Desi Lesbian Story
नमस्कार, मेरा नाम सपना मेहता है और मैं अजमेर की रहने वाली हूँ। ये बात 2011 की है, जब मैं उन्नीस या बीस साल की थी। एक शाम मेरी मम्मी ने मुझे अपना सूट देके हमारी गली में रहने वाली टेलर आंटी के पास भेजा। मैं आंटी के घर गयी और उन्हें मम्मी का सूट दिया और चली आई, लेकिन मैंने आंटी बताना भूल गयी की उसमें करना क्या है। Desi Lesbian Story
उन्होंने ने भी कुछ पुछा नहीं और सूट अपने पास रख लिया। बात आयी गयी हो गयी, चार दिन बाद मेरी मम्मी ने मुझसे सूट लाने को कहा तो मैं टेलर आंटी के घर गयी, तब उन्होंने मुझे कहा की उन्हें कुछ याद नहीं है। तब आंटी ने मेरी मम्मी का नंबर माँगा और उनको फ़ोन करके बुला लिया।
जब मम्मी आयी तो आंटी ने उनसे पुछा आपने सूट भेजा था उसमें क्या करना है? मम्मी ने कहा उसको थोड़ा ऊपर से थोड़ा टाइट करना है, तब आंटी ने कहा – मैं नाप ले लेती हूँ, उससे पता चल जाएगा। तब आंटी ने इंचीटेप उठाई और मेरी मम्मी के स्तनों का नाप लेने लगी.
फिर उन्होंने मम्मी की तरफ देख कर कहा – 38 इंच ठीक है या और टाइट रखूं। मम्मी ने कहा ठीक ही लग रहा है, लेकिन आंटी ने फिर से उनका नाप लिया जिससे उनके स्तन मेरी मम्मी के स्तनों से छू गए। मेरे दिमाग में कुछ गलत ख्याल नहीं थे, लेकिन नाप लेने के बाद उन्होंने मम्मी को अपने बेड पर बैठाया, उनका हाथ पकड़ लिया और बातें करने लगी।
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : सुन्दर हॉट भाभी को चोद ही दिया
उसके बाद मम्मी उठकर आने लगी तो आंटी ने कहा की – दो दिन बाद आकर सूट ले जाना। जब मम्मी जा रही थी तो मैंने आंटी की आँखों में एक अलग ही वासना देखी। तब मैंने सोचा दो दिन बाद जब मम्मी सूट वापस लेने आएँगी तो मैं उनके पीछे-पीछे चल दूंगी।
दो दिन बाद शाम को चार बजे आंटी ने मम्मी को फ़ोन किया की वो आकर अपना सूट ले जाएँ। मम्मी को थोड़ा टाइम लग गया और वो पांच बजे आंटी के घर पहुंची। तो मैं भी उनके पीछे चली गयी, जब मम्मी उनके घर पहुंची तो आंटी बाथरूम में थी।
मम्मी ने उनसे सूट के बारे में पुछा तो आंटी ने बाथरूम से ही जवाब दिया की अलमारी खोलते ही पहले खाने में उनका सूट पड़ा है। मम्मी वहीं बैठ गयी, लेकिन आंटी को आने में टाइम लग रहा था तो उन्होंने अलमारी खोली और सूट ढूंढकर बाहर निकाल लिया। जब मम्मी अलमारी बंद कर रही थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तो आंटी कमरे में घुसी और बोली – तुम्हारी हिम्मत कैसे हो गयी मेरी अलमारी खोलने की?
मम्मी ने कहा – भाभी जी आपने ही तो कहा था!
आंटी ने कहा बताओ किससे पूछ कर उठाया है सूट?
मम्मी ने कहा लेकिन सूट तो मेरा ही है।
तब आंटी ने कहा की – इसको वापिस अलमारी में रखो।
चुदाई की गरम देसी कहानी : सेक्स में बंधन क्रिया का खेल खेला
मम्मी ने मना किया तो आंटी ने उन्हें गुस्से में देखा और कहा – सूट अलमारी में नहीं रखा तो मैं शोर मचा दूंगी की तुमने मेरी अलमारी खोलकर चोरी की है। तब मम्मी ने डरते हुए अलमारी खोली और सूट अंदर रख दिया। जब मम्मी मुड़ी तो आंटी ने उन्हें दीवार से सटा दिया और खुद भी उनसे चिपक गयी, और मेरी मम्मी के स्तनों को अपने स्तनों से दबाने लगी।
मम्मी ने हलकी सी आह भरी और बोली – भाभी जी मत करो। तब आंटी बोली उन्हें देख कर मुस्कुराने लगी और उन्होंने मम्मी को कमर से पकड़ लिया। ये देख मैं खिड़की के पीछे इस तरह से छुप गयी की मुझे कोई भी देख ना सके। आंटी की शक्ल मरदाना है और वो थोड़ी बहुत अमरीश पूरी जैसी दिखती है।
आंटी की उम्र मम्मी से सात–आठ साल ज्यादा है, उस समय मेरी मम्मी 42 साल की थी। आंटी ने ऊपर सूट पहना था और नीचे तौलिया बंधा हुआ था, फिर उन्होंने अपना तौलिया निकाल दिया और मैंने देखा की वो नीचे से नंगी हैं। तब आंटी ने मेरी मम्मी की सलवार का नाड़ा खोला और सलवार नीचे करने लगी।
क्यूंकि मम्मी आंटी के मुक़ाबले पतली हैं, और आंटी का शरीर पंजाबी औरतों की तरह भारी है लेकिन वो ज़्यादा मोटी नहीं हैं। मम्मी आंटी का विरोध कर रही थी, लेकिन आंटी ने आखिर उनकी सलवार उतार के घुटनों से नीचे कर दी। आंटी की का ध्यान खिड़की और दरवाजे पर भी था कि कोई अंदर आ ना जाए।
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : बहन और पत्नी साथ थ्रीसम चुदाई के मजे
फिर उन्होंने मम्मी का सूट उनकी कमर तक ऊपर किया जिससे मम्मी की गुलाबी पैंटी दिखने लगी, तब आंटी ने एक हाथ मम्मी की पैंटी पर लगाया तो मम्मी सिहर गयी और आंटी की पकड़ से निकलने का प्रयास करने लगी। लेकिन अवनीत आंटी ने अपना सूट भी कमर तक ऊपर किया और फिर अपनी योनि को मेरी मम्मी की योनि से छूने लगी।
मम्मी ने आँखें बंद कर ली, तो आंटी ने पैंटी के ऊपर से ही मेरी मम्मी की योनि में अपनी एक ऊँगली डाली और घुमाने लगी। अपने गुप्तांग में आंटी की ऊँगली जाने से मम्मी का विरोध बढ़ गया, तो आंटी ने मम्मी को चूमना चाहा लेकिन उन्होंने मुंह घुमा लिया तो आंटी दूसरे हाथ से मम्मी का मुंह पकड़ कर बोली – बेटे बस एक बार, बस एक बार!
और उन्होंने मम्मी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए। कुछ देर तक मेरी मम्मी को चूमने के बाद आंटी ने पाया की मम्मी की योनि गीली हो रही है। तो उन्होंने धीरे से उनके कान में कहा – मजा आ रहा है बेटे ? मम्मी ने कुछ नहीं कहा तो आंटी ने उनका सूट स्तनों से ऊपर कर दिया, जिससे मम्मी की सफ़ेद ब्रा दिखने लगी। “Desi Lesbian Story”
फिर आंटी ने अपना सूट भी पूरा स्तनों से ऊपर कर दिया, आंटी ने भी सफ़ेद ब्रा पहनी थी जिसमें से उनके निप्पल दिख रहे थे। जब मम्मी अपना सूट नीचे करने लगी तो अवनीत आंटी ने उनके स्तन पकड़ लिए और फिर उन्हें दबाने लगी। मम्मी का विरोध अब भी ज़ारी था, तो आंटी ने अपनी और मम्मी दोनों की ब्रा स्तनों के ऊपर खिसकायी जिसके उनके स्तन नंगे हो गए।
आंटी के निप्पल बड़े-बड़े और काले रंग के थे, जबकि मम्मी के निप्पल छोटे और भूरे रंग के। मम्मी आंटी के मुकाबले गोरी हैं, तो पहले आंटी ने मेरी मम्मी के स्तन दबाये लेकिन फिर उनसे रहा न गया और वो निप्पल अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। अब मम्मी का विरोध कम हो रहा था और वो आंटी की हरकत से गरम हो रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : मम्मी और चाचा के प्रेम प्रसंग की सत्य कथा 1
तब आंटी बोली – सेक्स करती तो बेटे?
मम्मी ने कहा – हाँ!
आंटी ने उनके गाल पर चुम्बन किया और बोली – पर योनि तो टाइट है तुम्हारी!
मम्मी कुछ नहीं बोली तो आंटी ने मेरी मम्मी की पैंटी नीचे सरका दी, और फिर अपनी एक दो उँगलियाँ उनकी योनि में डाल कर घुमाने लगी। अब मम्मी बड़ी सेक्सी आवाज़ें कर रही थी तो आंटी का जोश भी बढ़ गया और वो अपने स्तनों के निप्पल मेरी मम्मी से निप्पल दबाने लगी।
पांच मिनट बाद मम्मी की योनि ने अपना रस छोड़ दिया तो आंटी ने अपनी ऊँगली निकाल के चूसी और कहा – अब सेक्स करें? मम्मी का विरोध ख़तम हो गया था वो अब गरम हो चुकी थी इसीलिए कुछ बोल नहीं पायी, तो आंटी ने उनको कमर से पकड़ा और अपने साथ बिस्तर पे लेटा लिया। “Desi Lesbian Story”
अब अवनीत आंटी अपनी योनि के भगशेफ यानि चने से मेरी मम्मी की योनि के भगशेफ को रगड़ने लगी, फिर उन्होंने मेरी मम्मी को अपनी बाहों में भर लिया और उनके होंठों की भी चूमने लगी। पांच मिनट बाद मम्मी की योनि ने फिर से पानी छोड़ दिया, तो आंटी ने उनसे कहा – बेटे तुम्हारा तो दो बार पानी निकल गया।
अब आंटी ने मम्मी के स्तनों को हाथ में लिया और बड़ी बेरहमी से दबाते हुए नीचे से झटके लगाने लगी मानों वो एक मर्द हों। आंटी ने अपने झटकों की गति बढ़ा दी और कुछ मिनट बाद वो भी मम्मी के साथ ही झड़ गयी, दोनों की योनि का रस मिल कर एक दूसरे की योनि में चला गया।
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : भाभी आज तो आपका दूध पीऊंगा
इसके बाद आंटी ने कुछ देर तक मम्मी को अपने ऊपर ही लिटाये रखा और उनसे बातें करने लगी। फिर उन्होंने दोनों ने अपने कपडे ठीक किये, और जब मम्मी जाने लगी तो आंटी बोली – अपना सूट तो ले जाओ। फिर उन्होंने अलमारी में से सूट निकाल कर दिया।
जब मम्मी ने सूट पकड़ा और पूछा – कितने पैसे हुए? तो आंटी ने उनकी कमर में हाथ डालकर अपनी तरफ खींच लिया। फिर उनका एक स्तन दबाकर होंठों पर चुम्बन लिया और बोली – मेरे पैसे तो मुझे मिल गए ! मम्मी शर्मा गयी तो आंटी ने कहा – किसी दिन रात मेरे घर ही रुक जाना। इसके बाद मैं घर आ गयी और पांच मिनट बाद मेरे पीछे मम्मी भी आ गयी। कहानी अच्छी लगी हो तो मुझे ईमेल करें: sapnamta123@gmail.com
Rohit says
Maharashtra me kisi girl, bhabhi, aunty, badi ourat ya kisi vidhava ko maze karni ho to connect my whatsapp number 7058516117 only ladie
Frankly samar says
Yaha koi girl bhabhi aunty Lucknow se ho to mujhe WhatsApp kare Full maza donga
9984265948