Hot Girl Breakup Sex
मैं राजीव गुडगाँव से हूं। मेरी उम्र 23 साल है। मैं दिखने में गुड लुकिंग और स्मार्ट हूं। मैं ऐसी कहानियां लगभग पिछले चार साल से पढ़ रहा हूं। यह मेरी पहली स्टोरी है। यह बात आज से तीन साल पहले की है जब मैंने बारहवीं पास की थी और मैं किसी पार्ट टाइम जॉब की तलाश में था। मुझे जॉब मिल गई और वो भी घर से कुछ दूर गुडगाँव में ही मिली। Hot Girl Breakup Sex
मेरे नए ऑफिस में मेरी टीम में कुछ लड़कियां भी थीं। उनमें से एक का नाम था खुशबू। वो बहुत ही सिंपल और आकर्षक थी। मैं उसकी सादगी का दीवाना हो गया था। खुशबू एक सेक्सी फिगर की मालकिन थी। उसके कर्व्स इतने परफेक्ट थे कि नजरें खुद-ब-खुद वहां टिक जाती थीं।
हां, वैसे तो मैं हर लड़की और लेडी की बहुत इज्जत करता हूं और खुशबू के लिए भी मेरे मन में शुरू में सम्मान ही था, पर धीरे-धीरे वो सम्मान आकर्षण में बदल गया। पता नहीं क्यों, लेकिन मैं उसे देखते ही रह जाता था। मैंने ऑफिस में काम के बहाने और कभी किसी छोटी-मोटी बात पर उससे बात करना शुरू किया।
वो मुझ पर ध्यान तो देती थी, पर ज्यादा गहराई से नहीं। फिर भी मैं ऑफिस आते ही उसे ढूंढता और उसके पास वाली सीट पर बैठने की कोशिश करता। धीरे-धीरे मैं उसके लंच टाइम पर भी साथ जाने लगा। हम साथ में कैंटीन जाते, हल्की-फुल्की बातें करते। एक दिन वो अकेले ही लंच पर जाने लगी।
दरअसल आज उसकी सहेली नहीं आई थी। मैंने इसे सही मौका समझा और उसके पीछे-पीछे चल दिया। कैंटीन में हमारी मेज के आसपास की लगभग सारी चेयरें खाली थीं क्योंकि ज्यादातर लोग लंच करके वापस जा चुके थे। मैं बिना कुछ कहे उसके सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया। उसने मुझे देखा और होंठों पर हल्की सी मुस्कान बिखेर दी।
वो आज सफेद कुर्ता और काले रंग की सलवार पहने हुए थी। कुर्ते का कपड़ा हल्का पतला था। जब वो आगे झुकी तो उसके अंदर पहनी हुई गुलाबी ब्रा की हल्की झलक साफ दिखाई दे रही थी। ब्रा के लेस वाले किनारे कुर्ते के गले से थोड़े बाहर झांक रहे थे। उसकी सांसों के साथ उसकी छाती हल्के-हल्के ऊपर-नीचे हो रही थी। मुझे वो कुछ परेशान सी लग रही थी।
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मैंने पूछा, “क्या बात है? आज तुम कुछ परेशान सी लग रही हो।”
वो बोली, “कुछ नहीं।”
मैंने फिर कहा, “कुछ तो है। आज तुम्हारे चेहरे पर वो चमक नहीं है जो रोज रहती है।”
वो हंस पड़ी और बोली, “आज तुम्हें क्या हो गया राजीव? इतना ध्यान देने लगे हो?”
मैंने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “बस ऐसे ही। अच्छा लगता है तुमसे बात करके।”
फिर वो थोड़ी गंभीर हो गई और बोली, “यार राजीव, तुम मेरी लाइफ नहीं समझ सकते। बहुत उलझी हुई है। मैं बोर हो चुकी हूं अपनी लाइफ से।”
मैंने कहा, “क्यों यार? तुम इतना नेगेटिव क्यों सोचती हो?”
वो बोली, “बस ऐसे ही।”
मैंने उसकी आंखों में देखते हुए कहा, “शायद अभी तक मैं तुम्हारा इतना अच्छा दोस्त नहीं बन सका कि तुम मुझसे अपनी बातें शेयर करो।”
दोस्तो, एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए। किसी की भी गोपनीयता का बहुत ख्याल रखना चाहिए, खासकर लड़कियों और लेडीज का। अगर एक बार उनके मन में आपकी छवि खराब हो गई, तो उनका भरोसा दोबारा हासिल करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
वो चुप रही, फिर धीरे से बोली, “यार राजीव, मेरा मन करता है कि मैं इस लाइफ से दूर कहीं अकेले चली जाऊं, जहां मेरा अतीत मेरे साथ ना हो।”
मैंने कहा, “अरे यार, अपना माइंड उस तरफ मत ले जाया करो। दोस्तों से बातें शेयर करो, दिल हल्का हो जाएगा।”
फिर मैंने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “चलो, कोई अच्छी फिल्म देखने चलते हैं। मूड फ्रेश हो जाएगा।”
उसने कुछ पल सोचा, फिर बोली, “ठीक है, चलो।”
मैं तो ऑफिस के बाद जाने की बात कर रहा था, लेकिन उसके जवाब में कुछ अलग था।
मैंने पूछा, “अभी?”
वो बोली, “हां, अभी। चलो छोड़ो।”
मैं अपनी गलती पर पछता रहा था कि शायद मैंने जल्दबाजी कर दी। फिर भी मैंने एक बार और कोशिश की, “चलो, चलते हैं।”
उसने मेरी आंखों में देखा, फिर धीरे से मुस्कुराई और बोली, “मैं बाहर वेट कर रही हूं। जल्दी आना।”
मैंने अपने एचआर से अपना और उसका हाफ डे लिया और बाहर आ गया। मैंने अपनी बाइक निकाली। खुशबू ऑफिस के बाहर मेरा इंतजार कर रही थी। वो थोड़ी उदास नजर आ रही थी, लेकिन जब मुझे देखा तो हल्की सी मुस्कान दे दी। मैंने बाइक स्टार्ट की और उसे पीछे बैठने को कहा। वो बाइक पर बैठ तो गई, लेकिन हमारे बीच काफी स्पेस था।
वो थोड़ी दूर बैठी हुई थी, जैसे शर्म या झिझक रही हो। मैंने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “सही से बैठो ना खुशबू, वरना गिर जाओगी।” वो थोड़ा हिचकिचाई, फिर धीरे-धीरे अपने शरीर को मेरी तरफ खींच लिया। अब उसकी छाती मेरी पीठ से हल्के से लग रही थी। उसकी सांसें मेरी कमर के पास महसूस हो रही थीं। मैंने बाइक स्टार्ट की और हम चल दिए। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रास्ते में जब भी मैं ब्रेक लगाता, वो अपने आप मेरे और करीब आ जाती। उसकी दोनों बाहें मेरी कमर के चारों ओर लिपट जातीं। कभी-कभी उसकी हथेलियां मेरी पेट पर टिक जातीं। मुझे उसकी गर्माहट महसूस हो रही थी। उसकी सॉफ्ट ब्रेस्ट मेरी पीठ पर दब रही थीं। मुझे भी अंदर से एक अजीब सा मजा आने लगा था। दिल की धड़कन तेज हो गई थी।
अब मेरे दिमाग में उसके लिए गलत ख्याल आने लगे थे। मैं सोच रहा था कि उसकी ये नजदीकी कितनी अच्छी लग रही है। आखिर मैं भी एक जवान लड़का हूं, कब तक सब कुछ कंट्रोल में रखूं। उसकी सांसें मेरी गर्दन के पास आ रही थीं, और हर ब्रेक पर वो और चिपक जाती।
रास्ते में हम बातें करते रहे। उसने धीरे-धीरे अपनी कहानी सुनानी शुरू की। वो बोली, “राजीव, मैं एक लड़के से बहुत प्यार करती थी। हमारा रिश्ता दो साल से चल रहा था। हम दोनों शादी की प्लानिंग कर रहे थे। लेकिन कुछ दिनों पहले उसने ब्रेकअप कर लिया।”
उसकी आवाज में दर्द था।
वो आगे बोली, “कारण ये था कि उसकी शादी किसी और से तय हो गई थी। परिवार ने उसे जबरदस्ती मना लिया।”
वो रुक गई, फिर बुझे हुए लहजे में कहा, “मैंने अपना सब कुछ उसको दे दिया था। यहां तक कि घरवालों की भी नहीं सुनी। मैंने सबके खिलाफ जाकर उसे चुना था। लेकिन आज मेरे साथ कोई भी नहीं रहा। सब छोड़कर चले गए।”
वो गुडगाँव में एक पीजी में अपनी एक फ्रेंड के साथ रहती थी। बातें करते-करते हम सेक्टर 18 पहुंच गए। हमने मॉल में फिल्म देखने का फैसला किया। उस वक्त कोई अच्छी बॉलीवुड मूवी नहीं लगी थी। मैंने हॉलीवुड की एक रोमांटिक-थ्रिलर मूवी का टिकट ले लिया। मैंने काउंटर पर खासतौर से कॉर्नर सीट्स के लिए रिक्वेस्ट की। दोपहर के ढाई बजे थे, इसलिए हॉल में ज्यादा भीड़ नहीं थी। टिकट आसानी से मिल गए।
हम अंदर अपनी सीटों पर आ गए। कॉर्नर सीट्स थीं, सबसे आखिरी रो में, दीवार के बिल्कुल पास। हमारे आगे की रो में सिर्फ दो-तीन लोग बैठे थे, वो भी काफी दूर। फिल्म शुरू हुई तो हॉल में पूरा अंधेरा हो गया। स्क्रीन की रोशनी ही अब दिख रही थी।
हम फिल्म देख रहे थे, लेकिन मेरा ध्यान फिल्म पर नहीं था। मैं बार-बार उसकी तरफ देख रहा था। उसके चेहरे पर स्क्रीन की हल्की रोशनी पड़ रही थी। उसके होंठ थोड़े खुले हुए थे, आंखें स्क्रीन पर टिकी हुई थीं। उसकी साड़ी जैसी कुर्ते की नेकलाइन में उसकी छाती हल्के-हल्के ऊपर-नीचे हो रही थी।
एक बार उसने मेरी तरफ देखा। मैंने झट से नजरें हटा लीं।
वो धीरे से बोली, “क्या हुआ? कुछ कहना चाहते हो?”
मैंने हिम्मत जुटाई और धीमी आवाज में कहा, “खुशबू, आई लाइक यू।”
वो हंस पड़ी। हंसी हल्की थी, लेकिन उसमें थोड़ा मजाक भी था।
वो बोली, “यार तुम लड़के भी ना… सब ऐसे ही होते हो।”
मैं चुप हो गया। अंदर से थोड़ा गुस्सा भी आया और शर्मिंदगी भी। मैंने कुछ नहीं कहा और गुस्से में फिल्म की तरफ देखने लगा।
कुछ देर बाद उसने मेरी बांह पर हल्के से हाथ रखा और बोली, “राजीव, क्या हुआ? नाराज हो गए?”
मैंने कहा, “कुछ नहीं।”
वो फिर बोली, “कुछ तो बोलो ना।”
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मैंने थोड़ा रुककर कहा, “यार, तुम मुझे भी शायद उन लड़कों में गिन रही हो जो बस गलत सोचते हैं। लेकिन मैं वैसा नहीं हूं। मैं सच में तुम्हें पसंद करता हूं। पर अगर तुम्हें बुरा लगा तो सॉरी। आज के बाद मैं तुमसे इस बारे में कभी बात नहीं करूंगा।”
इतने में इंटरवल हो गया। हॉल की लाइट्स जल उठीं और लोग बाहर जाने लगे। मैं गुस्से में उठ खड़ा हुआ और बाहर की तरफ चल पड़ा। खुशबू ने फौरन मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे वापस अपनी सीट पर खींचते हुए बोली, “बैठो ना राजीव, मैं तुमसे कुछ बात करना चाहती हूं।”
मैं थोड़ा इतराते हुए, गुस्से में बोला, “क्या कहना है?”
वो मेरी आंखों में देखकर धीरे से बोली, “यार राजीव, मैं आजकल बहुत टेंशन में रहती हूं। तुम तो जानते ही हो। मेरी जिंदगी में सब कुछ उलझा हुआ है। मैं बस… थोड़ा कंफ्यूज हूं।”
मैंने उसके हाथों को और जोर से पकड़ा। मेरी उंगलियां उसकी नरम हथेलियों में फंस गईं। मैंने गंभीर होकर कहा, “मैं उन लड़कों की तरह नहीं हूं, खुशबू। मैं तुम्हें कभी जबरदस्ती कुछ नहीं करूंगा। हां, मैं तुम्हें हाथ तक नहीं लगाऊंगा अगर तुम नहीं चाहोगी।”
वो कुछ नहीं बोली। बस मेरी आंखों में देखती रही। फिर धीरे से हाथ छुड़ाकर बोली, “चलो, बाहर चलते हैं।”
हम दोनों बाहर निकल आए। इंटरवल में हमने कुछ स्नैक्स लिए – पॉपकॉर्न और कोल्ड ड्रिंक्स। फिर वापस अपनी कॉर्नर सीटों पर आ गए। हॉल अभी भी काफी खाली था। ज्यादातर लोग इंटरवल में ही बाहर थे या वापस नहीं लौटे थे। बैठते ही खुशबू ने हल्के से मुस्कुराते हुए पूछा, “तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?”
मैंने सीधे जवाब दिया, “नहीं।”
उसकी आंखों में एक अलग सी चमक आई। जैसे राहत मिली हो या कुछ उम्मीद जगी हो। वो थोड़ा और मेरे करीब सरक आई। फिल्म दोबारा शुरू हो गई। अब हम पहले से भी ज्यादा क्लोज होकर बैठे थे। मेरी बांह उसकी बांह से सटी हुई थी। उसकी सांसें मेरे कंधे के पास महसूस हो रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिल्म में एक सेक्सी सीन आने लगा। स्क्रीन पर हीरोइन का गला गहरा था, और रोमांटिक मूड बन रहा था। खुशबू ने धीरे से अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया। उसकी उंगलियां मेरी उंगलियों में फंस गईं। मेरे पूरे बदन में एक अजीब सा झटका लगा। दिल की धड़कन तेज हो गई। मुझे गर्मी सी महसूस होने लगी। “Hot Girl Breakup Sex”
मैंने उसके हाथ को और कसकर पकड़ा और उसके चेहरे की तरफ देखा। वो भी मुझे ही देख रही थी। उसकी आंखें चमक रही थीं। स्क्रीन की रोशनी में उसके होंठ चमकते हुए लग रहे थे। मैंने हिम्मत जुटाई, उसके दोनों कंधों पर हाथ रखे और धीरे से उसे अपनी तरफ खींचा। फिर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।
पहले तो उसने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। वो बस स्थिर रही। लेकिन कुछ सेकंड बाद उसने भी जवाब देना शुरू कर दिया। उसकी वासना की आग मुझे भी जला रही थी। हम दोनों गहराई से किस करने लगे। मेरी जीभ उसके होंठों को छू रही थी। वो धीरे-धीरे मेरे साथ तालमेल बिठा रही थी।
मैं उसे बेतहाशा चूम रहा था। कभी उसके निचले होंठ को हल्के से काटता, कभी ऊपरी होंठ को चूसता। फिर उसके गालों पर किस करता, उसके कान के पास जाकर हल्के से काटता। फिर उसकी गर्दन पर होंठ रखकर चूमने लगा। उसकी गर्दन गर्म थी। वो हल्के-हल्के सांस ले रही थी। हम दोनों भूल चुके थे कि हम सिनेमाहॉल में हैं।
किस करते-करते मैंने अपना दायां हाथ धीरे से उसके चूचे पर रख दिया। उसके कुर्ते के ऊपर से ही उसकी नरम, भरी हुई छाती महसूस हुई। ब्रा का कपड़ा पतला था। मैंने हल्के से दबाया। लेकिन तभी उसने झटके से मेरा हाथ हटा दिया। वो थोड़ी सख्त हो गई। मुझे अजीब लगा। शायद वो तैयार नहीं थी। मैंने हाथ हटा लिया और चुपचाप फिल्म देखने लगा। हम दोनों कुछ देर नॉर्मल हो गए। कोई बात नहीं हुई।
फिर कुछ देर बाद फिल्म खत्म हो गई। लाइट्स जल उठीं। सब बाहर जाने लगे। हम भी उठे और बाहर आ गए। बाहर आते ही हम दोनों एक-दूसरे से नजरें नहीं मिला पा रहे थे। मुझे थोड़ा गुस्सा भी आ रहा था, लेकिन मैं उसके दिल का हाल जानता था। इसलिए मन में कोई बात नहीं रखी। हम मार्केट में घूमते रहे। शाम को लगभग छह बजकर पैंतालीस मिनट हो गए थे। “Hot Girl Breakup Sex”
उसने कहा, “घर चलते हैं।”
मैंने भी हां कह दी।
फिर मैंने कहा, “चलो, मैं तुम्हें ड्रॉप कर देता हूं। फिर मैं भी घर चला जाऊंगा।”
उसने हल्के से सिर हिलाया और बोली, “ठीक है।”
अब हम एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे। शाम की हल्की ठंडी हवा में उसकी मुस्कान और भी खूबसूरत लग रही थी। इस बार जब वो बाइक पर बैठी तो पहले से कहीं ज्यादा क्लोज होकर बैठ गई। उसने अपनी दोनों बाहें मेरी कमर के चारों ओर लपेट लीं। उसके गोल-गोल, मस्त मम्मे मेरी पीठ पर पूरी तरह दब रहे थे।
कुर्ते के पतले कपड़े के नीचे से उनकी नरमी और गर्माहट साफ महसूस हो रही थी। हर थोड़ी देर में ब्रेक लगाने पर वो और जोर से चिपक जाती। मेरी पीठ पर उसके स्तनों का दबाव बढ़ता जा रहा था। मेरा लंड फिर से सख्त हो गया था। पैंट में वो तनाव महसूस हो रहा था, जैसे बाहर आने को बेताब हो।
कुछ ही देर में हम उसके पीजी पहुंच गए। वो बोली, “आ जाओ राजीव, एक कप चाय तो पी लो।”
मैंने हां कर दी। मुझे पता था उसकी रूममेट आठ तीस बजे तक आती है, तो अभी हमारे पास अच्छा-खासा समय था। कोई दिक्कत नहीं थी। हम दोनों अंदर आए। ये एक वन बीएचके फ्लैट था। छोटा सा लेकिन साफ-सुथरा। कमरे में उनके दोनों के कपड़े इधर-उधर बिखरे पड़े थे। बिस्तर पर एक लाल ब्रा और काली पैंटी पड़ी हुई थी। एक कुर्सी पर उसकी सलवार टंगी हुई थी। “Hot Girl Breakup Sex”
वो थोड़ी शरमाई, जल्दी से सब कुछ उठाकर अलमारी में डाल दिया और बोली, “मैं चाय लेकर आती हूं। तुम बिस्तर पर बैठो।”
मैंने चाय के लिए मना कर दिया। उठकर उसके पास गया और उसका हाथ फिर से पकड़ लिया।
मैंने गंभीर होकर कहा, “आज की बात का बुरा मत मानना, खुशबू। मैं तुम्हें उस नजर से नहीं देखता जो तुम सोच रही हो। मैं सच में तुम्हारी इज्जत करता हूं।”
उसने मेरी आंखों में देखा और धीरे से बोली, “नहीं राजीव, ऐसा कुछ नहीं है। अब मुझे तुम पर भरोसा है।”
उसने मेरे हाथों को और जोर से पकड़ लिया। उसकी उंगलियां मेरी उंगलियों में कसकर फंस गईं। उसकी हथेलियां गर्म थीं। मेरा हाल और बुरा हो गया। दिल की धड़कन तेज हो गई। मेरा लंड पैंट में पूरी तरह टेंट बना रहा था। वो साफ दिख रहा था। उसने नीचे देखा, फिर मेरी तरफ देखकर हंस पड़ी। उसकी हंसी में शरारत थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अब मैंने झटके से उसे अपनी बांहों में भर लिया। अपनी पकड़ और टाइट कर दी। उसके मम्मे मेरे सीने से पूरी तरह दब गए। कुर्ते के ऊपर से ही उनकी मुलायमियत और गोलाई महसूस हो रही थी। हमारी गर्म सांसें एक-दूसरे के चेहरे पर पड़ रही थीं। उसकी सांसें तेज और गर्म थीं। मेरा लंड उसके पेट के पास दब रहा था, जैसे उसे छूने को बेताब हो।
हम दोनों एकदम शांत हो गए। बस एक-दूसरे की आंखों में देख रहे थे। इस बार उसने पहले मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं तो सकपका गया। इतनी गहरी, इतनी मस्त किस आज तक नहीं की थी। उसके होंठ नरम और गर्म थे। उसने धीरे से अपने होंठ मेरे होंठों पर दबाए।
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मैंने भी जवाब दिया। अगले ही पल हम दोनों एक-दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे। मैंने उसके निचले होंठ को हल्के से काटा। वो सिसकारी भरकर मेरे बालों में उंगलियां फेरने लगी। मैंने उसकी जीभ को अपनी जीभ से छुआ। हमारी जीभें एक-दूसरे से खेल रही थीं। किस इतनी गहरी हो गई कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था।
मैंने उसके गालों पर, फिर गर्दन पर किस करना शुरू किया। उसकी गर्दन पर होंठ रखकर हल्के से चूसा। वो हल्के से कांप गई। उसकी सांसें और तेज हो गईं। चूमते-चाटते हुए मैंने उसे धीरे से बिस्तर पर गिरा दिया। उसकी पीठ नीचे आ गई और मैं उसके ऊपर झुक गया।
मैंने उसे उल्टा कर दिया, यानी पेट के बल लिटा दिया, और उसके कुर्ते के ऊपर से ही उसकी पीठ पर होंठ फिराने लगा। मेरे होंठ उसकी रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ नीचे की ओर सरकते गए। खुशबू की सांसें तेज हो गईं। वह पागल होती जा रही थी, उसका शरीर हल्का-हल्का कांप रहा था। “Hot Girl Breakup Sex”
कुछ मिनट तक मैं यूं ही उसकी पीठ चूमता रहा, कभी कंधों पर, कभी कमर के पास। फिर मैंने अपने दोनों हाथ आगे बढ़ाए और उसके मम्मों को कुर्ते के ऊपर से ही पकड़ लिया। इस बार उसने मुझे रोका नहीं। उल्टा, उसने अपना शरीर थोड़ा और मेरी ओर दबाया, जैसे कह रही हो कि और जोर से पकड़ो।
उसके मुंह से सेक्सी, भरी हुई आवाजें निकलने लगीं। “ओह… आह्ह… उउम्म्म… अह… राजीव… लव मी…”
मैंने धीरे-धीरे उसका कुर्ता ऊपर की ओर खींचना शुरू किया। खुशबू ने भी पूरा साथ दिया। उसने अपने हाथ उठाए और कुर्ता सिर से निकाल दिया। अब वह सिर्फ गुलाबी ब्रा और काली सलवार में मेरे सामने थी। उसकी त्वचा इतनी नरम और गोरी लग रही थी कि मैं खुद को रोक नहीं पा रहा था।
मैंने फिर से उसके मम्मों पर ध्यान दिया। इस बार ब्रा के ऊपर से ही मैंने उन्हें चूसना शुरू कर दिया। मेरे होंठ कपड़े के साथ-साथ उसके निप्पल्स को दबाते गए। खुशबू और ज्यादा पागल हो गई। उसने अपने दोनों हाथ मेरे सिर पर रखे और मेरे बालों को पकड़कर मेरा मुंह अपने मम्मों पर और जोर से दबाने लगी।
फिर मैंने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू किया। मेरे होंठ उसकी गर्दन की नसों पर सरकते हुए नीचे की ओर आए। साथ ही मैंने अपने दोनों हाथ उसके पीछे ले जाकर ब्रा के हुक खोलने की कोशिश की। लेकिन पहली बार में हुक नहीं खुल रहा था। मैं थोड़ा नया था इस मामले में। खुशबू हंस पड़ी। उसकी हंसी में शरारत थी।
उसने कहा, “अरे पागल, ऐसे नहीं होता,” और खुद ही पीछे हाथ करके ब्रा के हुक खोल दिए। ब्रा ढीली हुई और मैंने उसे धीरे से उतार दिया। मेरी आंखों के सामने उसके सुडौल, गोल, गोरे मम्मे थे। निप्पल्स गुलाबी और सख्त हो चुके थे। देखते ही मेरा सारा खून उबल पड़ा। “Hot Girl Breakup Sex”
मैंने बिना देर किए एक मम्मे को मुंह में ले लिया। मेरी जीभ निप्पल के चारों ओर घूमने लगी, फिर मैंने उसे जोर से चूसा। खुशबू की पीठ का कमान हो गया। वह कराह रही थी। मैंने एक-एक करके दोनों मम्मों को बारी-बारी चूसा। कभी हल्के से दांतों से काटा, कभी जीभ से चाटा। खुशबू मेरा साथ दे रही थी।
वह मेरे सिर को और जोर से दबा रही थी, जैसे कह रही हो कि और गहराई से करो। फिर उसने इशारे से मुझे अपनी शर्ट उतारने को कहा। मैंने जल्दी से शर्ट उतारी और फेंक दी। अब हम दोनों ऊपर से नंगे थे। हम एक-दूसरे को जंगली जानवरों की तरह चूम रहे थे। पूरे कमरे में चूमने-चाटने की आवाजें गूंज रही थीं – उम्म्म… म्म्मच… आह्ह… आआह्ह…
मैंने धीरे से एक हाथ उसकी सलवार के ऊपर से उसकी चूत पर रख दिया। कपड़े के ऊपर से भी उसकी गर्मी महसूस हो रही थी। वह भट्टी की तरह तप रही थी। मैंने उंगलियां हल्के-हल्के घुमानी शुरू कीं। खुशबू की सांसें और तेज हो गईं। कुछ ही देर में उसने भी अपना हाथ मेरी पैंट के ऊपर रख दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मेरा लंड पहले से ही पूरा टाइट हो चुका था। उसके हाथ लगते ही वह और सख्त हो गया। अब मुझसे सहन नहीं हो रहा था। मैंने उसकी सलवार के अंदर हाथ डाला और पहली बार उसकी चूत को सीधे छुआ। वह पहले से ही गीली हो चुकी थी। मेरी उंगलियां उसकी गीली चूत पर सरक रही थीं। मज़ा इतना आ रहा था कि मैं खुद को रोक नहीं पा रहा था। “Hot Girl Breakup Sex”
मेरा हाथ सही से काम नहीं कर पा रहा था, इसलिए मैंने उसका नाड़ा पकड़ा और धीरे-धीरे खोलना शुरू किया। नाड़ा खुलते ही मैंने सलवार नीचे खींची। खुशबू ने अपनी कमर थोड़ी उठाई और सलवार को पैरों से बाहर निकाल दिया। अब वह सिर्फ गुलाबी पैंटी में थी। पैंटी पूरी तरह गीली हो चुकी थी और उसकी चूत के होंठ फूलकर बाहर आ रहे थे।
मैंने फिर से पैंटी के अंदर हाथ डाला। मेरी उंगली धीरे से उसकी चूत में घुसी। मैंने अंदर-बाहर करना शुरू किया। खुशबू कभी मेरे बाल पकड़ती, कभी मेरी पीठ पर नाखून गड़ा देती। उसका पूरा ध्यान मेरी उंगली पर था। फिर मैंने धीरे से उसकी पैंटी को नीचे खींचा।
खुशबू ने पैर थोड़े उठाए और मैंने पैंटी उतार दी। अब वह पूरी नंगी मेरे सामने थी। कमरे की हल्की रोशनी में उसकी चूत साफ दिख रही थी – क्लीन शेव, गुलाबी, दो होंठ आपस में चिपके हुए, और बीच में चमकती हुई नमी। मेरा मन उसे चूमने का बहुत तेज हो गया। मैं नीचे की ओर झुका।
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खुशबू ने पूछा, “यह क्या कर रहे हो?”
मैंने कहा, “यार, मत रोको मुझे। मैं एक बार इसे किस करना चाहता हूं।”
उसने हल्के से कहा, “पर जल्दी करना। मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता।”
मैं उसकी मर्जी के खिलाफ कुछ नहीं करना चाहता था। लेकिन मेरे मन में बहुत उत्सुकता थी। मैंने कभी ऐसा नहीं किया था। अंतर्वासना की कहानियों में पढ़ा था कि इसमें अलग ही मज़ा होता है। इसलिए मैंने पहली बार ट्राई किया। मैंने अपने होंठ उसकी चूत के होंठों पर रख दिए। “Hot Girl Breakup Sex”
खुशबू एक झटके से हिल गई। उसे झटका-सा लगा। लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कह पाती, मैंने अपनी जीभ अंदर डाल दी और चाटना शुरू कर दिया। मेरी जीभ उसके क्लिटोरिस पर घूमने लगी, फिर चूत के अंदर-बाहर होने लगी। टेस्ट हल्का नमकीन था, लेकिन मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
खुशबू ने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरा सिर अपनी चूत पर जोर से दबाने लगी। उसके मुंह से सेक्सी आवाजें निकल रही थीं – “आह्ह… राजीव… प्लीज़… उम्म्मह… ओह राजीव… फक मी…” मैंने सही मौका देखा। मैंने उसे बिस्तर पर सीधा लिटा दिया। फिर मैंने अपनी पैंट और चड्डी उतार दी।
मेरा लंड फूलकर और भी मोटा और सख्त हो चुका था। लंबाई ज्यादा नहीं थी, लेकिन इतनी थी कि उसे अच्छे से संतुष्ट कर सके। उसने मेरे लंड को देखा। उसकी आँखों में उत्सुकता और थोड़ी शरारत थी। धीरे से उसने अपना हाथ बढ़ाया और मेरे लंड को अपनी नरम हथेली में ले लिया।
जैसे ही उसके उंगलियों ने उसे छुआ, मेरा लंड और भी टाइट हो गया, जैसे कोई स्प्रिंग दब गई हो। उसकी उंगलियां धीरे-धीरे ऊपर-नीचे सरकने लगीं, टोपे को हल्के से दबाती हुईं। खुशबू ने मेरी ओर देखकर मुस्कुराते हुए कहा, “राजीव… मैं भी इससे किस करना चाहती हूँ।”
मैंने उसकी आँखों में देखते हुए जवाब दिया, “मेरी जान, आज से ये तुम्हारा ही तो है। जो मन करे वो करो।”
उसने झुककर मेरे लंड के टोपे पर सबसे पहले एक हल्का-सा किस किया। उसके होंठों का स्पर्श इतना नरम था कि मेरे पूरे शरीर में करंट-सा दौड़ गया। मैंने आँखें बंद कर लीं और उस अच्छे एहसास को महसूस करने लगा। फिर उसने जीभ से टोपे को हल्के से चाटा, जैसे कोई मीठी चीज चख रही हो। “Hot Girl Breakup Sex”
मैंने धीरे से उसके सिर को पकड़ा और अपने लंड की ओर खींचा। पहले तो उसने हल्का विरोध किया, जैसे शरम से या आदत न होने से। लेकिन मैंने बहुत प्यार से कहा, “बस थोड़ा और, मेरी जान…” उसने फिर से होंठ खोले और टोपे को मुंह में ले लिया। धीरे-धीरे उसने और अंदर लिया।
अब उसका मुंह गर्म और गीला था। वह मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे कोई बच्चा कुल्फी चूसता है – कभी तेज, कभी धीरे, जीभ को चारों ओर घुमाती हुई। उसकी जीभ टोपे के नीचे वाली नस पर बार-बार सरक रही थी, जिससे मुझे बहुत तेज मज़ा आ रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं अब अपना कंट्रोल खोने लगा था। मैंने धीरे-धीरे कमर हिलानी शुरू की, अपना लंड उसके मुंह में आगे-पीछे करने लगा। पहले हल्के झटके, फिर थोड़े गहरे। खुशबू ने भी साथ दिया। उसने अपने हाथ मेरी जांघों पर रखे और मुंह को और आगे बढ़ाया। मैंने अपना लंड लगभग पूरा उसके गले तक अंदर डाल दिया।
उसका गला थोड़ा सिकुड़ा, लेकिन वह रुक नहीं गई। अब वह पूरी तरह इस मज़े में डूब चुकी थी। उसके मुंह से हल्की-हल्की चूसने की आवाजें आ रही थीं – चुप… चुप… म्म्म… कुछ मिनट ऐसे ही चलता रहा। मुझे लगा कि अब मैं झड़ने वाला हूँ। मैंने हांफते हुए कहा, “खुशबू… मैं आने वाला हूँ…”
उसने मेरी बात सुनी, लेकिन मुंह नहीं छोड़ा। उल्टा, उसने और जोर से चूसना शुरू कर दिया, हाथ से मेरे लंड की जड़ को दबाते हुए। मैं खुद को रोक नहीं पाया। एक जोरदार झटके के साथ मैं उसके मुंह में ही झड़ गया। गरम-गरम वीर्य उसके मुंह में भर गया। मुझे इतना तीव्र और गहरा मज़ा पहले कभी नहीं आया था। मेरे पूरे शरीर में कंपकंपी दौड़ गई। “Hot Girl Breakup Sex”
खुशबू ने सब कुछ निगल लिया। फिर उसने धीरे से मेरा लंड मुंह से निकाला और मेरी ओर मुस्कुराई। मैं थोड़ा थक गया था, लेकिन अभी भी उत्सुक था। मैंने उसे फिर से बिस्तर पर लिटा दिया। इस बार मैंने उसके पैर थोड़े फैलाए और अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी। मैंने पहले से ज्यादा ध्यान से चाटना शुरू किया।
मेरी जीभ उसके क्लिटोरिस पर गोल-गोल घूम रही थी, कभी हल्के से दबा रही थी, कभी पूरी चूत के होंठों को चाट रही थी। खुशबू पागल हो रही थी। वह अपनी गाँड बार-बार ऊपर उठा रही थी, जैसे और गहराई चाह रही हो। उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरा सिर अपनी चूत पर जोर-जोर से दबाने लगी। उसके मुंह से लगातार कराह निकल रही थी – “आह्ह… राजीव… और… ओह्ह… हाँ… ऐसे ही…”
मैंने अपनी एक उंगली भी अंदर डाली और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा, साथ ही जीभ से क्लिटोरिस को चाटता रहा। उसका पूरा बदन कांपने लगा। उसकी सांसें बहुत तेज हो गईं। फिर अचानक उसका बदन अकड़ गया। उसने एक लंबी आह भरी और गरम-गरम रस मेरे मुंह में छोड़ दिया। मैंने सब चाट लिया। उसका स्वाद मीठा-नमकीन था, और मुझे बहुत अच्छा लगा।
अब हम दोनों थोड़ा थक चुके थे। हम बिस्तर पर एक-दूसरे के बगल में लेट गए। मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया। हम दोनों पूरी तरह नंगे थे। हमारे जिस्म एक-दूसरे से चिपके हुए थे। उसकी छाती मेरी छाती से दब रही थी, उसकी सांसें मेरे कानों में पड़ रही थीं। हम दोनों की गर्मी एक-दूसरे को महसूस हो रही थी।
कमरे में सिर्फ हमारी सांसों की हल्की आवाज और बाहर से आती हल्की हवा की सरसराहट थी। हम ऐसे ही चुपचाप एक-दूसरे को जकड़े हुए लेटे रहे, जैसे समय रुक गया हो। मेरा लंड फिर से गरम होने लगा। धीरे-धीरे वह पहले जैसा सख्त और फूला हुआ हो गया, अपना पूरा साइज़ ले आया। खुशबू ने इसे देखा तो मुस्कुराते हुए हंस पड़ी। उसकी आँखों में शरारत थी। “Hot Girl Breakup Sex”
उसने कहा, “इसे अभी चैन नहीं मिला क्या?”
मैंने उसकी कमर पर हाथ रखते हुए जवाब दिया, “मेरी जान, अभी तो सब मज़ा बाकी है।”
वह मेरी ओर और करीब आई और बोली, “तो कुछ बाकी मत छोड़ना। मुझे भी बहुत दिनों से किसी का प्यार नहीं मिला है।”
मैंने उसके गाल पर किस करते हुए कहा, “मेरी जान, मैं तुम्हें आज के बाद हमेशा खुश रखूँगा। भरपूर प्यार करूँगा। कभी कमी नहीं होने दूँगा।”
खुशबू ने थोड़ा रुककर अपनी आँखें नीची कीं और धीरे से कहा, “मेरे बॉयफ्रेंड ने लास्ट टाइम मुझे चार-पाँच महीने पहले चोदा था। उसके बाद ऐसा कोई नहीं मिला जिसने मुझसे उसके सिवा छुआ भी हो।”
उसकी बात सुनकर मेरे अंदर एक अलग सी ताकत आई। अब उसने पहल की। वह मेरे ऊपर चढ़ आई। उसके नंगे जिस्म की गर्मी मुझे महसूस हो रही थी। उसने मेरे सीने पर होंठ रख दिए। धीरे-धीरे किस करते हुए नीचे की ओर सरकी। मेरे निप्पल्स पर जीभ फिराई, फिर पेट पर, और फिर और नीचे।
फिर उसने अपने हाथों से मेरा लंड पकड़ा। अपनी चूत के मुँह पर उसे रख दिया। उसकी चूत अभी भी गीली और गरम थी। टोपे को उसके होंठों पर रगड़ते हुए उसने मेरी ओर देखा। बाकी काम मुझे करना था। मैंने कमर थोड़ी ऊपर की और हल्का-सा धक्का दिया। उसकी चूत इतनी गीली थी कि मेरा लंड आसानी से सरकता हुआ आधा अंदर चला गया।
खुशबू के मुंह से एक प्यारी, भरी हुई आवाज निकली, “अह्ह्ह्ह्ह्… ह्म्म्म्म… प्लीज़ राजीव… धीरे करो। अब तो मैं सिर्फ तुम्हारी ही हूँ…”
मैंने उसके माथे पर किस करते हुए कहा, “मेरी रानी, अब तो मैं तुझे जी भर के प्यार करूँगा। तेरी प्यास को मिटाता रहूँगा। और तुम्हारी इस चूत को भी मेरी आदत हो जाएगी।”
यह कहते ही मैंने अचानक एक जोरदार धक्का और लगा दिया। मेरा लंड अब लगभग पूरा अंदर चला गया। खुशबू संभाल नहीं पाई। उसके मुंह से एक ज़ोरदार चीख निकली, “आअहहह… उमाआ… आह राजीव… क्या करते हो… आराम से करो मेरी जान…” “Hot Girl Breakup Sex”
मैंने थोड़ा रुक गया। उसके चेहरे को देखा। उसकी आँखें बंद थीं, होंठ कांप रहे थे। फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए। पहले हल्के, फिर थोड़े गहरे। वह मेरी गोद में बैठी आराम से चुद रही थी। उसके मम्मे मेरी छाती से रगड़ खा रहे थे। फिर मैंने उसे धीरे से नीचे लिटा दिया। अब मैं उसके ऊपर था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने उसके पैर थोड़े फैलाए और फिर से अंदर डाला। इस बार मैंने ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। पूरे कमरे में चुदाई की मस्त आवाजें गूंज रही थीं – पच… पच… फच… फच… साथ ही उसकी कराहें, “ह्म्म्मर… अहह… राजीव फाड़ दो आज मेरी चूत को… बुझा दो मेरी प्यास…”
मैंने हांफते हुए कहा, “मेरी जान, तुम बस देखती जाओ। आज जो मज़ा तुम्हें आएगा, वो तो उस कमीने ने भी नहीं दिया होगा। ना जाने वो कैसे इतनी खूबसूरत लड़की को धोखा दे सकता है।”
मेरे धक्के तेज़ होते जा रहे थे। खुशबू भी अपनी कमर को बार-बार ऊपर उठाकर मेरे हर झटके का पूरा जवाब दे रही थी। उसकी दोनों टांगें मेरी कमर पर लिपटी हुई थीं और हर धक्के के साथ उसकी एड़ियां मेरी पीठ पर और ज़ोर से दब रही थीं। उसकी चूत मेरे लंड को इतनी कसकर जकड़ रही थी कि हर बार बाहर निकलते वक्त भी उसे छोड़ने में मुश्किल हो रही थी। उसकी गीली, गरम दीवारें मेरे लंड की हर नस को महसूस कर रही थीं।
मैंने अपनी रफ्तार और बढ़ा दी। अब धक्के गहरे, तेज़ और लगातार हो रहे थे। कमरे में सिर्फ़ हमारी साँसों की तेज़ आवाज़ और चुदाई की गीली थपथपाहट सुनाई दे रही थी – फच्… फच्… फच्…। उसकी चूत से निकलता रस मेरे लंड पर, मेरी जांघों पर और चादर पर तक फैल रहा था। उसने पहले ही एक बार जोर से झड़कर अपना रस छोड़ दिया था और अब उसका वो गरम, चिपचिपा रस मेरे लंड को और फिसलन भरा बना रहा था।
मैंने उसकी आँखों में देखते हुए कहा, “मेरी जान… मैं झड़ने वाला हूँ…”
वह तुरंत, लगभग सिसकारी भरते हुए बोली, “प्लीज़… बाहर मत निकालना। मैं तुम्हें पूरा महसूस करना चाहती हूँ… अंदर ही… अंदर ही झड़ो मेरे अंदर…”
उसकी ये बात सुनते ही मेरे शरीर में एक नई ऊर्जा दौड़ गई। मैंने अपने दोनों हाथ उसकी कमर के नीचे डालकर उसे और ज़ोर से अपनी ओर खींचा। अब मेरे धक्के और भी गहरे जा रहे थे। लंड की पूरी लंबाई हर बार उसके सबसे अंदर तक जा रही थी और वापस निकलते वक्त उसकी चूत की मुंहरी मेरे लंड के सुपारे को कसकर पकड़ ले रही थी।
उसकी साँसें अब पूरी तरह बेकाबू हो चुकी थीं। वह बार-बार मेरा नाम ले रही थी – कभी धीरे, कभी ज़ोर से। मैंने अपनी स्पीड को आखिरी हद तक बढ़ा दिया। अब धक्के इतने तेज़ और इतने गहरे थे कि बिस्तर भी हल्का-हल्का हिल रहा था। मेरे अंडकोष हर धक्के के साथ उसके नितंबों से टकरा रहे थे और वो हल्की थपकी की आवाज़ भी कमरे में गूंज रही थी।
मैंने महसूस किया कि अब मेरी सारी ताकत एक बिंदु पर केंद्रित हो रही है। आखिरी बार मैंने पूरा ज़ोर लगाकर एक बहुत गहरा, बहुत तेज़ धक्का मारा। मेरा लंड उसके गर्भाशय के मुंह तक जा पहुंचा। उसी पल मैं उसके अंदर ही झड़ने लगा। गरम-गरम वीर्य की मोटी-मोटी धारें एक के बाद एक उसके अंदर छूटने लगीं। मैंने महसूस किया कि कैसे मेरी हर धार उसके अंदर की दीवारों से टकरा रही है।
मेरे साथ ही खुशबू भी दूसरी बार जोर से झड़ पड़ी। उसका पूरा शरीर एकदम अकड़ गया। उसकी चूत की मांसपेशियां मेरे लंड को इतनी ज़ोर से सिकोड़ने लगीं कि मुझे लगा जैसे वो मुझे पूरा निचोड़ लेगी। उसने अपनी दोनों टांगों को मेरी कमर पर और कस लिया, अपने हाथों से मेरी पीठ को नाखूनों से खरोंचते हुए मुझे और गहराई से अपनी ओर खींच लिया। उसकी सिसकारियां अब चीख में बदल गई थीं। “Hot Girl Breakup Sex”
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हम दोनों एक-दूसरे से चिपके हुए, सांसें तेज़ लिए हुए, पसीने से तरबतर, उसी हालत में कुछ पल तक ऐसे ही रहे। मेरे लंड से आखिरी बूंदें भी उसके अंदर जा रही थीं और उसकी चूत अभी भी हल्के-हल्के कंपकंपा रही थी। हम दोनों पसीने से पूरी तरह लथपथ थे। कमरे में पंखा फुल स्पीड पर चल रहा था।
अब हम दोनों हल्का महसूस कर रहे थे। सांसें अभी भी थोड़ी तेज़ चल रही थीं, लेकिन शरीर में वो भारीपन अब नहीं रहा था। मैंने धीरे से उसका चेहरा अपने हाथों में लिया और उसके माथे पर एक नरम, प्यार भरा किस किया। खुशबू ने आँखें बंद करके मुस्कुराते हुए कहा, “राजीव… यार, इतना मज़ा मुझे आज तक नहीं आया। सच में नहीं आया।”
उसकी आवाज़ में अभी भी वो तृप्ति की गहराई थी। मैंने उसके बालों को सहलाया और धीरे से बोला, “यार, किसी एक के लिए ज़िंदगी मत बर्बाद करो। लाइफ में और भी बहुत कुछ है। और तुम्हारी फैमिली भी तो है।”
वो तुरंत मेरे सीने से और ज़्यादा चिपक गई। उसने मेरी कमर के चारों ओर अपनी बाहें कस लीं और सिर मेरे कंधे पर टिका दिया। फिर धीमी, थकी हुई आवाज़ में बोली, “यार राजीव, मैंने तो अपने घरवालों की भी बात नहीं सुनी थी। अब मेरे अब्बू मुझसे बात तक नहीं करते। बस मेरी अम्मी से कभी-कभी फ़ोन पर बात हो जाती है।”
उसकी आवाज़ में दर्द था। मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा और कहा, “अपनी फैमिली से जाकर मिलो। उन्हें प्यार से ‘सॉरी’ बोलो। और हाँ, अपनी मॉम और डैड से अपनी नई लाइफ के लिए रिक्वेस्ट करना। आख़िर माँ-बाप ही तो हैं। वे तुम्हें ज़रूर माफ़ कर देंगे।”
उसने चुपचाप मेरी बात सुनी और फिर धीरे से ‘हाँ’ में सिर हिलाया। मैंने बिस्तर के पास रखी घड़ी पर नज़र डाली। 8:45 हो रहे थे। मैं झट से उठ खड़ा हुआ। खुशबू भी धीरे-धीरे उठी। हम दोनों ने बाथरूम में जाकर फ्रेश हो लिया। मैंने कपड़े पहने—वही जींस और टी-शर्ट जो मैंने पहले उतारी थी। खुशबू ने भी सलवार-कमीज़ पहन ली और बालों को जल्दी से बाँध लिया। “Hot Girl Breakup Sex”
फिर मैं बाहर जाने लगा। गेट तक पहुँचते ही खुशबू ने मेरे पीछे से आकर मुझे रोक लिया। उसने मेरी कमर से पकड़ा, मुझे अपनी तरफ़ घुमाया और दोनों हाथों से मेरे गाल पकड़कर मुझे एक लंबा, गहरा किस किया। उसका होंठ मेरे होंठों पर कई सेकंड तक टिका रहा। फिर उसने धीरे से मेरे कान में कहा, “राजीव… थैंक यू। सब कुछ के लिए।”
मैंने उसकी कमर पर हाथ रखा, एक बार फिर उसे हल्का सा गले लगाया और फिर घर की ओर चल पड़ा। उस दिन के बाद जब भी हमें मौका मिलता, हम उसके कमरे में खूब मस्ती करते। आज खुशबू अपनी फैमिली के साथ है। उसके घरवालों ने उसे माफ़ कर दिया है। उसके घरवालों ने उसकी शादी अच्छी जगह करवा दी है। उसका पति अच्छा आदमी है और वो उसे खुश रखता है। आज उसकी एक लड़की भी है। हम अब सिर्फ़ कभी-कभी फ़ोन पर ही बात कर पाते हैं।
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