Incest Seduction Story
मैं संजीव हूँ, और ये मेरी पहली कहानी है। मैंने सोचा कि क्यों ना अपनी जिंदगी का वो हसीन और गर्मागर्म किस्सा आपके साथ शेयर करूँ, जो मेरे और मेरी दीदी सुहाना के बीच हुआ। उम्मीद है कि आपको ये कहानी पसंद आएगी, और आप इसे पढ़कर उतने ही मजे लेंगे, जितना हमने उस पल में लिया। तो चलिए, बिना टाइम वेस्ट किए, सीधे कहानी पर आते हैं। ये कहानी मेरी और मेरी दीदी की है, कि कैसे दीदी को चुदाई की तलब लगी और उन्होंने मुझे अपना शिकार बनाया। Incest Seduction Story
हमारी फैमिली में चार लोग हैं। मैं संजीव, मेरी दीदी सुहाना, मम्मी और पापा। हमारा घर तीन मंजिल का है। नीचे की मंजिल पर एक बड़ा हॉल है, फिर किचन, और मम्मी-पापा का बेडरूम। दूसरी मंजिल पर मेरा और दीदी का कमरा है, और तीसरी मंजिल पर गेस्ट रूम और स्टोर रूम। मैं 19 साल का हूँ, कॉलेज में फर्स्ट ईयर में हूँ।
दीदी सुहाना 22 साल की हैं, और वो बीसीए के फाइनल ईयर में थीं, जब ये सब हुआ। दीदी का फिगर कमाल का है। उनके बूब्स 34 इंच के, एकदम टाइट और गोल। कमर 30 इंच की, पतली और लचकदार। और उनकी गांड, 36 इंच की, जो चलते वक्त ऐसी मटकती है कि कोई भी देखकर पागल हो जाए। दीदी की स्किन गोरी है, और उनके लंबे, घने बाल उनकी खूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं।
मैं सांवला हूँ, 5 फीट 10 इंच का, और जिम जाता हूँ, तो बॉडी भी फिट है। मम्मी 45 साल की हैं, हाउसवाइफ हैं, और पापा 48 के, बिजनेसमैन हैं। ये बात पिछले साल की है। दीदी और मेरा रिश्ता हमेशा से नॉर्मल भाई-बहन वाला था। हम हँसते-खेलते, कभी-कभी छोटी-मोटी नोकझोंक भी हो जाती थी। हमारे घर में एक कॉमन बाथरूम है, जो मैं और दीदी शेयर करते हैं।
दीदी सुबह जल्दी नहा लेती हैं, और मैं थोड़ा लेट उठता हूँ। एक सुबह, मैं अभी बेड पर था, आँखें मलते हुए। रात को देर तक गेम खेलने की वजह से नींद पूरी नहीं हुई थी। लेकिन उस दिन सुसु इतनी जोर से लगी थी कि नींद टूट गई। मैं हड़बड़ाते हुए बेड से उठा और बाथरूम की तरफ भागा। जैसे ही मैंने अपने कमरे का दरवाजा खोला, उसी वक्त दीदी ने बाथरूम का दरवाजा खोला और बाहर निकलीं।
वो सिर्फ़ लाल रंग की ब्रा और पैंटी में थीं। यार, क्या बताऊँ, वो सीन आज भी मेरे दिमाग में ताजा है। दीदी के गीले बाल उनके कंधों पर लटक रहे थे, और उनकी ब्रा में उनके बूब्स ऐसे उभरे हुए थे, जैसे अभी बाहर निकल पड़ेंगे। उनकी पैंटी उनकी गोरी जाँघों को और सेक्सी बना रही थी। उनकी बॉडी से साबुन की खुशबू आ रही थी, और वो गीली चमकती त्वचा मुझे पागल कर रही थी।
मैं तो बस उन्हें देखता ही रह गया। मेरा लंड पजामे में तन गया, और मैंने उसे दबाने की कोशिश की। दीदी ने मुझे देखा और एकदम शरमाईं। उन्होंने अपने हाथों से अपनी ब्रा को ढकने की कोशिश की और बोलीं, “संजीव, तू यहाँ क्या कर रहा है? तू तो इतनी सुबह नहीं उठता!” उनकी आवाज में शरम और गुस्सा दोनों थे।
मैं हकबकाया हुआ बोला, “दीदी, वो… सुसु बहुत जोर से लगी थी, तो नींद खुल गई।” मैंने अपने लंड को पजामे के ऊपर से पकड़ रखा था, ताकि वो और ना उभरे। दीदी ने मुझे एक पल घूरा, फिर बिना कुछ बोले अपने कमरे की तरफ चली गईं। जब वो जा रही थीं, उनकी गांड का मटकना देखकर मेरा दिमाग और खराब हो गया।
वो लाल पैंटी उनकी गांड को आधा ढक रही थी, और हर कदम पर उनकी गांड उछल रही थी। मैंने खुद को संभाला और बाथरूम में घुस गया। सुसु करने के बाद मैं थोड़ा रिलैक्स हुआ, लेकिन दीदी का वो हॉट अवतार मेरे दिमाग से नहीं निकल रहा था।
मैंने जल्दी से नहाया और तैयार होकर नीचे नाश्ते के लिए गया। दीदी भी तैयार हो चुकी थीं। वो एक टाइट जीन्स और फिटिंग वाला टॉप पहने थीं, जिसमें उनकी बॉडी और भी कातिलाना लग रही थी। मम्मी ने हमें नाश्ता दिया और बोलीं, “जल्दी करो, तुम दोनों का कॉलेज का टाइम हो रहा है।”
हमने हाँ में सिर हिलाया और नाश्ता शुरू किया। टेबल पर बैठे-बैठे दीदी ने धीरे से कहा, “संजीव, सुबह जो हुआ, वो किसी को मत बताना। मेरे कपड़े गिर गए थे, गीले हो गए थे, इसलिए मैं ऐसे बाहर आई।”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “अरे दीदी, टेंशन मत लो। मैं किसी को कुछ नहीं बोलूँगा।” लेकिन मेरे दिमाग में तो बस वही सीन चल रहा था।
नाश्ते के बाद हम दोनों कॉलेज के लिए निकल गए। दीदी कॉलेज पहुँचीं, तो उनकी बेस्ट फ्रेंड पूजा दीदी उनका इंतज़ार कर रही थीं। पूजा दीदी 23 साल की थीं, दीदी जितनी ही हॉट। उनकी हाइट 5 फीट 6 इंच, फिगर 34-28-36, और चेहरा ऐसा कि कोई भी फिदा हो जाए। पूजा दीदी ने दीदी को एक कोने में खींचा और बोलीं, “सुहाना, मुझे तुझसे ज़रूरी बात करनी है।”
दीदी ने पूछा, “क्या हुआ? इतनी सीरियस क्यों है?”
पूजा दीदी ने धीरे से कहा, “तुझे पता है ना, मेरा अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था। उसके बाद से मेरी चूत में इतनी आग लगी थी कि मैं दिन-रात बस चुदाई के बारे में सोचती थी। पोर्न देख-देखकर फिंगरिंग करती थी, लेकिन वो मज़ा नहीं आ रहा था।” “Incest Seduction Story”
दीदी ने हैरानी से कहा, “हाँ, तूने बताया था। तो क्या, कोई नया बॉयफ्रेंड बना लिया?”
पूजा दीदी मुस्कुराईं और बोलीं, “नहीं यार, बॉयफ्रेंड नहीं। लेकिन मेरा चुदाई का काम हो गया।”
दीदी के मुँह से निकला, “क्या? कैसे? किसके साथ?”
पूजा दीदी ने शरारती अंदाज़ में कहा, “मैंने अपने भाई के साथ चुदाई की।”
दीदी को जैसे बिजली का झटका लगा। वो बोलीं, “क्या? तू अपने भाई के साथ? ये क्या बोल रही है?”
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पूजा दीदी ने हँसते हुए कहा, “हाँ यार, सुन ना। मैं चुदाई के लिए किसी को ढूँढ रही थी। फिर मैंने सोचा, क्यों ना कोई ऐसा हो जो हमेशा पास रहे। तभी मुझे मेरा भाई याद आया। एक बार गलती से उसका तौलिया गिर गया था, और मैंने उसका लंड देख लिया था। 7 इंच का, मोटा, और एकदम सख्त। मैंने सोचा, इससे बेहतर शिकार और कौन होगा? वो भी मुझे कई बार मेरे बूब्स और गांड को घूरता था।”
दीदी ने हैरानी से पूछा, “क्या, तेरा भाई तुझे घूरता है?”
पूजा दीदी बोलीं, “हाँ, मैंने कई बार नोटिस किया। वो मेरे बूब्स और गांड को देखता रहता था। तो मैंने सोचा, इसे ही पटाऊँ। घर में ही चुदाई का मज़ा मिलेगा।”
दीदी ने उत्सुकता से पूछा, “फिर क्या हुआ? तूने कैसे मनाया?”
पूजा दीदी ने बताया, “मैंने उसे अपनी बॉडी दिखानी शुरू की। टाइट कपड़े पहने, जानबूझकर उसके सामने झुकी, ताकि मेरे बूब्स की क्लीवेज दिखे। रात को मैंने कम कपड़े पहनने शुरू किए। फिर एक रात, वो मेरे रूम में आया। मैंने जानबूझकर अपनी टी-शर्ट ऊपर कर रखी थी, ताकि मेरे बूब्स आधे दिखें। वो मेरे पास आया और मेरे बूब्स दबाने लगा। मैंने कुछ नहीं कहा, बस मज़े लेने लगी। फिर मैंने उससे खुलकर बात की, और कल रात हमने पहली बार चुदाई की।”
दीदी के मुँह से बस निकला, “क्या? तूने अपने भाई से चुदाई कर ली?”
पूजा दीदी ने बिंदास अंदाज़ में कहा, “हाँ यार, पूरी रात उसने मेरी चूत मारी। उसका लंड इतना मोटा था कि मेरी चूत में हर धक्के पर आग लग रही थी। ‘आह… आह… पूजा, तेरी चूत कितनी टाइट है,’ वो बार-बार बोल रहा था। मैंने भी खूब मज़े लिए। ‘हाँ भाई, और ज़ोर से मार,’ मैं चिल्ला रही थी। अब तो हम रोज़ रात चुदाई करके ही सोते हैं।”
दीदी ने हैरानी से कहा, “तू अपने भाई से चुद रही है? ये तो गलत है ना?”
पूजा दीदी ने हँसते हुए जवाब दिया, “अरे, चुदाई के लिए बस एक लंड और चूत चाहिए। चाहे वो भाई का लंड हो या किसी और का। इसमें गलत क्या है? मज़ा तो मज़ा है।”
फिर पूजा दीदी ने दीदी को अपने फोन पर ढेर सारी भाई-बहन की चुदाई की स्टोरीज़ और वीडियोज़ दिखाईं। दीदी ने वो सब देखा और सोच में पड़ गईं। वो बोलीं, “ये तो बहुत सारे भाई-बहन करते हैं।”
पूजा दीदी ने कहा, “हाँ, इसमें कुछ गलत नहीं है। तुझे भी चुदाई का मन करता है ना? तो तू भी अपने भाई के साथ कर ले।”
दीदी ने हिचकिचाते हुए कहा, “हाँ, मन तो करता है। लेकिन संजीव मानेगा? वो तो शरीफ है।”
पूजा दीदी ने हँसते हुए कहा, “अरे, हर लड़का चुदाई करना चाहता है। बस उसे थोड़ा उकसाना पड़ता है। तू अपनी बॉडी दिखा, उसे सेड्यूस कर। वो ज़रूर तेरे साथ चुदाई करेगा।”
दीदी ने पूछा, “लेकिन कैसे?”
पूजा दीदी ने सुझाव दिया, “उसे अपनी बॉडी दिखा। टाइट कपड़े पहन, बूब्स और गांड हाईलाइट कर। रात को कम कपड़े पहनकर उसके सामने जा। देख, वो खुद तेरे पीछे आएगा।”
दीदी ने कहा, “ठीक है, मैं सोचूँगी।”
घर आने के बाद दीदी के दिमाग में बस यही सब चल रहा था। उन्हें सुबह का वो सीन याद आया, जब मैंने उन्हें ब्रा-पैंटी में देखा था, और मेरा लंड खड़ा हो गया था। दीदी ने सोचा, “संजीव का लंड तो खड़ा हो गया था। शायद वो भी मुझे चाहता है।” फिर दीदी ने इंटरनेट पर भाई-बहन की सेडक्शन और चुदाई की स्टोरीज़ पढ़ना शुरू किया।
वो घंटों ऐसी स्टोरीज़ और वीडियोज़ देखती रहीं। रात को वो बेड पर लेटी थीं, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। उनके दिमाग में बस चुदाई की आग लगी थी। तभी उन्हें सपना आया। सपने में वो मेरे साथ चुदाई कर रही थीं। मैं उनकी ब्रा उतार रहा था, उनके बूब्स को चूस रहा था।
“आह… संजीव… और ज़ोर से चूस,” दीदी सपने में चिल्ला रही थीं। फिर मैंने उनकी पैंटी उतारी और उनकी चूत में अपनी जीभ डाल दी। दीदी की चूत गीली थी, और वो “उह… आह… संजीव, चाट मेरी चूत…” बोल रही थीं। सपने में मैंने अपना 7 इंच का लंड उनकी चूत में डाला और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। “आह… उह… संजीव, और ज़ोर से मार… मेरी चूत फाड़ दे,” दीदी चिल्ला रही थीं। हर धक्के के साथ उनकी चूत से ‘पच… पच…’ की आवाज़ आ रही थी।
सपने से दीदी की नींद खुली, और उनकी पैंटी गीली थी। वो मुस्कुराईं और सोचने लगीं, “बस, अब मैं संजीव को सेड्यूस करूँगी। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं उससे अपनी चूत की आग बुझवाऊँगी।” वो ये सोचकर सो गईं कि कल से वो मुझे अपनी बॉडी दिखाकर उकसाएँगी, और मैं उनका शिकार बनूँगा।
अगली सुबह थी रविवार की। दीदी जल्दी उठ गईं। उनके चेहरे पर एक अजीब सी खुशी थी। वो बेड पर लेटे-लेटे सोच रही थीं कि जब वो मुझे अपने जाल में फँसाएँगी, तो कितना मज़ा आएगा। पूजा दीदी की तरह वो भी जब चाहे मेरे साथ चुदाई कर पाएँगी। ये खयाल उनके बदन में सिहरन पैदा कर रहा था। “Incest Seduction Story”
उनकी चूत में हल्की सी गीलापन महसूस हो रहा था। दीदी ने अपने आपको शीशे में देखा। उन्होंने अपनी टाइट टी-शर्ट और छोटी सी शॉर्ट्स पहनी थीं, जो उनकी गोरी जाँघों और मटकती गांड को और हाईलाइट कर रही थीं। वो मुस्कुराईं और सोचने लगीं, “संजीव आज बच नहीं पाएगा। आज से उसका लंड मेरी चूत का मेहमान बनेगा।”
दीदी तैयार हुईं। उन्होंने जानबूझकर एक पुरानी, टाइट टी-शर्ट चुनी, जो उनके 34 इंच के बूब्स को पूरी तरह से उभार रही थी। उनकी ब्रा के निशान साफ दिख रहे थे। नीचे उन्होंने एक छोटी सी शॉर्ट्स पहनी, जो उनकी गांड को आधा ढक रही थी। हर कदम पर उनकी गांड मटक रही थी, और वो जानती थीं कि ये मेरे होश उड़ा देगी।
दीदी ने अपने बाल खुले छोड़े, जो उनकी कमर तक लहरा रहे थे। वो शीशे के सामने खड़ी होकर पोज़ दे रही थीं, और अपने आपको चेक कर रही थीं कि कहीं कुछ कमी तो नहीं। फिर वो मेरे रूम की तरफ बढ़ीं। मैं रविवार की सुबह अपनी आदत के मुताबिक देर तक सो रहा था। रात को दोस्तों के साथ गेम खेलते-खेलते देर हो गई थी।
दीदी धीरे से मेरे रूम में आईं। उन्होंने दरवाजा हल्का सा खुला छोड़ा और मेरे बेड के पास खड़ी हो गईं। वो मुझे प्यार भरी नजरों से देख रही थीं। उनके मन में बस एक ही खयाल था कि कैसे मुझे अपने करीब लाएँ और अपनी चुदाई की प्यास बुझाएँ। दीदी जानती थीं कि मैं शरीफ लड़का हूँ, और शायद सेक्स के बारे में ज्यादा नहीं जानता।
लेकिन वो ये भी जानती थीं कि अगर मुझे थोड़ा उकसाया जाए, तो मैं भी उनकी आग में जलने को तैयार हो जाऊँगा। दीदी मेरे पास आईं और मेरे सिर पर प्यार से हाथ फेरने लगीं। उनकी उंगलियाँ मेरे बालों में धीरे-धीरे घूम रही थीं, और उनकी साँसों की गर्मी मेरे चेहरे पर महसूस हो रही थी। मैं आँखें मलते हुए उठा और दीदी को देखकर चौंक गया। “दी, आप यहाँ? क्या हुआ? कोई काम है क्या?” मैंने नींद भरी आवाज में पूछा।
दीदी ने शरारती मुस्कान के साथ कहा, “क्या, मैं अपने प्यारे भाई को उठाने नहीं आ सकती? बिना काम के तेरे रूम में नहीं आ सकती?” उनकी आवाज में एक अजीब सी मिठास थी, जो पहले कभी नहीं सुनी थी। “Incest Seduction Story”
मैंने हँसते हुए कहा, “अरे, आ सकती हो ना। कभी भी आओ, दी।” फिर मैं बेड पर बैठ गया। तभी मेरा ध्यान दीदी के कपड़ों पर गया। वो इतनी टाइट और छोटी टी-शर्ट में थीं कि उनके बूब्स साफ उभर रहे थे। उनकी शॉर्ट्स इतनी छोटी थी कि उनकी गोरी जाँघें और गांड का उभार मेरे सामने था। मैंने हैरानी से पूछा, “दी, आज आपको क्या हुआ? रविवार है, तो क्या हुआ? ये इतने छोटे और पुराने कपड़े क्यों पहने?”
दीदी ने मासूमियत भरे अंदाज में कहा, “बस, मन हुआ तो पहन लिया। क्या, अच्छे नहीं लग रहे? मैं चेंज कर लूँ?” लेकिन उनके मन में कुछ और ही चल रहा था। वो सोच रही थीं, “ये कपड़े तेरे लिए ही पहने हैं, संजीव। तू हँस रहा है, लेकिन जल्दी ही तू मेरे सामने घुटने टेकेगा।”
मैंने हँसते हुए कहा, “नहीं, अच्छे हैं। बस थोड़े छोटे हैं। आपकी बॉडी ज्यादा दिख रही है। ऐसा लग रहा है जैसे किसी बच्चे के कपड़े पहन लिए।” मैंने ये मजाक में कहा, लेकिन दीदी की आँखों में एक चमक थी। वो मन में सोच रही थीं, “तूने इतनी जल्दी नोटिस कर लिया। अब बस तुझे और उकसाना है।” फिर वो बोलीं, “चल, बहुत बातें हो गईं। अब तू उठ और तैयार हो जा। आज मैं तुझे पढ़ाऊँगी।”
मैंने कहा, “ठीक है, दी। मैं नहाकर आता हूँ।” और मैं बाथरूम की तरफ चला गया। दीदी ने सोचा कि मैं हमेशा नहाकर तौलिया लपेटकर रूम में आता हूँ। ये उनकी बॉडी देखने का अच्छा मौका होगा। वो मेरे रूम में ही रुक गईं और मेरे बेड पर बैठकर मेरा इंतज़ार करने लगीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं नहाकर तौलिया लपेटे रूम में आया। हमेशा की तरह रूम खाली होता था, तो मैं बिना सोचे तौलिया खोलने लगा। जैसे ही मैंने तौलिया खोला, मुझे दीदी दिखीं। वो बेड पर बैठी मुझे घूर रही थीं। मैंने झट से तौलिया वापस लपेट लिया और बोला, “दी, आप यहाँ क्या कर रही हो?”
दीदी का ध्यान मेरे तौलिया पर था। उन्हें मेरे लंड की एक झलक मिल गई थी। मेरा लंड 7 इंच का, मोटा और सख्त था। दीदी के मुँह से बस “हाय…” निकला, और वो खो सी गईं। मैंने चुटकी बजाकर कहा, “दी, कहाँ खो गईं? आप यहाँ क्यों हैं?”
दीदी हड़बड़ाते हुए बोलीं, “वो… मैं तुझे पढ़ाने आई थी। लेकिन तुझे ऐसे देखकर ध्यान भटक गया।” उनकी आवाज में शरम और उत्सुकता दोनों थीं। “Incest Seduction Story”
मैंने कहा, “सॉरी दी, मुझे नहीं पता था आप रूम में हो। मैं तो रोज़ तौलिया खोलकर कपड़े बदल लेता हूँ।” मैं थोड़ा शर्माया, लेकिन दीदी की आँखों में वो चमक देखकर मुझे अजीब सा लगा।
दीदी ने मस्ती भरे अंदाज़ में कहा, “अच्छा, बच्चू! कल जब मैं ब्रा-पैंटी में थी, तब तूने भी तो मुझे घूरा था। मैंने तुझे कुछ नहीं कहा। अब तू शरमा रहा है?”
मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ, अब तो दोनों ने एक-दूसरे को बिना कपड़ों के देख लिया। अब शरम कैसी?” फिर मैंने कहा, “अच्छा, आप अब जाओ। मैं कपड़े बदलकर आपको बुला लूँगा।”
दीदी बाहर चली गईं, और मैंने कपड़े बदले। फिर मैंने दीदी को आवाज़ दी। दीदी नाश्ता लेकर आईं और बोलीं, “चल, तू पढ़ाई कर। मैं तुझे अपने हाथों से खिलाती हूँ।” उनके मन में था कि वो मेरे पास बैठकर मुझे अपनी क्लीवेज दिखाएँगी। वो जानबूझकर मेरे सामने झुकीं, ताकि उनकी ढीली टी-शर्ट में से उनके बूब्स की गहरी क्लीवेज दिखे। उनकी ब्रा का लाल रंग साफ झलक रहा था। लेकिन मेरा ध्यान किताब पर था, और मैंने उनकी क्लीवेज की तरफ नहीं देखा।
दीदी मन में सोच रही थीं, “ये संजीव भी ना, कितना शरीफ है। मैं इतनी कोशिश कर रही हूँ, और ये देख ही नहीं रहा। लगता है इसे सेड्यूस करने में टाइम लगेगा।” वो थोड़ा निराश हुईं, लेकिन हार नहीं मानीं।
थोड़ी देर बाद मम्मी ने हमें खाना खाने बुलाया। मैं नीचे चला गया, लेकिन दीदी बोलीं, “संजीव, तू जा। मैं 10 मिनट में आती हूँ।” वो वॉशरूम गईं और अपनी शॉर्ट्स और पैंटी उतार दीं। सुबह मेरे लंड की झलक उनके दिमाग में बार-बार आ रही थी। वो शीशे के सामने खड़ी हो गईं और अपनी चूत को सहलाने लगीं।
उनकी चूत पहले से ही गीली थी। वो मेरे लंड को इमेजिन करने लगीं। “हाय… संजीव, तेरा लंड कितना मोटा है। इसे अपनी चूत में लेने का मज़ा ही कुछ और होगा,” वो धीरे-धीरे बुदबुदा रही थीं। उनकी उंगलियाँ उनकी चूत के दाने को रगड़ रही थीं, और वो “आह… उह…” की सिसकारियाँ ले रही थीं।
वो सोच रही थीं कि मैं उनकी चूत में अपना लंड डाल रहा हूँ। “हाँ संजीव, और ज़ोर से… मेरी चूत मार,” वो कल्पना में चिल्ला रही थीं। उनकी उंगलियाँ तेज़ी से अंदर-बाहर हो रही थीं, और उनकी चूत से गीलेपन की ‘पच-पच’ की आवाज़ आ रही थी। 10 मिनट में उनका पानी निकल गया, और वो “आह… संजीव…” कहते हुए झड़ गईं। फिर उन्होंने सब साफ किया और नीचे खाना खाने चली गईं। “Incest Seduction Story”
खाना खाने के बाद हम अपने-अपने रूम में चले गए। तभी दीदी के पास पूजा दीदी का कॉल आया। पूजा दीदी बोलीं, “सुहाना, वो कल वाले नोट्स भेज दे।”
दीदी ने कहा, “हाँ, ठीक है। मैं भेजती हूँ।”
पूजा दीदी ने शरारती अंदाज़ में पूछा, “और बता, उस बात का क्या हुआ? कुछ डिसाइड किया? अपने भाई का लंड लेगी, या उंगलियों से ही काम चलेगा?”
दीदी ने हँसते हुए कहा, “हाँ यार, डिसाइड कर लिया। अब मैं संजीव का लंड ही लूँगी। उंगलियाँ चलाते-चलाते थक गई हूँ। अब भाई का लंड चाहिए।”
पूजा दीदी ने ताली बजाते हुए कहा, “ये हुई ना बात! तो कुछ शुरू किया?”
दीदी ने उत्साह से कहा, “हाँ, शुरू कर दिया। आज मैंने छोटे कपड़े पहने, उसकी क्लीवेज दिखाने की कोशिश की। लेकिन वो शरीफ इतना है कि देखा ही नहीं। हाँ, आज सुबह मुझे उसके लंड की झलक मिली। यार, क्या मोटा और सख्त लंड है उसका!”
पूजा दीदी ने हँसते हुए कहा, “वाह, तू तो तेज़ी से बढ़ रही है। बस, ऐसे ही उसे उकसाती रह। वो जल्दी ही तेरे जाल में फँसेगा।”
दीदी ने कहा, “हाँ, बस उसी दिन का इंतज़ार है।”
पूजा दीदी बोलीं, “चल, मैं रखती हूँ। मेरा भाई आ गया है, और घर में सब बाहर गए हैं। आज दिन में एक बार चुदाई कर लूँगी।”
दीदी ने हँसते हुए कहा, “हाँ, जा, अपने भाई के लंड के मज़े ले। मैं भी संजीव को सेड्यूस करके उसका लंड लेने की प्लानिंग कर रही हूँ।”
उस दिन रविवार था, तो मैं अपने दोस्तों के साथ बाहर चला गया। रात को देर से लौटा, तो दीदी से कोई बात नहीं हुई। लेकिन दीदी पूरे दिन मेरे बारे में सोचती रहीं। वो प्लान कर रही थीं कि कैसे मुझे अपनी बॉडी दिखाकर उकसाएँगी और मेरे लंड को अपनी चूत में लेंगी। रात को वो बेड पर लेटीं और फिर से मेरे लंड की कल्पना करने लगीं।
उनकी चूत फिर से गीली हो गई, और वो “आह… संजीव, जल्दी आ मेरी चूत में…” बुदबुदाते हुए सो गईं। अगली सुबह दीदी जल्दी उठीं। उनके चेहरे पर एक शरारती मुस्कान थी। वो शीशे के सामने खड़ी होकर अपने आपको निहार रही थीं। उन्होंने आज फिर से एक ढीली, पुरानी टी-शर्ट चुनी, जो उनके बूब्स को हल्का-हल्का उभार रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
नीचे छोटी सी शॉर्ट्स थी, जो उनकी गोरी जाँघों और मटकती गांड को और सेक्सी बना रही थी। दीदी ने जानबूझकर ब्रा नहीं पहनी, ताकि उनकी टी-शर्ट में उनके निप्पल्स के निशान साफ दिखें। वो सोच रही थीं, “संजीव, आज तू मेरे जाल में फँसेगा। तेरे लंड को आज मेरी चूत की आग का अहसास होगा।” “Incest Seduction Story”
वो मेरे रूम में आईं। मैं अभी बेड पर सो रहा था। दीदी मेरे पास खड़ी हो गईं और मेरे सिर पर प्यार से हाथ फेरने लगीं। उनकी उंगलियाँ मेरे बालों में धीरे-धीरे घूम रही थीं, और उनकी साँसों की गर्मी मेरे चेहरे पर महसूस हो रही थी। उनकी नज़रें मेरे पजामे पर थीं, जहाँ मेरा लंड सुबह की सख्ती में हल्का-हल्का उभर रहा था। मैं आँखें मलते हुए उठा और दीदी को देखकर मुस्कुराया। “गुड मॉर्निंग, दी,” मैंने नींद भरी आवाज़ में कहा।
दीदी ने नाटकीय अंदाज़ में मुँह बनाते हुए कहा, “संजीव, तू अब पहले जैसा नहीं रहा। मुझसे अब प्यार ही नहीं करता।”
मैं हैरान होकर बोला, “क्यों, दी? क्या हुआ?”
दीदी ने मासूमियत भरे लहजे में कहा, “पहले तू सुबह उठते ही मुझे टाइट हग देता था। ‘गुड मॉर्निंग, दी’ बोलकर मेरे गाल पर पप्पी करता था। मेरे साथ टाइम स्पेंड करता था, मस्ती करता था। और अब? अब तू बस सोता रहता है।”
मैंने हँसते हुए कहा, “अरे, दी, सॉरी! कान पकड़कर माफी माँगता हूँ।” मैं बेड से उठा और दीदी के पास जाकर उन्हें टाइट हग किया। उनके बूब्स मेरी छाती से दबे, और उनकी टी-शर्ट में उनके निप्पल्स का हल्का सा अहसास मुझे हुआ। मैंने कहा, “सॉरी, दी। अब से ऐसा नहीं होगा।”
दीदी ने शरारती अंदाज़ में कहा, “ठीक है, माफ करूँगी। लेकिन एक शर्त पर। तू मुझसे पहले जैसा प्यार करेगा। रोज़ मुझे टाइट हग देगा, और मेरे साथ टाइम स्पेंड करेगा।”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “प्रॉमिस, दी।” फिर दीदी ने मुझे और ज़ोर से हग किया। उनकी बॉडी की गर्मी और उनकी खुशबू मेरे होश उड़ा रही थी। मैंने हल्का सा पीछे हटते हुए कहा, “चलो, दी, मैं नहाकर तैयार होता हूँ।”
हम दोनों नाश्ता करके कॉलेज चले गए। दिनभर की भागदौड़ के बाद शाम को हम घर लौटे। मैं अपने रूम में कपड़े बदल रहा था, जब दीदी मेरे रूम में आईं। वो बेड पर लेटी थीं, और उनकी शॉर्ट्स उनकी जाँघों तक चढ़ गई थी। वो बोलीं, “संजीव, चल, हमारे पुराने फोटोज़ देखते हैं।” “Incest Seduction Story”
मैं उनके पास बेड पर लेट गया, और हमने फोन में पुरानी तस्वीरें देखनी शुरू कीं। एक फोटो में मैं छोटा था और दीदी के गाल पर पप्पी दे रहा था। दीदी ने वो फोटो दिखाते हुए कहा, “देख, संजीव, जब तू छोटा था, कितना प्यार करता था मुझसे। और अब?”
मैंने मस्ती में कहा, “अच्छा, रुको, दी। मैं अभी वो सीन दोबारा करता हूँ।” मैं थोड़ा ऊपर उठा और दीदी के गाल पर पप्पी दे दी। दीदी की आँखें चमक उठीं। वो बोलीं, “वाह, मेरा भाई तो पहले वाला हो गया। अब मेरी बारी।”
दीदी ने मेरे दोनों गालों पर ज़ोर-ज़ोर से पप्पी दी। उनकी साँसें मेरे चेहरे पर गर्म थीं, और उनकी पप्पी में एक अजीब सी शरारत थी। फिर हम दोनों ने एक-दूसरे को टाइट हग किया। दीदी की बॉडी मेरे बदन से चिपकी थी, और उनके बूब्स मेरी छाती पर दब रहे थे। मैं थोड़ा शरमाया, लेकिन दीदी की मुस्कान देखकर मैंने कुछ नहीं कहा। फिर मैं पढ़ाई करने अपने रूम में चला गया।
दीदी अपने रूम में गईं और दरवाज़ा लॉक किया। वो बेड पर लेट गईं और आज के दिन को याद करने लगीं। मेरे हग और पप्पी की गर्मी उनके बदन में आग लगा रही थी। उन्होंने अपनी टी-शर्ट और शॉर्ट्स उतार दीं। अब वो सिर्फ़ पैंटी में थीं। उनकी गोरी चूत हल्की-हल्की गीली थी। दीदी ने अपने बूब्स को सहलाना शुरू किया।
उनके निप्पल्स सख्त हो गए थे। वो कल्पना करने लगीं कि मैं उनके बूब्स को दबा रहा हूँ। “आह… संजीव… और ज़ोर से दबा…” वो धीरे-धीरे सिसकारियाँ ले रही थीं। उनकी उंगलियाँ उनकी चूत पर गईं, और वो अपनी चूत के दाने को रगड़ने लगीं। “उह… संजीव… तेरी पप्पी ने मुझे पागल कर दिया…” वो बुदबुदा रही थीं। “Incest Seduction Story”
उनकी उंगलियाँ उनकी चूत में अंदर-बाहर हो रही थीं, और ‘पच-पच’ की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी। थोड़ी देर में उनका पानी निकल गया, और वो “आह… संजीव…” कहते हुए झड़ गईं। फिर उन्होंने सब साफ किया और कपड़े पहनकर पढ़ाई शुरू की।
चुदाई की गरम देसी कहानी : चूत की चुदास पति के भतीजे और बेटे के टीचर से बुझाई
अगले कुछ दिन ऐसे ही चले। मैं और दीदी अब रोज़ हग करते, गाल पर पप्पी देते, और पहले जैसा प्यार करने लगे। दीदी को लग रहा था कि अब मुझे और उकसाने का टाइम आ गया है। एक दोपहर दीदी मेरे रूम में आईं। मैं बेड पर लेटकर फोन देख रहा था। दीदी मेरे पास बैठीं और बोलीं, “संजीव, मेरा एक काम करेगा?” “Incest Seduction Story”
मैंने कहा, “हाँ, दी, बोलो ना।”
दीदी ने कहा, “मेरी कुछ फोटोज़ एडिट कर देगा?”
मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ, दी, बिल्कुल। दिखाओ।”
दीदी ने जानबूझकर कुछ खराब फोटोज़ दिखाईं और बोलीं, “ये देख, ये फोटोज़ ठीक कर दे।”
मैंने फोटोज़ देखे और कहा, “दी, ये तो क्लिक ही अच्छी नहीं हुईं। कितनी भी एडिटिंग करूँ, अच्छी नहीं लगेंगी।”
दीदी ने उदास चेहरा बनाते हुए कहा, “क्या करूँ, मेरी कोई अच्छी फोटोज़ लेता ही नहीं। मुझे तो बस ऐसे ही फोटोज़ मिलते हैं।”
मैंने कहा, “अरे, दी, टेंशन मत लो। जब भी फोटोज़ चाहिए, मुझे बोल देना। मैं क्लिक कर दूँगा।”
दीदी ने खुशी से कहा, “थैंक यू, मेरा प्यारा संजीव!” और मुझे टाइट हग करके मेरे गाल पर पप्पी दे दी। उनकी बॉडी की गर्मी मेरे बदन में सिहरन पैदा कर रही थी। फिर वो बोलीं, “अभी करेगा क्या?”
मैंने कहा, “हाँ, दी, चलो। तुम चेंज करके आओ।”
दीदी अपने रूम में गईं और एक टाइट, लो-कट टॉप और मिनी स्कर्ट पहनकर आईं। उनकी स्कर्ट इतनी छोटी थी कि उनकी जाँघें पूरी दिख रही थीं। टॉप में उनके बूब्स का उभार साफ था, और क्लीवेज गहरी झलक रही थी। मैंने कहा, “दी, तुम इस ड्रेस में कमाल लग रही हो। लेकिन फोटोज़ के लिए थोड़ा छोटा है।” “Incest Seduction Story”
दीदी ने शरारती अंदाज़ में कहा, “अरे, आजकल सब ऐसे ही फोटोज़ लेते हैं। फोटो में तो पता चलना चाहिए ना कि तेरी दी कितनी हॉट और ब्यूटिफुल है।”
मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ, दी, हॉट तो तुम सचमुच लग रही हो।”
मैंने फोन उठाया और दीदी की फोटोज़ लेना शुरू किया। दीदी एक से एक सेक्सी पोज़ दे रही थीं। कभी वो झुक रही थीं, ताकि उनकी क्लीवेज साफ दिखे। कभी अपनी स्कर्ट थोड़ा ऊपर उठा रही थीं, ताकि उनकी जाँघें और हल्की सी पैंटी की झलक दिखे। मैं फोटोज़ लेते-लेते थोड़ा शरमाया, लेकिन दीदी की हॉटनेस देखकर मेरा लंड पजामे में तनने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फोटोज़ लेने के बाद दीदी मेरे पास बैठ गईं और बोलीं, “अब इन्हें एडिट कर दे।” मैंने एडिटिंग शुरू की। तभी दीदी बोलीं, “संजीव, मेरी चेस्ट के पास एक पिंपल है। उसे हटा दे।”
मैंने फोटो ज़ूम की, लेकिन पिंपल नहीं दिखा। मैंने कहा, “दी, कहाँ है? मुझे तो नहीं दिख रहा।”
दीदी ने शरारत से कहा, “अरे, मेरी क्लीवेज के पास देख ना।” मैंने फोटो को और ज़ूम किया, और उनकी गहरी क्लीवेज देखकर मेरे होश उड़ गए। मैंने किसी तरह पिंपल हटाया और बाकी फोटोज़ एडिट कीं। दीदी ने फोटोज़ देखकर कहा, “वाह, संजीव! तूने तो बिल्कुल वैसी कर दीं, जैसी मुझे चाहिए थीं। लव यू, मेरा भाई!” और मुझे टाइट हग करके मेरे गाल पर तीन-चार पप्पी दे दीं। उनकी साँसें मेरे चेहरे पर गर्म थीं, और मैं थोड़ा बेचैन हो गया।
मैंने कहा, “लव यू टू, दी।”
फिर दीदी फोटोज़ पोस्ट करने लगीं। तभी वो बोलीं, “संजीव, इस पिंपल पर कुछ लगाना चाहिए। लेकिन मुझे नहीं लगता।”
मैंने कहा, “ठीक है, दी, मैं लगा दूँगा। क्रीम लाओ।”
दीदी क्रीम लेकर आईं और दरवाज़ा लॉक करके मेरे पास बैठ गईं। फिर वो बोलीं, “रुक, मैं टॉप उतार देती हूँ, वरना गंदा हो जाएगा।” उन्होंने अपना टॉप उतार दिया। अब वो सिर्फ़ काली ब्रा में थीं। उनकी ब्रा में उनके 34 इंच के बूब्स आधे बाहर झाँक रहे थे। उनकी गोरी त्वचा और गहरी क्लीवेज देखकर मैं खो सा गया। मेरा लंड मेरे अंडरवियर में तन गया, और पजामे में उसका उभार साफ दिख रहा था। “Incest Seduction Story”
दीदी ने मेरे लंड की तरफ देखा और मन में सोचा, “हाय, संजीव का लंड मेरे लिए खड़ा हो गया।” वो मुस्कुराईं और बोलीं, “क्या हुआ, संजीव? कहाँ खो गया?”
मैंने शरमाते हुए कहा, “वो… दी, आपको ऐसे कभी नहीं देखा ना।”
दीदी ने मस्ती भरे अंदाज़ में कहा, “अरे, उस दिन मैंने भी तो तुझे बिना तौलिया के देखा था। मैं तो खो गई थी।”
मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ, दी, अब समझ आया कि आप क्यों खो गई थीं।”
मसाज के बाद दीदी अपने रूम में गईं। मेरे हाथों का स्पर्श और मेरी उंगलियों की गर्मी उनकी बॉडी में आग लगा रही थी। वो बेड पर लेटीं और मेरे टच को याद करने लगीं। उनकी चूत पहले से ही गीली थी। दीदी ने धीरे-धीरे अपनी टी-शर्ट उतारी। फिर अपनी शॉर्ट्स और पैंटी भी उतार दी। अब वो पूरी नंगी थीं।
उनकी गोरी त्वचा चमक रही थी, और उनके 34 इंच के बूब्स सख्त होकर उभर रहे थे। दीदी ने अपने बूब्स को सहलाना शुरू किया। उनकी उंगलियाँ उनके निप्पल्स पर घूम रही थीं, जो सख्त हो चुके थे। वो कल्पना करने लगीं कि मैं उनकी चेस्ट की तरह उनके बूब्स की मसाज कर रहा हूँ। “आह… संजीव… मेरे बूब्स दबा… और ज़ोर से…” वो धीरे-धीरे सिसकारियाँ ले रही थीं।
उनका एक हाथ उनकी चूत पर चला गया। उनकी चूत इतनी गीली थी कि उंगलियाँ अंदर जाते ही ‘पच-पच’ की आवाज़ करने लगी। दीदी ने अपनी चूत के दाने को रगड़ा और मेरे लंड की झलक को याद किया। “उह… संजीव… तेरा लंड मेरी चूत में डाल दे…” वो बुदबुदा रही थीं।
उनकी उंगलियाँ तेज़ी से अंदर-बाहर हो रही थीं। उनकी साँसें तेज़ हो गई थीं, और उनकी चूत से गीलेपन की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी। “आह… उह… संजीव… मेरी चूत मार…” वो चिल्ला रही थीं। कुछ ही मिनटों में उनका पानी निकल गया, और वो “हाय… संजीव…” कहते हुए झड़ गईं। उनकी साँसें अभी भी तेज़ थीं। फिर उन्होंने अपनी चूत साफ की और बेड पर लेटकर सो गईं। “Incest Seduction Story”
रात को डिनर का टाइम हुआ। मैं दीदी को बुलाने उनके रूम में गया। वो अभी-अभी सोकर उठी थीं, और उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। वो एक ढीली टी-शर्ट और शॉर्ट्स में थीं। हम सबने साथ में डिनर किया। डिनर के बाद मैं दीदी के पास गया और बोला, “दी, आपका पिंपल अब कैसा है? क्रीम लगाने से ठीक हुआ?”
दीदी ने शरारती मुस्कान के साथ कहा, “हाँ, संजीव, अब बहुत बेहतर है। और तूने जो मसाज की थी, उससे तो कमाल हो गया। सारा दर्द गायब, और बॉडी रिलैक्स हो गई। संजीव, अब तू रोज़ मेरी मसाज करना। तू बहुत अच्छी मसाज करता है।”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है, दी। जब भी आपको मसाज चाहिए, मुझे बता देना। मैं कर दूँगा।”
दीदी ने तुरंत कहा, “संजीव, आज से तू रोज़ रात को मेरी मसाज करेगा। मम्मी-पापा के सोने के बाद मेरे रूम में चुपके से आ जाना। लेकिन ध्यान रखना, किसी को पता नहीं चलना चाहिए कि तू मेरे रूम में मसाज के लिए आ रहा है।” “Incest Seduction Story”
मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ, दी, ये हमारा सीक्रेट रहेगा। मैं किसी को नहीं बताऊँगा। आप मुझसे इतना प्यार करती हो, तो मैं आपके लिए रोज़ मसाज तो कर ही सकता हूँ।” मैंने दीदी को टाइट हग किया और उनके गाल पर पप्पी दे दी। दीदी ने भी मुझे हग किया और बोलीं, “लव यू, संजीव।”
दीदी ने शरारत से कहा, “चल, अब हमें इसकी आदत डाल लेनी चाहिए। ताकि फिर ना खोएँ।”
मैंने कहा, “ठीक है, दी। लेकिन मैं उस दिन जैसा नहीं रहूँगा।”
दीदी ने हँसते हुए कहा, “अरे, मैं तो ब्रा में हूँ ना। तू भी अंडरवियर में रह सकता है। अगर मैं बिना ब्रा के होती, तो तुझे भी बिना अंडरवियर के रहना पड़ता।”
मैं शरमाते हुए बोला, “हाँ, दी, अंडरवियर में तो ट्राई कर सकता हूँ।”
दीदी ने तुरंत कहा, “हाँ, तो अभी से शुरू कर। मैंने टॉप उतार दिया, अब तू भी पजामा उतार दे।”
मैं थोड़ा हिचकिचाया, लेकिन दीदी ने मेरे पास आकर मेरा पजामा नीचे खींच दिया। अब मैं सिर्फ़ अंडरवियर में था, और मेरा लंड उसमें साफ उभर रहा था। दीदी की नज़रें मेरे लंड पर टिकी थीं, और वो मन में सोच रही थीं, “हाय, कितना मोटा और सख्त है। इसे अपनी चूत में लेने का मज़ा ही कुछ और होगा।” “Incest Seduction Story”
दीदी ने कहा, “चल, संजीव, अब क्रीम लगा दे।” मैंने क्रीम ली और दीदी की चेस्ट पर लगाने लगा। मेरी उंगलियाँ उनकी क्लीवेज के पास जा रही थीं, और उनकी गोरी त्वचा की गर्मी मुझे पागल कर रही थी। दीदी ने कहा, “संजीव, थोड़ा मसाज भी कर दे।” ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने मसाज शुरू की। मेरे हाथ उनकी क्लीवेज के आसपास घूम रहे थे, और गलती से मेरा अँगूठा उनकी ब्रा के ऊपर से उनके बूब्स को छू गया। दीदी ने हल्की सी सिसकारी ली, “उह…” और मेरी तरफ देखकर मुस्कुराईं। मेरा लंड अब और सख्त हो गया था, और मैंने उसे छुपाने के लिए थोड़ा पीछे हटने की कोशिश की। लेकिन दीदी की नज़रें मेरे अंडरवियर पर थीं। वो मन में सोच रही थीं, “हाँ, संजीव, तेरा लंड मेरे लिए तन रहा है। बस थोड़ा और, और तू मेरा हो जाएगा।”
मैंने मसाज खत्म की और कहा, “दी, हो गया। अब मैं जाऊँ?”
दीदी ने मेरे लंड की तरफ देखते हुए कहा, “ठीक है, संजीव।” उनकी आँखों में एक शरारती चमक थी। हमने अपने-अपने कपड़े पहने और अपने रूम में चले गए।
मैंने कहा, “लव यू टू, दी।” फिर हम दोनों मम्मी-पापा के सोने का इंतज़ार करने लगे। थोड़ी देर बाद मम्मी-पापा अपने रूम में सो गए। दीदी ने धीरे से कहा, “चल, संजीव, जल्दी से चेंज करके मेरे रूम में आ जा। मैं भी चेंज कर लेती हूँ। देर मत करना, मुझे तेरी मसाज का इंतज़ार है।”
मैंने कहा, “ठीक है, दी।” मैं अपने रूम में गया, जल्दी से एक ढीली टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहनी, और पाँच मिनट में दीदी के रूम में पहुँच गया। दरवाज़ा खुला था। मैं अंदर गया और दरवाज़ा लॉक कर दिया। दीदी पहले से ही तैयार थीं। उन्होंने अपना टॉप उतार रखा था और सिर्फ़ काली ब्रा और शॉर्ट्स में थीं। “Incest Seduction Story”
उनकी ब्रा में उनके बूब्स आधे बाहर झाँक रहे थे, और उनकी गोरी जाँघें शॉर्ट्स से बाहर चमक रही थीं। मैं उन्हें देखकर थोड़ा शरमाया। दीदी ने कहा, “संजीव, जल्दी आ ना। कितना टाइम लगा दिया। मैं कब से तेरे इंतज़ार में हूँ। देख, मैं तो मसाज के लिए तैयार हूँ। अब तू भी शॉर्ट्स उतार दे और अंडरवियर में आ जा। फिर अच्छे से मसाज करना।”
मैंने हल्का सा शरमाते हुए कहा, “ठीक है, दी।” मैंने अपनी शॉर्ट्स उतार दी और सिर्फ़ अंडरवियर में खड़ा हो गया। मेरा लंड पहले से ही हल्का-हल्का तन रहा था। मैंने क्रीम ली और दीदी की चेस्ट पर लगाने लगा। मेरी नज़रें बार-बार उनकी क्लीवेज पर जा रही थीं।
उनकी ब्रा इतनी टाइट थी कि उनके बूब्स जैसे बाहर निकलने को बेताब थे। क्रीम लगाने के बाद मैंने लोशन लिया और उनकी चेस्ट की मसाज शुरू की। मेरी उंगलियाँ उनकी त्वचा पर धीरे-धीरे घूम रही थीं, और उनकी गर्मी मुझे पागल कर रही थी।
दीदी ने आँखें बंद करके कहा, “संजीव, तेरे हाथों में जादू है। तेरी मसाज से मेरी सारी थकान गायब हो जाती है।” उनकी आवाज़ में एक अजीब सी मिठास थी। मैं मसाज करता रहा, लेकिन मेरे लंड ने बगावत शुरू कर दी। वो अंडरवियर में पूरी तरह तन गया।
मसाज करते वक्त मेरा हाथ लोशन की वजह से फिसला और उनकी ब्रा के अंदर चला गया। मेरी उंगली उनके निप्पल को छू गई। दीदी ने हल्की सी सिसकारी ली, “उह…” मैंने झट से हाथ बाहर निकाला और बोला, “सॉरी, दी। वो लोशन की वजह से हाथ फिसल गया। गलती से ब्रा के अंदर चला गया।”
दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “अरे, संजीव, कोई बात नहीं। तूने जानबूझकर तो नहीं किया। तू मेरा काम कर रहा है, तो सॉरी मत बोल। मुझे बुरा नहीं लगा।” लेकिन उनके मन में तो तूफान मचा हुआ था। वो सोच रही थीं, “हाय, संजीव का हाथ मेरे निप्पल पर लगा। बस, अब जल्दी ही इसका मुँह भी मेरे बूब्स पर होगा।” वो मन ही मन खुश हो रही थीं।
फिर दीदी बोलीं, “संजीव, तू सचमुच कमाल की मसाज करता है। एक काम कर, आज मेरी पूरी बॉडी की मसाज कर दे। अगर तू अच्छे से करेगा, तो मैं भी तेरी मसाज करूँगी। बराबरी होनी चाहिए ना।” “Incest Seduction Story”
मैंने हँसते हुए कहा, “ठीक है, दी। मैं आपकी फुल बॉडी मसाज कर दूँगा। लेकिन आप मेरी मसाज की बात कर रही हो, तो एक और चीज़ में भी बराबरी होनी चाहिए।”
दीदी ने उत्सुकता से पूछा, “क्या? किस चीज़ में बराबरी?”
मैंने शरारत से कहा, “दी, आपने ऊपर का टॉप उतार दिया, और मैंने नीचे की शॉर्ट्स। तो बराबरी के लिए दोनों को ऊपर और नीचे की ड्रेस उतारनी चाहिए। मतलब, आप शॉर्ट्स उतार दो, और मैं टी-शर्ट।”
दीदी ने हँसते हुए कहा, “हाँ, संजीव, बात तो सही है। चल, तू अपनी टी-शर्ट उतार। मैं भी शॉर्ट्स उतार देती हूँ। लेकिन इस बार मुझे ऐसे देखकर फिर से खो मत जाना।”
मैंने हँसते हुए कहा, “दी, कोशिश करूँगा। लेकिन आप इतनी हॉट और सेक्सी हो कि मैं क्या करूँ? आपको बिना कपड़ों के देखकर खो ही जाता हूँ।”
दीदी ने मस्ती भरे अंदाज़ में कहा, “अच्छा, फ्लर्टिंग कम कर। वैसे तू भी तो कम हॉट नहीं है। इसलिए मैं भी तुझे देखकर खो जाती हूँ।”
अब हम दोनों आधे नंगे थे। मैं सिर्फ़ अंडरवियर में था, और दीदी काली ब्रा और पैंटी में। उनकी पैंटी इतनी टाइट थी कि उनकी चूत का उभार साफ दिख रहा था। उनकी गोरी जाँघें और मटकती गांड देखकर मेरा लंड पूरी तरह तन गया। दीदी ने मेरे लंड की तरफ देखा और शरारती मुस्कान दी। वो बोलीं, “संजीव, अब क्या मुझे देखता ही रहेगा, या मसाज भी करेगा? मैं तेरे हाथों की मसाज का इंतज़ार कर रही हूँ।” “Incest Seduction Story”
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : साली की मस्त जवानी को जीजा ने भोगा
मैंने दीदी को बेड पर लेटने को कहा और उनकी मसाज शुरू की। मेरी उंगलियाँ उनकी चेस्ट से शुरू होकर उनकी कमर तक गईं। मेरा लंड बार-बार उनकी जाँघों को छू रहा था। मैं उसे एडजस्ट करने की कोशिश करता, लेकिन दीदी ने कहा, “संजीव, बार-बार एडजस्ट क्यों कर रहा है? इसे ऐसे ही रहने दे। मुझे इससे कोई प्रॉब्लम नहीं।” लेकिन सच तो ये था कि मेरे लंड का स्पर्श उनकी चूत में आग लगा रहा था। वो अपनी हवस को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थीं।
मैं दीदी की पीठ की मसाज करने लगा। मेरी उंगलियाँ उनकी रीढ़ की हड्डी पर धीरे-धीरे घूम रही थीं। मैं जानबूझकर अपने हाथ उनकी जाँघों तक ले गया। दीदी ने मुझे नहीं रोका। अब मैं मसाज कम और उनकी सेक्सी बॉडी का मज़ा लेने में ज़्यादा डूब गया। दीदी भी मेरे टच का मज़ा ले रही थीं। उनकी साँसें तेज़ हो रही थीं। फिर दीदी बोलीं, “संजीव, एक काम कर। मेरे ऊपर बैठ जा। इससे तू मेरी पीठ की मसाज बेहतर कर पाएगा।” “Incest Seduction Story”
मैं दीदी की गांड के ऊपर बैठ गया। मेरा खड़ा लंड उनकी पीठ पर टच हो रहा था। मैं उनकी पीठ की मसाज करने लगा, और जानबूझकर अपने लंड को उनकी पीठ पर रगड़ने लगा। दीदी मेरे लंड का अहसास अपनी पीठ पर महसूस कर रही थीं। वो हल्की-हल्की सिसकारियाँ ले रही थीं, “उह… संजीव… कितना अच्छा लग रहा है…” उनकी आवाज़ में हवस साफ झलक रही थी।
थोड़ी देर बाद दीदी बोलीं, “संजीव, आज तो तेरी मसाज ने मज़ा दे दिया। अब तू लेट जा। मैं तेरी मसाज करती हूँ।” मैं बेड पर लेट गया। दीदी मेरी पीठ की मसाज करने लगीं। उनकी उंगलियाँ मेरी पीठ पर जादू कर रही थीं। मेरी हालत खराब हो रही थी। फिर दीदी बोलीं, “संजीव, पलट जा। अब तेरी चेस्ट की मसाज करूँगी।”
मैं पलट गया। दीदी मेरे ऊपर बैठ गईं। उनकी पैंटी मेरे खड़े लंड के ठीक पास थी। वो मेरी चेस्ट की मसाज करने के बहाने अपनी चूत को मेरे लंड पर रगड़ने लगीं। उनकी साँसें तेज़ हो रही थीं, और वो हल्की-हल्की सिसकारियाँ ले रही थीं, “आह… उह… संजीव…” मेरा लंड अब पूरी तरह सख्त था, और दीदी की चूत का गीलापन उनकी पैंटी के ज़रिए मेरे अंडरवियर तक पहुँच रहा था। मैं भी बेचैन हो रहा था। दीदी की चूत मेरे लंड पर रगड़ रही थी, और हम दोनों की हालत खराब हो रही थी।
मसाज खत्म होने के बाद दीदी उठीं। उनकी पैंटी गीली थी, और मेरा अंडरवियर भी प्रीकम से गीला हो गया था। हम दोनों एक-दूसरे को देखकर शरमाए। दीदी ने हँसते हुए कहा, “संजीव, आज तूने मुझे बहुत खुश कर दिया। तेरी मसाज में मज़ा आ गया। इसलिए मैं तुझे एक गिफ्ट देना चाहती हूँ।”
मैंने उत्सुकता से पूछा, “कैसा गिफ्ट, दी?”
दीदी ने शरारती अंदाज़ में कहा, “आज से हमारे रिश्ते में प्रोमोशन होगा। अब से हम ऐसे ही रहेंगे। मैं ब्रा-पैंटी में, और तू अंडरवियर में। और अब से मैं तुझे लिप किस करूँगी।” ये बोलकर दीदी ने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उनकी जीभ मेरे मुँह में थी, और हम दोनों पाँच मिनट तक एक-दूसरे को चूमते रहे। उनकी साँसें गर्म थीं, और उनकी जीभ मेरे होंठों पर जादू कर रही थी। मैंने भी उनका पूरा साथ दिया। “Incest Seduction Story”
किस खत्म होने के बाद मैंने कहा, “दी, आप तो कमाल का किस करती हो। बहुत मज़ा आया। और आपकी मसाज करके भी मैं बहुत खुश था। अब इस प्रोमोशन से तो और खुशी हो गई। आप दुनिया की बेस्ट दीदी हो। लव यू, सुहाना दी।”
दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “लव यू टू, संजीव। मुझे भी बहुत मज़ा आया। ये प्रोमोशन तेरे अच्छे काम के लिए है। तूने मुझे इतना खुश किया, इसलिए ये गिफ्ट। अगर तू मुझे ऐसे ही खुश करता रहेगा, तो और भी प्रोमोशन मिलेंगे।” ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ, दी, अब तो मैं सारे प्रोमोशन ले लूँगा। वैसे, दी, आज मैं आपके पास सो जाऊँ?”
दीदी ने कहा, “हाँ, सो जा। लेकिन सुबह जल्दी अपने रूम में चले जाना। और हाँ, पहले अपने इस खड़े लंड और गीले अंडरवियर का कुछ कर। मुझे भी अपनी पैंटी चेंज करनी पड़ेगी।”
मैंने कहा, “ठीक है, दी। मैं वॉशरूम जाकर आता हूँ।” मैं वॉशरूम में गया, अपना अंडरवियर उतारा, और दीदी को इमेजिन करके मुठ मारने लगा। मेरा प्रीकम पहले ही निकल चुका था, और दीदी की हॉट बॉडी का खयाल आते ही मेरा पानी जल्दी निकल गया। “आह… दी… तुम्हारी चूत में मेरा लंड…” मैं बुदबुदा रहा था। फिर मैंने सब साफ किया, नया अंडरवियर पहना, और दीदी के रूम में वापस आ गया।
दीदी भी वॉशरूम गईं। उन्होंने अपनी पैंटी उतारी, और उनकी चूत से गीलेपन की धार निकलने लगी। वो फिर से अपनी चूत में उंगलियाँ डालने लगीं। “हाय… संजीव… तेरा लंड मेरी चूत को चोद रहा है…” वो सिसकारियाँ ले रही थीं। उनकी उंगलियाँ तेज़ी से अंदर-बाहर हो रही थीं, और ‘पच-पच’ की आवाज़ गूँज रही थी।
तभी उनकी नज़र मेरे अंडरवियर पर पड़ी, जो मैं वॉशरूम में छोड़ आया था। उसमें मेरा वीर्य लगा था। दीदी ने उसे उठाया, सूँघा, और फिर धीरे-धीरे चाट लिया। “हाय… संजीव… तेरा वीर्य कितना टेस्टी है…” वो बुदबुदाईं। फिर वो झड़ गईं, अपनी चूत साफ की, नई पैंटी पहनी, और मेरे पास बेड पर आकर लेट गईं।
रात में हम दोनों एक-दूसरे से चिपक गए। मैंने दीदी को टाइट हग किया, और उनकी बॉडी की गर्मी मुझे नींद में भी महसूस हो रही थी। हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर सो गए। सुबह के 5 बजने वाले थे। मैं और सुहाना दीदी एक-दूसरे से चिपककर सो रहे थे।
मेरे हाथ उनकी कमर पर थे, और उनकी गर्म साँसें मेरे चेहरे पर महसूस हो रही थीं। तभी 5 बजे दीदी का अलार्म बजा। दीदी ने आँखें खोलीं और मुझे हल्के से हिलाकर उठाया। “संजीव, उठ जा। अपने रूम में चला जा। सुबह होने वाली है। मम्मी-पापा भी अब उठने वाले होंगे,” दीदी ने धीरे से कहा। “Incest Seduction Story”
मैंने नींद भरी आवाज़ में कहा, “ठीक है, दी। लेकिन कल रात वाला प्रोमोशन अभी करना है?” मैंने शरारत से उनकी तरफ देखा।
दीदी ने हँसते हुए कहा, “क्या, सुबह-सुबह लिप किस चाहिए? अभी तो नींद से उठा है। अच्छा, ठीक है, इधर आ, तुझे तेरा किस देती हूँ।” वो बेड पर मेरे पास खिसकीं। उनकी काली ब्रा और पैंटी में उनकी गोरी बॉडी चमक रही थी। मैंने भी अपनी टी-शर्ट और शॉर्ट्स उतार दी थीं, और सिर्फ़ अंडरवियर में था।
हमने एक-दूसरे को टाइट हग किया और 5 मिनट तक लिप किस किया। दीदी की जीभ मेरे मुँह में थी, और उनकी साँसों की गर्मी मुझे पागल कर रही थी। हम दोनों एक-दूसरे की पीठ सहलाते रहे। मेरे हाथ उनकी नंगी कमर पर घूम रहे थे, और दीदी मेरे कंधों को दबा रही थीं।
किस खत्म होने के बाद मैंने कहा, “सुहाना दी, आप बहुत अच्छी हो। इस प्रोमोशन के लिए थैंक यू। लव यू सो मच, दी।”
दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “लव यू टू, संजीव। अब जा, मम्मी-पापा उठने वाले होंगे।” मैंने अपने कपड़े उठाए और अपने रूम में चला गया। दीदी ब्रा-पैंटी में ही बेड पर लेट गईं।
थोड़ी देर बाद, सुबह 6:30 बजे मम्मी दीदी को उठाने उनके रूम में आईं। उन्होंने दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन वो पहले से खुला था। मम्मी ने देखा कि दीदी के कपड़े फर्श पर बिखरे पड़े थे, और दीदी सिर्फ़ ब्रा-पैंटी में सो रही थीं। मम्मी ने दीदी को हिलाकर उठाया और थोड़ा गुस्से में बोलीं, “सुहाना, ये क्या है? तेरे कपड़े नीचे क्यों पड़े हैं? और तू बिना कपड़ों के क्यों सो रही है?” “Incest Seduction Story”
दीदी ने नींद भरे लहजे में कहा, “मम्मी, वो रात में बहुत गर्मी लगती है। इसलिए कभी-कभी ऐसे ही सो जाती हूँ।”
मम्मी ने सख्ती से कहा, “सुहाना, अब तू बड़ी हो गई है। घर में तेरे पापा हैं, तेरा भाई है। और तू ऐसे सो रही है, वो भी दरवाज़ा खुला रखकर?”
दीदी ने मासूमियत भरे अंदाज़ में कहा, “मम्मी, वो आज गलती से दरवाज़ा खुला रह गया। और भाई तो देर से उठता है, पापा ऊपर नहीं आते। रात में गर्मी की वजह से ऐसे सो गई।”
मम्मी ने चेतावनी दी, “फिर भी ध्यान रख, सुहाना। तेरा भाई तुझे ऐसे देखेगा तो उसके मन में गलत खयाल आएँगे। तू अब बड़ी हो गई है। तेरी बॉडी देखकर कोई भी कंट्रोल खो सकता है।”
दीदी ने शरारत से कहा, “मम्मी, वैसे आप भी तो अभी बहुत ब्यूटिफुल हो। आपको देखकर भी कोई कंट्रोल खो सकता है।”
मम्मी ने हँसते हुए बात टाल दी, “अच्छा, छोड़। तू पहले कपड़े पहन। और अब से ऐसा कुछ करना हो तो दरवाज़ा लॉक करना।” फिर मम्मी चली गईं। दीदी ने कपड़े पहने और तैयार होने लगीं।
तैयार होने के बाद दीदी मेरे रूम में आईं। उन्हें मस्ती सूझी, और वो मेरे ऊपर कूदकर बैठ गईं। “संजीव, उठ जा!” वो चिल्लाईं। लेकिन उनके बैठने की वजह से मैं पहले ही जाग गया। मैंने हँसते हुए कहा, “अरे, दी, आपने मेरा मज़ा खराब कर दिया।”
दीदी ने आँखें बंद करके कहा, “बहुत अच्छी लग रही है, संजीव। लेकिन आज पता नहीं क्यों ज़्यादा मज़ा आ रहा है। तूने कुछ अलग किया है क्या?”
मैंने शरारत से कहा, “हाँ, दी, लेकिन आप खुद गेस करो कि क्या अलग है। बिना देखे बताना।”
दीदी ने मसाज को ध्यान से फील किया और कुछ ही पलों में समझ गईं कि ये मज़ा मेरे लंड के टच और उसकी हलचल से आ रहा है। उनके चेहरे पर एक शरारती मुस्कान और खुशी की चमक साफ दिख रही थी। वो सोच रही थीं, “हाय, संजीव का लंड मेरी पीठ पर… कितना मज़ा आ रहा है।” तभी दीदी को एक आइडिया आया। उन्होंने अपना हाथ पीछे ले जाकर मेरे लंड को पकड़ लिया और बोलीं, “संजीव, ये क्या है? तेरा लंड बाहर क्या कर रहा है? आज ये बाहर है, तभी मुझे कुछ अलग फील हो रहा था।” “Incest Seduction Story”
मैंने थोड़ा शरमाते हुए कहा, “दी, वो आपको इसका टच अच्छा लगता है, तो सोचा बाहर से करूँगा तो ज़्यादा मज़ा आएगा। सॉरी, अगर आपको अच्छा नहीं लगा तो मैं वापस अंदर कर लेता हूँ।”
दीदी ने हँसते हुए कहा, “अरे, मेरे प्यारे भाई, मैं तो मस्ती कर रही थी। मुझे तो इसकी वजह से ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था। तू इसे अंदर करने की बात कर रहा है?”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है, दी, तो इसे ऐसे ही रहने दूँ?”
दीदी ने शरारत से कहा, “नहीं, एक काम कर। इसे पूरा बाहर निकाल ले। इससे और ज़्यादा मज़ा आएगा।”
मैंने हैरानी और खुशी से कहा, “ठीक है, दी, जैसा आप कहो। लेकिन इसके बाद आपको मुझे बड़ा वाला प्रोमोशन देना होगा।”
दीदी ने हँसते हुए कहा, “हाँ, संजीव। आज तुझे बड़ा वाला प्रोमोशन दूँगी। जो तू बोलेगा, वो। अब खुश? चल, अब तेरा लंड पूरा बाहर निकाल और मेरी पीठ की मसाज कर। फिर प्रोमोशन माँग लेना।”
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : मालिश से कामुक होकर मम्मी चुदवाने लगी
मैंने अपना अंडरवियर नीचे खींचा और मेरा 7 इंच का मोटा, सख्त लंड पूरी तरह बाहर आ गया। मैं फिर से दीदी की गांड के ऊपर बैठ गया और उनकी पीठ की मसाज शुरू की। मेरा लंड उनकी पीठ पर रगड़ रहा था। दीदी की साँसें तेज़ हो रही थीं, और वो हल्की-हल्की सिसकारियाँ ले रही थीं, “उह… संजीव… कितना अच्छा लग रहा है…” उनकी चूत गीली हो रही थी, और उनकी पैंटी में गीलापन साफ दिख रहा था। मैं भी उनके मज़े को देखकर और उत्तेजित हो रहा था। “Incest Seduction Story”
पीठ की मसाज खत्म होने के बाद मैंने कहा, “दी, पीठ की मसाज हो गई। कैसी लगी?”
दीदी ने आँखें खोलकर कहा, “बहुत अच्छी, संजीव। मैं समझ गई कि तू प्रोमोशन की बात करना चाहता है। बता, क्या चाहिए?”
मैंने हल्का सा शरमाते हुए कहा, “दी, मैं आपकी बाकी जगह पर भी मसाज करना चाहता हूँ। मतलब, आपकी ब्रा और पैंटी वाली जगह पर।”
दीदी ने शरारती मुस्कान के साथ कहा, “अच्छा, सिर्फ़ मसाज करनी है ना? ठीक है, जब तू मसाज करेगा, मैं इन्हें उतार दूँगी।”
मैंने मस्ती में कहा, “दी, उतार ही रही हो तो हमेशा के लिए क्यों नहीं? अब से आप कपड़ों के साथ ब्रा-पैंटी भी उतार दिया करो।”
ये सुनकर दीदी के चेहरे पर एक अलग ही चमक आ गई। वो सोच रही थीं, “हाय, संजीव को भी अब मज़ा आने लगा है। वो मेरे साथ और आगे बढ़ना चाहता है।” दीदी ने कहा, “ठीक है, संजीव। तूने मुझे इतना खुश किया, तो मैं तुझे तेरी पसंद का प्रोमोशन दूँगी। लेकिन फिर ये तो पहले की तरह असमान हो जाएगा।” ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
दीदी ने हँसकर कहा, “अच्छा, तू पहले ही जाग गया। मेरा डराने का प्लान फेल!”
मैंने मस्ती में कहा, “रुको, अब मैं मज़ा ठीक करता हूँ।” मैंने दीदी को अपनी तरफ खींच लिया और उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। हम 10 मिनट तक लिप किस करते रहे। दीदी की साँसें तेज़ थीं, और मेरे हाथ उनकी कमर पर घूम रहे थे। किस खत्म होने के बाद मैंने कहा, “गुड मॉर्निंग, दी। अब तो मज़ा ठीक हो गया ना?”
दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “गुड मॉर्निंग, संजीव। तूने सचमुच मज़ा ठीक कर दिया। तू बेस्ट भाई है।” फिर वो मेरे ऊपर से हटीं और बोलीं, “अब उठ जा और तैयार हो। वरना कॉलेज के लिए लेट हो जाएगा। हमारे मज़े रात को कंटिन्यू करेंगे।”
मैं तैयार हुआ, और हम सबने साथ में नाश्ता किया। फिर मैं और दीदी कॉलेज चले गए। दिनभर कॉलेज की भागदौड़ में टाइम नहीं मिला, और हम रात को डिनर के वक्त मिले। डिनर के बाद, जैसा हमने तय किया था, मैं मम्मी-पापा के सोने के बाद दीदी के रूम में चला गया। “Incest Seduction Story”
दीदी पहले से ही काली ब्रा और पैंटी में तैयार थीं। उनकी गोरी बॉडी और गहरी क्लीवेज देखकर मेरा लंड तुरंत तन गया। मैंने भी जल्दी से अपनी टी-शर्ट और शॉर्ट्स उतार दीं और सिर्फ़ अंडरवियर में आ गया। अगले कुछ दिन ऐसे ही चले। मैं हर रात दीदी के रूम में जाता। हम मसाज करते, टाइट हग करते, लिप किस करते, और एक-दूसरे की आधी नंगी बॉडी का मज़ा लेते।
मैं अब दीदी को सिर्फ़ एक हॉट और सेक्सी लड़की की तरह देखने लगा था। दीदी को भी इससे कोई दिक्कत नहीं थी। वो अपनी हॉटनेस और बोल्डनेस को खुलकर दिखाती थीं। मुझे उनके बूब्स, उनकी मटकती गांड, और उनकी गीली पैंटी देखकर हर रात मुठ मारनी पड़ती थी। दीदी को भी ये सब पता था, और वो मन ही मन खुश थीं कि मैं अब उनके लिए पूरी तरह दीवाना हो गया हूँ।
एक रात, डिनर के बाद मैं हर रोज़ की तरह दीदी के रूम में गया। मैंने मस्ती में कहा, “दी, तैयार हो ना हमारे मज़े कंटिन्यू करने के लिए? और मेरी मसाज लेने के लिए? और हाँ, मुझे अगला प्रोमोशन देने के लिए भी?”
दीदी ने शरारती मुस्कान के साथ कहा, “हाँ, मेरा संजीव। मैं तो कब से तैयार हूँ। तेरा ही इंतज़ार था कि कब आएगा, और हम फिर से मज़े करेंगे। तू मुझे अच्छे से मसाज कर, फिर तेरे काम के हिसाब से तुझे बड़ा वाला प्रोमोशन दूँगी।”
मैंने हँसते हुए कहा, “ठीक है, दी। आज मैं आपको इतना खुश कर दूँगा कि आप मुझे सबसे बड़ा प्रोमोशन दे देंगी।”
हम अब इतने फ्रैंक हो गए थे कि हर तरह की बात खुलकर करते थे। मैंने सोचा कि आज कुछ नया करना है। मुझे पता था कि दीदी को मेरा लंड अंडरवियर के अंदर टच करना अच्छा लगता है। तो मैंने तय किया कि आज इसे थोड़ा बाहर निकालकर मज़ा दूँगा। इससे दीदी को और मज़ा आएगा, और मुझे बड़ा प्रोमोशन मिलेगा। साथ ही मेरे लंड को भी दीदी की सेक्सी बॉडी को टच करने का मज़ा मिलेगा। “Incest Seduction Story”
मैं दीदी की गांड के ऊपर बैठ गया और मसाज शुरू की। मैंने जानबूझकर अपने लंड को अंडरवियर से थोड़ा बाहर निकाला और उनकी पीठ पर रख दिया। जैसे ही मैं उनकी पीठ की मसाज करने लगा, मेरा लंड उनकी पीठ पर रगड़ने लगा। उनकी गोरी त्वचा की गर्मी और मेरे लंड का स्पर्श मुझे पागल कर रहा था। मैंने पूछा, “दी, मसाज कैसी लग रही है?”
मैंने हँसते हुए कहा, “अरे, दी, उसकी टेंशन मत लो। मैं भी तो अपना अंडरवियर उतार दूँगा। वैसे भी आपने मेरा लंड देख लिया है। अब अंडरवियर उतारने में क्या दिक्कत है? चलो, दी, अब उतार दो, मैं वहाँ भी मसाज कर दूँ।”
दीदी ने शरारत से कहा, “अच्छा, तेरा प्रोमोशन है ना? तो तू ही उतार दे। फिर अपना भी उतार दे और अपने लंड को पूरी तरह आज़ाद कर दे।”
मैंने दीदी की ब्रा का हुक खोला और उसे पीछे से निकाल दिया। दीदी ने झट से अपने बूब्स को अपने हाथों से ढक लिया। मैंने मस्ती में कहा, “सुहाना दी, ये क्या? आपने तो कहा था दिखाओगी। फिर हाथों से क्यों ढक लिया?”
दीदी ने हँसते हुए कहा, “मेरे प्यारे भाई, मैंने इसलिए ढका ताकि तू अचानक देखकर फिर से खो ना जाए। एक काम कर, पहले अपनी आँखें बंद कर और मेरे बूब्स को टच करके फील कर। ताकि बाद में देखने पर खो ना जाए।”
मैंने अपनी आँखें बंद कीं। दीदी ने अपने हाथ हटाए और मेरा हाथ पकड़कर अपने बूब्स पर रख दिया। मैंने उनके नरम, गोल बूब्स को टच किया। उनके सख्त निप्पल्स मेरी उंगलियों के नीचे थे। मैं धीरे-धीरे उनके बूब्स और निप्पल्स को सहलाने लगा। उनकी त्वचा की गर्मी और नरमी मुझे पागल कर रही थी। फिर मैंने आँखें खोलीं। दीदी के गोरे, गोल बूब्स और गुलाबी निप्पल्स देखकर मैं फिर से खो गया। मेरे मुँह से बस “हाय…” निकला। “Incest Seduction Story”
दीदी ने मुझे होश में लाने के लिए मेरा लंड पकड़ लिया। उनके हाथ का स्पर्श मेरे लंड पर पड़ते ही मैं वापस होश में आया। मैंने कहा, “सुहाना दी, आप बहुत हॉट और सेक्सी हो। आपके ये बूब्स और गुलाबी निप्पल्स कितने प्यारे हैं। दी, क्या मैं इन बूब्स को किस कर सकता हूँ?”
दीदी ने शरारत से कहा, “अभी नहीं, संजीव। अभी सिर्फ़ देखने और मसाज का प्रोमोशन मिला है। अगर और कुछ चाहिए, तो मुझे और खुश करना होगा।”
मैंने दीदी के बूब्स की मसाज शुरू की। मैं उनके बूब्स को धीरे-धीरे दबाने लगा और उनके निप्पल्स को उंगलियों से सहलाने लगा। दीदी की साँसें तेज़ हो गईं। वो हल्की-हल्की सिसकारियाँ ले रही थीं, “आह… संजीव… बहुत अच्छा कर रहा है… और ज़ोर से… आह…” उनकी आवाज़ में हवस साफ झलक रही थी। मैं उनके बूब्स को दबाता और निप्पल्स को हल्के से मसलता। उनकी चूत से गीलापन उनकी पैंटी में साफ दिख रहा था।
मैं मसाज करता रहा। तभी दीदी का अलार्म बजा। हमने टाइम देखा तो सुबह के 6 बज गए थे। दीदी ने हड़बड़ाते हुए कहा, “संजीव, आज तो टाइम का पता ही नहीं चला। इतना मज़ा आ रहा था। लेकिन अब तुझे जाना होगा। मम्मी कभी भी आ सकती हैं।”
हम दोनों बेमन से अलग हुए। मैंने अपने कपड़े उठाए और अपने रूम में चला गया। दीदी ने अपनी ब्रा पहनी और बेड पर लेट गईं। आज की मसाज और मज़े के बाद हम दोनों बहुत खुश थे। दीदी मेरे बूब्स के टच को याद करके मुस्कुरा रही थीं, और मैं दीदी के नंगे बूब्स और उनकी सिसकारियों को सोचकर बेचैन हो रहा था। सोते वक्त हम दोनों अगले प्रोमोशन के बारे में सोच रहे थे। “Incest Seduction Story”
अगली सुबह मम्मी दीदी को उठाने उनके रूम में आईं। उन्होंने देखा कि फिर से दरवाज़ा खुला था, और दीदी के कपड़े फर्श पर बिखरे पड़े थे। दीदी सिर्फ़ काली ब्रा और पैंटी में सो रही थीं। मम्मी ने उन्हें हिलाकर उठाया और थोड़ा गुस्से में बोलीं, “सुहाना, ये क्या है? तू फिर से बिना कपड़ों के सिर्फ़ ब्रा-पैंटी में सो रही है? और दरवाज़ा भी लॉक नहीं किया?”
दीदी ने नींद भरे लहजे में कहा, “मम्मी, सुबह तो सिर्फ़ आप ही आती हो। कोई और तो नहीं आता। और अगर कोई देख भी ले, तो क्या हो जाएगा?”
मम्मी ने सख्ती से कहा, “क्या मतलब कुछ नहीं होगा? अगर तेरा भाई तुझे ऐसे देख लेगा, तो उसके मन में तेरे लिए गलत खयाल आएँगे। वो तुझे गलत नजरों से देखेगा।”
दीदी ने शरारत से पूछा, “मम्मी, आपके साथ ऐसा हुआ है क्या?”
मम्मी ने उदास लहजे में कहा, “नहीं, मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ। लेकिन मुझे सब पता है।”
दीदी ने बात को आगे बढ़ाया, “अच्छा, तो पापा को देखकर बोल रही हो? वो आपके साथ क्या-क्या करते हैं?”
मम्मी ने दुखी होकर कहा, “नहीं, सुहाना। अब वो तो कुछ करते ही नहीं। उनके बारे में क्या सोचूँ? तू ये सब छोड़। बस इतना ध्यान रख कि ऐसा मत किया कर। दरवाज़ा लॉक कर लिया कर।”
दीदी ने गौर किया कि मम्मी फिर से बात टाल रही थीं। उन्होंने कहा, “मम्मी, कोई बात है क्या? कल भी जब आपकी बात आई थी, आपने टॉपिक बदल दिया था। और आज भी।” “Incest Seduction Story”
मम्मी ने टालते हुए कहा, “नहीं, वो कुछ नहीं। तेरे मतलब की बात नहीं है।”
दीदी ने ज़िद की, “क्यों मेरे मतलब की बात नहीं? मेरी मम्मी सैड होंगी, तो मुझे बहुत फर्क पड़ता है। बताओ ना, मम्मी, क्या बात है? मैं आपकी प्रॉब्लम सॉल्व करने की कोशिश करूँगी।”
मम्मी ने उदास होकर कहा, “नहीं, सुहाना। ये तुझसे नहीं होगा। जो प्रॉब्लम है, मैं उसके साथ जी लूँगी। तू नहीं समझ सकती। अब प्लीज़ इस बारे में मुझसे मत पूछ। उठ जा और तैयार हो जा।”
दीदी ने मम्मी को टाइट हग किया और बोलीं, “मम्मी, आपको कोई भी हेल्प चाहिए हो, तो बताना। मैं और संजीव हमेशा आपकी मदद करेंगे। आप हमसे सब कुछ शेयर कर सकती हो। हम आपके लिए कुछ भी कर सकते हैं।”
मम्मी ने प्यार से कहा, “हाँ, बेटा, मैं जानती हूँ कि तुम दोनों मुझसे बहुत प्यार करते हो और मेरे लिए कुछ भी कर सकते हो। थैंक यू, मेरे प्यारे बच्चों।” फिर मम्मी चली गईं।
दीदी मम्मी की बातों के बारे में सोचने लगीं। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मम्मी इतनी उदास क्यों थीं। तभी उन्होंने टाइम देखा और पाया कि वो लेट हो रही थीं। वो जल्दी से तैयार हुईं और मुझे उठाने मेरे रूम में आईं। “संजीव, उठ जा! देख, तेरी प्यारी सुहाना दी आई है,” उन्होंने मस्ती भरे अंदाज़ में कहा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं बेड पर बैठ गया और बोला, “गुड मॉर्निंग, सुहाना दी।”
लेकिन दीदी ने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। 5 मिनट की गहरी लिप किस के बाद वो बोलीं, “ऐसे बोलते हैं गुड मॉर्निंग, समझा? रोज़ की तरह लिप किस के साथ।”
मैंने हँसते हुए कहा, “ठीक है, दी।” फिर मैंने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और फिर से लिप किस शुरू कर दी। इस बार मैंने उनके बूब्स भी हल्के से दबाए। दीदी ने कुछ नहीं कहा। वो भी मज़ा ले रही थीं। उनकी साँसें तेज़ थीं, और वो मेरी पीठ सहला रही थीं। 10 मिनट की लंबी किस के बाद मैंने कहा, “सुहाना दी, इसे कहते हैं प्रोमोशन स्टाइल में गुड मॉर्निंग। अब जब कल प्रोमोशन मिला है, तो इसका भी प्रोमोशन करें ना?”
दीदी ने शरारती मुस्कान के साथ कहा, “हाँ, सही कहा। तेरा ये प्रोमोशन वाला गुड मॉर्निंग बहुत अच्छा लगा। तेरे साथ ये सब करने में बहुत मज़ा आता है। लव यू, संजीव।”
मैंने कहा, “लव यू टू, सुहाना दी। मुझे भी आपके साथ बहुत मज़ा आता है।” फिर मैं तैयार होने चला गया। हम दोनों नाश्ता करके कॉलेज चले गए। दिनभर कॉलेज की भागदौड़ में टाइम नहीं मिला, और हम रात को डिनर पर मिले। डिनर के बाद, हमेशा की तरह मम्मी-पापा के सोने का इंतज़ार किया। जैसे ही वो सो गए, मैं दीदी के रूम में चला गया। “Incest Seduction Story”
वहाँ पहुँचते ही हमने एक-दूसरे को देखा और फटाफट अपने कपड़े उतार दिए। कल के प्रोमोशन के हिसाब से मैं पूरी तरह नंगा था, और दीदी सिर्फ़ पैंटी में थीं। उनके गोरे बूब्स और गुलाबी निप्पल्स देखकर मेरा लंड तुरंत तन गया। दीदी ने शरारत से कहा, “संजीव, आज तेरे लिए स्पेशल ऑफर। अगर तूने आज मुझे फिर से खुश किया, तो तुझे और प्रोमोशन मिलेगा। लेकिन आज कुछ सबसे अलग और मज़ेदार होना चाहिए।”
मैंने उत्साह से कहा, “ठीक है, दी। आज मैं आपको इतना मज़ा दूँगा और कुछ नया करके दिखाऊँगा।”
दीदी ने कहा, “ठीक है, लेकिन पहले कल वाला मज़ा दे। फिर नई चीज़।”
मैंने दीदी को बेड पर लिटाया और उनकी गांड के ऊपर बैठ गया। फिर उनके ऊपर लेटकर एक गहरी लिप किस शुरू की। दीदी ने मेरा पूरा साथ दिया। उनकी जीभ मेरे मुँह में थी, और उनकी साँसों की गर्मी मुझे पागल कर रही थी। मैंने अपना लंड उनकी पीठ पर रगड़ना शुरू किया, जिससे दीदी और उत्तेजित हो गईं। वो मेरी पीठ को सहलाने लगीं और हल्की-हल्की सिसकारियाँ लेने लगीं, “उह… संजीव… कितना अच्छा लग रहा है…”
फिर मैं उठा और उनके बूब्स की मसाज शुरू की। लेकिन मसाज से ज़्यादा मैं उनके बूब्स को दबाने और निप्पल्स के साथ खेलने में डूब गया। हर बार जब मैं उनके निप्पल्स को छूता, दीदी की “आह…” निकलती, जो मुझे और उत्तेजित कर रही थी। उनकी चूत की पैंटी गीली हो रही थी, और गीलापन साफ दिख रहा था। मैंने कहा, “दी, अब नई चीज़ करके दिखाऊँ? आपको मज़ा आएगा।” “Incest Seduction Story”
दीदी ने उत्सुकता से कहा, “ठीक है, कर। लेकिन कुछ अलग और मज़ेदार होना चाहिए।”
मैंने दीदी की पीठ पर बैठे-बैठे कहा, “दी, अपनी आँखें बंद करो और सिर्फ़ फील करो।” दीदी ने हँसते हुए आँखें बंद कर लीं। मैंने उनके दोनों बूब्स को पास में लाकर दबाया और उनके बीच में अपनी उंगली डालकर हिलाने लगा, जैसे फिंगरिंग कर रहा हूँ। दीदी आँखें बंद किए हुए मज़ा ले रही थीं और “आह… आह…” की सिसकारियाँ ले रही थीं। उनकी साँसें तेज़ थीं, और उनकी चूत से गीलापन उनकी पैंटी के बाहर तक आ रहा था।
थोड़ी देर बाद दीदी ने आँखें खोलीं और बोलीं, “संजीव, ये सचमुच अलग और मज़ेदार था। मैं तुझसे बहुत खुश हूँ।”
मैंने उत्साह से कहा, “दी, आपको मज़ा आया ना? अब मैं कुछ ऐसा करूँगा, जिससे आपको डबल मज़ा आएगा। इसके लिए फिर से आँखें बंद करो और फील करो।”
दीदी ने खुशी से कहा, “थैंक यू, संजीव। मुझे इसमें ही इतना मज़ा आया। और तू डबल मज़ा देगा? इसके बाद तू मुझसे कुछ भी माँग सकता है। मैं तुझे कभी मना नहीं करूँगी।”
मैंने कहा, “ठीक है, दी। अब देखो मेरा कमाल।” दीदी ने फिर से आँखें बंद कीं। मैं थोड़ा ऊपर खिसका और उनके बूब्स को फिर से पास में लाया। लेकिन इस बार मैंने उनके बीच में अपनी उंगली की जगह मेरा लंड डाल दिया और धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा। “Incest Seduction Story”
दीदी ने इसे फील किया और सिसकारते हुए बोलीं, “संजीव, ये तो सचमुच डबल मज़ा है… आह…” उनकी साँसें तेज़ थीं, और वो मेरे लंड को अपने बूब्स के बीच फील करके मज़ा ले रही थीं। उनकी “आह… आह…” की आवाज़ें पूरे कमरे में गूँज रही थीं।
मैंने कहा, “दी, मज़ा आ रहा है ना? आपको मज़े में देखकर मुझे भी खुशी हो रही है। आपकी सिसकारियाँ मुझे और एक्साइट कर रही हैं। अब बताओ, मैं क्या कर रहा हूँ?”
दीदी ने फील करते हुए शरारत से कहा, “मुझे तो ये तेरा वो लग रहा है…” वो हँसने लगीं, और उनकी आँखों में शरारत और हवस की चमक साफ दिख रही थी।
दीदी ने मेरा लंड पकड़ लिया और शरारती मुस्कान के साथ बोलीं, “हाँ, मैं सही थी। ये डबल मज़ा तेरे लंड से ही आ रहा है। तू ऐसे ही करता रह, बहुत मज़ा आ रहा है।”
मैंने थोड़ी देर और उनके बूब्स के बीच लंड को आगे-पीछे किया। दीदी की साँसें तेज़ थीं, और उनकी “आह… आह…” की सिसकारियाँ पूरे कमरे में गूँज रही थीं। फिर मैंने उनके ऊपर झुककर एक गहरी लिप किस शुरू की। उनकी जीभ मेरे मुँह में थी, और उनकी गर्म साँसें मुझे पागल कर रही थीं। किस खत्म होने के बाद मैंने कहा, “सुहाना दी, अब जब आपको डबल मज़ा आ गया है, तो मेरी मर्ज़ी बताऊँ, जो आपने कहा था कि कुछ भी माँगूँगा, आप पूरी करेंगी?”
दीदी ने हँसते हुए कहा, “हाँ, मैंने बोला था। अब तू जो चाहे माँग ले, चाहे कुछ भी हो, मैं तुझे मना नहीं करूँगी।”
मैंने थोड़ा हिचकते हुए कहा, “ठीक है, दी। तो मैंने जो अभी किया, वो मैं कहीं और भी करना चाहता हूँ। मतलब, जैसे मैंने आपके बूब्स के बीच लंड डालकर आगे-पीछे किया, वैसे ही मैं आपकी चूत में भी लंड डालकर आगे-पीछे करना चाहता हूँ। क्या मैं ये कर सकता हूँ?”
दीदी ने शरारत से मेरी तरफ देखा और बोलीं, “अच्छा, बेटे, तो अब तेरे दिमाग में अपनी ही बहन को चोदने के खयाल आ रहे हैं?”
मैंने थोड़ा शरमाते हुए कहा, “अब, दी, जब इतना कुछ हो ही गया है, तो ये भी तो कर सकते हैं ना? अगर आप मना करेंगी, तो मैं कुछ नहीं कहूँगा।”
दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “अच्छा, लेकिन तुझे खुद को कंट्रोल नहीं करना पड़ेगा? तू ये कर सकता है। तुझसे चुदकर मुझे भी बहुत मज़ा आएगा, और बहुत खुशी होगी।”
ये सुनते ही मैं दीदी पर टूट पड़ा। मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और एक लंबी, गहरी लिप किस शुरू की। दीदी ने भी मेरा पूरा साथ दिया। उनकी जीभ मेरे मुँह में थी, और उनकी साँसों की गर्मी मुझे और उत्तेजित कर रही थी। मैंने किस करते-करते उनके गाल, उनकी गर्दन, और फिर नीचे की तरफ बढ़ना शुरू किया। उनकी गर्दन पर मैंने हल्के से काटा। दीदी ने सिसकारी ली, “आह… संजीव… बहुत मज़ा आ रहा है। ये तेरी लव बाइट ने दिल खुश कर दिया। एक बार और कर।”
मैंने कहा, “दी, अब आपको मज़ा आ गया। तो एक लव बाइट मुझे भी दो ना।”
दीदी ने हँसते हुए मेरी गर्दन और कंधे पर 2-3 लव बाइट्स दीं। उनकी गर्म जीभ और दाँतों का स्पर्श मुझे पागल कर रहा था। फिर मैं और नीचे गया और उनके बूब्स चूसने लगा। एक बूब्स को मैं चूस रहा था, और दूसरे को दबा रहा था। मैं उनके गुलाबी निप्पल्स के साथ खेल रहा था, उन्हें हल्के से मसल रहा था। दीदी की साँसें तेज़ थीं, और वो सिसकार रही थीं, “संजीव… आह… बहुत मज़ा आ रहा है… ऐसे ही करता रह… आह…” “Incest Seduction Story”
फिर मैं और नीचे गया और उनकी नाभि को चाटने लगा। उनकी गोरी त्वचा और गर्मी मुझे और उत्तेजित कर रही थी। मैं उनकी पैंटी तक पहुँचा और उस पर से ही उनकी चूत पर किस किया। दीदी की सिसकारी और तेज़ हो गई। मैंने उनके दाँतों से उनकी पैंटी को धीरे-धीरे नीचे खींचा।
उनकी गुलाबी, गीली चूत मेरे सामने थी। मैं उसे देखता ही रह गया। दीदी ने शरारत से कहा, “संजीव, अब क्या सिर्फ़ देखता रहेगा? जल्दी कुछ कर। मैंने और मेरी चूत ने तेरे और तेरे लंड का बहुत इंतज़ार किया है। अब हमें और मत तड़पा।”
मैंने कहा, “हाँ, दी, मैं जानता हूँ आपने बहुत इंतज़ार किया। लेकिन आपकी ये गुलाबी, क्लीन चूत देखकर मेरे होश उड़ गए।”
मैंने उनकी चूत पर एक किस किया। जैसे ही मेरे होंठ उनकी चूत को छूए, दीदी की ज़ोर से “आह…” निकली। वो बोलीं, “हाय, संजीव… इसी दिन का तो इंतज़ार था। अब इसे सिर्फ़ किस मत कर, पूरा चूस ले।”
मैंने कहा, “ठीक है, दी। लेकिन फिर आपको भी मेरे लंड को चूसना होगा।”
दीदी ने शरारत से कहा, “हाँ, पक्का। लेकिन बाद में क्यों? अभी चूस लेती हूँ। तू भी मेरी चूत चाटता रह। हम 69 की पोजीशन में आ जाते हैं, तो दोनों का काम एक साथ हो जाएगा।”
हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए। मैं उनकी चूत को चाटने लगा, और दीदी मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं। उनकी गीली चूत की खुशबू और स्वाद मुझे पागल कर रहे थे। मैं उनकी चूत के दाने को जीभ से सहलाने लगा, और दीदी मेरे लंड को गहरे तक चूस रही थीं। हम दोनों की ये पहली बार चुसाई थी, और हम पूरे उत्साह के साथ एक-दूसरे को मज़ा दे रहे थे। दीदी की सिसकारियाँ और मेरी उत्तेजना से कमरा गर्म हो गया था। “Incest Seduction Story”
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : मामी ने सरप्राइज दिया चूत शेव करके
थोड़ी देर बाद हम दोनों झड़ गए। मैंने दीदी की चूत का सारा पानी चाट लिया, और दीदी ने मेरे लंड का वीर्य निगल लिया। हमने एक-दूसरे की चूत और लंड को साफ किया और फिर सीधे होकर लिप किस करने लगे। किस करते-करते मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। दीदी ने हँसते हुए कहा, “देख, इसे कितनी जल्दी है मेरी चूत में जाने की। फिर से खड़ा हो गया।”
मैंने कहा, “तो, दी, अब इंतज़ार किसका? जब ये तैयार है, मैं तैयार हूँ, आप तैयार हो, तो डालूँ इसे?”
दीदी ने कहा, “रुक, इसे कंडोम तो पहना दूँ। और मेरे प्यारे भाई, मेरा भी फर्स्ट टाइम है, तो आराम से करना।”
दीदी ने मेरे लंड पर कंडोम पहनाया। मैंने उनका पैर फैलाया और उनकी चूत पर लंड सेट किया। उनकी चूत पहले से ही गीली थी। मैंने एक हल्का सा धक्का दिया, और लंड का टिप अंदर चला गया। दीदी ने दर्द से चिल्लाया, “आह… संजीव… बहुत दर्द हो रहा है। थोड़ा रुक…”
मैंने उनकी चूत को सहलाया और उनके होंठों पर किस किया। फिर उनके बूब्स को दबाया और निप्पल्स के साथ खेला। थोड़ी देर बाद मैंने फिर से एक धक्का दिया। इस बार लंड आधा अंदर गया। दीदी को फिर दर्द हुआ, और वो “आह…” करके सिसकारीं। मैं थोड़ा रुका। फिर मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा, और मेरा पूरा 7 इंच का लंड उनकी चूत में समा गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
दीदी चिल्लाईं, “कुत्ते, ये क्या किया तूने? आह… कितनी ज़ोर से डाला। मैं मर गई… बोला था ना आराम से कर? मैंने तुझे मना तो नहीं किया, लेकिन आराम से कर ना, प्लीज़।”
मैंने देखा कि उनकी आँखों में आँसू आ गए थे। मैंने कहा, “सॉरी, दी। सचमुच सॉरी। मैं ध्यान रखूँगा।” मैंने उनके बूब्स को सहलाया और उनके निप्पल्स के साथ खेला। थोड़ी देर बाद मैंने लंड को धीरे-धीरे आगे-पीछे करना शुरू किया। दीदी ने बेडशीट को कसकर पकड़ लिया और आँखें बंद कर लीं। उनके मुँह से सिर्फ़ “आह… आह…” की आवाज़ें आ रही थीं। मैं समझ गया कि अब उन्हें मज़ा ज़्यादा और दर्द कम हो रहा था।
थोड़ी देर बाद मैंने स्पीड बढ़ा दी। दीदी बोलीं, “आह… संजीव… थोड़ा धीरे… बहुत तेज़ कर रहा है… आह…” लेकिन मैं उनकी बात अनसुनी करके उसी स्पीड में चोदता रहा। थोड़ी देर बाद दीदी चुप हो गईं। अब पूरे कमरे में सिर्फ़ उनकी सिसकारियाँ और हमारी चुदाई की “पच-पच” की आवाज़ गूँज रही थी। दीदी को अब मज़ा आने लगा था। मैंने धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई, लेकिन बीच-बीच में ज़ोरदार धक्के भी मार रहा था। “Incest Seduction Story”
दीदी ने मस्ती में कहा, “तुझे बहुत मस्ती सूझ रही है ना? तुझे बाद में देखूँगी।”
मैंने महसूस किया कि मेरा होने वाला है। मैंने दीदी से कहा, तो उन्होंने कहा, “मेरे मुँह में निकाल दे।” मैंने लंड उनकी चूत से निकाला और उनके मुँह में डाल दिया। मैं उनके मुँह को चोदने लगा। मेरा लंड उनके गले तक जा रहा था। मैंने उनके गले में ही सारा वीर्य छोड़ दिया। दीदी ने गुस्से में इशारे से मना किया और बोलीं, “ऐसे गले तक लंड कौन डालता है? मुझे साँस भी नहीं आ रही थी। अगली बार ऐसा किया, तो तेरा लंड दाँतों से काट लूँगी।”
मैंने हँसते हुए कहा, “ठीक है, दी। सॉरी। अब से ऐसा नहीं होगा।”
फिर मैंने उनकी चूत को चाटा, जो दूसरी बार पानी छोड़ने वाली थी। मैंने उनकी चूत को चाट-चाटकर सारा पानी निकाला और साफ किया। हम दोनों बेड पर लेट गए। हम बहुत खुश थे। उस रात हमने दो बार और चुदाई की। उस रात के बाद हमारा रिश्ता और ज़िंदगी दोनों बदल गए। अब जब भी हमें मौका मिलता, हम चुदाई करते। रात को तो एक बार चुदाई करके ही सोते।