Hardcore Kinky Incest Sex
घर में सन्नाटा था। मम्मी-पापा बाहर गए थे, शाम के 6 बज रहे थे। मैं 26 का, गरिमा 24 की – स्लिम, फेयर, शार्प फीचर वाली, लेकिन घर में हमेशा डोमिनेट रहती थी। उस दिन मैंने गलती कर दी। उसकी कमरे में घुसा, लॉन्ड्री बास्केट से उसकी काली लेस वाली पैंटी निकाली, और नाक से सटाकर स्मेल किया। Hardcore Kinky Incest Sex
वो मस्की, फेमिनिन स्मेल… उफ्फ, मैं आँखें बंद करके खो गया था। तभी दरवाजा खुला। गरिमा खड़ी थी – जींस और टाइट टॉप में, बाल खुले, आँखें गुस्से से लाल। “ये क्या कर रहा है तू, मनीष?” मैंने पैंटी गिरा दी, हाथ जोड़े। “सॉरी गारिमा… बस… सॉरी…” उसने एक कदम आगे बढ़ा, और जोर से चाँटा मारा – दाहिना गाल जल उठा।
“सॉरी? अब सॉरी से काम नहीं चलेगा। मेरे कमरे में आ। अभी।” मैं काँपते हुए उसके पीछे-पीछे गया। कमरे में घुसते ही उसने दरवाजा लॉक किया। “कपड़े उतार। सब।” मैंने हिचकिचाया, लेकिन उसकी आँखों में वो look था जो कह रहा था – मतलबी मत बन। मैंने शर्ट, पैंट, अंडरवियर सब उतार दिए।
नंगा खड़ा था। वो मुझे घूर रही थी। “बेड पर लेट।” मैं सीधा लेट गया। उसने कहा, “उल्टा हो जा।” मैं पेट के बल लेट गया। गरिमा ने बेड के चारों कोने से रस्सी निकाली (शायद पहले से तैयार थी?)। मेरे दोनों हाथ फैलाकर बेड के कोने से बाँध दिए। पैर भी फैलाकर बाँध दिए।
मैं पूरी तरह spread-eagle, helpless। गांड ऊपर की तरफ उठी हुई। उसने अपनी जींस उतारी, सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। फिर ड्रावर से एक छोटा काला strapon निकाला – 4 इंच का, लेकिन थिक, रीयलिस्टिक हेड वाला। उसने हार्नेस पहना, डिल्डो आगे की तरफ। फिर मेरी गांड पर ठंडा ल्यूब लगाया – उँगली से अंदर तक।
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मैं काँप रहा था। “सॉरी गारिमा… प्लीज… मत कर…” मैं तड़प रहा था। उसने मेरी कमर पकड़ी, डिल्डो का हेड मेरी गांड पर रखा। “सॉरी बोलने से पहले सोचना चाहिए था। अब ले अपनी सजा।” धीरे से पुश किया। 4 इंच अंदर गया – दर्द + स्ट्रेंज प्रेशर। मैं चीखा, लेकिन मुँह में तकिया दबा लिया।
गरिमा ने हिप्स मूव किए – स्लो, फिर तेज। हर थ्रस्ट में मेरी गांड भर रही थी, प्रोस्टेट हिट हो रहा था। मैं तड़प रहा था, “सॉरी… सॉरी गारिमा… बस कर दे…” 15 मिनट तक वो जारी रही। मेरी आँखों में आँसू, बॉडी स्वेट से भीगा, क्लिटी हार्ड लेकिन टच नहीं कर पा रहा था। दर्द अब प्लेजर में बदल रहा था – weird, humiliating प्लेजर।
आखिर में उसने डिल्डो बाहर निकाला। मेरी गांड sore, गर्म। उसने रस्सियाँ खोलीं। मैं लेटा रहा, साँस फूल रही थी। फिर गरिमा ने अपनी पैंटी उतारी। पूरी नंगी हो गई। वो बेड पर चढ़ी, मेरे चेहरे के ऊपर बैठ गई – knees मेरे कानों के दोनों तरफ। उसकी चूत मेरे मुँह के ठीक ऊपर। गीली, स्वोलेन, स्मेल इंटेंस। “अब माउथ खोल।” मैंने खोला।
उसने हिप्स नीचे किए, चूत मेरे होंठों पर रख दी। फिर… गर्म, साल्टी फ्लो शुरू हुआ। उसने मेरे मुँह में पेशाब करना शुरू कर दिया। मैंने निगलने की कोशिश की, लेकिन ज्यादा था – कुछ बाहर बह गया, गालों पर, गले में। वो बोली, “पी ले… ये तेरी सजा का आखिरी हिस्सा है। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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मेरी बहन की तरह रेस्पेक्ट करनी थी ना? अब ड्रिंक कर अपनी बहन का गर्म पानी।” मैंने सब निगल लिया। वो उठी, मेरे चेहरे पर थपकी दी। “अच्छा बॉय। अब से मेरी पैंटी स्मेल करने की इच्छा हो तो पहले परमिशन लेना। वरना अगली बार strapon 6 इंच का होगा।” वो मुस्कुराई, कमरे से निकल गई।
मैं बेड पर लेटा रहा – गांड दर्द कर रही थी, मुँह में उसका टेस्ट, बॉडी काँप रही थी। लेकिन क्लिटी अभी भी हार्ड था। डिनर के बाद की सजा रात के 9 बज चुके थे। डिनर खत्म हुआ था – मम्मी-पापा किसी रिश्तेदार के घर रुक गए थे, घर में सिर्फ मैं और गारिमा। मैं अपना प्लेट धोकर कमरे में जा रहा था कि गारिमा की आवाज आई – कमरे से, शार्प और कमांडिंग। “मनीष… इधर आ। अभी।”
मैं काँपते हुए उसके कमरे में गया। वो बेड पर बैठी थी – सिर्फ एक लूज टॉप और शॉर्ट्स में, बाल खुले, आँखों में वही गुस्सा और पॉवर जो मुझे डराता भी था और एक्साइट भी करता था। “कपड़े उतार। सब।” मैंने बिना कुछ कहे शर्ट, पैंट, अंडरवियर सब उतार दिए। नंगा खड़ा था, क्लिटी पहले से ही थोड़ा हार्ड हो रहा था – डर से या anticipation से, पता नहीं।
गारिमा उठी, मेरे पास आई। उसने मेरे लंड को देखा, फिर बिना कुछ बोले जोर से चाँटा मारा – सीधे लंड पर। दर्द की लहर दौड़ गई, मैं झुक गया, हाथ से कवर करने की कोशिश की। “हाथ हटा!” उसने चिल्लाकर कहा। फिर दूसरा चाँटा – और तेज। लंड लाल हो गया, stinging pain। “सॉरी बोल,” उसने कहा, आवाज लो लेकिन डेंजरस।
“सॉरी गारिमा… सॉरी…” उसने फिर चाँटा मारा – इस बार तीन-चार बार लगातार, लंड पर, बॉल्स पर। मैं तड़प रहा था, आँखों में आँसू आ गए। “और जोर से बोल! सॉरी बोल!” “सॉरी गारिमा! बहुत सॉरी… मैं गलत था… प्लीज…” गारिमा ने मुस्कुराई – क्रुएल वाली स्माइल। फिर मुझे पलटा दिया, बेड पर झुकाया। मेरी गांड ऊपर की तरफ।
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उसने हाथ उठाया और जोर-जोर से spank करना शुरू कर दिया। हर थप्पड़ की आवाज कमरे में गूँज रही थी – left cheek, right cheek, फिर बीच में। 20-25 थप्पड़ लगे होंगे, मेरी गांड पूरी लाल, जल रही थी। मैं रो रहा था, “सॉरी… बस कर दे गारिमा… मैं कभी नहीं करूँगा…” वो रुकी नहीं।
spank करते-करते बोली, “तू मेरी पैंटी स्मेल करता है, चुपके से? अब देख, क्या होता है।” आखिर में वो रुकी। मेरी गांड hot और sore थी। वो मेरे बाल पकड़कर सिर ऊपर किया। “अब नंगे ही जा… छत पर। कपड़े सूखे हुए हैं, सब उतार ला।” मैंने आँखें बड़ी कीं। “गारिमा… नंगे? छत पर? कोई देख लेगा…”
उसने फिर चाँटा मारा – इस बार गाल पर। “चुप! जैसा कहा है वैसा कर। नंगे ही जा। अगर कोई देख ले तो देख ले – तेरी सजा है ये। जल्दी कर, वरना और spank मिलेगा।” मैं काँपते हुए कमरे से निकला। घर में अंधेरा था, लेकिन छत की सीढ़ियाँ चढ़ते वक्त दिल धड़क रहा था। नंगा, गांड लाल, लंड stinging pain से सिकुड़ा हुआ। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
छत पर पहुँचा – ठंडी हवा लगी, बॉडी पर काँटे खड़े हो गए। कपड़े की लाइन पर टंगे थे – मेरे शर्ट-पैंट, गारिमा के कुछ कपड़े। मैंने सब उतारे, हाथ में लेकर नीचे आया। कमरे में वापस गया तो गारिमा बेड पर लेटी थी, लेग्स फैलाए। “अच्छा boy। अब कपड़े इधर रख।” मैंने रख दिए।
वो उठी, मेरे पास आई, मेरी गांड पर हाथ फेरा – जलन वाली जगह पर। “दर्द हो रहा है? अच्छा। कल से मेरी पैंटी स्मेल करने से पहले परमिशन लेना। और हाँ… आज रात तू मेरे पैरों के पास सोएगा। नंगा।” मैंने सिर झुकाया। “जी गारिमा…” वो हँसी। “अब जा, लाइट बंद कर। और याद रख – अगली बार strapon फिर से आएगा।”
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मैं कमरे में अंधेरे में लेट गया, गांड दर्द कर रही थी, लेकिन मन में weird excitement था। बहन की domination… अब और गहरा हो गया था। रात की सजा – मिस्ट्रेस गरिमा की पूरी कमांड डिनर के बाद घर में सन्नाटा था। छत से कपड़े लाकर मैंने रख दिए थे, लेकिन गारिमा की आँखों में अभी भी वो आग बाकी थी। “Hardcore Kinky Incest Sex”
वो बेड पर बैठी थी, लेग्स क्रॉस किए, हाथ में एक छोटी चाबुक जैसी चीज (शायद बेल्ट का हिस्सा)। मैं नंगा खड़ा था, गांड अभी भी लाल और जल रही थी spank से। “मनीष… आज रात तू मेरी Mistress की तरह treat करेगा।” उसने कहा, आवाज लो लेकिन full authority वाली। “कपड़े नहीं पहनेगा। घर में जहां भी जाऊँगी, तू crawl करके पीछे आएगा।”
मैंने सिर झुकाया। “जी Mistress गरिमा…” उसने उठकर मेरे पास आई। मेरे लंड को फिर से हाथ से पकड़ा – अभी भी stinging pain थी। फिर हल्के से ट्विस्ट किया। “ये छोटा सा क्लिटी… कभी मेरी पैंटी स्मेल करने की हिम्मत मत करना बिना परमिशन के। अब kneel कर।” मैं घुटनों पर बैठ गया।
वो मेरे सिर पर हाथ रखकर बोली, “पहला काम: मेरे पैर चाट।” उसने slippers उतारे। उसके पैर – सॉफ्ट, थोड़े sweaty डिनर के बाद। मैंने जीभ निकाली, सोल से स्टार्ट किया – heel से toes तक lick किया। वो आँखें बंद करके enjoy कर रही थी। “अच्छा… और गहराई में, toes suck कर।”
मैंने toes मुँह में लिए, चूसा। साल्टी टेस्ट, लेकिन humiliation से क्लिटी फिर हार्ड हो गया। वो हँसी, “देख… छोटा क्लिटी एक्साईट हो रहा है। Pathetic.” फिर उसने मुझे उठाया, बेड पर उल्टा लिटाया। फिर से रस्सियाँ निकालीं – हाथ-पैर बाँध दिए, spread-eagle लेकिन इस बार फेस अप। “अब देख… रात की असली सजा।”
उसने ड्रावर से वही 4 इंच का strapon निकाला। हार्नेस पहना, ल्यूब लगाया। मेरी गांड पर फिर से ल्यूब डाला, उँगली अंदर डालकर प्रेपेयर किया। मैं तड़प रहा था, “मिस्ट्रेस… सॉरी… प्लीज…” उसने मेरे मुँह में अपना पैंटी का कपड़ा ठूँस दिया (जो मैंने स्मेल किया था)। “चुप। अब ले।” Strapon का head दबाया। “Hardcore Kinky Incest Sex”
धीरे-धीरे पूरा 4 इंच अंदर। दर्द + प्रेशर। वो थ्रस्ट करना शुरू कर दी – स्लो, फिर मीडियम स्पीड। हर थ्रस्ट में मेरी गांड भर रही थी, प्रोस्टेट हिट हो रहा था। मैं muffled moans कर रहा था, आँखों में आँसू। 15 मिनट तक pegging चली। मेरी बॉडी काँप रही थी, क्लिटी leak कर रहा था लेकिन टच नहीं कर पा रहा था।
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वो बोली, “ये तेरी सजा है… हर बार पैंटी स्मेल करने पर यही मिलेगा।” आखिर में वो रुकी। Strapon बाहर निकाला। मेरी गांड sore, गर्म। उसने रस्सियाँ नहीं खोलीं। मेरे ऊपर चढ़ गई – knees मेरे कानों के पास, चूत मेरे मुँह के ठीक ऊपर। “अब माउथ खोल। रात का final humiliation।” मैंने खोला। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसने पेशाब शुरू किया – गर्म, स्ट्रोंग फ्लो। मेरे मुँह में भरा, मैंने निगलने की कोशिश की। कुछ बाहर बह गया, गालों पर, गले पर। वो बोली, “पी ले सब… ये तेरी Mistress का गिफ्ट है। अब से हर रात ऐसा ही होगा अगर गलती की।” जब खत्म हुआ, वो उठी।
मेरे चेहरे पर थपकी दी। “अच्छा स्लेव। अब रात भर इसी तरह बंधा रहेगा। सुबह तक सोच… कल permission माँगकर पैंटी स्मेल करना चाहेगा?” उसने लाइट बंद की। कमरे में अंधेरा। मैं बंधा हुआ लेटा रहा – गांड दर्द, मुँह में उसका टेस्ट, क्लिटी हार्ड लेकिन unsatisfied। Humiliation full peak पर। लेकिन मन में एक weird craving थी… Mistress गरिमा की अगली सजा का इंतजार।
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