Pyasi Cousin Chudai Story
मेरा नाम नीरव है। ये कहानी उस वक़्त की है जब मैं 28 साल का जवान था, ताकतवर बदन, चौड़ी छाती और दिनभर जिम करने की वजह से शरीर में वो चमक थी जो लड़कियों को अट्रैक्ट करती थी। मेरी चाचा की बेटी श्रृष्टि उस वक़्त 23 साल की थी – गोरी, लंबी, पतली कमर, भारी-भरकम छातियाँ और वो गोल-गोल नितंब जो साड़ी में लहराते थे। Pyasi Cousin Chudai Story
उसकी शादी को दो साल हो चुके थे, लेकिन बच्चा न होने की वजह से उसकी सास ने रोज़-रोज़ ताने मारे, झगड़े किए और आख़िरकार उसे मायके भेज दिया। साथ में तलाक का नोटिस भी थमा दिया। श्रृष्टि का चेहरा उदासी से भरा रहता। दिनभर खिड़की के पास बैठी बाहर देखती, आँखें नम।
रातों में वो अकेले बिस्तर पर लेटकर तकिए से लिपट जाती, उसकी शारीरिक प्यास उसे अंदर से जला डालती। कई बार वो चुपके से अपना हाथ नीचे सरकाती, लेकिन संतुष्टि नहीं मिलती। एक दोपहर वो हमारे घर आई। बाहर तेज़ धूप थी, वो हल्की गुलाबी साड़ी में आई थी जो उसके बदन से चिपकी हुई थी।
पसीने से भीगी साड़ी उसके कर्व्स को और उभार रही थी। घर में सिर्फ़ मैं अकेला था – मम्मी-पापा गाँव गए हुए थे। मैंने उसे अंदर बुलाया, एसी चालू किया, ठंडा पानी दिया। फिर सोफ़े पर बिठाकर उसके कंधे पर हाथ रखा। उसकी त्वचा गरम थी, नरम।
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : खाला को बिच्छू का डर दिखा चोद दिया
मैंने धीरे से पूछा, “श्रृष्टि, तेरी आँखों में ये उदासी क्यों? मुझसे खुलकर बता ना… मैं तेरी हर परेशानी का हल निकाल दूँगा।”
उसने आँसू पोछते हुए कहा, “भैया… बच्चा नहीं हो रहा। मैंने डॉक्टर को दिखाया, रिपोर्ट्स सब नॉर्मल हैं। लेकिन वो… वो कभी पूरी कोशिश ही नहीं करता। दो-चार मिनट में बाहर निकाल लेता है। कभी तो नींद में ही सो जाता है। मैं रात-रात भर जागती रहती हूँ, बदन जलता है, लेकिन कोई साथ देने वाला नहीं। सास कहती है मैं बाँझ हूँ… तलाक दे दो। मेरी ज़िंदगी खत्म हो गई भैया।”
मैंने उसके आँसू पोंछे, गाल सहलाए। “श्रृष्टि, तू इतनी खूबसूरत है… तेरी ज़िंदगी अभी शुरू भी नहीं हुई। अगर वो नहीं समझते तो दूसरी शादी कर ले।”
वो बोली, “पापा की हैसियत नहीं भैया। और मैं उनसे बदला लेना चाहती हूँ। उन्होंने एक कुंवारी लड़की की ज़िंदगी जानबूझकर बर्बाद की। लेकिन बच्चा हुए बिना वो मुझे वापस नहीं लेंगे। मैं तो अब… मर जाना बेहतर समझती हूँ।”
उसकी बात सुनकर मेरा दिल भर आया। मैंने उसे अपनी बाहों में खींच लिया। उसका सिर मेरी छाती पर टिका। मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा, बालों में उँगलियाँ फेरता रहा। उसकी साँसें मेरी गर्दन पर लग रही थीं – गरम, तेज़। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
चुदाई की गरम देसी कहानी : चाची की बड़ी गांड की तेल मालिश
अचानक वो बोली, “भैया, याद है बचपन में हम गुड़िया-गुड्डा खेलते थे? आप मेरा दुल्हा बनते थे। हम बस रगड़ा-रगड़ी करते थे… कुछ पता ही नहीं था। लेकिन अब… अब हम बड़े हो गए हैं।”
मैं हँसा, “हाँ, वो मासूम दिन… कितने प्यारे थे।”
उसने मेरी आँखों में देखा, उसकी पुतलियाँ फैली हुई थीं। “भैया… आज मुझे सच में आपकी ज़रूरत है। बचपन की तरह… लेकिन अब पूरी तरह। मेरी मुसीबत का यही एक रास्ता दिख रहा है। आप मुझे… एक बच्चा दे दो। मैं किसी और से नहीं कर सकती। बाहर किया तो बदनामी होगी। आप मेरा भाई हैं… आप पर भरोसा है। मेरी ज़िंदगी दाँव पर है।”
मैं स्तब्ध रह गया। “श्रृष्टि… ये क्या बोल रही है तू? हम भाई-बहन हैं…”
वो रो पड़ी, मेरी शर्ट पकड़कर बोली, “भैया… मैंने इतनी हिम्मत करके कहा है। अगर आप नहीं माने तो मैं सच में कुछ कर बैठूँगी। प्लीज़… बस एक बार… मेरे लिए।”
उसकी आँखों में बेबसी, चाहत और प्यार था। मेरा मन पिघल गया। मैंने उसे कसकर गले लगाया, माथा चूमा, गाल चूमा। “ठीक है श्रृष्टि… अगर तुझे यकीन है… अगर तू सच में चाहती है… तो मैं तेरे साथ हूँ। लेकिन कोई दबाव नहीं। तू जब चाहे रुक सकती है।”
वो मुस्कुराई, आँखों में चमक आई। “भैया… मैं तैयार हूँ। मुझे आप पर पूरा भरोसा है।”
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : चुदने को परेशान लड़की ने अपने मौसा से चुदवाया
मैंने उसे उठाया, बेडरूम में ले गया। कमरे में हल्की रोशनी थी, पर्दे बंद। मैंने उसे बिस्तर पर बिठाया। पहले उसकी साड़ी का पल्लू सरकाया। उसकी गहरी नाभि दिखी। फिर ब्लाउज़ के बटन खोले। ब्रा खोलते ही उसकी छातियाँ बाहर उछलीं – गोरी, भरी हुई, गुलाबी निप्पल्स तने हुए। वो शरमाकर हाथों से ढकने लगी। मैंने उसके हाथ हटाए, दोनों छातियाँ सहलाई। नरम, गरम। मैंने एक निप्पल मुँह में लिया, जीभ से घुमाया, हल्का काटा।
वो सिसकारी, “हाय भैया… कितना अच्छा… और चूसो ना…”
उसने मेरी कमर पर हाथ फेरा, लुंगी के नीचे हाथ डाला। मेरे लंड को सहलाया – वो पहले से ही सख्त था। उसने लुंगी खोल दी, लंड बाहर निकाला। मोटा, लंबा, नसों से भरा। वो उसे देखकर बोली, “भैया… कितना बड़ा… कितना मोटा… पहले कभी नहीं देखा ऐसा।”
वो झुककर उसे चूमने लगी। जीभ से चाटा, सुपाड़े पर घुमाई। मैंने उसके बाल पकड़े, धीरे से मुँह में डाला। वो चूसने लगी – गहराई तक। मेरी साँसें तेज़ हो गई। फिर मैंने उसे लिटाया। पेटीकोट उतारा, पैंटी साइड की। उसकी चूत गीली थी, बाल साफ़, गुलाबी। खुशबू ऐसी कि मैं पागल हो गया।
मैंने जाँघें फैलाईं, चूत पर होंठ रखे। जीभ डाली, क्लिट को चाटा। वो चीखी, “आह्ह्ह… भैया… और… और चाटो… मैं पागल हो रही हूँ…” उसका रस मेरे मुँह में बहा – मीठा, गरम। वो पूरी तरह तैयार थी। मैंने लंड उसके चूत के मुंह पर रगड़ा। वो काँप रही थी। धीरे से धक्का मारा – सुपाड़ा अंदर। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : कामवाली की झांटो वाली गोरी चूत चोद ली
वो बोली, “हाय… धीरे भैया… पहली बार जैसा लग रहा है…”
मैं रुका, उसके होंठ चूमे, जीभ अंदर डाली। वो मेरी जीभ चूसने लगी। फिर धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर।
वो सिहर गई, लेकिन फिर बोली, “अब जोर से भैया… मुझे अच्छा लग रहा है… चोदो मुझे…”
मैंने रफ़्तार बढ़ाई। वो टांगे मेरी कमर पर लपेटकर चुदवाने लगी। “हाय भैया… आज पूरी रात चोदो… मेरे पेट में आपका बच्चा डाल दो… मैं आपकी रानी बनूँगी…” उसकी चूत कसकर दबा रही थी, गरम-गरम। अचानक वो चीखी, “आआआह्ह्ह्ह… भैया… मैं जा रही हूँ… मार गई रे…” वो झड़ गई, चूत से रस बहा। मैंने 4-5 जोरदार धक्के मारे और उसके अंदर झड़ गया – गर्म वीर्य की धार।
वो कसकर लिपटी, “भैया… अभी बाहर मत निकालना… सब अंदर रहना चाहिए।”
हम उसी हाल में लेटे रहे। मैं उसे चूमता रहा, छातियाँ दबाता रहा, निप्पल्स चूसता रहा। 20 मिनट बाद फिर से सख्त हुआ। उस रात मैंने उसे 4-5 बार लिया – कभी मिशनरी में, कभी वो ऊपर आकर, कभी डॉगी में। हर बार वो मस्त होकर झड़ती, मेरे नाम की पुकारती। “Pyasi Cousin Chudai Story”
सुबह हम नंगे लिपटकर सोए। उसके बाद कई हफ्ते मैं उसे रोज़ प्यार करता रहा। पहली बार में ही उसका पेट रह गया। बहाने से उसके पति को बुलाया। वो कुछ कर नहीं पाया, लेकिन प्रेग्नेंट सुनकर खुशी से उसे ले गया। शायद उसे अपनी कमज़ोरी का अंदाज़ा था।
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : मौसी ब्लू फिल्म देख कर गर्म हो रही थी
अब श्रृष्टि अपनी ससुराल में खुश है। इलाज भी करा लिया। दोनों बच्चे मेरे जैसे दिखते हैं – आँखें, नाक, मुस्कान। लेकिन ये राज़ हमारे बीच है। वो कभी-कभी मुझे फोन करके कहती है, “भैया… वो रात याद आती है… फिर से आ जाऊँ?” और मैं मुस्कुराकर कहता हूँ, “रानी… जब मन करे, मैं हूँ ना।”
दोस्तों आपको ये Pyasi Cousin Chudai Story मस्त लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे………..
Discover more from Crazy Sex Story
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Leave a Reply