Mummy Ka Affair Sex
मेरा नाम नितेश है। आज मैं अपनी जिंदगी की वो घटना आप सबके साथ शेयर कर रहा हूँ जो मैंने सालों तक अपने अंदर ही दबा रखी थी। मैं गुरुग्राम में एक मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ, लेकिन ये कहानी मेरे कॉलेज के दिनों की है। वो दिन, वो रातें और मेरी मम्मी के साथ जो हुआ… वो सब आज भी मेरे दिमाग में ताजा है। Mummy Ka Affair Sex
मेरी मम्मी का नाम रजनी है। उस समय उनकी उम्र करीब 40 साल थी। मम्मी बहुत गोरी-चिट्टी हैं। लंबे-काले बाल, तीखी नाक, और आँखें जो जब शरमाती हैं तो और भी खूबसूरत लगती हैं। उनका बॉडी… यार, क्या बताऊँ। ब्रेस्ट इतने भरे-भरे और भारी हैं कि साड़ी के अंदर भी साफ-साफ उनके आकार का अंदाजा हो जाता है।
गांड गोल और उठी हुई, कमर पतली, और पेट इतना सपाट कि साड़ी का पल्लू जब थोड़ा खिसकता तो उनकी चिकनी त्वचा चमक उठती। पड़ोस की औरतें जलती थीं, और मर्द… सड़क पर, बाजार में, हर जगह गलत नज़रों से घूरते थे। मम्मी हमेशा साड़ी या सलवार-कमीज पहनती थीं, लेकिन साड़ी के साथ भी उनका क्लीवेज थोड़ा-थोड़ा नजर आता था।
कभी-कभी जब वो झुकतीं तो गले के नीचे गहरा साया दिख जाता। वो अच्छी सोच की औरत थीं, घर-परिवार की, लेकिन उस गोवा वाली ट्रिप के बाद सब कुछ बदल गया। मम्मी की एक बहुत करीबी फ्रेंड थीं – प्रियंका आंटी। कॉलेज की दोस्त। प्रियंका आंटी अमीर घर की थीं। टॉप-स्कर्ट, जीन्स, डीप नेक टॉप… वो सब पहनती थीं।
उनका पति भास्कर अंकल बड़े बिजनेसमैन थे। महंगी कारें, 5-स्टार होटल, विदेश ट्रिप – सब कुछ उनके पास था। प्रियंका आंटी जब भी मम्मी से मिलतीं तो बार-बार कहतीं, “रजनी, तुम इतनी सुंदर हो… तुम्हें भी थोड़ा इन्जॉय करना चाहिए। घर-घर करके क्या रखा है?”
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मम्मी सुनकर मुस्कुरा देतीं, लेकिन अंदर से दुखी हो जातीं। पापा सरकारी नौकरी करते थे, सैलरी ठीक-ठाक थी, लेकिन प्रियंका आंटी वाले स्टाइल का खर्च हम नहीं उठा सकते थे। मम्मी कभी-कभी आईने के सामने खड़ी होकर अपनी साड़ी ठीक करतीं और आह भरतीं।
एक दिन प्रियंका आंटी ने फोन किया – “रजनी, हम लोग गोवा जा रहे हैं। तुम भी चलो। भास्कर सब स्पॉन्सर कर देंगे। नितेश को भी ले लो।”
मम्मी ने पहले पापा से पूछा। पापा को प्रियंका आंटी पसंद नहीं थीं। उन्होंने साफ मना कर दिया। मम्मी नाराज हो गईं। दो दिन तक घर में ठंडा माहौल रहा। आखिर पापा ने हार मान ली – “ठीक है, तुम नितेश के साथ जाओ। लेकिन ध्यान रखना।”
मम्मी की खुशी का ठिकाना न रहा। उन्होंने तुरंत प्रियंका आंटी को फोन किया। फोन पर दोनों घंटों हँसती-बोलती रहीं। मैं कमरे के बाहर खड़ा सुन रहा था, लेकिन कुछ समझ नहीं आ रहा था। सिर्फ इतना पता चला कि ट्रिप पक्की हो गई है। तीन दिन बाद रात 9 बजे हम एयरपोर्ट पहुँचे।
प्रियंका आंटी ने एक पारदर्शी सफेद साड़ी पहनी थी। अंदर का ब्लैक ब्लाउज साफ झलक रहा था। उनके साथ भास्कर अंकल भी थे – लंबे, हल्के दाढ़ी वाले, महंगे सूट में। मम्मी ने हल्के गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी। क्लीवेज थोड़ा खुला हुआ था। भास्कर अंकल ने मम्मी को देखते ही आँखें फाड़ लीं।
उन्होंने मम्मी को गले लगाया – थोड़ा ज्यादा देर तक। “प्रियंका, योर फ्रेंड इज रियली ब्यूटीफुल। वी विल हैव अ लॉट ऑफ फन इन गोवा।” प्रियंका आंटी जोर से हँसीं। मम्मी शरमा गईं, लेकिन उनके गाल लाल हो गए थे। एक घंटे बाद हम गोवा पहुँचे। रात के 11 बज रहे थे।
भास्कर अंकल ने एक अच्छे 3-स्टार होटल में दो रूम बुक करवाए थे। एक रूम में मैं और मम्मी, दूसरे में आंटी-अंकल। रूम देखकर हम दोनों हैरान रह गए – बड़ा बेड, बालकनी, और समुद्र की हल्की आवाज। उस रात हमने सिर्फ आराम किया। अगली सुबह भास्कर अंकल खुद हमारे रूम के दरवाजे पर आए। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मम्मी अभी साड़ी पहन ही रही थीं। अंकल ने “गुड मॉर्निंग रजनी” कहा और उनकी आँखों में घूमते हुए बोले, “जल्दी तैयार हो जाओ, आज बहुत घूमना है।” मम्मी ने हल्की सी मुस्कान दी। आंटी ने स्कर्ट और टाइट टॉप पहना था। उन्होंने मम्मी को आँख मारकर कहा, “आज खूब मस्ती करेंगे… तू भी देख लेना।”
पूरा दिन बीच पर बीता। धूप, लहरें, ठंडी बीयर। मम्मी की साड़ी हवा में उड़ रही थी। कभी-कभी उनका पेट और नाभि साफ दिख जाती। भास्कर अंकल बार-बार उनकी तरफ देखते थे। शाम 7 बजे हम होटल वापस आए। आंटी, अंकल और मम्मी लॉन में बैठकर बातें करने लगे।
मैं अपने रूम में चला गया। आधे घंटे बाद मम्मी आईं और बोलीं, “नितेश, हम लोग नीचे लॉन में हैं। तुम टीवी देखो या जो मन करे करो।” उनकी आवाज में हल्की उत्तेजना थी। मैं कुछ देर बाद चुपके से पीछे-पीछे गया। लॉन में मम्मी और भास्कर अंकल अकेले बैठे थे।
प्रियंका आंटी कहीं अंदर चली गई थीं। मम्मी के हाथ में वाइन का गिलास था। वो हँस रही थीं – वैसी हँसी जो घर पर कभी नहीं सुनाई देती। साड़ी का पल्लू थोड़ा खिसक चुका था। क्लीवेज गहरा और चमकदार लग रहा था। भास्कर अंकल उनकी तरफ ऐसे देख रहे थे जैसे कोई भूखा आदमी मिठाई देख रहा हो। मैं एक पेड़ के पीछे छिप गया और उनकी बातें सुनने लगा।
भास्कर अंकल बोले, “रजनी, यू आर रियली ब्यूटीफुल। इस साड़ी में तुम और भी खतरनाक लग रही हो। मुंबई में तुम्हें कोई सही से एप्रिशिएट नहीं करता होगा।”
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मम्मी शर्माते हुए बोलीं, “थैंक्स भास्कर जी… आपने हमें इतना घुमाया, होटल में रखा। आज बहुत अच्छा लग रहा है।”
अंकल ने उनका गिलास फिर से भर दिया। “थोड़ा और पियो। आज कोई पाबंदी नहीं है। यहाँ सिर्फ मस्ती है।”
मम्मी ने हल्के स्वर में कहा, “पति के साथ कभी-कभी पीती हूँ… लेकिन आज प्रियंका ने भी कहा था। बस ज्यादा मत देना। मुझे जल्दी नशा हो जाता है। फिर मैं खुद को कंट्रोल नहीं कर पाती…”
दो-तीन घूँट और। मम्मी की आँखें भारी होने लगीं। गाल लाल हो गए। साड़ी का ब्लाउज थोड़ा और खुलता हुआ लग रहा था। भास्कर अंकल धीरे-धीरे उनके करीब खिसक आए। पहले उन्होंने मम्मी के हाथ को हल्के से छुआ, फिर उंगलियों से उनकी कलाई सहलाने लगे। “Mummy Ka Affair Sex”
मम्मी की साँसें तेज हो रही थीं। वो कुछ बोल नहीं पा रही थीं। बस गिलास थामे हुए बैठी थीं, और अंकल का हाथ अब उनकी बांह पर धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ रहा था… अचानक प्रियंका आंटी वहाँ आ गईं। उनके बाल थोड़े बिखरे हुए थे और साँसें तेज चल रही थीं।
“सॉरी गाइज… थोड़ा लेट हो गया,” आंटी ने हँसते हुए कहा। फिर मम्मी की तरफ मुड़ीं, “हाउ आर यू माय रजनी डार्लिंग? मेरे पति ने कोई बदमाशी तो नहीं की ना?”
मम्मी नशे में हँस पड़ीं। उनकी आवाज भारी और मीठी हो चुकी थी। “नहीं… कुछ नहीं… भास्कर जी बहुत अच्छे हैं…”
भास्कर अंकल ने प्रियंका को आँख मारी और बोले, “चलो अब रूम में चलते हैं। रात और भी मजेदार होने वाली है।”
मम्मी खुद खड़ी भी नहीं हो पा रही थीं। उनके कदम लड़खड़ा रहे थे। प्रियंका आंटी और भास्कर अंकल दोनों ने मम्मी को दोनों तरफ से पकड़ा और धीरे-धीरे उनके रूम की तरफ ले जाने लगे। मैं पेड़ के पीछे से देख रहा था। मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। कुछ होने वाला था… और मैं जानता था। लेकिन अजीब बात ये थी कि मैं खुद भी उत्तेजित हो रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं जल्दी से अपने रूम में घुस गया और बेड पर लेटकर सोने का नाटक करने लगा। थोड़ी देर बाद दरवाजे पर हल्की सी आवाज हुई। प्रियंका आंटी अंदर आईं। उन्होंने मुझे सोया हुआ समझा, एक नजर डाली और चुपचाप बाहर चली गईं। जैसे ही वो गईं, मैं उठकर बाहर निकला। उनके रूम की तरफ एक कांच की खिड़की थी जो बालकनी की तरफ खुलती थी।
मैं धीरे-धीरे वहाँ पहुँचा और किनारे से अंदर देखने लगा। जो नजारा मैंने देखा… उससे मेरी साँसें अटक गईं। मम्मी बेड के किनारे बैठी थीं। उनकी साड़ी का पल्लू पूरी तरह नीचे गिर चुका था। ब्लाउज के ऊपर का हिस्सा खुला हुआ था और उनके भारी भरे बूब्स सिर्फ ब्रा में कैद थे।
ब्रा भी इतनी टाइट थी कि उनके स्तन ऊपर से उभरे हुए लग रहे थे। भास्कर अंकल और प्रियंका आंटी दोनों खड़े होकर उन्हें देख रहे थे और हँस रहे थे। मम्मी एकदम नशे में थीं। उनकी आँखें आधी बंद थीं और होंठ खुले हुए। भास्कर अंकल उनके बगल में बैठ गए और मम्मी को अपनी तरफ खींच लिया। “Mummy Ka Affair Sex”
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मम्मी ने लड़खड़ाती आवाज में कहा, “भास्कर जी… आप… आप बहुत अच्छे हो… थैंक्स फॉर ऑल दिस…”
प्रियंका आंटी उनके सामने झुकीं और मम्मी के गाल सहलाते हुए बोलीं, “रजनी बेबी, तुम चिंता मत करो। ये तो अभी कुछ भी नहीं है। अब तो मेरा पति तुम्हें और खुश करेगा जान… बस देखो वो तुम्हें कैसे संतुष्ट करता है।”
फिर आंटी ने हँसते हुए जोड़ा, “उन्हें सब पता है रजनी… कि तुम्हारे पति के छोटे लंड से तुम्हारा मन कभी नहीं भरता। सालों से तुम तरस रही हो ना?”
दोनों जोर से हँस पड़े। मम्मी के गाल लाल हो गए।
उन्होंने शर्माते हुए कहा, “ओह… प्रियंका… तुम भास्कर के सामने ये सब क्यों बोल रही हो? प्लीज…”
भास्कर अंकल ने मम्मी का चेहरा अपने दोनों हाथों में लिया और उनकी आँखों में देखते हुए बोले, “जान… मुझे सब पता है। तुम्हारे नीचे कितना दर्द है, कितनी भूख है… तुम्हारे पति का लंड तुम्हें कभी भर नहीं पाया। आज मैं तुम्हारा वो सारा दुख दूर कर दूँगा। मेरी जान…”
मम्मी ने कमजोर आवाज में विरोध किया, “प्लीज… ऐसा मत कहो भास्कर जी… मैं शादीशुदा हूँ… मुझे नहीं पता था कि प्रियंका ये सब आपको बता देगी…”
बात पूरी होने से पहले ही भास्कर अंकल ने मम्मी के होंठ जोर से पकड़ लिए। उन्होंने उनकी जीभ मुँह में घुसा दी और जोर-जोर से चूसने लगे। मम्मी ने पहले छूटने की कोशिश की, हाथों से धकेला, लेकिन नशे और अचानक हुए आलिंगन में उनकी ताकत जवाब दे गई। कुछ ही पलों में उनकी आवाज “हम्म… उम्म…” में बदल गई।
इसी बीच प्रियंका आंटी ने मम्मी की साड़ी का पल्लू पकड़ा और एक झटके में पूरी साड़ी नीचे खींच ली। साड़ी फर्श पर गिर गई। अब मम्मी सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में रह गई थीं। मम्मी की साँसें तेज हो चुकी थीं। नशा और शरीर में उठती गर्मी दोनों मिलकर उन्हें कमजोर कर रहे थे। वो अभी भी हल्के स्वर में “प्लीज… हह्ह… उम्म…” कह रही थीं, लेकिन उनकी आवाज में विरोध कम और सुकून ज्यादा लग रहा था।
प्रियंका आंटी हँसीं, “जान… मेरा पति आज तुम्हें जन्नत में भेज देगा। और मैं भी तुम्हें प्यार करूँगी… माय सेक्सी डार्लिंग।”
यह कहते हुए आंटी ने मम्मी के ब्लाउज के ऊपर से उनके भारी बूब्स जोर से दबाने शुरू कर दिए। फिर उन्होंने मम्मी को भास्कर से थोड़ा हटाया और खुद उनके होंठ चूमने लगीं। मम्मी अब पूरी तरह नशे में डूब चुकी थीं। उनके शरीर में सेक्स की गर्मी साफ महसूस हो रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
भास्कर अंकल ने मम्मी के ब्लाउज के बटन एक-एक करके खोले। ब्लाउज खुलते ही उनके बड़े-बड़े बूब्स ब्रा में कैद नजर आए। अंकल ने ब्रा के ऊपर से ही उन्हें मसलना शुरू कर दिया। फिर उन्होंने मम्मी के पेटीकोट का नाड़ा पकड़ा और एक झटके में खींच दिया। पेटीकोट फर्श पर गिर गया।
अब मम्मी सिर्फ ब्रा और पेंटी में थीं। प्रियंका आंटी ने मम्मी को जोर से धक्का दिया। मम्मी बेड पर गिर पड़ीं। भास्कर अंकल ने तुरंत उनकी ब्रा के हुक खोल दिए और ब्रा फेंक दी। फिर पेटीकोट के बाद बची पेंटी को भी नीचे खींच लिया। मम्मी अब पूरी तरह नंगी थीं।
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उनके गोरे, भारी स्तन बेड पर फैल गए थे। नीचे का हिस्सा पूरी तरह खुला हुआ था। नशे में चूर मम्मी ने अचानक प्रियंका आंटी की टॉप पकड़ ली और उसे ऊपर उठाने की कोशिश करने लगीं। प्रियंका आंटी ने तुरंत उनका हाथ झटक दिया और मम्मी के गाल पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। “Mummy Ka Affair Sex”
“रंडी साली!” आंटी की आवाज में गाली और मजा दोनों थे। “अपने कपड़े उतारकर रख… हमारे कपड़ों पर हाथ मत लगा। मैं तुझे यहाँ रंडी बनाने के लिए लाई हूँ… समझी?”
यह कहते हुए आंटी ने मम्मी की पेंटी को पूरी तरह खींचकर फेंक दिया। मम्मी अब बिल्कुल नंगी थीं। वो चौंक गईं, लेकिन नशे की वजह से कुछ कर नहीं पाईं। भास्कर अंकल ने अपनी पैंट की चेन खोली और अपना मोटा, लंबा लंड बाहर निकाल लिया। वो मम्मी के मुँह के सामने ले आए और बिना कुछ बोले उनके होंठों के बीच धकेल दिया। मैं खिड़की से देख रहा था… और हैरान था।
मम्मी, जो कभी घर में साड़ी पहनकर इतनी संस्कारी दिखती थीं, अब नशे में चूर होकर अंकल का लंड चूसने लगी थीं। उनके होंठ लंड के चारों तरफ बंद हो गए थे और वो धीरे-धीरे उसे अंदर ले जा रही थीं। प्रियंका आंटी ने अपने बैग से एक छोटा कैमरा निकाला।
उन्होंने भास्कर अंकल का चेहरा फ्रेम से बाहर रखते हुए सिर्फ मम्मी के नंगे शरीर और उनके मुँह में लंड का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मम्मी नशे में बिल्कुल खो चुकी थीं। लंड चूसते हुए उन्होंने अचानक लड़खड़ाती आवाज में कहा, “भास्कर जी… इतना… इतना बड़ा लंड मैंने कभी नहीं देखा… उम्म… आप मुझे जैसे मन करे चोद सकते हो… मुझे आपकी रंडी बना दो… उम्मम्म…”
प्रियंका आंटी जोर से हँसीं, “देख साली कुतिया! अब मैं तुझे सबकी रंडी बनाऊँगी… हाहाहा!”
दोनों ने मम्मी को कुतिया की तरह चारों हाथ-पैरों पर कर दिया। भास्कर अंकल उनकी गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारने लगे। मम्मी की आवाज में दर्द और मजा दोनों मिल गए थे।
“आह्ह… हह्ह… जो मन करे करो… आज मैं आप दोनों की रंडी हूँ… उफ़…”
प्रियंका आंटी ने उनके बाल पकड़कर सर ऊपर उठाया, “अब से तू हमें मेम और सर बोल… समझी साली? अब तू हमारी रंडी है।”
मम्मी ने आँखें बंद करके कहा, “जी… मेम… जी सर…”
मुझे यकीन हो गया था कि उन्होंने मम्मी की शराब में कुछ मिलाया था… शायद वियाग्रा या कोई और नशा। क्योंकि मम्मी अब पूरी तरह बदल चुकी थीं। प्रियंका आंटी ने अपना एक पैर मम्मी के मुँह के पास रखा। मम्मी ने बिना हिचकिचाहट के उनके पैर की उंगलियाँ चाटना शुरू कर दीं। “Mummy Ka Affair Sex”
भास्कर अंकल ने भी अपना पैर मम्मी के गाल पर रखा और कभी-कभी उनकी गांड पर हल्की लात भी मार दी। मम्मी हर बार “हह्ह… यस सर… यस मेम… आई एम योर बिच… यूज मी…” बोल रही थीं। मैं खिड़की से ये सब देख रहा था और खुद को पहचान नहीं पा रहा था। ये मेरी मम्मी थीं… और मैं उत्तेजित हो रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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फिर भास्कर अंकल ने मम्मी को बेड पर चित कर दिया। उन्होंने उनके दोनों पैर फैलाए और अपना मोटा लंड उनकी चूत में एक झटके में धकेल दिया। मम्मी जोर से चिल्लाईं, लेकिन आवाज में दर्द से ज्यादा भूख थी। अंकल ने उन्हें लगभग दस मिनट तक जोर-जोर से चोदा।
हर धक्के के साथ मम्मी की छातियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं और उनकी आवाज कमरे में गूंज रही थी। अंत में भास्कर अंकल ने मम्मी को नंगी ही बेड से नीचे जमीन पर धकेल दिया। मम्मी वहाँ बिखरे बालों और लाल निशानों के साथ लेटी हुई थीं। प्रियंका आंटी और भास्कर अंकल दोनों हँसते हुए बेड पर लेट गए और कुछ देर में सो गए।
मैं चुपचाप अपने रूम में वापस आ गया। पूरी रात मैं सो नहीं पाया। अगली सुबह जब मम्मी दस बजे मेरे रूम में आईं… तो मैं उन्हें पहचान ही नहीं पाया। उनके बाल खुले थे, आँखों में एक अजीब चमक थी, और उनके चेहरे पर वो शर्म नहीं थी जो हमेशा रहती थी। वो अब बिल्कुल एक सेक्स बम लग रही थीं।
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