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Antarvasna Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स स्टोरी

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नौकर ने मेरी और पति ने नौकर के मंगेतर को चोदा

February 14, 2026 by crazy Leave a Comment

Hardcore Group Sex

मेरा नाम शिखा है, उम्र चालीस साल, कद पाँच फुट सात इंच, रंग गोरा, बड़े-बड़े मम्मे, पतली कमर, चौड़ी गाँड, उभरे हुए नितंब, मांसल जाँघें, और चूत पर घनी काली झाँटें जो मुझे और मेरे पति विजय को बहुत पसंद हैं। विजय मुझसे दो साल बड़े हैं, उनका रंग भी गोरा, कद छह फुट, थोड़े पतले लेकिन स्मार्ट और सेक्सी। Hardcore Group Sex

उनका लंड जब खड़ा होता है तो लोहे जैसा सख्त हो जाता है, और वो इसे मेरी चूत में डालकर मुझे हर बार नया मजा देते हैं। विजय को औरतों की चुदाई का शौक है, उन्होंने कई लड़कियों और औरतों को चोदा है, पर मुझसे बहुत प्यार करते हैं। वो अपनी हर बात मुझसे शेयर करते हैं, चाहे वो उनकी नयी-नयी पोर्न सीडीज हों या उनके अनोखे शौक।

विजय को खूबसूरत औरतों पर लाइन मारना, शिकार खेलना, और घुड़सवारी करना पसंद है। उनके लिए हमारे खेतों में एक काला कुत्ता मोती और एक लाल रंग की खूबसूरत घोड़ी है। कभी-कभी वो घोड़ी को भी चोद लेते हैं और कहते हैं, “शिखा, घोड़ी की चुदाई में औरत से भी ज्यादा मजा आता है।”

मोती मेरा पक्का दोस्त है, मेरी हर बात मानता है, पर विजय के साथ सिर्फ शिकार पर जाता है। लेकिन हमने मोती को एक बुरी आदत डाल दी है। जब भी हम चुदाई शुरू करते हैं, उसे चूत की स्मेल आ जाती है, और वो बीच में मुंह घुसाकर मेरी चूत का पानी चाटने लगता है।

जब हम दोनों झड़ जाते हैं, तो वो विजय का लंड और मेरी चूत चाट-चाटकर साफ कर देता है। विजय एक इंश्योरेंस कंपनी में फील्ड ऑफिसर हैं और खेतीबाड़ी भी करते हैं। हमारी जमीन काफी है, इसलिए हमने अपना घर खेतों के बीच बनाया। चारों तरफ फलदार पेड़, ट्यूबवेल, और पशुओं का तबेला है।

खेती के लिए हमने एक नौकर रखा है, लालू। वो काला, पतला, लेकिन ताकतवर और बहुत शरीफ लड़का है। शर्मीला भी है, पर मेहनती। हमारे दोनों बच्चे बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते हैं, छुट्टियों में ही घर आते हैं। अब आती हूँ अपनी चुदाई की कहानी पर। बरसात का मौसम था, दोपहर को धूप निकली थी।

मुझे कुछ कपड़े धोने थे, तो मैं मोती को घर छोड़कर ट्यूबवेल पर चली गई। मैंने पिंक सलवार-कुर्ता पहना था, नीचे ना ब्रा थी, ना पैंटी। कपड़े धोते-धोते मैं पूरी भीग गई। गर्मी थी, तो मैं ट्यूबवेल के बड़े नल के नीचे कपड़ों समेत नहाने लगी। पानी मेरे जिस्म पर गिर रहा था, मेरे मम्मे और चूत की झाँटें गीले कपड़ों में साफ दिख रही थीं।

तभी लालू खेतों से काम करके आ गया। उसने सफेद बनियान और ढीला-सा आस्मानी कच्छा पहना था। मुझे देखकर वो शरमा गया, शायद मेरे गीले कपड़ों में मेरे निप्पल और चूत की झाँटें दिख रही थीं। मैं भी शरमाई और नल से हट गई। देखा तो लालू पीठ करके खड़ा था।

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मैंने पूछा, “लालू, यहाँ क्या कर रहा है?”

उसने कहा, “भाभी जी, प्यास लगी है, ट्यूबवेल का ठंडा पानी पीना है।”

मैंने कहा, “पानी पी ले, नहा भी ले, गर्मी बहुत है। फिर घर चलकर खाना खा लेंगे।”

वो बोला, “आप घर जाओ, मैं नहाकर आता हूँ।”

मैंने कहा, “अभी नहा ले, और मेरे धुले कपड़े भी घर ले चल।”

लालू मेरी बात मानकर नल के नीचे नहाने लगा। मेरी नजर उसके गीले जिस्म पर पड़ी, तो मैं हैरान रह गई। उसकी बनियान में से उसकी चौड़ी छाती और पतली कमर साफ दिख रही थी। फिर मैंने उसके कच्छे की तरफ देखा, तो और चौंक गई। उसका सोया हुआ लंड सात इंच लंबा, काला साँप जैसा लग रहा था।

मैं सोचने लगी, “अगर ये सोया हुआ इतना बड़ा है, तो खड़ा होने पर कितना मोटा और लंबा होगा?” ये सोचते ही मेरी चूत गीली हो गई, पानी टपकने लगा। मैंने ठान लिया कि आज इसका लंड खड़ा करके देखूँगी, चाहे जो हो जाए। मैंने लालू को साबुन दिया और कहा, “इसे अपने जिस्म पर लगा ले, मैं नल के नीचे अच्छे से नहा लूँ।”

मैं नल के नीचे खड़ी होकर अपने मम्मों और गाँड को मल-मलकर नहाने लगी। लालू ने बनियान उतारी और साबुन लगाने लगा। जब उसकी आँखों में साबुन गया, तो वो बार-बार मेरी तरफ देखने लगा। मैंने जानबूझकर अपने गीले कुर्ते को थोड़ा ऊपर उठाया, जिससे मेरी गोरी कमर और आधे मम्मे दिखने लगे। फिर मैं नल से हटी, और लालू नहाने लगा। वो पीठ करके अपने लंड पर साबुन मल रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैंने कहा, “लालू, मुझे भी साबुन दे, मैं लगाना चाहती हूँ।”

वो साबुन देकर जाने लगा, तो मैंने रोका, “जरा मेरी पीठ पर साबुन लगा दे।”

मैंने पीछे से कुर्ता ऊपर उठाया, मेरी गोरी पीठ और आधे मम्मे नंगे हो गए। लालू ने शरमाते हुए कहा, “भाभी जी, आप खुद लगा लो, मुझे शरम आ रही है।”

मैंने हँसकर कहा, “शरम आ रही है तो आँखें बंद कर ले।”

वो मान गया और आँखें बंद करके मेरी पीठ पर साबुन लगाने लगा। वो सिर्फ थोड़ी-सी जगह पर साबुन घिस रहा था।

मैंने कहा, “पूरी पीठ पर लगा, कंधों से कमर तक, डर क्यों रहा है?”

वो बोला, “भाभी जी, डर लग रहा है, कहीं मेरा हाथ फिसलकर आपके किसी और अंग को छू गया, तो आप गुस्सा करेंगी।”

मैंने कहा, “गुस्सा क्यों करूँगी? मुझे तो पूरे जिस्म पर साबुन लगाना है। आँखें खोल और मजे से लगा।”

लालू ने आँखें खोलीं और मेरी पीठ, कमर, और कंधों पर प्यार से साबुन लगाने लगा। उसका हाथ मेरी गोरी त्वचा पर फिसल रहा था, और मेरी चूत में खुजली बढ़ने लगी। थोड़ी देर बाद उसने कहा, “भाभी जी, साबुन लग गया, अब मैं जाऊँ?”

मैंने कहा, “रुक, नल के नीचे मेरी पीठ का साबुन मलकर साफ भी कर दे।”

मैं नल के नीचे खड़ी हो गई, लालू मेरे पीछे। पानी हम दोनों पर गिर रहा था। मैं जानबूझकर थोड़ा झुकी, तो मेरे मम्मे कुर्ते से बाहर आ गए, निप्पल सख्त होकर साफ दिख रहे थे।

मैंने कहा, “लालू, मेरे कंधों को अच्छे से मलकर साफ कर।”

उसने कहा, “भाभी जी, मेरा हाथ कंधों तक नहीं पहुँच रहा।”

मैंने कहा, “तू भी थोड़ा झुक जा।”

वो झुका और मेरे कंधों को मलने लगा। मैं पीछे हुई, तो मेरी गीली गाँड से उसका लंड टकराया। मैंने एक हाथ पीछे करके उसके कच्छे के ऊपर से लंड पकड़ लिया और कहा, “ये क्या चुभ रहा है मुझे?” मैं सीधी खड़ी हो गई, लंड को पकड़े हुए, और लालू की तरफ मुड़कर पूछा, “बता, ये क्या चुभ रहा था?”

लालू डर गया, बोला, “भाभी जी, माफ कर दो, मेरा कोई कसूर नहीं, ये खुद खड़ा हो गया।”

मैंने हँसते हुए कहा, “पहले बता, तूने कच्छे में क्या छुपाया है?”

वो डरते हुए बोला, “ये मेरा… वो है।”

मैंने पूछा, “वो क्या? नाम क्यों नहीं लेता?”

वो शरमाते हुए बोला, “नाम लेने में शरम आती है।”

मैंने आहिस्ता से कहा, “बता, ये तेरा लंड है?”

उसने कहा, “हाँ।”

मैंने चिढ़ाते हुए कहा, “तू तो छोटा है, तेरा इतना बड़ा कैसे हो सकता है? जरूर कुछ छुपाया है।”

लालू ने डरते हुए कहा, “भाभी जी, सच बोल रहा हूँ, ये मेरा लंड ही है।”

मैंने कहा, “मैं नहीं मानती, कच्छा खोलकर दिखा।”

उसने नाड़ा खोला और अपना काला, लंबा लंड बाहर निकाला। मैंने उसे हाथ में पकड़ा, मेरी साँसें तेज हो गईं। मैंने कहा, “लालू, तेरा लंड तो बहुत लंबा और मोटा है!” उसने कहा, “भाभी जी, जब ये पूरा खड़ा हो जाता है, तो और बड़ा हो जाता है।”

मैंने पूछा, “सच बता, ये पूरा खड़ा कैसे होता है?”

वो बोला, “जब मैं किसी जवान, खूबसूरत औरत को नंगी देखता हूँ, तो ये लोहे जैसा सख्त हो जाता है और बैठता नहीं।”

मैंने चिढ़ाया, “झूठ बोल रहा है, ये पहले से इतना बड़ा है, और बड़ा होगा? बता, औरत का कौन-सा अंग देखकर ये खड़ा होता है? मुझे साफ-साफ बता, शरमा मत। मुझ जैसी औरत को नंगी देखकर भी खड़ा होगा?”

लालू ने शरमाते हुए कहा, “भाभी जी, आप तो इतनी सुंदर और जवान हैं, आपको नंगी देखकर तो इसका पानी भी निकल जाएगा।”

मैंने कहा, “सच? मुझे नंगी देखकर तेरा लंड पूरा खड़ा हो जाएगा?”

वो डर गया, बोला, “भाभी जी, ऐसा मत करो, वरना मेरे लंड का बुरा हाल हो जाएगा।”

मैंने हँसकर कहा, “मुझे एक बार तेरा खड़ा लंड देखना है। मैं तेरे सामने पूरी नंगी हो जाऊँगी, तू मुझे अपना लंड दिखा दे।”

ये कहकर मैंने सलवार का नाड़ा खोला, सलवार उतारी, और मेरी गोरी, मोटी जाँघें लालू के सामने नंगी हो गईं। फिर मैंने कुर्ता उतार फेंका, और पूरी नंगी होकर नल के नीचे नहाने लगी। मेरे मम्मे उछल रहे थे, चूत की काली झाँटें पानी में चमक रही थीं। लालू अपने तने हुए, काले, मोटे लंड को पकड़कर मेरे पास आया और बोला, “भाभी जी, देख लो, पूरा खड़ा हो गया। अब कपड़े पहन लो, वरना मैं मर जाऊँगा।”

मैंने उसका लंड देखा, तो मेरे पसीने छूट गए। वो किसी गधे के लंड जैसा था—लंबा, मोटा, काला, और सख्त। मैंने उसे हाथ में पकड़ा, दबाया, तो लोहे जैसा लगा। खाल पीछे की, तो उसका काला, मोटा टोपा दिखा, जिसमें से हल्की-सी बू आ रही थी। मैंने साबुन लिया, लालू के लंड पर लगाया, और आगे-पीछे करने लगी। “Hardcore Group Sex”

लालू के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं, “आह… भाभी जी… हाय…” मैंने उसकी चौड़ी छाती पर भी साबुन लगाया और कहा, “लालू, जहाँ तेरा दिल करे, मेरे जिस्म पर साबुन लगा।” वो खुश हो गया। उसने मेरी गर्दन, मम्मों, पीठ, मोटी गाँड, जाँघों, और आखिर में मेरी चूत की झाँटों पर साबुन लगाया।

फिर साबुन रखकर मेरे जिस्म पर हाथ फेरने लगा। मैंने कहा, “आराम से मजे ले, लालू।” वो मेरी गाँड पर हाथ फेरते हुए बोला, “हाय भाभी जी, आपकी गाँड कितनी गोरी और रसीली है।” फिर मेरे मम्मों को मसलने लगा, बोला, “लगता है मैं सपना देख रहा हूँ।”

उसका हाथ मेरी चूत पर आया, तो वो बोला, “भाभी जी, आप इतनी सुंदर हैं, जी चाहता है आपके जिस्म को चाटता रहूँ।” मैं भी गर्म हो चुकी थी। मैं उससे लिपट गई, मेरे मम्मे उसकी छाती से दब रहे थे, उसका मोटा लंड मेरी जाँघों को चुभ रहा था। मेरी चूत पानी छोड़ रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैंने लालू का लंड पकड़कर आगे-पीछे करते हुए कहा, “हाय लालू, तेरा ये काला लंड मेरी चूत में घुसा लूँ, पर इतना मोटा है, शायद ना जाए।” मैंने उसकी एक उंगली पकड़कर अपनी चूत में डाली और कहा, “इसे आगे-पीछे कर, मुझे शांत कर दे।” मैं उसके लंड को मसल रही थी, और उसने मेरा एक मम्मा मुँह में लिया, चूसने लगा। “Hardcore Group Sex”

हम दोनों की सिसकारियाँ गूँज रही थीं। थोड़ी देर बाद मेरी चूत शांत हुई, पर लालू का लंड अभी भी खड़ा था। मैंने कहा, “चल लालू, कपड़े पहन, घर चलते हैं। खाना खाकर तेरा कुछ सोचते हैं।” वो मान गया, पर उसका लंड वैसा ही तना रहा। हम दोनों घर आ गए और खाना खाने बैठे।

तभी मेरे पति विजय का फोन आया। वो बोले, “शिखा, मैं आज कंपनी के काम से शहर जा रहा हूँ, कल लौटूँगा। मोती घर पर है, फिर भी तुम लालू को बरामदे में सुला लेना।” ये सुनकर मैं उदास हो गई। मेरी चूत में आग लगी थी, चुदवाने का मन था, पर विजय आज रात नहीं आने वाले थे।

खैर, हमने खाना खाया, मोती को खिलाया, और मैं और लालू बरामदे में बैठकर बातें करने लगे। मैंने लालू से कहा, “तेरे भैया आज नहीं आएँगे, तू रात को यहीं सो जाना। और हाँ, शाम को नहाते वक्त अपने नीचे के बाल साफ कर ले, कितने बड़े-बड़े हैं। तेरे भैया तो चमका के रखते हैं।”

लालू शरमाया, बोला, “भाभी जी, आपके नीचे की झाँटें भी तो घनी हैं, पर गोरे जिस्म पर बहुत सेक्सी लगती हैं। कभी मत काटना।”

मैं हँसी, और हमने चाय पी। फिर लालू खेतों में काम करने चला गया। शाम को लालू नहा-धोकर लूँगी और बनियान पहनकर आया। मैंने कहा, “ड्योढ़ी का दरवाजा बंद कर दे और घोड़ी को बाजरा खिला दे।” हम अपनी लाल घोड़ी को ड्योढ़ी में बाँधते हैं। लालू घोड़ी को बाजरा खिलाने लगा, और मैं रसोई में खाना पकाने लगी।

खाना बनाकर मैं बाथरूम में नहाने गई। नहाकर निकली तो मैंने पिंक नाइटी पहनी, जिसमें मेरी काली ब्रा और पैंटी साफ दिख रही थीं। मेरे जिस्म से पॉन्ड्स बॉडी लोशन की खुशबू फैल रही थी, और मेरे मम्मे नाइटी में उभरे हुए थे। हमने खाना खाया, फिर लालू का बिस्तर बरामदे में लगाया। वो अपने बिस्तर पर बैठ गया, और मोती भी दरी पर लेट गया। “Hardcore Group Sex”

मैं अंदर गई, टीवी ऑन किया, और हॉल के बेड पर लेटकर टीवी देखने लगी। लेकिन मेरी आँखों के सामने लालू का मोटा, काला लंड घूम रहा था। मेरी चूत गीली हो रही थी, पर मैं डर रही थी कि अगर उसका गधे जैसा लंड मेरी चूत में लिया तो शायद चूत फट जाए। विजय को क्या मुँह दिखाऊँगी?

फिर मैंने लालू को पुकारा, “अंदर आ, थोड़ी देर टीवी देख ले।”

लालू मेरे बेड के पास सोफे पर बैठ गया। टीवी पर हिंदी फिल्म में एक रोमांटिक सीन आया।

लालू शरमाकर उठने लगा, तो मैंने रोका, “क्या हुआ?”

वो बोला, “भाभी जी, ट्यूबवेल वाली बात याद आ गई, मेरा मन खराब हो रहा है।”

मैंने टीवी बंद किया और कहा, “बैठ, थोड़ी बातें करते हैं।”

वो सोफे पर बैठ गया, मेरी तरफ देखने लगा।

मैंने चिढ़ाते हुए पूछा, “सिर्फ मन खराब हुआ, या तेरा लंड भी खड़ा हो रहा था?”

लालू ने नजरें झुका लीं, कुछ नहीं बोला।

मैंने पूछा, “कभी इंग्लिश फिल्म देखी?”

वो बोला, “शहर के सिनेमा हॉल में एक-दो बार देखी, पर उनमें तो बस लड़ाई और थोड़े गंदे सीन होते हैं।”

मैंने कहा, “दूसरी वाली देखी? जिसमें चुदाई होती है, सब नंगे होते हैं।”

वो बोला, “सुना है, पर कभी नहीं देखी।”

मैंने कहा, “आज मैं तुझे ऐसी फिल्म दिखाती हूँ, पर कसम खा, ट्यूबवेल वाली बात और ये फिल्म किसी को नहीं बताएगा।”

लालू बोला, “भाभी जी, मैं बच्चा नहीं हूँ। भैया को पता चला तो गोली मार देंगे।”

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मैंने एक पोर्न सीडी निकाली और टीवी पर लगा दी। स्क्रीन पर एक नंगा लड़का एक औरत के मम्मों को चूस रहा था, और वो औरत उसका लंड पकड़कर हिला रही थी। मेरी चूत गीली होने लगी, और लालू अपनी लूँगी के ऊपर से लंड मसलने लगा। मैं बेड पर लेटी थी, मैंने नाइटी ऊपर खींची, अपनी गोरी जाँघें नंगी कीं, और पैंटी के ऊपर से चूत रगड़ने लगी। “Hardcore Group Sex”

मैंने आहिस्ता से कहा, “लालू, तेरा भी मन मम्मे चूसने का कर रहा है?”

उसने शरमाते हुए हाँ में सिर हिलाया।

मैंने कहा, “कपड़े उतार और मेरे पास बेड पर आ, मेरे मम्मे चूस ले।”

लालू ने बनियान उतारी, मेरे पास बेड पर बैठ गया। मैंने नाइटी और ब्रा उतार दी, और उसका मुँह अपने मम्मे से लगाया, बोली, “चूस ले।” उसका एक हाथ मेरे दूसरे मम्मे पर रख दिया। मैंने उसकी लूँगी खोली, उसका मोटा, काला लंड पकड़ा, और पोर्न वाली औरत की तरह हिलाने लगी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

लालू जोश में आकर मेरे मम्मों को बारी-बारी चूसने लगा, उसके निप्पल चूसने से मेरी चूत और गीली हो गई। उसका लंड गधे जैसा सख्त और बड़ा हो गया था। टीवी पर औरत ने गाँड ऊपर उठाई, और लड़का उसकी चूत चाटने लगा। मैंने लालू से कहा, “ऐसे मेरी चूत चाटेगा?”

 वो बोला, “हाँ, चाटूँगा।”

मैंने पैंटी उतारी, गद्दा फर्श पर बिछाया, टीवी की तरफ मुँह करके घुटनों के बल बैठी, गाँड ऊपर उठाई, और टाँगें चौड़ी कीं। लालू मेरे पीछे आया और मेरी झाँटों वाली चूत को चाटने लगा। उसकी जीभ मेरी चूत के दाने को छू रही थी, और मैं सिसकारियाँ भरने लगी, “आह… लालू… हाय… और चाट…” वो ऐसे चाट रहा था जैसे मेरी चूत खा जाएगा।

टीवी पर औरत ने लड़के का लंड मुँह में लिया। मैंने लालू से कहा, “ऐसा कर।” वो मेरे सामने टाँगें फैलाकर लेट गया। उसका लंड इतना बड़ा था कि मुँह में नहीं आ सकता था। मैंने उसका सुपारा चाटना शुरू किया, खाल पीछे खींचकर उसकी गंध सूँघी। तभी मोती दरवाजा खोलकर अंदर आ गया और मेरी चूत चाटने लगा।

मैं पहले से गर्म थी, लालू का लंड पकड़कर और गर्म हो गई, और मोती की जीभ से मेरी चूत में आग लग गई। मैंने टाँगें और फैलाईं, गाँड ऊपर की, तो मोती की जीभ मेरी चूत के अंदर तक गई। मेरा दिल चुदवाने को मचल रहा था। मोती मेरे मुँह के पास आया और लालू का लंड सूँघने लगा। “Hardcore Group Sex”

मैंने एक हाथ मोती के लंड पर फेरा, तो वो रुक गया। मैं लालू का लंड चाट रही थी और मोती का लंड हिला रही थी। तभी मोती ने कमर हिलाई, मैंने उसका लंड छोड़ा। वो मेरे पीछे गया, मेरे ऊपर चढ़ा, और अपनी टाँगों से मेरी कमर कस ली। उसका गरम, पतला लंड मेरी चूत को छूने लगा।

मैंने उसे अपनी चूत पर सेट किया, और वो जोर-जोर से धक्के मारने लगा। मुझे मजा आने लगा, पर एक जोरदार धक्के से मेरी चीख निकल गई। लगा जैसे मेरी चूत फट गई, और मैं बेहोश-सी हो गई। मोती ने पकड़ ढीली की और मेरी पीठ पर ढेर हो गया। मैं दर्द से कराह रही थी। जब होश आया, तो पसीने से भीगी थी।

लालू मुझे पानी पिला रहा था, और मोती का लंड मेरी चूत में फँसा था। मैं टेढ़ी हुई, तो मोती ने पलटकर अपनी गाँड मेरी गाँड से चिपकाई। थोड़ी देर बाद मोती का लंड मेरी चूत में फूलने लगा, छोटे-छोटे झटके देने लगा। मैं फिर गर्म हो गई। मैंने लालू को पास बुलाया, उसकी लूँगी खोली, और उसका मोटा लंड चाटने लगी।

मोती के झटके तेज हुए, मैं लालू का लंड जोर-जोर से हिलाने लगी, और आहें भरने लगी। जब मैं झड़ने लगी, मोती ने मेरी चूत में पिचकारी मारी, और मैं शांत हो गई। मोती ने जोर लगाकर अपना लंड निकाला। मेरी चूत का मुँह खुला रहा, उसमें से पानी टपक रहा था, जो मैंने टॉवल पर गिराया। “Hardcore Group Sex”

मैंने चूत साफ की, तो देखा मोती अपना लंड चाट रहा था—एक फुट लंबा, मेरी कलाई से मोटा। मैं लालू का सहारा लेकर बाथरूम गई, गरम पानी और साबुन से चूत और जाँघें धोईं, क्रीम लगाई, और बेड पर लेट गई। लालू सोफे पर लूँगी पहने बैठा था। मैं नंगी लेटी थी।

मैंने कहा, “लालू, आज मेरे साथ सो जा।”

वो मेरे पास लेट गया। मैंने चादर ओढ़ी, उसे बाहों में लिया, और उसके होंठ चूसने लगी। मेरा हाथ उसकी लूँगी पर गया—उसका लंड अभी भी तना था। मैंने लूँगी खोली, ढेर सारी क्रीम लेकर उसके लंड पर लगाई, और मुठ मारने लगी, बोली, “आज तेरा पानी निकालूँगी।”

लालू आहें भर रहा था, पर पानी नहीं निकला। मैं पीठ के बल लेटी, टाँगें फैलाईं, और लालू को अपने ऊपर खींचा। उसका लंड मेरी चूत पर घिसने लगी, और बोली, “चूत में घुसाने की कोशिश कर।” लालू ने सुपारा चूत पर रखा और जोर लगाया। मैं चीख पड़ी, दर्द असहनीय था। “Hardcore Group Sex”

लालू बोला, “भाभी जी, रहने दो, आप नहीं झेल पाएँगी। आप औरत हैं, घोड़ी थोड़े हैं।”

वो मेरे साथ लेट गया। उसकी बात से मुझे घोड़ी का ख्याल आया। मैंने कहा, “लालू, एक बात कहूँ, बुरा तो नहीं मानेगा?”

वो बोला, “भाभी जी, आपने मेरे लिए इतना किया, मोती का लंड भी सहा। मैं बुरा कैसे मानूँगा?”

मैंने लालू से पूछा, “कभी घोड़ी को चोदा?”

वो बोला, “भाभी जी, बेजुबान जानवर के साथ ज़बरदस्ती करना पाप है।”

मैंने हँसकर कहा, “अरे लालू, अगर घोड़ी बोल सकती, तो हर पल मर्द से चुदवाती। घोड़ी अपनी मर्ज़ी से चुदवाकर मज़ा लेती है। बड़े-बड़े राजा-महाराजा भी घोड़ी को चोदते थे। औरत से ज़्यादा मज़ा देती है, और गर्भ का डर भी नहीं।” लालू शरमाया, बोला, “मुझे घोड़ी चोदना नहीं आता।”

मैंने कहा, “चल, मैं सिखाती हूँ।”

मैंने चादर लपेटी, लालू ने लूँगी पहनी, और हम घोड़ी के तबेले में गए। लाइट जलाई, दरवाज़ा बंद किया। घोड़ी आराम से खड़ी थी। हमने उसे बाजरा खिलाया, वो खुश हो गई। मैंने उसकी गर्दन सहलाई, फिर पीठ पर हाथ फेरा। धीरे-धीरे मेरा हाथ उसके कूल्हों तक गया।

मैंने उसकी दुम के नीचे उंगलियाँ डालने की कोशिश की, पर उसने दुम चूत से चिपकाई हुई थी। वो मुझे देखने लगी। मैंने प्यार से पुचकारा, तो उसने दुम धीरे-धीरे उठाई। मेरी उंगलियाँ उसकी चूत तक पहुँचीं। मैंने उसकी चूत की दरार सहलाई, और वो मज़े में दुम और ऊपर उठाने लगी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैंने उंगलियाँ उसकी चूत में डालीं, और ऊपर-नीचे करने लगी। घोड़ी ने टाँगें चौड़ी कीं, झुकी, और थोड़ा पेशाब कर दिया। उसकी चूत से लसलसा पानी टपकने लगा। मैं समझ गई, घोड़ी गर्म हो रही थी। मैंने दो उंगलियाँ और डालीं, और तेज़ी से आगे-पीछे की। घोड़ी आँखें बंद करके मज़े ले रही थी। “Hardcore Group Sex”

मैंने लालू से कहा, “अब अपना लंड ले आ।” उसने लूँगी उतारी, अपने काले, मोटे, तने लंड को पकड़ा, और घोड़ी के पीछे खड़ा हो गया। मैंने कहा, “दुम पकड़, और लंड को चूत के पास ला।” मैंने लालू का लंड पकड़ा, सहलाया, और घोड़ी की गीली चूत पर घिसा। घोड़ी की चूत खुल-बंद हो रही थी।

मेरी और लालू की साँसें तेज़ थीं। मैंने लालू के सुपारे को चूत की दरार पर रगड़ा, जो घोड़ी के चिकने पानी से गीला हो गया। मैंने सुपारा चूत पर अच्छे से घुमाया, जिससे चूत पूरी गीली हो गई। फिर मैंने लालू के लंड को चूत के मुँह पर सेट किया और कहा, “घोड़ी चुदने को तैयार है। धीरे-धीरे लंड डाल, पर ज़ोर का धक्का मत मारना, वरना गुस्सा हो जाएगी।”

लालू ने धीरे से जोर लगाया, और सुपारा चूत में घुस गया। उसने थोड़ा बाहर खींचा, फिर दोबारा डाला। आधा लंड अंदर गया। एक और धक्के में पूरा लंड घोड़ी की चूत में समा गया। लालू बोला, “भाभी जी, मेरा पूरा लंड अंदर गया।” मैंने खुश होकर उसकी पीठ थपथपाई, और उसके काले गाल पर चुम्मा लिया।

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मैंने कहा, “अब धीरे-धीरे धक्के मार।” लालू ने धक्के शुरू किए। घोड़ी आँखें बंद करके मज़े ले रही थी। लालू का जोश बढ़ गया, वो तेज़-तेज़ धक्के मारने लगा, बोला, “भाभी जी, ऐसा लग रहा है जैसे मैं आपकी चूत चोद रहा हूँ। हाय, कितनी गर्म है! मम्मा मेरे मुँह में डाल दो, चूसना चाहता हूँ।”

मैंने चादर उतारी, और अपने मम्मे उसके मुँह के पास ले गई। वो एक मम्मा चूसने लगा, और तेज़ धक्के मारने लगा। उसका लंड गधे जैसा फूल गया था। चुदाई देखकर मेरी चूत में आग लग रही थी। मैं चाहती थी कि कोई मेरी चूत भी फाड़ दे। मैंने दरवाज़ा खोला, मोती को पुकारा। “Hardcore Group Sex”

वो दौड़कर आया। मैंने चादर फेंकी, सूखी घास पर घुटनों के बल बैठी, गाँड ऊपर की, और टाँगें फैलाईं। मैंने मोती से कहा, “मेरी चूत का पानी चाट ले।” मोती ने मेरी चूत चाटना शुरू किया। उसकी जीभ मेरी चूत के दाने को छू रही थी, और मैं सिसकारियाँ भरने लगी।

मोती मेरे ऊपर चढ़ा, और उसका पतला, गरम लंड मेरी चूत में घुसने लगा। मैंने उसका साथ दिया, और वो जोर-जोर से धक्के मारने लगा। एक ज़ोरदार धक्के में उसका पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया। इस बार दर्द कम था, मज़ा ज़्यादा। मोती रुका, और उसके लंड के छोटे-छोटे झटके मेरी बच्चेदानी पर लग रहे थे।

मैं मज़े में आहें भर रही थी। जब मोती उतरने लगा, मैंने उसके पंजे पकड़ लिए, बोली, “रुक, मज़ा आ रहा है।” थोड़ी देर बाद मैं झड़ने लगी। मैंने पंजे छोड़े, मोती उतरा, पर उसका लंड मेरी चूत में फँसा रहा। उधर लालू फचाफच धक्के मार रहा था। अचानक उसने ज़ोर की सिसकारी भरी, और घोड़ी की चूत में झड़ गया।

मोती ने भी मेरी चूत में पिचकारी मारी, और लंड बाहर निकाला। मैं और लालू हाँफते हुए एक-दूसरे से लिपट गए। उसने अपनी लूँगी से मेरा चूत और अपना लंड साफ किया। घोड़ी ने पेशाब करके लालू का माल बाहर निकाला। मोती अपना लंड चाटने लगा। मैं और लालू बेडरूम में आए, और लिपटकर सो गए।

अगले दिन विजय का फोन आया, बोले, “शिखा, शायद आज रात भी न आ पाऊँ। लालू को बुला लेना।” दोपहर को लालू खाना खाने आया। मैंने कहा, “शाम को फिर आ जाना, भैया शायद न आएँ।” शाम को लालू नहा-धोकर आया, घोड़ी को बाजरा खिलाया, और बरामदे में बैठ गया।

मैंने खाना बनाया, नहाया, और खुशबूदार बॉडी लोशन लगाया। मैं नंगी थी, लालू को बाथरूम बुलाया, बोली, “मेरी पीठ पर लोशन लगा दे।” वो लोशन लगाते-लगाते गर्म हो गया। मेरे मम्मों, गाँड, जाँघों, और चूत पर हाथ फेरने लगा। मैंने कहा, “अगर भैया न आए, तो रात भर प्यार करेंगे।” वो खुश हो गया। “Hardcore Group Sex”

मैंने लाल ब्रा-पैंटी और नीली नाइटी पहनी, हल्का मेकअप किया, और बाल सेट किए। तभी विजय की कार की आवाज़ आई। लालू ने ड्योढ़ी का दरवाज़ा खोला, विजय ने कार पार्क की। लालू ने उनके पैर छुए, उनका सामान अंदर रखा। विजय कमरे में आए। मैंने उन्हें गले लगाने की कोशिश की, पर वो बोले, “पहले नहा लूँ।”

मैं समझ गई, वो किसी को चोदकर आए हैं। वो बाथरूम गए, मैं चाय बनाने लगी, सोचने लगी, “पता नहीं किसकी चूत मारकर इतने खुश हैं।” विजय स्लीपिंग गाउन पहनकर आए। हम चाय पीने लगे। मैंने लालू को चाय दी, पर वो बोला, “भाभी जी, खाना दे दो, मैं क्वार्टर में जाऊँ। भैया आ गए, मेरा क्या काम?”

विजय बोले, “रुक, आज पार्टी करेंगे।”

लालू अंदर आया, मैट पर बैठ गया। विजय ने व्हिस्की की बोतल निकाली। मैंने रोस्टेड चिकन गरम किया, जो विजय मार्केट से लाए थे। विजय ने तीन गिलासों में व्हिस्की डाली, सोडा मिलाया।

लालू ने मना किया, बोला, “मैं शराब नहीं पीता।”

विजय बोले, “थोड़ा पी ले, थकान मिटेगी।”

मैंने कहा, “पी ले, कुछ नहीं होगा।”

लालू ने एक पैग पिया। हमने चिकन खाते हुए दो-दो पैग और लगाए। लालू ने सिर्फ़ दो पिए। विजय ने एक पटियाला पैग और ठोंका। उन्हें नशा चढ़ गया, मुझे भी हल्का सरूर हुआ। विजय ने मुझे गोद में बिठाया, मेरे मम्मे दबाए, गाल चूमने लगे। लालू नज़रें झुकाकर उठने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैंने विजय से कहा, “छोड़ो, लालू देख रहा है।” मैंने लालू से कहा, “बैठ, खाना लाती हूँ।”

हमने टीवी देखते हुए खाना खाया। विजय ने लालू से मज़ाक में पूछा, “तू भाग क्यों रहा था?”

लालू शरमाया, बोला, “शरम आ रही थी।”

विजय बोले, “आजकल शरम कौन करता है? लड़के तो नंगी औरतें देखकर चोदने के सपने देखते हैं। बता, तेरा लंड खड़ा होता है या नहीं?”

लालू बोला, “होता है, पर मेरे नसीब में कहाँ?”

विजय ने ब्लू फिल्म लगाई। स्क्रीन पर नंगी लड़कियाँ मस्ती कर रही थीं—कोई मम्मे चूस रही थी, कोई चूत में उंगली डाल रही थी, कोई लंड चूस रही थी।

विजय ने पूछा, “कैसी लगीं?”

लालू बोला, “अच्छी हैं, पर पतली हैं। इनके मम्मे छोटे हैं।”

विजय बोले, “खाना ख़त्म होने पर मोटे मम्मों वाली दिखाऊँगा।”

खाना ख़त्म हुआ, विजय ने दूसरी फिल्म लगाई, जिसमें एक गोरा लड़का काली औरत को चोद रहा था।

लालू बोला, “लड़के का लंड छोटा है।”

विजय ने पूछा, “कभी औरत को चोदा?”

लालू बोला, “नहीं।”

विजय ने कहा, “कभी चुदाई देखी?”

लालू बोला, “किसको देखता?”

विजय ने मेरी नाइटी ऊपर उठाकर मेरी गाँड नंगी कर दी, बोले, “आज लालू के सामने चुदाई करेंगे।”

मैंने मना किया, पर विजय ने मेरी नाइटी उतारी, मुझे पूरा नंगा कर दिया। मैंने टाँगें मिलाकर चूत और हाथों से मम्मे छुपाए, बोली, “लालू से शरम आ रही है।”

विजय बोले, “लालू सीखेगा, इसकी शादी होने वाली है।”

फिर लालू से पूछा, “सुना है तू अपनी मंगेतर सोनिया से मिलता है। उसे चोदा?”

लालू बोला, “कोशिश की, पर चोद न सका। वो रिश्ता तोड़ना चाहती है।”

विजय ने पूछा, “तेरा लंड खड़ा नहीं होता?”

लालू बोला, “लोहे जैसा सख्त होता है, पर अंदर नहीं जाता।”

विजय बोले, “कितना बड़ा है?”

लालू बोला, “इतना बड़ा कि कोई औरत ले नहीं सकती। इसीलिए शादी टूट रही है।”

विजय बोले, “आज तेरा लंड खड़ा करवाते हैं। हमारी चुदाई देखकर खड़ा होगा?”

लालू बोला, “मुझे बाहर जाने दो, भाभी जी को नंगा नहीं देख सकता।”

विजय बोले, “तेरी अंटी सुंदर नहीं? इसका जिस्म देखकर तेरा लंड नहीं तनेगा?”

लालू बोला, “आप दोनों बहुत अच्छे हो। भाभी जी जैसी कोई नहीं।”

विजय बोले, “सोफे पर बैठ, और देख।”

विजय ने मेरी टाँगें चौड़ी कीं, मेरी चूत पर हाथ फेरा, बोले, “कैसी है अंटी की चूत?”

लालू बोला, “प्यारी है।”

विजय ने मेरी चूत में उंगली डाली, मेरी चूत पानी छोड़ने लगी। विजय ने गीली उंगली निकालकर लालू से कहा, “कैसी है अंटी की गाँड और चूत?”

लालू बोला, “बहुत सुंदर।”

विजय बोले, “चाटने का मन नहीं करता?”

लालू बोला, “बहुत करता है।”

विजय बोले, “आ, जी भरके चाट ले।”

वो मेरे सामने लेट गए, बोले, “मेरा लंड चूस।”

मैंने विजय का लंड मुँह में लिया। लालू मेरी चूत चाटने लगा। विजय का लंड सख्त हो गया, वो मेरे मुँह में धक्के मारने लगे। लालू की जीभ ने मेरी चूत में आग लगा दी। मैंने विजय का लंड निकाला, आहें भरी, और बोली, “अब अपना लंड मेरी चूत में डालकर चोद डालो।”

विजय ने लालू से पूछा, “तेरा लंड खड़ा हुआ?”

लालू बोला, “लोहे जैसा सख्त है, फट जाएगा।”

विजय बोले, “कपड़े उतार, दिखा।”

लालू ने लूँगी और बनियान उतारी। विजय ने उसका लंड देखा, बोले, “क्या गधे जैसा लंड है! तू कितना किस्मतवाला है।”

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : बाथरूम में घुस कर छोटी बहन को चोदा

विजय ने पॉन्ड्स कोल्ड क्रीम ली, मेरी चूत और लालू के लंड पर खूब लगाई। लालू का लंड मेरी चूत पर रखा, बोले, “धीरे-धीरे घुसा।” मैंने मना किया, बोली, “ये नहीं जाएगा।” लालू भी डर गया। विजय ने नई पोर्न फिल्म लगाई, जिसमें काले मर्दों के बड़े लंड से औरतें चूत और गाँड मरवा रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

विजय बोले, “देख, औरतें बड़े लंड कैसे लेती हैं। थोड़ा दर्द होगा, फिर मज़ा आएगा।”

मैंने सोचा, मोती का लंड तो गया था, शायद लालू का भी जाए। मैंने क्रीम ली, लालू के सुपारे और अपनी चूत के अंदर लगाई। मुस्कुराकर बोली, “लालू, अब मेरा चीख निकले या चूत फटे, तेरा लंड घुसा दे।” मैंने टाँगें चौड़ी कीं, सिर विजय की गोद में रखा, और लालू का लंड चूत पर सेट किया। लालू ने मेरी कमर पकड़ी, और धीरे-धीरे जोर लगाया। मेरी चीख निकली, उसका लंड सरकता हुआ अंदर गया। “Hardcore Group Sex”

वो रुका, बोला, “भाभी जी, आधा घुस गया।”

मैंने कहा, “थोड़ा बाहर निकाल, फिर जोर से डाल।”

उसने ऐसा किया, बोला, “थोड़ा बाकी है, बाकी सारा घुस गया।”

मैंने कहा, “रुक, धीरे-धीरे धक्के मार।”

लालू ने धक्के शुरू किए। मुझे मज़ा आने लगा। मैंने विजय का लंड फिर मुँह में लिया, चूसने लगी। लालू की स्पीड बढ़ी, मैं बोली, “तेज़ धक्के मार, मेरी चूत फाड़ दे।” विजय का लंड सख्त हुआ, उन्होंने मेरे मुँह में पिचकारी मारी। मैंने सारा पानी पी लिया, और लंड चाटकर साफ किया।

विजय मेरे पीछे गए, लालू के लंड को अंदर-बाहर होते देखने लगे, और हमारी पीठ थपथपाने लगे। मैं गाँड हिलाकर चुदवाने लगी, बोली, “लालू, और तेज़, फाड़ दे!” मैं झड़ गई। लालू ने मेरी कमर कसकर पकड़ी, तेज़ धक्के मारे, और मेरी चूत में पिचकारी छोड़कर मेरी पीठ पर ढेर हो गया। “Hardcore Group Sex”

विजय ने मोती को बुलाया। मोती ने लालू का लंड चाटा, फिर मेरी चूत साफ की। मोती की जीभ से मैं फिर गर्म हो गई। मोती मेरे ऊपर चढ़ा, मेरी कमर जकड़ी, और तेज़ धक्के मारने लगा। विजय उसे हटाने लगे, पर तब तक मोती का लंड मेरी चूत में घुस चुका था। दस मिनट तक वो मेरी चूत में फँसा रहा, फिर झड़ गया, और लंड निकालकर चाटने लगा। मैं मुश्किल से बाथरूम गई, चूत धोई, और बेड पर लेट गई।

लालू बाहर जाने लगा, बोला, “भैया, एक काम कर दो। मेरी शादी टूटने से बचा लो।”

विजय बोले, “क्या करना होगा?” ला

लू बोला, “मेरी मंगेतर सोनिया की चूत खोल दो, ताकि मेरा लंड उसमें जाए।”

विजय बोले, “उसे ले आ, मैं चोद दूँगा।”

लालू खुश होकर सोने चला गया। अगली सुबह मैं जल्दी उठी। विजय खेतों में जा चुके थे। मैं बरामदे में गई, तो लालू अपने बिस्तर पर गहरी नींद में था। उसकी लूँगी थोड़ी खिसकी हुई थी, और उसका मोटा, काला लंड आधा बाहर झाँक रहा था, जैसे कोई सोया हुआ साँप। उसकी लंबाई और मोटाई देखकर मेरी चूत में फिर से आग लग गई।

मैंने सोचा, “रात को विजय सोनिया को चोदेंगे, पर उससे पहले मैं लालू के लंड का मज़ा ले लूँ।” लेकिन मैंने खुद को रोका। आज सोनिया आने वाली थी, और उसकी कुंवारी चूत को तैयार करना था। मैंने लालू को जगाया, “उठ, लालू, काम पर जा। और हाँ, शाम को सोनिया को ले आना। भैया ने वादा किया है, उसकी चूत खोल देंगे।”

लालू शरमाते हुए बोला, “भाभी जी, सच में भैया सोनिया को चोद देंगे? वो मेरे लंड से बहुत डरती है। उसने कहा, इतना बड़ा लंड उसकी चूत फाड़ देगा।”

मैंने हँसकर कहा, “तेरे भैया का लंड भी तो लोहे जैसा सख्त है। वो सोनिया की चूत को धीरे-धीरे खोल देंगे। तू फिक्र न कर, आज तेरा काम हो जाएगा।”

लालू के चेहरे पर मुस्कान आ गई, और वो खेतों में चला गया। मैंने घर का काम निपटाया, मोती को खाना खिलाया, और घोड़ी को बाजरा डाला। फिर मैं नहाने गई। गर्म पानी मेरे गोरे जिस्म पर गिर रहा था, मेरे मम्मे और झाँटों वाली चूत पर साबुन मलते हुए मैंने सोचा, “सोनिया को देखकर जलन तो होगी, पर उसकी चुदाई देखने का मज़ा भी कुछ और होगा।”

मैंने लाल साड़ी पहनी, जिसमें मेरे बड़े-बड़े मम्मे और रसीली गाँड उभर रहे थे। नीचे मैंने काली पैंटी पहनी, जिसमें मेरी घनी झाँटें हल्की-सी दिख रही थीं। मैंने हल्का मेकअप किया, होंठों पर लाल लिपस्टिक लगाई, और बालों को खुला छोड़ा। मेरे जिस्म से पॉन्ड्स बॉडी लोशन की खुशबू फैल रही थी। “Hardcore Group Sex”

मैं तैयार होकर रसोई में खाना बनाने लगी। शाम को लालू सोनिया को लेकर आया। सोनिया जवान थी, उम्र कोई 22 साल, रंग साँवला, कद मध्यम, और जिस्म भरा हुआ। उसके मम्मे मेरे जितने बड़े नहीं थे, पर गोल, टाइट, और उभरे हुए थे। उसकी गाँड गोल और रसीली थी, और उसने हरी सलवार-कुर्ता पहना था, जिसमें उसकी चूत का उभार साफ दिख रहा था। उसकी आँखों में शरम और डर दोनों थे, जैसे वो जानती हो कि आज कुछ बड़ा होने वाला है।

मैंने सोनिया को गले लगाया, बोली, “आ, सोनिया, हमारे घर में तेरा स्वागत है।”

वो शरमाकर बोली, “भाभी जी, लालू ने आपके और भैया की बहुत तारीफ की। आप लोग बहुत अच्छे हैं।”

मैंने हँसकर कहा, “अरे, आज तुझे पता चलेगा, हम कितने अच्छे हैं। बैठ, खाना खाते हैं।”

हम सबने खाना खाया। सोनिया बार-बार लालू की तरफ देख रही थी, और लालू शरमाते हुए मेरी और विजय की तरफ। खाने के बाद विजय खेतों से लौटे। सोनिया ने उनके पैर छुए। विजय ने उसे ऊपर से नीचे तक देखा, उसकी सलवार में उभरी चूत और मम्मों पर नज़र टिकाई, और बोले, “लालू, तूने तो मस्त माल पकड़ा है। सोनिया, तू तो बिल्कुल जवान गाय जैसी है।” सोनिया का चेहरा लाल हो गया। “Hardcore Group Sex”

विजय बोले, “चलो, आज फिर पार्टी करते हैं।”

उन्होंने व्हिस्की की बोतल निकाली, चार गिलासों में पैग बनाए, और फ्रिज से ठंडा सोडा लिया। सोनिया ने मना किया, “भैया, मैं शराब नहीं पीती।”

मैंने कहा, “सोनिया, थोड़ा पी ले, मन हल्का हो जाएगा। आज तुझे मज़ा लेना है।”

लालू ने भी कहा, “सोनिया, भाभी जी ठीक कह रही हैं। पी ले।”

सोनिया ने डरते-डरते एक पैग पिया। हमने चिकन और सलाद खाते हुए बातें की। विजय ने दो पैग और ठोंके, मुझे भी हल्का नशा चढ़ गया। सोनिया का चेहरा लाल हो गया, और वो हल्के-हल्के हँसने लगी। लालू ने सिर्फ़ दो पैग पिए, और तीसरे से मना कर दिया। “Hardcore Group Sex”

विजय ने टीवी ऑन किया, और वही ब्लू फिल्म लगाई, जिसमें नंगी लड़कियाँ मस्ती कर रही थीं। एक लड़की दूसरी के मम्मे चूस रही थी, कोई चूत में उंगली डाल रही थी, और कोई लंड को मुँह में लेकर चाट रही थी। सोनिया शरमाकर नज़रें झुकाने लगी, उसका चेहरा और लाल हो गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

विजय बोले, “सोनिया, शरमाओ मत। ये देख, औरतें कितने मज़े से चुदवाती हैं। तू भी आज ऐसा ही मज़ा लेगी।”

सोनिया बोली, “भैया, मुझे बहुत शरम आ रही है। मैंने कभी ऐसा नहीं किया।”

मैंने उसका हाथ पकड़ा, बोली, “सोनिया, डर मत। हम सब यही चाहते हैं कि तू और लालू खुश रहो। तेरी चूत को आज भैया तैयार करेंगे, ताकि लालू का लंड उसमें जा सके।”

विजय ने मेरी साड़ी का पल्लू खींचा। मेरा ब्लाउज़ मेरे मम्मों को मुश्किल से संभाल रहा था। वो बोले, “लालू, सोनिया को सिखा, औरत का जिस्म कैसे सहलाते हैं।” लालू ने सोनिया का हाथ पकड़ा, पर वो डर रही थी, बोली, “लालू, मुझे डर लग रहा है।” मैंने सोनिया की सलवार का नाड़ा खोला, और उसका कुर्ता उतार दिया।

उसकी काली ब्रा में उसके टाइट मम्मे चमक रहे थे, जैसे दो पके हुए आम। मैंने उसकी ब्रा खोली, और उसके गोल, सख्त मम्मे आज़ाद हो गए। उनके निप्पल गहरे भूरे और सख्त थे। विजय ने एक मम्मा पकड़ा, धीरे से दबाया, बोले, “क्या मस्त माल है, सोनिया! तेरे मम्मे तो लालू को पागल कर देंगे।”

सोनिया सिसकारी, “भैया, क्या कर रहे हो? मुझे शरम आ रही है।”

मैंने उसकी पैंटी उतारी। उसकी चूत पर हल्की-सी झाँटें थीं, और चूत का मुँह इतना टाइट कि एक उंगली भी मुश्किल से जाती।

मैंने विजय से कहा, “भैया, सोनिया तो बिल्कुल कुंवारी है। इसका मुँह बहुत टाइट है।”

विजय ने सोनिया की चूत सहलाई, बोले, “हाँ, ये तो बिल्कुल नई है। सोनिया, डर मत, मैं इसे धीरे-धीरे खोल दूँगा।”

सोनिया बोली, “भैया, मुझे डर लग रहा है। लालू का लंड बहुत बड़ा है।”

विजय हँसे, “पहले मेरा लंड ले ले, फिर लालू का भी जाएगा।”

विजय ने सोनिया को सोफे पर लिटाया, उसकी टाँगें चौड़ी कीं, और उसकी चूत चाटने लगे। उनकी जीभ सोनिया की चूत के दाने को छू रही थी। सोनिया की सिसकारियाँ निकलने लगीं, “हाय… भैया… ये क्या… आह…” उसकी चूत धीरे-धीरे गीली हो रही थी। मैंने लालू की लूँगी उतारी, उसका लंड गधे जैसा तना हुआ था। “Hardcore Group Sex”

मैंने उसे मुठ मारना शुरू किया, और बोली, “लालू, देख, भैया तेरी सोनिया की चूत खोल रहे हैं।” लालू की साँसें तेज़ हो गईं, वो बोला, “भाभी जी, मेरा लंड फट जाएगा।” मैंने उसका सुपारा चाटा, उसकी गंध मेरे दिमाग में चढ़ गई। मैंने अपनी साड़ी और पेटीकोट उतार दिया, और नंगी होकर लालू के सामने घुटनों पर बैठ गई, बोली, “मेरी चूत चाट।”

लालू मेरी झाँटों वाली चूत चाटने लगा। उसकी जीभ मेरी चूत के अंदर तक जा रही थी, और मैं सिसकारियाँ भर रही थी, “हाय… लालू… और चाट…” तभी मोती अंदर आया, और मेरी गाँड सूँघने लगा। मैंने मोती को पास बुलाया, उसका पतला, गरम लंड पकड़ा, और हिलाने लगी।

विजय सोनिया की चूत चाट रहे थे, और अब उनकी उंगली धीरे-धीरे उसकी टाइट चूत में जा रही थी। सोनिया बोली, “भैया, दर्द हो रहा है।” विजय बोले, “बस थोड़ा सह ले, मज़ा आएगा।” उन्होंने पॉन्ड्स क्रीम ली, सोनिया की चूत और अपनी उंगली पर लगाई, और धीरे-धीरे दो उंगलियाँ अंदर डालीं। “Hardcore Group Sex”

सोनिया की चीख निकली, पर वो अब मज़े में थी।विजय ने अपनी पैंट उतारी, उनका लंड लोहे जैसा सख्त था। उन्होंने क्रीम अपने लंड पर लगाई, और सोनिया की चूत के मुँह पर सेट किया। सोनिया डर गई, “भैया, ये बहुत बड़ा है।” विजय बोले, “सोनिया, धीरे-धीरे डालूँगा।”

उन्होंने धीरे से जोर लगाया, और उनका सुपारा सोनिया की चूत में घुस गया। सोनिया की चीख निकली, “हाय… भैया… फट गई…” विजय रुके, उसे पुचकारा, और धीरे-धीरे आधा लंड डाला। सोनिया की आँखों में आँसू थे, पर वो अब सिसकारियाँ भी भर रही थी। विजय ने धीरे-धीरे धक्के मारे, और सोनिया की चूत गीली होकर खुलने लगी। वो बोली, “भैया… अब मज़ा आ रहा है… और करो…”

मैंने लालू का लंड चूसना शुरू किया। उसका सुपारा मेरे मुँह में मुश्किल से आ रहा था। मैंने उसकी खाल पीछे खींची, और उसका काला, मोटा टोपा चाटा। लालू सिसकारी, “भाभी जी, आपका मुँह तो आग जैसा गर्म है।” मैंने मोती का लnd अपनी चूत पर सेट किया, और वो मेरे ऊपर चढ़ गया। “Hardcore Group Sex”

उसका लंड मेरी चूत में आसानी से घुस गया, और वो तेज़-तेज़ धक्के मारने लगा। मैं आहें भर रही थी, “हाय… मोती… और तेज़…” विजय ने सोनिया को चोदा, और वो झड़ गए। सोनिया की चूत से पानी और हल्का खून टपक रहा था, क्योंकि वो कुंवारी थी। मैंने सोनिया को गले लगाया, बोली, “सोनिया, अब तू कुंवारी नहीं रही। अब लालू का लंड भी ले सकती है।”

विजय बोले, “लालू, अब तू ट्राई कर।” लालू ने सोनिया की चूत पर अपना लंड रखा। सोनिया डर गई, “नहीं, लालू, तेरा बहुत बड़ा है।” मैंने कहा, “सोनिया, क्रीम लगाकर धीरे-धीरे ले।” मैंने ढेर सारी क्रीम लालू के लंड और सोनिया की चूत पर लगाई। लालू ने धीरे से जोर लगाया, उसका सुपारा अंदर गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : छिनाल मामी अपने यार से चुदवाती

सोनिया की चीख निकली, “हाय… मर गई…” विजय ने उसकी पीठ सहलाई, बोले, “शाबाश, सोनिया, थोड़ा सह ले।” लालू ने धीरे-धीरे आधा लंड डाला, और रुक गया। सोनिया की साँसें तेज़ थीं, पर वो अब मज़े में थी। लालू ने धीरे-धीरे धक्के मारे, और सोनिया बोली, “लालू… अब मज़ा आ रहा है… और कर…”

मैं मोती की चुदाई का मज़ा ले रही थी। उसने मेरी चूत में पिचकारी मारी, और लंड निकालकर चाटने लगा। लालू ने सोनिया की चूत में तेज़ धक्के मारे, और वो भी झड़ गया। सोनिया की चूत से पानी और लालू का माल टपक रहा था। हम सब हाँफ रहे थे।

मैंने सोनिया को गले लगाया, बोली, “सोनिया, अब तू लालू का लंड ले सकती है। तेरी शादी पक्की।” सोनिया शरमाई, बोली, “भाभी जी, आप और भैया ने मेरी ज़िंदगी बना दी।” विजय बोले, “लालू, सोनिया को यहीं छोड़, कल फिर आना। हम रात को फिर मज़ा करेंगे।”

हमने खाना खाया। रात को विजय ने फिर ब्लू फिल्म लगाई। सोनिया अब शरमाना छोड़ चुकी थी। विजय ने मुझे और सोनिया को नंगा किया, और हम दोनों को बारी-बारी चोदा। लालू ने सोनिया की चूत चाटी, और मैंने मोती को फिर अपनी चूत पर बुलाया। घोड़ी बाहर बाजरा खा रही थी, और हम सब चुदाई के मज़े में डूब गए। सुबह लालू आया, और सोनिया को लेकर चला गया। विजय बोले, “शिखा, अब इनकी शादी में हम मज़े करेंगे।” और हमारी चुदाई की कहानी यहीं नहीं रुकी, बल्कि और रंगीन होती गई। “Hardcore Group Sex”

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