Gangbanag Antarvasna Story
हाय दोस्तो मेरा नाम रोहन है और आज मैं आपलोगो को अपनी विधवा माँ की चूदाई की कहानी बताता हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं 14 15 साल का था। और मेरी माँ की उम्र करीब 37 38 की थी। उसकी फिगर एकदम कयामत थी 36 30 36 थी। मेरे पिता के गुजरने के बाद मेरी माँ की चूत एकदम टाइट हो गई थी। पांच साल तक वीरान थी कभी कभी उंगली करके झड़ जाती थी। Gangbanag Antarvasna Story
एक दिन गाँव के ही दो लोग तालु ओर लाला बात कर रहे थे मैदान तरफ जब हम बच्चे खेल रहे थे। इसकी माँ को पटाते है इसके घर ने कोई नहीं रहता है। फिर वो दोनों मेरे घर रोज आने लगे कुछ बहाना करके। हंसते हंसते बात करते थे तीनों। एक दिन मैं और मेरी माँ रात में गर्मी मौसम आंगन में सो रहे थे।
अंधेरा था तो मेरी नींद खुली तो देखा माँ मेरे साथ नहीं थी। तभी मैं रोने लगा तभी लाला आया मेरे पास ओर बोला मत रो तेरी माँ यही है आ जाएगी तुम सो जाओ। बगल में खाली जगह था आंगन के साइड में वही से माँ आह आह उई माँ कि आवाज कर रही थी न जोर जोर थप कि आवाज आ रही थी।
मैं उठा तो लाला ने मुझे उधर जाने से रोका बोला मत जाओ उधर। 2 घंटे तक ऐसे ही चला मुझे समझ नहीं आया हो क्या रहा है। माँ की साड़ी बाजू में पड़ी थी वो सिर्फ पेटीकोट और साया में थी। दोनों आदमी नंगे थे अंधेरा ने लौड़ा सहला रहे थे। फिर दोनों चले गए रात के 11 बजे के क़रीब।
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मुझे कुछ ज्यादा पता नहीं चला एक दोस्त बता रहा था कि तेरी माँ प्रेग्नेंट है। बोल रहा था लाला ओर तालु रोज तेरी माँ को चोदते है तुम तो स्कूल में रहते हो ओर यहाँ दोनों खूब पेलते है मुझे शक हो गया रात में दोनों ने लिया होगा। एक दिन मैं स्कूल नहीं गया स्कूल बस को मैने जान बूझकर छोड़ दिया।
मै घर आया तो माँ घर में नहीं थी। मैं ढूंढते हुए पड़ोस के घर तक गया एक बूढ़ी रहती थी बड़ा हरामी थी बुढ़िया। मैने पूछा मेरी माँ इधर आई है तो बोली बैठो क्यों ढूंढ रहे हो। मै वही उसके पास बैठ गया तो बताने लगी तेरी माँ मेरे घर में है उसने घर का दरवाजा बाहर से बंद कर रखा था अंदर आंगन था।
मैने बोला कहां है माँ। तो उसने बोली दरवाजा के छेद से कान लगाकर देखो अंदर है। मैने कान लगाकर देखा तो सुनाई दिया माँ की आवाज आह आह नहीं आज नहीं प्रेग्नेंट कर दिया है तुम दोनों ने। मैने पूछा कौन कौन है अंदर। वो बुढ़िया बताने लगी लाला ओर तालु है यहां तीनों मजे कर रहे है तुम जाओ शाम में माँ चली जाएगी।
अभी 11 बज रहे थे दिन के। मै बोला नहीं माँ के पास जाना है। तो वो बुढ़िया बोली अभी चूदाई होगी तेरी माँ की दोनों चोदेंगे फिर छोड़ेंगे तेरी माँ को। देखोगे क्या अपनी माँ को ये जीना में चढ़कर देखो लेकिन कुछ बोलना मत डिस्टर्ब मत करना। मै ऊपर चढ़कर देख आंगन में दोपहर में पूरा नंगा कर रखा था दोनों ने माँ को ओर दोनों भी नंगे थे मादरचोद क्या लौड़ा था सालों का लंबा लंबा मोटा मोटा।
तभी लाला ने माँ को पीछे से पकड़कर गोदी में उठाया और तालु सामने से 7इंच लंबा लौड़ा घुसा दिया चूत में। माँ आह आह उई मां नीचे उतरो ऐसे नहीं। तभी तालू ने 10 15 बार लंबा शॉट मारा तो माँ की चीख निकल गई आह नहीं छोड़ो। तभी माँ भागने लगी कमरे में जिधर वो बुढ़िया बैठी थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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माँ दरवाजा खटखटाने लगी अंदर से लेकिन वो बुढ़िया खोली नहीं तभी लाला ने माँ को रूम से पकड़कर आंगन में ले गया आंगन में धूप था। माँ इधर उधर भागने लगी तभी दोनों ने पकड़कर खटिया में लिटाया धूप में ही और लाला ने माँ की टांगों को फैलाकर 8 इंच का लौड़ा जब डाला तो माँ की चीख निकाल दिया रोने लगी नहीं नहीं आह मत करो ऐसे प्लीज़ निकालो।
थोड़ी देर बाद माँ को मजा आने लगा। फिर लाला झड़ गया माँ की चूत में फिर तुरंत तालु ने डाल दिया उसने माँ को उसी पोजिशन में लिटाकर 30 मिनट तक चूत मारा। लाला ने तो पूरा 1 घंटा लगभग पेला। फ़िर तीनों वही खटिया में बैठ गए। तभी लाला ने माँ को गोदी में बैठने को कहा। माँ लाला की गोद में बैठ गईं।
लेकिन उसका लौड़ा माँ की चूत में था। पूरा 8 इंच अंदर था। तभी माँ बोली पेशाब करना है तो लाला उठकर खड़ा हुआ। फिर माँ की एक टांग उठाकर चोदने लगा। माँ बोली ए बाबा मूतने तो दो मै नहीं भागूंगी फिर जबतक मन करे चोदना मुझे। लाला बोला आज एक मिनिट के लिए भी तेरी चूत खाली नहीं रहेगी।
माँ बोली ऐसा है क्या। तो लाला ओर तालु ने बोला तुझे मूतते हुई चोदेंगे दोनों। तभी लाला ने एक शॉट दिया पूरा अंदर फिर माँ को बोला पेशाब करो तभी माँ जोर लगाई फिर बोली जाम कर दिया तुमने थोड़ा तो बाहर निकलो तभी लाला अपना लौड़ा बाहर निकालता है तभी माँ की पेशाब निकल जाती है तभी लाला अपना लौड़ा गच से अंदर डाल देता है।
तभी मेरी माँ बोलती है ए हरामी क्या कर रहे हो। फिर लाला कमर पकड़कर जोर जोर चोदने लगा। तभी माँ आह आह करके पेशाब कर रही थी। तभी तालू बाहर आने लगा दरवाजा खोलने तभी मै फटाक से जीना से नीचे उतर गया। बुढ़िया बाहर से दरवाजा खोली और अंदर घुस गई तो मां हिचकिचा शर्मा के।
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तभी बुढ़िया बोली उन लोगो को की इसका बच्चा स्कूल से आ गया है जल्दी करो। कुछ देर बाद माँ गमछी लपेटकर निकली वो मुझसे बात करने लगी कि स्कूल क्यूं नहीं गए तुम और यहां करने आए हो घर जाओ मै आ जाऊंगी थोड़ी देर में। तभी तालू ने माँ को पीछे से पकड़ लिया और आंगन में ले जाने लगा वो नंगा था लौड़ा ठनका हुआ था।
फिर तालु ने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। तभी बुढ़िया बोली तुम घर जाओ तेरी माँ को दोनों अभी जाने नहीं देंगे। बहुत दिन बाद आज तीनों मिले है। मै फिर जीना में चढ़कर देखने लगा। माँ बोल रहीं थी कि मेरा बेटा देख लिया तुम क्यू ऐसा हरकत करते हो माँ तालु कि गोद में बैठकर चूद रही थी लेकिन कुछ सोच रही थी। “Gangbanag Antarvasna Story”
घबराई हुईं थी तो तालु ने नीचे से शॉट दिया और बोला क्या हुआ घर जाना है। नहीं आज शाम तक हु यहां। तभी धूप तेज होने लगी तो वो लोग कमरे आ गए। फिर वो बुढ़िया बोलने लगी देखा कैसे तेरी माँ की चूत में इतना लंबा लंबा दोनों डाल रहे है। थोड़ी देर बाद माँ की चीखने की आवाज आने लगी तो बुढ़िया ने बोला अब ले रहा है दोनों अच्छा से।
तभी बुढ़िया ने मुझे बोली चलो दिखाती हूं। तभी बुढ़िया एक खिड़की खोली जहां से सबकुछ दिखता था। वरांडा टाइप का था जहां चूदाई हो रही थी और हमदोनों अंदर थे अंधेरा में। वहां से उनलोगों को पता नहीं चल रहा था। दोनों को बुढ़िया ने दवा खिलाकर रखा था। अब होना था असली पेलाई।
माँ डॉगी स्टाइल थी और तालु माँ की कमर ओर बूब्स नीचे दबा के सटा रखा था। फिर वो non stop अंदर डाल रहा था। माँ चीखने लगी बोली आह नहीं इतना जोर नहीं दर्द हो रहा है। माँ आह आह करती रही पर तालु 30 मिनट तक लेता रहा फिर चूत में झड़ गया। माँ बोली हाय राम आह कमर ढीली कर दिया तुमने तो।
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तभी लाला ने माँ को तुरंत एक बोरी रखी थी क्या चीज की उसके सहारे खड़ा किया और पीछे की ओर झुका दिया योग आसन में फिर तालु पीछे से पकड़कर दूध दबाने लगा। पूरा चूत लाला के सामने दिख रही थी और आर्क वाली पोज में थीं। अब लाला ने लौड़ा डाला तो माँ की चीख निकाल दिया। “Gangbanag Antarvasna Story”
आह मां नहीं ऐसे नहीं छोड़ो आह आह करे रही थी। लेकिन अब लाला शॉट देना शुरू किया माँ की चीख निकल रही थी। फिर उसने स्पीड बढ़ा दी तो माँ रोने लगी। लेकिन वो चोदता रहा। माँ बोल रही थी आह मम्मी लेकिन वो सांड के तरह डालता रहा जब जोर से रोने लगी तो उसने उसको सी किया और पूछा क्या हुआ। तो बोली दर्द हो रहा है ऐसे मत करो।
माँ बोलने लगी तुम दोनों इतना चोदते हो मुझे फिर भी मन नहीं भरता दोनों का। तभी लाला बोला मजा नहीं दे रही हो। तभी माँ बोली और क्या चाहिए जैसे मन करता है दोनों का वैसे चूत मारते हो मेरा बीच में छुटा वरना डेली ही तो देती हूं। तभी लाला ने माँ की मुंह में मुंह डाला और किस करते हुए चोदने लगा धीरे धीरे वो माँ को पीछे चोद चोदकर झुकाने लगा.
फिर पूरी तरह झुका दिया माँ रोती रहीं लेकिन वो मादरचोद लुटता रहा। माँ की आंख से आंसू आ रही थी और चूत से वीर्य गिर रहा था। माँ थक गई थीं फिर लाला ने अपना वीर्य डाल दिया। फिर हट गया तभी तालू ने उसी पोजिशन में डाल दिया माँ उठने की कोशिश की तो तालु ने जोर जोर से अंदर डालने लगा ओर माँ को बूब्स दबाकर रखा था उठने नहीं दे रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
माँ की आंसू निकल रही थी और वो दोनों ने बारी बारी से चोदता रहा। चूत सूज गई। माँ साड़ी पहनने लगी तभी लाला ने माँ की एक टांग उठाया और लौड़ा घुसा दिया। माँ बोली ओर कितना करोगे। तभी वो मूतने लगा माँ कि चूत के अंदर धक्का देते देते। तभी तालू ने पीछे से गांड़ में डाल दिया तो माँ चीखने लगी। शाम हो चुकी थी धूप ढल चुकी थी तो दोनों ने माँ को आंगन में लेकर आया। “Gangbanag Antarvasna Story”
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ओर खटिया बिछाकर सैंडविच बना दिया रूला दिया दोनों ने। शाम के 5 बजे दोनों ने माँ को छोड़ा। कुछ दिन बिता तो मेरे गांव में मेला लगी थी सारे लोग मेले चले गए थे। मै माँ को ढूंढ रहा था मुझे नहीं मिला तो मैं समझ गया बुढ़िया के घर है मै गया तो देखा आंगन में शराब की बोतल था तो देखा तालु माँ के ऊपर खटिया में लेटा हुआ है उसका लौड़ा माँ की चूत में घुसा हुआ था।
मां भी सोई थी। तो बुढ़िया ने बोला आज दोनों ने शराब पीकर बहुत चोदा है सोने दो। दोनों ने बहुत चोदा है आज देखो दोनों थके है। मै घर आ गया थोड़ी देर बाद देखा मां घर आ गई। कुछ दिन बाद माँ ने एक अंकल दूसरे गांव के थे उसने सेटिंग करने लगी शादी करने के लिए। तो वो अंकल भी सिर्फ लेना चाहता था माँ कि चूत। मेला के दिन उसने माँ को रात भर चूदाई कि।
उसने शादी करने से इंकार कर दिया क्यूंकि एक दिन इसने उन दोनों को देख लिया था माँ कि चूत लेते हुए। उस बुढ़िया के घर में कोई नहीं आता जाता था इसीलिए दोनों वहां पूरा खोलकर चोदते थे। बारिश के मौसम का दिन था। मैं ज्यादातर टाइम मां को चूदते हुए देखा था। एक बार वो बुढ़िया मुझे बुलाई बारिश के टाइम बोलने लगी देखोगे अपनी माँ को कैसे चूद रही है। बारिश आंगन में मेरी माँ सच में चूद रही थी दोनों से। खड़े खड़े चोद रहे थे दोनों।
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