Hot Daughter Chudai Story
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम स्नेहा है। मैं 23 साल की हूं और दिल्ली में रहती हूं। मेरी ग्रेजुएशन पूरी हो चुकी है और अब मैं नौकरी कर रही हूं। मेरे परिवार में मेरे अलावा मेरे पापा, मम्मी, मेरा छोटा भाई, दादा और दादी रहते हैं। मेरी ऊंचाई 5 फुट 6 इंच है और मेरा रंग गोरा है। मेरा फिगर 34-29-36 है। Hot Daughter Chudai Story
मोहल्ले के सारे लड़के मुझे घूर-घूर कर देखते हैं लेकिन अभी तक मुझसे किसी ने दोस्ती करने के लिए नहीं पूछा है। शायद इसकी वजह मेरे पापा हैं क्योंकि मेरे पापा पुलिस में हैं। दोस्तों मैं ज्यादातर जींस और टीशर्ट ही पहनती हूं। आप तो जानते ही होंगे कि मुझ जैसी सेक्सी लड़की का फिगर जींस और टीशर्ट में कितना कमाल का लगता होगा।
जवान होते ही मेरी चूत में लंड लेने की खुजली मच गई थी। लेकिन घर वालों के डर से मैं हमेशा शरीफ लड़की बनकर रहती हूं। अपनी चूत की प्यास बुझाने के लिए मैं पोर्न वीडियो का सहारा लेती थी और अपनी चूत में उंगली डालकर खुद को शांत करती थी। फिर एक दिन मुझे सेक्स कहानियों के बारे में पता चला।
उनको पढ़कर मुझे पॉर्न देखने से ज्यादा मजा आने लगा। कहानियां पढ़-पढ़कर मेरी बहुत सारी फैंटसीज हो गईं और मैं वहीं सोच-सोचकर अपनी तड़पती चूत को ठंडा करती हूं। वैसे मैं अभी कुंवारी हूं। लेकिन मैं चाहती हूं कि कोई मुझे मसल-मसलकर चोदे, मेरे बूब्स को दबाए, उनको खा जाए, मेरी गांड पर थप्पड़ मारे, मेरे होंठों का रस पीए और मेरी गांड में लंड पेले।
पर घर में सख्ती की वजह से मैं ये सब नहीं कर सकती हूं। फिर मैंने सोचा कि मेरे पास फोन है और मैं कम से कम अपनी इच्छाएं यहां के हरामी लड़कों और बुड्ढों को तो बता सकती हूं और फिर मेरे बारे में उनके गंदे खयाल पढ़ सकती हूं। यहीं सोचकर अब मैं जो-जो चाहती हूं कि मेरे साथ हो, वो मैं आपको कहानी लिखकर बताऊंगी। उम्मीद है मेरी इच्छाएं आपको मजा देंगी। ये कहानी मेरे पापा और मेरी है। तो शुरू करती हूं।
मेरे पापा का नाम विक्रम गुप्ता है। वो पुलिस में जॉब करते हैं और अच्छी पोजीशन पर हैं। उनकी उम्र 46 साल है और वो हट्टे-कट्टे हैं। पुलिस में नौकरी की वजह से वो खुद को फिट रखते हैं और हर रोज जिम जाते हैं। पापा को मैंने अभी तक नंगा तो नहीं देखा था लेकिन बनियान पहने हुए कई बार देखा था।
बनियान में से भी उनकी अच्छी-खासी बॉडी दिखती है। इसके अलावा उनके बात करने का तरीका और उनकी पर्सनैलिटी बहुत अच्छी है। जवान होते ही मैं अपने पापा पर फिदा हो गई थी। जब मुझे सेक्स के बारे में पता चला तो मैंने सोचा कि मेरे मम्मी पापा भी तो चुदाई करते होंगे।
ये सोचकर मेरे मन में उनकी चुदाई देखने की इच्छा जाग गई। लेकिन मुझे ये समझ नहीं आ रहा था कि क्या मैं ये कर पाऊंगी। पर फिर मैंने सोचा कि अगर मैं ये भी ना कर सकी तो मुझे चुल्लू भर पानी में डूब मारना चाहिए। फिर मैं उनको देखने का प्लान बनाने लगी।
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फिर एक दिन मैंने रात के 12 बजे का अलार्म लगा दिया क्योंकि पापा और मम्मी 12 बजे के पास ही सोते हैं और बाकी सब पहले सो जाते हैं। मैंने अलार्म लगाकर फोन अपने तकिए के पास रख लिया ताकि जैसे ही अलार्म बजे मैं उसको बंद कर दूं और मेरे भाई तक उसकी आवाज ना पहुंचे क्योंकि मैं और मेरा भाई एक ही कमरे में सोते हैं।
फिर ऐसा ही हुआ। अलार्म ठीक 12 बजे उठा और वाइब्रेशन शुरू होते ही मेरी नींद खुली और मैंने उसको बंद कर दिया। फिर मैं धीरे से उठी और कमरे का दरवाजा बंद करके बाहर निकल गई। मैंने पहले से सोचा हुआ था कि अगर मैं पकड़ी गई तो बोलूंगी कि पानी पीने निकली थी। इसके लिए मैंने कमरे में जो पानी का जग मम्मी सोने से पहले रखकर जाती है उसको पहले से खाली कर दिया था।
मम्मी पापा का रूम रसोई के सामने ही है। मैं उनके रूम के पास जब पहुंची तो वो अभी तक जाग रहे थे। उनका टीवी चल रहा था और दोनों बातें कर रहे थे। उनको देखकर मैं खुश हो गई। मुझे लगा कि वो सोने से पहले कुछ ना कुछ जरूर करेंगे। यहीं सोचकर मैं 15 मिनट वहां पर इंतजार करती रही।
लेकिन उस रात मेरे हाथ मायूसी ही लगी। उन लोगों ने कमरे की लाइट बंद की और सो गए। मायूस मैं अपने कमरे में वापस आई और सो गई। फिर अगले दिन मैंने इंटरनेट पर कुछ जानकारी हासिल की। मैं जाना चाहती थी कि इतनी उम्र के लोग कितना सेक्स करते हैं। वहां लिखा था कि इस उम्र के लोग कम ही सेक्स करते हैं।
वैसे बात भी सही थी। एक ही चूत में लंड डालकर मर्द कितना मजा ले सकते हैं भला। उनको नई-नई चूत चाहिए होती है जिन पर वो अपनी मर्दानगी की मोहर लगा सकें। फिर मैं कुछ दिन लगातार रात को 12 बजे उठकर अपने मम्मी पापा के कमरे के बाहर पहरा देती रही इस उम्मीद में कि एक दिन तो मुझे उनकी चुदाई देखने का मौका मिलेगा।
एक हफ्ता मेरे हाथ कुछ नहीं लगा। लेकिन फिर मेरी इच्छा पूरी हुई अपने बाप का लंड देखने की। उस रात जब मैं उनके कमरे के बाहर खड़ी हुई तो मुझे उनके चुम्मा-चाटी की आवाजें आने लगी। दोस्तों हमारे घर में कोई भी दरवाजा लॉक करके नहीं सोता क्योंकि हमारा मानना है कि किसी को भी रात में दूसरे की जरूरत पड़ सकती है तो वो दूसरे के कमरे में जा सके।
हां लेकिन दरवाजा बंद जरूर कर लेते हैं वो भी इस विश्वास के साथ कि कोई दूसरे के कमरे में तांका-झांकी नहीं करेगा। वो अलग बात है कि मैं विश्वास तोड़ रही थी। तो फिर मैंने उनका दरवाजा हल्का सा खोला जिससे मुझे उनके बिस्तर का सीन दिखने लगा।
मैंने देखा मम्मी-पापा दोनों बेड पर घुटनों के बल बैठे हुए थे और एक-दूसरे के होंठ चूस रहे थे। मम्मी ने नाइट-सूट पहना हुआ था ग्रे रंग का और पापा पजामा और बनियान में थे। दोनों घुटनों पर बैठे हुए एक-दूसरे के होंठ चूस रहे थे और दोनों के बीच से हवा गुजरने की भी जगह नहीं थी।
मैंने देखा पापा बड़े अच्छे से मम्मी के होंठ चूस रहे थे। उनका किसिंग स्टाइल मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मेरे पापा तो इमरान हाशमी को भी पीछे छोड़ दिए थे। किस करते हुए वो मम्मी की पीठ और गांड पर हाथ फेर रहे थे। मुझे अपनी मम्मी की किस्मत से थोड़ी जलन सी होने लगी थी कि एक असली मर्द मिला था उनको।
मेरी चूत में खुजली मचने लगी थी। मैंने धीरे से अपना हाथ अपनी जींस के अंदर सरका दिया और अपनी पैंटी के ऊपर से ही चूत को सहलाने लगी। फिर उन्होंने किस तोड़ी और पापा ने मम्मी के नाइट-सूट का शर्ट आगे से खोल दिया। अब पापा मम्मी की गर्दन पर चूमने लगे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उनको ऐसा करते देख मेरी गर्दन पर गुदगुदी सी होने लगी। गर्दन पर चूमते हुए पापा ने मम्मी को लिटा लिया और उनके ऊपर आ गए। बेड पर लेटते ही मम्मी ने जल्दी से अपना शर्ट निकाल दिया। अब मम्मी ब्रा और पजामे में थी। फिर पापा ने मम्मी की ब्रा भी निकाल दी और उनके बूब्स को हाथ में लेकर मसलने लगे।
मेरी मम्मी भी कम सेक्सी नहीं है। उनका फिगर भी तकरीबन मेरे जैसा ही है बस हर चीज दो इंच मोटी होगी और पेट थोड़ा निकला हुआ है। लेकिन उनको देखकर भी सारे भूखे शेरों के लंड खड़े हो जाएंगे। अब पापा ने मम्मी के बूब्स को एक-एक करके चूसना शुरू कर दिया।
मम्मी मस्त सिसकियां लेते हुए पापा के सर पर हाथ रखकर उनके मुंह को अपने बूब्स में दबा रही थी। फिर पापा बूब्स चूसने के बाद नीचे आए और मम्मी की नाभि को चूमने लगे। वो जीभ डालकर उनकी नाभि में गोल-गोल घुमा रहे थे। उनको ऐसा करते देख मेरी चूत गीली होने लगी थी। मैंने अपनी पैंटी के अंदर उंगली डाल दी और अपनी सूजी हुई चूत को तेजी से रगड़ने लगी।
कुछ देर तक नाभि चूसने के बाद पापा थोड़ी और नीचे आए और मम्मी के पजामे में हाथ डालकर उसको नीचे खींच दिया। मम्मी ने नीचे नीले रंग की फूलों वाली पैंटी पहनी हुई थी। उनकी पैंटी पर चूत वाली जगह गीली थी। पापा ने पैंटी के ऊपर से ही मम्मी की चूत पर किस किया जिससे मम्मी के मुंह से आह निकल गई।
मैं सोच रही थी कि मम्मी को कितना मजा आ रहा होगा। क्योंकि मेरी तो उनको देखकर ही हालत खराब हो रही थी और वो तो वहां उस मर्द के नीचे लेटकर मजे ले रही थी। मेरी उंगलियां अब मेरी चूत के अंदर घुस-घुसकर बाहर आने लगी थीं। फिर पापा मम्मी की जांघों को चूमने लगे। वो चूमते हुए मम्मी की मोटी जांघों को मसल रहे थे।
मम्मी बस मजा ले रही थी और उनकी पैंटी पर जो चूत के पानी का धब्बा बना था वो बड़ा होता जा रहा था। मम्मी की जांघों को अच्छे से चूमने और मसलने के बाद पापा ने मम्मी की पैंटी खींच दी। मम्मी ने गांड उठाकर अपनी पैंटी निकालने में पापा की मदद की। अब मम्मी की नंगी चूत पापा के सामने थी।
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चूत पर हल्के बाल थे। मैंने देखा कि मेरी मम्मी की चूत भोंसड़ा बनी हुई थी। इसका मतलब पापा ने मम्मी की बहुत चुदाई की हुई थी। कितनी किस्मत वाली है मम्मी। ऐसे पति कम ही औरतों को मिलते हैं जो उनकी चूत का भोंसड़ा बना देते हैं। फिर पापा ने मम्मी की चूत पर अपना मुंह लगाया और उसको चाटना शुरू कर दिया।
पापा किसी शिकारी कुत्ते की तरह मम्मी की चूत चाट रहे थे। मम्मी बस आह आह की सिसकारियां भर रही थी और पापा के सर को अपने भोंसड़े में दबा रही थी। पापा तो ऐसे मम्मी की चूत खा रहे थे जैसे उसको उखाड़ ही डालेंगे। मैं सोच रही थी कि मेरे पापा में चूत की कितनी भूख थी जो इतनी बार चोदी हुई चूत को भी इतनी शिद्दत से चाट रहे थे।
अगर कहीं पापा को मेरी कुंवारी चूत मिल जाए तो कितना मजा देंगे और कितने वहशीपन से मुझे चोदेंगे। ये सोचकर मेरी चूत बहती जा रही थी। मेरी उंगलियां अब पूरी तेजी से मेरी चूत में घुस रही थीं। मैं खड़े-खड़े ही अपनी टांगें फैलाकर अपनी चूत में तीन उंगलियां डालकर जोर-जोर से मुठ मार रही थी।
मेरे मुंह से हल्की-हल्की सिसकारियां निकल रही थीं। मैं कल्पना कर रही थी कि पापा मेरी चूत चाट रहे हैं। कुछ देर तक मम्मी का भोंसड़ा चाटने के बाद पापा घुटनों पर बैठे और अपने कपड़े उतारने लगे। आज मैं पहली बार अपने पापा का गठीला और तगड़ा जिस्म नंगा देखने वाली थी। पापा ने पहले बनियान उतारी।
नीचे से पापा की कसी हुई बॉडी निकली जिसको देखकर दिल करने लगा कि उनकी बॉडी के हर एक इंच को चाटूं। फिर पापा ने अपना पजामा उतारा। उनकी जांघें भी एकदम कसी हुई थीं। पापा के अंडरवियर में उनका तगड़ा भुजंग खड़ा हुआ नजर आ रहा था। उसको देखकर लग रहा था कि वो बाहर आने को तड़प रहा था और मुझे आवाजें लगा रहा था।
इधर मेरी चूत भी उसको चीख-चीखकर पुकार रही थी। मैंने अपनी उंगलियों की रफ्तार और बढ़ा दी। मेरी चूत से पानी टपक रहा था। मैं पापा के अंडरवियर के अंदर छिपे उस मोटे लंड को घूर रही थी और जोर-जोर से मुठ मार रही थी। अब पापा अपना अंडरवियर उतारने वाले थे। लेकिन जैसे ही वो अंडरवियर उतारने लगे मम्मी ने जल्दी से उनको बेड पर धक्का देकर लिटा दिया और उनके ऊपर आ गई। “Hot Daughter Chudai Story”
जब मम्मी ने पापा को लंड बाहर निकालने से पहले ही लिया दिया तो एक बार के लिए तो मैं बड़ी हताश हो गई कि मम्मी ने ये क्या किया। लेकिन तब मैं ये नहीं जानती थी कि आगे जो वो करने वाली थी उसमें मुझे ज्यादा मजा आने वाला था। मम्मी पापा के ऊपर आई और मम्मी की नंगी गांड बिल्कुल पापा के लंड वाली जगह के ऊपर थी।
मम्मी की चूत का पानी पापा की अंडरवियर पर लगकर अपना निशान बना रहा था। फिर मम्मी पापा की तरफ झुकी और उनकी छाती पर हाथ रखते हुए उनके होंठ चूसने लगी। पापा भी मम्मी का साथ देने लगे। मैंने देखा नीचे से मम्मी अपनी गांड पापा के लंड पर दबा रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मेरी चूत में आग लग गई। मैंने फौरन अपनी जींस और पैंटी नीचे सरका दी और खड़े-खड़े ही अपनी सूजी चूत में दो उंगलियां डाल दीं। किस करते हुए मम्मी अपने हाथों से पापा की मर्दानी छाती को नोच रही थी और उसमें अपने नाखून दबा रही थी। कुछ देर किस करने के बाद मम्मी नीचे आई और पापा की गर्दन चूमने लगी।
मैं सोच रही थी कि कितना मजा आ रहा होगा मम्मी को पापा की खुशबू सूंघते हुए। मेरी उंगलियां तेजी से चूत के अंदर बाहर हो रही थीं। गर्दन के बाद मम्मी और नीचे आई और उनकी छाती चूमने लगी और निपल्स पर जीभ फेरने लगी। पापा आराम से अपनी आंखें बंद करके लेटे हुए थे और उस खुले भोंसड़े वाली औरत की चटाई-चुसाई का मजा ले रहे थे।
अब मम्मी पापा के बदन को चूमते-चूमते उनकी नाभि तक पहुंच गई। फिर मम्मी ने पापा के अंडरवियर को पकड़ा और उसको नीचे करने लगी। मेरी आंखें पूरी खुल गई। जैसे-जैसे अंडरवियर नीचे होता गया मेरी आंखें बड़ी होती गईं। आखिरकार मुझे पापा के लंड का गुलाबी टोपा नजर आना शुरू हुआ और फिर आगे-आगे पूरा लंड दिख गया। “Hot Daughter Chudai Story”
जैसे ही अंडरवियर हटा पापा का लंड पूरा खड़ा हुआ उनकी नाभि को लगने लगा। वाह क्या लंड था। उसको देखते ही मेरी जीभ और चूत दोनों पानी छोड़ने लगे। मुझे साइज तो नहीं पता लेकिन इतना लंबा था कि किसी भी औरत की नाभि तक चीर दे जब चूत में डाला जाए तो। और मोटा इतना था कि एक बार इस लंड से चूत चुद जाए तो उसके बाद एक बड़ा अंडा आराम से अंदर-बाहर हो सकता है।
उनके लंड पर काले-काले झांट के बाल थे। मैंने अपनी उंगलियों की रफ्तार बढ़ा दी और जोर-जोर से मुठ मारने लगी। फिर मेरी मम्मी ने एक प्यासी कुतिया की तरह पापा के लंड को अपने हाथ में लिया और उस पर एक किस की। उसके बाद वो लंड पर ऊपर से नीचे नीचे से ऊपर जीभ फेरने लगी जैसे आइसक्रीम चाट रही हो।
चाट वो रही थी और स्वाद इधर मेरी जीभ को आ रहा था। मेरी चूत से पानी टपकने लगा। फिर मम्मी ने मुंह खोला और लंड मुंह में ले लिया। आह क्या अद्भुत नजारा था। काश मैं ये कर पाती। अब मेरी मां पापा के लंड को किसी रंडी की तरह चूस रही थी। वो पूरा लंड मुंह में लेने की कोशिश कर रही थी लेकिन जा नहीं रहा था।
मम्मी के मुंह से थूक निकलकर पापा के लंड पर बह रहा था। पापा भी हल्की आवाज में आह आह करने लगे थे। मैं कल्पना कर रही थी कि वो लंड मेरे मुंह में है और मेरी उंगलियां अब तीन हो गई थीं। कुछ देर बाद पापा ने आंखें खोली और मम्मी के सर पर अपना हाथ रखा। “Hot Daughter Chudai Story”
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फिर पापा ने मम्मी के मुंह को वहीं पर रोका और नीचे से अपनी कमर ऊपर-नीचे करके मम्मी का मुंह चोदने लगे। पापा जोर-जोर से मुंह चोद रहे थे। बीच-बीच में पापा लंड मम्मी के मुंह के अंदर घुसाकर रुक जाते और जब वो सांस रुकने से तड़पने लगती तो उनका मुंह छोड़ते। कुछ देर दोनों ऐसे ही मजा लेते रहे।
अब मम्मी ने लंड मुंह से निकाला तो वो थूक से पूरा गीला और चिकना हो चुका था चूत में जाने के लिए बिल्कुल तैयार। अब मम्मी सीधी होकर बैठी पापा के ऊपर और उनके लंड पर अपनी नंगी गांड रगड़ने लगी। पापा भी मम्मी के चूतड़ों को पकड़कर उनको आगे-पीछे होने में मदद करने लगे।
फिर मम्मी ने गांड थोड़ी ऊपर उठाई पापा के लंड को हाथ में लेकर सीधा किया और चूत के मुंह पर टिका कर धीरे-धीरे उस पर बैठने लगी। जैसे-जैसे लंड चूत में जा रहा था मम्मी आह आह कर रही थी। इधर मेरी चूत में भी झटके लग रहे थे। कुछ ही सेकंड्स में लंड मम्मी की चूत में पूरा अंदर था और मम्मी की आंखें बंद थीं।
उनके चेहरे पर दर्द और मजे के मिले-जुले भाव थे। मैंने अपनी चूत में उंगलियां और तेज चलाईं। फिर मम्मी ने अपने दोनों हाथ पापा की छाती पर रखे और अपनी गांड ऊपर-नीचे करने लगी। अब लंड मम्मी की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था और मम्मी आह आह कर रही थी। हाय बड़ा मजा आ रहा था। “Hot Daughter Chudai Story”
पापा ने मम्मी के चूतड़ पकड़े और चुदाई की स्पीड को तेज किया। मम्मी की आहें तेज होने लगी। फिर पापा ने मम्मी को कुछ इशारा किया जिसके बाद मम्मी पापा की तरफ झुकी और पापा मम्मी के बूब्स को चूसने लगे। क्या नजारा था दोस्तों। नीचे लंड चूत में अंदर-बाहर हो रहा था और ऊपर से बूब्स चूसे जा रहे थे।
मेरी सिसकारियां बढ़ गई थीं। मैं खड़े-खड़े ही अपनी टांगें फैलाकर पूरी ताकत से मुठ मार रही थी। कुछ देर ऐसा ही चला। अब चूत और लंड के मिलन से पच-पच की आवाजें आ रही थीं। फिर पापा ने मम्मी को नीचे किया और टांगें मोड़कर फुल स्पीड पर धक्के मारने लगे। मम्मी की चीखें निकलने लगी और थप-थप की आवाजें आ रही थीं।
मम्मी को दर्द हो रहा था लेकिन पापा किसी जंगली की तरह उनकी ठुकाई कर रहे थे। असली चुदाई तो अब चल रही थी जिसे कहते हैं हार्डकोर चुदाई। 20 मिनट मम्मी को चोदने के बाद पापा ने लंड चूत से निकाला और हिलाते हुए अपनी पिचकारी मम्मी के नंगे बदन पर बिखेर दी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उनके वीर्य की बूंदें मम्मी के पेट से लेकर उनकी छाती तक पड़ गईं। मैंने भी वहीं खड़े रहकर फिंगरिंग की और पानी निकालकर वहां से आ गई। अब मैं अपने कमरे में थी और सोने की कोशिश कर रही थी। लेकिन इतना सब देखने के बाद मुझे नींद कहां आने वाली थी। मेरे सामने मम्मी-पापा की चुदाई का नजारा ही घूमे जा रहा था।
पापा के लंड के बारे में सोचकर मेरी चूत में बार-बार सुरसुरी सी उठ रही थी। मुझसे अब ये बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने लेटे हुए ही अपनी पैंटी में हाथ डाला और फिर से चूत को सहलाने लगी। मेरी उंगलियां पापा के मोटे लंड की याद में तेजी से चूत के अंदर-बाहर होने लगीं। “Hot Daughter Chudai Story”
धीरे-धीरे मुझे बहुत मजा आने लगा और मैं अपनी सहलाने की स्पीड तेज करती गई। तकरीबन 10 मिनट मैंने बुरी तरह से अपनी चूत सहलाई। फिर मेरा शरीर कांपने लगा और चूत ने पानी छोड़ दिया। दोबारा पानी निकालने से मुझे थकावट महसूस होने लगी और मेरी आंखें अपने आप बंद होने लगी। मुझे नहीं पता चला कि मैं कब सो गई।
मेरी नींद सीधे अगली सुबह खुली। मैं बाथरूम जाकर फ्रेश हुई और नहा-धोकर तैयार होकर बाहर आ गई। मैं नाश्ते की टेबल पर जाकर बैठ गई जहां पापा पहले से बैठे थे। मैंने आज एक काले रंग की जींस और सफेद रंग की शर्ट पहनी थी। टेबल पर जाने से पहले मैंने जान-बूझकर अपनी शर्ट के ऊपर के दो बटन खोल दिए थे ताकि पापा को अपनी बेटी की क्लीवेज दिख पाए।
टेबल पर मैं पापा के सामने बैठी थी और बार-बार जान-बूझकर मैं आगे की तरफ झुक रही थी ताकि पापा को मैं अपने बूब्स का नजारा दिखा सकूं। तभी पापा की नजर मेरी क्लीवेज पर पड़ी। मैंने उनको अनदेखा किया लेकिन बीच-बीच में मैं उनका रिएक्शन नोटिस कर रही थी।
आज पहली बार ऐसा हुआ था कि पापा मेरी तरफ टकटकी लगाए देख रहे थे और जब मैं आंख बचा कर उनकी तरफ देखती तो उनकी नजर मेरे बूब्स पर ही होती। उनके मुझे ऐसे देखने से मैं उत्तेजित होने लगी और नीचे मेरी चूत में खुजली होने लगी। मेरी चूत हल्की गीली होनी शुरू हो गई थी। “Hot Daughter Chudai Story”
फिर मैंने सोचा क्यों ना आज पापा को अपने बदन को छूने का एक मौका दूं और देखूं कि वो क्या करते हैं। ये सोचकर मैं रसोई में गई जहां मम्मी नाश्ता बना रही थी। मैंने मम्मी से उनकी हेल्प करने के बहाने से नाश्ते का बर्तन पकड़ा और पापा की प्लेट में परोसने के लिए पापा के पास चली गई।
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फिर मैं उनके सामने झुककर उनकी प्लेट में खाना परोसने लगी। मैंने देखा पापा की नजर अभी भी मेरे रसीले बूब्स पर थी। मैं फिर जान-बूझकर अपने बूब्स को पापा के कंधे से टच कराने लगी। नाश्ता परोसते हुए उनके एक कंधे से मेरा एक बूब टच हो रहा था। जब-जब मेरा बूब उनके कंधे से टच होता तो मेरे शरीर में एक करेंट सा लगता। तभी कुछ ऐसा हुआ जो मेरे लिए बिल्कुल अविश्वसनीय था।
जैसे ही मैं नाश्ता पापा की प्लेट में परोसकर पीछे होने लगी तो पापा ने मेरे सर पर अपना हाथ रखा और बोले- पापा: मेरी बेटी अब बड़ी और सयानी दोनों हो गई है। जब उन्होंने प्यार से मेरे सर पर हाथ फेरा तो मुझे अपने आप पर शर्म आने लगी। मैंने सोचा कि जो बाप मुझे इतना प्यार करता था और मुझे आशीर्वाद दे रहा था मैं उसी के बारे में इतना घटिया कैसे सोच सकती थी।
लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने मुझे हैरान कर दिया। अचानक पापा अपना हाथ सर से खिसका कर मेरे बालों से होते हुए मेरी पीठ पर ले गए और गोल-गोल घूमने लगे। मैं समझ नहीं पाई पापा क्या कर रहे थे। उसके बाद वो अपना हाथ और नीचे जींस के ऊपर से मेरी गांड पर ले गए और हल्के से मेरे चूतड़ को दबा दिया।
उनकी इस हरकत ने मुझे हैरान कर दिया। मैंने जब उनकी तरफ देखा तो उन्होंने मुझे देखकर मुस्कुरा दिया। उनके ऐसा करने से मैं थोड़ा घबरा भी गई और वहां से रसोई में चली गई। फिर रसोई में जाकर जब मैंने पापा की तरफ मुड़कर देखा तो इस बार उनकी नजर मेरी गांड पर थी। “Hot Daughter Chudai Story”
मैं समझ गई थी कि पापा मेरी तरफ किस नजर से देख रहे थे। लेकिन अचानक से उनमें ये बदलाव कैसे आया इस बात की मुझे समझ नहीं आई। फिर मैं जॉब पर चली गई और वहां काफी बिजी थी तो पापा के बारे में सोचने का टाइम नहीं मिला। शाम को जब मैं घर आई तो पापा ने दरवाजा खोला।
पापा सिर्फ पजामा और बनियान पहने हुए थे और उनकी बॉडी फिट लग रही थी। फिर मैंने पापा से पूछा- मैं: पापा क्या बात है आज आपने दरवाजा खोला? मम्मी ठीक तो है? पापा बोले: हां बेटा तेरी मम्मी बिल्कुल ठीक है। तेरी नानी की तबियत थोड़ी खराब है इसलिए तेरी मम्मी उनका हाल पूछने गई है।
कह रही थी कि अगर सब ठीक हुआ तो उसका भाई उसको रात में छोड़ जाएगा वापस। डिनर बना कर गई है बस परोसना है। मैं: चलिए ठीक है मैं फ्रेश होकर आती हूं। पहले हम चाय पीते हैं फिर 8 बजे के आस-पास मैं डिनर गरम करके परोस दूंगी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
पापा: ठीक है।
फिर मैं अपने कमरे की तरफ चल दी। तभी अचानक मेरी नजर सामने के शीशे में पड़ी। मैंने देखा चलते हुए पापा मेरी गांड की तरफ देख रहे थे। फिर मैं अपने कमरे में आ गई और मेरे दिमाग में फिर से उल्टे-सीधे खयाल आने लग गए। थोड़ी देर में मैं लेगिंग्स और टीशर्ट पहनकर बाहर आ गई। पापा वहीं चेयर पर बैठे हुए थे।
मैंने पापा से पूछा- मैं: पापा भाई कहीं नजर नहीं आ रहा?
पापा: बेटी वो भी तेरी मम्मी के साथ गया हुआ है। मुझे नहीं लगता वो दोनों आज आएंगे।
मैं: ठीक है।
फिर मैंने डिनर परोसा और डिनर खाकर हम दोनों टीवी देखने लगे। मैं बीच-बीच में पापा की तरफ देख रही थी। मैंने उनको कई बार मुझे घूरते हुए देखा। फिर सोने का टाइम हो गया और हम दोनों अपने-अपने कमरे में चले गए। मैं सोचने लगी कि पापा को कुछ तो हुआ था और यहीं सोचते हुए मेरी आंख लग गई।
मेरी आंखें खुली तब जब रात में मुझे अपने शरीर पर कुछ महसूस हुआ। मुझे लगा कि मेरे पैर पर कुछ था वो मेरी आंखें खुल गईं। मैंने धीरे से देखा और हैरान हो गई। मेरे पापा मेरे पैरों के पास बैठे थे और मेरे पैरों पर अपनी जीभ फेर रहे थे। ये देखकर मेरी सांसें तेज हो गईं। “Hot Daughter Chudai Story”
वैसे तो मैं खुद अपने पापा से चुदना चाहती थी लेकिन मुझे डर भी लग रहा था। फिर मैंने अपनी आंखें फिर से बंद कर लीं और सोने का नाटक करने लगी। मेरे पापा मेरे पैरों को कुछ देर चाटने के बाद ऊपर आए और मेरी जांघों को मेरी लेगिंग्स के ऊपर से चूमने लगे। मेरी चूत में खलबली मचने लगी और चूत पानी छोड़ने लगी।
फिर पापा लेगिंग्स के ऊपर से मेरी चूत वाली जगह पर किस करने लगे। मैं पूरी कोशिश कर रही थी कि उनको मेरे जागे हुए होने का पता ना चले। उसके बाद पापा ने मेरी टीशर्ट उठाई और मेरी नाभि पर किस करके जीभ फेरने लगे। अब शायद उनसे कंट्रोल नहीं हुआ तो वो मेरे ऊपर लेटकर मेरे होंठ चूसने लगे। अब तो मुझे जागना ही था तो मैंने अपनी आंखें खोल लीं और अपने होंठ उनके होंठों से अलग करते हुए बोली-
मैं: पापा आप ये क्या कर रहे हो? मैं आपकी बेटी हूं।
पापा: मैं जानता हूं कि तुम मेरी बेटी हो। और मैं ये भी जानता हूं कि तुम जवान हो गई हो और तुम्हारी इस जवान चूत को एक मर्द के लंड की जरूरत है।
मैं: पापा ये आप क्या बोल रहे हो? आप मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते।
पापा: बेटी अब नाटक करने की जरूरत नहीं है। इतने दिन तक तूने मेरे कमरे के बाहर खड़ी रहकर हमारी चुदाई देखी। मैं जानता हूं तूने ऐसा क्यों किया। अभी भी जैसे ही मैंने तेरे पैरों पर अपनी जीभ फेरी तो तू जाग गई थी। लेकिन तूने दिखाया नहीं कि तू जाग रही थी। तू जवान हो गई है। इस उम्र में हर किसी को सेक्स की जरूरत होती है। तू किसी बाहर वाले के पास जाए इससे अच्छा यहीं है कि मैं तेरी जरूरत यहीं पूरी कर दूं।
मैं अब पकड़ी जा चुकी थी क्योंकि पता नहीं कैसे लेकिन पापा सब जानते थे। तो मैंने कहा-
मैं: तो कीजिए ना पापा बातों में टाइम क्यों गंवा रहे हैं?
ये सुनते ही पापा मुस्कुराए और मेरे होंठों से दोबारा होंठ जोड़ दिए। अब हम दोनों पागलों की तरह किस करने लगे। मेरे सपनों का मर्द आखिर आज मेरी बाहों में था। पापा मेरे होंठों को खींच-खींचकर पी रहे थे। फिर वो अपना एक हाथ मेरी चूत पर ले गए और होंठ चूसते हुए मेरी चूत मसलने लगे। मैं तो पागल हो रही थी। “Hot Daughter Chudai Story”
फिर पापा ने किस तोड़ी और मेरी गर्दन चूमने लगे। उन्होंने अपना हाथ मेरी टीशर्ट के अंदर डाल दिया और ब्रा के ऊपर से मेरी चूचियां दबाने लग गए। मैं आह आह कर रही थी। फिर पापा ने मेरी टीशर्ट को गले से पकड़ा और उसको फाड़ दिया। फिर ब्रा को मेरे चूचों से नीचे किया और जानवर की तरह मेरे चूचे मसलकर पीने लगे।
वो चूचे चूस रहे थे और नीचे मेरी चूत ने पानी छोड़कर पैंटी गीली कर दी। मेरे चूचे लाल करने के बाद वो नीचे गए और मेरी लेगिंग्स नीचे करके निकाल दी। अब मैं अपने बाप के सामने भीगी पैंटी में लेटी थी। पापा ने भीगी पैंटी को देखकर जब मेरी तरफ देखा तो मैंने शर्म से आंखें दूसरी तरफ कर लीं।
फिर पापा ने मेरी पैंटी उतारी और उसको मुंह में डालकर चूसने लगे। मैं अपने हाथों से अपनी चूत छुपा रही थी। मेरी चूत पर ज्यादा बाल नहीं थे। फिर पापा ने मेरे हाथों को चूत से हटाया और उस पर अपना मुंह लगाकर चाटने लगे। मुझे तो जैसे स्वर्ग का एहसास होने लगा। मैं पापा के मुंह को अपनी चूत में दबाने लगी। वो अपनी जीभ से मेरी चूत चोदने की कोशिश कर रहे थे जिसमें मुझे बहुत मजा आ रहा था।
कुछ देर में उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए। जिस लंड का सपना मैं इतने दिन से देख रही थी आज वो मेरे सामने था और मेरी चूत में जाने के लिए तैयार था। पापा ने अपने हाथ पर थूका और थूक को अपने लंड पर मल लिया। फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत पर सेट किया। मुझे लगा था पहले वो लंड चुसवाएंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
तभी पापा ने मेरी चूत पर लंड से दबाव बनाया। मुझे दर्द होने लगा और लंड अंदर जाने लगा। मेरा दर्द बढ़ने लगा तो मैं पापा की छाती पर अपने नाखून चुभाने लगी। लेकिन पापा रुके नहीं और दबाव बढ़ाते गए। धीरे-धीरे लंड मेरी चूत चीरता हुआ पूरा अंदर चला गया। “Hot Daughter Chudai Story”
मैं चीखें मार रही थी लेकिन पापा को कोई फर्क नहीं था। फिर पापा ने मेरे होंठ अपने होंठों से बंद किए और जब तक मेरा दर्द कम नहीं हुआ तब तक मेरे होंठ चूसते रहे और चूचे दबाते रहे। जैसे ही मैंने थोड़ी राहत महसूस की पापा ने लंड अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
पहले-पहले लंड के मेरे अंदर रगड़ खाने से मुझे दर्द हुआ लेकिन जब चूत पूरी तरह चिकनी हो गई तो मुझे मजा आने लगा। अब पापा ने अपनी स्पीड बढ़ाई और मेरे चूचे चूसते हुए मुझे चोदने लगे। मैं आह आह करते हुए कभी उनके चेहरे को अपने चूचों में दबाती और कभी उनको गांड को चूत की तरफ धकेलती।
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फिर पापा ने पूछा-
पापा: क्यों मजा आ रहा है?
मैं: बहुत पापा ऐसे ही करते रहिए।
पापा ने अपनी स्पीड और बढ़ाई और थप थप की आवाज कमरे में गूंजने लगी। मैं चोदो पापा चोदो पापा बोल रही थी। फिर पापा ने मुझे अपने ऊपर लिया। चूत में लंड लेते वक्त मैंने लंड पर चूत का खून लगा हुआ देखा। फिर मैं लंड के ऊपर बैठकर उछलने लगी। पापा कभी मेरे चूचे दबाते कभी उनको चूसते कभी मेरे चूतड़ पकड़कर मुझे उछालते। मैं तो जन्नत में थी और फिर से झड़ गई। “Hot Daughter Chudai Story”
फिर पापा ने मुझे नीचे उतारकर घोड़ी बनाया और सामने से मेरे मुंह में लंड डाल दिया। मैंने उनका लंड चूसना शुरू किया और कुछ ही सेकंड्स में मेरे मुंह में उनका बहुत सा माल निकला। मैं उनका सारा माल पी गई। फिर हम दोनों नंगे ही लेट गए। उस रात पापा ने मेरी तीन बार चुदाई की। उन्होंने एक ही रात में मेरी चूत का भोंसड़ा बना दिया। उसके बाद जब भी उन्हें मौका मिलता है तो वो मुझे खूब पेलते हैं। मैं भी अपने पापा की रंडी बनकर बहुत खुश हूं।
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