिस्तर पर तड़पते गुज़रती थीं। लेकिन फातिमा का शाहिद के लिए ममता भरा प्यार और उसका भरा-पूरा जिस्म देखकर मेरे दिल में वासना की चिंगारी सुलगने लगी। अब मेरी नज़रें उसके मम्मों और कूल्हों पर ठहरने लगीं। जब वो चलती, तो उसके नितंबों की थिरकन देखकर मेरा लंड सलामी देने लगता।

मैं जानबूझकर अम्मी के सामने शाहिद को चूमते वक़्त फातिमा की तरफ इशारा करके मज़ाक करता, “जा, अपनी मम्मी की गोद में। अब तेरी मम्मी यही है।” फातिमा ये सुनकर शरम से लाल हो जाती, और उसकी शरम मेरे दिल में और आग भर देती।

मेरी अम्मी थीं तो बुज़ुर्ग, लेकिन उनकी नज़रें बाज़ की तरह थीं। उन्होंने कई बार मुझे फातिमा को चोरी-छिपे ताकते हुए पकड़ लिया। वो समझ गईं कि मेरी नज़रों में भाई का प्यार नहीं, बल्कि एक मर्द की भूख थी। फातिमा के लिए मेरी चाहत देखकर वो कुछ सोच में पड़ गईं।

एक दिन मौका देखकर अम्मी ने मुझसे पूछा, “बेटा, तूने अपनी ज़िंदगी के बारे में क्या सोचा? शाहिद के लिए और अपनी खुशी के लिए तुझे दूसरी शादी कर लेनी चाहिए।” मैंने कहा, “नहीं अम्मी, मैं शादी नहीं करूँगा। सौतेली माँ तो सौतेली होती है, पता नहीं शाहिद के साथ कैसा बर्ताव करे।” अम्मी ने गहरी साँस ली और बोलीं, “बेटा, अगर तू बुरा न माने तो एक बात कहूँ?” मैंने कहा, “हाँ, बोलो अम्मी।”

अम्मी बोलीं, “जब फातिमा शाहिद को माँ का प्यार दे सकती है, तो तुझे बीवी का सुख क्यों नहीं दे सकती?” ये सुनकर मेरा दिल धक-धक करने लगा। अम्मी ने मेरे मन की बात कह दी थी। मैंने दिखावे के लिए कहा, “अम्मी, ये क्या बोल रही हो? फातिमा मेरी सगी बहन है, ये कैसे हो सकता? समाज क्या कहेगा?”

अम्मी ने मुस्कुराकर कहा, “बेटा, मैंने तेरी आँखों में फातिमा के लिए वो आग देखी है, जो मुझसे छुप नहीं सकती। मेरी नज़रें धोखा नहीं खातीं।” मैंने कहा, “अम्मी, फातिमा कभी इसके लिए तैयार नहीं होगी। वो मुझसे इतनी छोटी है, उसके अपने सपने होंगे। वो मुझे क्यों अपनाएगी?”

अम्मी ने कहा, “बेटा, तुम दोनों मेरी दो आँखें हो। तुम्हारे सिवा मेरा इस दुनिया में और कौन है? फातिमा अब जवान हो चुकी है। उसकी जवानी का पहला रसीला फल तू ही चख। अगर वो कहीं और ब्याह दी गई, तो हमसे दूर चली जाएगी। मैं चाहती हूँ कि मेरे दोनों बच्चे मेरे सामने रहें। फातिमा मुझे बहू के रूप में भी मंज़ूर है। मैं उससे बात करूँगी।”

अम्मी का ये फैसला सुनकर मेरे मन में लड्डू फूटने लगे। मैंने हल्का सा विरोध छोड़कर कहा, “अम्मी, जैसी तुम्हारी मर्ज़ी।” मुझे एक पुरानी घटना याद आ गई, जो आज भी मेरे जिस्म में सिहरन पैदा कर देती है। कुछ साल पहले की बात है, जब फातिमा जवान हो रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

एक इतवार को मैं छत पर बने कमरे में ऑफिस का हिसाब-किताब देख रहा था। शिफ़ा उस वक़्त अपनी डिलीवरी के लिए अपने मायके गई थी। मैं काम से थककर छत पर हवा खाने निकला, तो देखा कि नीचे आँगन में फातिमा मादरज़ात नंगी नहा रही थी।

ये नज़ारा ऐसा था कि मेरा लंड पजामे में तंबू बन गया। फातिमा का गोरा-चिट्टा जिस्म, छोटी सी उभरी चूत, जो बता रही थी कि उसका माहवारी शुरू हो चुका है। उसकी पतली कमर, गदराए कूल्हे, और छोटे-छोटे रसीले मम्मे—हाय, क्या दिलकश नज़ारा था।

चुदाई की गरम देसी कहानी : दोस्त की पत्नी के साथ सेक्स उत्सव मनाया

मैंने चुपके से मोबाइल निकाला और उसकी नंगी जवानी की वीडियो बना ली। उस वीडियो को देखकर मैं रातों को तड़पता और सोचता कि कौन खुशकिस्मत होगा, जो फातिमा की चूत का उद्घाटन करेगा। लेकिन अब किस्मत ने पलटा खाया, और फातिमा मेरी झोली में गिरने वाली थी।

अम्मी ने दो दिन बाद फातिमा से बात की। पहले तो फातिमा गुस्सा हो गई, लेकिन अम्मी ने उसे समझाया। दूसरी शादी के खर्चे, शाहिद के साथ सौतेली माँ का बर्ताव, और ये डर कि कहीं कोई और औरत मुझे बहका न ले—इन सब बातों ने फातिमा को सोचने पर मजबूर कर दिया। अम्मी ने कहा, “बेटी, शाहिद तुझे अपनी माँ मानता है। तू कम से कम अपने बच्चे के साथ भेदभाव तो नहीं करेगी।”

ये सुनकर फातिमा शरम से लाल हो गई और बोली, “हाय अम्मी, आप भी ना!” अम्मी ने मौका देखकर कहा, “बेटी, हालात को देखकर कोई सही फैसला ले, जिससे सबका भला हो। तेरे भाई ने भी शाहिद के लिए हामी भर दी है।” फातिमा ने झिझकते हुए एक हफ्ते का वक़्त माँगा।

अब फातिमा मुझसे नज़रें चुराने लगी। उसकी शरम और लज्जा देखकर मेरा मन और मचलने लगा। लेकिन पाँच दिन बीत गए, और फातिमा का कोई जवाब नहीं आया। मुझे डर लगा कि कहीं वो मना न कर दे। मैंने एक देसी जुगाड़ भिड़ाया। एक फेक आईडी से मैंने फातिमा के मोबाइल पर 15-16 पॉर्न वीडियो भेज दीं।

कुछ में भाई-बहन की चुदाई थी, तो कुछ में नीग्रो और यूरोपियन लड़कियों की थ्रीसम मस्ती। रात को अम्मी के सोने के बाद मैंने फातिमा के कमरे के की-होल से झाँका। शाहिद बगल में सो रहा था, और फातिमा मोबाइल में वीडियो देख रही थी। उसकी साँसें तेज़ थीं, और चेहरा लाल था। मैं समझ गया कि मेरा तीर निशाने पर लगा है।

अगली सुबह मैंने दूसरा दाँव खेला। अम्मी के घुटनों में दर्द था, सो मैंने उनके दर्द का फायदा उठाया। मैं नहाने बाथरूम में गया, लेकिन जानबूझकर तौलिया नहीं लिया। 15 मिनट बाद मैंने अम्मी को आवाज़ दी, “अम्मी, मैं तौलिया भूल गया, ज़रा दे दो।” अम्मी ने फातिमा को पुकारा, “बेटी, मेरे पैर दुख रहे हैं, ज़रा आतिफ को तौलिया दे आ।”

फातिमा ने दरवाजा खटखटाया, और मैंने फट से दरवाजा खोल दिया। मेरे जिस्म पर एक कपड़ा नहीं था। मेरा 9 इंच का लंड तोप की तरह तना हुआ था। फातिमा की नज़र मेरे लंड पर पड़ी, और उसका मुँह खुला रह गया। वो बुदबुदाई, “बाप रे, इतना बड़ा!”

मैंने शरारत से कहा, “फातिमा, देख, ये तुझे सलामी दे रहा है।” और अपने लंड को तीन-चार बार हिलाया। फातिमा शरम से लाल होकर बोली, “धत भाईजान, आप भी ना!” और भाग गई। लेकिन उसकी आँखों में मैंने वासना की चमक देख ली थी। मेरे पॉर्न वीडियो और लंड के दीदार ने उसके जिस्म में आग लगा दी थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

शाम को ऑफिस से लौटा, तो अम्मी ने खुशखबरी दी कि फातिमा ने हामी भर दी है। मेरा प्लान कामयाब हो गया। उसी रात अम्मी ने खाला को फोन ठोक दिया और सारी बात खोलकर बुला लिया। अगले ही दिन खाला अपने देसी ठाठ-बाट के साथ आ धमकीं। उनके चेहरे पर वो चालाकी थी, जो पक्की देसी औरतों में होती है। “Bhai Bahan Suhagrat Story”

अम्मी ने उन्हें सारा किस्सा सुना दिया—कैसे मैं फातिमा की चूत का भूखा हो गया था, और कैसे अम्मी चाहती थीं कि फातिमा मेरी बीवी बने। खाला ने ठहाका मारकर कहा, “अम्मी, तुमने तो कमाल कर दिया! चिंता मत करो, मैं सब संभाल लूँगी।” फिर उन्होंने जुमे को, यानी पाँच दिन बाद, निकाह की तारीख पक्की कर दी।

मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : घर में दीदी ने अपनी ब्लू फिल्म बनवाई

मोहल्ले वाले हमें जानते थे। सगे भाई-बहन का निकाह हमारे मज़हब में हराम माना जाता है, सो हमने खाला के गाँव में जाकर शादी करने का फैसला किया। मैंने ऑफिस से एक हफ्ते की छुट्टी ली, घर में ताला डाला, और अम्मी, फातिमा, और मैं खाला के गाँव पहुँच गए। मैंने मन में ठान लिया था कि शादी के बाद नया घर लूँगा, ताकि कोई शक न करे।

खाला थीं तो थोड़ी लालची, लेकिन काम की पक्की। मैंने उनके हाथ में दो लाख का चेक थमाया और कहा, “खाला, शादी को ऐसा देसी जलवा देना कि गाँव वाले देखते रह जाएँ।” फिर चुपके से बोला, “और हाँ, रात को सबके सोने के बाद मुझे फातिमा से अकेले में मिलवा देना।”

खाला ने आँख मारकर कहा, “अरे आतिफ, इतनी जल्दी क्या है? तीन दिन बाद तो तू उसकी चूत का किला फतह करेगा। अभी से लंड में खुजली क्यों?” मैंने शरारत से मुस्कुराया। खाला बोलीं, “ठीक है, रात को मिलवा दूँगी। मैंने फातिमा से बात की, वो तैयार है।”

खाला की बात सुनकर मेरा लंड पजामे में तंबू बन गया। मैंने उसी रात फातिमा से मिलने का पक्का कर लिया। रात जब गाँव में सन्नाटा छा गया, मैं चुपके से फातिमा के कमरे में घुसा। दरवाजा खुला था। फातिमा मुझे देखकर हड़बड़ा गई। उसने शरम से अपना चेहरा हथेलियों से ढक लिया, जैसे कोई कुंवारी दुल्हन।

मैं धीरे से उसके पास गया और उसके कंधे पर हाथ रखा। वो शरम से दोहरी हो गई, उसका गोरा चेहरा लाल हो गया। मैं उसके बगल में बैठा और उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुए बोला, “फातिमा, क्या तुझे ये निकाह पसंद नहीं? या मैं तुझे अच्छा नहीं लगता?”

फातिमा की आवाज़ काँप रही थी, “न…नहीं भाईजान… ऐसी बात नहीं… बस… मैं थोड़ा डर रही हूँ।” मैंने उसे अपनी बाँहों में खींच लिया। उसका गदराया जिस्म मेरे सीने से टकराया, और उसकी चूचियाँ मेरे खिलाफ दब गईं। वो काँप रही थी। मैंने उसके सिर को सहलाया, तो उसने अपना मुँह मेरे सीने में छुपा लिया। “Bhai Bahan Suhagrat Story”

मैंने कहा, “फातिमा, मैं तुझसे बहुत प्यार करता हूँ,” और उसके रसीले गाल पर एक गर्म चुम्मी जड़ दी। वो सिहर उठी और बोली, “भाईजान, प्लीज़… आज नहीं।” मैंने हँसकर कहा, “अरे मेरी जान, आज तो बस तुझे प्यार करूँगा। मगर परसों सुहागरात है, उस दिन मेरा लंड तेरी चूत का मेहमान बनेगा।”

फातिमा मेरे 9 इंच के लंड का ख्याल आते ही डर से सिहर गई। मैं उसकी गर्म साँसें और शरमाती आँखें देखकर और जोश में आ गया। कुछ देर तक उसे गले लगाकर मैं गुडनाइट बोलकर अपने कमरे में चला गया। अगले दिन खाला फातिमा को गाँव के ब्यूटी पार्लर ले गईं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

वहाँ उसकी चूत के आसपास के सारे बाल साफ करवाए, पूरा जिस्म वैक्स करवाया, और देसी जड़ी-बूटियों से मसाज करवाकर चमका दिया। फातिमा अब ऐसी लग रही थी, जैसे आसमान से उतरी हूर। उसका गोरा जिस्म चाँदनी की तरह चमक रहा था, और उसकी चूचियाँ ब्रा में उफान मार रही थीं। मैं उसे देखकर पागल हो रहा था।

जुमे का दिन आ गया। मेरा लंड पिछले एक साल से सूखा पड़ा था, और अब फातिमा की सील-पैक चूत का ख्याल मेरे जिस्म में आग लगा रहा था। मेरे सपनों में बस उसकी चूत की गुलाबी फाँकें और टाइट छेद घूम रहा था। शाम सात बजे सादगी से निकाह हुआ।

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : सौतेली माँ ने मेरे लंड का भी ध्यान रखा

मौलवी ने कुरान पढ़ी, और हमने कबूल-कबूल कहा। नौ बजे देसी खाने का दौर चला—बिरयानी, कबाब, और शाही टुकड़ा। ग्यारह बजे तक सारी रस्में खत्म हो गईं। खाला और उनकी बेटियों ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे उस कमरे में ले गए, जहाँ फातिमा लाल जोड़े में घूँघट डाले सिर झुकाए बैठी थी।

कमरे में गुलाब की खुशबू फैली थी। टेबल पर केसर-बादाम वाला दूध, चाँदी के वर्क वाला पान, और नारियल तेल की शीशी रखी थी। तेल देखकर मेरा लंड फनफनाकर और तन गया। मैंने दरवाजा बंद किया और फातिमा के पास बैठ गया। मैंने उसका घूँघट उठाया। उसका चेहरा देखकर मेरा दिल धक-धक करने लगा। “Bhai Bahan Suhagrat Story”

उसकी आँखों में शरम और डर का मिश्रण था। मुँह दिखाई में मैंने उसे सोने की अँगूठी पहनाई। फिर उसके चेहरे को दोनों हाथों में लिया और उसके रसीले होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उसकी साँसें गर्म थीं, और होंठों का स्वाद ऐसा कि मैं पागल हो गया। मैंने उसके होंठ चूसे, उसकी जीभ को अपनी जीभ से लपेटा, और गालों पर चुम्मियों की बौछार कर दी। फातिमा शरम से सिहर रही थी।

मैंने धीरे-धीरे उसके ज़ेवर उतारे। उसकी लाल सलवार कमीज़ में उसका जिस्म और भी कड़क लग रहा था। मैंने उसका नाड़ा खींचा और कमीज़ उतार दी। उसकी लाल ब्रा में कसी चूचियाँ देखकर मेरा लंड पजामे में तड़पने लगा। मैंने ब्रा का हुक खोला, और फातिमा की गोरी, गोल, और टाइट चूचियाँ मेरे सामने थीं।

मैंने एक चूची मुँह में ली और चूसने लगा। उसका निप्पल काला और सख्त था। मैंने जीभ से उसे चाटा, तो फातिमा सिहर उठी, “भाईजान… हाय… उफ्फ… गुदगुदी हो रही है।” मैंने कहा, “फातिमा, अब तू मेरी बहन नहीं, मेरी रानी है।” मैंने दूसरी चूची को ज़ोर से दबाया और निप्पल को दाँतों से हल्का सा काटा।

फातिमा की सिसकारियाँ निकलने लगीं, “आह… भाईजान… धीरे…” मैंने उसकी नाभि को चाटा, उसकी पतली कमर को सहलाया, और उसका लहंगा खींचकर उतार दिया। उसकी लाल पैंटी में उसकी चूत का उभार दिख रहा था। मैंने पैंटी भी उतार दी। फातिमा शरम से अपनी चूत को हथेलियों से ढक रही थी।

मैंने चालाकी से कहा, “फातिमा, तेरी चूचियाँ तो रसीले आम जैसे हैं।” वो शरमाकर अपनी चूचियाँ ढकने लगी, और मैंने उसकी चूत देख ली। हाय, क्या मस्त नज़ारा था! गुलाबी, छोटी सी, और मक्खन जैसी चूत। उसकी फाँकें हल्की गीली थीं, और छोटा सा छेद खुल-बंद हो रहा था। मैं पागल हो गया। “Bhai Bahan Suhagrat Story”

मैंने अपने सारे कपड़े उतार फेंके। मेरा 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड तोप की तरह तना था। फातिमा उसे देखकर डर गई, “भाईजान… हाय… इतना बड़ा… प्लीज़, ये नहीं जाएगा।” मैंने कहा, “डर मत, मेरी जान, तुझे जन्नत दिखाऊँगा।” मैं उससे लिपट गया। उसकी चूचियों को चूसते हुए मैंने उसके पूरे जिस्म पर चुम्मियों की बौछार कर दी।

उसकी नाभि में जीभ डाली, तो वो तड़प उठी। मैंने उसकी टाँगें फैलाईं और उसकी चूत की फाँक को उँगलियों से खोला। वाह, क्या देसी माल थी! उसकी चूत का गुलाबी छेद मेरे लंड का इंतज़ार कर रहा था। मैंने जीभ से उसकी चूत चाटनी शुरू की। फातिमा “हाय… भाईजान… उफ्फ… क्या कर रहे हो…” करके तड़पने लगी।

मैंने उसकी क्लिट को चूसा, और जीभ को चूत के छेद में डालकर चाटा। दस मिनट में फातिमा झड़ गई। उसकी चूत का रस मेरे मुँह में आया—हल्का नमकीन, लेकिन ऐसा मज़ा कि मैंने सारा चाट लिया। मैंने उसे दो बार और झाड़ा। उसकी सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत की फाँक पर रगड़ा। फातिमा डर रही थी, “भाईजान, प्लीज़… धीरे… मुझे दर्द होगा।” मैंने टेबल से नारियल तेल लिया और अपने लंड पर खूब मला। उसकी चूत की फाँक पर भी तेल डालकर मसला, ताकि उसकी टाइट चूत में रास्ता बने। “Bhai Bahan Suhagrat Story”

पहली बार लंड फिसल गया। दूसरी बार भी इधर-उधर हुआ। लेकिन तीसरी बार मैंने लंड को चूत के छेद पर सैट किया और एक ज़ोरदार धक्का मारा। फातिमा की चीख निकलने वाली थी, लेकिन मैंने फटाक से उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मेरा लंड “खच” की आवाज़ के साथ उसकी सील-पैक चूत को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया।

फातिमा छटपटाने लगी, मुझे धक्का देने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसे बाँहों में जकड़ लिया। उसकी आँखों में आँसू थे। उसकी चूत इतनी टाइट थी कि मेरा लंड रबरबैंड में फँसा हुआ सा लग रहा था। मैंने धीरे-धीरे लंड को इंच-इंच अंदर पेला। फातिमा कराह रही थी, “भाईजान… हाय… मर गई… दर्द हो रहा है।”

मैंने उसके आँसू पोंछे और कहा, “बस मेरी रानी, अब मज़ा आएगा।” मैंने धीरे-धीरे धक्के शुरू किए। मेरा लंड उसकी चूत के खून से लथपथ हो गया। धीरे-धीरे चुदाई की रफ्तार बढ़ी। फातिमा का विरोध कम हो गया। वो अब सिसकारियाँ ले रही थी, “आह… भाईजान… उफ्फ…” मैंने उसकी चूचियाँ पकड़ीं और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा।

कमरा “फच-फच… पच-पच…” की देसी आवाज़ों से गूँज रहा था। फातिमा की चूत मेरे लंड को जकड़ रही थी, और हर धक्के में उसकी सिसकारियाँ तेज़ हो रही थीं। मैंने उसकी टाँगें और फैलाईं और लंड को पूरा 9 इंच अंदर तक पेल दिया। फातिमा दो बार झड़ चुकी थी।

उसकी चूत का रस और खून मेरे लंड पर चमक रहा था। मैंने उसकी चूचियों को चूसा, उसकी कमर को दबाया, और चुदाई का मज़ा लिया। करीब 50 मिनट तक मैंने 100 से ज़्यादा धक्के मारे। आखिर में 20 ज़ोरदार धक्कों के बाद मैंने अपने रस से उसकी चूत भर दी। मेरा लंड झटके ले रहा था, और फातिमा की चूत में मेरा माल बह रहा था। “Bhai Bahan Suhagrat Story”

कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : पापा ने मेरे चूत को लौड़े से कुचला

मैं उस रात फातिमा को और तीन बार चोदना चाहता था। मैंने उसकी चूत को फिर से चाटा, लेकिन वो दर्द से कराह रही थी। उसने हाथ जोड़कर कहा, “भाईजान, बस… अब और नहीं… दर्द हो रहा है।” मैंने उसे प्यार से गले लगाया और बिस्तर पर लेट गया। सुबह बेडशीट पर खून और माल के धब्बे देखकर खाला मुस्कुराईं, जैसे सारी रात का किस्सा समझ गई हों।

दो दिन तक फातिमा लँगड़ाकर चल रही थी। उसकी चूत में सूजन थी, लेकिन उसकी शरम अब कम हो गई थी। तीसरे दिन मैंने उसे फिर चोदा। इस बार मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड डाला। उसकी सिसकारियाँ सुनकर मेरा लंड और जोश में आ गया। दस दिन बाद मैंने उसकी गाँड की सील तोड़ी। फातिमा ने गाँड मरवाने में बहुत नखरे किए, “भाईजान, प्लीज़… गाँड में नहीं… बहुत दर्द होगा।”

मैंने नारियल तेल लिया, उसकी टाइट गाँड पर खूब मला, और धीरे-धीरे लंड का सुपारा अंदर डाला। फातिमा चीखी, लेकिन मैंने उसे दबोच लिया। धीरे-धीरे मेरा पूरा 9 इंच उसकी गाँड में समा गया। उसकी गाँड इतनी टाइट थी कि मेरा लंड स्वर्ग में था। मैंने ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारे, और फातिमा की चीखें सिसकारियों में बदल गईं। उस रात मैंने उसकी गाँड और चूत दोनों का मज़ा लिया।

वक़्त पंख लगाकर उड़ गया। एक दिन ऑफिस से लौटा, तो खाला ने चिल्लाकर कहा, “आतिफ, फातिमा पेट से है!” मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। नौ महीने बाद फातिमा ने आठ पौंड के मज़बूत बच्चे को जन्म दिया। अगले पाँच साल में फातिमा ने मेरे तीन बच्चों को जन्म दिया। आज हमारा परिवार देसी मस्ती में डूबा है।

फातिमा मेरी सगी बहन भी है और बीवी भी। शाहिद को छोड़कर हमारे बच्चे मेरे बेटे भी हैं और भांजे भी। अम्मी दादी भी हैं और नानी भी। हमारे रिश्ते अनोखे हैं, लेकिन मज़ा ऐसा कि बस पूछो मत। सगी बहन की चुदाई का स्वाद ही निराला है, और जब वो तेरे बच्चों की माँ बने, तो बात जन्नत से कम नहीं।

दोस्तों आपको ये Bhai Bahan Suhagrat Story मस्त लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………..

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Click to share on X (Opens in new window) X
  • Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram
  • Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

Like this:

Like Loading...

Related

Filed Under: Bhai Bahan Ki Chudai Tagged With: अन्तर्वासना, कामुकता, कुंवारी बहन चुदाई, चुदाई का दर्द, चूत का भूखा, चूत की प्यास, परिवार में चुदाई, बड़ी सेक्सी चूचियां, भाई बहन की सुहागरात, सेक्स की प्यासी, हिंदी सेक्स स्टोरी

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

सेक्सी कहानी खोजे

नई चुदाई की कहानियाँ

  • बस में अंकल ने अपनी हवस मिटाई मेरी चूत से
  • देवर भाभी ने ट्यूबवेल पर चुदाई की
  • पड़ोसन के बाथरूम में झांक कर नहाते देखा
  • Lund Ki Bhookhi Aurat Ko Pela
  • भाभी और देवर की एक उत्तेजक रात

अन्तर्वासना सेक्स कथा

कथा श्रेणिया

  • Aunty Ki Chudai
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Ki Chudai
  • Boss Ke Sath Chudai
  • Devar Bhabhi Ki Chudai
  • Doctor aur Nurse Ki Chudai
  • Girlfriend Boyfriend Ki Chudai
  • Group Mein Chudai
  • Hindi Sex Story Antarvasna
  • Hot Virgin Girl Ki Chudai
  • JiJa Sali Ki Chudai
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Ladkiyo Ki Chudai
  • Maa Bete Ki Chudai
  • Meri Chut Ki Chudai
  • Pados Wali Bhabhi Aunty Ki Chudai
  • Pati Patni Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Student Teacher Ki Chudai
  • Uncategorized

पोर्न स्टोरी टैग्स

Anal Sex Antarvasna Bathroom Sex Big Boobs Blouse Blowjob boobs bra chudai chut Cleavage Desi Chudai Desi Kahani Desi Sex Story Fingering Free Sex Kahani gaand Gand Ghar Ka Maal Hardcore Sex hawas Hindi Sex Story Kamukata lund Maa Ki Chudai Mota Lund Nonveg Story Nude Pahli Chudai panty Sex Story sexy Sexy Figure अन्तर्वासना अन्तर्वासना कहानी कामुकता कामुकता कहानी घर का माल जोरदार चुदाई पहली चुदाई फ्री सेक्स कहानी मोटा लंड लंड की प्यासी सेक्स की प्यासी हिंदी सेक्स स्टोरी

Disclaimer and Terms Of Use

Our Partner

HamariVasna

Footer

Disclaimer and Terms of Uses

© 2025 · Crazy Sex Story : Antarvasna Porn

%d