Kamuk Padosan Sex Story
अपने नए दोस्तों को अपने बारे में बता दूँ… मेरा नाम आर्यन है.. मैं गुजरात के जामनगर से हूँ और BCA मैंने किया है। मेरी हाइट 5.8 इन्च है.. गोरा रंग है। मेरे लन्ड का साइज़ 6 इंच और ये 2.8 इंच मोटा है। अभी इस घटना को लिख रहा हूँ.. एक दिन मैंने मम्मी से कहा- मुझे सूरत जाना है। Kamuk Padosan Sex Story
तो मम्मी ने कहा- अकेले कैसे जाएगा?
मैंने कहा- मैं चला जाऊँगा.. थोड़ा मनाने पर मम्मी मान भी गईं।
अभी उसने बात कर ही रहा था कि इतने में उनका फ़ोन बजा और मम्मी बात करने लगीं। फ़ोन के कटने पर मम्मी ने बताया कि मुझे मौसी ने बुलाया है।
मैंने मम्मी से पूछा- क्यों कोई काम है क्या?
मम्मी बोलीं- हाँ.. वो तेरे भय्या और भाभी दकोर् गए हैं.. किसी रिश्तेदार की शादी में.. और 3 हफ्ते में आएंगे.. इसलिए तुझे वहाँ रहने के लिए बुलाया है।
अब मेरा मूड ख़राब हुआ कि मन मेरा था और चले गए भैय्या-भाभी.. पर क्या कर सकते हैं। मैं अगले दिन मौसी के घर चला गया। आपको बता दूँ कि मेरी मौसी एक फ्लैट में रहती थीं, मौसी के घर में मौसा-मौसी और भय्या-भाभी और उनका एक बेबी था।
मैं भुनभुनाता हुआ जा रहा था.. ऊपर से मम्मी ने पता नहीं मौसी को देने के लिए कोई बॉक्स सा दे दिया था। एक हाथ में बैग और दूसरे हाथ में बॉक्स पकड़ रखा था। सीढ़ी से चढ़ कर जाना था क्योंकि मौसी का घर तीसरे फ्लोर पर था। जैसे ही में तीसरे फ्लोर पर पहुँचने वाला था.. तो मेरी टक्कर हो गई.. और मेरा बॉक्स जमीन पर गिर गया।
मैं बस इतना बोलने जा रहा था कि ‘दिखाई नहीं देता..’ तभी मैंने सामने देखा.. तो जो बोलने जा रहा था.. वो ही भूल गया। सामने देखा.. एक परी जैसे भाभी थी जिसने काले रंग की जीन्स पहनी हुई थी.. लाल रंग का टॉप पहना हुआ था और खुले बालों को एक साईड कर रखा था। जब चेहरे पर नजर गई.. तो देखता ही रह गया।
वो मुझे ‘सॉरी’ बोल रही थी और मैंने तो उसको देखते ही अपने होश खो दिया था। वो मुझसे करीब 1 या 2 इंच ही छोटी होगी.. यानि उसकी 5.5 हाइट होगी। उसके प्यारे कोमल होंठों पर गुलाबी रंग की लिपस्टिक लगी हुई थी.. देख कर मन किया कि अभी इन होंठों को अपने होंठों में दबा लूँ और सारा रस पी जाऊँ।
उसके चूचे ना ज्यादा बड़े ना छोटे थे.. एकदम गोल से थे.. चाँद सा चेहरा और गुलाबी गाल और एकदम गोरी-चिट्टी यारो, मैं तो एक नजर में ही उस पर फ़िदा हो गया था। और फिर मौसी भी उसी वक्त अपने कमरे से बाहर निकलीं और बोलीं- अरे बेटा आर्यन.. क्या हुआ?
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मैंने कहा- कुछ नहीं.. मैं नीचे से आ रहा था और हाथ में सामान था.. तो जैसे ही मैं ऊपर पहुँचने वाला था.. तो इनसे टक्कर हो गई।
मौसी बोलीं- कोई बात नहीं.. तुम दोनों को दोनों को कहीं लगी तो नहीं?
मैं मन में बोला- लगी तो है दिल में.. और इलाज तो बस ये ही कर सकती है।
प्रत्यक्षत: मैं बोला- नहीं.. मुझे नहीं लगी..
इतने में मौसी बोलीं- सानया.. तुमको तो कहीं नहीं लगी न.. तो उनका नाम सानया था..
वो बोली- नहीं आंटी जी।
सानया की आवाज भी उसके जैसे ही मीठी थी। फिर मैं घर में गया.. मौसा का आशीर्वाद लिया और फिर कमरे में आराम करने चला गया। मेरे सामने तो अब बस सानया ही दिख रही थी और अब ये मन कर रहा था कि कैसे सानया को चोदूँ। ऐसे ही सोचते में सो गया। करीब 3 बजे मौसी ने उठाया- बेटा खाना खा लो।
मैंने मुँह धोया और मौसी खाना लेकर आईं। खाना खाकर मैं थोड़ी देर मौसा-मौसी के पास बैठा.. तो मौसा घर के बारे में पूछने लगे- सब घर में कैसे हैं? मैंने कहा- सब ठीक हैं। फिर ऐसे ही बात करते-करते 6 बज गए और इस बीच यह भी पता चला, मौसी ने बताया- 7 वी मंजिल पर भी एक फ्लैट अपना है.. अगर तुमको वहाँ सोना है.. तो तुम वहाँ भी सो सकते हो।
मैंने कहा- ठीक है।
फिर मौसी बोलीं- तेरी भाभी और सानया की बहुत बनती है वो भी 7 वि मंज़िल पे ही रहती है.. सानया यहाँ तो आती-जाती रहती है.. अभी कल भी आई थी और हम दोनों के लिए उसने आकर चाय भी बनाई और कुछ देर बात करके चली गई। ‘हम्म..’ मौसी बोली- वो तो अब आना-जाना कम कर दिया है.. एक तो तेरी भाभी नहीं है और ऊपर से उसका पति एक महीने के लिए बाहर गया हुआ है।
मेरे मन में बात आई कि वाह बेटा आर्यन क्या किस्मत है तेरी यार। तभी तो भाभी बात कर रही है.. ग्रीन सिग्नल है भाई।
इतने में मैं बोला- मौसी क्या मैं ऊपर वाले कमरे में सो जाऊँ.. क्योंकि मुझे ना रात में मूवी देखना होता है।
तो मौसी बोलीं- ठीक है।
उन्होंने मुझे चाभी दी.. उस समय कोई 9:30 या 9:45 हो रहा. सानिया और मौसी का फ्लैट आमने सामने ही था गेट कि खुलने की आवाज के वजसे से सानिया बाहर आ गया। तो सानिया बोली- तुम यहाँ? मैंने कहा- हाँ जी.. मैं यहाँ.. तो सानिया बोली- आओ.. कॉफ़ी पियोगे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने कहा- इतनी प्यारी और सुन्दर भाभी पूछ रही है.. तो मना कैसे कर सकता हूँ।
फिर मैं पहली बार सानिया के घर में गया। क्या घर को सजा रखा था..
मैंने कहा- सानिया आपका घर तो बहुत सुन्दर है.. आपकी तरह..
तो सानिया बोली- थैंक्स!
वो मुझसे बोली- आर्यन तुम यहीं बैठो.. मैं कॉफ़ी लाती हूँ।
फिर 15 मिनट बाद देखा.. तो भाभी को देखते ही मेरा खड़ा हो गया। अपने आप पर काबू करना मुश्किल हो रहा था। मेरा लंड एकदम फूल कर बहुत ही टाइट हो गया था। मेरे उठते हुए लौड़े को सानिया ने देख लिया था। वो हाथ में कॉफ़ी लेकर आई और मेरे साथ सट कर बैठ गई। उसकी शरीर की खुश्बू मुझे पागल सा कर रही थी।
मैंने कहा- कॉफ़ी बहुत अच्छी बनी है।
सानिया बोली- थैंक्स।
मैंने कहा- सानिया और कौन-कौन है घर में?
तो बोली- मैं और मेरे पति..
मुझे तो पता था.. पर अनजान बना रहा.. और पूछा- मैंने तुम्हारे पति को नहीं देखा अभी तक?
तो सानिया थोड़ा उदास होकर बोली- वो एक महीने बाद आएंगे।
मैंने पूछा- फिर आपके ससुराल वाले कहाँ रहते हैं?
तो सानिया बोली- पीछे जो अपार्टमेंट है ना.. वहीं एक फ़्लैट में रहते हैं।
तो मैं बोला- फिर आप यहाँ कैसे?
बोली- वहाँ कोई फ्लैट खाली नहीं था और ये फ़्लैट पास में ही है.. तो इसलिए यहाँ ले लिया।
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‘हम्म..’मुझे समज आ गया था की सानिया को कया चाहिये। और सानिया के साथ सेक्स करने के सपनो के साथ मे अपने कमरे मे आगया। उसने जाते वक्त उसकी आँखों ने मुझे खुला नयोता दिया। रात का समय था। बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी और खिड़की से आती ठंडी हवा कमरे को और भी सुकून भरा बना रही थी।
मैं सोफ़े पर बैठा सोच रहा था कि आज की रात शायद कुछ खास होगी। तभी अचानक दरवाज़े की घंटी बजी। मैं उठा और दरवाज़ा खोला। सामने सान्या खड़ी थी। उसके चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान और आँखों में वही चमक थी, जो हर बार मेरे दिल को छू जाती थी। “हाय आर्यन,” उसने नर्म आवाज़ में कहा।
“अरे… तुम? अंदर आओ,” मैंने थोड़ा चौंकते हुए लेकिन खुश होकर कहा। वो मुस्कुराते हुए अंदर आई और खिड़की के पास जाकर खड़ी हो गई। बारिश की बूंदें उसके चेहरे पर हल्की-हल्की चमक छोड़ रही थीं। उसने बाहर देखते हुए कहा, “मौसम कितना प्यारा है, ना? बस बैठकर घंटों इसे देखा जा सकता है।”
मैंने उसकी ओर देखते हुए कहा, “हाँ… लेकिन मौसम से भी ज़्यादा खूबसूरत तो तुम लग रही हो।” वो मेरी ओर मुड़ी, उसकी आँखों में हल्की-सी शर्म थी और होठों पर प्यारी-सी मुस्कान। फिर धीरे-से बोली, “तुम्हें हर बात में मज़ाक सूझता है।” मैंने हँसकर जवाब दिया, “मज़ाक नहीं… सच्चाई है।” वो सोफ़े पर आकर बैठ गई।
कुछ ही देर बाद अचानक उठी और बोली, “तुम बैठो, मैं अभी आती हूँ।” मैं थोड़ी देर हैरान रहा, फिर चुपचाप बैठ गया। कुछ मिनट बाद जब वो लौटी तो मेरी साँसें थम-सी गईं। उसने लाल रंग की नाइट ड्रेस पहन रखी थी। उसके खुले बाल कंधों पर बिखरे थे, और हल्की-सी खुशबू पूरे कमरे में फैल गई थी।
मैं उसे देखता ही रह गया। वो मुस्कुराकर बोली, “इतनी देर तक क्या देख रहे हो?” मैंने धीमे स्वर में कहा, “कभी-कभी नज़रें वहीं ठहर जाती हैं, जहाँ दिल पहले ही खो चुका हो।” वो हल्के से शरमा गई और मेरे पास आकर बैठ गई। हाथ में ट्रे थी, जिसमें दो कॉफ़ी के कप रखे थे। उसने मुझे एक कप दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
कप लेते समय हमारी उंगलियाँ छू गईं। बस उस हल्की-सी छुअन ने जैसे दिल की धड़कनें और तेज़ कर दीं। कुछ पल हम दोनों चुप रहे। सिर्फ़ बारिश की आवाज़ थी और हमारी धड़कनों की। फिर सान्या ने मेरी ओर देखकर कहा, “पता है आर्यन, जब भी मैं तुम्हारे पास होती हूँ, मुझे बहुत सुकून मिलता है।”
मैंने उसकी आँखों में गहराई से देखते हुए कहा, “शायद इसलिए… क्योंकि हम दोनों की अधूरी कहानियाँ एक-दूसरे के पास आकर पूरी हो जाती हैं।” उसकी आँखें चमक उठीं। उसने धीरे-से कॉफ़ी का कप मेज़ पर रखा और खिड़की के पास चली गई। मैं भी उठकर उसके पास पहुँच गया। बारिश अब तेज़ हो चुकी थी।
उसने हाथ बढ़ाकर कुछ बूंदों को पकड़ने की कोशिश की। फिर मुस्कुराकर मेरी ओर देखा। हम दोनों धीरे-धीरे सोफ़े की ओर लौटे। कमरे की हल्की रोशनी में उसका चेहरा और भी खूबसूरत लग रहा था। वो मेरे बिल्कुल पास बैठ गई। मैंने महसूस किया कि उसके बालों से आती खुशबू मुझे अपने और करीब खींच रही थी। “Kamuk Padosan Sex Story”
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मैंने भी कसके सानिया को पकड़ लिया और फिर उसके होंठों को अपने होंठों से दबा लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। मैं एक हाथ सानिया की पीठ को सूट के ऊपर से ही सहला रहा था और दूसरे हाथ से उसके गोल-गोल चूचों को दबा रहा था। क्या पल थे यारो.. उसके लब इतने मुलायम थे कि मन ही नहीं हो रहा था कि उसके अधरों को अपने अधरों से अलग करूँ। मुझे तो यह कोई सपना सा लग रहा था।
अब मैं उसके होंठों को कभी-कभी काट भी लेता था.. तो वो छटपटाने लगती। होंठों को चूमने के साथ ही साथ मैं उसकी जीभ को अपनी जीभ से मिला रहा था। करीब 15 मिनट तो उसको मैंने लिप्स को खूब चूमा.. मेरा मन तो कर ही नहीं रहा था कि उसे अपने से अलग करूँ।
अब मैंने सानिया के कमीज़ को उतार दिया और देखा कि उसने गुलाबी रंग की ब्रा पहनी हुई है। मैं एकदम उसकी गर्दन और सीने पर चुम्बन करने लगा। वो सिसकारियाँ लेने लगी- ऊऊहह ऊह्ह.. फिर उसने ने अपना हाथ बढ़ा कर मेरी जीन्स की चेन को खोला और अब मेरी जींस निकाल दी।
अब उसने मेरे अंडरवियर में हाथ डाल कर मेरे लंड को निकाला और फिर मेरे लंड को आगे-पीछे करने लगी। मैंने अब सानिया की पजामी भी निकाल दी उसने पैंटी भी गुलाबी रंग की पहनी हुई थी। प्रीत बस ब्रा-पैंटी में थी। मैंने सानिया को नजर भर कर देखा तो सानिया शर्मा रही थी और उसका चेहरा शर्म के मारे लाल हो गया था। “Kamuk Padosan Sex Story”
इस वक्त सानिया किसी गुलाब की तरह लग रही थी। अब सानिया ने भी मेरी शर्ट को निकाल दिया, मैं अब उस को उठा कर उसके बेडरूम में ले गया और बेड पर पीठ के बल लेटा दिया। मैं बड़े ध्यान से उसकी पूरी बॉडी को देखने लगा.. तो सानिया बोली- क्या हुआ?
मैंने कहा- तुम इतनी खूबसूरत हो कि मैं बयान भी नहीं कर पा रहा हूँ.. मेरे मुँह से कोई शब्द ही नहीं निकल रहे हैं।
सानिया मुस्कुरा दी। मैं सानिया के ऊपर पेट के बल लेट गया और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके चूचों को जोर-जोर से दबाने लगा। मैंने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए और जोर-जोर से चूसने लगा और सानिया भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। कुछ पलों के बाद मैंने सानिया की ब्रा को खोल दिया और देखा एकदम सफ़ेद और चिकने चूचे खुली हवा में खिलने लगे।
मैंने देर न करते हुए उसके चूचों को अपने मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। सानिया सिस्कारिया लेने लगी- अअअअ.. आआआअ.. ह्ह्ह्ह्ह्.. ऊऊ..ओह्ह्ह्ह.. यश बेबी.. और जोर-जोर से चूसो.. ऊओ..ह.. बहुत अच्छा लग रहा है। एक चूचा चूसने के साथ ही मैं उसके दूसरे चूचे को जोर-जोर से दबाए भी जा रहा था।
सानिया अब गर्म हो चली थी.. पर मैं उसे और गर्म करना चाहता था। मैं अब सानिया की टाँगों के बीच में आ गया और उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चाटने लगा। कुछ देर यूँ ही ऊपर से चूत को चाटने के बाद मैंने उसकी पैंटी को भी उतार दिया.. और अपना अंडरवियर भी उतार दिया।
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अब मैं उसकी टाँगों को चुम्बन कर रहा था। मैं हल्का सा ऊपर को हुआ और उसकी नाभि पर अपनी जीभ को गोल-गोल घुमाने लगा। सानिया की मादक सीत्कारें ‘ऊओह्हह्ह ऊओह्हह्ह आअह्ह्ह.. आहह्ह्ह आहह्ह्ह.. आआह्ह्ह्..’ माहौल को कामुक बनाने लगी थीं। साथ ही उसकी पूरी बॉडी पर मैं अपना हाथ चला रहा था। “Kamuk Padosan Sex Story”
अभी इतना हुआ ही था कि सानिया बोली-आर्यनअब डाल भी दो ना.. अपना लंड.. मेरी चूत में.. अब मैं दुबारा उसकी टाँगों के बीच आ गया और उसकी चूत के दाने को चाटने लगा और सानिया सिसियाने लगी- आअह्ह्ह.. ऊओह्हह्हह ऊओह्ह्ह आआह्ह्ह्ह और चाटो.. और जोर-जोर से चाटो.. आहह्ह्ह.. मैं जोर-जोर से उसके चूत के दाने को चाटने लगा।
मैंने देखा कि उसकी चूत बहुत गीली हो गई है.. तो अब उसकी चूत को चाटने लगा। चूत पर जीभ के लगते ही सानिया जोर-जोर से सांस लेने लगी और भी जोर से सिसकारियाँ लेने लगी थी- ऊऊह्ह्ह्ह्.. आर्यन. मुझे मार के छड्डोगे? आह्हह.. ऊओह्ह्हा.. ह्ह्ह्हूऊऊऊ.. आह्ह्ह्ह्ह्.. मैंने सानिया की चूत चाटना जारी रखा।
करीब 5 मिनट सानिया की चूत चाटने पर मैंने सानिया को अपने ऊपर लेटा लिया। सानिया मेरे ऊपर पेट के बल लेटी हुई थी मैंने 69 पोज़ किया हुआ था.. जिससे सानिया मेरे लंड को चूस रही थी और मैंने सानिया की चूत को चाट-चाट कर लाल कर दिया था। करीब 10 मिनट हम दोनों हम एक-दूसरे के मुँह में पानी निकाल दिया।
इसके बाद 5 मिनट तक हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे। सानिया बोली- यार तुम तो काफी अच्छे खिलाड़ी हो। मैंने कहा- अभी खेल बाकी है जानेमन। अब मैं फिर से सानिया को होंठों पर चुम्बन करने लगा और मैंने सानिया से पूछा- कोई क्रीम मिलेगी डार्लिंग.. तो वो बिस्तर से उठी और क्रीम लेने ड्रेसिंग तक गई.
मुझे उसके मटकते हुए नंगे चूतड़ दिख रहे थे पीछे से… उत्तेजना के मारे जैसे मेरी जान निकल गई… उसने मुझे क्रीम दी.. मैंने सानिया को पीठ के बल फिर से लेटा दिया, मैं दो उंगली में क्रीम ले कर सानिया की चूत में डालने लगा.. उसकी चूत काफी टाइट थी। “Kamuk Padosan Sex Story”
फिर मैंने एक उंगली जैसे ही उसकी चूत में डाली.. सानिया की आवाज निकल गई- ओहह्ह्ह.. अब मैंने उंगली को अन्दर-बाहर करना शुरू किया.. फिर जल्दी ही मैंने दो उंगली डालीं.. फिर से सानिया ‘ओओहह्ह्ह..’ करने लगी। अब मैं जोर-जोर से उसकी चूत में उंगली करने लगा.. सानिया मस्ती में आवाज निकालने लगी- ऊऊह्ह ह्ह्.. आह्.. ह्ह्ह्हा.. ऊओह्ह्ह..
करीब 5 मिनट तक मैं ऐसे ही उंगली अन्दर-बाहर करता रहा। अब मैंने देखा कि सानिया की चूत फिर से गीली हो गई है। मैंने उसकी चूत में ढेर सारी क्रीम उसकी चूत पर और अपने लंड पर लगा ली और लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा। कुछ देर रगड़ने पर सानिया बोली आर्यन अब डाल भी दो.. कितना तरसाते हो तुम..
मैंने सानिया की चूत पर अपना लंड रखा और जोर से धक्का मारा। एक आवाज हुई ‘ओओओ… ओहह्ह्ह आआहह्हह..’ मेरा आधा लंड सानिया की चूत में चला गया। अब मैंने देर ना की.. और हल्का सा लंड बाहर निकाल कर पूरी जान से धक्का लगा दिया, सानिया की लम्बी चीख निकल गई और आँखों से आंसू निकलने लगे।
मैं 2 मिनट ऐसे ही उसके चूचों को चूसने लगा.. कुछ ही पलों में वो अपनी गांड हिलाने लगी थी.. तो मैंने भी धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू कर दिए, साथ ही मैं उसके चूचों को भी दबा रहा था। सानिया ‘ऊओह्हह्ह आअह्ह्ह ऊओईई..’ की जोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी। “Kamuk Padosan Sex Story”
मैंने अपनी स्पीड थोड़ी तेज कर दी और जोर-जोर से सानिया की चुदाई करने लगा, वो तो बस ‘ह्हह्हाआ ह्ह्ह.. ऊओह्हह्ह..’ की आवाजें निकाले जा रही थी। जब वो ऐसी आवाज निकालती तो मैं और जोर-जोर से उसकी चुदाई करने लगता। करीब 10 मिनट ऐसे ही चुदाई हुई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अब मैंने सानिया की एक टांग को ऊपर अपने कंधे पर किया और फिर से उसकी जोर से चुदाई करना शुरू कर दिया। ‘ऊओह्ह आअह्ह ह्हहा.. ऐसे ही और चोदो.. और जोर से ऊह्ह्ह ह्ह्ह्ह्..’ मैं कुछ देर रुका और मैंने उसे को घोड़ी बना दिया। पीछे से उसकी कमर इतनी मस्त लग रही थी.. तो उसकी गोरे गोरे चूतड़ों को देख कर और भी जोश आ रहा था।
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मैंने अब उसकी चूत पर लंड रखा और एक जोर के धक्के में आधे से ज्यादा लंड अब उसकी चूत में पेल दिया। मैं हल्के-हल्के से लंड को अन्दर-बाहर करने लगा और फिर लौड़े के सैट होते ही उसकी चुदाई जोर-जोर से करने लगा। सानिया की चुदाई की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थीं- ऊहह.. ह्ह्ह्ह… आह.. ह्हूऊऊ ऊओ… ह्ह्ह्ह्ह्.. ह्ह चोदो और जोर-जोर से.. 5 से 10 मिनट तक धकापेल चुदाई हुई..
फिर मैंने अब सानिया को पेट के बल लेटा दिया और उसकी चूत में लंड डाल कर फिर से उसकी चुदाई करना चालू कर दी। सानिया और मैं दोनों ही पसीने से पूरे नहा चुके थे। इसी तरह सानिया को चोदते हुए कोई 5 से 7 मिनट हुए ही होंगे.. कि सानिया बोली- आआह्ह्ह्ह..आर्यन ऊओह्ह्ह मेरा होने वाला है।
मैंने भी अपनी फुल स्पीड में सानिया की चुदाई करना चालू कर दी.. बस 25 से 30 धक्के मारे ही होंगे कि वो छूट गई और इसी के साथ मैंने भी अपना सारा माल सानिया की चूत में डाल दिया और मेरे माल की गर्मी से सानिया एकदम निढाल हो गई और हम दोनों ऐसे ही लेट गए। इस तरह हम एक दूसरे मे एक होगये। अगर आपको भी प्यार पाना हो और स्टोरी पसंद आये तो आप मेरी इस आपबीती का आनन्द लीजिएगा और कोई भी औरत मुझे ईमेल से अपने कमेंट्स जरूर भेजिएगा।whisperofbcawala@gmail.com
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