• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • Devar Bhabhi
  • Bhai-Bahan
  • Girlfriend Boyfriend Ki Chudai
  • Hindi Sex Story Antarvasna
  • अपनी कहानी हमें भेजे
  • ThePornDude

Crazy Sex Story

Antarvasna Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स स्टोरी

You are here: Home / Aunty Ki Chudai / दोस्त की माँ को ब्रा पेंटी खरीद कर दिया

दोस्त की माँ को ब्रा पेंटी खरीद कर दिया

May 12, 2026 by crazy Leave a Comment

Horny Aunty Chut Chudai

यह कहानी आज से करीब 6 साल पहले की है। मेरा एक दोस्त था, जिसका नाम दीपू था। उसके घर पर उसकी मां, दो बहनें और एक छोटा भाई था। दीपू के पिता एक सरकारी नौकरी में थे और उसके भाई-बहन स्कूल जाते थे। दीपू अपने घर पर सबसे बड़ा था। मैं और वो एक साथ कॉलेज में पढ़ाई करते थे। इसके साथ ही हमने कंप्यूटर क्लास भी शुरू कर रखी थी। Horny Aunty Chut Chudai

मेरा अक्सर उसके घर पर आना-जाना लगा रहता था। लेकिन मैंने कभी भी बुरी नजर से उसकी मां या बहनों को नहीं देखा था। कॉलेज के बाद दीपू सरकारी नौकरी की तैयारी में जी-जान से जुट गया, लेकिन मुझे सरकारी नौकरी में कोई खास रुचि नहीं थी। सरकारी जॉब पाने के चक्कर में दीपू सुबह से लेकर रात तक पढ़ाई करता रहता था। इसका नतीजा यह हुआ कि उसे सरकारी नौकरी मिल गई और उसकी पोस्टिंग दिल्ली से बाहर हो गई।

फिर भी मेरा दीपू के घर आना-जाना जारी रहा। मैं महीने में एक-दो बार जरूर चला जाता था। दीपू की मम्मी को जब भी कोई सामान लाना होता था, तो वो मुझे फोन कर देती थीं कि अमन ये ला दो, वो ला दो। क्योंकि मार्केट उनके घर से काफी दूर था, इसलिए वो सामान लाने के लिए मुझे ही बुलाती थीं। ऐसे करते-करते दो साल गुजर गए। एक दिन दीपू की मां का फोन आया और उन्होंने कहा, मुझे एक जरूरी सामान मंगवाना है।

मैं बोला, “बोलो आंटी, क्या लाना है?”

लेकिन दीपू की मां खुलकर बोल नहीं रही थीं। उनकी आवाज में एक अजीब सी झिझक थी।

मैंने फिर कहा, “आंटी बोलो न, क्या लाना है? शर्मा क्यों रही हो?”

आंटी थोड़ी देर चुप रहीं, फिर धीरे-धीरे बोलीं, “अमन… मुझे ब्रा ला दोगे? मेरी सारी पुरानी ब्रा फट गई हैं और मुझे मार्केट जाने का बिल्कुल टाइम नहीं मिल रहा है।”

यह सुनते ही मैं एक पल के लिए हिल गया। दिल की धड़कनें तेज हो गईं। दिमाग में एकदम से हजार ख्याल आने लगे। लेकिन मैंने खुद को संभाला और हिम्मत करके पूछा, “आंटी, किस साइज की लानी है?”

आंटी ने थोड़ा संकोच करते हुए जवाब दिया, “42 नंबर की।”

मैंने तुरंत कहा, “हां, ठीक है आंटी। मैं ला दूंगा।”

आंटी ने जल्दी से कहा, “अमन, किसी को बताना मत कि मैंने तुमसे ये चीज मंगवाई है। बहुत शर्मिंदगी होगी अगर किसी को पता चला।”

मैं समझ गया कि वो कितनी शर्मिंदा और घबराई हुई हैं। तभी मैंने हिम्मत जुटाकर बोल दिया, “आंटी, एक शर्त पर लाऊंगा।”

आंटी ने तुरंत पूछा, “क्या शर्त?”

मैंने सीधे-सीधे कह दिया, “अगर आप मुझे पहनकर दिखाओगी तो।”

एक पल की खामोशी हुई। फिर आंटी हल्के से हंस पड़ीं और बोलीं, “अरे पहले तो ला दो। उसके बाद देखेंगे।”

मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : सोनी को बैगन के बदले लंड से चोदा

उनकी हंसी में थोड़ी शरारत थी, थोड़ा डर भी। मैंने उस दिन शाम को ब्रा खरीद ली। एक अच्छी क्वालिटी की, ब्लैक कलर की, थोड़ी लेस वाली, जो 42 साइज में फिट बैठती थी। दुकान पर खरीदते वक्त भी मन में बस यही ख्याल घूम रहा था कि क्या सच में कल आंटी इसे पहनकर मुझे दिखाएंगी।

रात भर नींद नहीं आई। बार-बार सोचता रहा कि कल क्या होगा। क्या वो सच में मुझे ब्रा में दिखाएंगी? क्या वो सिर्फ मजाक कर रही थीं या सच में कुछ होगा? दिल की धड़कनें रुकने का नाम नहीं ले रही थीं। खैर, जैसे-तैसे रात गुजरी। अगले दिन मैं सुबह 9 बजे तैयार हो गया, क्योंकि आंटी का फोन आने वाला था। ठीक 9:30 बजे उनका फोन आ गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

“कब आओगे?” आंटी ने पूछा।

मैंने कहा, “आंटी, मैं तो तैयार हूं। आप बोलो, कब आऊं? और अंकल ऑफिस चले गए क्या?”

आंटी ने जवाब दिया, “हां, वो तो सुबह ही चले गए। दीपू की बहनें भी स्कूल चली गईं। वो एक बजे वापस आएंगी।”

मैंने तुरंत कहा, “ठीक है आंटी, मैं अभी आ रहा हूं।”

मैंने जल्दी से बाइक निकाली और दस बजे तक आंटी के घर पहुंच गया। जैसे ही मैं घर के अंदर घुसा, आंटी नाइट गाउन में थीं। वो हल्का गुलाबी रंग का नाइट गाउन था, जो उनके शरीर से चिपका हुआ था। उनके मोटे-मोटे मम्मे साफ नजर आ रहे थे और पीछे से उनकी उभरी हुई गांड भी अच्छी तरह उभरकर दिख रही थी। उस दिन पहली बार मैंने आंटी को इस नजर से देखा, घूरते हुए। पहले कभी ऐसा नहीं किया था, लेकिन आज मन में कुछ और ही चल रहा था। आंटी ने मेरे लिए पानी लाकर रखा।

मैंने पैकेट आगे बढ़ाते हुए कहा, “आंटी, ये रहा आपका सामान।”

आंटी ने पैकेट ले लिया और अंदर चली गईं। थोड़ी देर बाद वो वापस आकर मेरे सामने सोफे पर बैठ गईं।

मैंने कहा, “आंटी, पहनकर चेक तो कर लो। फिट आ रही है कि नहीं?”

आंटी ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “कोई नहीं, मैं बाद में कर लूंगी।”

मैंने थोड़ा जोर देकर कहा, “आंटी, आपने तो बोला था कि पहनकर दिखाओगी।”

आंटी ने तुरंत कहा, “नहीं अमन, मैंने तो ऐसा कुछ नहीं बोला था।”

फिर मैं चुप होकर बैठ गया। कुछ देर तक दोनों तरफ से खामोशी रही। आंटी को लगा कि शायद मैं नाराज हो गया हूं।

उन्होंने पूछा, “क्या हुआ? चुप क्यों हो गए?”

मैंने धीरे से कहा, “कुछ नहीं आंटी… बस मूड अपसेट हो गया।”

“क्यों?” आंटी ने पूछा।

मैंने ईमानदारी से कहा, “मैंने रात भर कितने ख्वाब देखे थे कि आप ब्रा पहनकर मुझे दिखाओगी।”

आंटी ने एक पल मुझे देखा, फिर हल्के से सांस ली और बोलीं, “चल, मैं अभी आती हूं। तू टीवी देख ले।”

वे उठकर अंदर चली गईं। करीब 5 मिनट बाद आंटी वापस आईं। अभी भी नाइट गाउन में ही थीं। मेरे सामने खड़ी होकर बोलीं, “ले, देख ले।”

मैंने उत्सुकता से कहा, “दिखाओ आंटी।”

चुदाई की गरम देसी कहानी : फिंगरिंग करती बेटी को बाथरूम में पेला पापा ने

आंटी ने धीरे-धीरे अपना नाइट गाउन ऊपर उठाया। उनकी कमर से लेकर ऊपर तक का हिस्सा खुल गया। नई ब्लैक ब्रा उनके बड़े-बड़े मम्मों को अच्छी तरह सहारा दे रही थी। ब्रा की लेस उनके गोरे बदन पर बहुत अच्छी लग रही थी। मम्मे इतने भरे-भरे थे कि ब्रा के कप थोड़े तने हुए थे। नीचे से उनकी पेटी और नाभि भी साफ दिख रही थी। मैं एक मिनट तक बस देखता रह गया। क्या सेक्सी लग रही थीं आंटी उस वक्त।

फिर आंटी ने जल्दी से गाउन नीचे गिरा दिया और बोलीं, “बस, हो गया।”

मैंने तुरंत कहा, “आंटी, आपने तो इतनी जल्दी गिरा दिया। कम से कम अच्छे से देखने तो देतीं। थोड़ा और समय दे दो ना।”

आंटी मना करने लगीं। “बस अमन, काफी है। अब और मत कहना।”

मैं हिम्मत करके उठा और आंटी के पास चला गया। थोड़ा रुककर मैंने कहा, “दिखाओ न आंटी।”

आंटी ने हल्के से मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “दिखा तो दिया था न।”

मैंने उनकी आँखों में देखते हुए कहा, “आंटी, पास से देखना है… बहुत पास से।”

आंटी फिर मना करने लगीं। उनकी आवाज़ में हल्की घबराहट थी। “नहीं अमन, बस करो… ये ठीक नहीं है।” लेकिन मैं रुकने के मूड में नहीं था। मैंने धीरे से उनका गाउन पकड़ा और ऊपर की तरफ़ खींचना शुरू कर दिया। आंटी ने मेरे हाथ पकड़ने की कोशिश की और बोलीं, “अमन प्लीज़ मत करो… प्लीज़।”

उनकी आवाज़ काँप रही थी, लेकिन मेरे अंदर की हिम्मत अब रुकने नहीं दे रही थी। मैंने उन्हें धीरे से बिस्तर पर लिटा दिया। उनका शरीर हल्का सा काँप रहा था। मैंने दोनों हाथों से उनका गाउन धीरे-धीरे ऊपर की ओर सरकाना शुरू किया। आंटी बार-बार अपना गाउन नीचे खींचने की कोशिश करती रहीं, लेकिन मैं रुक नहीं रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

उनका विरोध धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ता जा रहा था। मैंने उनका गाउन कमर तक ऊपर किया, फिर छाती के पास ले जाकर और ऊपर खींचा। अब उनका पूरा ऊपरी हिस्सा मेरे सामने था। वही सफ़ेद ब्रा, जो मैंने उनके लिए खरीदी थी, उनके गोरे स्तनों को सहेज रही थी।

नीचे स्किन-कलर की पैंटी में उनका निचला हिस्सा भी अब साफ़ दिख रहा था। आंटी ने अपनी आँखें कसकर बंद कर लीं। उनके गाल लाल हो गए थे। वे बार-बार हाथों से गाउन को नीचे खींचने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन मैंने उनके दोनों हाथ हल्के से पकड़कर बिस्तर पर दबा दिए। “Horny Aunty Chut Chudai”

मैंने हिम्मत करके अपना दायाँ हाथ उनके बाएँ स्तन पर रख दिया। ब्रा के कपड़े के ऊपर से भी उनकी गरमाहट और मुलायमियत महसूस हो रही थी। मैंने धीरे से दबाया। फिर मैंने अपना मुँह उनके दाहिने स्तन पर ले जाकर ब्रा के ऊपर से ही चूमना शुरू कर दिया। मेरी साँसें उनकी त्वचा पर पड़ रही थीं।

आंटी फिर बोलीं, “अमन… मत करो… प्लीज़…” लेकिन उनकी आवाज़ में अब पहले जैसी मज़बूती नहीं थी।

मैंने उनके कान के पास जाकर फुसफुसाया, “आंटी, आज मना मत करो… प्लीज़।”

मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : मुझे दिखा कर चूचियां खुजलाने लगी स्मृति

धीरे-धीरे उनका शरीर ढीला पड़ने लगा। वे अब विरोध नहीं कर रही थीं। मैंने एक हाथ उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी चूत पर रख दिया। उँगलियों से हल्के-हल्के सहलाने लगा। कपड़े के ऊपर से भी उनकी गर्मी और नमी महसूस हो रही थी। मैंने गोल-गोल घुमाते हुए दबाव बढ़ाया। आंटी की साँसें तेज़ हो गईं। अब वे कुछ नहीं बोल रही थीं, बस हल्के-हल्के सिसकारियाँ ले रही थीं।

मैं पूरी तरह अनकंट्रोल हो चुका था। मैंने जल्दी-जल्दी अपनी शर्ट उतारी, फिर पैंट और बनियान भी निकाल दी। अब मैं सिर्फ़ अंडरवियर में था। मेरा लंड पहले ही पूरी तरह खड़ा हो चुका था। मैंने आंटी के ऊपर चढ़कर खुद को उनके शरीर से सटा लिया। मैंने उनके स्तनों को ब्रा के ऊपर से ही जोर-जोर से चूसना शुरू कर दिया। मेरे दाँत हल्के से ब्रा के कपड़े को काटते हुए अंदर की मुलायम त्वचा को छू रहे थे। “Horny Aunty Chut Chudai”

साथ ही मैंने अपना लंड पैंटी के ऊपर से उनकी चूत पर सेट कर लिया और हल्के-हल्के आगे-पीछे करने लगा। हर रगड़ के साथ आंटी का शरीर हल्का सा काँप रहा था। जब आंटी पूरी तरह मस्त लगने लगीं, तो मैंने उनका गाउन पूरी तरह उतार दिया। फिर मैंने उनकी ब्रा के हुक पीछे से खोले।

ब्रा ढीली हुई और मैंने उसे पूरी तरह निकाल दिया। उनके गोरे-गोरे, भरे हुए स्तन मेरे सामने थे। गुलाबी निप्पल्स पहले से ही सख्त हो चुके थे। उन्हें देखकर मैं पागल सा हो गया। मैंने एक स्तन मुँह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। जीभ से निप्पल को गोल-गोल घुमाया, हल्के से दाँतों से काटा। दूसरा स्तन मैंने हाथ से दबाया और मसलने लगा।

आंटी ने आह भरते हुए कहा, “अमन… आराम से करो… काटो मत…”

मैंने उनका मुँह चूम लिया। पहले हल्के से होंठों पर, फिर जीभ अंदर डालकर गहरी चुंबन करने लगा। हम दोनों की साँसें एक-दूसरे में मिल रही थीं। कई मिनट तक हम ऐसे ही चुंबन करते रहे। फिर मैं नीचे की ओर सरका। उनके स्तनों को फिर से चूसते हुए धीरे-धीरे उनकी नाभि तक आ गया। मैंने वहाँ जीभ फेरी। आंटी का शरीर मचल उठा। उनकी कमर ऊपर उठी और वे सिसकारी भरने लगीं।

अब मैं धीरे-धीरे नीचे की ओर सरकता चला गया। मेरे होंठ आंटी की पैंटी के ऊपर से उनकी चूत पर पहुंच गए। मैंने जीभ बाहर निकालकर कपड़े के ऊपर से ही हल्के-हल्के चाटना शुरू कर दिया। पैंटी पहले से ही गीली हो चुकी थी, और उसकी नमी मेरी जीभ पर महसूस हो रही थी। मैंने जीभ को गोल-गोल घुमाते हुए दबाव बढ़ाया, जिससे आंटी की सांसें और तेज हो गईं। वे हल्की-हल्की सिसकारियां भर रही थीं। “Horny Aunty Chut Chudai”

फिर मैंने आंटी को पलटकर उल्टा लिटा दिया। अब उनकी बड़ी, गोल और मुलायम गांड मेरे सामने थी। मैं उसे देखकर खुद को रोक नहीं पाया। मैंने उनकी कमर पर होंठ रखे और धीरे-धीरे नीचे की ओर चूमते हुए उनकी गांड तक पहुंच गया। मैंने दोनों चूतड़ों पर हल्के से दांत गड़ाए और चाट लिया। आंटी एकदम से चिहुंक गईं। उनका शरीर झटके से कांप उठा और उन्होंने पीछे मुड़कर कहा, “अमन… आह… क्या कर रहे हो?”

मैंने कोई जवाब नहीं दिया। मैंने जल्दी से अपना अंडरवियर उतार फेंका। अब मैं पूरी तरह नंगा था। मेरा लंड सख्त और तना हुआ था। मैंने उसे पैंटी के अंदर से, चूतड़ों के बीच में सेट करके हल्के-हल्के रगड़ना शुरू कर दिया। हर रगड़ के साथ आंटी की कमर ऊपर उठ रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

कुछ पल बाद मैंने उन्हें फिर से सीधा लिटाया। अब मैंने उनकी पैंटी को धीरे से नीचे सरकाया। पैंटी पैरों से निकलते ही उनकी चूत पूरी तरह नंगी हो गई। चूत एकदम साफ थी, बिना किसी बाल के, गुलाबी और चमकदार। गीली होकर वह और भी आकर्षक लग रही थी।

मैंने अपना मुंह उनकी चूत पर लगा दिया। जीभ से पहले बाहर की सिलवटों को चाटा, फिर क्लिटोरिस पर जीभ घुमाई। आंटी का शरीर मचल उठा। मैंने जीभ को अंदर डालकर चाटना जारी रखा और साथ ही एक उंगली धीरे से उनकी चूत में डाल दी। उंगली अंदर-बाहर करने लगा, धीरे-धीरे गति बढ़ाते हुए। आंटी मदहोश हो चुकी थीं।

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : माँ अपने बेटे से चूत मालिश करवाने लगी

उनकी सांसें तेज थीं, आंखें बंद, और मुंह से लगातार आहें निकल रही थीं। शायद पहली बार किसी ने उन्हें इस तरह चाटा था। फिर मैं उनके सिरहाने जा बैठा। मैंने उनके मम्मों को फिर से चूसना शुरू किया। एक हाथ से एक स्तन दबाते हुए दूसरे को मुंह में लिया। मेरा लंड अब उनके होंठों को छू रहा था। आंटी मुंह इधर-उधर कर रही थीं, जैसे बचने की कोशिश कर रही हों।

मैंने धीरे से कहा, “आंटी… लंड चूसो न… प्लीज।”

आंटी ने सिर हिलाकर मना कर दिया। “नहीं अमन… ये नहीं…”

मैंने फिर कहा, “बस एक मिनट… प्लीज आंटी।”

कुछ पल चुप रहने के बाद उन्होंने धीरे से मुंह खोल दिया। मैंने अपना लंड उनके होंठों पर रखा और धीरे से अंदर डाल दिया। आंटी ने शुरू में हल्का सा विरोध किया, लेकिन फिर उन्होंने जीभ घुमानी शुरू कर दी। मैंने कुछ देर तक उनके मुंह में हल्के-हल्के धक्के दिए। उनकी गरम सांस और जीभ का स्पर्श मुझे और उत्तेजित कर रहा था। “Horny Aunty Chut Chudai”

फिर मैं उठा और उनकी चूत के पास वापस आ गया। मैंने दोबारा उनकी चूत को चाटना शुरू किया। अब आंटी पूरी तरह गरम हो चुकी थीं। वे बड़बड़ाईं, “अमन… अब करो… और ना तड़पाओ… प्लीज…” मैंने उनकी दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं। मेरा लंड उनकी चूत के छेद पर लगा।

मैंने पहले हल्का सा दबाव दिया, फिर एक जोरदार झटका मारा। लंड का अगला हिस्सा अंदर चला गया। आंटी थोड़ा सा हिलीं और आह भरी। मैंने दूसरा झटका दिया। इस बार लंड पूरा अंदर चला गया। आंटी की चूत गरम और तंग थी। एक पल रुककर मैंने उन्हें देखा। उनकी आंखें बंद थीं और चेहरा सुख से लाल।

फिर मैंने धक्के मारना शुरू कर दिया। पहले धीरे-धीरे, फिर गति बढ़ाकर। अब मैं उनके ऊपर पूरा लेट गया था। हमारा हर अंग एक-दूसरे से सटा हुआ था। मेरी छाती उनके मम्मों से दब रही थी, मेरे होंठ उनके होंठों पर। हम दोनों की सांसें एक साथ चल रही थीं। मुझे अपार आनंद मिल रहा था।

कुछ मिनट बाद जब मैं झड़ने के करीब पहुंचा, तो मैंने पूछा, “आंटी… माल कहां लेना है?”

आंटी ने हांफते हुए कहा, “बाहर ही निकालना… प्लीज बाहर…”

मैंने कहा, “ओके।”

मैंने आखिरी तेज धक्के लगाने शुरू किए। जैसे ही मेरा वीर्य निकलने लगा, मैंने लंड बाहर निकाला और सारा वीर्य उनकी चूत के ऊपर, पेट पर और नाभि के आसपास छोड़ दिया। गर्म-गर्म वीर्य उनके गोरे शरीर पर फैल गया। झड़ने के बाद मैं थकान से उनकी छाती पर ही ढेर हो गया।

हम दोनों की सांसें तेज चल रही थीं। कुछ देर तक हम ऐसे ही लिपटे रहे, एक-दूसरे की गरमाहट महसूस करते हुए। फिर मैं धीरे से उनके ऊपर से उठा। मेरा लंड अब ढीला पड़ चुका था और वीर्य से सना हुआ था। मैंने बिस्तर के पास रखे टिश्यू से उसे साफ किया और अपना अंडरवियर पहन लिया। “Horny Aunty Chut Chudai”

आंटी ने आंखें खोलीं और मेरी तरफ देखकर धीरे से बोलीं, “अमन… ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए। और अब मुझे भूल तो नहीं जाओगे न?” उनकी आवाज में हल्की चिंता और प्यार दोनों थे।

मैंने उनके गाल पर हाथ फेरते हुए कहा, “नहीं आंटी, भूलना क्या… अब तो मैं रोज आया करूंगा। आपको छोड़कर जा भी नहीं पाऊंगा।”

आंटी मुस्कुराईं और बिस्तर से उठ खड़ी हुईं। उनका शरीर अभी भी थोड़ा कांप रहा था। उन्होंने कहा, “अच्छा, मेरी ब्रा और पैंटी पकड़ा दो।”

मैंने हंसते हुए कहा, “पकड़ाना क्या आंटी, मैं तो पहना भी देता हूं।”

आंटी ठहाका मारकर हंस पड़ीं। उनकी हंसी में शरम और खुशी दोनों थी। मैंने उनकी सफेद ब्रा उठाई। उन्होंने पीठ फेर ली। मैंने ब्रा के स्ट्रैप उनके कंधों पर डाले, आगे से हुक लगाए और धीरे से क्लिप बंद की। फिर मैंने स्किन-कलर की पैंटी ली। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

आंटी ने एक पैर उठाया, मैंने पैंटी उनके पैरों से निकालकर ऊपर चढ़ाई। पैंटी कमर तक पहुंचते ही उन्होंने खुद उसे ठीक किया। उसके बाद उन्होंने अपना गाउन उठाया और पहन लिया। गाउन बटन करते हुए वे किचन की तरफ चल पड़ीं और बोलीं, “चाय बनाती हूं।”

मैंने अपने कपड़े पहने और सोफे पर बैठकर टीवी ऑन कर लिया। लेकिन मेरा मन अभी भी शांत नहीं था। चुदाई की याद से ही मेरा लंड फिर से सख्त होने लगा। ज्यादा देर नहीं हुई कि मैं उठा और किचन में चला गया। आंटी चूल्हे के सामने चाय बना रही थीं। मैंने पीछे से जाकर उनका गाउन ऊपर उठाया। मेरा लंड अब फिर खड़ा था। मैंने उसे उनकी गांड पर रगड़ना शुरू कर दिया। पैंटी के ऊपर से ही मैं आगे-पीछे करने लगा।

आंटी ने पीछे मुड़कर कहा, “अब नहीं अमन… मैं थक गई हूं। बस हो गया आज।”

लेकिन मैं रुक नहीं सका। मैंने उनका गाउन कमर तक ऊपर कर दिया और पैंटी को धीरे से नीचे खींच लिया। पैंटी घुटनों तक आ गई। आंटी ने कुछ नहीं कहा, बस हल्की सिसकारी ली। मैंने उन्हें किचन काउंटर पर झुका दिया। उनकी कमर पकड़कर मैंने अपना लंड उनकी चूत पर सेट किया और एक झटके में अंदर डाल दिया। “Horny Aunty Chut Chudai”

आंटी की चूत अभी भी गीली और गरम थी। इस बार दूसरा राउंड होने की वजह से मेरा लंड ज्यादा देर तक टिका रहा। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए, फिर गति बढ़ाई। आंटी काउंटर पकड़कर सिसकारियां भर रही थीं। बीच-बीच में उनका शरीर कांप उठता और वे झड़ जातीं। मैंने महसूस किया कि आंटी कम से कम एक-दो बार ऑर्गेज्म हो चुकी थीं।

कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : झांट साफ करके चुदवाने आई बुआ की बेटी

इस बार मैंने बिना कुछ कहे ही आखिरी धक्कों में अपना सारा वीर्य उनकी चूत के अंदर छोड़ दिया। जैसे ही पहली बूंद अंदर गिरी, आंटी ने खुद को मुझसे छुड़ाने की कोशिश की। “अमन… बाहर निकालो…” लेकिन मैंने उनकी कमर कसकर पकड़ ली और पूरा रस उनके अंदर उड़ेल दिया।

जब मैंने पकड़ ढीली की, तो आंटी मुड़ीं और थोड़ी नाराजगी से बोलीं, “तुमने अंदर क्यों छोड़ा? अगर मैं प्रेग्नेंट हो गई तो?”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “आंटी, आप समझदार हो। प्रेग्नेंट कैसे होते हैं, ये आपको अच्छे से पता है। चिंता मत करो।”

आंटी हंस पड़ीं और बोलीं, “तुम तो बड़े बदमाश निकले।”

फिर हम दोनों ने किचन में ही चाय पी। चाय खत्म होने के बाद जब मैं जाने लगा, तो आंटी ने दरवाजे पर खड़े होकर कहा, “आते रहना अमन।” मैंने उनकी कमर में हाथ डालकर कहा, “जी आंटी, अब तो रोज आना पड़ेगा। आप बस फोन कर दिया करो कि घर पर कोई नहीं है।” उस दिन के बाद से मैं आंटी को नियमित रूप से चोद रहा हूं। लेकिन आंटी ने अपनी गांड कभी नहीं मारने दी। हर बार मैंने कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इस बार मेरा पूरा मन है कि उनकी गांड मारूं। आंटी की गांड मारी या नहीं, ये मैं आपको अपनी अगली स्टोरी में बताऊंगा।

दोस्तों आपको ये Horny Aunty Chut Chudai की कहानी आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………….

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

Like this:

Like Loading…

Related

Filed Under: Aunty Ki Chudai Tagged With: अन्तर्वासना, आंटी की अन्तर्वासना, आंटी को पेला, कामुकता, चूत की चुदास, दोस्त की माँ की चुदाई, बाथरूम में चुदाई, हिंदी सेक्स स्टोरी, हॉट XXX स्टोरी, हॉट सेक्सी आंटी

Reader Interactions

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

सेक्सी कहानी खोजे

नई चुदाई की कहानियाँ

  • दोस्त की माँ को ब्रा पेंटी खरीद कर दिया
  • Sexy HR Girl Chudai Kahani
  • नेटवर्क मार्केटिंग वाली सेक्सी लड़की की चुदाई 1
  • मेरे पति का मोटा लंड खाने लगी सहेली
  • शादीशुदा औरत की हवस की इबारत

अन्तर्वासना सेक्स कथा

कथा श्रेणिया

  • Aunty Ki Chudai
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Ki Chudai
  • Boss Ke Sath Chudai
  • Devar Bhabhi Ki Chudai
  • Doctor aur Nurse Ki Chudai
  • Girlfriend Boyfriend Ki Chudai
  • Group Mein Chudai
  • Hindi Sex Story Antarvasna
  • Hot Virgin Girl Ki Chudai
  • JiJa Sali Ki Chudai
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Ladkiyo Ki Chudai
  • Maa Bete Ki Chudai
  • Meri Chut Ki Chudai
  • Pados Wali Bhabhi Aunty Ki Chudai
  • Pati Patni Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Student Teacher Ki Chudai
  • Uncategorized

पोर्न स्टोरी टैग्स

Antarvasna Bathroom Sex Big Boobs Blouse Blowjob boobs bra chudai chut Desi Chudai Desi Kahani Desi Sex Story Fingering Free Sex Kahani gaand Ghar Ka Maal Hardcore Sex hawas Hindi Sex Story Hot XXX Story Kamukata lund Maa Ki Chudai Mota Lund Nude Pahli Chudai panty Sex Story अन्तर्वासना अन्तर्वासना कहानी कामुकता कामुकता कहानी कुंवारी चूत चुदाई घर का माल जोरदार चुदाई नॉनवेज सेक्स कहानी नॉनवेज सेक्स स्टोरी पहली चुदाई फ्री सेक्स कहानी मोटा बड़ा लंड मोटा लंड लंड की प्यासी सेक्स की प्यासी हिंदी सेक्स स्टोरी हॉट XXX स्टोरी

Disclaimer and Terms Of Use

Our Partner

HamariVasna

Footer

Disclaimer and Terms of Uses

Privacy Policy

© 2026 · Crazy Sex Story : Antarvasna Porn

%d