Bhai Bahan Park Sex
हेलो दोस्तों मैं रेणु श्रीवास्तव, आपने मेरी लिखी कहानी का पिछला भाग “चुदासी बहन खुद भैया का मोटा लंड पकड़ने लगी 2“ और उसका भाग पढ़ा होगा. मैं २२ वर्ष की कमसिन जवानी हूं, मेरी लंबाई ५ फीट ६ इंच, काले घने बाल, चौड़ी छाती, पतली कमर तो गोल गद्देदार चूतड है और मेरी फिगर ३०-२६-३४ की है। Bhai Bahan Park Sex
मैं अपने बड़े भैया रोहित के साथ सहवास कर काफी खुश हुई लेकिन थोड़ी शर्मिंदगी महसूस हो रही थी, देर रात भैया के बेडरुम गई फिर अपने चूत की सील तुड़वाकर मस्त हो गई लेकिन अगले दिन रविवार होने के कारण मेरी मां और बहन घर पर ही थी, मैं सुबह देर से उठी फिर फ्रेश होकर बालकनी आई और कुर्सी पर बैठ गई.
तो वहां मॉम और भैया साथ में छोटी बहन पूनम पहले से ही बैठी हुई थी, मुझे देख मॉम मुस्कुराई “गुड मार्निंग बेबी.” (मैं बोली) गुड मार्निंग मॉम. (मॉम बोली) पूनम दीदी के लिए एक कप चाय बना ला. (पूनम उठकर चली गई तो मॉम) रेणु तुझे पैर या कमर में दर्द है.
(भैया मेरी ओर देख मॉम की बातों को समझ गए) नहीं तो मॉम लेकिन आपको क्यों ऐसा लगा. (मॉम बोली) तुम अभी चलते हुए इधर आ रही थी ना तभी मुझे लगा कि तेरे पैर या निचले भाग में दर्द है. (मैं भैया की ओर देखने लगी तो भैया बोले) “कोई बात नहीं मैं अभी कुछ काम से मार्केट जा रहा हूं यदि कहीं चोट है तो बताओ दवाई लेता आऊंगा.”
इतने में पूनम एक प्याला चाय लेकर आई तो मैं उसके हाथ से प्याला लेकर चाय की चुस्की लेने लगी. फिर पूनम और भैया चले गए तो मॉम मुझसे पूछी “सच सच बता रेणु कुछ उल्टा पुल्टा तो नहीं की है.” (मैं मॉम की बातें सुन दंग रह गई) क्या मॉम आप भी क्या क्या सोचती हैं बोलिए आपको क्या लग रहा है.
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : रंडी बहन को पटा कर चोदा दोस्त के घर में
(मॉम मुंहफट औरत की तरह बोली) ऐसी चाल तो तब ही लड़की की होती है जब उसकी चूत में दर्द हो या नई नई जवानी फूटी हो. (मैं चाय पीते हुए अपने आपको स्थिर रखने की कोशिश कर रही थी) “ऐसी कोई बात नहीं है मॉम, ना तो दर्द है और ना ऐसी हरकत मैं की हूं.”
और कुछ देर बाद मैं वहां से उठकर चली गई, सही में मेरी चूत में दर्द था तो मैं रोहित के साथ इंटरकोर्स कर चुकी थी और अब मॉम की बातें सुन लग रहा था कि ऐसा नहीं करना चाहिए था। दिन में तो टी वी देखी या फिर कुछ मैगजीन पढ़ समय बिताई लेकिन सच पूछिए तो दिमाग में एक ही बात चल रहा था और वो था रात को भैया के साथ शारीरिक संबंध बनाना.
शाम को मैं बालकनी में अकेले बैठी हुई थी तभी रोहित आया और बोला “जाकर चाय बना ला साथ पियेंगे.” (मैं बोली) “ठीक हैं तुम बैठो मैं अभी आई.” और फिर मैं जाकर चाय बनाई, वापस आई और कुर्सी पर बैठ गई तो रोहित शॉर्ट्स और टी शर्ट में था और मेरी नजर उसके लन्ड के उभार पर गई जिसे मैं देखते हुए चाय पी रही थी.
“रोहित लगता है मॉम को हमारी हरकतों का पता चल गया है.” (रोहित हंस दिया) चुप नहीं रहा जाता, उन्हें कुछ नहीं पता बस आराम से रहो. (मैं बोली) ठीक है फिर अब कब का प्रोग्राम रहेगा. (रोहित मेरे जांघ पर हाथ फेरने लगा) कल के बाद वो भी दिन में ही. (मैं बोली) दिन में घर में ही और यदि रामू मॉम को बोल दिया तो.
(रोहित बोला) दोनों कॉलेज के लिए निकलेंगे फिर किसी लॉज में दिन भर रहेंगे. (मैं बोली) लेकिन लॉज में तो पुलिस की रेड पड़ती है और वहां पकड़े गए तो. (रोहित बोला) “ठीक है तो फिर वाटर पार्क ठीक रहेगा.” और दो दिन बाद… मैं सुबह उठकर फ्रेश हुई फिर नाश्ता करके तैयार होने लगी.
चुदाई की गरम देसी कहानी : बीवी को दोपहर में चुदाई की तलब लगी
ब्लू रंग की ब्रा और पेंटी पहनी फिर टॉप्स और मिनिस्कर्ट पहन हाइ हिल सैंडल डाल पर्स लिए कानपुर के वाटर पार्क के लिए निकल पड़ी. लेकिन भैया ऑटो स्टेंड पर मेरा इंतजार कर रहे थे और मैं भैया के बाइक पर बैठ गई, दोनों पैर एक ओर किए उनके कंधे पर हाथ रख बैठी तो मेरे दोनों नग्न पैर और जांघों पर राहगीर की नजर थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर मैं रोहित के कमर में हाथ लगाई “इतने छोटे ड्रेस क्यों पहनती हो रेणु.” (मैं हंस दी) तो क्या हुआ तुम्हें तो मेरा ये ड्रेस अच्छा लगता हैं. (रोहित बाईक तेजी से चला रहा था) “वो तो है बेबी लेकिन और भी लोग तो तुम्हें देख रहे हैं.” मै कुछ नहीं बोली और फिर वाटर पार्क हम दोनों पहुंचे.
सुबह के ११:०० बजे थे और रोहित मुझे लेकर पार्क के आखिरी छोर में चला आया. उधर सिर्फ बड़े बड़े पेड़ थे तो कुछ झाड़ियां और मैं रोहित के हाथ में हाथ डाले बोली “ओह तो दोनों लवर की तरह छुप छुपकर प्यार करेंगे.” (दोनों एक पेड़ के नीचे बैठ गए और रोहित मुझे गोद में बिठाया तो मैं उसके गोद में बैठ उसके कंधे में हाथ डाल दी) “अब तो बिलकुल तेरी प्रेमिका लग रही हूं.”
रोहित मेरे गाल चूमने लगा और हाथ मेरे टॉप्स के ऊपर लगाए चूची को पकड़ दबाने लगा तो मैं उसके ओंठ चूम ली “आह ओह आउच थोड़ा धीरे धीरे दबाओ ना.” (रोहित मेरे ओंठ चूम लिया और बूब्स दबाते हुए) डार्लिंग यहां सिर्फ ओरल सेक्स हो सकता है. (मैं शर्म से चेहरा फेर ली) “सब हो सकता है बस थोड़े साहस की जरूरत है.”
और रोहित मेरे जांघों को सहलाते हुए ओंठ चूमने लगा तो मैं उसके मुंह में ओंठ डाले चुसवाने लगी. भैया पैर फैलाए बैठा था तो मैं उसकी जांघों पर चूतड रख बैठी हुई थी और मेरा स्कर्ट जांघों के ऊपरी हिस्से पर था. तो मैं भैया के मुंह में ओंठ डाले चुसवाने में मस्त थी और रोहित जोर जोर से मेरी चूची दबाए जा रहा था.
मेरी आँखें बंद थी तो सांसें तेज और मैं रोहित के मुंह में जीभ डाल दी तो रोहित मेरे टॉप्स पर से ही चूची दबाता हुआ मेरी चूची को गर्म कर दिया था. मेरी जीभ चूसते हुए रोहित अब मेरी स्कर्ट के अन्दर हाथ घुसाने लगा तो मैं अपना पैर थोड़ा फैलाई. फिर वो मेरी पेंटी पर से ही चूत सहलाने लगा तो मैं उसके मुंह से जीभ निकाल उसके कंधे पर सर रख बोली “यहां कोई नहीं है रोहित इसलिए सब कुछ आराम से हो जाएगा.”
तो रोहित मेरे पेंटी की हुक खोल स्कर्ट के अन्दर से निकाल दिया, खैर इधर उधर देखी. फिर पेंटी को पर्स में रख दी तो रोहित मेरे जांघों पर हाथ फेरने लगा “अब तुम नीचे बैठो फिर मैं तेरी चूत चाटूंगा.” (मैं घास पर बैठी तो वो मेरे सामने बैठा हुआ था) “मैं लेटता हूं और तू मेरे चेहरे के ऊपर बैठ जाना.”
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : मैं पार्क में चुदवा रही थी तभी पुलिस रेड पड़ी
मैं सोची की इस आसन में चूत चाटने का आनंद दिया जाए और भैया घांस पर लेट गए. फिर मैं घुटने के बल उनके चेहरे के ऊपर बैठ गई. मैं स्कर्ट कमर तक उठाए रखी और भैया मेरी चूत को चूमने लगे साथ ही मेरी गांड़ सहलाने लगे, मेरी चूत पर चुंबन देते हुए मेरे बूब्स दबाने लगे और इस सार्वजनिक स्थान पर ओरल सेक्स का मजा ही अलग था.
मैं घुटनों के बल थी तो स्कर्ट कमर तक उठाए और भैया दोनों जांघों के बीच चेहरा किए चूत को जीभ से चाटने में मस्त थे. तो मैं चूत को उंगली की मदद से फैलाई थी, कोई देखता तो लगता कि मैं किसी के मुंह में मूत रही हूं और रोहित मजे लेता हुआ चूत को चाटने में लगा था.
मेरी चूत की खुजली चरम पर थी और मैं “आह अआआह ओह रोहित अब बर्दास्त नहीं ही रहा हैं.” (रोहित जीभ निकाल बोला) “ओके तो हटो.” फिर मैं भैया के मुंह पर से हट गई। रोहित सीधा होकर बैठा फिर मुझे देख पूछा “टॉप्स को थोड़ा ऊपर कर दोगे तो चूस लूंगा.”
(इतने में मैं देखी कि कोई मर्द इधर आ रहा है) रोहित ये यहां का स्टाफ हुआ तो फिर रूम ले सकते हैं क्यों. (रोहित बोला) देखते हैं आने तो दो. (वो हमलोग के पास आया) भैया इधर बैठना मना है. (रोहित बोला) “तो फिर लेटने का कितना लोगे.” भैया उठकर खड़े हुए फिर दोनों कुछ बात किया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तो वो पार्क का स्टाफ हम दोनों को लेकर एक रूम पर आया और बोला “जितने समय तक रहना है रहो फिर गेट में ताला लगाकर चाभी मुझे दे देना.” और हम दोनों उस रूम में आए तो रूम में एक लकड़ी की बिस्तर थी जिसके ऊपर गद्दा और चादर था लेकिन भैया उसे मोड़कर सिर्फ तकिया रखे.
अब रूम का दरवाजा बंद कर रोहित मेरे सामने अपना जींस और शर्ट उतार दिया. तो मैं भी बेझिझक होकर अपना टॉप्स स्कर्ट उतार दी, सिर्फ ब्रा में थी तो वो भी उतार फेंकी और बेड पर लेट गई. तो रोहित मेरे चेहरे को चूमने लगा साथ ही चूची दबाता हुआ मस्त था.
तो मैं भैया के जांघिया को कमर से नीचे कर लण्ङ पकड़ सहलाने लगी और रोहित मेरे ओंठ चूमने लगा. मै उसके पीठ पर हाथ फेरने लगी तो जीभ निकाल उसके मुंह में भर दी जिसे रोहित चूसने लगा और मैं मस्त थी, रोहित मेरी जीभ चूसते हुए चूची को दबाने में लगा हुआ था और मेरी चूत में मानों कीड़े रेंगने लगे.
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : खूबसूरत सेक्रेटरी की मादक आह निकली बिस्तर पर
फिर वो मुंह से जीभ निकाल मेरे गाल चूम लिया “बेबी मॉम से डरने की कोई जरूरत नहीं है वो क्या चरित्रवान नारी है.” (मैं लेटी रही तो भैया मेरी बूब्स मुंह में भर चूसने लगे) “अच्छा तो क्या मॉम का किसी के साथ अफेयर है.” रोहित चूची चूसता हुआ मेरी जांघों के बीच हाथ लगाए चूत को सहला रहा था. “Bhai Bahan Park Sex”
तो मैं आहें भर रही थी “आह ओह उह उई चूस चूसकर मेरी चूची लाल कर दे.” और रोहित का मूसल लण्ङ मेरी हाथ में टाईट होते जा रहा था. वो दूसरे चूची मुंह में भर चूसने लगा तो मेरी चूत में गुदगुदी हो रही थी और दोनों भाई बहन पार्क के स्टाफ के रूम में नग्न अवस्था में हुए शारीरिक संबंध बना रहे थे.
और अब मेरी चूचियां लाल हो चुकी थी तो रोहित मुंह से निकाल बोला “डार्लिंग अब तू मेरा चूस फिर चुदवा लेना.” (मैं सोचने लगी) ठीक है लेकिन बिना प्रोटेक्शन के. (रोहित बोला) “वो तो खरीदकर दे दूंगा दवाई खा लेना कोई प्रॉब्लम नहीं होगी.” फिर मैं रोहित के ९ इंच लंबा लन्ड को पकड़ चूमने लगी.
तो भैया मेरे दोनों चूची को पकड़ दबाने में मस्त थे और मैं भैया के लन्ड मुंह में भर चूसने लगी. आधा लण्ङ मुंह में लेने के बाद मुंह भर जाता तो उतना ही लिए चूसने लगी लेकिन चेहरा ऊपर नीचे करते हुए मुखमैथुन कर रही थी और रोहित “उह आह मेरा लण्ङ टाईट हो गया रानी चूस चूस साली रण्डी.”
और मैं लण्ङ मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी तो रोहित बेड पर नंगे लेटा हुआ था. दुबारा लण्ङ मुंह में भर चूसने लगी और मुखमैथुन करते हुए रोहित का लण्ङ तैयार कर रही थी. तो रोहित का गोरा चेहरा लाल हो चुका था और मैं भी कामुक हो चुकी थी. “Bhai Bahan Park Sex”
अब लण्ङ मुंह से निकाल बोली “अब तुम उठो और जल्दी करो मुझे डर लग रहा है.” (रोहित मुझे लिटाया और मेरे जांघों को फैलाया फिर चूत में उंगली डाले कुरेदने लगा) डर काहे का साले को २०० रु दिया हूं आखिर बहन की चुदाई जो करनी है. (मैं झेंप गई) “सही बोले रोहित.” और फिर रोहित मेरी चूत में उंगली करता हुआ बुर से रस निकाल दिया.
अब लण्ङ पकड़े घुटने के बल बैठ गया फिर अपना सुपाड़ा सहित लण्ङ चूत में डाला, मेरी नन्ही सी चूत में उसका १/२ लन्ड आराम से चला गया जबकि कल रात ही मैं चूत का सिल तुड़वाई हूं. और फिर रोहित मेरे कमर पकड़े जोर का धक्का दिया तो मेरी जान निकल गई “बाप रे कितना लंबा लौड़ा पेल दिया रहम कर साले तेरी बहन हूं मां नहीं.”
(रोहित धकाधक चोदते हुए मेरे बूब्स दबाने लगा) “वो पता है साली फिर भी दो चार चुदाई गति से होनी चाहिए फिर तेरी मर्जी.” और भैया मेरे बदन पर सवार हुए चोदने लगे तो मेरी रसीली चूत में लण्ङ तेजी से फिसल रहा था, मेरी दूसरी चुदाई में भी दर्द था लेकिन मस्ती अधिक थी और अब मैं रोहित के पीठ पर नाखून गड़ाने लगी. “Bhai Bahan Park Sex”
तो उसके ओंठ चूम बोली “पता नहीं कहीं मॉम की नजर मेरी चाल पर ना पड़े.” (रोहित का लौड़ा बुर का कचूमर निकाल रहा था) “ओह बेबी आराम से घर जाना और फिर रात भर आराम करोगी तो कल क्या खाक दर्द रहेगा.” और भैया का लौड़ा मेरी कोमल चूत को पूरा मजा दे रहा था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : अम्मी को जबरदस्ती चोदने लगे मेरे दोस्त
वो मुझे ८-९ मिनट से चोदने में मस्त था तो मैं भी चूत चुदाई से संतुष्ट थी और मेरी चूत उसके लण्ङ का धक्का सहते हुए अग्निकुंड बन चुकी थी. फिर भी मुझे रोहित का मूसल लन्ड पसंद था और मैं “आह अआआह उह उई रोहित और तेज चोद चोदकर मुझे पेट से कर दे.”
(रोहित मेरे गॉल चूम लिया) “बेबी बस मेरा झड़ने पर है फिर चूत को पानी से साफ कर लेना समझी फिर कुछ देर बाद उधर ही आराम करेंगे.” और रोहित का लण्ङ कुछ देर में वीर्य की पिचकारी छोड़ दिया, गर्म चिपचिपा पदार्थ चूत में था तो भैया बहन के ऊपर सवार ओंठ चूम लिया “क्यों साली रण्डी कैसा लगा.”
(मैं उसके गाल चूमने लगी) “तेरे जैसा भैया जिसको हो उसकी चूत को कैसी दिक्कत बस आग लगी कि तुम बुझा दिए.” और कुछ देर रोहित मेरे ऊपर लेटा रहा फिर दोनों अलग होकर रूम का दरवाजा खोले तो बरामदे की ओर कोई नहीं था, मैं स्कर्ट और ब्रा टॉप्स पहन रखी थी बस चूत को पानी से साफ कर रुमाल से पोंछ ली. “Bhai Bahan Park Sex”
तो रोहित लण्ङ को साफ किया फिर कपड़े पहन लिया, मैं फिलहाल बिना पेंटी की थी और वापस उसी पेड़ के पास बैठ गए, मैं भैया के गोद में सर रख लेटी हुई थी तो चूत को स्वच्छ हवा मिल रहा था इतने में वो स्टाफ आया तो भैया उसे चाभी दे दिए और बोले “फिर मौका दूंगा.” (वो हाथ जोड़कर बोला) “जरूर मेरी भी थोड़ी कमाई हो जायेगी.” मेरी चूत हो या चूची सबमें एक जान सी आ गई फिर भी दोनों दो घंटे वहीं रहे और वक्त पर घर लौटे।
Frankly samar says
Yaha koi girl bhabhi aunty Lucknow se ho to mujhe WhatsApp kare…9984265948=