Dehati Family Chudai Kahani
मेरा नाम नीलम है. मैं मध्य प्रदेश के सागर शहर के पास के एक छोटे से गांव की निवासी हूँ. मेरे घर में चार लोग हैं. मैं 21 साल की हूँ, मुझसे छोटा एक भाई है 18 साल का है। और मम्मी पापा हैं. मेरी मम्मी बहुत चुदक्कड़ औरत है. वे शुरू से ही बहुत लोगों से चुदवाती रही हैं. Dehati Family Chudai Kahani
मेरे पापा की उम्र 48 साल है पर किसानी के काम की वजह से वे कमजोर हो गए हैं और मम्मी की जवानी अभी भी उतरी नहीं है. मेरे पापा लन्ड मेने देखा है काफी लम्बा और मोटा है 8 इन्च लम्बा होगा और 1.5 इन्च मोटा होगा मेने अपनी मम्मी को एक दिन पापा का लन्ड चूसते देखा था तभी से मुझे भी चुदने का मन करता है।
पर मे किस से चुदवाऊ अपनी चूत को समझ नही आ रहा था। मै रात दिन यही सोचती रहती हु। एक दिन मे पापा के पास सो गई तो मेरी आंख रात को 2 बजे खुली तो पापा तो सो रहे थे पर मम्मी की मन मोहक वाली आवाजे आ रही थी तो मैने देखा की मम्मी मेरे छोटे भाई के लन्ड पर उछल उछल के अपनी चूत मे लन्ड ले रही है और मम्मी की चीखे निकल रही है और आखों से आसू भी निकल रहे है.
मम्मी बोल रही है की मेने आज तक इस से लम्बे और मोटे लन्ड से नही चूदी हु इस लन्ड मे मैरी चूत फाड़ दी है। और ये लन्ड उसी चूत को चोद रहा है जिस चूत से निकला है। मै चादर से सब देख रही थी पापा तोह सो रहे थे अपनी बीमारी की दवा खा कर उन्हे कुछ होश ही नहीं रहता कहा है मेने भी अपनी सलवार निकाल कर चूत सहलाने लगी।
मेने पापा का लन्ड भी निकाल लिया था अपनी चूत पर मसल रही थी। छोटे भाई का लन्ड का पानी निकलने वाला था तो मैने अपनी चादर ठीक की ओर सोने लगी। छोटे भाई ने ममी की चूत मे ही अपना पानी निकाल दिया। मै सो गई मुझे पता ही नही चला कब सुबह हो गई। जब मै उठी तो मम्मी और भाई खेत पर जा चुके थे.
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इस बार हमारे खेत मे बैंगन, गाजर, मूली, लोकी तोरी, भिंडी ओर भी काफी सब्जियां उगाई थी। एक दिन भाई एक ट्रैक्टर और ट्रॉली लेके सब्जी लेके बाजार गया था ओर वो अगले दिन आया जिस रात वो नही था तोह मम्मी की चूत लन्ड माग रही थी वो पुरी नंगी हो गई। ओर पापा के ऊपर चड गई पापा तो अपनी दवा की वजह से सो गई तो मम्मी रसोई मे गई दो बैंगन लेके आई।
पहले तो मम्मी ने बैंगन को बहुत चूसा और अपने मुंह से बहुत सारा थूक निकला अपनी चूत और गान्ड पर लगा लिया। फिर मम्मी ने एक बैंगन अपनी चूत मे डाल कर अंदर बाहर करने लगी। फिर दूसरा बैंगन अपनी गान्ड मे डालने लगी पर वो नही जा रहा था मम्मी ने दोनो बैंगन अपनी चूत मे डाल लिया और लेट गई और सो गई।
काफी देर हो गई पर मम्मी उठी नही फिर मे उठी मेने मम्मी की तरह के पतला सा बैंगन लिया और रसोई मे से सरसो का तेल लेके बैंगन पर लगा के अपनी गान्ड के छेद पर लगा कर अंदर डालने लगी पर वो नही जा रहा था मेने एक बार मे जबरजस्ती मेने डाल दिया ओर वो एक दम से आधा अंदर चला गया मेरी आवाज़ निकल गई मम्मी हिलने लगी तो मैने जल्दी से चादर ओढ़ कर लेट गई।
मै आराम से लेटी रही काफी देर तक मम्मी नही उठी तो मेने उसी बैंगन को ओर अंदर करने लगी मुझे दर्द हो रहा था पर मज़ा भी आ रहा था। वैसे ही करते करते कब आंख लग गई पता ही नही चला। जब मै सुबह उठी तो मम्मी खेत पर जा चुकी थी मै उठी ओर देख की गान्ड मे बैंगन नहीं है मे डर गई की पूरा बैंगन अंदर तो नही चला गया.
मेने चादर हटाई और अपना बिस्तर हटा कर देखा तो निचे दवा हुआ था मेरी सास मे सास आई फिर मे बिना सलवार पहने नहाने को जानें लगी। पापा की तरफ देखा वो सो रहे थे। मै फिर से रसोई मे गई ओर इस बार मेने बैंगन से थोडी मोटी गाजर ले ली। उस पर सरसो के तेल मै डूबा ली।
ओर वही पर मेने अपनी गान्ड मे डालने लगी तो मेरी गान्ड थोडी सी सूज गई थी मेने गाजर को सीधा खड़ा किया ओर उस पर बैठने लगी गाजर मेरी गान्ड मे धीरे धीरे जा रही थी। जब गाजर का मोटा हिस्सा आ गया तो अंदर नही जा रही थी ओर दर्द भी हो रहा था मेने एक थोडा जोर लगाते हुए दम दिया तो गाजर को मोटा हिस्सा भी गान्ड मे घुस गया था।
मुझे दर्द हो रहा था। ओर मजा भी आ गया था फिर मैं उठी और नहाने के लिए चली गई। भाई भी बाजार से आ गया था। मै नहा कर आ गई और खेत पर चली गई मम्मी को खाना लेके मम्मी एक आदमी से चुदवा रही थी खेत पर कोई नही था मम्मी बहुत तेज़ तेज़ चीख रही थी जैसी की उनके अंदर बंश दे दिया हो।
मेने मम्मी को आवाज़ दी मम्मी कहा हो दिख नही रही हो लो खाना खा लेना इधर रख कर जा रही हु। मे घर आ गई भाई सो रहा था। मे भी उसी के साथ बिस्तर कर के लेट गईं मे कब सो गई मुझे पता नही चला। जब मै उठी तो मेरी सलवार खुली हुई थी। सोते समय भाई ने मेरी सलवार खोल दी थी रात को सब सोने लगे.
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तो सब के सोने के बाद मम्मी भाई के पास गई और बोली चोदेगा नही अपनी मां को भाई बोला नही गान्ड मरूंगा आज तेरी। मम्मी बोली भी उसमे दर्द होता है। मेने आज तक किसी को नही मारने दी अपनी गान्ड भाई बोला फिर तो आज मे ही मरूंगा तेरी गान्ड। मम्मी बोली नही एक बार मना किया ना तो नही।
भाई बोला नही दोगी तो बहन की गान्ड मार लूंगा। मै चोक गई। भाई मेरी भी मरना चाहता है। भाई ओर मम्मी के बीच कुछ नही हुआ तो मेने भाई को दाना डालना शुरू कर दीया। मेने अपनी सवार खोल कर अपनी गान्ड पर थूक लगा कर भाई की एक उंगली अपनी गान्ड मे डाल कर अलग कर के सो गई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
जब सुबह मे उठी तो भाई ओर पापा सो रहे थे। मम्मी खेत पर चुडवाने गई थी। भाई जब उठा तोह मे रसोई मे खाना बना रही थी भाई अपना हाथ सूंघ रहा था मेने रसोई मे से देखा भाई अपना लन्ड निकाल कर मुट्ठी मारने लगा एक दम से उठा ओर मेने पास आ कर बोला दीदी थोडा सरसो का तेल देदो मे नहाने जा रहा रही।
तो मेने एक कटोरी मे कर के दीया। भाई उसे लेके चला गया उसी तेल लगा कर अपने लन्ड की मालिश कर दी ओर नहा भी लिया। रात हुई सब ने खाना खाया सब सो गई भाई ने अपनी लुंगी हटा कर लन्ड बाहर निकल लिया था मेरी चादर के अंदर हाथ डाल कर मेरी सलवार का नाडा खोल दिया। में रात को कच्ची नही पहनी हु।
भाई मेरी चूत पर हाथ सहला रहा था। मुझे भी मज़ा आ रहा था भाई का लन्ड का पानी निकल गया उसने अपना हाथ हटा लिया ओर सो गया। सुबह मम्मी ओर भाई पहले ही खेत पर जा चुके थे मेने आज अपनी सलवार को पीछे थोडी सी फाड़ दी थी भाई जहा काम कर रहा था मे उसके आगे जा कर कुछ उठाने को झुकी तोह भाई ने मेरी फटी हुई सलवार देख ली थी मे मम्मी को बोल कर घर आ गई। “Dehati Family Chudai Kahani”
भाई भी मेरे पीछे पीछे आ गया मे लेट गई सोने का नाटक करने लगी। भाई भी हाथ मुंह धो कर मेरे ही पास लेट गया। मेने आज अपना नाडा अलग तरीके से बाधा था जो किसी से नही खुलगा। भाई ने मुझे हिलाया बोला दीदी मुझे कुछ खाने को दे दो नही तो मे ऐसे ही सो जाऊंगा। पर मे नही उठी।
भाई भी साथ मे लेट गया थोडी देर बाद मेरी चादर मे हाथ डाल कर मेरी सलवार खोलने लगा पर वो नही खुली। मेने थोडी करवट ली अपनी गांड़ भाई की तरफ़ कर दी भाई ने देखा की ये वही सलवार है भाई ने अपना लन्ड निकाल कर हिलाने लगा ओर उसी फटी हुई जगह से दो उंगली मेरी गान्ड मे डालने लगा भाई ने सिफ एक ही उंगली डाल रहा था मे जग न जाऊ इसलिए काफी देर तक भाई करता था भाई का पानी निकल गया।
भाई उठ गया और वहां से चला गया थोडी देर बाद आया बोला दीदी खाना दे दो भूख लगी है मेने सलवार बदल दी थ। भाई बोला दीदी तुम ने दूसरे कपडे पहने थे अब दूसरे मेने कहा है वो उन वाले कपड़ो की सलवार पीछे से फटी हुई थी इसलिए बदल लिए। भाई बोला हा दीदी मेने भी देखा था जब तुम खेत पर आई थी मे वही बताने आया था आप पहले ही अपने कपडे बदल लिए है।
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मे बोली तूने कुछ देखा तो नही मेरे कपड़ो के अंदर का भी दीदी कुछ दिखा नही। थोडा निराश हो कर बोला मे हस दी ओर थोडा कठोर आवाज़ मे बोली कोशिश भी नही करना देखने की। नही तो बहुत मार पड़ेगी भाई ये सुन कर डर गया फिर वो बाहर चला गया उस दिन वारिश हो गईं। “Dehati Family Chudai Kahani”
मम्मी खेत पर थी वो भी घर आते आते भीग गई मे भी समान रखते रखते भीग गई तो मम्मी ने कहा आज तो सभी को ठंड लग गई है। अच्छा हुआ मे आते हुई चिकन ले आई। मम्मी ने मुझे दिया ओर बोला बेटा आज इसको अच्छे से बनाओ। सारी ठंड दूर हो जाए। मम्मी भी देसी मुर्गा लाई थी।
मेने अच्छे से तरी दाल और चावल बना दिए थे सब ने पेट भर के खा लिए थे। मम्मी तो ठंड के कारण अपनी गान्ड उठा कर सो गई मे भी ओर भाई भी रात को काफी देर तक नीद नही आ रही थी मुझे। भाई का हाथ मेरी सलवार का नाडा खोल रहा था उसने मेरी सलवार उतार दिया ओर मेरी चूत को सहला रहा था।
मेरी चूत पानी छोड़ दिया भाई का हाथ गीला कर दिया। फिर मेने करवट बदल दी और भाई ने मेरी चादर हटा दी मेरी गान्ड भाई की तरफ़ कर दी भाई मेरी चूत के पानी से मुट्ठी मार रहा था उसने मेरी गान्ड खोल कर सूंघ रहा था फिर उसने मेरी गान्ड को हाथ से फेला कर अपनी जीभ से मेरी गान्ड के छेद को चाटने लगा मुझे मजा आने लगा.
इतने देर मे भाई का लन्ड का पानी निकलने वाला था तो भाई ने अपना टोपा मेरे छेद पर लगा कर मुठ मार रहा था मुझे पता लग तो था भाई का लन्ड मेरी गान्ड पर था मे थोडा पीछे हो जी भाई का टोपा मेरी गान्ड मे धस गया और भाई का पानी मेरी गान्ड मे निकल गया। “Dehati Family Chudai Kahani”
भाई चोक गया बोल धीरे धीरे बोल रहा था पता नही कहा मरती है थोडा सा भी नही चिलाई। थोडी देर बाद भैर ने सारा पानी साफ किए ओर लेट गया ओर सो गई काफी देर के बाद मे उठी और नल के पास गई गान्ड धो कर आई। भाई सो रहा था मे भी सो गई। जब मे सुबह उठी तो भाई घर पर ही था मेने भाई को बोला रात को तू क्या कर रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
भाई बोला मे तोह सो रहा था मे बोली तूने मेरी सलवार क्यों उतारी भाई को पसीना आ गया बोला दीदी आगे से नही होगा। मेने कहा जो तू कर रहा था वो मम्मी के साथ ही कर मेरे साथ करेगा तोह न घर का रहेगा और न ही घाट का। आगे से नही होना चाइए। मम्मी खेत पर सब्जी की कटाई करा रही थी को चुदवा रही थी भाई बोला आप ने कब देखा हमे.
फिर मे बोली मै भी इसी घर मे रहती हु इतना बड़ा घर नही है की किसी को पता नही चलेगा छोटा सा तो कमरा है 10/10 का सब एक साथ ही सोते है। भाई बोला तो आप ने देख लिया था उस दिन मम्मी ओर मुझे। मेने कहा हा। तो भाई बोला मम्मी गान्ड देने को मना कर रही है तुम मेरी कुछ मदद कर दो की जिस से मम्मी मुझे अपनी गान्ड मारने दे।
फिर मे बोली साले चूतिये चूत तोह मिल रही है वही मार ले क्यू उनकी गान्ड फाड़ने पर पड़ा है। फिर बोला दीदी आप की तो फटी हुई है आप दे दो मे बोली भोसडीके उंगली दे रही तो कंधे पर चढ़ने की जरूरत नही है। फिर बोला ठीक है फिर ऐसे ही दिन निकल गए ओर ठंड के दिन आ गए मुझे भी अब चुदने का मन करने लगा था अब मे क्या करू।
घर मे दो ही रजाई थी एक छोटी थी जो पापा के लिए था ओर दूसरी बढ़ी थी जो हम तीन लोग ओढ़ते थे मे भाई और मम्मी। मम्मी बीच मे लेटती थी मे पापा की तरफ़ दूसरी तरफ़ भाई। रजाई के अंदर आते ही मम्मी और भाई दोनो नंगे हो जाते थे मेरे सोते ही मम्मी भाई के साथ चूदाई चालू कर लेते थे मुझे इनकी आवाज़ सुन कर नीद नही आती थी।
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एक दिन मेने भी अपनी सलवार निकाल कर पापा के लन्ड को चूसने लगीं पापा को इतनी नीद आती है कुछ कहो मत इस बारे मे मै अपनी गान्ड पर थूक लगा कर अपना उंगली डाल मार ओर पापा का लन्ड चूस कर मजे ले रही थी। पापा का लन्ड का पानी जल्दी निकल गया। उनका लन्ड फिर से सो गया। मेने अपनी सलवार पहन ली और गुस्से मे सो गई.
अगले दिन जब मम्मी उठ कर जाने लगी तो मे उठ चुकी थी भाई सो रहा था। मम्मी खेत पर निकल गई। फिर मे उठी और अपनी गान्ड पर सरसो का तेल लगा कर भाई के पास लेट गई और थोडा भाई का हाथ अपनी गान्ड मे करने लगीं। थोडी देर कर के मजा आ गया तो मेने भाई का हाथ छोड़ दिया। ओर सोने का नाटक करने लगी. “Dehati Family Chudai Kahani”
भाई ने अपना हाथ देख की तेल कहा से लग गया तो उसने रजाई को हटा कर देखा तो मे नंगी पड़ी सो रही हु और मेरी गान्ड मे तेल लगा हुआ था तो भाई मे रजाई मुझे उड़ा दी। ओर उठा पानी पिया और सरसो के तेल का डब्बा खोला और लन्ड को उसने डूबा दिया पुरा लन्ड।
थोडा अपनी लन्ड और हाथ की उंगलियों पर भी लगा लिया था मेरे पास आ कर लेट गया और पास आते ही दोनो उंगलियां मेरी गान्ड मे डाल दी और लन्ड हिलाने लगा मुझे मजा आ रहा था उसने रजाई हटा दी ओर अपने लन्ड को मेरी गान्ड के छेद के पास ला कर हिलाने लगा उसने आधा लन्ड मेरी गांड़ मे डाल दिया था मुझे थोडी जलन सी हो रही थी.
तो मे थोडा हिल गई इस के कारण उसका लन्ड मेरी गान्ड से निकल गया पूछ से आवाज़ हुई उसने दुबारा से एक झटके मे लन्ड मेरी गान्ड मै डाल दिया। उसने एक दो बार अंदर बाहर किया ओर उनका पानी निकल गया फिर वो पानी लन्ड मेरी सलवार से पोंछ कर वहा से चला गया खेत पर।
मेने जल्दी से उठी छोटा वाला शीशा उठा कर अपनी गान्ड को देखा मेरी गान्ड थोडी शूज गई थी और भाई का पानी ओर। थोडा ख़ून भी आ रहा था। मेरी गान्ड की शील धीरे धीरे टूट रही थी इसलिए ख़ून निकल रहा था। मुझे चलने मे थोडी दिक्कत हो रही थी चलते वक्त गान्ड मे दर्द हो रहा था। मे अंदर गई एक खीरा लिया भाई के लन्ड जैसा उसे तेल मे डूबा कर मे उसे गान्ड मे डालने लगी।
खीरा ज्यादा मोटा था मेरी गान्ड मे घुस गया उसने मेरी चीखे निकल दी घर पर कोई नही था पापा के सिवा मेने सोचा क्यूं ना पापा का लन्ड लिया जाय। मे पापा के पास गई उनका लुंगी हटा कर लन्ड को तेल ला कर खड़ा कर रही थी पापा का लन्ड खड़ा हो चुका था मे जल्दी से उस पर बेटने लगी. “Dehati Family Chudai Kahani”
मेने थोडा तेल गान्ड पर लगा लिया और एक जोर से दम लगा कर लन्ड पर बैठ गई और एक बार मे पुरा 7 इन्च का पापा का लन्ड अपनी गान्ड मे डाल दिया और जोर जोर से चिलाने लगी मेरी फट कर चार हो गईं थी मे अब धीरे धीर उपर निचे होने लगी 5 मिनट मे पापा के लन्ड का पानी निकल लिया मेरी गान्ड ने।
मेने पापा के लन्ड का साफ किए। ओर खाना बनाने लगी और खेत पर ले गई मम्मी ओर भाई पूरे खेत मे कही नजर नही आ रहे थे तो आराम करने के लिए एक झोपड़ी बनी हुई थी उस मे सब आराम करते है उसी मै भाई अपनी मां को चोद रहा था मुझे पता था मेने दूर से आवाज़ लगा रही थी तो मम्मी अपना सर निकल कर बोली बेटा पेड़ के पास रख दो.
भाई उनकी चूत मे अपना लन्ड दिया हुआ था और जोर जोर से धक्के दिए जा रहा था मम्मी हिल रही थी उस से पता लग रहा था मे पेड़ के पास खाना रख कर घर वापस आ गई और थकान के कारण सो गई। जब मम्मी रात को घर आई तो मैं सो कर उठी मम्मी बोली आज तो बहुत देर तक सो रही हो बेटा खाना नही बनाया मेरी तबियत ठीक नहीं थी बुखार सा हो गया था.
तोह मम्मी एक दवा वाले के बुखार की तीन खुराक बनवा लाई। मम्मी ने खाना बनाया सब ने थोडा बहुत खाया और सो गए भाई ने उस रात को कोई भी हरकत भी की। सुबह जा मम्मी उठी मुझे देखा बोली बेटा बुखार केसा है मेने कहा अब ठीक हो गया है मम्मी बोली थोडा आराम करो खाना बना दिया है खा आराम करो कोई काम करना नही है सब हो गया है।
भाई सो रहा था मम्मी चली गई खेत पर मे भाई के पास गई देखा सही मे सो रहा था पर उसका लन्ड खड़ा था तोह मे थोडा रजाई मे अंदर हुई और चूसने लगीं। थोडा ही चूसा तो उसका हल्का पानी आ गा तो मे भी सोने का नाटक करने लगी। भाई थोडा हिल डुला ओर देखा दीदी मेरी बगल मे लेटी है तो उसने मेरी सलवार का नाडा खोलने को हाथ बढ़ाया तो नाडा पहले से ढीला था भाई सलवार उतार दी। “Dehati Family Chudai Kahani”
उसने मेरी पैर उपर उठा दिए मेरी गान्ड और चूत दोनो चाटने लगा काफी दे चाटने के बाद मेरी चूत पानी छोड़ दिया। वो समझ गया ये जग रही है वो जल्दी से रसोई मे गई एक कतोरी मे सरसो का तेल लेके आया ओर मेरे उपर रजाई डाल दी अपनी लुंगी निकल कर अपने लन्ड पर तेल लगा कर चिकना कर दीया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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फिर से उसने मेरी पैर उठा दिए। मेरो चूत ओर गान्ड पर अपनी उंगली से तेल भरने लगा मेरो गान्ड मे चार उंगली डाल कर तेल भर रहा था मुझे मजा आ रहा था। फिर उसने अपने लन्ड को पकड़ा मेरी गांड़ के छेद पर रखा ओर एक धक्का दे दिया तो आधा लन्ड मेरे गान्ड के अंदर था फिर कुछ देर रुका 3 मिनट बाद एक जोर से धक्का दे दिया.
पुरा लन्ड मेरी गान्ड को फाड़ कर मेरे अंदर घुस गया मेरी बिना पानी की मछली की तरह बिल बिला रही थी और चिला रही थी बहन के लौड़े आराम से भी डाल सकता रण्डी नही हु तेरी बहन हु भोसडीके। मे उसे गाली दे रही थी वो मुझे देख कर हस रहा था ओर अपना लन्ड हिला रहा था।
पर उनसे मेरी एक न सुनी किसी जानवर की रही मेरी गांड़ मार रहा था मेरी गाड़ पर थप्पड़ मार मार कर लाल कर दी थी आधे घंटे तक उसने मेरी गाड़ मारी उसने मुझे आध मरा कर दिया था उसने काफी देर के बाद मेरी गाड़ में ही पानी छोड़ दिया मुझे उसी हालत म छोड़ के दूसरी तरफ मुंह के के सो गया। मैने सोच लिया आज के बाद इस से कभी चूत ओर गांड़ नहीं मारनी किसी कुत्ते से मरा लूंगी इस नहीं मरबाऊंगी।
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