Horny Metro Girl Porn
मैं पलक हूँ, बाइस साल की दिल्ली यूनिवर्सिटी की लास्ट ईयर की लड़की, दिन में सब मुझे बहुत शरीफ समझते हैं, लेकिन रात बारह बजते ही मैं फोन उठाती हूँ और अपनी फेक आईडी खोल लेती हूँ, वो आईडी जहाँ सिर्फ बॉडी की फोटो होती हैं, कभी फेस नहीं दिखता, पिछले नौ महीने से मैं हर रात ऐसा ही करती हूँ, पचास-साठ लड़के डीएम करते हैं. Horny Metro Girl Porn
मैं दस-पंद्रह को वीडियो कॉल पर ले लेती हूँ, नंगी होकर उंगली करती हूँ, बूब्स मसलती हूँ, चूत खोलकर दिखाती हूँ और उनको जोर-जोर से मुट्ठ मारने को बोलती हूँ, कई रातें तो दो-तीन घंटे तक लगातार चलती हैं, मेरा रिकॉर्ड एक रात में अठारह लड़कों की मुट्ठ मारवाना है, ये सब सिर्फ वर्चुअल है, मिलना-चुदना कभी नहीं होता, बस ऑनलाइन रंडीपना, बस यही मेरा सबसे बड़ा मज़ा है।
कल रात भी कुछ वैसा ही था, बल्कि उससे कहीं ज्यादा मज़ेदार। शिवम मेरे फ्लैट पर था, रात दस से बारह बजे तक उसने मुझे तीन बार चोदा था, आखिरी राउंड के बाद वो थक कर बेहोश हो गया, खर्राटे भरने लगा, मैं अभी भी वही ब्लैक सैटिन स्लिप ड्रेस में थी, स्ट्रैप्स नीचे सरके हुए थे.
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ड्रेस घुटनों तक ऊपर चढ़ी हुई थी, पैंटी फर्श पर पड़ी थी, रात के ठीक ढाई बज रहे थे, शिवम की खर्राटे कमरे में गूँज रही थीं, मेरी चूत अभी भी हल्की-हल्की फड़क रही थी, नींद आने का नाम नहीं ले रही थी, मैंने चुपके से फोन उठाया और फेक आईडी खोल ली। स्टोरी डाली – “आज जिसका लंड सबसे मोटा और सुंदर होगा, उसी को पूरी रात मेरे साथ वीडियो कॉल पर रखूंगी, झड़ना मत, रात भर खेलेंगे।”
मैसेज की बाढ़ आ गई, मैं एक-एक करके लंड की फोटो देख रही थी, तभी एक लड़के ने दो हाई क्वालिटी फोटो भेजीं, लंड सात-सवा सात इंच का, मोटाई कमाल की, नसें उभरी हुईं, सुपारा गुलाबी-लाल और चमकदार, मैंने उसकी प्रोफाइल देखी और हँसते-हँसते पेट पकड़ लिया.
अरे ये तो अरुण है, शिवम का बेस्ट फ्रेंड, दोनों बचपन के यार हैं, हर वीकेंड साथ पीते हैं, मेरे साथ भी घूमता है, मुझे भाभी बोलता है, लेकिन उसे सपने में भी नहीं पता कि ये फेक आईडी मेरी ही है। मैंने तुरंत रिप्लाई किया – “ये तो सबसे बेस्ट है आज तक का, अभी कॉल करो, पूरी रात तुम्हारी हूँ।”
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तीस सेकंड में कॉल आ गई, मैं बेड से उठी, शिवम को देखा, वो गहरी नींद में था, मैं चुपके से बाथरूम में घुस गई, दरवाज़ा लॉक किया, लाइट जला ली, फोन वॉश बेसिन के सामने स्टैंड पर टिका दिया, कॉल रिसीव की, कैमरा सिर्फ गर्दन से नीचे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने स्लिप ड्रेस की स्ट्रैप्स धीरे-धीरे नीचे सरकाईं, मेरे 34D बूब्स बाहर आ गए, निप्पल पहले से कड़े और गुलाबी-भूरे थे, मैंने दोनों बूब्स हाथों में उठाकर दबाया और कैमरे के करीब ले गई, “देखो, तुम्हारे नाम के खड़े हो गए।” अरुण की साँसें तेज़ हो गईं, वो बोला, “वाह, कितने रसीले हैं, चूस लूँ?”
मैंने एक निप्पल मुंह में लिया, जीभ से चाटा, दूसरा हाथ से मसलते हुए बोली, “चूस लो ना, जीभ घुमाओ, आह्ह्ह्ह, कितना अच्छा लग रहा है।” फिर स्लिप ड्रेस पूरी नीचे कर दी, अब सिर्फ काली लेस पैंटी थी जो पहले से गीली थी, मैं कैमरे के सामने घूमी, गांड उसकी तरफ करके झुक गई, पैंटी को दरार में फंसा दिया, अरुण बोला, “गांड भी कमाल की है।”
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मैंने पैंटी धीरे-धीरे नीचे सरकाई, दोनों हाथों से गांड फैलाई, “देखो यहाँ भी।” फिर टॉयलेट सीट पर बैठ गई, टाँगें चौड़ी करके ऊपर उठा लीं, चूत क्लीन शेव, होंठ हल्के गुलाबी और चमकदार, क्लिट सूजी हुई थी, मैंने दो उंगलियाँ होंठ अलग करके बोली, “देखो, तुम्हारे लंड को देखकर कितना रस निकल रहा है।”
अरुण ने अपना लंड कैमरे पर ले लिया, धीरे हिलाने लगा, “रंडी, कितना रस है।” मैंने उंगली अंदर डाली, फचचचचच, “बहुत सारे लंड देख चुकी हूँ, लेकिन तेरा सबसे मोटा है, आह्ह्ह्ह, अरुण, नाम ले-लेकर कर रही हूँ।” मैंने तीन उंगलियाँ ठूंस दीं, फच-फच-फच-फच की आवाज़ बाथरूम में गूँजने लगी, क्लिट पर अंगूठा रगड़ रही थी, “बोलो गंदा-गंदा, रंडी बोलो।”
वो बोला, “हाँ रंडी, रोज कितनों की मुट्ठ मारवाती है?” मैं कमर उछालते हुए बोली, “रोज दस-पंद्रह की तो मारवाती ही हूँ, आज तुम्हारी बारी है, जोर से हिलाओ, देखो रस टपक रहा है।” बीस-पच्चीस मिनट तक लगातार उंगली करती रही, तीन बार झड़ी, हर बार रस टपकता रहा, अरुण भी आखिर में झड़ गया, उसका गाढ़ा माल कैमरे पर छिड़क गया, पूरी कॉल लगभग दो घंटे चली।
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कॉल कट करने से पहले मैंने हाँफते हुए कहा, “कल फिर मिलते हैं, इसी टाइम।” वो बोला, “पक्का बेबी, रोज आऊंगा।” मैंने हँस कर कॉल कट कर दी। बाथरूम से निकली, चूत पोछी, ड्रेस ठीक की, शिवम के बगल में लेट गई, उसकी खर्राटे अभी भी चल रही थीं, मैं उसकी छाती पर सिर रखकर सो गई।
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