Wife Threesome Fuck
हैलो दोस्तों मेरा नाम जन्मेजय है और मैं यूपी के एक छोटे से जिले का रहने वाला हूँ जहां हर सुबह पहाड़ों की ठंडी हवा घर के आंगन में घुसती है और शाम को सूरज डूबते ही ठंड बढ़ जाती है। मेरे घर में पापा की उम्र ५२ साल है जो हमेशा चुपचाप रहते हैं माँ की उम्र ४७ साल है जो घर की पूरी कमान संभालती हैं. Wife Threesome Fuck
और मेरी उम्र २८ साल है और मेरी बीवी रिचा की उम्र २६ साल है जिसकी नाजुक काया और शर्मीली मुस्कान देखकर मैं हमेशा पिघल जाता था। मेरी एक बहन है जिसकी शादी हो चुकी है और वो अपने ससुराल में रहती है जहां से कभी कभार फोन पर बात होती है लेकिन घर की मुख्य समस्या हमेशा माँ और रिचा के बीच रहती थी।
मेरी माँ बहुत सख्त स्वभाव की सास हैं जिनकी एक तीखी नजर या तेज आवाज से पूरा घर सन्नाटे में डूब जाता है और रिचा के साथ हमेशा कुछ न कुछ झगड़ा चलता रहता है चाहे वो रसोई का काम हो या कपड़ों का स्टाइल हो हर छोटी बात पर उनकी आवाज गूंजने लगती थी।
पापा भी माँ से काफी डरते हैं और कभी बीच में बोलने की हिम्मत नहीं करते बस चुपचाप अखबार पढ़ते रहते हैं। हमारी शादी को ४ साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था जिसकी वजह से घर का माहौल रोजाना तनाव भरा रहता था और हर रात बिस्तर पर लेटते ही रिचा की आंखों में उदासी छा जाती थी।
मेरी माँ रिचा को रोज उल्टा सीधा बोलती रहती हैं कभी कहतीं कि तू घर का काम ठीक से नहीं करती तो कभी कहतीं कि तू इस घर के लिए बिल्कुल फिट नहीं है उनकी हर बात रिचा के दिल को चीर जाती थी। एक दिन रिचा ने कहा कि चलो डॉक्टर के पास चलते हैं ताकि पता चल जाए कि बच्चा क्यों नहीं हो रहा है उसकी आवाज में हताशा थी लेकिन आशा भी थी कि शायद कोई इलाज निकल आए।
हम डॉक्टर के पास गए तो वहां सफेद कोट वाले डॉक्टर ने सारी जांच रिपोर्ट देखकर सीधे मुझे बताया कि मुझमें बच्चा पैदा करने की क्षमता नहीं है जबकि रिचा पूरी तरह ठीक है उनकी बात सुनकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई थी और रिचा का चेहरा सफेद पड़ गया था।
शाम को घर पहुंचकर माँ को बताया लेकिन माँ ने फिर भी रिचा पर ही दोष मढ़ दिया और बोली कि ये बांझ है और तुम मुझसे झूठ बोल रहे हो उनकी तेज आवाज पूरे घर में गूंजी और आसपास की दीवारें भी थरथरा गईं लगता था जैसे सारा घर हमारे ऊपर गिरने वाला हो।
फिर मैं हर शाम चैटिंग पर रहने लगा क्योंकि घर का तनाव सहन नहीं हो रहा था और मन में कुछ अलग राह निकालने की कोशिश कर रहा था। मैंने अपना मेल आईडी कपल्स वाला बनाया और रिचा को भी चैटिंग के लिए मनाने लगा लेकिन वो मानती नहीं थी उसकी आंखों में डर था कि कहीं कोई गलत आदमी न मिल जाए।
चैटिंग पर मेरी दोस्ती उत्तराखण्ड के एक लड़के मनीष से हो गई जो हर बात में मज़ाकिया लेकिन थोड़ा शरारती स्वभाव का था। मनीष ने रिचा का फिगर पूछा और तरह तरह की बातें करने लगा जैसे उसकी कमर कितनी पतली है या उसकी छाती का साइज क्या है उसकी हर मैसेज से मेरे शरीर में एक अजीब सी सिहरन दौड़ जाती थी।
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : कॉल बॉय बना कर माँ को चोदना पड़ा
उसने अपना फोन नंबर दिया और हम फोन पर बातें करने लगे जहां उसकी भारी आवाज में उत्साह साफ सुनाई देता था। मैं रिचा को भी चैटिंग करने को बोलता रहा लेकिन वो तैयार नहीं थी वो कहती कि मुझे शर्म आती है जन्मेजय मैं ऐसा कैसे कर सकती हूँ। मैं मनीष से झूठ बोलता कि रिचा दोस्ती के लिए तैयार है क्योंकि मन में एक प्लान बन चुका था जो घर की समस्या का हल निकाल सकता था।
फिर मनीष रिचा से फोन पर बात करना चाहता था और बार बार पूछता कि कब वो उसकी आवाज सुन पाएगा। मैंने रिचा को बहुत मनाया लेकिन वो फोन पर बात करने को तैयार नहीं थी उसकी उंगलियां कांप रही थीं और चेहरा लाल हो गया था। तब एक रात मैंने रिचा से बहुत आग्रह किया कि मनीष से सिर्फ एक बार फोन पर बात करके देखो और चैट पर सिर्फ अपने बूब्स दिखा दो चेहरा मत दिखाना.
मेरी आवाज में इतना जोर था कि वो हिचकिचाते हुए मान गई। रिचा बोली ठीक है तुम्हारे कहने से एक बार बात कर लेती हूँ लेकिन इसके बाद मुझे तंग मत करना उसकी सांसें तेज हो गई थीं और आंखें नीचे झुकी हुई थीं। मैं बहुत खुश हुआ और सोचने लगा कि उनकी क्या बातें होंगी शायद कुछ रोमांचक और गर्मागर्म।
फिर मैंने नेट शुरू किया तो रिचा ने अपनी छाती आगे की और मनीष का मैसेज आया कि कमीज़ हटाकर दिखाओ मेरे हाथ रिचा की कमीज़ पर गए और धीरे से ऊपर की ओर खींच दी जिससे उसकी ब्रा दिखने लगी उसकी गोरी छाती की उभार साफ दिख रही थी और ब्रा के अंदर से निप्पल्स की हल्की आउटलाइन भी।
फिर नेट बंद कर दिया तो मनीष का फोन आया और वो बोला यार रिचा तो बहुत हॉट लग रही है प्लीज एक बार टेस्ट करा दे उसकी आवाज में उत्सुकता और लालसा दोनों थी। मैंने फोन रिचा को दिया और उधर से मनीष की आवाज आई भाभी जी आपके बूब्स तो बहुत मस्त हैं कब पिला रही हो इनका दूध उसकी बात सुनकर रिचा का पूरा शरीर सिहर उठा था और उसकी सांसें भारी हो गई थीं।
रिचा ने कहा कभी नहीं और फोन काट दिया। मनीष का फिर फोन आया और वो बोला यार रिचा बहुत शरमाती है लेकिन जल्दी मान जाएगी और मिलने का प्रोग्राम बनाओ। फोन की घंटी बजते ही मेरा दिल जोर से धड़कने लगा जैसे कोई तेज़ लय का तबला बज रहा हो और मनीष की भारी भारी आवाज़ में उत्सुकता साफ़ झलक रही थी जो मेरे कान में गूंजती हुई सीधे दिमाग़ तक पहुँच गई।
रिचा पास ही बैठी थी उसका चेहरा सुनकर एकदम लाल हो गया था और उसकी नज़रें नीचे झुक गई थीं जैसे वो शर्म से ज़मीन में समा जाना चाहती हो। उसकी साँसें थोड़ी तेज़ हो गई थीं और उंगलियाँ आपस में उलझ गई थीं मैंने देखा कि उसकी हथेलियाँ पसीने से गीली हो रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने फोन कान से लगाए रखा और अंदर ही अंदर मुस्कुरा दिया क्योंकि अब बात आगे बढ़ रही थी। मनीष की बात सुनकर मेरे मन में एक अजीब सा रोमांच दौड़ गया जो घर की रोज़मर्रा की लड़ाइयों से राहत दिला सकता था। रिचा तैयार नहीं थी लेकिन मैं मनीष को बोलता रहता कि रिचा तैयार है।
हर बार जब मैं मनीष से बात करता तो उसके स्वर में बढ़ती हुई बेचैनी महसूस होती थी और वो बार बार पूछता कि कब मिल रहे हैं जबकि रिचा हर बार मना करती थी उसकी आँखों में डर और अनिच्छा साफ़ दिखती थी। मैं चुपके से मनीष को आश्वासन देता रहता कि सब ठीक हो जाएगा और वो मान जाएगी क्योंकि मुझे पता था कि घर का तनाव अब बर्दाश्त के बाहर हो चुका था। “Wife Threesome Fuck”
रिचा की चुप्पी मुझे और ज़्यादा उत्साहित करती थी जैसे वो अंदर ही अंदर कुछ सोच रही हो। नेट पर बूब्स दिखाने के बाद मनीष को विश्वास हो गया। उस रात की चैट के बाद मनीष की आवाज़ में नई ऊर्जा आ गई थी जैसे उसने कोई बड़ी जीत हासिल कर ली हो और वो बार बार कहता कि रिचा की छाती देखकर उसका लंड खड़ा हो गया था।
उसकी बातें सुनकर मेरे शरीर में भी एक गर्मी सी फैल जाती थी लेकिन मैं बाहर से शांत दिखाता। अब सब कुछ तेज़ी से आगे बढ़ रहा था। फिर एक दिन माँ और रिचा की बहुत बड़ी लड़ाई हो गई। रसोई में माँ की तेज़ चीख़ें पूरे घर में गूंज रही थीं और रिचा की आवाज़ भी थोड़ी ऊँची हो गई थी लेकिन माँ की तीखी ज़ुबान के आगे वो बेबस लग रही थी।
माँ ने रिचा को बोला कि हमारे घर से निकल जा तू कभी बच्चा पैदा नहीं कर सकती और मैं अपने बेटे की दोबारा शादी करूंगी। उनकी आवाज़ इतनी तेज़ थी कि पड़ोस की दीवारें भी थरथरा गईं और आस पास की औरतें तमाशा देखने लगीं। वे औरतें खिड़कियों से झाँक रही थीं कुछ मुस्कुरा रही थीं तो कुछ सहानुभूति दिखा रही थीं लेकिन किसी ने बीच में बोलने की हिम्मत नहीं की।
रिचा का चेहरा पीला पड़ गया था और उसकी आँखों से आँसू बहने लगे थे जैसे कोई बाँध टूट गया हो। शाम को ऑफिस से वापस आया तो रिचा कमरे में बैठकर रो रही थी। उसका सिर घुटनों पर टिका हुआ था और कंधे फड़क रहे थे मैंने दरवाज़ा बंद किया तो वो और ज़ोर से सिसकने लगी। “Wife Threesome Fuck”
मैंने उसे समझाया तो रिचा बोली मैं ज़हर खाकर खुदकुशी कर लूंगी। उसकी आवाज़ में इतनी हताशा थी कि मेरे रोंगटे खड़े हो गए और कमरे की हवा भी भारी लगने लगी। मुझे लगा कि वो सच में ऐसा कर लेगी। उसकी आँखें सूजी हुई थीं और होंठ काँप रहे थे मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा तो वो सिहर उठी।
मैंने कहा अगर तूने ज़हर खा लिया तो मेरा क्या होगा क्या कभी तूने सोचा है। मेरी आवाज़ में डर और प्यार दोनों थे और मैं उसके पास घुटनों के बल बैठ गया था। रिचा बोली मुझे कुछ समझ नहीं आता कि मैं क्या करूँ और माँ के शब्द सुनकर मैं बहुत परेशान हो गई हूँ।
उसकी साँसें रुक रुक कर आ रही थीं और वो बार बार आँसू पोंछ रही थी। दूसरे दिन मैंने रिचा से कहा क्या तू मेरा एक काम करेगी। मेरी आवाज़ धीमी लेकिन दृढ़ थी और मैं उसके हाथों को थामे हुए था। उसने कहा मैं तुम्हारे लिए जान भी दे सकती हूँ। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसकी आँखों में समर्पण था लेकिन चेहरे पर भय भी छाया हुआ था। मैंने कहा तू किसी दूसरे से एक बार चुदवाने की चुदाई करके बच्चा पैदा कर ले तो सबका मुंह बंद हो जाएगा। मेरे मुँह से ये शब्द निकलते ही रिचा का पूरा शरीर सख्त हो गया था और उसकी आँखें फैल गई थीं जैसे किसी ने बिजली का झटका दिया हो।
रिचा पागल सी हो गई लेकिन मैंने उसे बहुत समझाया तब जाकर वो तैयार हो गई। मैं घंटों उसके पास बैठा रहा उसके बालों में हाथ फेरता रहा और धीरे धीरे समझाता रहा कि ये सिर्फ़ एक बार का काम है जो घर की शांति लौटा देगा। मैंने कहा मैं मनीष से बात करता हूँ। “Wife Threesome Fuck”
चुदाई की गरम देसी कहानी : माँ की गांड चूत चोदा मालिश करने के बाद
फिर मैंने मनीष को फोन किया तो उसने तुरंत हाँ कर दी। उसकी खुशी फोन पर ही महसूस हो रही थी और वो तुरंत तैयार हो गया। हमने मिलने का प्रोग्राम नैनीताल में सेट किया। नैनीताल का नाम सुनकर रिचा थोड़ी हिल गई लेकिन मैंने उसे आश्वासन दिया कि वहाँ कोई जानने वाला नहीं होगा।
रिचा बोली घर से थोड़ा दूर ठीक रहेगा। उसकी आवाज़ में अब हल्की सी सहमति थी लेकिन चेहरे पर अभी भी चिंता के निशान थे। अगले सप्ताह का प्रोग्राम तय हो गया। हमने होटल बुकिंग कर ली और मनीष को भी बता दिया सब कुछ प्लान के मुताबिक़ चल रहा था। जब हम नैनीताल पहुंचे तो रिचा बहुत डरी हुई थी लेकिन उसके पास कोई चारा नहीं था।
पहाड़ी हवा ठंडी थी और झील का पानी चमक रहा था लेकिन रिचा की आँखों में डर साफ़ था जैसे वो किसी अंजान रास्ते पर चल रही हो। किसी जान पहचान वाले से बात करने में बदनामी का खतरा ज्यादा था इसलिए अजनबी को चुना। हमने एक होटल में रूम बुक कर लिया और मनीष को भी उसी होटल में रूम बुक करने को कहा।
होटल का कमरा साफ़ सुथरा था लेकिन हल्की रोशनी में भी रिचा का चेहरा पीला दिख रहा था। नैनीताल पहुंचकर मनीष ने फोन किया। मैं अकेला बस स्टैंड पर मिलने गया जबकि रिचा होटल के रूम में अकेली थी। बस स्टैंड पर ठंडी हवा चल रही थी और लोग इधर उधर घूम रहे थे। “Wife Threesome Fuck”
मनीष २२ साल का जवान लड़का था और उसके साथ उसका दोस्त विक्रम भी था। मनीष की कद काठी मजबूत थी और उसकी मुस्कान में आत्मविश्वास झलक रहा था। मैंने मनीष से साइड में पूछा कि दोस्त को क्यों लाया है। मेरी आवाज़ में हैरानी थी लेकिन मैंने खुद को संभाला।
उसने कहा वो बहुत करीबी दोस्त है और हम कई बार एक साथ एक दूसरे की गर्लफ्रेंड को चोद चुके हैं। उसकी बात सुनकर मेरे कान गरम हो गए लेकिन मैंने चुप रहकर सुन लिया। मैंने कहा रिचा नहीं मानेगी मैंने तो सिर्फ तुम्हारा नाम बताया था। मनीष बोला यार बात करके देख वो मान जाएगी।
उसकी बात में इतना यकीन था कि मैं थोड़ा हिचकिचाया लेकिन राज़ी हो गया। मैं रूम में आया और रिचा को विक्रम के बारे में बताया। कमरे में घुसते ही रिचा की आँखें चौड़ी हो गईं और उसका चेहरा सफेद पड़ गया। रिचा ने पूरी तरह मना कर दिया और बोली जन्मेजय हम वापस घर चलते हैं मुझे ये काम ठीक नहीं लग रहा।
उसकी आवाज़ काँप रही थी और वो दरवाज़े की तरफ़ बढ़ने लगी थी। मैंने रिचा को बहुत देर तक समझाया कि रोज की लड़ाइयों से बेहतर है कि एक बार दिल पर पत्थर रखकर चुदाई कर लो। मैं उसके पैरों के पास बैठ गया और उसके हाथ थामे हुए घंटों समझाता रहा कि माँ के ताने कैसे घर को नर्क बना रहे हैं।
रिचा थोड़ा भावुक हो गई लेकिन मैंने उसे मनाया कि दोनों तरफ से लंड लेकर चुदवाने से बच्चा हो जाएगा और सब ठीक हो जाएगा। उसकी आँखों में आँसू थे लेकिन मेरी बातें उसके दिल को छू रही थीं। आखिरकार वो मान गई लेकिन डर भी लग रहा था। उसके कंधे अभी भी काँप रहे थे और साँसें भारी थीं। “Wife Threesome Fuck”
फिर मैंने मनीष और विक्रम को रूम पर बुलाया। दोनों अंदर आए तो रिचा शरमा गई। कमरे की हल्की रोशनी में मनीष और विक्रम के मजबूत शरीर घुसते ही रिचा का पूरा चेहरा लाल हो गया था जैसे कोई गर्म लहर उसके गालों पर चढ़ गई हो उसकी आँखें नीचे झुक गईं और उंगलियाँ नर्वस होकर बिस्तर की चादर को कसकर पकड़ लीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : सुहागरात में 6 बार चोदा पति ने मोटे लंड से
उसकी साँसें अचानक तेज़ हो गईं और सीने की हलचल साफ़ दिख रही थी। मैंने देखा कि उसके होंठ हल्के से काँप रहे थे लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी उत्सुकता भी झलक रही थी। कमरे में हल्की सी पसीने और उत्तेजना की महक फैलने लगी थी। मैंने कहा अब शुरू करो लेकिन धीरे से।
मेरी आवाज़ धीमी लेकिन दृढ़ थी और मैं कोने में कुर्सी पर बैठ गया था ताकि सब कुछ साफ़ दिखे। मनीष ने रिचा के पास जाकर उसे किस करना शुरू किया। वो धीरे से रिचा के सामने खड़ा हो गया उसकी ऊँची कद काठी और चौड़ी छाती रिचा की नाजुक देह के सामने और भी भारी लग रही थी।
उसने रिचा के ठोढ़ी को उँगलियों से ऊपर उठाया और पहले तो उसके होंठों पर हल्का सा किस किया जैसे कोई स्वाद चख रहा हो फिर उसकी जीभ रिचा के निचले होंठ को चाटने लगी। रिचा की साँसें और तेज़ हो गईं और उसके होंठ अनजाने में ही थोड़े खुले। मनीष ने मौका देखकर अपनी जीभ अंदर डाल दी और रिचा की जीभ से उलझने लगा गीली गीली आवाज़ें कमरे में गूंजने लगीं।
उसके हाथ रिचा की पीठ पर फिरने लगे और धीरे से उसे अपने सीने से चिपका लिया। विक्रम ने पीछे से उसकी कमर पकड़ ली। विक्रम की मजबूत उँगलियाँ रिचा की पतली कमर पर कस गईं और उसने उसे पीछे से खींचकर अपनी छाती से सटा लिया। “Wife Threesome Fuck”
उसकी हथेलियाँ रिचा की कमर पर घूम रही थीं और कभी कभार निचली पीठ को दबा रही थीं। रिचा का पूरा शरीर हल्का सा काँप उठा था लेकिन उसकी साँसों की गर्मी बढ़ती जा रही थी। विक्रम ने अपना मुँह रिचा की गर्दन पर रखकर हल्के से चूसने लगा और उसके दाँत हल्के से काटते हुए चूमने लगे जिससे रिचा की गर्दन पर हल्के लाल निशान बनने लगे।
रिचा कांप रही थी लेकिन धीरे धीरे गरम होने लगी। उसके घुटने थोड़े कमज़ोर पड़ रहे थे और वो दोनों के बीच में फँसी हुई थी लेकिन अब उसकी साँसें भारी और गहरी हो चुकी थीं। उसकी छाती ऊपर नीचे हो रही थी और ब्रा के अंदर निप्पल्स सख्त होकर बाहर की ओर उभर आए थे। उसके बीच वाले हिस्से में गर्मी फैलने लगी थी और वो खुद को रोक नहीं पा रही थी।
उन्होंने रिचा के कपड़े उतारने शुरू कर दिए। मनीष ने रिचा की साड़ी की पल्लू खींचकर नीचे गिरा दी और फिर ब्लाउज़ के हुक एक एक करके खोलने लगा हर हुक खुलते ही रिचा की गोरी छाती थोड़ी थोड़ी बाहर झाँकने लगी। विक्रम ने पीछे से स्कर्ट का नाड़ा खोल दिया और स्कर्ट सरककर पैरों के पास गिर गई।
रिचा अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी थी उसकी गोरी त्वचा रोशनी में चमक रही थी। उसकी ब्रा और पैंटी निकाल दी गई। मनीष ने ब्रा का हुक पीछे से खोल दिया और ब्रा उसके कंधों से सरककर गिर गई रिचा की दोनों बड़ी गोल छातियाँ एकदम आज़ाद होकर हिलने लगीं उनके गुलाबी निप्पल्स पूरी तरह सख्त और खड़े थे।
विक्रम ने पैंटी का रबर पकड़कर धीरे से नीचे खींचा और पैंटी उसके गोल गोल नितंबों से गुजरकर पैरों तक पहुँच गई। अब रिचा की पूरी चुत साफ़ दिख रही थी जो पहले से ही थोड़ी गीली हो चुकी थी। रिचा अब पूरी नंगी थी और दोनों के लंड खड़े हो चुके थे। “Wife Threesome Fuck”
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : गर्लफ्रेंड की सलवार में गरम चूत को चूमा
उसकी नंगी देह देखकर मनीष और विक्रम दोनों के लंड उनकी पैंट के अंदर से फट पड़ने को तैयार थे दोनों के पैंट के सामने बड़े बड़े उभार बन गए थे। मनीष ने अपना लौड़ा रिचा के मुंह के पास किया और वो चूसने लगी। मनीष ने पैंट उतारकर अपना मोटा लंबा लंड बाहर निकाला जो पूरी तरह खड़ा और नसों से भरा हुआ था उसके सिरे पर चमकदार प्रीकम की बूँद चमक रही थी।
उसने लंड रिचा के होंठों के पास रख दिया रिचा ने पहले तो हिचकिचाते हुए जीभ निकाली और लंड के सिरे को चाटा उसका स्वाद नमकीन और गर्म था फिर उसने मुँह खोलकर लंड को अंदर ले लिया और धीरे धीरे चूसने लगी उसके गाल अंदर बाहर होने लगे और वो सिर हिलाकर लंड को गले तक ले जाने की कोशिश करने लगी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
विक्रम ने पीछे से उसकी चुत को चाटना शुरू किया। विक्रम घुटनों के बल बैठ गया और रिचा के नंगे नितंबों को दोनों हाथों से फैलाकर अपनी जीभ उसकी चुत पर फेरने लगा पहले तो क्लिटोरिस को गोल गोल चाटा फिर जीभ अंदर डालकर चुत के रस को चूसने लगा रिचा की चुत से गीला गीला रस निकल रहा था जो विक्रम की जीभ पर चिपक रहा था। “Wife Threesome Fuck”
उसकी जीभ तेज़ी से अंदर बाहर होने लगी और कभी कभार नितंबों के बीच वाली जगह को भी चाटने लगा। रिचा चुदक्कड़ बन गई थी और आहें भर रही थी। अब रिचा की आँखें बंद थीं और उसके मुँह से लगातार आहें निकल रही थीं मनीष के लंड को चूसते हुए वो गहरी गहरी साँसें ले रही थी और विक्रम की जीभ की वजह से उसकी कमर बार बार हिल रही थी। उसके निप्पल्स और भी सख्त हो गए थे और चुत से रस टपकने लगा था।
फिर दोनों ने उसे बेड पर लिटाया। वे दोनों ने रिचा को उठाकर बेड पर लिटा दिया उसकी पीठ बेड से सट गई और उसके पैर थोड़े फैले हुए थे। मनीष ने आगे से अपना लंड रिचा की चुत में डाल दिया और चोदने लगा। मनीष ने अपने लंड को रिचा की चुत के ऊपर रगड़ा पहले तो सिरा ही अंदर किया. “Wife Threesome Fuck”
जिससे रिचा के मुँह से एक लंबी आह निकली फिर धीरे धीरे पूरा लंड अंदर धकेल दिया रिचा की चुत उसके मोटे लंड से पूरी तरह भर गई थी और वो अंदर बाहर होने लगे हर थ्रस्ट के साथ चुत से चिकचिक की आवाज़ आने लगी। विक्रम ने पीछे से लंड उसकी गांड में घुसा दिया।
विक्रम ने थोड़ा स्पिट लगाकर अपना लंड रिचा की गांड के छेद पर रखा और धीरे से दबाव डालते हुए अंदर घुसाने लगा पहले तो सिरा ही मुश्किल से अंदर गया लेकिन फिर पूरा लंड धीरे धीरे अंदर चला गया रिचा की गांड उसके लंड से तनी हुई थी और दोनों लंड अब सिर्फ एक पतली दीवार से अलग थे।
अब रिचा दोनों तरफ से चुदवाती हुई चीख रही थी। रिचा की चीखें कमरे में गूंज रही थीं लेकिन वो दर्द की नहीं बल्कि खुशी की चीखें थीं उसका पूरा शरीर दोनों तरफ से थ्रस्ट ले रहा था और उसकी छाती ऊपर नीचे हिल रही थी। दोनों लंड एक साथ अंदर बाहर हो रहे थे और रिचा की चुदाई जोरों से चल रही थी।
मनीष और विक्रम दोनों एक साथ रिदम में चोद रहे थे कभी तेज़ कभी धीरे लेकिन लगातार दोनों लंड रिचा की चुत और गांड में घुस रहे थे और बाहर निकल रहे थे उनके अंडकोश रिचा की त्वचा से टकरा टकरा कर चप चप की आवाज़ कर रहे थे रिचा का पूरा शरीर पसीने से तर हो चुका था और बेड की चादर भी गीली हो गई थी।
मैं एक कोने में बैठकर देख रहा था और मेरा लंड भी खड़ा हो गया था। मैं कुर्सी पर बैठा सब कुछ देख रहा था मेरा अपना लंड पैंट के अंदर पूरी तरह खड़ा हो गया था और मैं बिना आँख हटाए उन्हें देखता रहा। रिचा बार बार कह रही थी और चोदो मुझे पूरी चुत और गांड भर दो।
उसकी आवाज़ भरी भरी थी और वो बार बार चिल्ला रही थी कि और जोर से चोदो मुझे पूरी चुत और गांड भर दो उसके शब्द सुनकर दोनों और तेज़ हो गए। वे दोनों उसे चोदते रहे लंबे समय तक। वे मिनटों तक लगातार चोदते रहे कभी पोजीशन थोड़ी बदलते लेकिन दोनों लंड लगातार अंदर बाहर होते रहे रिचा की चीखें अब आहों में बदल गई थीं और उसका शरीर बार बार झड़ रहा था। “Wife Threesome Fuck”
पहले मनीष ने अंदर झड़ दिया फिर विक्रम ने भी। मनीष का शरीर अचानक सख्त हो गया और उसने गहरी साँस लेकर रिचा की चुत के अंदर पूरा वीर्य उछाल दिया गर्म गर्म झड़नों की कई बूँदें उसके अंदर भर गईं। फिर विक्रम भी काँप उठा और उसने रिचा की गांड के अंदर अपना सारा वीर्य छोड़ दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रिचा की चुत और गांड दोनों से वीर्य निकल रहा था। फिर उन्होंने उसे आराम दिया और दोबारा तैयार हो गए। रिचा बेड पर लेटी हुई थी उसकी सांसें अभी भी तेज चल रही थीं और चुत तथा गांड दोनों से सफेद वीर्य की धार बह रही थी जो बेड शीट पर फैलकर गीला धब्बा बना रही थी।
मनीष और विक्रम ने कुछ मिनट उसे पानी पिलाया और उसके माथे पर पसीना पोंछा ताकि वो थोड़ा रिलैक्स हो जाए लेकिन उनके लंड अभी भी आधे खड़े थे और उन्होंने एक दूसरे को देखकर मुस्कुराते हुए कहा कि अब फिर से शुरू करते हैं। दोनों ने अपनी पैंट पूरी तरह उतार दी और नंगे होकर बेड के पास खड़े हो गए उनके मोटे लंड हवा में हिल रहे थे और सिरे पर फिर से प्रीकम चमकने लगा था।
रिचा की आंखें आधी बंद थीं लेकिन उसकी देह अभी भी गर्म थी और वो धीरे से करवट बदल रही थी। इस बार पोजीशन बदली और फिर से दोनों तरफ से चुदाई शुरू हो गई। अब उन्होंने रिचा को बेड पर घुटनों के बल मोड़ दिया उसकी गांड ऊपर की ओर थी और चेहरा नीचे बेड से सटा हुआ था।
मनीष ने आगे से उसकी चुत में लंड ठोक दिया जबकि विक्रम ने पीछे से गांड में घुसाने की तैयारी की। मनीष का लंड पहले की तरह चुत के अंदर फिसल गया लेकिन इस बार वो और गहराई तक धकेल रहा था हर थ्रस्ट के साथ रिचा की चुत की दीवारें फैल रही थीं और चिकचिक की आवाज जोर से गूंज रही थी।
विक्रम ने अपना लंड थूक लगाकर गांड के छेद पर रगड़ा और फिर एक झटके में आधा अंदर डाल दिया रिचा की कमर झटक उठी लेकिन अब वो दर्द की बजाय खुशी से कांप रही थी। दोनों लंड फिर से एक साथ अंदर बाहर होने लगे लेकिन इस बार स्पीड ज्यादा थी और रिचा का पूरा शरीर हिल रहा था।
रिचा अब पूरी तरह चुदक्कड़ बन चुकी थी और खुद कह रही थी और चोदो मुझे। उसकी आवाज अब पहले से कहीं ज्यादा भरी हुई और कामुक थी वो बार बार चिल्ला रही थी और चोदो मुझे जोर से चोदो मेरी चुत और गांड दोनों भर दो उसके शब्द सुनकर मनीष और विक्रम की गति और तेज हो गई। “Wife Threesome Fuck”
रिचा की छाती बेड से रगड़ खा रही थी और निप्पल्स सख्त होकर दर्द भरी खुशी दे रहे थे। उसकी चुत से रस की धार निकल रही थी जो मनीष के लंड पर चिपक रही थी और गांड भी विक्रम के हर धक्के पर फैल रही थी। रिचा का चेहरा पसीने से तर था और आंखें आनंद से बंद थीं वो खुद अपनी कमर हिलाकर लंडों को और गहराई तक ले रही थी।
रात भर तीनों ने मिलकर रिचा की चुदाई की। वे तीनों घंटों तक रुक रुक कर चोदते रहे कभी पोजीशन बदलते कभी रिचा को ऊपर नीचे करके कभी खड़े होकर। पहले राउंड में दोनों ने फिर से अंदर झड़ दिया लेकिन थोड़ी देर आराम के बाद तीसरा राउंड शुरू हो गया इस बार मनीष नीचे लेट गया रिचा को अपनी गोद में बिठाकर चुत में लंड डाला और विक्रम ने पीछे से गांड में घुसा दिया.
रिचा अब दोनों लंडों के बीच सैंडविच हो गई थी और उसकी चीखें कमरे की दीवारों से टकरा रही थीं। रात के दो बजे तक वे लगातार तीन चार बार झड़ चुके थे हर बार रिचा की चुत और गांड वीर्य से भरी जा रही थीं और वो खुद बार बार झड़ रही थी उसका शरीर थरथरा उठता था और मुंह से बस आहें और चोदो मुझे निकलता रहता था।
कमरे में पसीने की तेज महक फैल गई थी और बेड की चादर पूरी तरह गीली हो चुकी थी। सुबह होते होते रिचा थक गई लेकिन खुश भी थी। सुबह की पहली किरण खिड़की से अंदर आई तो रिचा की आंखें खुलीं उसका शरीर पूरी तरह थका हुआ था लेकिन चेहरे पर एक संतुष्ट मुस्कान थी।
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : बुआ ने अपने गांड का तिल दिखाया मुझे
उसकी चुत और गांड अभी भी हल्की सूजी हुई थीं और वीर्य की सूखी परत चिपकी हुई थी लेकिन वो धीरे से उठकर बैठ गई और दोनों लड़कों को देखकर शरमाते हुए मुस्कुराई। हम होटल से वापस आए और कुछ महीनों बाद पता चला कि रिचा प्रेग्नेंट है। “Wife Threesome Fuck”
घर लौटते समय रिचा मेरे कंधे पर सिर रखकर सो गई थी और जब टेस्ट रिपोर्ट आई तो पूरा घर खुशी से भर गया। माँ का मुंह बंद हो गया और घर में खुशी छा गई। माँ ने रिचा को गले लगाया और पहली बार उसकी तारीफ की घर में हंसी की लहरें दौड़ने लगीं और पापा भी चुपचाप मुस्कुरा रहे थे। लेकिन असली बात तो ये थी कि रिचा को अब चुदवाने का शौक लग गया था।
वो रात को बिस्तर पर लेटकर मनीष और विक्रम की याद में अपनी उंगलियां चुत में डालती और मुझे बताती कि फिर से दोनों तरफ से चुदवाने का मन कर रहा है। वो मनीष और विक्रम से फिर मिलने की बात करती और कहती कि मुझे फिर से दोनों तरफ से चुदवाओ।
हर हफ्ते वो मुझे याद दिलाती और कभी कभी फोन पर भी बात करके प्लान बनाने लगी। मैं भी खुश था क्योंकि अब हमारी घरेलू जिंदगी खुशहाल हो गई थी। तनाव खत्म हो गया था और रिचा की मुस्कान वापस आ गई थी घर में सब कुछ सामान्य लेकिन अंदर से रोमांचक हो गया था।
कभी कभी हम तीनों मिलकर रिचा की चुत और लंड से भरी चुदाई करते। होटल या कभी घर में जब माँ पापा बाहर होते तो मनीष और विक्रम आ जाते और हम तीनों रिचा को घंटों चोदते वो बीच में लेट जाती और हम तीनों उसके हर छेद को भर देते। ये थी मेरी बीवी की वो चुदाई कहानी जो मैं छुपाना चाहता था लेकिन आज शेयर कर दी।
दोस्तों आपको ये Wife Threesome Fuck की कहानी मस्त लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………..
Discover more from Crazy Sex Story
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Leave a Reply