Maa Beta Nonveg Kahani
मेरा नाम नीलम है। मैं 45 साल की एक औरत हूँ, और मेरे जिस्म में अभी भी वो आग बाकी है जो जवानी को चमकाए रखती है। मेरा चेहरा गोल, आँखें गहरी, और होंठ रसीले हैं। मेरे लंबे काले बाल कमर तक लहराते हैं, और मेरा फिगर 36-30-38 का है, जो मेरे हॉट और सेक्सी होने का सबूत देता है। मेरी चूचियाँ भारी और गोल हैं, और मेरी गांड उभरी हुई, जो चलते वक्त थिरकती है। Maa Beta Nonveg Kahani
मेरा बेटा, हिमांशु, 22 साल का जवान लड़का है। उसकी लंबाई 5 फीट 11 इंच है, चौड़ा सीना, मजबूत बाहें, और चेहरा ऐसा कि लड़कियाँ उस पर मर मिटती हैं। मेरे पति, रौनक, दुबई में नौकरी करते हैं और साल में सिर्फ एक बार घर आते हैं। हम माँ-बेटे अपने बड़े से घर में अकेले रहते हैं, जहाँ हर सुख-सुविधा है।
हमारी जिंदगी खुशहाल है, और मेरे चेहरे की चमक इसका गवाह है। मैं हमेशा से हॉट और कामुक औरत रही हूँ। मेरे जिस्म में एक ऐसी आग है जो बुझने का नाम नहीं लेती। लेकिन पति के ना होने की वजह से मेरी चूत की प्यास साल भर तड़पती रहती है। जब वो आते हैं, तो कुछ हफ्तों तक मेरी चूत की गर्मी शांत होती है।
वो मेरे साथ रात-रात भर चुदाई करते हैं, मेरी चूचियों को चूसते हैं, मेरी गांड को सहलाते हैं, और मेरी चूत में अपना लंड डालकर मुझे जन्नत की सैर कराते हैं। लेकिन उनके जाने के बाद मैं फिर अकेली रह जाती हूँ। इस अकेलेपन को मिटाने के लिए मैं रात को अक्सर क्रेजी सेक्स स्टोरी पढ़ती हूँ।
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : देवर को चूची दिखा कर ललचाती भाभी
इन्सेस्ट कहानियाँ, माँ-बेटे की चुदाई, भाई-बहन की चटपटी कहानियाँ, ये सब पढ़कर मैं अपनी चूत को उंगलियों से सहलाती हूँ, अपनी चूचियों को दबाती हूँ, और निप्पल्स को मसलकर सिसकारियाँ भरती हूँ। “आह्ह… उह्ह…” मेरे मुँह से आवाजें निकलती हैं, और मैं अपने जिस्म को छूकर खुद को शांत करती हूँ।
मैं रात को अक्सर ब्रा और पैंटी नहीं पहनती। मेरी नाइटी पतली और ढीली होती है, ताकि मैं अपने जिस्म को आसानी से छू सकूँ। मेरी चूत को उंगलियों से सहलाने में, मेरी गांड को मसलने में मुझे सुकून मिलता है। लेकिन एक रात, मैंने एक ऐसी गलती कर दी, जिसने मेरी जिंदगी बदल दी।
उस रात मैंने खाना खाया, नॉनवेज स्टोरी पढ़ी, और अपनी चूत को सहलाते-सहलाते सो गई। मेरी नाइटी कमर तक चढ़ी हुई थी, और मेरी चूत और गांड पूरी तरह नंगी थीं। मेरी चूत की फांकें साफ दिख रही थीं, और मेरी गांड का छेद भी खुला हुआ था। मैंने मेन दरवाजा खुला छोड़ दिया था, क्योंकि हिमांशु अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में गया था।
उसने कहा था, “मम्मी, मैं लेट आऊँगा। आप खाना खाकर सो जाना।” मैंने सोचा, वो देर से आएगा, तो मैं आराम से सो जाऊँगी। उस रात, करीब 1 बजे, हिमांशु घर लौटा। उसने शराब पी रखी थी, और उसका मूड कुछ उखड़ा हुआ था। वो मेरे बेडरूम में आया और मुझे सोता हुआ देखा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मेरी नाइटी ऊपर चढ़ी हुई थी, मेरी चूत और गांड नंगी थीं, और मेरे फोन पर क्रेजी सेक्स स्टोरी खुली हुई थी। मेरे कमरे की लाइट हमेशा जलती रहती है, तो सब कुछ साफ-साफ दिख रहा था। मेरी गुलाबी चूत की फांकें, मेरी गांड का गहरा छेद, सब कुछ हिमांशु की आँखों के सामने था। उससे रहा नहीं गया। उसने अपनी पैंट उतारी, अपना 9 इंच का मोटा लंड निकाला, जो पहले से ही तनकर सख्त हो चुका था।
चुदाई की गरम देसी कहानी : कॉलेज के प्रेमी जोड़े की पहली चुदाई
उसने मेरी चूत के छेद पर अपना लंड रखा और एक जोरदार धक्का मारा। “आह्ह!” उसका मोटा लंड मेरी चूत में पूरा घुस गया। मैं नींद से चौंककर जाग गई और चीख पड़ी, “ये क्या कर रहे हो, हिमांशु?!” मैं बेड पर बैठ गई, मेरी नाइटी अभी भी कमर तक चढ़ी हुई थी। मेरी चूत में उसका लंड अभी भी अंदर था, और मैं गुस्से और शर्मिंदगी से काँप रही थी।
“कोई अपनी माँ के साथ ऐसा करता है क्या?” मैंने चिल्लाकर कहा।
हिमांशु ने नशे में डूबी आँखों से मुझे देखा और बोला, “मम्मी, ये कैसी माँ है जो अपनी चूत और गांड खुली छोड़कर सोती है? आपके फोन में इन्सेस्ट स्टोरी खुली है! इसका मतलब साफ है कि आप भी ये सब पढ़कर गर्म होती हो। अगर मैं ना होता, तो कोई और होता, वो भी आपकी चूत में लंड पेल देता।”
मैं चुप हो गई। उसकी बातों में सच्चाई थी। मैंने अपनी चूत और गांड खुली छोड़ी थी, और मेरे फोन में इन्सेस्ट कहानियाँ खुली थीं।
हिमांशु ने आगे कहा, “मम्मी, आपकी जवानी, आपका हॉट जिस्म, ये सब देखकर कौन बर्दाश्त करेगा? पापा तो साल में एक बार आते हैं। आपकी चूत की आग कौन बुझाएगा? मुझे चोदने दो, मम्मी। मैं आपको खुश रखूँगा, और आप मुझे खुश रखो। अगर आप मुझे नहीं चोदने दोगी, तो मैं घर छोड़कर चला जाऊँगा।”
उसकी बात सुनकर मेरा दिल दहल गया। मेरा इकलौता बेटा, मेरी जिंदगी का सहारा, अगर घर छोड़कर चला गया, तो मैं क्या करूँगी? मैंने उसे रोका नहीं। मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे बेड पर बैठाया। मेरी साँसें तेज थीं, और मेरे जिस्म में एक अजीब सी गर्मी थी। मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया।
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : भैया को शीघ्रपतन समस्या तो भाभी को देवर ने संतुष्ट किया
उसके होंठ गर्म थे, और उसकी साँसों में शराब की महक थी। उसने मेरी नाइटी को ऊपर खींचकर उतार दिया। अब मैं पूरी तरह नंगी थी। मेरी चूचियाँ हवा में तनी हुई थीं, और मेरी चूत गीली हो रही थी। हिमांशु ने मेरी चूचियों को अपने हाथों में लिया और जोर-जोर से दबाने लगा।
“आह्ह… हिमांशु… धीरे…” मैं सिसकारी। उसने मेरे निप्पल्स को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा, जैसे कोई बच्चा दूध पीता हो। “उह्ह… आह्ह…” मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं। मेरी चूत में गुदगुदी होने लगी, और मैंने अपने पैरों को और चौड़ा कर लिया।
हिमांशु ने मेरी चूत को सहलाना शुरू किया। उसकी उंगलियाँ मेरी चूत की फांकों को चीरती हुई अंदर गईं। “मम्मी, आपकी चूत कितनी गीली है…” उसने कहा और मेरी चूत में अपनी दो उंगलियाँ डाल दीं। “आह्ह… उह्ह… हिमांशु…” मैं सिसकार रही थी। उसने मेरी चूचियों को दबाते हुए मेरे निप्पल्स को काटना शुरू किया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
दर्द और मजा एक साथ मेरे जिस्म में दौड़ रहा था। मैंने अपने हाथों से उसकी पैंट खोली और उसका 9 इंच का लंड बाहर निकाला। वो मोटा, सख्त, और गर्म था। मैंने उसे अपने हाथों में लिया और सहलाने लगी। “मम्मी, इसे मुँह में लो…” हिमांशु ने कहा। मैंने झिझकते हुए उसका लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगी।
“आह्ह… मम्मी… कितना मजा आ रहा है…” हिमांशु ने सिसकारी। मैंने उसका लंड गले तक लिया, और मेरी जीभ उसके सुपारे पर घूम रही थी। करीब 10 मिनट तक मैं उसका लंड चूसती रही। मेरी चूत अब पूरी तरह गीली थी, और मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी।
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : दीदी चुदवा कर पैसे लेकर आई
“हिमांशु… अब डाल दे… मेरी चूत में…” मैंने कहा।
उसने मेरे दोनों पैरों को चौड़ा किया, अपनी कमर को मेरी चूत के पास लाया, और अपने लंड को मेरी चूत के छेद पर रगड़ने लगा। “आह्ह… हिमांशु… डाल दे… जल्दी…” मैं तड़प रही थी। उसने एक जोरदार धक्का मारा, और उसका मोटा लंड मेरी चूत में पूरा घुस गया। “आह्ह… उह्ह… हिमांशु… कितना मोटा है…” मैं चीख पड़ी।
उसने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। “पच… पच… पच…” उसका लंड मेरी गीली चूत में अंदर-बाहर हो रहा था, और हर धक्के के साथ मेरी चूचियाँ उछल रही थीं। “मम्मी… आपकी चूत इतनी टाइट है… आह्ह…” हिमांशु ने कहा और जोर-जोर से धक्के मारने लगा।
मैंने अपनी गांड को गोल-गोल घुमाना शुरू किया, ताकि उसका लंड मेरी चूत की गहराई तक जाए। “आह्ह… हिमांशु… जोर से… और जोर से चोद…” मैं चिल्लाई। मेरे मुँह से ऐसी गंदी बातें सुनकर हिमांशु और जोश में आ गया। उसने मेरी चूचियों को जोर-जोर से दबाना शुरू किया और मेरे निप्पल्स को मसलने लगा। “Maa Beta Nonveg Kahani”
“उह्ह… आह्ह… हिमांशु… चोद दे मुझे…” मैं सिसकार रही थी। मेरी चूत में आग लगी हुई थी, और हर धक्के के साथ वो आग और भड़क रही थी। उसने मुझे घोड़ी बनाया। मैं बेड पर घुटनों के बल झुक गई, मेरी गांड ऊपर थी, और मेरी चूत साफ दिख रही थी। हिमांशु ने मेरी गांड पर एक जोरदार थप्पड़ मारा।
“आह्ह… हिमांशु… मारो… और मारो…” मैंने कहा। उसने मेरी गांड पर एक के बाद एक थप्पड़ मारे, और मेरी गांड लाल हो गई। फिर उसने अपना लंड मेरी चूत में डाला और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। “पच… पच… पच…” उसका लंड मेरी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था, और मेरी चूचियाँ फुटबॉल की तरह हिल रही थीं।
“आह्ह… उह्ह… हिमांशु… चोद दे… मेरी चूत फाड़ दे…” मैं चिल्ला रही थी। हमने 69 पोजीशन आजमाई। मैं उसके लंड को चूस रही थी, और वो मेरी चूत को चाट रहा था। उसकी जीभ मेरी चूत की फांकों को चाट रही थी, और मेरी चूत से पानी टपक रहा था। “आह्ह… हिमांशु… चाटो… और चाटो…” मैं सिसकारी।
उसने मेरी चूत के दाने को चूसना शुरू किया, और मैं पागल हो गई। “उह्ह… आह्ह… हिमांशु… मैं झड़ने वाली हूँ…” मैंने कहा। उसने मेरी चूत को और जोर से चाटा, और मैं झड़ गई। मेरी चूत से पानी निकलकर बेड पर गिरा। लेकिन हिमांशु रुका नहीं। उसने मुझे फिर से चोदना शुरू किया। “Maa Beta Nonveg Kahani”
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : भाई बहन को चुदाई करते पकड़ा मम्मी ने
उसने मुझे अलग-अलग पोजीशन में चोदा, मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल। हर पोजीशन में उसका लंड मेरी चूत की गहराई तक जाता था। “पच… पच… पच…” चुदाई की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। करीब दो घंटे तक उसने मुझे चोदा। मैं तीन बार झड़ चुकी थी, और मेरा जिस्म थरथरा रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
आखिरकार, हिमांशु ने कहा, “मम्मी… मैं झड़ने वाला हूँ…” उसने अपने लंड को मेरी चूत में और गहरा डाला और अपना सारा माल मेरी चूत में छोड़ दिया। “आह्ह… हिमांशु… कितना गर्म है…” मैंने सिसकारी। हम दोनों नंगे ही बेड पर लेट गए। हिमांशु मेरी चूचियों को मसल रहा था, मेरे होंठों को चूम रहा था, और मेरी चूत को सहला रहा था।
उस रात के बाद, हमारा रिश्ता बदल गया। अब मुझे अपने पति का इंतजार नहीं करना पड़ता। हिमांशु मेरी चूत की आग बुझाता है, और मैं उसकी जवानी का मजा लेती हूँ। दुनिया को लगता है कि हम माँ-बेटे बहुत खुश हैं, और सच में, हम बहुत खुश हैं। हमें वो सब मिल रहा है जो एक जवान औरत और एक जवान लड़के को चाहिए।
दोस्तों आपको ये Maa Beta Nonveg Kahani मस्त लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………
Discover more from Crazy Sex Story
Subscribe to get the latest posts sent to your email.