Desi Affair Sex Kahani
सचिन और कामिनी की कहानी की शुरुआत नेटवर्क मार्केटिंग की उन रंगीन मीटिंग्स से हुई जहाँ सपनों के साथ-साथ जिस्मानी प्यास भी परोसी जा रही थी। कामिनी 26 साल की एक बेहद खूबसूरत औरत थी, जिसे अपनी काया पर बड़ा नाज था। वह शुरू से ही मॉडर्न ख्यालों की थी और साड़ी के बजाय टाइट जींस और टी-शर्ट पहनना उसे ज्यादा पसंद था। Desi Affair Sex Kahani
उसका पति केशव अक्सर काम के सिलसिले में शहर में रहता था, जबकि कामिनी अपने मायके के पास वाले कस्बे में अपनी आजादी के सपने बुन रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात 30 साल के सचिन से हुई, जो भोपाल के पास के एक गाँव का रहने वाला था और अपनी चिकनी बातों से किसी को भी अपना गुलाम बना सकता था।
मीटिंग्स के बहाने सचिन ने कामिनी की खूबसूरती के ऐसे कसीदे पढ़े कि वह पूरी तरह उसके वश में हो गई। कामिनी जब अपनी कसी हुई जींस और फिटिंग वाली टी-शर्ट में सचिन के सामने आती, तो सचिन की हवसी नजरें उसके मस्त और भारी बूब्स पर गड़ जातीं। फोन पर घंटों चलने वाली बातों ने जल्द ही मर्यादा की दीवारें गिरा दीं।
एक दिन सचिन ने कामिनी को बिजनेस के सिलसिले में एक एकांत ऑफिस में बुलाया। कामिनी उस दिन नीली टाइट जींस और सफ़ेद टी-शर्ट में पहुँची थी, जिसमें उसका बदन किसी ढली हुई मूरत जैसा लग रहा था। कमरे में कदम रखते ही सचिन ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : भतीजे को दिया मौका चूत मारने का चाची ने
उसने बिना कुछ कहे कामिनी को पीछे से अपनी बाहों में जकड़ लिया। जैसे ही सचिन का सख्त हाथ उसकी टी-शर्ट के अंदर गया और उसके नग्न बूब्स को अपनी हथेलियों में जोर से भींचा, कामिनी की सिसकी निकल गई। सचिन ने उसे मेज की ओर मोड़ा और उसके होंठों को बुरी तरह चूसने लगा।
कामिनी भी अपनी 5 साल की शादी को भूलकर उस नए मर्द की बाहों में पिघलने लगी। सचिन ने फुर्ती से उसकी जींस का बटन खोला और चैन नीचे सरका दी। जैसे ही जींस और गुलाबी चड्डी पैरों से नीचे गिरी, कामिनी की देसी और गोरी चूत पहली बार किसी गैर मर्द की नजरों के सामने नग्न थी।
सचिन ने अपनी पैंट खोलकर अपना सख्त और फनफनाता हुआ लंड बाहर निकाला। उस लोहे जैसे औजार को देखकर कामिनी की धड़कनें रुक सी गईं, पर उसकी चूत से पानी बहने लगा था। सचिन ने उसे मेज पर लेटाया और उसकी टांगें चौड़ी करके उनके बीच आ गया।
उसने एक ही जोरदार झटके में अपना पूरा लंड उसकी गहराई में उतार दिया। कामिनी दर्द और चरम आनंद के बीच चीख उठी, जिसे सचिन ने अपने मुँह से दबा दिया। कमरे में “पट्ट-पट्ट” की आवाजें गूँजने लगीं। सचिन के हर धक्के के साथ कामिनी के बूब्स ऊपर-नीचे उछल रहे थे और वह पागल होकर सचिन की पीठ पर अपने नाखून गड़ा रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
चुदाई की गरम देसी कहानी : कुंवारे देवर का लम्बा लंड देख भाभी चुदासी हो गई
कुछ देर मिशनरी में चोदने के बाद सचिन ने उसे मेज पर ही घोड़ी बना दिया। पीछे से उसकी भारी गांड का नजारा सचिन को और भी वहशी बना रहा था। उसने दोबारा अपना लंड उसकी चूत में डाला और बेतहाशा धक्के मारने लगा। अंत में, जब सचिन का निकलने वाला था, उसने उसे सीधा किया और अपना सारा गाढ़ा और सफ़ेद वीर्य कामिनी के बूब्स और पेट पर उड़ेल दिया।
वह हाँफती हुई मेज पर पड़ी रही, पसीने में तर-बतर और सचिन की गंदगी से लिपटी हुई। उस दिन उसे एहसास हुआ कि उसने वफादारी की दहलीज पार कर ली है, पर उसे उस ‘नये मजे’ का ऐसा चस्का लगा कि वह अब हर रोज सचिन के लंड के लिए तड़पने लगी थी।
सचिन और कामिनी के बीच अब जिस्मानी खेल इतना बढ़ चुका था कि उन्हें हर वक्त साथ रहने का बहाना चाहिए था। सचिन ने कामिनी के दिमाग में यह बात डाली कि क्यों न वे पास के कस्बे में एक लेडीज गारमेंट्स की शॉप खोल लें, जिससे उन्हें रोज मिलने का मौका भी मिलेगा और दुनिया की नजरों में वे बिजनेस पार्टनर बने रहेंगे।
कामिनी को यह विचार बहुत पसंद आया। शॉप के लिए माल खरीदने के बहाने उन्होंने सूरत जाने का प्लान बनाया। केशव को लगा कि कामिनी अपने करियर के लिए मेहनत कर रही है, पर उसे क्या पता था कि यह ७ दिन की एक लंबी ‘सुहागरात’ की तैयारी थी।
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : मौसेरी बहन के बड़े मम्मो को मस्ती में दबाया
सूरत जाने वाली ट्रेन में ही सचिन ने अपनी हरकतों से कामिनी को बेहाल करना शुरू कर दिया। जैसे ही रात हुई और कोच की लाइटें मंद हुईं, सचिन उसकी लोअर बर्थ पर उसके पास सरक आया। कामिनी ने उस रात एक ढीली कुर्ती और पजामी पहनी थी। सचिन ने चादर के अंदर हाथ डालकर उसकी पजामी के अंदर अपनी उंगलियाँ घुसा दीं।
जब सचिन की उंगली उसकी देसी चूत की गहराई नापने लगी, तो कामिनी ने कंबल के अंदर ही अपनी टांगें चौड़ी कर दीं। पूरी रात ट्रेन की गड़गड़ाहट के बीच वे दोनों चादर के अंदर उंगलियों और मुँह से एक-दूसरे का लुत्फ लेते रहे। सूरत पहुँचते ही उन्होंने एक ही होटल के कमरे में चेक-इन किया।
वहां का नजारा ही कुछ अलग था। दिन भर वे गारमेंट्स मार्केट में घूमते और शॉप के लिए थोंग, जालीदार चड्डी, पारदर्शी ब्रा और छोटी नाइटियाँ पसंद करते। जब भी वे कोई नया सैंपल देखते, सचिन उसे कमरे में ले जाकर कामिनी को ट्राई करने को कहता।
कामिनी जब उस छोटी सी जालीदार थोंग और बिना पैड वाली ब्रा में सचिन के सामने आती, तो सचिन का लंड पैंट फाड़कर बाहर आने को बेताब हो जाता। वह उसे वहीं ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ा करता और पीछे से उसकी भारी गांड को अपनी हथेलियों में भरकर उसे चोदने लगता।
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : भाभी की पेंटी चाट कर मुठ मार रहा था
होटल के उन ७ दिनों में शायद ही कोई ऐसा कोना बचा होगा जहाँ उन्होंने ‘पट्ट-पट्ट’ न की हो। एक रात सचिन ने उसे एक लाल रंग की पारदर्शी नाइटनी पहनाई और उसे बिस्तर पर लिटा दिया। सचिन ने उसके दोनों हाथ ऊपर बाँध दिए और उसकी टांगों के बीच बैठकर उसकी चूत को पागलों की तरह चाटने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
जब कामिनी प्यास से तड़पने लगी, तो सचिन ने अपना सख्त लंड उसकी चूत के मुहाने पर रखा और धीरे-धीरे उसे पूरा अंदर धकेल दिया। वह ७ दिन कामिनी के लिए किसी सपने जैसे थे; वह रोज नए-नए कपड़े पहनती, सचिन को रिझाती और फिर घंटों उसके लंड का स्वाद लेती। “Desi Affair Sex Kahani”
शॉप के लिए जो मटेरियल वे देख रहे थे, उसका हर एक पीस कामिनी ने अपने बदन पर पहनकर सचिन से ‘पास’ करवाया था। जब सचिन उसे पीछे से चोदते हुए उसके बूब्स को काटता, तो कामिनी को लगता कि केशव के साथ ५ साल की शादी में उसे वो मजा कभी नहीं मिला जो सचिन के साथ इन ७ दिनों में मिला।
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : बुआ ने अपने गांड का तिल दिखाया मुझे
हर रात जब सचिन का गरम वीर्य कामिनी की जांघों और बूब्स पर गिरता, तो वह उसे अपनी उंगली से चखती और सचिन की बाहों में सो जाती। वह ७ दिन की सूरत की ट्रिप उनके लिए बिजनेस से ज्यादा एक वहशी हनीमून बन गई थी, जिसने कामिनी को पूरी तरह सचिन की रखैल बना दिया था।
Leave a Reply