Horny Girlfriend XXX Story
दोस्तो, मेरा नाम ऋषभ है, और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। उम्र मेरी 19 साल की है, गोरा रंग, मध्यम कद-काठी, और चेहरा ऐसा कि लड़कियाँ थोड़ा-सा पिघल ही जाती हैं। मैं ना बहुत अमीर घर से हूँ, ना ही गरीब। बस, एक साधारण मिडिल-क्लास लड़का, जो अपनी जिंदगी में थोड़ा मस्ती, थोड़ा रोमांच ढूंढता रहता है। Horny Girlfriend XXX Story
ये कहानी तब की है, जब मैं बारहवीं क्लास में था, और मेरी जिंदगी में एक ऐसी लड़की आई, जिसने मेरे होश उड़ा दिए। उसका नाम था रोज़ा। रोज़ा, यार, क्या बताऊँ! 18 साल की, स्कूल की सबसे हॉट और चालू लड़की। लंबे काले बाल, जो उसकी कमर तक लहराते थे, और आँखें ऐसी कि मानो सीधे दिल में उतर जाएँ।
उसका फिगर, उफ्फ! 32-26-34, एकदम परफेक्ट। बूब्स इतने मस्त कि कपड़ों के ऊपर से भी किसी का लंड खड़ा कर दें, और गांड इतनी रसीली कि चलते वक्त सबकी नजरें उसी पर टिक जाएँ। वो स्कूल में ऐसी थी कि किसी को घास तक ना डाले, लेकिन उसकी हरकतें? साली, चूत में गाजर डालकर स्कूल आती थी, और कभी-कभी तो गांड में भी कुछ ठूंस लेती थी।
उसे ये सब करने में गजब का मजा आता था। मुझे ये बात तब पता चली, जब मैंने उसे पहली बार नंगी किया। मैं तो देखकर दंग रह गया कि ये रांड पूरे दिन चूत में गाजर डाले कैसे घूमती है! खैर, उससे मेरी दोस्ती कैसे हुई, वो भी सुन लो। स्कूल में वो सबसे अलग थी, लेकिन मेरे साथ उसकी अच्छी बनने लगी।
धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ीं, और एक दिन मैंने मौका देखकर उसे बोल दिया, “रोज़ा, आई लव यू।” उसने उस दिन कुछ नहीं कहा, बस मुस्कुराकर चली गई। अगले दिन उसने मुझे अकेले में बुलाया, मेरी आँखों में देखा, और बोली, “लव यू टू, ऋषभ!” फिर क्या, उसने मुझे जोर से गले लगाया और होंठों पर एक लंबा, गीला किस कर दिया।
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उस दिन बस इतना ही हुआ, लेकिन मेरे दिमाग में तो आग लग गई। उसके बाद हम दोनों का किसिंग सेशन शुरू हो गया। कभी स्कूल की सीढ़ियों के पीछे, कभी ट्यूशन में, हम मौका मिलते ही एक-दूसरे को चूमने लगते। मैं उसके बूब्स को कपड़ों के ऊपर से दबाता, और वो सिसकारियाँ भरते हुए मजे लेती।
एक बार तो क्लासरूम लॉक करके उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और जोर-जोर से मुठ मार दी। मैं तो जैसे सातवें आसमान पर था। रोज़ा को मोटा लंड चाहिए था, और मेरा सात इंच का लौड़ा उसे परफेक्ट लगा। पर साली के नखरे इतने कि पूछो मत! वो चुदाई के लिए आसानी से तैयार नहीं होती थी।
स्कूल में उसका जलवा ऐसा था कि हर लड़का उसकी एक झलक के लिए तरसता था। उसके बूब्स, यार, 32 इंच के, गोल-मटोल, और निप्पल्स इतने कड़क कि ब्रा के ऊपर से भी दिख जाएँ। एक बार ट्यूशन में मैंने उसकी कमीज़ के बटन खोलकर उसके निप्पल्स को चूसा, तो वो सिहर उठी और बोली, “आह्ह… ऋषभ, धीरे कर, साले!”
मैंने हँसकर कहा, “अब तो बस शुरुआत है, रोज़ा!”
उसने मुझे चटाक से थप्पड़ मारा और फिर खुद ही मेरे होंठों पर टूट पड़ी। हमारी ये चुम्मा-चाटी चलती रही, लेकिन चुदाई का मौका नहीं मिल रहा था। यूनिट टेस्ट नजदीक थे, तो हमने थोड़ा पढ़ाई पर ध्यान दिया। पर एक दिन स्कूल के बाथरूम में मैंने उसे पकड़ लिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसकी सलवार नीचे खिसकाकर मैंने उसके निप्पल्स को जोर से काटा। वो चिल्लाई, “उफ्फ… साले, क्या कर रहा है!” फिर उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और चूसने लगी। मैं तो जैसे पागल हो गया। उसका मुँह इतना गर्म था कि मेरा लौड़ा तुरंत टाइट हो गया।
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पर चुदाई के नाम पर वो फिर नखरे करने लगी। बोली, “लंड का मजा तो तसल्ली से लेने में है, जल्दबाजी में क्या मजा?” मैंने सोचा, सही बात है, लेकिन मेरा लंड तो बेकरार था। फिर बारहवीं की फाइनल परीक्षा आई। आखिरी दिन सभी खुश थे। मैंने रोज़ा को बाथरूम में चलने का इशारा किया, लेकिन उसने मना कर दिया।
स्कूल से बाहर निकलते ही उसने अपनी अम्मी को फोन किया और कहा, “अम्मी, हम दोस्त लोग पार्टी करने जा रहे हैं, थोड़ा लेट हो जाऊँगी।” फिर मुझसे बोली, “ऋषभ, जल्दी से एक ओयो रूम बुक कर!” मैं तो सुनकर पागल हो गया। मैंने तुरंत फोन निकाला, नेट पर सर्च किया, और पास के एक ओयो होटल में रूम बुक कर लिया।
रोज़ा ने हँसते हुए कहा, “चल, जल्दी! मुझे सुसू आ रही है।” मैंने मजाक में पूछा, “सुसू करने के लिए रूम चाहिए था क्या?” वो ठहाका मारकर बोली, “नहीं रे घोंचू, सुसू के बाद तेरा मोटा लंड लेने के लिए!” उसकी बात सुनकर मेरा लंड तो पहले ही खड़ा हो गया।
हम दोनों फटाफट होटल पहुँचे, रूम की औपचारिकताएँ पूरी कीं, और कमरे में घुसते ही एक-दूसरे पर टूट पड़े। रोज़ा ने मुझे जोर से बाँहों में भरा और मेरे होंठों पर अपने गीले होंठ रख दिए। हम दोनों दस मिनट तक बस चूमते रहे। उसकी जीभ मेरे मुँह में थी, और मैं उसकी जीभ को कुल्फी की तरह चूस रहा था।
वो मेरी लार चाट रही थी, और मैं उसकी। बीच-बीच में मैं उसके बूब्स को जोर-जोर से मसल देता। वो सिसकारी भरती, “आह्ह… ऋषभ, कितना जोर से दबाता है!” फिर उसने मेरे होंठों को दाँतों से हल्का-सा काट लिया। मैंने भी बदले में उसकी गर्दन पर जोर से चूमा, और वो सिहर उठी।
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उसने मेरे लंड को पैंट के ऊपर से पकड़ लिया और मसलने लगी। उसका अंदाज ऐसा था, मानो वो लंड को उखाड़ देगी। मैंने हँसकर कहा, “साली, लंड उखाड़ देगी क्या?” वो हँसी और झट से नीचे बैठ गई। मेरी पैंट की चैन खोलकर उसने मेरा लंड बाहर निकाला। मेरा सात इंच का लौड़ा पूरा टनटना रहा था। “Horny Girlfriend XXX Story”
उसने लंड को हाथ में पकड़ा और बोली, “उफ्फ… कितना मोटा है, ऋषभ!” फिर उसने लंड को मुँह में लिया और चूसने लगी। उसका मुँह इतना गर्म और गीला था कि मैं तो जैसे जन्नत में पहुँच गया। वो मेरे लंड को गले तक ले जा रही थी, और साथ में मेरे आंड पकड़कर मरोड़ रही थी। “उह्ह… रोज़ा, क्या चूस रही है!”
मैं सिसकारियाँ भर रहा था। उसने लंड की जड़ को जोर से पकड़ रखा था, जिससे मेरा माल जल्दी नहीं निकल रहा था। वो लंड को मुर्गे की तरह चूस रही थी, और मैं उसके मुँह में धक्के मार रहा था, जैसे उसका मुँह चूत हो। करीब दस मिनट तक उसने लंड चूसा। जब मेरा माल निकलने वाला था, मैंने कहा, “रोज़ा… आह्ह… निकलने वाला है!”
उसने लंड को मुँह में ही रखा और जीभ से टोपे को चाटने लगी। मेरा सारा माल उसके मुँह में निकल गया, और उसने एक-एक बूंद गटक ली। अब मेरी बारी थी। मैंने उसका कुर्ता उतारा, फिर सलवार। वो बस काले रंग की ब्रा और पैंटी में थी। यार, वो रांड ऐसी लग रही थी कि बस टूट पड़ो। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने उसकी ब्रा उतारी, और उसके 32 इंच के गोल-मटोल बूब्स मेरे सामने थे। निप्पल्स काले और कड़क, जैसे चेरी। मैंने एक बूब को मुँह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। “आह्ह… ऋषभ, धीरे… उफ्फ!” वो सिसकारियाँ भर रही थी। मैंने उसके निप्पल्स को दाँतों से हल्का-सा काटा, और वो सिहर उठी।
“साले, खा जाएगा क्या?” उसने हँसकर कहा।
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मैंने दूसरा बूब पकड़ा और उसे भी चूसा, मसला, और निप्पल्स को जीभ से चाटा। फिर मैंने उसकी पैंटी में हाथ डाला। उसकी चूत गीली थी, और मुझे कुछ सख्त-सा महसूस हुआ। मैंने पैंटी उतारी, और देखा कि साली ने अपनी चूत में एक पांच इंच की गाजर डाल रखी थी। गाजर का सिरा बस थोड़ा-सा बाहर था। मैंने गाजर को पकड़कर धीरे-धीरे बाहर खींचा।
“आह्ह… उह्ह… ऋषभ, धीरे!” वो चिल्ला रही थी। मैंने गाजर से ही उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया। गाजर अंदर-बाहर हो रही थी, और उसकी चूत से रस टपक रहा था। “उफ्फ… ऋषभ, ये तो… आह्ह… बहुत मजा आ रहा है!” वो आँखें बंद करके सिसकारियाँ भर रही थी। पांच मिनट में वो झड़ गई, और उसके चेहरे पर एक मस्त मुस्कान थी।
मैंने गाजर निकाली और उसकी चूत का सारा रस चाट लिया। उसका स्वाद नमकीन और गर्म था। मैंने पूछा, “रोज़ा, ये गाजर तू कैसे डाले रखती है?” वो हँसी और बोली, “ये मेरा रोज का खेल है, ऋषभ। तुझे क्या लगा, मैं सिर्फ तेरा लंड चूसने के लिए पागल हूँ?” उसकी बात सुनकर मैं और जोश में आ गया।
हम 69 की पोजीशन में आ गए। मैं उसकी चूत चाट रहा था, और वो मेरा लंड। उसकी चूत की खुशबू मेरे दिमाग में चढ़ रही थी। मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। हमारे पास कंडोम नहीं था। रोज़ा बोली, “कोई बात नहीं, बस अंदर मत निकालना।” मैंने उसे कुतिया बनाया और पीछे से लंड उसकी चूत में डाल दिया। “Horny Girlfriend XXX Story”
“आह्ह… ऋषभ, तेरा लंड तो… उफ्फ… बहुत टाइट है!” वो चिल्लाई।
मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। उसकी चूत इतनी गीली थी कि मेरा लंड फिसल रहा था। “फच… फच…” की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। मैंने पूछा, “रोज़ा, अब तक कितनों से चुदवाया है?” उसने बिना रुके बता दिया, “मेरे अब्बा, भाई, गणित के टीचर, प्रिंसिपल सर, और वो बाथरूम साफ करने वाला जीवन।”
ये सुनकर मेरा दिल बैठ गया, लेकिन मेरा लंड तो उसकी चूत में था, सो मैंने चोदना जारी रखा। मैंने उसे और जोर से चोदा, और वो चिल्ला रही थी, “आह्ह… ऋषभ, चोद दे… और जोर से… उह्ह!” करीब 20 मिनट की घमासान चुदाई के बाद मेरा माल निकलने वाला था। उसने कहा, “अंदर मत निकाल, मुँह में दे!”
मैंने लंड निकाला, और उसने उसे मुँह में लेकर चूस लिया। मैं उसकी चूत में उंगली डालकर उसे चोद रहा था। हम दोनों एक साथ झड़ गए। थोड़ी देर हमने बात की। फिर दूसरा राउंड शुरू हुआ। रोज़ा ने एक तेल की शीशी उठाई और मेरी गांड में तेल लगाया। उसने अपनी गांड में भी तेल लगाया।
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मैंने उसकी गांड में गाजर डाल दी, और पीछे से अपनी गांड उसके साथ रगड़ने लगा। “उह्ह… ऋषभ, ये तो… बहुत मजा आ रहा है!” वो सिसकार रही थी। मेरी गांड में दर्द हो रहा था, लेकिन रोज़ा को और चुदाई चाहिए थी। हमने पोजीशन बदली। उसने गाजर चूत में डाल ली, और मेरा लंड उसकी गांड में। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
“आह्ह… ऋषभ, तेरे लंड ने तो मेरी गांड फाड़ दी!” वो चिल्ला रही थी। उसकी चूत में गाजर और गांड में मेरा लंड था। “फच… फच…” की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। वो मेरे ऊपर कूद रही थी, और उसके बूब्स उछल रहे थे। मैंने उसके निप्पल्स को पकड़कर मसला, और वो चिल्लाई, “उह्ह… ऋषभ, और जोर से!” बीस मिनट बाद हम फिर झड़ गए। वो मेरे ऊपर गिर पड़ी।
उसने बताया कि उसके अब्बा उसे और उसकी अम्मी को नंगी करके चोदते हैं। उसने फोन में एक वीडियो दिखाया, जिसमें उसकी अम्मी, अब्बा, भाई, और कोई बाहर का आदमी रोज़ा और उसकी अम्मी को चोद रहे थे। उसकी अम्मी का फिगर रोज़ा से भी ज्यादा सेक्सी था। रोज़ा ने कहा, “ऋषभ, तेरा लंड आज तक का सबसे मोटा था। अब मैं घोड़े जितना मोटा लंड भी ले सकती हूँ!” तीन घंटे बाद हमने कपड़े पहने। मैंने उसकी पैंटी रख ली। हमने बाद में और कई बार चुदाई की।
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