Lallantop Hindi Sex Story
मेरा नाम इन्द्रकेश है और मैं 20 साल का हूँ। यह मेरी पहली कहानी है जो मेरे और मेरी बहन के बीच की है। मेरे घर में चार सदस्य हैं: पिताजी, माँ, एक बहन (हंसिका) और मैं। पिताजी सरकारी नौकरी करते हैं और माँ गृहिणी हैं। उसकी बढ़ती उम्र के साथ उसका शरीर मेरे दिमाग में बस गया है। Lallantop Hindi Sex Story
क्या बताऊं वह कैसी लड़की है! एकदम मस्त, दिखती है, बिलकुल माल। उसके मस्त गाल, 34-28-36 की फिगर, सोचते ही मेरा लौड़ा खड़ा हो जाता है। चलो अब कहानी में आता हूँ। यह कहानी तब की है जब हंसिका को कॉलेज में एडमिशन करवाना था। पिताजी सरकारी नौकरी होने के कारण वे शहर नहीं जा सकते थे इसलिए उन्होंने मुझे साथ जाने को कहा।
उस दिन से मैंने हंसिका को चोदने का सपना देखा था। बस सुबह 8 बजे निकलना था। हंसिका ने उस दिन व्हाइट कलर का नेट टॉप पहना जो जंघों तक था जिसमे उसकी ब्रा साफ़ नजर आ रही थी, और नीचे टाइट शॉर्ट पैंट पहनी थी जिसके कारण गांड बिलकुल निकली थी।
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मेरा तो लौड़ा देखते ही खड़ा हो गया। दिल तो कर रहा था कि साली को अभी चोद दूं। पर देर ही सही, आखिर मैं उसके साथ चूदाई का प्लान बना चुका था। पिताजी पीछे की सीट में बैठे और हम भाई-बहन आगे साथ बैठ गए। रास्ते में बस में चक्कर आने के कारण हंसिका मेरे गोद में सर रख रही सो गई।
उसका हाथ मेरे जांघो को छू रहा था। मेरा दिमाग खराब हो रहा था। शाम को 5 बजे के करीब हम वहाँ पहुँचे। वहाँ पिताजी के दोस्त हमें लेने आए। वो भी हंसिका को देखकर दंग रह गए। उनकी नज़रों से साफ़-साफ वासना दिखाई दे रही थी। फिर हम उनके घर चले गए। अंकल ने हमारे लिए गेस्ट रूम में 2 बिस्तर लगवाए।
एक पिताजी के लिए और दूसरा हंसिका और मेरे लिए। रात को खाना खाने के बाद हम सब सोने चले गए। पिताजी अपने बिस्तर पर और मैं और हंसिका अपने बिस्तर पर। हंसिका को नींद आई थी इसलिए उसने कहा भाईया मैं सो रही हूँ। मैंने भी कहा ठीक है सो जाओ। साथ लेते ही उसके शरीर की खुशबू से मेरा लौड़ा खड़ा हो गया था।
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फिर मैंने सोने की एक्टिंग करने लगी। मेरा मन पहले से ही तय कर चुका था कि हंसिका को कैसे चोदू और जब साथ एक ही कमरे में इतनी हसीन माल लेती हो तो किसको कोई और ख्याल आएगा। पिताजी थकान के कारण तुरंत ही सो गए। मैं हंसिका के सोने का इंतजार करने लगा।
फिर तकरीबन 2 घंटे बाद मुझे मौका मिला। हंसिका ने फ्रेश होकर रात के लिए लाइट रेड कलर का टॉप और नीचे लूज़ पजामा पहना था। हंसिका मेरी तरफ पीठ करके सो रही थी। मैं धीरे से हंसिका से चिपक गया। क्या बताऊं, मेरा दिल जोर से धड़क रहा था। पर हंसिका के शरीर की गर्मी मुझे पागल कर रही थी।
मैंने हिम्मत कर के अपना दायाँ हाथ उसके गाल के ऊपर रख दिया। हंसिका ने कोई जवाब नहीं दिया। फिर मुझे लगा वो पूरी तरह सो गई है। मेरी हिम्मत बढ़ी तो मैं उससे और चिपका गया जिससे मेरा लौड़ा हंसिका के चुतड़ो से टच हो गया। मेरा लौड़ा पूरा तन के अंडरवियर फाड़कर निकलने लगा था।
फिर मैंने धीरे से हंसिका की बूब्स में हाथ रखा और सहलाया। वहाँ से ही मैं डर गया पर वो उठी नहीं। मैं सहलाना जारी रखा। अब तक मुझे पता चल गया था कि हंसिका सोई नहीं है। बल्कि वो भी मज़े ले रही है। अब मेरा डर बिलकुल खत्म हो गया। मैंने हंसिका को पीछे से उसके गले को चूमा साथ अब मैं उसके बूब्स को कपड़ों के ऊपर जोर से दबाने लगा।
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हंसिका गहरी साँसें लेने लगी थी। मुझे पता चला था कि मेरा लौड़ा के स्पर्श उसे भी अच्छा लग रहा है। मैंने धीरे से अपना अंडरवियर नीचे किया और हंसिका के हाथ में रख दिया। हंसिका अब मेरा लौड़ा सहला रही थी। मुजे बड़ा मज़ा आने लगा। अब मैंने अपना हाथ उसके टॉप के अंदर डाल दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
क्या बताऊं, क्या मखमली की तरह सॉफ्ट थी उसे छूकर। मैंने कभी अपने सपनों में भी नहीं सोचा था कि हंसिका मुझसे इतनी आसानी से चुदेगी। फिर मैंने हाथ उसके पजामा के ऊपर से चुत सहलाना शुरू किया। हंसिका बिलकुल गरम हो गई थी और मेरे साथ दौड़ने लगी थी।
फिर मैंने हाथ अंदर सलवार के अंदर घुसा दिया। हंसिका बिलकुल गीली हो चुकी थी। उसके चुत से लार टपक रही थी मेरा लौड़ा उससे लेने के लिए। मैंने पहले एक उंगली उसके चुत में डाल दी। वो मचल उठी और कहने लगी भाईया जरा धीरे से। मैंने कहा क्यों तुम डरती हो? आज तुझे धीरे ही चोदूंगा।
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मैं उंगली धीरे से आगे पीछे कर रहा था। और हंसिका धीमी शक्ति से सहला रही थी। मैं डर गया कहीं पिताजी को पता न चल जाए कि भाई-बहन का रास लीला चल रही है। मैंने हंसिका को एक तरफ घुमाया। मैंने हंसिका के मुँह को अपने मुंह में ले लिया ताकि उसकी सीसीकिया न निकलें। “Lallantop Hindi Sex Story”
अब मैंने उसका सलवार नीचे खींच दिया और उसे नीचे नंगा कर दिया। उसके चूत बिलकुल गुलाब के पंखो की तरह छूने में लग रहा था। मैंने धीरे से दो उंगलियां डालनी शुरू की। फिर वो कहने लगी कि भाईया अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। यह लौड़ा मेरे चुत में डाल दो। मैंने उससे पूछा कि तुम पहले कभी चुदी हो?
फिर उसने कहा हाँ एक बार मेरा बॉयफ्रेंड ने मुझे चोदा था। यह सुनकर मैंने पूछा कि क्या वो अभी भी उससे चुदाती है, उसने कहा हमारी ब्रेकअप हो चुकी है। फिर मैं और जोर से उंगलियां कर रहा था। और कहा क्यों तुम तो गश्ती हो। क्या मेरा लौड़ा ले पाएगी? भाईया जरा धीरे करना।
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वो फिर से कहने लगी कि भाईया मुझे दर्द हो रहा है, जरा धीरे करो। अब मैंने हंसिका की पैर मेरे ऊपर रखे और लौड़ा हंसिका के चुत मे रखा धीरे से दबा दिया। हंसिका मचल उठी और मुझको जोर से बांधे। अब मैं धीरे से लौड़ा आगे पीछे कर रहा था ताकि कोई सॉर न हो। साथ उसकी चुची भी दबा रहा था।
हंसिका इतनी गरम हो चुकी थी कि अब वो एक गश्ती की तरह अपनी गांड आगे पीछे करके चुदवा रही थी। तकरीबन 20 मिनट में मैंने हंसिका को उसी पोजीशन में ही चोद रहा था। इस दौरान हंसिका दो बार झड़ चुकी थी। हंसिका बिलकुल थकी हुई थी पर मेरा लौड़ा और मांग रहा था। अब मैंने अपना स्पीड बढ़ाया। फिर उस ही पोजीशन में मैंने हंसिका के चुत में सारा वीर्य डाल दिया। फिर हंसिका से पूछा कि मजा आया? उसने बताया कि इस तरह कभी उसे कोई नहीं चोदा है। फिर हम सो गए।
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