Aapa Ki Chudai Story
नमस्कार दोस्तों, आप सभी कैसे है, उम्मीद करता हूँ सब खैरियत से होंगे. दोस्तों अभी तक आपने पिछले भाग दीदी जान ने छोटी बहन को चोदने का प्लान बताया 1 मे पढ़ा की रुखसाना दीदी जान को रात में पांच बार चोदा उसके अगले दिन दीदी जान लंगड़ा के चल रही थी. Aapa Ki Chudai Story
मै थोड़ा लेट जागा तब तक रूबिका अपनी स्कूल चली गई थी मैं सीधे बाथरूम गया. फ्रेश होंने के बाद लंड को साबुन से धोया और सीधे किचेन मे गया. दीदी जान नाइटी मे थी और खड़े खड़े खाना बना रही थी मेरे आने की आहट सुन के दीदी जान मेरे ओर देखी.
जैसे ही मेरे नजर से दीदी जान की नजर मिली दीदी जान शर्मा गई और एक मुस्कान देते हुए फिर से खाना बनाने लगी. मै पेंट की चैन खोलते हुए दीदी जान के पीछे गया और लंड को दीदी जान की गांड पर सटाया. दीदी जान मिठी आवाज में बोली भाई जान अभी तुम्हारा मन नही भरा रात भर चोद चोद के मेरी चूत फुला दिया है सुबह सुबह फिर से मेरी जान लेगा क्या मै।
अरे नही दीदी जान मै तो बस आपकी चूत लूंगा.
दीदी जान: आज नहीं.
मैं: आज कौन बोल रहा है मै तो अभी लूंगा.
दीदी जान: नही भाई जान अभी तक मेरी चूत दुखा रहा है.
मैं: चलो मलहम लगा देता हूँ.
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और पीछे से दीदी जान की नाइटी उठा दिया दीदी जान एक दम से पीछे घुम गई वह अंदर पैंटी नही पहनी हुई थी. मै पुरा देख भी नही पाया तभी दीदी जान मेरे खड़े लंड को पकड़ के बोली ये क्या है भाई जान अभी छोड़ो मुझे अम्मी जान कभी भी बाजार से आ सकती हैं,
अब मुझे एक और मौका मिल गया रूबिका स्कूल गई थी और अम्मी जान बाजार. मै एकदम से दीदी जान को उठा के किचन पटी पर बैठा दिया और नाइटी उपर करने लगा. तभी दीदी जान बोली भाई जान मेन गेट बंद कर के आओ. मै भाग के गया मेन गेट बंद किया और दौड़ते हुए किचन में गया.
दीदी जान किचन पटी से उतर के खड़ी थी मैं दीदी जान की नाइटी उतारने लगा. तभी दीदी जान बोली चलो बेडरूम मे चलते हैं. मै बोला दीदी जान आज यही होगा और नाइटी उतर के फेंक दिया. अब दीदी जान पूरी नंगी हो गई मै फिर से दीदी जान को उठा के किचन पटी पर रख दिया और दोनों पैर फैला के चूत पर मुह लगा दिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
दोस्तो सच मे रुखसाना दीदी जान की चूत फूली हुई थी. मै चूत चटना स्टार्ट किया गजब मजा आ रहा था. थोड़ी देर मे दीदी जान झड़ गई मैं सारा जूस पी गया. उसके बाद अपना लंड दीदी जान की चूत में पेल दिया आज दीदी जान आराम से पेलवा रही थी.
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करीब बीस मिनट पेलने के बाद मै झड़ने वाला था तभी दीदी जान आह ऊह ओह भाई जान करने लगी और एक साथ हम दोनों भाई बहन झड़ गए. मै फिर से दीदी जान की चूत चाट के सारा वीर्य पी गया उसमे मेरा भी वीर्य मिला जुला था एक दम नमकीन था.
अब दीदी जान उठ के जाने लगी मै फिर से दीदी जान को पकड़ लिया और अपने होठ दीदी जान की होठ से लगा दिया. अब दीदी जान जोरदार तरीका से मेरे होठ चूसने लगी. मैं भी जीभ को दीदी जान की मुह में देने लगा दीदी जान मेरे होठ छोड़ के एक दम से घुटनों पे बैठ गई और मेरे लंड को मुह मे ले के चूसने लगी.
अब मुझे जन्नत का मजा आने लगा दीदी जान करीब पचीस मिनट जोरदार लंड चुसी .अब मेरा वीर्य फिर से निकलने वाला था मै सिसकारी लेते हुए दीदी जान को बोला आह उह आह मेरा आने वाला है. तभी दीदी जान जोर जोर से चूसने लगी मेरा लंड झटका मारने लगा.
तभी दीदी जान मेरे लंड का टोपा अपनी दांतों से दबा ली मेरा पिचकारी निकलने लगा. दीदी जान सब वीर्य पी गई और लंड चाट के साफ कर दी और मेरे आँखों मे देखती हुई बोली अब तो खुश है. मै भी हँसते हुए बोला हा दीदी जान आज मैं बहुत खुश हु. उसके बाद हम दोनों कपड़े पहन लिए मैं मेन गेट खोल दिया.
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थोड़ी देर बाद अम्मी जान बाजार से आई सब नोर्मल था फिर उस रात दीदी जान को चोदा. दोस्तो दस दिन से मैं दीदी जान को चोद चोद के उनकी चूत खोल दिया अब दीदी जान खुद चुदवा ना ले तब तक सोती नही थी. अब मैं रूबिका को बिल्कुल भुल गया था मै दीदी जान की चूत को पेल पेल के ढीला कर दिया था.
अब मैं रूबिका की ओर देखता भी नही था तभी अगले दिन रात को दीदी जान मेरे रूम में नही आई. मैं इंतजार करते करते दो रात बज गया लेकिन दीदी जान नही आई. मैं उठा और दीदी जान की रूम की ओर गया दीदी जान अकेली सोई हुई थी. मैं धीरे से दीदी जान के बेड के पास गया और अपना होठ दीदी जान की होठ पर लगा दिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तभी दीदी जान चौक के उठ गई मुझे देखने के बाद थोड़ी शांत हुई और मुस्कुराते हुए बोली भाई जान क्या हुआ.
मैं: क्या दीदी जान आज मेरे रूम मे नही आई.
दीदी: जान बोली भाई जान अब चार दिन नही आऊँगी.
मैं: क्यु दीदी जान फिर दर्द् कर रहा है क्या.
दीदी: जान हँसते हँसते बोली अब तु दर्द करने लायक छोड़ा है क्या अब तो पुरा ढीला कर दिया है.
मैं: फिर क्यु दीदी जान.
दीदी जान: मुस्कुराते हुए बुद्धू मेरा महिना आया है और मेरी चार दिन तक रहती है.
मैं: क्या दीदी जान अब मैं कैसे रहूँगा.
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तभी दीदी जान हँसने लगी और प्यार से मुझे किस की और बोली चल पेंट खोल और ला मुह से कर देती हूँ. उस रात दीदी जान मेरा लंड चूस के वीर्य निकाली. अगले दिन फिर से मुझे रूबिका कि याद आई मैं दीदी जान को बोला दीदी जान बोली आज रात जब रूबिका मेरे साथ सोयेगी तब तुम आना देखती हूँ रंडी कब तक बचती है और भाई जान कंडोम लेके आना.
मैं: कंडोम क्या होगा दीदी जान आप तो दस दिन से रोज चुदवा रही हो फिर भी देखो आपकी माहवारी आ गई.
दीदी जान: अरे भाई जान मेरी बात और है मेरी निकाह शादी हो गई है और रूबिका कुवारी है.
मैं: कोई बात नही दीदी जान रूबिका से मै निकाह शादी कर लूंगा और हम दोनों हँसने लगे. दोस्तो अब आगे की कहानी भाग तीन मे पढ़िये।
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