Hot Housewife Sex Story
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम अर्पिता है. मैं एक हाउसवाइफ हूं. मेरी उम्र 45 साल है. मैं मुंबई में रहती हूं. मैं एक भरे हुए बदन की औरत हूं. मेरे बूब्स का साइज 32B है और मेरे हिप्स का साइज 36 है. मेरे पति का होटल का बिज़नेस है जिसमें वो इतने बिज़ी रहते हैं कि रात को आते हैं और सो जाते हैं. उनका कभी सेक्स करने का मन करे तो सीधा मेरी साड़ी ऊपर करके मेरी चूत में लंड डाल देते थे. Hot Housewife Sex Story
फिर 2 मिनट में उनका पानी निकल जाता था जिससे मैं उनसे बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हो पा रही थी. मेरी चूत बहुत दिनों से प्यासी ही रह जा रही थी लेकिन वो कहते हैं कि प्यासा किसी न किसी तरह कुएं के पास पहुंच ही जाता है. मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. आज मैं वही सच्ची घटना आपको बताने जा रही हूं जो मेरे साथ पिछले दिसंबर में हुई थी.
एक दिन की बात है कि मेरा परिवार गोवा घूमने का प्लान बना रहा था. सब लोग बहुत खुश थे. मैं, मेरा पति और मेरे बेटे के साथ हम लोग गोवा के लिए स्लीपर बस में जाने वाले थे. हमने 3 सीट बुक कर ली और शाम को हम बस स्टॉप पर पहुंच गए जहाँ पर हमारी बस लगी हुई थी.
उस दिन मैंने ब्लू कलर की साड़ी पहनी हुई थी और खुले गले वाला ब्लाउज पहना हुआ था जो थोड़ा छोटा था. ब्लाउज काफी टाइट होने की वजह से मेरे बूब्स टाइट नजर आ रहे थे. फिर हम बस में चढ़ गये. अंदर जाने पर पता लगा कि हमारी एक सिंगल सीट ऊपर वाली थी. नीचे वाली डबल सीट मेरे पति और मेरे बेटे की थी जबकि ऊपर वाली सीट मेरी थी.
मैंने कन्डक्टर से बात की और कहा कि मुझे ऊपर की नहीं नीचे की सीट चाहिए जो मेरे पति और बेटे की बगल में हो. बस कन्डक्टर ने मना कर दिया कि ये सीट पहले से बुक हो रखी है इसलिए नहीं मिल सकती है. ये सुनकर मैं कुछ उदास हो गयी.
मुझे नीचे वाली सीट चाहिए थी अपने पति और बेटे के पास. फिर कुछ देर के बाद वो बंदा आया जिसकी वो सीट थी. वो देखने में काफी हैंडसम था. उम्र 35-36 के करीब की थी. उसकी बॉडी भी काफी अच्छी थी. एक बार तो मैं उसको देखती ही रह गयी. फिर उसने अपना सामान सीट पर रख दिया.
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पांच मिनट बाद मैंने उससे कहा, “आप अगर ऊपर वाली सीट ले लें तो कोई प्रॉब्लम होगी क्या?”
वो बोला, “लेकिन आपको ऊपर वाली सीट में क्या प्रॉब्लम है?”
मैं बोली, “ये साथ वाली सीट पर मेरे पति और मेरा बेटा है.”
उसने मेरे पति और बेटे को हैलो कहा. उन्होंने भी उसको हैलो किया और उस आदमी ने अपना नाम शुभम बताया.
वो बोला, “ठीक है मैडम, आप नीचे वाली सीट ले लो, मैं ऊपर वाली ले लेता हूं.”
मैं खुश हो गयी और उसको थैंक्स कहा.
फिर बस चल पड़ी और सब अपने अपने काम में व्यस्त हो गये. सब फोन में लगे हुए थे. मैं भी यहां वहां देख रही थी. एक दो बार मेरी नजर शुभम से भी टकरायी और हम एक दूसरे को देखकर मुस्कराये. मैं देख रही थी कि शुभम मेरे ब्लाउज के अंदर फंसे मेरे चूचों को घूर रहा था.
शुभम देखने में अच्छा था और मेरी चूत भी उसका लंड लेने का सपना देखने लगी थी. फिर धीरे धीरे रात हो गयी और सब सोने लगे. मैं भी सो गयी. रात के करीब 11.30 बजे के करीब हमारी बस एक ढाबे पर रुकी. मैं उस वक्त कच्ची नींद में थी. शुभम ने मुझे हिलाकर आवाज दी, “मैडम, बस ढाबे पर रुकी है, आपको भूख लगी हो तो कुछ खा लो. सब लोग जा रहे हैं.”
मैं उठ कर देखा तो कई लोग निकल रहे थे. मेरे पति और बेटा गहरी नींद में थे. मैंने उनको नहीं जगाया. मुझे भूख तो नहीं थी लेकिन फिर भी मैं उठ कर बाहर आ गयी. शुभम भी मेरे साथ ही आ गया. हम दोनों ढाबे की ओर बढ़े.
वो बोला, “कहां जा रही हो मैडम?”
मैंने कहा, “मेरा नाम मैडम नहीं अर्पिता है. आप मुझे अर्पिता बुला सकते हो.”
वो बोला, “ठीक है, कहां जा रही हो अर्पिता मैडम?”
उसकी इस बात पर हम दोनों ठहाका मार कर हंस पड़े. शुभम बहुत हंसमुख लड़का था. उसके साथ मैं काफी सहज हो गयी थी. फिर उसने खाना मंगाया और मैं भी उसकी टेबल पर बैठ गयी. उसके साथ ही मैंने भी एक दो निवाला खा लिया. फिर उसने खाना खत्म किया और पैसे देकर चाय मंगवा ली. हम दोनों चाय पीते हुए बातें करने लगे.
उसने बताया कि वो मुंबई में जॉब करता है और गोवा में किसी की शादी में जा रहा है. मैंने भी उसको बताया कि हम लोग गोवा घूमने के लिए जा रहे हैं. उसके बाद हम दोनों इधर उधर की बातें करने लगे. वो बार बार मेरी चूचियों को ही देखे जा रहा था. मेरे देखने पर भी नहीं शरमा रहा था. अब मेरा मन भी उससे चुदने के लिए करने लगा था. तभी मुझे पेशाब लगी और मैं उठ कर जाने लगी. मगर टॉयलेट काफी दूरी पर था और टॉयलेट की साइड में बहुत अंधेरा था.
मैंने कहा, “शुभम, क्या तुम मेरे साथ थोड़ी दूर तक चल सकते हो? मुझे टॉयलेट जाना है.”
वो मेरे साथ चल पड़ा. कुछ दूरी पर जाकर वो खड़ा हो गया और मैं अंदर चली गयी. वहां पर पूरा सुनसान था. आसपास खेत खलिहान और अंधेरा ही अंधेरा था. मैं जल्दी से पेशाब करके वापस आ गयी. मैं अपनी साड़ी ठीक करते हुए आ रही थी तो मैंने देखा कि शुभम अपनी पैंट के ऊपर से अपने लंड को सहला रहा था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसका लंड उसकी पैंट में तंबू बना चुका था. एक बार तो उसका साइज देख कर मैं देखती ही रह गयी. नजर नीचे किए हुए मैं उसके पास से गुजरने लगी तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे एक तरफ खींच कर दीवार के साथ लगा दिया.
मैंने कहा, “क्या कर रहे हो शुभम?”
वो बोला, “वही जो एक मर्द एक औरत के साथ करता है!”
मैंने कहा, “ये क्या बोल रहे हो आप?”
शुभम बोला, “मन तो आपका भी कर रहा है मैडम, मैं जान गया हूं. इस अंधेरी रात का फायदा उठा लो जान, बहुत मजा आयेगा.”
इतना बोल कर उसने मेरे होंठों पर होंठ रख दिये और चूसने लगा. पहले तो मैंने उसे हटाने की कोशिश की मगर फिर पता नहीं मैंने अपने आपको उसे सौंप दिया. मैं बहुत दिनों से प्यासी थी और वो मेरे होंठों को चूसते हुए मेरी चूचियों को दबाने लगा. दो मिनट तक एक दूसरे को किस करते हुए हम चूसते रहे और फिर एकदम से अलग हुए.
वो बोला, “चलो बस में, वहां पर आयेगा सही मजा.”
मैं बोली, “मगर वहां तो मेरे पति और बेटा है.”
वो बोला, “उनके केबिन का दरवाजा बंद कर देना और अपने केबिन का भी. फिर चुपके से ऊपर मेरी सीट पर आ जाना.”
हम दोनों प्लानिंग करके बस में चले गये. बस चल पड़ी और आधे घंटे के बाद सब लोग सो गये. मैंने चुपके से उठ कर पति और बेटे वाले केबिन का दरवाजा बंद कर दिया. फिर अपने केबिन का दरवाजा बंद करके मैंने इधर उधर देखा और धीरे से ऊपर वाली सीट पर पहुंच गयी. शुभम मेरा इंतजार कर रहा था. उसने मुझे देख कर गले से लगा लिया.
शुभम ने अपनी बर्थ का दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया. दरवाजा बंद होने के बाद शुभम मुझ पर टूट पड़ा और मुझे अपनी ओर खींच लिया. वो मुझे बेतहाशा मेरे होंठों, गले और चेहरे पर किस करने लगा. मैं भी उसका साथ देने लगी, लेकिन मन में थोड़ी हिचकिचाहट थी कि कहीं कोई देख ले तो क्या होगा, फिर भी उसकी गर्म सांसें मुझे पिघला रही थीं और मैंने खुद को छोड़ दिया.
ऐसे ही किस करते करते उसने मुझे लिटा दिया. लिटाने के बाद भी वो मुझे चूसता रहा और मैं उसके होंठों को पीती रही. हमारा ये किस 20 मिनट तक चला. वो भी बहुत प्यासा था और मैं भी कितने दिनों से प्यासी थी इसलिए दोनों एक दूसरे का रस पीने में लगे हुए थे.
फिर वो धीरे धीरे मेरे ब्लाउज के ऊपर से मेरे बूब्स को दबाने लगा जिससे मैं धीरे धीरे पागल होने लगी, आह्ह… ह्ह्ह… मैंने सिसकारी ली और उसके कंधों पर हाथ रखकर उसे और करीब खींच लिया. शुभम अभी भी मुझे किस किये जा रहा था और मेरे बूब्स को दबाए जा रहा था. शुभम ने मेरे ब्लाउज को खोल दिया और अलग कर दिया.
नीचे से मैंने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी जिसमें मेरी गोरी चूचियां बहुत मस्त लग रही थी. शुभम अब मेरी ब्रा के ऊपर से मेरे बूब्स दबाने लगा जिससे मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा, इह्ह… ओह्ह… मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं और उसके स्पर्श का आनंद लेने लगी. फिर उसने मेरी साड़ी खोल दी और पेटीकोट भी निकलवा दिया, अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी, शर्म से मेरी सांसें तेज हो गईं लेकिन उत्तेजना ज्यादा थी.
अब उसने अपनी टीशर्ट भी उतार दी. मैं उसके सीने पर चूमने लगी जिससे वो और ज्यादा उत्तेजित होने लगा, “आह अर्पिता, तुम कितनी सेक्सी हो,” वो बोला और मुझे अपनी ओर खींचा और फिर से मुझे किस करने लगा. किस करते करते शुभम ने मेरी ब्रा कब खोली मुझे पता भी नहीं चला.
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मुझे शर्म आने लगी तो मैंने अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स छुपाने की नाकाम कोशिश की जिससे शुभम ने मेरे दोनों हाथों को पकड़ कर साइड में कर दिया. फिर वो बारी बारी से बहुत देर तक मेरे बूब्स को खींच खींच कर चूसने लगा जैसे कि मेरी चूचियों का दूध निकाल रहा हो, गों… गों… उसकी चूसने की आवाजें आ रही थीं और मैं आह्ह… ह्ह्ह… उई… कर रही थी, मेरी चूचियां सख्त हो गईं और निप्पल्स कड़े होकर दर्द करने लगे लेकिन वो दर्द मजेदार था.
मेरे हाथ अपने आप ही शुभम के सिर के बालों में चले गये और मैं उसके सिर को अपने बूब्स में दबाने लगी. वो पागलों की तरह मेरे बूब्स को जोर जोर से चूस रहा था. मेरी उत्तेजना इतनी बढ़ गयी कि मैं चूत को छेड़े बिना ही झड़ गयी, आह्ह… इह्ह… ओह्ह… मेरा शरीर कांपने लगा और गर्म पानी मेरी चूत से बहने लगा.
मेरे बूब्स पीने के बाद शुभम अब धीरे-धीरे मेरे बूब्स से नीचे बड़े प्यार से किस करते-करते मेरी नाभि तक आया और फिर उसने मेरी पैंटी को अपने दांतों से पकड़ कर नीचे खींच लिया और एक झटके में शुभम ने मेरी पैंटी को मेरे बदन से अलग कर दिया.
मुझे बहुत शर्म आयी तो मैंने शुभम की चादर से अपने बदन को ढक लिया. शुभम को और ज्यादा जोश आ गया और वो मेरे पैरों से होता हुआ मेरी चादर में अंदर घुस गया. मेरे पैरों को किस करते करते वो मेरी चूत पर आ गया और उसकी वजह से जो मेरी चूत गीली हुई थी उस पर उसने किस कर दिया.
तभी शुभम ने मेरे पैर अपने कंधे पर रख दिये और धीरे से मेरी चूत पर नीचे से अपनी जुबान डाल कर ऊपर की तरफ चलाने लगा. उसका ये हमला मैं बर्दाश्त नहीं कर पाई और मेरे मुंह से एक आह्ह निकल गई. शुभम अब मेरी चूत पर टूट पड़ा और मेरी चूत को कुत्ते की तरह जुबान से चाटने लगा, गी… गी…
उसकी जीभ की आवाज आ रही थी और मैं तड़पने लगी, आह्ह… ह्ह्ह… शुभम… धीरे… उई… मैंने उसके बाल पकड़ लिए और अपनी कमर ऊपर उठाकर उसकी जीभ को और गहरा महसूस करने लगी. दस मिनट तक वो मेरी चूत को चाटता ही रहा और मैं एक बार फिर से झड़ गयी, आह्ह… इह्ह… ओह्ह… मेरा पानी उसके मुंह में गिरा और वो सब पी गया.
शुभम ने मेरी चूत का सारा पानी पी लिया. फिर मेरी पूरी चूत को चाट चाट कर साफ भी कर दिया. फिर वो उठा और उसने अपना पजामा भी निकाल दिया. उसके अंडरवियर में उसका लौड़ा बहुत टाइट तना हुआ था. उसने अंडरवियर उतारा तो मैं उसके 8 इंची लंड को देखती ही रह गयी. मेरा अंदाजा सही था.
उसका लंड सच में बहुत दमदार था. मैं तो एक बार डर गयी मगर फिर अंदर ही अंदर खुश हो गयी कि आज मेरी चूत की प्यास बहुत मस्त लंड से बुझने वाली है. अब शुभम मेरे पास आ गया और मेरी चूत की तरफ अपना मुंह कर दिया और अपना लंड मेरे मुंह तरफ करके मेरी चूत चाटने लगा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मुझे लंड चूसना तो पसंद नहीं था फिर भी न चाहते हुए भी मैं शुभम का लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी, ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… मैंने धीरे धीरे चूसना शुरू किया लेकिन उसका लंड इतना मोटा था कि मेरे मुंह में मुश्किल से आ रहा था, “अर्पिता, चूसो इसे अच्छे से, ये तुम्हारे लिए ही है,” शुभम बोला और मैंने और जोर से चूसा, गों… गों…
बस अपनी रफ्तार से दौड़ रही थी और अंदर हम दोनों की प्यार की बारिश हो रही थी. बहुत देर तक हम दोनों एक दूसरे के लंड और चूत को चाट रहे थे. फिर वो पल भी आ गया जब हम दोनों दो जिस्म से एक जान होने वाले थे. अब शुभम उठ गया और मेरे ऊपर आ गया.
मैंने भी अपने दोनों पैर साइड में करके उसका स्वागत किया. शुभम मुझे फिर से किस करने लगा और मेरे बूब्स दबाने लगा. शुभम का लंड मेरी चूत पर बार बार टच होने लगा जिससे मैं और ज्यादा गर्म होने लगी. मेरी चूत पानी छोड़ने लगी. फिर शुभम ने अपना लंड पकड़ कर मेरी चूत पर रख दिया और धीरे धीरे अपना लंड मेरी चूत के छेद के अंदर घुसाने लगा.
लंड घुसाते हुए वो मुझे किस भी करने लगा. जैसे जैसे लंड अंदर घुसने लगा मुझे थोड़ी तकलीफ होने लगी, “शुभम, धीरे… दर्द हो रहा है,” मैंने कहा लेकिन वो बोला, “बस थोड़ा बर्दाश्त करो जान, मजा आएगा.” मुझे तकलीफ में देख कर शुभम थोड़ी देर वैसे ही मेरे ऊपर पड़ा रहा और मुझे किस करने लगा.
इसमें मैं भी उसका पूरा साथ देने लगी. थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द कम हुआ तो शुभम ने धीरे से अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और जोर से लंड को मेरी चूत घुसा दिया. उसका लंड पूरा का पूरा मेरी चूत में घुस गया. मुझे दर्द हुआ और मेरे मुंह से हल्की चीख निकली जिसको मैंने अपने मुंह पर हाथ रख कर अंदर ही दबा लिया.
फिर मैं शुभम से छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन उसने मुझे जकड़ रखा था. मैं हिल भी नहीं पा रही थी. उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में जकड़ लिया और मैं बस हूंऊऊ… हूंऊऊ… करती रह गयी. थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद जब मेरा दर्द कम हुआ. “Hot Housewife Sex Story”
तो मैंने नीचे से अपनी कमर हिलाई जिससे शुभम ने मुझे छोड़ दिया और फिर धीरे धीरे शुभम अपना लंड मेरी चूत में अंदर बाहर करने लगा, पच… पच… लंड की आवाज आने लगी और मैं आह्ह… ह्ह्ह… उई… कर रही थी, हर धक्के के साथ मेरी चूत फैल रही थी और मजा बढ़ता जा रहा था.
तभी हमारी बस टोल नाके पर पहुंची और वहां लाइट हमारी सीट पर गिरने लगी. शुभम ने झट से हम दोनों के ऊपर अपनी चादर ओढ़ा दी. अब मैं शुभम के नीचे थी और शुभम मेरे ऊपर था. उसका 8 इंच का लंड मेरी चूत में था और हमारे ऊपर चादर थी. मुझे बहुत शर्म आ रही थी तो मैंने चादर को पूरा अपने ऊपर ढक लिया.
मैंने शुभम को ऐसे ही रुकने को बोल दिया मगर वो धीरे धीरे चादर के अंदर ही मुझे चोदने लगा. मैं कुछ कहती तब तक उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर मुझे किस करना शुरू कर दिया. टोल नाके पर बस धीरे धीरे लाइन में आगे बढ़ रही थी और हम टोल नाके की बल्ब की रौशनी में चादर के अंदर धीरे धीरे चुदाई करने लगे.
पच… पच… धीमी आवाजें आ रही थीं और मैं दबी आवाज में आह्ह… इह्ह… कर रही थी, मन में डर था कि कहीं कोई देख न ले लेकिन उत्तेजना से रुक नहीं पा रही थी. जैसे ही बस ने टोल नाका पार किया शुभम ने चादर हटा दी और मुझे जोर जोर से चोदने लगा. शुभम का लंड मुझे मेरी बच्चेदानी में लगता हुआ महसूस होने लगा. “Hot Housewife Sex Story”
वो सिसकारते हुए बोलने लगा, “आह्हह… अर्पिता… तुम मुझे पहले क्यों नहीं मिली? आह्हह… सेक्सी जान… तुम मुझे पहले मिलती तो मैं तुमसे ही शादी कर लेता.”
मैं उसके लंड से चुदते हुए चुदाई का पूरा मजा ले रही थी और बस हम्म.. हम्म… किये जा रही थी. हमारी पहली चुदाई काफी देर तक चली जिसमें मैं शुभम के लंड पर दो बार झड़ गयी. जब मैं झड़ती थी तो शुभम को कस कर पकड़ लेती थी, आह्ह… इह्ह… ओह्ह… मेरा शरीर अकड़ जाता और पानी बह जाता.
फिर वो पल भी आ गया और शुभम ने अपनी स्पीड तेज़ कर दी और 15-20 जोरदार झटकों के बाद शुभम ने मेरी चूत में अपना गर्म गर्म माल छोड़ दिया और मैं पूरी अंदर तक जैसे भर सी गयी. ऐसा मजा पहले कभी महसूस नहीं हुआ. शुभम ने लबालब अपने लंड के पानी से मेरी चूत को भर दिया और बहुत देर तक शुभम मेरे ऊपर ही पड़ा रहा.
उसका लंड मेरी चूत में ही घुसा रहा. थोड़ी देर बाद जब शुभम मेरे ऊपर से हट कर साइड में हुआ तो उसके लंड का गाढ़ा पानी मेरी चूत से बहने लगा जिसको मैंने अपनी पैंटी से साफ कर दिया. उस रात शुभम ने सुबह 4 बजे तक मुझे 3 बार चोदा. हर बार वो पहले मुझे किस करता, मेरे बूब्स चूसता, चूत चाटता और फिर अलग-अलग पोजीशन में चोदता.
एक बार मुझे घोड़ी बनाकर पीछे से डाला जहां उसका लंड और गहरा गया और मैं आह्ह… ह्ह्ह… शुभम… जोर से… चिल्ला रही थी, दूसरी बार मैं ऊपर आ गई और उसके लंड पर उछल रही थी, पच… पच… की आवाजें बस में गूंज रही थीं लेकिन बस की स्पीड की वजह से कोई सुन नहीं पाया, तीसरी बार मिशनरी में ही लेकिन उसने मेरे पैरों को ऊपर उठाकर चोदा जिससे दर्द और मजा दोनों मिले. “Hot Housewife Sex Story”
बस 7 बजे तक गोवा पहुंचने वाली थी. 4 बजे मैं अपने कपड़े पहनने लगी क्योंकि मुझे अपने बर्थ में जाना था. मैं ब्रा पहनने लगी तो शुभम ने मुझे रोक दिया. उसका लंड फिर से खड़ा हो गया था. शुभम ने मेरे हाथ से मेरी ब्रा ले ली और साइड में रख दी और फिर से चुदाई का एक और राउंड शुरू हो गया.
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शुभम ने चोद चोद कर मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया. चुदाई खत्म होने के बाद मैंने शुभम को लम्बा किस किया. हम दोनों ने एक दूसरे के फोन नम्बर भी ले लिये. फिर दोबारा से मिलने का वादा किया. उसके बाद मैं अपनी सीट पर आ गयी.
रात भर चुदाई होने की वजह से मैं बहुत थक गयी थी और सो गयी. थोड़ी देर के बाद मेरे पति मेरे बर्थ में आये और मुझे उठाया. वो नहीं जानते थे कि उनकी बीवी रात भर सोई नहीं है. उसके बाद हम अपने स्टॉप पर उतर गये. मुझे चलने में थोड़ी तकलीफ हो रही थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
पति ने पूछा, “क्या हुआ?”
मैं बोली, “कुछ नहीं, रात में पैर में थोड़ी मोच आ गयी.”
होटल पहुंच कर मैंने अपनी चूत को शीशे में देखा तो चूत सूज गयी थी और बूब्स एकदम से लाल हुए पड़े थे. मगर उस दर्द में भी एक अलग ही मजा आ रहा था. उसके बाद हम गोवा घूमे. बहुत मस्ती और मजा किया. मैं बहुत खुश थी क्योंकि बहुत दिनों बाद मेरी चूत ऐसे जबरदस्त तरीके से चुदी थी. “Hot Housewife Sex Story”
फिर हम अपने घर मुंबई में वापस आ गये. शुभम भी मुंबई में ही था. उसके बाद शुभम से मेरा चुदाई का रिश्ता जुड़ गया. अब मैं कई बार शुभम के साथ चुदाई का मजा लेने होटल में जाती रहती हूं. मैं शुभम से बार बार चुदना चाहती थी लेकिन मुझे समाज का डर था और मैं उसके साथ सब कुछ खुल्लम खुल्ला नहीं कर सकती थी.
पर कहते हैं न जहां चाह है, वहां राह भी होती है. मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ. हमारा 26 जनवरी को मिलना तय हो गया. हुआ ये कि मेरे हसबैंड को होटल के काम के सिलसिले में 10 दिनों के लिए दिल्ली जाना था. जब उन्होंने मुझे ये बताया तो उस वक्त मैंने झूठा नाटक करके ये दिखाया कि मुझे बहुत बुरा लगा कि वो अकेले ही जा रहे हैं.
मैंने अपने हसबैंड से कहा, “ये क्या आप मुझे अकेला छोड़ कर दिल्ली जा रहे हो और मैं यहां कैसे समय पास करूंगी.”
हसबैंड ने मुझे समझाया और मैं कुछ नखरे करने के बाद मान गई. फिर उसी समय मेरे बेटे ने भी उनके साथ जाने की जिद की, तो वो उसे साथ ले जाने के लिए मान गए. मैंने उस समय कोई हील हुज्जत नहीं की, क्योंकि ये मौका मुझे शुभम के साथ बिताने का एक सुनहरा अवसर सा दिख रहा था.
मैंने रात को ये बात शुभम को बताई, जिसे सुनकर वो बहुत खुश हो गया. पति के जाने के प्लान बन जाने के बाद वो दिन भी आ गया. मेरे हसबैंड की शाम को फ्लाइट थी. मैं उन्हें शाम को एयरपोर्ट पर छोड़ने गई. एयरपोर्ट से मैं सीधा पार्लर गई और वहां मैंने अपनी पूरी बॉडी की वैक्सिंग करवाई. “Hot Housewife Sex Story”
मेरी चूत पर बहुत बड़ी बड़ी झांटें आ गई थीं तो अपनी चूत पर मैंने एक दिल के आकार में बाल कटवाए, जिसकी नोक मेरी चूत की फांकों के ठीक ऊपर थी. उस दिल के ऊपर नाभि से नीचे मैंने शुभम का नाम लिखवाया. मैं शुभम को एक सरप्राइज देना चाहती थी ताकि उसे पता चले कि मैं उससे कितना प्यार करती हूं.
मैंने अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी लगवाई और मेहंदी की डिजाइन में शुभम का नाम भी लिखवाया. दूसरे दिन यानी 26 जनवरी को मैंने शुभम को मेरे घर बुलाया. शुभम के आने से पहले मैंने घर बहुत अच्छे से सजाया था. जिस पलंग पर रात को शुभम के साथ मेरी चुदाई होने वाली थी, उस पलंग और रूम को मैंने सुहागरात जैसा सजाया था. खुशबू वाली कैंडल, फूल और परफ्यूम से महकता हुआ मेरा रूम बहुत सुंदर लग रहा था.
दूसरे दिन 26 जनवरी को जब शुभम सुबह मेरे घर आया, तब मैंने एक ब्लैक कलर की जाली वाली नेट की साड़ी पहनी थी. उस पर ब्लैक कलर टाइट ब्लाउज पहना था, जिसे देख शुभम 2 मिनट के लिए मुझे देखता ही रह गया. फिर मैंने उसे अंदर बुलाया और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया. “Hot Housewife Sex Story”
मैंने शुभम को सोफे पर बिठाया और उसके लिए नाश्ता लाने किचन में चली गई. पर शुभम को सब्र कहां हो रहा था, वो पीछे पीछे मेरे साथ किचन में आया और वहीं पर मुझे पकड़ कर मुझे किस करने लगा. मैं भी गर्म थी तो मैं उसका साथ देने लगी.
वो मेरी गर्दन को चूमते हुए बोला, “जान, तुम्हारा आज तो जान लेने का इरादा दिख रहा है.”
मैंने उसके गालों पर हाथ फेरते हुए कहा, “शुभम तुम्हारी जान में तो मेरी जान बस्ती है, बस आज के दिन मुझे इतना प्यार करो कि मैं तृप्त हो जाऊं.”
शुभम बोला, “तुम चिंता मत करो मेरी जान. मुझे भी आज तुमको कच्चा खा जाने का दिल कर रहा है.”
मैंने कहा, “खा जाओ, रोका किसने है!”
शुभम ने मेरी चूचियों को मसला और कहा, “सच में कच्चा ही खा जाने का दिल कर रहा है.”
अब तक शुभम का कड़क होता लंड मेरी गांड की दरार में दस्तक देने लगा था. मेरी वासना अपने शिखर पर चढ़ने लगी और मैंने हाथ पीछे करके उसके लंड को पकड़ कर कहा, “बड़ी जल्दी टाइट हो गया.”
शुभम ने मेरी साड़ी के ऊपर से ही मेरी चूत को टटोला और मेरे कान में बोला, “हां जान, आज लंड कुछ ज्यादा ही बेचैन हो रहा है.”
मैंने कहा, “बेचैनी तो मुझे भी है जान, मगर आज सब कुछ आजादी से होगा. कोई जल्दबाजी की जरूरत नहीं है.”
शुभम ने फिर से मेरी चूचियों को मसला और बोला, “जी बेगम मलिका आलिया के हुक्म की ताबेदारी होगी.”
मैं शुभम के इस अंदाज पर हंस पड़ी और पलट कर उसकी बांहों में चली गई. सच में आज शुभम के सीने से लग कर मुझे एक ऐसा सुकून मिल रहा था कि न जाने कब से अपने प्रेमी से मेरा बिछोह हुआ पड़ा था. वो भी मेरी बांहों में खुद को समर्पित किए हुए मेरी गर्दन पर अपनी गर्म सांसें छोड़ रहा था. हम दोनों एक दूसरे से कई मिनट तक यूँ ही लिपटे खड़े रहे. उसका लंड मुझे मेरी नाभि पर गड़ रहा था. “Hot Housewife Sex Story”
मैंने कहा, “शुभम, तुम्हारा बाबूलाल कुछ ज्यादा ही परेशान लग रहा है.”
वो बोला, “हां जान, अभी तुम इसे मुंह से एक बार शांत कर दो ताकि मुझे चैन आ जाए और हम दोनों अपनी आज की आजादी का जश्न ढंग से मना सकें.”
मेरा खुद का मन भी उसका लंड चूसने का कर रहा था. मैंने उसकी बांहों से फिसल कर खुद को नीचे किया और घुटनों पर आ गई. मैंने शुभम की पैंट का बटन और चेन खोल कर उसके अंडरवियर में हाथ डाल दिया. शुभम के लंड पर जैसे ही मैंने अपना हाथ लगाया, वो काला नाग फनफना उठा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने भी उसका जहर निकालने का मन बना लिया था. झट से लौड़े को बाहर निकाला और मुंह में ले लिया. आह मुझे तो मानो तरन्नुम आ गई थी और कमोवेश यही हाल शुभम का भी था. वो मेरे सर को अपने हाथ से पकड़े हुए मेरे मुंह को चोदने लगा. ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… मैंने गहराई से चूसा, गों… गों… उसकी सिसकारियां निकलने लगीं, “आह अर्पिता… ऐसे ही… ओह्ह…”
कुछ सात आठ मिनट की लंड चुसाई के बाद शुभम ने अपना रस मेरे मुंह में ही छोड़ दिया और मैंने अपने शुभम के नमकीन अमृत को अपने हलक के नीचे उतार लिया. शुभम ने झड़ जाने के बाद बहुत देर तक मुझे किस किया. फिर हम दोनों अलग हो गए.
मैंने शुभम को नाश्ता करवाया और हम दोनों मेरी कार में बाहर घूमने चले गए. हम दोनों ने दिन घूमा, मूवी देखी, शॉपिंग की और रेस्टोरेंट में खाना भी खाया. शुभम ने पूरे दिन बहुत अच्छे से मेरा ख्याल रखा और शाम को आते वक्त शुभम ने चार बियर की कैन भी ले लीं. “Hot Housewife Sex Story”
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हम दोनों घर वापस आ गए. शुभम मुझे छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था. मैंने घर आने पर शुभम को फ्रेश होने भेज दिया और मैं खाना बनाने चली गई. शुभम फ्रेश होकर हॉल में आकर टीवी देखने लगा. मैं फ्रेश होने चली गई और शुभम से कहा कि जब मैं आवाज दूं तभी तुम रूम में आना.
शुभम ने ओके बोल दिया. मैं बाथरूम में फ्रेश होने चली गई. फ्रेश होने के बाद मैंने 30 साइज की नेट ब्रा पैंटी पहनी, जिसने मेरे 32 के दूध और ज्यादा टाइट दिखने लगे. उसके बाद मैंने दुल्हन की ड्रेस और ज्वेलरी पहनी, मेकअप किया और बेड पर आकर बेड के बीचों बीच बैठ गई. सब कुछ मेरे मुताबिक हो गया था.
अब मैंने शुभम को अंदर आने के लिए आवाज दे दी. शुभम जैसे ही अंदर आया, मेरा सरप्राइज देख कर वो बहुत खुश हुआ. शुभम मेरे पास आया और मेरा घूंघट उठाया. मैंने दुल्हन के जैसे शर्म से नजर नीचे कर ली. उसने दोनों हाथों से मेरे चेहरे को पकड़ के ऊपर किया और मेरे नर्म होंठों पर अपने गर्म होंठ रख दिए. मैं एकदम से सिहर गई. वो मुझे किस करने लगा. मैं भी उसका साथ देने लगी.
शुभम ने बहुत देर तक मुझे किस किया. फिर मेरा घूंघट हटा कर साड़ी के पल्लू को साइड में कर दिया. मैं ऊपर अपने ब्लाउज में उसे रिझा रही थी. उसने मुझे लिटा दिया और मेरे बदन पर किस करने लगा. मेरे पूरे बदन पर किस करते हुए ही वह सारी ज्वेलरी एक एक करके उतारने लगा. “Hot Housewife Sex Story”
मेरे हाथ से एक एक चूड़ी छोड़ कर सारी चूड़ियां उतार दीं. मेरे गले से हार उतारे. नाक से नथ, कान से बाले… यानी मैंने जितनी भी ज्वेलरी पहनी थी, उसने मुझे किस करते हुए एक एक करके मेरी सारी ज्वेलरी उतार दी. शुभम जहां जहां मुझे चूम रहा था, वहां अपनी गर्म सांस भी छोड़ रहा था. जिससे मैं जल बिन मछली की तरह तड़पते हुए उसकी बांहों में पिघल रही थी.
फिर शुभम ने मुझे उल्टा लिटा दिया और पीछे से मेरे ब्लाउज के हुक को किस करते हुए खोलने लगा. जल्द ही उसने अपनी गर्म सांसों की सिहरन में मेरा ब्लाउज खोल कर अलग कर दिया. ऐसे ही शुभम ने मेरे सारे कपड़े एक एक करके उतारे और मुझे नंगी कर दिया. उसने मेरे तन पर सिर्फ पैंटी को छोड़ दिया था.
फिर उसने उठ कर अपने सारे कपड़े उतारे और मेरे पास आ गया. वो मेरे करीब आकर मुझे किस करने लगा. तब तक मैं उसका लंड पकड़ कर आगे पीछे करने लगी और शुभम मेरी पैंटी के अंदर हाथ डाल कर मेरी चूत को मसलने लगा. इससे मैं और भी ज्यादा गर्म हो गई. शुभम ने मेरी पैंटी से हाथ निकाला और वो मेरे मम्मों पर टूट पड़ा.
वो मेरे मम्मों को कुछ इस तरह से चूसने की प्रक्रिया अपना रहा था, जिससे मुझे अद्भुत सनसनी होने लगी थी. उसकी इस कला से मुझे एक बात समझ आ गई थी, जो आप अपनी महिला साथी के साथ करके देखेंगे, तो उसको भी बहुत मजा आएगा जैसे शुभम ने मुझे दिया था. “Hot Housewife Sex Story”
सच कहूं तो आज तक मम्मों को पिलाने में मुझे इतना मजा कभी नहीं आया था. जब भी मैं शुभम का मम्मों का पीना याद करती हूं, मेरी पैंटी अपने आप गीली हो जाती है. मैं आपको बताती हूं कि वो कैसे हुआ था. शुभम ने प्यार से मेरे दोनों हाथों को पकड़ कर मेरे पीछे ले जाकर कसके पकड़ लिए. फिर मेरे मम्मों को अपने मुंह में लेकर पीना शुरू किया.
वह सिर्फ चूची चूसने तक नहीं रुका, वो मेरे मम्मों को पीते हुए मेरे दोनों निप्पलों को बारी बारी से अपने दांतों से खींच भी रहा था. मतलब वो मेरे दोनों मम्मों को खींच खींच कर पी रहा था. जिससे मैं और ज्यादा गर्म हो गई. उसकी इस कामुक क्रिया से मैं इतनी अधिक उत्तेजित हो गई थी कि मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया था, आह्ह… इह्ह… ओह्ह… मैं सिसकार रही थी और मेरा शरीर कांप रहा था.
शुभम मेरे मम्मों को खींच खींच कर पी रहा था, जिससे मैं इतनी ज्यादा गर्म हुई कि मैं झड़ गई. मेरे झड़ जाने के बाद भी शुभम मेरे मम्मों को छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था. जब उसने काफी देर तक मेरे मम्मों की चुसाई की तो मुझे लगा कि शुभम पक्के में इस बार कुछ नया सोच कर आया था.
वो मेरे दूधिया मम्मों को पीते चूसते हुए मुझे दुबारा से गर्म करने लगा था. मैं एक बार फिर से चुदासी हो उठी थी और शुभम को अपनी चूचियां पिलाने का मजा लेने लगी थी. तभी शुभम ने अचानक से मुझे छोड़ा और उठ कर किचन में चला गया. मैं मदहोश थी और शुभम का मुझे इस तरह बीच राह में छोड़ जाने से बहुत गुस्सा आ गया था. मैं चाहती थी कि शुभम मेरे दशहरी आमों को चूसता ही रहे. “Hot Housewife Sex Story”
मगर वो मुझे गर्म करके हट गया था. फिर शुभम कमरे में आया तो उसके हाथ में एक शहद की बोतल थी जो वो किचन से उठा लाया था. मैं अचरज से उसकी तरफ देखने लगी कि अब बंदा मेरे साथ क्या नया करने वाला है. शुभम ने मुझे देख कर लंड हिलाया और आंख दबा दी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं भी एक अनजाने सुख की लालसा में उसे देखने लगी. शुभम ने बोतल खोल कर उसमें अपनी दो उंगलियां डुबोईं और शहद को मेरे पूरे जिस्म पर फेरने लगा. उसने मेरे पूरे जिस्म पर ऊपर से नीचे तक एक लाइन में शहद लगाते हुए जिस्म को मीठा कर दिया था. उसने मेरे जिस्म पर शहद से लाइन बनाई थी.
मैं लेटी हुई थी. शुभम ने मेरे मुंह के करीब आकर अपनी शहद से डूबी उंगली को मेरे मुंह में डाल दी. मैं शहद की मिठास का मजा लेने लगी और कामातुर भाव से अपने साजन को देखने लगी. अब शुभम ने जहां जहां मेरे बदन पर शहद लगाया था, वहां वहां वो अपने होंठ लगा कर मेरे पूरे बदन को चूमने लगा, चूसने लगा.
इससे मैं और भी पागल हो गई, आह्ह… ह्ह्ह… शुभम… और चूसो… मैं तड़प रही थी. मेरे पूरे बदन का शहद चूसने के बाद शुभम मेरी चूत पर आ गया. मेरी पैंटी, जो शुभम की वजह से गीली हुई पड़ी थी, उसको किस किया और अपने दांतों से पकड़ कर खींच कर मेरे जिस्म से अलग करने लगा. “Hot Housewife Sex Story”
कुछ ही देर में शुभम ने मेरी पैंटी उतार दी. अब जैसे ही मेरी पैंटी उतरी, शुभम की मदमस्त नजरें मेरी चूत के बालों पर दिल के आकार पर पड़ गईं. मैं भी अपनी इस सजावटी चूत का मुजाहिरा करते हुए शुभम की प्रतिक्रिया को देखने के लिए उत्सुक थी कि मेरा प्यार क्या रिएक्ट करता है. चूत के बालों में हार्ट शेप में उसका नाम लिखा हुआ था. शुभम ने मदहोश निगाहों से उस हार्टशेप को देखा और एक गहरा चुम्बन कर दिया.
मैंने उसे बालों में हाथ फेरते हुए कहा, “तोहफा पसंद आया मेरी जान?”
वो मेरी आंखों में आंखें डालकर बोला, “हां जान, ऐसे तोहफे के लिए थैंक्यू!”
मैंने उसका मुंह अपनी चूत पर दबा दिया और वो मेरी चूत को चाटने लगा. कुछ ही देर में हम दोनों 69 की पोजिशन में आ गए और मैंने शुभम का अंडरवियर निकाल दिया. हम दोनों ने एक दूसरे के लंड चूत पर चुम्मी ली और मैंने शहद की बोतल उठा ली. शुभम के लंड पर मैंने शहद लगाया तो शुभम ने भी मेरी चूत पर शहद लगा दिया.
अब हम दोनों ने लंड चूत की चुसाई का खेल शुरू कर दिया. बहुत देर तक हम दोनों ने लंड और चूत को चूसने का मजा लिया, गी… गी… गों… गों… आवाजें आ रही थीं, मैं ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… उसके लंड को गहराई से चूस रही थी. हमारी चुसाई इतनी अधिक हुई थी कि हम दोनों ही डिस्चार्ज हो गए थे और हम दोनों ने ही अपना अपना पानी एक दूसरे को पिला दिया था.
उसने मेरी चूत को और मैंने उसके लंड को अच्छे से चाट कर साफ कर दिया था. फिर हम दोनों एक दूसरे को बांहों में लेकर किस करने लगे. शुभम अपना हाथ नीचे ले जाकर मेरी चूत मसल रहा था और मैं शुभम का लंड हिला रही थी. ऐसे ही दस मिनट में शुभम का 8 इंच का लंड खड़ा हो गया.
अब मैंने देर न करते हुए शुभम के लिए अपने दोनों पैर खोल दिए और शुभम मुझे किस करते हुए मेरे पैरों के बीच आ गया. वो अपना लंड मेरी चूत के ऊपर रगड़ने लगा और किस करने लगा. मैं अब लंड चूत में लेने की आस में और भी ज्यादा तड़पने लगी थी. “Hot Housewife Sex Story”
मैं शुभम से बहुत मिन्नतें कर रही थी मगर वो मेरी चूत की फांकों में लंड का सुपारा घिसता और जैसे ही मैं गांड उठा कर लंड गप करने की कोशिश करती तभी वो अपनी कमर ऊपर कर लेता, जिससे मेरी चूत में लंड नहीं घुस पा रहा था.
मैंने उसकी आंखों में गुस्से से देखा और धीरे से कहा, “चोदो न, क्यों तरसा रहे हो!”
मेरी इस बात को सुनते ही शुभम ने मुझे कसके पकड़ा और लंड मेरी चूत के मुहाने रख कर जोरदार शॉट मार दिया. उसके इस तीव्र प्रहार से एक ही बार में उसका पूरा लंड मेरी चूत में उतर गया था. उसका ये तेज प्रहार मैं सह नहीं पाई और मेरे मुंह से जोरदार चीख निकल गई, “उम्मम्म मांआआ मर गईईई… थोड़ा धीरे… शुभम आह.”
पर शुभम बहुत पहुंचा हुआ खिलाड़ी था. आज उसको मेरे साथ और ज्यादा रफ सेक्स करना था, इसलिए उसने मेरी चूत से पूरा लंड बाहर निकाल लिया. उसका यूं लंड चूत से बाहर निकाल लेना मुझे और भी ज्यादा बुरा लगा. शुभम ने एक तौलिये से अपना लंड साफ किया और मेरी चूत जो गीली हो गई थी, उसे भी उसने तौलिये से साफ करके सूखा कर दिया.
फिर एक पल की भी देर न करते हुए शुभम ने जबरदस्ती अपना लंड चूत में जड़ तक उतार दिया. मुझे फिर से अपनी चूत में बेहद दर्द हुआ. दोस्तो, सूखी हुई गर्म चूत में सूखा हुआ सख्त लंड जब घुसता है, तो जो रगड़ होती है, वो बेहद दर्दनाक होती है. इस तरह के सेक्स में उसे भी और मुझे भी ये नया अनुभव हुआ था कि इस मीठे दर्द को क्या नाम दिया जाए.
शायद वात्सायन ने भी इस तरह के सेक्स का वर्णन अपनी पुस्तक कामसूत्र में नहीं किया होगा. हम दोनों को ही ऐसा लगा था जैसे हम दोनों ही जिंदगी में पहली बार चुदाई कर रहे हों. क्योंकि जब सूखी चूत में सूखा लंड उतरता है, तो चूत लंड नहीं ले पाती है और लंड को भी चूत में घुसने में तकलीफ होती है.
आज हम दोनों को इस जंगली चुदाई में एक नया अनुभव हुआ था. मेरी यही राय है कि सेक्स करते वक्त आप सभी ये क्रिया जरूर आजमाएं कि जब भी लंड और चूत गीली हो जाएं, तो पहले उसे तौलिये से सूखा कीजिए, फिर चुदाई कीजिए. आप यकीन मानिए मीठे मीठे दर्द के साथ जो चुदाई होगी, उसे आप कभी नहीं भूलेंगे. “Hot Housewife Sex Story”
शुभम ने मेरी सूखी चूत में जब अपना लंड उतारा तो मेरे साथ उसकी भी चीख निकल गई. हम दोनों इस मीठे दर्द को सहन करते हुए धीरे धीरे चुदाई करने लगे, पच… पच… धीमी आवाजें आने लगीं, आह्ह… ह्ह्ह… उई… मैं कराह रही थी. कोई दो मिनट बाद ही चूत ने रस छोड़ दिया और लंड फिर से ताबड़तोड़ चुदाई में लग गया.
कोई पंद्रह मिनट तक भीषण चुदाई करने के बाद शुभम ने मुझे घोड़ी बना दिया. उसने फिर से तौलिये से लंड और चूत को साफ कर दिया. फिर से पीछे से मेरी चूत में लंड उतारा और इस बार भी मीठे दर्द के साथ मैंने शुभम का लंड अपने चूत में ले लिया, आह्ह… शुभम… जोर से… मैं चिल्ला रही थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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कुछ मिनट तक ऐसे ही चुदाई के बाद मैं और शुभम एक साथ डिस्चार्ज हो गए और बहुत देर तक ऐसे ही पड़े रहे. थोड़ी देर बाद हम दोनों उठे और फ्रेश हुए. मैंने शुभम के लिए खाना गर्म किया, तब तक शुभम का लंड फिर से खड़ा हो गया. शुभम ने एक प्लेट में खाना लिया और मुझे अपने लंड पर बिठा लिया.
इस पोजिशन में हम दोनों ने एक दूसरे को खाना खिलाया. मैं मेरे दोनों जगह के होंठों से खाना खा रही थी. मतलब नीचे वाले होंठों में अपन का लंड फंसा था. मेरी चूत शुभम का लंड खा रही थी और ऊपर में शुभम के हाथों से खाना भी खा रही थी. मैं शुभम को किस भी कर रही थी. “Hot Housewife Sex Story”
कुछ ही देर में हमारा खाना खत्म हुआ. तो शुभम ने लंड को मेरी चूत से निकाले बिना ही अपनी गोद में उठा लिया. वो मुझे बाथरूम में लेकर गया और वहां उसने शॉवर चालू कर दिया. अब हम दोनों ने शॉवर के नीचे चुदाई शुरू कर दी, पानी की बौछारों में पच… पच… की आवाजें गूंज रही थीं, आह्ह… इह्ह… ओह्ह… हम दोनों भीगते हुए चुद रहे थे.
हमारा ये दूसरा राउंड भी लंबा चला, जिसमें मैं और शुभम बहुत थक गए थे. फिर कमरे में बेड पर आकर कब हमारी आंख लग गई, हमें पता ही नहीं चला. इस 26 जनवरी की रात को शुभम ने मुझे 5 बार जम कर चोदा जिसमें मैंने भी उसका पूरा साथ दिया.
जब हम सुबह उठे तो ग्यारह बज चुके थे. मेरे पति का फोन आ रहा था. मैंने फोन उठाया और उनसे बात की. मेरे बेटे ने भी मुझसे बात की. मेरे पति ने बताया कि उन्हें आने में शायद कुछ दिन और लग सकते हैं. मैंने ओके कह कर फोन रख दिया और शुभम से लिपट कर उसे जगाने लगी. ये थी मेरी चुदाई की कहानी. जल्दी ही मैं आपको अपनी और चुदाई के किस्से भी सुनाऊंगी. तब तक सभी लड़के अपने लंड से मुठ मारो और लड़कियां अपनी चूत में उंगली, गाजर, मूली डालकर पानी निकालो.
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